प्रदेश / छत्तीसगढ़

एक भारत, आत्मनिर्भर भारत के लिए युवाओं की एकता यात्रा: उपमुख्यमंत्री अरुण साव

रायपुर। देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री अरुण साव ने आज प्रेस वार्ता के माध्यम से जानकारी दी कि भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर देशभर के युवाओं के साथ “सरदार @150 यूनिटी मार्च” निकाली जाएगी। इस यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता और युवाओं में देशभक्ति की भावना को जागृत करना है। छत्तीसगढ़ में यह यात्रा 31 अक्टूबर, राष्ट्रीय एकता दिवस से प्रारंभ होकर 25 नवंबर तक चलेगी। इससे पहले 6 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में निबंध और रील प्रतियोगिताओं के माध्यम से अभियान की शुरुआत की जा चुकी है, जिसमें युवाओं ने सक्रिय भागीदारी दिखाई है।

यात्रा के तहत प्रदेश के हर लोकसभा क्षेत्र में 3 दिवसीय पदयात्रा आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रतिदिन 8 से 10 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। प्रत्येक जिले में एक दिन की यात्रा होगी, जिसका नेतृत्व संबंधित सांसद और प्रभारी मंत्री करेंगे। इस पदयात्रा में युवा, एनसीसी, एनएसएस, पूर्व सैनिक, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक सक्रिय रूप से भाग लेंगे। यात्रा के दौरान सेवा कार्यों को भी शामिल किया जाएगा। अभियान के तहत नशा मुक्त भारत, वोकल फॉर लोकल और लोकल फॉर ग्लोबल जैसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य न केवल युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना पैदा करना है, बल्कि उनके जीवन में अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना को भी बढ़ावा देना है।

यात्रा के दूसरे चरण में, देश के प्रत्येक जिले से चयनित पांच युवा सरदार पटेल जी की जन्मस्थली करमसद से केवड़िया तक 150 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे। यह युवा देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत साबित होंगे और राष्ट्रीय एकता के संदेश को फैलाएंगे। केवड़िया में आयोजित भव्य समापन समारोह में छत्तीसगढ़ की विशेष प्रदर्शनी, झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुति भी प्रदर्शित की जाएगी। इस कार्यक्रम में युवाओं के योगदान को सराहा जाएगा और विभिन्न सामाजिक जागरूकता अभियानों का परिणाम भी साझा किया जाएगा।

अरुण साव ने कहा कि यह यात्रा केवल पदयात्रा तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसके माध्यम से युवाओं को राष्ट्रीय सेवा, समाज कल्याण और देशभक्ति के मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भाग लेकर देश और समाज के विकास में योगदान दें। यात्रा का उद्देश्य न केवल सरदार पटेल की जयंती मनाना है, बल्कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना भी है। यह अभियान युवाओं को प्रेरित करेगा कि वे अपने समाज और देश के लिए सकारात्मक बदलाव लाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।