रायपुर। UPSE Cadre Allocation : केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2024 के परिणामों के आधार पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों को कैडर आवंटित कर दिया है। इस बार कैडर आवंटन में कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां हुई हैं।
टॉपर शक्ति दुबे को मिला होम स्टेट कैडर उत्तर प्रदेश
UPSC-CSE 2024 के ऑल इंडिया टॉपर शक्ति दुबे को उनका होम स्टेट कैडर उत्तर प्रदेश आवंटित किया गया है। टॉपर को होम कैडर मिलना हमेशा चर्चा का विषय रहता है और इस बार भी यह नियुक्ति सुर्खियों में है।
छत्तीसगढ़ को मिले 3 नए IAS
इस साल छत्तीसगढ़ राज्य को 3 नए IAS अधिकारी मिले हैं, जिनमें गोकुल आर.के (रैंक 424), वी. यशवंथ (रैंक 424) और इशांत जायसवाल (रैंक 441) शामिल हैं। ये तीनों अधिकारी अब छत्तीसगढ़ कैडर में सेवाएं देंगे, जिससे राज्य प्रशासनिक संरचना को नई मजबूती मिलेगी।
पूर्वा अग्रवाल को झारखंड कैडर
UPSC-CSE 2024 में 65वीं रैंक हासिल करने वाली और मूल रूप से छत्तीसगढ़ कैडर की IPS रही पूर्वा अग्रवाल को इस बार झारखंड कैडर मिला है। उनके कैडर परिवर्तन को लेकर प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चा बनी हुई है।
कैडर आवंटन के बाद राज्यों में हलचल
मंत्रालय द्वारा नई सूची जारी होते ही विभिन्न राज्यों में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। नए अधिकारियों के आगमन से विभागों में आवश्यक समायोजन शुरू हो गया है।
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुंचने के बाद सरकार ने ग्रैप-III (GRAP III) प्रोटोकॉल लागू कर दिया है। इसके चलते शहर में पुरानी और ज्यादा प्रदूषणB फैलाने वाली गाड़ियों पर विशेष निगरानी शुरू हो गई है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें 10 साल पुरानी एक पेट्रोल कार के मालिक पर 20,000 रुपये का चालान काटे जाने का दावा किया गया है।
वैध दस्तावेज़, फिटनेस और टैक्स अपडेट, फिर भी कट गया चालान
वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि कार 10 साल पुराने मॉडल की है, लेकिन उसके सभी दस्तावेज़—जैसे RC, इंश्योरेंस, फिटनेस और टैक्स—2031 तक के लिए वैध बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद दिल्ली की सीमा में प्रवेश करते ही पुलिस ने 20,000 रुपये का चालान थमा दिया।वीडियो बनाने वाले व्यक्ति का दावा है कि उसे यह जानकारी नहीं थी कि ग्रैप-III लागू होने के बाद 10 साल पुरानी पेट्रोल कारों को दिल्ली में आने की अनुमति नहीं है।
GRAP III में क्या है नियम?
ग्रैप-III लागू होने पर सरकार कुछ विशेष प्रतिबंध लगाती है, जिनमें शामिल हैं—
दिल्ली में 10 साल पुरानी डीजल कारों और 15 साल पुरानी पेट्रोल कारों का प्रवेश प्रतिबंधित।
भारी प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई।
एंट्री पॉइंट्स पर पुलिस और परिवहन विभाग की सघन निगरानी।
हालांकि 10 साल पुरानी पेट्रोल कार पर चालान काटने का मामला लोगों के बीच नए सवाल खड़े कर रहा है।
वीडियो पर बढ़ी बहस, लोगों ने उठाए सवाल
सोशल मीडिया पर यह वीडियो लाखों बार देखा जा चुका है। लोग इस मामले में नियमों की स्पष्टता पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ यूज़र्स का कहना है कि पुलिस ने गलत चालान काटा है, जबकि अन्य का मानना है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्ती जरूरी है।
प्रशासन की सफाई का इंतजार
इस वायरल मामले पर अभी तक ट्रैफिक पुलिस या परिवहन विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि GRAP नियमों में पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए अलग-अलग आयु सीमा तय है, ऐसे में चालान का आधार स्पष्ट होना चाहिए।
फिलहाल, दिल्ली में प्रदूषण के लगातार बढ़ते स्तर के बीच यह मामला वाहन चालकों के लिए एक बड़ा सवाल बन गया है कि वैध दस्तावेज़ होने के बाद भी किस स्थिति में चालान काटा जा सकता है।
अहमदाबाद। अहमदाबाद में इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को लगभग 33 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने थर्मल पावर प्लांट, ग्रीन स्टील मैन्युफैक्चरिंग, सोलर सेल, फार्मास्युटिकल उत्पाद और मेडिकल फूड सप्लीमेंट जैसे क्षेत्रों की बड़ी कंपनियों को निवेश प्रस्ताव पत्र (इन्वेस्टमेंट लेटर्स) सौंपे। छत्तीसगढ़ को प्राप्त निवेश प्रस्ताव से राज्य में 10,532 से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अहमदाबाद में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में देश के शीर्ष उद्योगपतियों और बिजनेस लीडर्स से राज्य में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। उद्योगपतियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग, निवेश और नवाचार की धरती गुजरात में आकर वे बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात के कण-कण में उद्यम बसा है, और दुनिया का कोई ऐसा कोना नहीं जहां गुजराती भाइयों की मौजूदगी न हो। उन्होंने कहा गुजरात और छत्तीसगढ़ मिलकर विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।
श्री साय ने कहा कि गुजरात जिस तरह देश और दुनिया की अर्थव्यवस्था को गति दे रहा है, उसी दिशा में छत्तीसगढ़ भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि गुजरात के पास उद्यम है, तो छत्तीसगढ़ के पास ऊर्जा, खनिज, कुशल जनशक्ति और आकर्षक औद्योगिक नीति है जो निवेशकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते 22 महीनों में 350 से अधिक सुधार किए हैं, जिससे उद्योग लगाना आसान हुआ है। राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम के तहत एनओसी अब त्वरित रूप से जारी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति में उद्योगों को विशेष अनुदान और प्रोत्साहन दिए गए हैं। बस्तर और सरगुजा जैसे जनजातीय क्षेत्रों में उद्योग लगाने पर अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक राज्य में ₹7.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ कोयला उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है और हाल ही में आयोजित एनर्जी समिट में ₹3.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। राज्य में थर्मल, हाइडल, सोलर और वन आधारित उद्योगों की बड़ी संभावनाएं हैं।
