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शराब घोटाला: ईडी की फाइनल चार्जशीट से मचा प्रशासनिक भूचाल, डिप्टी कमिश्नर पर गिरेगी सस्पेंशन की गाज

रायपुर। राज्य के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 29,800 पेज की फाइनल चार्जशीट न्यायालय में पेश कर दी है। इस कंप्लेन के साथ ही घोटाले की परतें और गहराई से खुल गई हैं। ईडी ने इस बार प्रभारी आबकारी आयुक्त आशीष श्रीवास्तव का नाम भी आरोपी के तौर पर जोड़ा है, जो इससे पहले आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) की चार्जशीट में शामिल नहीं थे। घोटाले के समय आशीष श्रीवास्तव डिप्टी कमिश्नर के पद पर पदस्थ थे।

ईडी की फाइनल कंप्लेन के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि आशीष श्रीवास्तव को निलंबित किया जाएगा। वर्तमान में सचिव कम आयुक्त आर. संगीता अवकाश पर हैं और उनके 3 जनवरी को लौटते ही इस संबंध में औपचारिक कार्रवाई होने की संभावना है।

ईडी की जांच में सामने आया है कि घोटाले में कुल 31 अफसरों को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी ने इन सभी अफसरों की चल-अचल संपत्तियों की विस्तृत जांच की, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कुछ अफसरों के पास उनकी वैध आय और वेतन से 100 गुना तक अधिक संपत्ति पाई गई है। ईडी ने इन अफसरों की कुल 38.21 करोड़ रुपये की संपत्ति को सीज कर दिया है। इसके साथ ही उनके सैलरी अकाउंट भी फ्रीज किए गए हैं। इतना ही नहीं, जिन अफसरों की पत्नियों के बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन पाए गए हैं, उन खातों को भी सीज कर दिया गया है।

गौरतलब है कि इससे पहले ईओडब्ल्यू की चार्जशीट में 29 अफसरों को आरोपी बनाया गया था। इनमें से 22 अफसरों को 7 जुलाई 2025 को निलंबित कर दिया गया था, जबकि शेष 7 अफसर सेवानिवृत्त हो चुके हैं। हाल ही में इस मामले में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास की गिरफ्तारी ने भी इस घोटाले को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।

ईडी की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि शराब घोटाले में करीब 90 करोड़ रुपये की बंदरबांट की गई। जांच के अनुसार, पूर्व आयुक्त निरंजन दास को 18 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई। इसके अलावा इकबाल खान को 12 करोड़, नोहर सिंह ठाकुर को 11 करोड़, नवीन प्रताप सिंह तोमर को 6.7 करोड़, राजेश जायसवाल को 5.79 करोड़ और अनिमेष नेताम को 5.28 करोड़ रुपये मिले। वहीं, दिनकर वासनिक, गंभीर सिंह, अरविंद पटले, आशीष कोसम, अनंत सिंह, सौरभ बक्शी, प्रकाश पाल, गरीबपाल सिंह और मोहित जायसवाल को 2 करोड़ रुपये से अधिक की रिश्वत दिए जाने के सबूत भी ईडी को मिले हैं।

आशीष श्रीवास्तव को 54 लाख रुपये दिए जाने के प्रमाण भी जांच में सामने आए हैं।सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जो भी अफसर दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह भाजपा की सरकार है और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब पूरा मामला न्यायालय के समक्ष है और अदालत के निर्णय के अनुसार आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।