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सुप्रीम कोर्ट की टुटेजा को फटकार—‘सत्ता का आनंद लिया, अब कानूनी प्रक्रिया का पालन करें’
दिल्ली। जेल में बंद पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा की उस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ नए एफआईआर दर्ज करने से रोकने और पुराने कायम हुए सभी मामलों में एक साथ जमानत देने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आप सत्ता के करीबी अफसर में शामिल थे और आपने वर्षों तक सत्ता का आनंद लिया है। यह मामला सरकारी धन के निजी हाथों में जाने का है। आपको कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा।
पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा की कांग्रेस सरकार के दौरान राज्य में तूती बोलती थी। वे आबकारी घोटाले से लेकर डीएमएएफ, नान घोटाला, कस्टम मिलिंग घोटाला,कोल घोटाले के आरोपी हैं। हाल ही में उन्हें एक मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिली है। बाकी मामलों के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी, जिसमें उन्होंने सारे मामलों में एक साथ जमानत और जांच एजेंसियों को सभी मामलों में एक साथ पूछताछ करने और ट्रायल पूरा होने तक उन्हें बेल देने के निर्देश देने की मांग करते हुए नए मामले दर्ज करने पर भी रोक लगाने की मांग की थी।
सोमवार को उनके मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जयमाल्या बागची की डिवीजन बेंच में हुई। अनिल टुटेजा की तरफ से अधिवक्ता शोएब आलम उपस्थित हुए थे। उन्होंने अपने तर्क में बताया है कि जब अनिल टुटेजा एक मामले में बेल पाने के करीब थे तब जांच एजेंसियों ने उन्हें दूसरे मामले में गिरफ्तार करने की अनोखी काबिलियत दिखाई है। अदालत को बताया गया कि टुटेजा अप्रैल 2024 से जेल में है और उन्हें छत्तीसगढ़ की ईओडब्लू और ईडी की ओर से लगातार कस्टडी में पूछताछ के लिए अपनी मर्जी से कहा है।
टुटेजा के अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ सरकार और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उन्हें हर बार किसी लंबित मामले में जमानत मिलने पर एक नए मामले में हिरासत में ले लेने से उनके व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन भी हो रहा है। उन्हें सिर्फ सलाखों के पीछे रखने के लिए किसी एक मामले में गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए। अधिवक्ता ने तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनकी जमानत रद्द किए जाने के बाद वह पिछले 20 महीनों से जेल में बंद है और जब वह पहले से हिरासत में है तो उन्हें अन्य मामलों में रिमांड पर नहीं लिया जा सकता। जमानत पर रिहा होने का इंतजार करने के बजाय सभी मामलों में उनसे पूछताछ की जानी चाहिए। इन सभी मामलों में एक ही पैटर्न में दिखाई दे रहा है।
तर्कों को सुनने के पश्चात अदालत ने कहा कि ऐसा नहीं है कि यह मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित है।। आप एक नौकरशाह हैं जिन्होंने इतने वर्षों तक सत्ता का आनंद लिया है। यह मुद्दा सार्वजनिक धन के निजी हाथों में जाने का है, यदि आप इसमें शामिल हैं तो आपको न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना पड़ेगा। पीठ ने कहा कि आपका तर्क भावनात्मक रूप से तो सही है लेकिन कानूनी रूप से सही नहीं है। कानूनी दृष्टिकोण से देखा जाए तो आप का तर्क स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि जब एजेंसी ही आपकी गिरफ्तारी के लिए तैयार नहीं है तो हम आपकी गिरफ्तारी कैसे लागू कर सकते हैं।
सीजेआई की बेंच ने कहा कि कोर्ट ने उन सभी मामलों में आपको जमानत दी है जहां विवेक का इस्तेमाल किया गया था लेकिन हम सभी मौजूदा और भविष्य के मामले में जमानत देने का कोई जरूरी आदेश नहीं दे सकते। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर आपको गिरफ्तारी का डर है तो वह गिरफ्तारी के बाद जमानत या अगली भी जमानत मांग सकते हैं इसके साथ ही यह भी निर्देश दिए कि अगर वह एक हफ्ते के अंदर जमानत याचिका दायर करते हैं तो हाई कोर्ट को दो से चार हफ्ते के अंदर प्राथमिकता के आधार पर उसे पर फैसला करना होगा।
तेलंगाना में नक्सलियों का बड़ा सरेंडर, CM रेड्डी की मौजूदगी में 130 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
हैदराबाद। तेलंगाना में माओवादी संगठन को एक बड़ा झटका लगा है. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के सामने 31 मार्च, 2026 से पहले बड़ी संख्या में माओवादी कैडरों ने शुक्रवार आत्मसर्पण कर दिया. अलग-अलग स्तर के कुल 130 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है. इनमें संगठन के 3 स्टेट कमेटी मेंबर, 1 रीजनल कमेटी मेंबर, 10 डिवीजनल/डीवाईसीएम स्तर के कैडर, 40 एरिया कमेटी मेंबर और करीब 70 पार्टी मेंबर शामिल बताए जा रहे हैं.
