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रेरा का बड़ा एक्शन: गोदरेज प्रॉपर्टीज की 50 एकड़ भूमि के क्रय-विक्रय पर लगाई रोक

रायपुर। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) छत्तीसगढ़ ने एक बड़ा कदम उठाते हुए गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड की स्वामित्व वाली भूमि के क्रय-विक्रय पर अंतरिम प्रतिबंध लगा दिया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब संस्था की 50 एकड़ भूमि के विभिन्न आकारों के भूखंडों के विक्रय के विज्ञापन सोशल मीडिया पर बिना रेरा पंजीयन कराए प्रसारित किए जा रहे थे।

रेरा से मिली जानकारी के अनुसार, यह भूमि ग्राम डोगा, प.ह.-00084, तहसील एवं जिला रायपुर में स्थित है। भूमि के खसरा क्रमांक 213/2, 213/125, 15016, 15017/1, 15017/2, 15017/3 हैं, जिनका कुल रकबा लगभग 20.249 हेक्टेयर (लगभग 50 एकड़) है। चूंकि इस परियोजना का रेरा में पंजीयन नहीं कराया गया था, इसलिए यह विज्ञापन रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 3 का उल्लंघन माना गया।

माननीय रेरा प्राधिकरण ने स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रकरण पंजीबद्ध किया और अंतरिम आदेश पारित कर उक्त भूमि के क्रय-विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। साथ ही मामले में सुनवाई जारी है।

इस मामले में केवल डेवलपर ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर विज्ञापन प्रसारित करने वाले व्यक्तियों और एजेंसियों पर भी कार्रवाई की गई है। जिनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है, उनमें शामिल हैं:

वलराम झा, पिता शशीकांत झा, लक्ष्मण को-ऑपरेटिव हाऊसिंग फ्लैट, मीरा रोड (ईस्ट), महाराष्ट्र।

दीक्षांत राठौर, पिता विजय राठौर, रत्नदीप बंगला, घोडपडे पेठ, पुणे।

प्रॉपर्टी क्लाउड रियल्टी स्पेसिफायर प्रा.लि., जिसका मुख्य कार्यालय मुम्बई सिटी में है।

रेरा प्राधिकरण के अनुसार, इन व्यक्तियों और संस्था ने बिना एजेंट पंजीयन कराए गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड की भूमि के विक्रय संबंधी विज्ञापन सोशल मीडिया पर प्रसारित किए, जो रेरा अधिनियम, 2016 की धारा 9 और धारा 10 का स्पष्ट उल्लंघन है।

रेरा ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी एजेंट पंजीयन कराए बिना परियोजना के भूखंड या भवन का क्रय-विक्रय नहीं कर सकता और न ही ऐसी परियोजना का विज्ञापन प्रसारित कर सकता है, जो प्राधिकरण में पंजीकृत नहीं है।

रेरा की इस कार्रवाई को रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और उपभोक्ता हित में एक सख्त कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदेश अन्य डेवलपर्स और ब्रोकरों के लिए भी चेतावनी है कि बिना पंजीयन किसी भी प्रकार का विज्ञापन या विक्रय गतिविधि गैरकानूनी है और उस पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।