प्रदेश / छत्तीसगढ़

ढाई साल से फरार आरोपी गिरफ्तार, किंगपिन सूर्यकांत और सौम्या चौरसिया के बीच लेन-देन का था महत्वपूर्ण कड़ी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला घोटाला मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी नारायण साहू को गिरफ्तार करने में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने सफलता पाई है। कोयला घोटाला में एंटी करप्शन ब्यूरो में वर्ष 2024 में अपराध क्रमांक 3/2024 दर्ज है, जिसमें आरोपी नारायण साहू लंबे समय से फरार था.

नारायण साहू कोयला घोटाला के किंगपिन माने जाने वाले सूर्यकांत तिवारी का करीबी था और उसके लिए वसूली करता था। साथ ही सूर्यकांत तिवारी के कहने पर कलेक्शन की रकम को सौम्या चौरसिया तक पहुंचाने का कार्य भी करता था। सूर्यकांत ने उसके नाम से कई संपत्ति भी क्रय कर रखी थी। अब एसीबी ने उसे गिरफ्तार किया है।

एसीबी– ईओडब्लू ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया है कि ब्यूरो के अपराध क्रमांक 03/2024 कोयला घोटाला प्रकरण में लंबे समय से फरार आरोपी नारायण साहू को गिरफ्तार किया गया है। कोयला घोटाला प्रकरण में ब्यूरो द्वारा सतत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। जांच में पाया गया है कि नारायण साहू आरोपी सूर्यकांत तिवारी का करीबी सहयोगी रहा है और प्रकरण में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

विवेचना में यह भी तथ्य सामने आया है कि आरोपी सूर्यकांत तिवारी के लिए कोल लेवी की राशि का कलेक्शन करने के साथ-साथ सौम्या चौरसिया तक पैसे पहुंचाने का कार्य भी करता था। इसके अतिरिक्त विवेचना में यह भी पाया गया है कि सूर्यकांत तिवारी द्वारा आरोपी नारायण साहू के नाम पर विभिन्न संपत्तियां क्रय कर रखी गई है। आरोपी पिछले लगभग ढाई वर्षों से फरार चल रहा था तथा एजेंसी की पूछताछ से लगातार बचने का प्रयास कर रहा था।

उक्त प्रकरण में न्यायालय द्वारा आरोपी के विरुद्ध पूर्व में ही गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया जा चुका था। आरोपी की गिरफ्तारी के पश्चात् न्यायालय से अनुमति प्राप्त कर विस्तृत पूछताछ के लिए ब्यूरो द्वारा आरोपी को पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि में आरोपी से कोल लेवी राशि के कलेक्शन, पैसे के हस्तांतरण तथा उसके नाम पर क्रय की गई संपत्तियों के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है। गहन पूछताछ के दौरान प्रकरण से संबंधित मजबूत एवं ठोस साक्ष्य प्राप्त होने की संभावना है।