छत्तीसगढ़ बजट 2026 : कांग्रेस विधायक दल की बैठक, सदन में सरकार को घेरने की बनी रणनीति
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट 2026 पेश होने की पूर्व संध्या प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक हुई. इसमें नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, पूर्व सीएम भूपेश बघेल, पीसीसी चीफ दीपक बैज, उप नेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल और पूर्व मंत्री कवासी लखमा शामिल हुए. कांग्रेस विधायकों ने सदन में सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की है, जिसमें धर्मांतरण विधेयक का विरोध भी शामिल है. वहीं कांग्रेसियों ने विधायक लखमा को सत्र में शामिल होने की अनुमति के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का आभार जताया.
कांग्रेस के सीनियर नेताओं ने बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए बजट सत्र की रणनीति को लेकर जानकारी दी. सदन में नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस बजट सत्र में जनहित से जुड़े मुद्दों को आक्रामक ढंग से उठाएगी. उन्होंने धान खरीदी में कथित अव्यवस्था को सबसे बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि राज्य के इतिहास में ऐसी बदइंतजामी पहले कभी नहीं देखी गई. प्रदेश के किसान परेशानियों का सामना कर रहे हैं, यह मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से उठाया जाएगा.
इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति
कांग्रेस ने प्रशासनिक आतंकवाद, गुरूर में पुलिस प्रताड़ना से जुड़े आत्महत्या का मामला, एसडीएम से संबंधित विवाद, एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ी और बिजली बिल दरों में बढ़ोतरी जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है. चरण दास महंत ने राज्य सरकार के आगामी तीसरे बजट पर निशाना साधते हुए इसे “दुर्गति वाला बजट” करार दिया.
धर्मांतरण विधेयक का विरोध करेगी कांग्रेस
धर्मांतरण विधेयक पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि जब मामला कोर्ट में लंबित है, तो सरकार इस विषय पर कानून क्यों ला रही है. कांग्रेस इस विधेयक का विरोध करेगी.
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास पर कांग्रेस के सवाल
नक्सलवाद को लेकर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस को इस बात की चिंता है कि सरकार एक ओर नक्सलियों के सफाए की बात कर रही है, लेकिन प्रभावित इलाकों के विकास को लेकर उसकी नीति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि इन क्षेत्रों में विकास कार्य आखिर कौन करेगा, सरकार या बड़े उद्योगपति? महंत ने कहा कि इस मुद्दे पर भी कांग्रेस ने रणनीति तैयार की है.