छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के मद्देनज़र पुलिस ने जारी की विशेष एडवाइजरी
दुर्ग। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने इस वर्ष भी किसानों को प्रति क्विंटल ₹3,100 का मूल्य प्रदान करने का निर्णय बनाए रखा है। यह महाअभियान 31 जनवरी तक प्रदेशभर के सभी जिलों में चलेगा। धान खरीदी के साथ ही ग्रामीण इलाकों में किसानों की आर्थिक सुरक्षा को लेकर दुर्ग पुलिस ने व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है। पुलिस ने अलग-अलग बिन्दुओं पर किसानों और बैंक प्रबंधन को सचेत रहने के साथ संदिग्धों से सावधान और सतर्कता बरने की अपील की है।
दुर्ग पुलिस की अपील — “किसान भाई सतर्क रहें”
धान खरीदी सीजन के दौरान किसानों के खातों में बड़ी राशि जमा होती है। इस समय उठाई गिरोह, ठग और साइबर अपराधी सबसे अधिक सक्रिय रहते हैं। इसे देखते हुए पुलिस अधीक्षक दुर्ग ने किसानों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में जागरूकता पोस्टर लगाए जा रहे हैं और पुलिस टीम लगातार निगरानी भी कर रही है।
पुलिस ने कहा कि “इस संदेश को अधिक से अधिक किसानों तक पहुँचाएँ, ताकि कोई भी किसान ठगी या चोरी का शिकार न बने। सुरक्षा सबसे पहले, सतर्कता सर्वोपरि।” पैसे जमा या निकासी करते समय अपनी जानकारी किसी को न बताएँ। मदद चाहिए तो केवल बैंक के कर्मचारी से ही लें। बैंक में मौजूद अनजान लोग मदद के बहाने धोखा दे सकते हैं, इसलिए उनसे दूरी बनाए रखें। पैसे निकालने के बाद नोटों की गिनती हमेशा बैंक के अंदर ही पूरी करें। बाहर सड़क या दुकान के सामने नोट गिनना सुरक्षित नहीं है। ऐसे मौके पर उठाई गिरोह आसानी से पैसे छीन सकते हैं, इसलिए पैसा बाहर न दिखाएँ। बैंक से आते या जाते समय अपने पैसों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें। पैसा हमेशा शरीर से सटाकर रखे गए बैग में रखें ताकि कोई आसानी से हाथ न लगा सके। ऐसा करने से चोरी और लूटपाट की संभावना कम होती है। सुरक्षा को सबसे पहले रखें और हर समय सतर्क रहें। बैंक आने या जाने के समय किसी मित्र या परिवार के सदस्य को साथ लेकर जाएँ। गाड़ी को बैंक के बाहर पार्क करते समय आसपास ध्यान रखें और देखें कि कोई संदिग्ध व्यक्ति तो नहीं है। यदि आपको आसपास किसी पर संदेह हो, तो तुरंत कंट्रोल रूम 9479192099 या 112 पर संपर्क कर सूचना दें। अगर बैंक से लौटते समय आपको लगे कि कोई व्यक्ति आपका पीछा कर रहा है या संदिग्ध तरीके से देख रहा है, तो सीधे घर न जाएँ। ऐसी स्थिति में नजदीकी पुलिस स्टेशन पहुँचें और पुलिस की मदद लें। परिवार के सदस्य को साथ लेकर घर जाना अधिक सुरक्षित रहता है। पैसे निकालने के बाद उन्हें गाड़ी की डिक्की में रखने से बचें, क्योंकि डिक्की का ताला अपराधी आसानी से तोड़ लेते हैं। अपराधी भीड़ में मौका देखकर गाड़ी के आसपास घूमते हैं और तरकीब से पैसा निकाल लेते हैं। इसलिए निकाली हुई राशि हमेशा साथ रखें और हर समय सावधान रहें। बैंक से पैसे निकालने के बाद बिना रुके सीधे अपने घर या गंतव्य स्थान पर जाएँ। रास्ते में किसी अनजान व्यक्ति की बातों में न आएँ। होटल, दुकान, चाय या खरीदारी के लिए रुकने पर चोरी की घटनाएँ अधिक होती हैं। पैसे लेकर रुकना बिल्कुल सुरक्षित नहीं है। अपने बैंक का लेन-देन, पैसा कब निकाला या कितना निकाला—ऐसी जानकारी किसी से न बताएं। यह जानकारी फैलने पर कोई भी व्यक्ति आपका फायदा उठा सकता है। अपनी आर्थिक जानकारी गोपनीय रखना ही सुरक्षित रहने का सबसे अच्छा तरीका है। अपनी व्यक्तिगत जानकारी सबसे महत्वपूर्ण है। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने ATM नंबर, आधार नंबर, पैन कार्ड, बैंक पासबुक या किसी भी दस्तावेज की जानकारी न दें। इन जानकारियों से धोखा बहुत जल्दी हो सकता है। अपने बैंक कार्ड, क्रेडिट कार्ड या UPI का पासवर्ड, PIN, OTP किसी को भी न बताएं। अपराधी बैंक कर्मचारी बनकर कॉल करते हैं और OTP मांगकर खाते से पैसे निकाल लेते हैं। बैंक कभी भी फोन पर OTP नहीं मांगता—यह 100% फ्रॉड होता है। किसी भी अनजान लिंक, संदेश, लॉटरी, बीमा या पुरस्कार वाले मैसेज पर विश्वास न करें। इन लिंक पर क्लिक करते ही आपका मोबाइल या बैंक अकाउंट हैक हो सकता है। शक होने पर तुरंत उस नंबर को ब्लॉक करें और सावधान रहें। फेसबुक, व्हाट्सऐप या किसी भी सोशल मीडिया पर आए बैंक या पैसों से जुड़े संदेशों पर तुरंत भरोसा न करें। अपराधी फर्जी लिंक या APK फ़ाइल भेजकर आपके मोबाइल और खाते से पैसे निकाल लेते हैं। किसी भी जानकारी की पुष्टि हमेशा बैंक शाखा या आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर ही करें। KYC करने के नाम पर आने वाले कॉल या मैसेज पर बिल्कुल विश्वास न करें। KYC अपडेट का बहाना बनाकर अपराधी आपका PIN, पासवर्ड और OTP माँगते हैं। खाता बंद होने की धमकी भी देते हैं—यह सब फ्रॉड होता है। KYC हमेशा बैंक शाखा में जाकर ही कराएं। आजकल अपराधी आपकी आवाज़ जैसी आवाज़ बनाकर कॉल करते हैं और पैसों की मांग करते हैं। सिर्फ आवाज़ से किसी पर भरोसा न करें। पहले वीडियो कॉल करें, पहचान की पुष्टि करें और तभी कोई निर्णय लें। ऐसी कॉल आते ही शांत रहें और तुरंत पुलिस को सूचना दें। अपराधी खुद को पुलिस/CBI का अधिकारी बताकर कहते हैं कि आपका सिम, आधार या बैंक किसी अपराध में पकड़ा गया है। ऑनलाइन पैसे जमा करवाने का दबाव बनाते हैं। याद रखें—पुलिस कभी फोन पर गिरफ्तारी नहीं करती, यह पूरा धोखा है। गूगल पर दिखने वाले कई कस्टमर केयर नंबर नकली होते हैं। सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट के नंबरों का ही उपयोग करें। धान खरीदी सीजन किसानों के लिए आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण समय है। पुलिस ने सभी किसानों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत पुलिस को सूचित करें और अनजान व्यक्तियों से पूरी तरह दूरी बनाए रखें। सतर्कता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें.किसानों के लिए दुर्ग पुलिस की 16 महत्वपूर्ण सुरक्षा सलाहें
1 – बैंक में सिर्फ अधिकृत कर्मचारी से ही मदद लें
2 – नोटों की गिनती सिर्फ बैंक के अंदर करें
3 – बैंक आते-जाते समय पैसों को सुरक्षित रखें
4 – बैंक जाते समय किसी भरोसेमंद व्यक्ति को साथ रखें
5 – बैंक आते-जाते समय संदेह होने पर तुरंत पुलिस को बताएं
6 – नकदी को गाड़ी की डिक्की में न रखें
7 – पैसे निकालकर सीधे घर जाएँ, रास्ते में रुकें नहीं
8 – अपने बैंक विवरण और धन की बात किसी से साझा न करें
9 – अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखें

10 – OTP और PIN किसी को न बताएं
11 – अनजान लिंक पर कभी क्लिक न करें
12 – सोशल मीडिया की फर्जी जानकारी से बचें
13 – KYC वाले कॉल और SMS से सावधान रहें
14 – AI आवाज़ वाले धोखाधड़ी कॉल से बचें
15 – डिजिटल गिरफ्तारी (Digital Arrest) से बचें
16 – फर्जी ग्राहक सेवा (Customer Care) से बचकर रहें
जागरूक किसान ही सुरक्षित किसान