चैतन्य बघेल की रिहाई पर सियासी हलचल तेज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत बोले— सत्य की जीत, षड्यंत्रों का अंत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को शराब घोटाला मामले में सशर्त जमानत मिलने और रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा होने के बाद प्रदेश की राजनीति में प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने जेल पहुंचकर चैतन्य बघेल से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान की तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा कीं।
फेसबुक पर साझा पोस्ट में चरणदास महंत ने लिखा, “सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं।” उन्होंने बताया कि जमानत मिलने के बाद वे सेंट्रल जेल पहुंचकर चैतन्य बघेल के उत्साहवर्धन के लिए उपस्थित रहे। महंत ने अपने संदेश में कहा कि षड्यंत्रों के बादल छंट चुके हैं और अब न्याय का सूर्य उदित हुआ है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस पूरे संघर्ष में वे और उनका दल मजबूती से साथ खड़े रहे और न्याय के लिए यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित था, लेकिन अंततः सच्चाई सामने आई और न्याय की जीत हुई।
उल्लेखनीय है कि चैतन्य बघेल को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और एसीबी/ईओडब्ल्यू से जुड़े मामलों में सशर्त जमानत मिली है। करीब 168 दिनों तक जेल में रहने के बाद उनकी रिहाई को कांग्रेस नेताओं ने सत्य और न्याय की विजय बताया है। रिहाई के बाद कांग्रेस खेमे में उत्साह का माहौल है और लगातार नेताओं के समर्थन भरे बयान सामने आ रहे हैं।