प्रदेश / छत्तीसगढ़

वेतन विसंगति, प्रमोशन, डीए, पेंशन सहित कई मुद्दों पर मुख्यमंत्री से फेडरेशन की हुई चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन का प्रतिनिधिमंडल 25 सितंबर को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय पहुंचा और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। इस दौरान कर्मचारियों की समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

फेडरेशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के सामने कुल 11 सूत्रीय मांगें रखीं, जिनमें कर्मचारियों की वेतन विसंगति, पदोन्नति, सेवा शर्तों में सुधार, महंगाई भत्ते की समय पर वृद्धि, पेंशन व्यवस्था से जुड़े मुद्दे और अन्य लंबित प्रकरण शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इन मांगों का समाधान वर्षों से लंबित है, जिससे प्रदेशभर के कर्मचारियों में असंतोष की स्थिति बनी हुई है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि कर्मचारियों की जायज और उचित मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल पदाधिकारी

फेडरेशन की ओर से इस मुलाकात में प्रमुख पदाधिकारी शामिल रहे। इनमें राजेश चटर्जी, जी.आर. चंद्रा, चंद्रशेखर तिवारी, रोहित तिवारी, बी.पी. शर्मा, पंकज पाण्डेय, राकेश शर्मा, अजय गुप्ता और संतोष कुमार टांडे उपस्थित थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा और विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक स्थगित करने का निर्णय

इस सकारात्मक पहल और प्रगतिशील वार्ता को देखते हुए फेडरेशन ने निर्णय लिया कि 27 सितंबर को प्रस्तावित बैठक स्थगित की जाएगी। फेडरेशन ने घोषणा की कि बैठक अब अगली सूचना तक नहीं होगी। संगठन ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री और सरकार की ओर से आश्वासन पर ठोस निर्णय नहीं आता, तब तक कर्मचारी धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा करेंगे।

कर्मचारियों में उम्मीद

मुख्यमंत्री से हुई इस मुलाकात के बाद प्रदेश के लाखों कर्मचारियों में उम्मीद जगी है कि उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान अब निकट भविष्य में संभव हो सकेगा। फेडरेशन पदाधिकारियों का कहना है कि अगर सरकार शीघ्र ही निर्णय लेती है तो कर्मचारी संगठन भी रचनात्मक सहयोग देगा। वहीं यदि वादों पर अमल नहीं होता है तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।