बस्तर मूल के कई माओवादी शामिल
आत्म समर्पण में बड़ी संख्या में बस्तर मूल के माओवादी शामिल हैं. PLGA बटालियन में सक्रिय 42, तेलंगाना स्टेट कमेटी में सक्रिय 30, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी से जुड़े 32, 2nd सीआरसी के 16 और केंद्रीय समिति सदस्य देवजी की टीम से जुड़े 10 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है.
130 माओवादियों पर 4.18 करोड़ रुपए का था इनाम
इन माओवादियों के ऊपर 4 करोड़ 18 लाख 20 हजार रुपए का ईनाम घोषित है. आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने भारी मात्रा में हथियार और युद्ध सामग्री भी सौंप दी. बरामद हथियारों में 1 इंसास एलएमजी, 21 AK-47, 21 इंसास रायफल, 20 एसएलआर, 18 .303 रायफल, 1 नौ एमएम कार्बाइन, 2 नौ एमएम पिस्टल, 2 आठ एमएम बोल्ट-एक्शन रायफल, 18 कंट्री मेड गन और 2 बीजीएल शामिल हैं.
सुरक्षा बलों के लगातार दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति के चलते माओवादी कैडरों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है. बड़ी संख्या में हुए इस सामूहिक समर्पण को सुरक्षा एजेंसियां माओवादी संगठन के लिए एक बड़ा झटका मान रही हैं. सरकार का कहना है कि जो भी उग्रवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए पुनर्वास और नई शुरुआत के सभी रास्ते खुले हैं.
महंगाई का जोरदार झटका, गैस सिलेंडर के दामों में बंपर बढोत्तरी, 60 से 115 रुपये की हुई वृद्धि
नई दिल्ली। देशभर में आम उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि की गई है, जबकि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें 7 मार्च से लागू कर दी गई हैं और इन्हें Indian Oil Corporation की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपडेट कर दिया गया है।
नई कीमतों के लागू होने के बाद राजधानी Delhi में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गई है। इससे पहले यह सिलेंडर लंबे समय से 853 रुपये में मिल रहा था। वहीं Kolkata में इसकी कीमत 879 रुपये से बढ़कर 939 रुपये हो गई है। Chennai में घरेलू सिलेंडर की कीमत 868.50 रुपये से बढ़कर 928.50 रुपये हो गई है, जबकि Mumbai में इसकी नई कीमत 912.50 रुपये तय की गई है, जो पहले 852.50 रुपये थी।
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में यह बढ़ोतरी लगभग 11 महीनों के बाद हुई है। इससे पहले अप्रैल 2025 के बाद से घरेलू सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया था। ऐसे में इस नई वृद्धि का सीधा असर देशभर के करोड़ों परिवारों की रसोई पर पड़ेगा।
सिर्फ घरेलू सिलेंडर ही नहीं, बल्कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी की गई है। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 115 रुपये बढ़ा दी गई है। नई दरों के अनुसार दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1768.50 रुपये से बढ़कर 1883 रुपये हो गई है। वहीं मुंबई में इसकी कीमत 1720.50 रुपये से बढ़कर 1835 रुपये हो गई है।
इसी तरह कोलकाता में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1875.50 रुपये से बढ़कर 1990 रुपये हो गई है। चेन्नई में यह 1929 रुपये से बढ़कर 2043.50 रुपये तक पहुंच गई है। कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और छोटे व्यवसायों पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच यह फैसला लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता का असर भी एलपीजी की कीमतों पर पड़ा है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि Iran को लेकर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और United States तथा Israel के साथ हालिया घटनाओं के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ है।
इसी बीच केंद्र सरकार ने सभी एलपीजी रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि बाजार में गैस की उपलब्धता बनी रहे। इन निर्देशों में सरकारी और निजी दोनों रिफाइनरियां शामिल हैं।
