यहां अगले पांच दिनों तक बारिश की चेतावनी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई इस बार सामान्य से करीब 10 दिन देर से होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के दक्षिणी हिस्से यानी बस्तर संभाग में अगले 5 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं, मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ में मानसून की वापसी की परिस्थितियां अब अनुकूल हो रही हैं और जल्द ही इन इलाकों से मानसून की विदाई शुरू हो सकती है।
सोमवार को मौसम विभाग ने जानकारी दी कि किसी भी जिले के लिए कोई विशेष चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया गया है। यानी राज्यभर में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। पिछले 24 घंटे के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा 40 मिलीमीटर बारिश नानगुर में रिकॉर्ड की गई, जबकि अन्य स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हुई।
तापमान की बात करें तो प्रदेश में दिन और रात के तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया। दुर्ग में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे अधिक था, वहीं पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह संकेत है कि राज्य के उत्तरी हिस्से में धीरे-धीरे ठंडक बढ़ने लगी है।
मौसम विभाग का कहना है कि 30 सितंबर तक हुई बारिश को ‘मानसून की बारिश’ माना जाता है, जबकि इसके बाद की बारिश को ‘पोस्ट-मानसून’ या मानसून के बाद की बारिश के रूप में गिना जाता है। फिलहाल जो हल्की बारिश बस्तर और दक्षिणी जिलों में हो रही है, वह पोस्ट-मानसून की श्रेणी में आती है।
देश के कई हिस्सों, विशेषकर पश्चिमी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ भागों से मानसून की वापसी पहले ही शुरू हो चुकी है। छत्तीसगढ़ में आमतौर पर मानसून की विदाई 5 अक्टूबर के आसपास सरगुजा की ओर से शुरू होती है, लेकिन इस बार इसकी प्रक्रिया में देरी देखी जा रही है।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस वर्ष मानसून की वापसी करीब 15 अक्टूबर के बाद होगी। इसका मतलब है कि इस बार मानसून सामान्य से लगभग 10 दिन देर से लौटेगा। इसका एक कारण बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव के क्षेत्र और दक्षिणी छत्तीसगढ़ में बनी आर्द्रता बताई जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, देर से मानसून की वापसी का असर रबी फसलों की बुवाई पर भी पड़ सकता है। हालांकि, हल्की बारिश से खेतों में नमी बनी रहने के कारण किसानों को शुरुआती तैयारियों में लाभ मिल सकता है।
राज्य के बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और कांकेर जिलों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। वहीं, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और कोरबा जैसे मध्य और उत्तरी जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा।
मौसम वैज्ञानिकों ने नागरिकों को सलाह दी है कि आने वाले दिनों में सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस हो सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम में बदलाव के प्रति सतर्क रहने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जरूरत है।