उन्होंने बताया कि नवा रायपुर को आईटी और एआई डेटा सेंटर हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों ने निवेश में रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है, जिससे हॉस्पिटैलिटी और वेलनेस सेक्टर में भी निवेश की संभावनाएं खुली हैं।
कार्यक्रम में सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार एवं अन्य अधिकारी भी शामिल रहे।
इन कंपनियों ने निवेश की घोषणा की
1. लीजियम लाइफ साइंसेस प्राइवेट लिमिटेड- यह कंपनी फार्मास्यूटिकल उत्पाद और मेडिकल फूड सप्लीमेंट्स बनाती है। कंपनी ने ₹101 करोड़ का निवेश प्रस्ताव रखा है, जिससे 750 रोजगार सृजित होंगे।
2. टोरेंट पावर लिमिटेड, अहमदाबाद- कंपनी ने ₹22,900 करोड़ की लागत से 1600 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया है, जिससे छत्तीसगढ़ की ऊर्जा क्षमता को नई दिशा मिलेगी। इससे 5000 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
3. टोरेंट फार्मास्युटिकल लिमिटेड- फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए 200 करोड़ रुपये निवेश की योजना बताई है। इससे 200 लोगों को रोजगार मिलेगा।
4. ओनिक्स थ्री एनर्सोल प्राइवेट लिमिटेड- यह कंपनी ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया और ग्रीन स्टील मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करेगी। इसमें ₹9,000 करोड़ का निवेश और 4,082 रोजगार प्रस्तावित हैं।
5. माला क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड, सूरत- यह कंपनी सोलर सेल (2GW क्षमता) निर्माण यूनिट लगाएगी। इसके लिए ₹700 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है, जिससे 500 लोगों को रोजगार मिलेगा।
6. मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना के लिए ₹300 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया गया है। यह स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में अहम कदम होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ेगा।
7. सफायर सेमीकॉम प्राइवेट लिमिटेड- यह कंपनी सेमी कन्डक्टर के निर्माण क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में 120 करोड़ का निवेश करेगी, जिससे 4000 रोजगार सृजन होगा।
नई दिल्ली। देश की राजधानी रविवार शाम एक ऐसे विस्फोट से दहल उठी जिसने सुरक्षा तंत्र और खुफिया एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास पार्किंग क्षेत्र में खड़ी एक कार में अचानक तेज धमाका हुआ। धमाके की गूंज दूर तक सुनाई दी और आसपास अफरा-तफरी मच गई। अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 30 लोग घायल हैं। मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
धमाके की चपेट में आकर कई लोग बुरी तरह घायल हुए और पास में खड़ी कम से कम तीन अन्य गाड़ियों में आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शाम के समय यहां लोगों की भीड़ होती है और उसी दौरान धमाके ने कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर मौजूद लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो और सामने आई तस्वीरें इस बात की गवाही देती हैं कि यह कोई साधारण धमाका नहीं था।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम, दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू ऑपरेशन तुरंत शुरू किया गया। आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन मलबे की जांच और साक्ष्य संग्रहण का काम जारी है।
एलएनजेपी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि घायलों को तत्काल अस्पताल लाया गया, जहां 10 लोगों की मौत हो चुकी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत बेहद नाजुक है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है।
घटना से ठीक पहले फरीदाबाद में मिले 2900 किलो विस्फोटक की जांच जारी थी, ऐसे में दिल्ली में हुए इस धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों को और भी सतर्क कर दिया है। दोनों घटनाओं के बीच किसी संभावित कड़ी को लेकर भी जांच एजेंसियां सतर्क हैं।
सूत्रों के मुताबिक, CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और उन सभी सुरागों को खंगाला जा रहा है जिनसे यह पता चल सके कि कार पार्किंग में कैसे पहुंची, इसके मालिक कौन थे और धमाके से पहले कार में कोई संदिग्ध गतिविधि हुई थी या नहीं।
धमाके के बाद सुरक्षा अलर्ट
दिल्ली पुलिस ने घटना के तुरंत बाद आसपास के इलाके को सील कर दिया। ऐतिहासिक स्थल होने के कारण यह इलाका सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। धमाके के बाद दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मुंबई में उच्च सतर्कता बरती जा रही है। भीड़भाड़ वाले इलाकों, धार्मिक स्थलों और मॉल–मार्केट्स में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
नई दिल्ली। आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट ने ‘सुप्रीम फैसला’ सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को आवारा कुत्तों का नसबंदी करके कुत्तों को शेल्टर होम में रखने का आदेश दिया है। देश के शीर्ष न्ययालय ने कहा कि सड़कों पर आवारा कुत्ते नहीं दिखनी चाहिए। स्कूल-कॉलेज, अस्पताल से आवारा कुत्तों को हटाया जाए। राजस्थान हाईकोर्ट का आदेश लागू करने के निर्देश दिए। देश के शीर्ष न्यायालय ने साथ ही हाइवे और एक्सप्रेस-वे पर से भी आवारा पशुओं को हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने 8 सप्ताह में अपने आदेश को लागू करने के लिए कहा है।
मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच में हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी राज्यों के मुख्य सचिव इन निर्देशों का सख्ती से पालन करवाएंगे। स्टेटस रिपोर्ट और हलफनामा 3 हफ्ते में दायर किया जाए। इस मामले में अगली सुनवाई अब 13 जनवरी को होगी।
आवारा कुत्तों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (7 नवंबर, 2025) को तीन आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट पर राज्य काम करें और एफिडेविट दाखिल करें। दूसरे आदेश में कोर्ट ने कहा कि सड़कों पर आवारा पशुओं को लेकर राजस्थान हाई कोर्ट का आदेश पूरे देश में लागू करें। हाई वे और सड़कों से आवारा पशुओं को हटाएं। उन्हें आश्रय स्थल में रखें। नगर निगम पेट्रोलिंग टीम बनाएं और 24 घंटे निगरानी रखें। कोर्ट ने हेल्पलाइन नंबर जारी करने का भी आदेश दिया है।
तीसेर आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, हॉस्पिटल, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन में बाड़ लगा कर और दूसरे उपाय अपना कर वहां आवारा कुत्तों को घुसने से रोकें। वहां आवारा कुत्तों को न रहने दें। उनका वैक्सिनेशन और स्टरलाइजेशन कर शेल्टर होम में रखें. कोर्ट ने 8 सप्ताह में अपने आदेश को लागू करने के लिए कहा है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की बड़ी बातें
राज्य सरकारें/केंद्र शासित प्रदेश दो सप्ताह के भीतर जिला अस्पतालों, सार्वजनिक खेल परिसरों, रेलवे स्टेशनों सहित सभी सरकारी संस्थानों की पहचान करें। यह सुनिश्चित करें कि आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए परिसरों को आवश्यकतानुसार पर्याप्त बाड़ लगाकर सुरक्षित किया जाए।
यह कार्य आठ सप्ताह के भीतर पूरा किया जाना है। संस्थानों के प्रबंधन को क्षेत्र के रखरखाव के लिए जिम्मेदार नोडल अधिकारी को निर्दिष्ट करना होगा।
स्थानीय नगरपालिका प्राधिकरण ऐसे सभी परिसरों का नियमित निरीक्षण करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ऐसे परिसरों में कोई आवारा कुत्ते का निवास स्थान न हो। प्रत्येक आवारा कुत्ते को ऐसे परिसरों से तुरंत हटाया जाए और नसबंदी के बाद आश्रय स्थल में स्थानांतरित किया जाए। आवारा कुत्ते को उस क्षेत्र में नहीं छोड़ा जाए जहां से उसे उठाया गया है. ऐसा करने की अनुमति देने से उद्देश्य ही विफल हो जाएगा।
अबतक के स्टोरीलाइन पर एक नजरः-
11 अगस्त को जस्टिस जे बी पारडीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने कुत्तों के काटने की घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में सभी आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में बंद करने का आदेश दिया था। एनिमल लवर्स इसके विरोध में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और चीफ जस्टिस के सामने मामला रखा, जिसके बाद मामला तीन जजों की बेंच को भेजा गया।
तीन जजों की बेंच ने पुराने आदेश को बदलते हुए दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को पकड़कर स्टरलाइज और वैक्सिनेट करने और उन्हें उनके इलाके में वापस छोड़ने का आदेश दिया था। साथ ही कोर्ट ने 22 अगस्त को सुनवाई का दायरा बढ़ाते हुए विभिन्न हाईकोर्ट्स में लंबित मामलों को अपने पास ट्रांसफर कर लिया और राज्यों से हलफनामा दाखिल करने को कहा, लेकिन दो महीने में सिर्फ दो राज्यों ने ही हलफनामा दाखिल किया।
जजों ने इस बात पर हैरानी जताई कि उसके नोटिस के जवाब में 2 राज्यों को छोड़ कर किसी ने हलफनामा दाखिल नहीं किया। यहां तक कि दिल्ली सरकार का भी हलफनामा दाखिल नहीं हुआ है. सिर्फ एमसीडी (दिल्ली नगर निगम) ने इसे दाखिल किया है।
27 अक्टूबर को हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि पूरे देश में लगातार कुत्तों से जुड़ी घटनाएं हो रही हैं। दुनिया में भारत की खराब छवि बनाई जा रही है। ऐसे में राज्य सरकारों का ढीला रवैया गलत है। कोर्ट ने राज्यों का जवाब दाखिल न होने पर ऐतराज जताते हुए कहा कि क्या राज्य के अधिकारी अखबार नहीं पढ़ते या सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करते? अगर उनके टेबल तक आदेश की कॉपी नहीं पहुंची, तब भी इस अहम मामले की जानकारी उन्हें जरूर मिल गई होगी।
आंधप्रदेश। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्थित काशीबुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर में आज शनिवार को भगदड़ मचने से 12 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 2 बच्चों सहित महिलाएं शामिल है, वहीं 25 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए है, जिनका इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि आज एकादशी पर्व कारण मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे थे। मंदिर में भीड़ के कारण धक्का-मुक्का होने से रेलिंग टूट गई। जिसके कारण भगदड़ मच गई।
आंध्र प्रदेश के वेंकटेश्वर मंदिर में हुए इस हादसे के बाद पुलिस-प्रशासन मौके पर राहत बचाव कार्य में जुटा हुआ है। अधिकारियों ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जतायी है। उधर सरकार ने इस हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। मंदिर में हुए भगदड़ के कई वीडियो सामने आए हैं, जिसमें मंदिर की सीढ़ियों पर लोगों की भारी भीड़ दिखाई दे रही है। इनमें महिलाएं, बच्चें और कई बुजुर्ग भी थे। इसी दौरान रेलिंग गिर गई और लोग भीड़ में दबने लगे। महिलाएं और बच्चे बाहर निकलने के लिए चीखते-चिल्लाते देखे जा सकते है।