UPSC सिविल सर्विस 2025 फाइनल रिजल्ट जारी: अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, 958 कैंडिडेट्स क्वालिफाई
नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट ( UPSC Civil Services Result 2025 ) जारी कर दिया है। परिणाम यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर चेक कर सकते हैं। यूपीएससी सीएसई 2025 में राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री ने टॉप किया है। दूसरे स्थान पर राजेश्वरी सुवे एम, तीसरे पर अकांश धुल, चौथे पर राघव झुनझुनवाला और 5वें पर ईशान भटनागर हैं। बता दें कि, इस वर्ष 1087 पदों के लिए कुल 958 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है।
चयनित 958 में से 317 जनरल, 104 ईडब्ल्यूएस, 306 ओबीसी, 158 एससी, 73 एसटी वर्ग से हैं। 348 रिकमेंडेड कैंडिडेट्स की उम्मीदवारी प्रोविजनल रखी गई है। 02 कैंडिडेट्स का रिजल्ट रोक दिया गया है। आयोग ने 258 उम्मीदवारों को रिजर्व लिस्ट में डाला है जिसमें जनरल कैटेगरी के 129, ईडब्ल्यूएस के 26, ओबीसी के 86, एससी के 08, एसटी के 06, PwBD-1 के 01 और PwBD-2 के 2 पद हैं।
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के इंटरव्यू 27 फरवरी 2026 को समाप्त हो गए थे। मेन्स एग्जाम में प्रदर्शन के आधार पर 2,736 उम्मीदवारों को इंटरव्यू राउंड के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था। यूपीएससी सीएसई 2025 इंटरव्यू 5 जनवरी से शुरू हुए थे। अभ्यर्थियों का चयन उनके मुख्य परीक्षा के मार्क्स व इंटरव्यू के प्राप्तांकों के आधार पर बनी मेरिट लिस्ट से किया गया। रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के अंदर मार्क्स वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
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नितिन नबीन जाएंगे राज्यसभा…बीजेपी ने जारी की 9 उम्मीदवारों की लिस्ट – देखें किनके-किनके नाम पर लगी मुहर
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बिहार से राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवार बनाए गए हैं. पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने विभिन्न राज्यों के लिए अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है. नितिन नवीन मौजूदा वक्त में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और उनकी उम्मीदवारी बिहार में पार्टी की बड़ी चुनावी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है. बता दें कि, पहली लिस्ट में भाजपा की ओर से सिर्फ नौ उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई है। बता दें कि राज्यसभा के लिए 37 सीटों पर चुनाव होने हैं, ऐसे में जल्द भाजपा की ओर से और प्रत्याशियों के नामों का एलान भी किया जाएगा।
भाजपा ने पहली सूची की जारी
भाजपा ने पहली सूची की जारी बिहार से नितिन नवीन और शिवेश कुमार को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। वहीं, असम से तेराश गोवाला और जोगेन मोहन को प्रत्याशी बनाया गया है। भाजपा ने छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा, हरियाणा से संजय भाटिया, ओडिशा से मनमोहन सामल और सुजीत कुमार के साथ पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है।
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WhatsApp के लिए कल से नया नियम: 1 मार्च से लागू होगा ‘सिम-बाइंडिंग’ नियम, बिना सिम नहीं चलेंगे अब व्हाट्सएप
नई दिल्ली 28 फरवरी 2026। केंद्र सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए प्रस्तावित ‘सिम-बाइंडिंग’ नियमों को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। 28 फरवरी की तय समय-सीमा को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा और 1 मार्च 2026 से नए नियम प्रभावी हो जाएंगे। इन नियमों के तहत हर यूज़र अकाउंट को उसके सक्रिय और रजिस्टर्ड सिम कार्ड से लिंक करना अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और साइबर फ्रॉड पर अंकुश लगाने के लिए उठाया गया है।
क्या है ‘सिम-बाइंडिंग’ नियम?
