हेलमेट, सीट बेल्ट न पहनने और नशे में वाहन चलाने वालों पर होगी कार्रवाई, मुख्यमंत्री का सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध और नशे के खिलाफ सख्त निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जारी कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण और नशाखोरी के खिलाफ अभियान सहित कई गंभीर विषयों पर अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के हर नागरिक की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसके लिए प्रशासन को पूरी तत्परता और जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सभी संभागों के रेंज आईजी, जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।
सड़क सुरक्षा पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने होंगे। उन्होंने निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले वाहन चालकों पर कठोर कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के वाहन चलाना और नशे की हालत में ड्राइविंग गंभीर अपराध है — ऐसे मामलों में कानून का भय होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटनाग्रस्त स्थलों) को चिह्नांकित किया जाए और वहां सुरक्षा मानकों को मजबूत किया जाए। सड़क किनारे अतिक्रमण, अवैध कट और साइन बोर्ड की कमी जैसी वजहों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए संबंधित विभागों को समन्वित कार्रवाई करनी होगी। मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने और स्कूली बच्चों से लेकर आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति शिक्षित करने पर भी जोर दिया।
आत्मसमर्पित माओवादियों को मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित माओवादियों के पुनर्वास और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की पहल की जाए।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ऐसे लोगों को सामाजिक रूप से सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया जाए ताकि वे समाज में सकारात्मक योगदान दे सकें। इसके लिए जिला प्रशासन, पुलिस और उद्योग विभाग को संयुक्त रूप से कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
साइबर अपराध पर गहन समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराध तेजी से बदलते स्वरूप में सामने आ रहा है, इसलिए पुलिस को लगातार अपनी कार्यप्रणाली और तकनीकी क्षमता को अपडेट करना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि अंतर्विभागीय समन्वय के साथ निरंतर साइबर जागरूकता अभियान चलाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वर्तमान में 5 साइबर थाने संचालित हैं और 9 नए थाने जल्द शुरू किए जाएंगे। साथ ही, साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि नागरिक समय पर शिकायत दर्ज करा सकें।
नशीली दवाओं और मादक पदार्थों पर कार्रवाई
बैठक में मुख्यमंत्री ने नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध व्यापार पर सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशाखोरी से अन्य अपराधों को बढ़ावा मिलता है, इसलिए राज्य में इसके खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि तस्करी पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि NDPS एक्ट के अंतर्गत दर्ज मामलों की समय-सीमा में जांच और कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताई।बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की नीति ‘जीरो टॉलरेंस फॉर क्राइम एंड ड्रग्स’ पर आधारित है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने जिलों में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखें और हर स्तर पर जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करें।