नकटी गांव बेदखली विवाद : सीएम आवास के बाहर ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे कांग्रेसी, कलेक्टर ने 10 प्रतिनिधियों को मुलाकात की दी अनुमति
रायपुर। नकटी गांव में बेदखली की कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों के साथ कांग्रेस का प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहा। वित्त मंत्री के बंगले के बाहर प्रदर्शन के बाद अब कांग्रेस नेता और ग्रामीण मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रदर्शन के बीच रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने प्रदर्शनकारियों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की अनुमति दे दी है। कांग्रेस नेताओं और नकटी गांव के ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी मांगों को रखेंगे।
कांग्रेस का आरोप है कि नकटी गांव के ग्रामीणों के साथ अन्याय हुआ है। उनकी समस्याओं का समाधान किए बिना प्रशासन ने कार्रवाई की है। वहीं प्रदर्शनकारी मामले में न्यायपूर्ण कार्रवाई और प्रभावित ग्रामीणों को राहत देने की मांग कर रहे हैं।फिलहाल मुख्यमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन जारी है।
जानिए पूरा मामला
बता दें कि रायपुर के माना इलाके के नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए सोमवार सुबह 80 घर तोड़ दिए गए, जिसमें पीएम और इंदिरा आवास के 32 घर भी शामिल हैं। प्रशासन ने रविवार देर रात से ही यहां 1000 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात कर दिए थे। सुबह जैसे ही टीम जेसीबी लेकर पहुंची तो लोग मशीनों के सामने खड़े हो गए, जिसके बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच भारी धक्का-मुक्की और हंगामा हुआ। वहीं इसके विरोध में ग्रामीण धरने पर बैठ गए थे, उनमें इसलिए भी आक्रोश था क्योंकि दो दिन पहले ही सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा था कि बारिश के मौसम में किसी के मकान नहीं तोड़े जाएंगे। सांसद के आश्वासन के बाद भी ग्रामीणों के घरों पर बुलडोजर चला दिया गया। वहीं प्रभावित परिवारों को नया रायपुर में विस्थापित किया गया है।