5 हजार शिक्षक भर्ती पर सियासत तेज, कांग्रेस ने बताया ‘ऊंट के मुंह में जीरा’
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने प्रदेशभर में 5 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान कर दिया है। भर्ती प्रक्रिया को लेकर परीक्षा की तारीखें भी तय कर दी गई हैं। व्यापम द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार सहायक शिक्षक की परीक्षा 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी, जबकि शिक्षक पद की परीक्षा 25 अक्टूबर 2026 को होगी। व्याख्याता पद की परीक्षा 29 नवंबर 2026 को संभावित है।
सरकार का दावा है कि यह भर्ती युवाओं के लिए बड़ा अवसर लेकर आई है और इससे शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। लंबे समय से प्रदेश में शिक्षक भर्ती की मांग उठती रही है, ऐसे में इस घोषणा को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हालांकि, इस भर्ती को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। दीपक बैज ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में करीब 57 हजार शिक्षक पद खाली हैं। ऐसे में केवल 5 हजार पदों पर भर्ती निकालना युवाओं के साथ छल है। उन्होंने मांग की कि सरकार सभी रिक्त पदों पर चरणबद्ध तरीके से भर्ती की स्पष्ट योजना पेश करे। साथ ही डीएड अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की बात कही।
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा विधायक नीलकंठ टेकाम ने कहा कि कांग्रेस को केवल लफ्फाजी करनी है। उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस को पांच साल का समय दिया था, लेकिन उस दौरान शिक्षक भर्ती को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वर्तमान सरकार अपने वादों को पूरा कर रही है और युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रदेश में रोजगार का मुद्दा हमेशा से राजनीतिक बहस का केंद्र रहा है। 5 हजार शिक्षक भर्ती को लेकर भी यही स्थिति बनती दिख रही है। सरकार इसे शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं को अवसर देने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे “ऊंट के मुंह में जीरा” करार दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार चरणबद्ध तरीके से शेष रिक्त पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया शुरू करती है, तो इससे न केवल बेरोजगार युवाओं को राहत मिलेगी, बल्कि प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी दूर होगी।