वहीं कई तो अपनी जान बचाने के लिए लोगों के ऊपर चढ़कर भागते दिखे। वहीं इस हादसे के बाद वीडियो में लोग भीड़ में दबी महिलाओं और बच्चों को बाहर निकालते भी दिख रहे है। महिलाएं भगदड़ वाली जगह पर इधर-उधर बेसुध पड़ी दिखाई दीं। आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री अनीता ने बताया कि मंदिर में हर हफ्ते करीब 1500 से 2000 श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। आज एकादशी होने की वजह से श्रद्धालुओं की संख्या बहुत अधिक थी। उन्होंने बताया कि मंदिर पहली मंजिल पर स्थित है और यहां जाने के लिए 20 सीढ़ियां हैं। इसी दौरान धक्का-मुक्की हुई और रेलिंग टूट गई, जिससे भगदड़ मच गई।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वर्ष 2025 के लिए देशभर के 1,466 पुलिस कर्मियों को केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक देने की घोषणा की है। गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि इन पदकों से विभिन्न राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्रीय संगठनों के कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। आधिकारिक बयान के अनुसार, यह सम्मान पुलिस कर्मियों के उत्कृष्ट कार्य, उच्च पेशेवर मानकों और मनोबल बढ़ाने में योगदान के लिए दिया जाता है। यह पदक चार श्रेणियों विशेष अभियान, जांच, खुफिया कार्य और फॉरेंसिक विज्ञान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर दिए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ के दो आईजी, दो डीआईजी, सात SP सहित 7 एडिश्नल एसपी और 11 डीएसपी सहित 222 पुलिसकर्मियों को ये अवार्ड दिया जायेगा। एडीजी विवेकानंद, आईजी पी सुंदरराज और अमरेश मिश्रा को ये अवार्ड दिया जायेगा।
नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार की ओर से बड़ी घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आयोग के ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ (Terms of Reference – ToR) को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही आयोग के गठन की औपचारिक प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद बताया कि सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। उनके साथ आईआईएम बैंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष अंशकालिक सदस्य (Part-Time Member) के रूप में और पंकज जैन, सचिव (पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय), सदस्य-सचिव (Member Secretary) के रूप में कार्य करेंगे।
सरकार के अनुसार, 8वां वेतन आयोग एक अस्थायी निकाय होगा, जो अपने गठन की तिथि से 18 महीनों के भीतर अपनी अंतिम सिफारिशें सरकार को सौंपेगा। आयोग को आवश्यकता पड़ने पर अंतरिम रिपोर्ट (Interim Report) देने का भी अधिकार होगा। आयोग का मुख्य कार्य केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन ढांचे, भत्तों, सेवा शर्तों और पेंशन लाभों की समीक्षा करना और मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप संशोधन की सिफारिशें करना होगा।
सरकार ने आयोग को निर्देश दिया है कि वह अपनी सिफारिशें तैयार करते समय राजकोषीय अनुशासन, मौजूदा आर्थिक स्थिति, विकास और कल्याण योजनाओं के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता को ध्यान में रखे। आयोग यह भी अध्ययन करेगा कि केंद्र सरकार की सिफारिशों का राज्यों के वित्तीय ढांचे पर क्या असर पड़ेगा, क्योंकि अधिकतर राज्य केंद्र की वेतन आयोग सिफारिशों को संशोधित रूप में लागू करते हैं। इसके अलावा, आयोग केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSUs) और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के वेतन और कार्य स्थितियों का भी तुलनात्मक विश्लेषण करेगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी। 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें वर्ष 2016 में लागू की गई थीं। आमतौर पर हर दस वर्ष में वेतन आयोग का गठन किया जाता है, ऐसे में 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो सकती हैं। इस निर्णय से केंद्र सरकार के करीब 50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आयोग की सिफारिशें न केवल कर्मचारियों के हित में होंगी, बल्कि सरकार के लिए वित्तीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।
नई दिल्ली। भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने सोमवार को मतदाता सूची की सफाई और अद्यतन प्रक्रिया के दूसरे चरण की घोषणा की है. इसे “स्पेशल इंटेंसिव रिविजन” (SIR) कहा जा रहा है. इस अभियान का उद्देश्य देशभर में मतदाता सूचियों को पूरी तरह से दुरुस्त करना है ताकि किसी भी तरह की त्रुटि या दोहराव को हटाया जा सके.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि यह चरण करीब 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू किया जाएगा. इन राज्यों में वे क्षेत्र शामिल हैं, जहां 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.
CEC ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “स्पेशल इंटेंसिव रिविजन का दूसरा चरण अब 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित किया जाएगा.” उन्होंने बिहार के मतदाताओं को बधाई दी, जहां यह प्रक्रिया बिना किसी अपील के सफलतापूर्वक पूरी हुई. बिहार की अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को जारी की गई थी, जिसमें लगभग 7.42 करोड़ नाम शामिल थे.
ज्ञानेश कुमार ने बताया कि आज़ादी के बाद यह SIR अभ्यास देश में नौवीं बार किया जा रहा है. पिछली बार यह 2002 से 2004 के बीच हुआ था. उन्होंने कहा कि कई राजनीतिक दल लगातार मतदाता सूचियों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते रहे हैं, इसलिए इस बार आयोग ने विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया है. इसके लिए आयोग ने देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) के साथ दो बैठकों का आयोजन किया है ताकि प्रक्रिया का रोडमैप तय किया जा सके.
