स्वास्थ्य और कृषि सशक्तिकरण को लेकर संसद में बृजमोहन अग्रवाल की प्रभावी आवाज
नई दिल्ली/रायपुर। गुरुवार को नई दिल्ली संसद भवन में आयोजित रसायन और उर्वरक संबंधी स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराते हुए जनहित से जुड़े विषयों पर प्रभावी हस्तक्षेप किया।
बैठक में रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत औषध विभाग तथा रसायन और पेट्रोरसायन विभाग की वर्ष 2026-27 की ‘अनुदानों की मांगों’ पर मंत्रालय के प्रतिनिधियों द्वारा मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।
इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ समेत देशभर में दवाओं की उपलब्धता, जनऔषधि योजनाओं के सुदृढ़ क्रियान्वयन, फार्मास्यूटिकल उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धा, तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक की समयबद्ध आपूर्ति जैसे मुद्दों को गंभीरता से उठाया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि छत्तीसगढ़ समेत देश के विकास की आधारशिला सशक्त स्वास्थ्य व्यवस्था और सुदृढ़ कृषि तंत्र है। औषध निर्माण में आत्मनिर्भरता, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा, तथा उर्वरक क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करना समय की मांग है।
श्री अग्रवाल ने मंत्रालय के अधिकारियों से छत्तीसगढ़ सहित देश के दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में दवाओं और उर्वरकों की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करने का आग्रह किया।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बैठक में अपने व्यापक अनुभव और दूरदर्शी सोच का परिचय देते हुए यह रेखांकित किया कि बजटीय प्रावधान केवल आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका प्रत्यक्ष लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने जनकल्याण को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि संसद की समितियां लोकतांत्रिक व्यवस्था की सशक्त कड़ी हैं, जहां गंभीर विमर्श के माध्यम से नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाता है।
उनकी सक्रियता और सजग नेतृत्व ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे न केवल अपने संसदीय क्षेत्र, बल्कि पूरे राष्ट्र के हितों के प्रति समान रूप से प्रतिबद्ध हैं। जनहित, पारदर्शिता और विकास के प्रति उनका समर्पण एक बार फिर इस महत्वपूर्ण बैठक में परिलक्षित हुआ।