सीजी TET 2026 का शेड्यूल जारी, 1 फरवरी को होगी परीक्षा, आनलाइन भरे जायेंगे आवेदन, 8 दिसंबर को…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीजी टेट 2026) को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, रायपुर द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर आगामी टेट परीक्षा का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके साथ ही उम्मीदवारों के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, जिसका बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था।
व्यापम द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक 13 नवंबर, गुरुवार से ऑनलाइन आवेदन पत्र भरना शुरू हो चुका है। इसके लिए उम्मीदवार व्यापम की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 8 दिसंबर, सोमवार शाम 5 बजे निर्धारित की गई है। किसी भी प्रकार की प्रविष्टि में त्रुटि सुधार का अवसर 9 दिसंबर से 11 दिसंबर शाम 5 बजे तक उपलब्ध रहेगा।
1 फरवरी 2026 को आयोजित होगी परीक्षा
आगामी वर्ष 1 फरवरी, रविवार को सीजी टेट 2026 परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो अलग-अलग पालियों में संपन्न होगी—
प्रथम पाली: कक्षा पहली से पांचवीं तक के लिए
सुबह 9:30 से 12:15 बजे तक
द्वितीय पाली: कक्षा छठी से आठवीं तक के लिए
दोपहर 3:00 से 5:45 बजे तक
उम्मीदवारों के प्रवेश पत्र 23 जनवरी, 2026 (शुक्रवार) को व्यापम की वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे।
20 जिलों में होंगे परीक्षा केंद्र
परीक्षा राज्य के कुल 20 जिला मुख्यालयों में आयोजित की जाएगी। इनमें शामिल हैं— सरगुजा, कोरिया, बिलासपुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, दुर्ग, जगदलपुर, जांजगीर–चांपा, जशपुरनगर, कांकेर, कबीरधाम, कोरबा, महासमुंद, रायगढ़, रायपुर, राजनांदगांव, बलौदा बाजार, बालोद, कोंडागांव और सूरजपुर।
सरकार ने छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थियों को परीक्षा शुल्क में पूर्ण छूट प्रदान की है, जिससे राज्य के हजारों युवाओं और शिक्षकों को बड़ा लाभ मिलेगा।
क्यों बढ़ गया सीजी टेट का महत्व?
हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि देशभर के शिक्षकों को निर्धारित समयावधि में टीईटी पास होना अनिवार्य है। अदालत ने कहा कि टेट उत्तीर्ण किए बिना किसी भी शिक्षक को अध्यापन कार्य का अधिकार नहीं दिया जा सकता। इस फैसले का सीधा असर उन शिक्षकों पर भी पड़ा है, जो वर्षों से नौकरी कर रहे हैं लेकिन अब तक टेट पास नहीं कर पाए थे।
ऐसे में टेट परीक्षा न केवल शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बल्कि नौकरी कर रहे शिक्षकों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। टेट पास न होने पर नियुक्ति रद्द होने तक की स्थिति बन सकती है। इसलिए इस परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों और शिक्षकों में गंभीरता बढ़ गई है।