SIR का मुख्य उद्देश्य: सटीक और स्वच्छ मतदाता सूची तैयार करना
चुनाव आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का लक्ष्य है, “कोई पात्र नागरिक छूटे नहीं और कोई अपात्र व्यक्ति शामिल न हो.” पिछले कई वर्षों में गलतियों और बदलावों के कारण कई समस्याएं सामने आई हैं, जैसे कि:
बार-बार पलायन की वजह से एक ही व्यक्ति का नाम कई जगह दर्ज होना.
मृत मतदाताओं के नाम सूची से न हटना.
विदेशी नागरिकों का गलती से शामिल हो जाना.
CEC ने बताया कि जिन राज्यों में यह प्रक्रिया शुरू की जा रही है, वहां की मतदाता सूचियां सोमवार आधी रात से फ्रीज कर दी जाएंगी. इसके बाद प्रत्येक मतदाता को एक विशेष एन्यूमरेशन फॉर्म दिया जाएगा जिसमें उसकी सभी जानकारियां दर्ज होंगी.
प्रक्रिया कैसे चलेगी
इस संशोधन अभियान में कई स्तरों पर अधिकारी काम करेंगे. सबसे पहले इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO), जो उपमंडल मजिस्ट्रेट स्तर का अधिकारी होता है, वह ड्राफ्ट रोल तैयार करेगा, आपत्तियां सुनेगा और अंतिम सूची जारी करेगा.
वहीं बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) जो लगभग हर 1000 मतदाताओं के लिए नियुक्त किया जाएगा मतदाताओं के घर जाकर तीन बार विजिट करेगा. वह मतदाता की पहचान की जांच करेगा और पुराने रिकॉर्ड से उनका मिलान करेगा. BLO यह भी सुनिश्चित करेगा कि जो मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं या जिनका निधन हो चुका है, उनके नाम सूची से हटाए जाएं.
अगर किसी व्यक्ति को ERO के निर्णय पर आपत्ति होती है, तो वह पहले जिला मजिस्ट्रेट के पास अपील कर सकता है. दूसरी अपील राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास की जाएगी.
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों (Booth Level Agents – BLA) को भी प्रक्रिया में शामिल किया गया है. वे हर दिन 50 प्रमाणित एन्यूमरेशन फॉर्म जमा कर सकेंगे ताकि पारदर्शिता बनी रहे.
किन राज्यों में होगा संशोधन अभियान
सूत्रों के अनुसार, इस बार के चरण में तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी जैसे राज्य शामिल हो सकते हैं. इन सभी राज्यों में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं. इसलिए यह संशोधन भविष्य की मतदाता सूचियों का आधार बनेगा.
बिहार में यह प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, और वहां की अंतिम सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की गई थी.
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों में स्थानीय निकाय चुनाव चल रहे हैं या होने वाले हैं, वहां फिलहाल SIR अभियान नहीं चलेगा ताकि प्रशासनिक बोझ न बढ़े. वहां यह प्रक्रिया बाद के चरणों में की जाएगी.
विदेशी अवैध प्रवासियों पर खास नजर
चुनाव आयोग ने कहा है कि इस संशोधन अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू अवैध विदेशी मतदाताओं की पहचान करना भी होगा. इसके तहत हर व्यक्ति के जन्म स्थान की जांच की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई विदेशी नागरिक सूची में शामिल न हो. यह कदम खास तौर पर बांग्लादेश और म्यांमार से आए अवैध प्रवासियों पर की जा रही कार्रवाइयों के बीच अहम माना जा रहा है.
नई दिल्ली। अमृतसर से सहरसा आ रही जनसेवा एक्सप्रेस ट्रेन में शुक्रवार को अचानक आग लग गई। घटना सोनवर्षा कचहरी स्टेशन के पास हुई, लेकिन फायर ब्रिगेड और रेलवे स्टाफ की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया। सौभाग्य से किसी यात्री की जान नहीं गई।अमृतसर से सहरसा जा रही जनसेवा एक्सप्रेस (15212) की एक बोगी में अचानक आग लग गई। यह घटना सोनवर्षा कचहरी स्टेशन के पास हुई, जब ट्रेन सहरसा की ओर बढ़ रही थी। जैसे ही धुआं उठता देखा गया, यात्रियों में हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
रेल प्रशासन और स्टेशन पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत अलार्म बजाकर फायर टीम को सूचना दी। कुछ ही देर में फायर सुरक्षा दल और रेलवे कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू कर दिया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। इस दौरान एक बोगी पूरी तरह जलकर खाक हो गई, लेकिन सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
किसी के हताहत होने की सूचना नहीं
रेलवे प्रशासन ने बताया कि घटना में किसी यात्री को कोई चोट नहीं आई है। ट्रेन के अन्य डिब्बों को अलग कर लिया गया और बाद में यात्रियों को सुरक्षित रूप से गंतव्य तक भेज दिया गया। जनसेवा एक्सप्रेस थोड़ी देर की देरी के बाद सहरसा स्टेशन पहुंच गई।
संभावित कारण: तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी को बताया जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों की टीम ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
कर्नूल। आंध्र प्रदेश के कर्नूल जिले में भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक बस में आग लग गई। हादसे में 18 से अधिक लोग जिंदा जल गये। जानकारी के मुताबिक बस हैदराबाद से बेंगलुरू जा रही थी। आज शुक्रवार की तड़के 3ः30 बजे कुरनूल ज़िले के कल्लूर मंडल में चिन्नाटेकुर के पास बस एक दोपहिया वाहन से टकरा गई। इस एक्सीडेंट के बाद एकाएक बस में भीषण आग लग गयी। और हादसे में अब तक 18 से अधिक लोगों की जिंदा जलकर मौत की जानकारी सामने आ रही है। इस भीषण हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दुःख जताया है।