‘सिम-बाइंडिंग’ एक सुरक्षा तंत्र है, जिसके तहत किसी भी मैसेजिंग ऐप पर बना अकाउंट उसी फिजिकल सिम कार्ड से जुड़ा रहेगा, जिससे उसका रजिस्ट्रेशन किया गया है। यदि वह सिम कार्ड डिवाइस में मौजूद और सक्रिय नहीं है, तो संबंधित ऐप की सेवाएं सीमित या बंद हो सकती हैं। सरल शब्दों में, अब आपका अकाउंट तभी पूरी तरह काम करेगा, जब वही सिम कार्ड आपके फोन में लगा होगा, जिससे आपने अकाउंट बनाया था।
सरकार का मानना है कि इससे हैकर्स और साइबर अपराधियों द्वारा किसी अन्य डिवाइस पर मोबाइल नंबर का दुरुपयोग करना कठिन हो जाएगा।
किन ऐप्स पर होगा प्रभाव?
सबसे अधिक असर लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp पर पड़ने की संभावना है। नए नियमों के अनुसार यदि रजिस्टर्ड सिम कार्ड फोन में मौजूद नहीं है, तो ऐप काम करना बंद कर सकता है। इसके अलावा WhatsApp Web का उपयोग करने वाले यूज़र्स को हर छह घंटे में ऑटो-लॉगआउट का सामना करना पड़ सकता है, जिसके बाद दोबारा QR कोड स्कैन करना होगा।
यह नियम केवल WhatsApp तक सीमित नहीं रहेगा। Telegram, Signal, Snapchat, ShareChat, JioChat, Arattai और Josh जैसे अन्य ओटीटी मैसेजिंग और सोशल प्लेटफॉर्म भी इसके दायरे में आएंगे।
दूरसंचार विभाग Department of Telecommunications (DoT) ने सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया है कि वे यूज़र्स के अकाउंट को सक्रिय सिम से लिंक करने की प्रक्रिया सुनिश्चित करें।m
सरकार का पक्ष: राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया है कि नवंबर 2025 में जारी सिम-बाइंडिंग संबंधी निर्देशों को सख्ती से लागू किया जाएगा और राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा।
सरकार के अनुसार हाल के वर्षों में डिजिटल और साइबर अपराधों—जैसे फर्जी कॉल सेंटर, फेक व्हाट्सऐप अकाउंट, ऑनलाइन ठगी और सिम स्वैपिंग—में तेजी आई है। सिम-बाइंडिंग के माध्यम से यदि अकाउंट सीधे सक्रिय और सत्यापित सिम से जुड़ा रहेगा, तो जांच एजेंसियों के लिए अपराधियों की पहचान और ट्रैकिंग करना आसान होगा।
किन यूज़र्स पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
यह नियम उन यूज़र्स के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है जो एक ही अकाउंट को कई डिवाइस पर इस्तेमाल करते हैं या बार-बार सिम बदलते रहते हैं। छोटे व्यवसायी, फ्रीलांसर और प्रोफेशनल्स, जो बड़े पैमाने पर WhatsApp Web या अन्य मैसेजिंग टूल्स पर निर्भर हैं, उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।
उद्योग संगठन Internet and Mobile Association of India (IAMAI) ने आशंका जताई है कि यह नियम छोटे डिजिटल कारोबारों के लिए व्यावहारिक चुनौतियां खड़ी कर सकता है। अनुमान है कि 60 से 80 प्रतिशत तक छोटे डिजिटल बिजनेस किसी न किसी रूप में प्रभावित हो सकते हैं।
तेलंगाना से छत्तीसगढ़ तक बदलते हालात, मुख्यधारा में लौटते माओवादी: CM रेवंत रेड्डी से देवजी समेत अन्य नक्सली नेताओं ने की औपचारिक मुलाकात
हैदराबाद। नक्सल प्रभावित इलाकों में माओवादी गतिविधियों पर सख्त सुरक्षा कार्रवाई के साथ-साथ पुनर्वास और संवाद की नीति अब जमीन पर असर दिखा रही है। तेलंगाना में शुक्रवार को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व माओवादी नेताओं की औपचारिक मुलाकात हुई। बैठक में देवजी, संग्राम, सुजाता, चंद्रन्ना, दामोदर और गगन्ना शामिल थे।
