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सुशासन का मतलब सिर्फ योजनाएं नहीं, जनता का सम्मान भी है - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर।  फेसबुक पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह संदेश केवल एक जनपद सीईओ के निलंबन का आदेश नहीं है बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए स्पष्ट चेतावनी है कि छत्तीसगढ़ में सत्ता का केंद्र जनता है जहां अहंकार का कोई स्थान नहीं है।

यहां जब मुख्यमंत्री स्वयं यह कह रहे हैं कि "जनता जनार्दन सर्वोपरि है" और जनप्रतिनिधि व अधिकारी दोनों को जनता का सेवक बता रहे हैं, तो यह उनके शब्द लोकतंत्र की मूल भावना को मजबूत करने वाले है। यह फैसला छत्तीसगढ़ के उन लाखों आम नागरिकों को भरोसा देता है कि उनकी आवाज़ सत्ता के सर्वोच्च स्तर तक सुनी जा रही है।

अक्सर देखा जाता है कि कुछ अधिकारी पद और अधिकार के मद में यह भूल जाते हैं कि उनका वास्तविक दायित्व जनसेवा है। ऐसे समय में मुख्यमंत्री का यह कड़ा रुख संदेश देता है कि विकास के साथ-साथ संवेदनशीलता, विनम्रता और जवाबदेही भी अनिवार्य है।

विष्णुदेव साय सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ में सुशासन का अर्थ सिर्फ सड़क, भवन और योजनाएं नहीं, बल्कि जनता के सम्मान की रक्षा भी है। जो अधिकारी जनता और जनप्रतिनिधियों के सम्मान का ख्याल रखेंगे, उन्हें सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। लेकिन जो जनसेवा की जगह अहंकार का प्रदर्शन करेंगे, उनके लिए शासन में कोई जगह नहीं होगी।

सरकार का यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे एक मजबूत संदेश गया है कि "पद बड़ा नहीं होता, जनता का विश्वास बड़ा होता है।" मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साबित किया है कि सुशासन केवल भाषणों से नहीं, बल्कि समय पर लिए गए कठोर और निष्पक्ष निर्णयों से स्थापित होता है। यही एक संवेदनशील, जवाबदेह और जनहितैषी सरकार की पहचान है।

जनता का सम्मान ही सुशासन का सबसे बड़ा आधार है, और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस सिद्धांत को अपने निर्णय से फिर सिद्ध कर दिया है। - देवेंद्र गुप्ता