हादसे में कई यात्री झुलस गए। अब तक 18 लोगों की मौत और इतने ही लोगों के बुरी तरह से झुलसने की जानकारी मिली है। बस एक प्राइवेट ट्रैवल कंपनी कावेरी ट्रैवल्स की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद कई यात्री इमरजेंसी दरवाजे से बाहर निकल गए और अपनी जान बचाने में सफल रहे। वहीं कुछ लोग आग की चपेट में आ गए। घायलों को कर्नूल सरकारी अस्पताल ले जाया गया है। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त बस में लगभग 40 यात्री सवार थे।
शुरुआती जानकारी के अनुसार आग सबसे पहले बस के अगले हिस्से में लगी और फिर तेजी से पूरे वाहन में फैल गई। दुर्घटना के समय इलाके में भारी बारिश भी हो रही थी। घटनास्थल से बस की जो तस्वीरें सामने आई हैं। उसमें बस पूरी तरह से जली हुई नजर आ रही है। उसके सभी हिस्से आग से नष्ट हो गए हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि हादसा कितना भयावह रहा होगा। हादसे के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाया।
आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्यकुमार यादव ने घटना की जानकारी देते हुए बताया….मृतकों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल्स इकट्ठा किए जा रहे हैं। शव अभी भी बस के अंदर हैं। हम परिस्थितियों के आधार पर घटनास्थल पर ही पोस्टमॉर्टम करने के लिए तैयार हैं। फोरेंसिक डॉक्टरों को घटनास्थल पर भेज दिया गया है। एंबुलेंस को भी शवों को ले जाने के लिए तैयार रखा गया है। 12 लोगों को मामूली चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनमें से छह को शुरुआती इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है।
PM मोदी ने हादसे पर जताया दुख
हादसे पर पीएम मोदी ने भी दुख जताया है। साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। वहीं घायलों को भी 50,000 रुपये की मदद देने की बात कही है। पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा….आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में हुई एक दुर्घटना में लोगों की मौत से अत्यंत दुःखी हूं। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से हर मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कर्नूल ज़िले के चिन्नाटेकुर गांव के पास हुई भीषण बस आग दुर्घटना के बारे में जानकर मुझे गहरा सदमा पहुंचा है। मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं। जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। सरकारी अधिकारी घायलों और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे।
देश के कई शहरों में इस समय वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह मौसम सेहत के लिहाज से बेहद मुश्किल भरा साबित हो सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस समय सांस से जुड़ी बीमारियां, खांसी, दमा और एलर्जी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में परिवार के कमजोर सदस्यों की सुरक्षा के लिए कुछ सावधानियां जरूरी हैं।
घर में रखें एयर प्यूरिफायर या पौधे
अगर आप दिल्ली, पटना, लखनऊ या किसी प्रदूषित शहर में रहते हैं, तो घर के अंदर की हवा को साफ रखना जरूरी है। एयर प्यूरिफायर लगाएं या फिर इनडोर प्लांट जैसे मनीप्लांट, स्नेक प्लांट और पीस लिली रखें।
सुबह-सुबह बाहर निकलने से बचें
सुबह के वक्त प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा होता है। बच्चों और बुजुर्गों को सुबह की सैर से बचाना चाहिए। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो N95 मास्क का उपयोग करें।
भरपूर पानी और पौष्टिक आहार लें
शरीर से टॉक्सिन निकालने के लिए पानी का सेवन बढ़ाएं। साथ ही, एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर फल जैसे सेब, अमरूद, संतरा और सब्जियां खाएं। यह फेफड़ों को मजबूत बनाते हैं।
घर के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें
प्रदूषण अधिक होने पर खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें ताकि धूल और धुआं घर के अंदर न जा सके। शाम के समय जब प्रदूषण थोड़ा कम हो, तब वेंटिलेशन के लिए कुछ देर खोलें।
डॉक्टर से नियमित जांच कराएं
अगर किसी बच्चे या बुजुर्ग को पहले से अस्थमा, COPD या एलर्जी की शिकायत है, तो डॉक्टर की सलाह से इनहेलर या दवाएं समय पर लें। किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण से पूरी तरह बचना भले ही मुश्किल हो, लेकिन सावधानी बरतकर उसके असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
गुजरात। गुजरात की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां भारतीय जनता पार्टी शासित गुजरात सरकार में सभी 16 मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। सभी मंत्रियों ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को सौंपा है। सभी मंत्रियों ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के घर पर आज गुरुवार को अहम मीटिंग के बाद इस्तीफा दिया। बताया जा रहा है कि इस्तीफे से पहले मुख्यमंत्री के साथ सभी मंत्रियों की मीटिंग हुई। इस मीटिंग में मुख्यमंत्री को छोड़कर सभी मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं।
आपको बता दे गुजरात के मंत्रियों द्वारा दिए गए इस्तीफे राज्यपाल को सौंपे जाएंगे। सभी मंत्रियों के इस्तीफे पहले से ही तैयार थे, जिस पर मंत्रियों ने अपने साइन कर दिए। इसके अलावा अभी कोई और निर्देश नहीं दिए गए हैं। आपको बता दे कि गुजरात में मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। सबसे पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने इस्तीफा दिया। इसके बाद एक के बाद एक सभी मंत्रियों ने अपना इस्तीफा दे दिया।
