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सुरक्षाबलों ने खूंखार माओवादी हिड़मा को मार गिराया, सुकमा-आंध्र प्रदेश की सीमा पर मुठभेड़ में जवानों को मिली बड़ी कामयाबी, हिड़मा सहित 6 ढेर

बस्तर। छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश की सीमा पर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू (ASR) जिले के मारेदुमिल्ली इलाके में चल रहे इस ऑपरेशन में अब तक 6 नक्सली मारे गए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार मारे गए नक्सलियों में कई बड़े कैडर के सदस्य शामिल हैं। इनमें कुख्यात कमांडर माडवी हिडमा, उसकी पत्नी राजे और सब जोनल कमेटी मेंबर (SZCM) टेक शंकर के भी ढेर होने की सूचना है।

कुख्यात हिडमा का अंत?

सूत्रों के अनुसार आंध्र प्रदेश की स्पेशल ग्रेहाउंड फोर्स ने इस ऑपरेशन में CPI (माओवादी) की PLGA बटालियन नंबर 1 के प्रमुख और केंद्रीय समिति सदस्य माडवी हिडमा (43) को मार गिराया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में उसे केंद्रीय समिति (CC) का सदस्य भी बनाया गया था। उस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था और वह 200–250 हथियारबंद नक्सलियों के साथ चलता था।

जानिए कौन था हिडमा

हिडमा, जो कम से कम 26 घातक हमलों के लिए ज़िम्मेदार था— जिनमें 2013 दरभा घाटी नरसंहार और 2017 सुकमा हमले शामिल हैं — लंबे समय से सुरक्षा बलों की निगरानी में था।

मुख्य तथ्य:
• जन्म: 1981, पूवर्ति, सुकमा (छत्तीसगढ़)
• पद: पीएलजीए बटालियन नंबर 1 का प्रमुख — माओवादियों की सबसे घातक हमलावर इकाई।
• वह CPI (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी का सबसे युवा सदस्य था।
• वह बस्तर क्षेत्र से सेंट्रल कमेटी में शामिल होने वाला एकमात्र आदिवासी था।
• उसके सिर पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
• हिड़मा के साथ उसकी दूसरी पत्नी राजे (राजक्का) भी मारी गई।
• असली नाम: संतोष

मुख्य हमले जिनमें वह शामिल था
•  2010 दंतेवाड़ा हमला: 76 सीआरपीएफ जवान शहीद
• 2013 झीरम घाटी नरसंहार: 27 लोग मारे गए, जिनमें शीर्ष कांग्रेसी नेता शामिल
•  2021 सुकमा-बीजापुर मुठभेड़: 22 सुरक्षा कर्मी शहीद

मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। वहीं छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

IG सुंदरराज पी का बयान

सीमावर्ती क्षेत्र से एक बेहद अहम सूचना सामने आ रही है। आधिकारिक पुष्टि और औपचारिक घोषणा की प्रतीक्षा है, पर शुरुआती संकेत बताते हैं कि यह कदम वामपंथी उग्रवाद के उन्मूलन में देश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बन सकता है।