ऊर्जा संरक्षण एवं सतत भवन संहिता पर कार्यशाला का आयोजन, क्रेडा सीईओ राजेश सिंह राणा ने किया संबोधित
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) की ओर से राजधानी रायपुर के ट्यूलिप एरीना में “ऊर्जा संरक्षण एवं सतत भवन संहिता (ECSBC)” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य राज्य में भवन निर्माण क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता बढ़ाना और भविष्य की परियोजनाओं को पर्यावरण के अनुकूल एवं टिकाऊ दिशा में अग्रसर करना रहा।
क्रेडा सीईओ का संबोधन
कार्यक्रम में क्रेडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) राजेश सिंह राणा ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में निर्मित होने वाले सभी व्यावसायिक भवनों को ECSBC के अनुरूप बनाना अनिवार्य होगा। इसके लिए नियम और शर्तें लागू करने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से कदम उठा रही है।
श्री राणा ने भवन निर्माणकर्ता इकाइयों, शासकीय हाउसिंग बोर्ड और निजी हाउसिंग सोसायटी को ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता (ECBC), ईको निवास संहिता (ENS) और ऊर्जा दक्ष सामग्रियों के उपयोग को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे ऊर्जा खपत में कमी आएगी और राज्य में सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।
उद्योगों पर विशेष फोकस
सीईओ ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए ऊर्जा अंकेक्षण की व्यवस्था विकसित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इन उद्योगों में ऊर्जा दक्ष तकनीक और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की कार्ययोजना पर गंभीरता से काम कर रही है।
क्रेडा की पहल
श्री राणा ने जानकारी दी कि भवन क्षेत्र में क्रेडा कई पहल कर रहा है। राज्य सरकार द्वारा ऊर्जा संरक्षण एवं सतत भवन संहिता को लेकर नियम अधिसूचना की प्रक्रिया जारी है। आने वाले समय में बनने वाले सभी शासकीय भवन ECSBC अनुरूप होंगे।
कार्यशाला में सहभागिता
इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (T&CP), लोक निर्माण विभाग (CGPWD) और नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के अभियंता और वास्तुविद (Architects) बड़ी संख्या में शामिल हुए।इसके अलावा, क्रेडा के अधिकारी और परियोजना दल भी मौजूद रहा, जिनमें कार्यपालन अभियंता जे.एन. बैगा, परियोजना समन्वयक कुशल तिवारी, डॉ. प्रियंका पचौरी मिश्रा तथा ECSBC सेल के सदस्य शामिल थे।