ये सभी इस्तीफे विश्वकर्मा को सौंपे गए, जिन्होंने सभी मंत्रियों को इस्तीफा देने का निर्देश दिया था। इस पूरे राजनीति घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से इस्तीफा नहीं मांगा था। आज दोपहर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के आवास पर सरकार के सभी मंत्रियों की बैठक हुई। जिसमें फैसला लिया गया कि सभी मंत्री सामूहिक रूप से इस्तीफा देंगे। इस फैसले के बाद अब सबकी निगाहें नए मंत्रिमंडल की घोषणा पर टिकी हैं। नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह कल शुक्रवार 17 अक्टूबर को गांधीनगर के महात्मा मंदिर में होगा।
नईदिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पहली सूची में 71 उम्मीदवारों की घोषणा की है। इस सूची में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और मौजूदा पदाधिकारियों को प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों से मैदान में उतारा गया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तारापुर से चुनाव लड़ेंगे, वहीं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को लखीसराय से टिकट दिया गया है। इसके अलावा राज्य मंत्री नितिन नवीन बांकीपुर से चुनाव मैदान में उतरेंगे, जबकि रेणु देवी बेतिया से पार्टी की ओर से उम्मीदवार होंगी।
भाजपा ने इस सूची के माध्यम से अपनी चुनाव रणनीति का भी संकेत दिया है। पार्टी ने कोशिश की है कि वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं को उन क्षेत्रों से उतारा जाए जहां उनका जनाधार मजबूत है। साथ ही, इस सूची में महिलाओं और पिछड़े वर्ग के नेताओं को भी स्थान दिया गया है, जिससे समाज के विविध वर्गों को जोड़ने का प्रयास किया गया है। सूची में कुल 71 उम्मीदवारों का नाम शामिल है, जो राज्य की 243 विधानसभा सीटों में से पहले चरण के लिए है। भाजपा का उद्देश्य राज्य में सत्ता पुनः स्थापित करना और सत्ता की स्थिरता बनाए रखना है। पार्टी नेतृत्व ने कहा है कि आगामी चरणों में भी उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी और उन क्षेत्रों में चुनाव की तैयारी पूरी तरह से की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भाजपा की यह पहली सूची संकेत देती है कि पार्टी वरिष्ठ नेतृत्व के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों की पकड़ पर भी ध्यान दे रही है। उपमुख्यमंत्री और राज्य मंत्रियों के चुनाव मैदान में उतरने से पार्टी को रणनीतिक लाभ मिलने की संभावना है। भाजपा के इस कदम से विपक्षी दलों पर भी दबाव बढ़ सकता है, क्योंकि पहली सूची में शामिल नाम काफी प्रभावशाली और चुनावी अनुभव वाले नेता हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में जनता की प्रतिक्रिया और मतदान के रुझान इस सूची की सफलता तय करेंगे।
SBI : बैंक की चेतावनी भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने फेस्टिवल सीजन में धोखाधड़ी कॉल और फर्जी वीडियो कॉल के प्रति अपने ग्राहकों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है। बैंक ने कहा कि ठग इस समय का फायदा उठाकर लोगों को निशाना बना सकते हैं।
धोखाधड़ी के तरीके
बैंक ने बताया कि ठग अक्सर फोन, SMS या वीडियो कॉल के जरिए OTP, पासवर्ड, पिन और बैंक डिटेल निकालने की कोशिश करते हैं। SBI ने स्पष्ट किया कि बैंक कभी भी इस तरह की संवेदनशील जानकारी फोन या वीडियो कॉल में नहीं मांगता।
ग्राहकों के लिए सुझाव
किसी भी अज्ञात कॉल या वीडियो पर निजी जानकारी साझा न करें।
संदिग्ध कॉल आने पर SBI की आधिकारिक शाखा या हेल्पलाइन पर तुरंत सूचना दें। बैंकिंग ऐप्स और डिजिटल लेनदेन हमेशा आधिकारिक स्रोत से ही करें।
संपर्क जानकारी
ग्राहक 1800 11 2211 या 1800 425 3800 पर कॉल कर फर्जी कॉल या वीडियो की सूचना दे सकते हैं।
SBI ने सभी ग्राहकों से अपील की है कि सतर्क रहें और फेस्टिवल सीजन में धोखाधड़ी के झांसे में न आएं ताकि उनके धन और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा बनी रहे।
नई दिल्ली। बिहार में दो चरणों में चुनाव होंगे. पहले फेज का मतदान 6 नवंबर को होगा और दूसरे फेज में 11 नवंबर को वोटिंग होगी. 14 नवंबर को नतीजे आएंगे.
निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए पूरी चुनावी मशीनरी को अब सिर्फ एक कॉल की दूरी पर ला दिया है. बिहार में कुल 90,712 बीएलओ (BLOs), 243 ईआरओ (EROs) और 38 डीईओ (DEOs) नियुक्त किए गए हैं, जिनसे अब सीधे संपर्क किया जा सकता है. मतदाता 1950 (Voter Helpline) नंबर पर कॉल करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. इसके लिए केवल संबंधित जिले का STD कोड लगाकर +91-STD Code-1950 डायल करना होगा — जैसे पटना के लिए +91-612-1950. साथ ही, ECINet ऐप के माध्यम से मतदाता अपने BLO से कॉल बुक भी कर सकते हैं.
ECI Net ऐप होगा लॉन्च
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव से निर्वाचन आयोग का नया 'ECI Net' सिंगल विंडो ऐप लॉन्च किया जाएगा. इसे मदर ऑफ ऑल इलेक्शन ऐप्स बताया जा रहा है. यह ऐप बिहार चुनाव से पूरी तरह संचालित और सक्रिय रहेगा, जिसके जरिए निर्वाचन से जुड़ी सभी प्रमुख प्रक्रियाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी.
SIR पर बोले CEC ज्ञानेश कुमार
CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा- सच यही है कि लोगों ने सोशल मीडिया पर SIR को बहुत कुछ कहा. लेकिन सच ये है कि पॉलिटिकल पार्टीज ने SIR की मांग की थी.
