NIT चौपाटी शिफ्टिंग के विरोध में कांग्रेस का सद्बुद्धि यज्ञ, भाजपा पर साधा निशाना
रायपुर। एनआईटी चौपाटी हटाए जाने के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को उसी स्थल पर सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डिप्टी सीएम अरुण साव और भाजपा विधायक राजेश मूणत की तस्वीरें हाथ में लेकर हवन किया और भाजपा पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस ने एनआईटी चौपाटी को शिफ्ट करने के फैसले को भाजपा विधायक राजेश मूणत की जिद और मनमानी करार देते हुए इसे जल्दबाजी में लिया गया निर्णय बताया।
कांग्रेस पहले से ही एनआईटी चौपाटी हटाने के फैसले को लेकर हमलावर रही है। आमानाका में चौपाटी शिफ्ट किए जाने के बाद जहां व्यापारी अपने कारोबार को लेकर चिंतित हैं, वहीं कांग्रेस लगातार इस मुद्दे पर भाजपा को घेर रही है। इसी क्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उसी स्थान पर सद्बुद्धि यज्ञ किया, जहां पहले एनआईटी चौपाटी संचालित होती थी। कांग्रेस का आरोप है कि बिना पूरी तैयारी के चौपाटी हटाने से कारोबारियों और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चौपाटी में दुकानें संचालित करने वाले व्यापारी आज भी असमंजस और आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि एनआईटी चौपाटी की शिफ्टिंग 21 नवंबर को भारी हंगामे के बीच हुई थी। उस दिन कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बुलडोजर के सामने बैठकर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झूमाझटकी भी हुई थी। कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर सेंट्रल जेल भेजा गया था।
विवादों के बीच पुरानी जगह से दुकानें तो हटा दी गईं, लेकिन नई जगह आमानाका में चौपाटी अब तक पूरी तरह तैयार नहीं हो पाई है। कांग्रेस का आरोप है कि जल्दबाजी में लिए गए इस फैसले से व्यापारी और आम जनता दोनों परेशान हैं। इसी के विरोध में कांग्रेस ने सद्बुद्धि यज्ञ के माध्यम से भाजपा सरकार से फैसले पर पुनर्विचार की मांग की।
इधर, आमानाका चौपाटी को लेकर महापौर मीनल चौबे ने कहा है कि वहां तेजी से व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। लाइटिंग, सफाई और अन्य सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है और जल्द ही चौपाटी शुरू कर दी जाएगी। हालांकि, कांग्रेस का कहना है कि मौके की स्थिति कुछ और ही बयां कर रही है। आमानाका चौपाटी स्थल पर अब भी अंधेरा, गंदगी और अधूरी सुविधाएं मौजूद हैं, जिससे दुकानदारों की चिंताएं बनी हुई हैं। कांग्रेस नेता लगातार इस मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए विरोध जारी रखने की बात कह रहे हैं।