नई दिल्ली। पिछड़ा वर्ग आरक्षण पर राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इसे सुनवाई के लिए स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि यह उच्च न्यायालय में लंबित है। वंगा गोपाल रेड्डी नामक व्यक्ति ने तेलंगाना स्थानीय चुनावों में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण में वृद्धि के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई करने वाली दो सदस्यीय पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से पूछा कि जब उच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही थी, तब वह यहां क्यों आए थे। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि तेलंगाना उच्च न्यायालय ने स्थगन देने से इनकार कर दिया है। इस पर पीठ ने पूछा कि अगर वहां स्थगन देने से इनकार कर दिया जाता है तो क्या वह यहां आएंगे। इस संदर्भ में, पीठ ने यह कहते हुए याचिका को खारिज कर दिया कि इसे सुनवाई के लिए स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि यह उच्च न्यायालय में लंबित है।
रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने 26 सितंबर को सरकारी आदेश संख्या 9 जारी किया और स्थानीय निकायों में पिछड़ा वर्ग के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की। इसने इसे सामाजिक न्याय बताया। पंचायत राज विभाग ने इसी सरकारी आदेश के आधार पर आरक्षण संबंधी राजपत्र जारी किए। इसके साथ ही, राज्य चुनाव आयोग ने तेलंगाना में स्थानीय निकायों (ग्राम पंचायत, मंडल प्रजा परिषद, जिला परिषद) के चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर दिया। ZPTC और MPTC के चुनाव दो चरणों में और पंचायत चुनाव तीन चरणों में होंगे, जिससे चुनाव प्रक्रिया 9 अक्टूबर से 11 नवंबर तक पाँच चरणों में पूरी होगी। हालाँकि, माधव रेड्डी ने स्थानीय निकायों में पिछड़ी जातियों के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाले सरकार द्वारा जारी सरकारी आदेश को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की। याचिकाकर्ता ने कहा कि पिछले आरक्षणों को रद्द किए बिना नए आरक्षण प्रदान किए जा रहे हैं। सुनवाई करने वाली उच्च न्यायालय की पीठ ने सुनवाई 8 तारीख तक के लिए स्थगित कर दी। इस बीच, वंगा गोपाल रेड्डी नाम के एक व्यक्ति ने सर्वोच्च न्यायालय में एक और याचिका दायर की।
गोपाल रेड्डी ने अपनी याचिका में कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने उल्लेख किया कि सर्वोच्च न्यायालय ने पहले ही फैसला दिया था कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ी जाति, दिव्यांग और अन्य आरक्षण भी 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई अधिकतम सीमा को हटाकर पिछड़े वर्गों को 42 प्रतिशत आरक्षण देना गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि अगर अनुसूचित जातियों को दिया जाने वाला आरक्षण 15 प्रतिशत, अनुसूचित जनजातियों को 10 प्रतिशत और पिछड़े वर्गों को 42 प्रतिशत जोड़ दिया जाए, तो कुल आरक्षण 67 प्रतिशत हो जाता है। उन्होंने मांग की कि पिछड़े वर्गों को 42 प्रतिशत आरक्षण देने वाले सरकारी आदेश 9 को तुरंत रद्द किया जाए। इस याचिका में माधव रेड्डी और तीनमार मल्लन्ना भी शामिल थे। मामले की सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने याचिका खारिज कर दी।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 'फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल- विशेष संस्करण' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शिक्षकों, छात्रों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि के रूप में समारोह का नेतृत्व कर रहे थे।
फिट इंडिया अभियान के तहत आयोजित 'संडे ऑन साइकिल' पहल फिटनेस, स्थिरता और सामुदायिक जुड़ाव को बढ़ावा देने वाले एक राष्ट्रव्यापी अभियान के रूप में विकसित हुई है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, "यहां बड़ी संख्या में शिक्षक हैं। शिक्षक छात्रों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। 'संडे ऑन साइकिल' पहल में शामिल होकर, आपको बच्चों को पढ़ाने, समाज को शिक्षित करने और समुदाय को प्रेरित करने का बेहतरीन अवसर मिलता है। जब हम साइकिल चलाते हैं, तो हमें संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता होती है। इसी तरह, जब जीवन में संतुलन होता है, तभी हम आगे बढ़ सकते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "संडे ऑन साइकिल एक आंदोलन बन गया है। देश भर में, लाखों लोग प्रत्येक रविवार को फिट रहने के लिए साइकिल चलाते हैं। मुझे खुशी है कि देशभर के 10,500 से ज्यादा स्थानों के शिक्षक इस पहल से जुड़ चुके हैं।" केंद्रीय मंत्री ने कहा, "जीवन में हर सप्ताह 'संडे ऑन साइकिल' के तहत पीएम मोदी के फिट इंडिया मूवमेंट को आगे बढ़ाएं। आप साइकिलिंग करते हुए फिट रह सकते हैं। स्वस्थ समाज ही समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। 2047 में जब देश आजादी का शताब्दी वर्ष मनाएगा, तब तक हमें भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है।"
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने सभी नागरिकों से अपने गुरुओं का सम्मान करने और स्वास्थ्य एवं आत्मनिर्भरता का संकल्प लेने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हम अपने उन शिक्षकों का सम्मान करें, जो राष्ट्र को आकार देते हैं। मैं हर नागरिक, युवा और वृद्ध से, फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल में शामिल होने और एक अधिक स्वस्थ, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का आग्रह करता हूं।"
दिसंबर 2024 में शुरू किया गया 'फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल' एक अखिल भारतीय फिटनेस आंदोलन बन गया है, जो लोगों को फिट रहने, कार्बन फुटप्रिंट कम करने और एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण को लेकर साइकिलिंग अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।