बैठक में माओवादियों के पुनर्वास, सुरक्षा और समाज की मुख्यधारा में वापसी पर चर्चा हुई। इस अवसर पर डीजीपी शिवधर रेड्डी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को सुरक्षित और सम्मानजनक ढंग से समाज में शामिल करने के लिए गंभीर है।
छत्तीसगढ़ से भी इसी दिशा में सकारात्मक संकेत मिले हैं। कल रायपुर पहुंचे 120 पुनर्वासित माओवादी ने विधानसभा की कार्यवाही का नजदीक से अवलोकन किया। इसका उद्देश्य उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया और शासन प्रणाली की समझ देना और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने में भरोसा मजबूत करना बताया गया।

गौरतलब है कि तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में सामने आई ये घटनाएं यह संकेत देती हैं कि सख्त सुरक्षा के साथ-साथ पुनर्वास और संवाद की नीति नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और स्थायित्व की दिशा में काम कर रही है। यह बदलाव स्थानीय समाज में सकारात्मक विश्वास पैदा करने और लंबे समय तक स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ सहित 37 सीटों पर राज्यसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, 16 मार्च को होगी वोटिंग, जानिए किन किन राज्यों में चुनाव
नई दिल्ली। देश की उच्च सदन राज्यसभा की 37 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए Election Commission of India ने बुधवार को तारीखों का ऐलान कर दिया। इन सीटों के लिए मतदान 16 मार्च 2026 को कराया जाएगा।
इन चुनावों में महाराष्ट्र की 7, तमिलनाडु की 6, पश्चिम बंगाल और बिहार की 5-5 सीटों सहित कई राज्यों की सीटें शामिल हैं। जिन प्रमुख नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें शरद पवार, रामदास अठावले, कणिमोझी, तिरुचि शिवा और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश जैसे नाम प्रमुख हैं। छत्तीसगढ़ में केटीएस तुलसी और फूलोदेवी नेताम का भी कार्यकाल खत्म हो रहा है।
चुनाव का पूरा कार्यक्रम
चुनाव आयोग द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार:
26 फरवरी 2026: अधिसूचना जारी
5 मार्च 2026: नामांकन की अंतिम तिथि
6 मार्च 2026: नामांकन पत्रों की जांच
9 मार्च 2026: नामांकन वापसी की अंतिम तिथि
16 मार्च 2026: मतदान (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक)
16 मार्च 2026: मतगणना (शाम 5 बजे से)
20 मार्च 2026: चुनाव प्रक्रिया पूर्ण।

किन राज्यों में कितनी सीटें
इस बार जिन राज्यों में चुनाव होंगे, उनमें प्रमुख रूप से:
महाराष्ट्र – 7 सीटें
तमिलनाडु – 6 सीटें
पश्चिम बंगाल – 5 सीटें
बिहार – 5 सीटें
ओडिशा – 4 सीटें
असम – 3 सीटें
छत्तीसगढ़ – 2 सीटें
हरियाणा – 2 सीटें
तेलंगाना – 2 सीटें
हिमाचल प्रदेश – 1 सीट
समाप्त हो रहा है इन सांसदों का कार्यकाल
विभिन्न राज्यों से कई सांसदों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है। इनमें महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना के सदस्य शामिल हैं।
इन चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। राज्यसभा चुनाव आम तौर पर विधानसभा में दलों की संख्या बल पर आधारित होते हैं, ऐसे में कई राज्यों में समीकरण दिलचस्प रहने की संभावना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनावों के नतीजे आगामी राष्ट्रीय राजनीति और सदन में दलों की ताकत पर महत्वपूर्ण असर डाल सकते हैं।
मिडिल क्लास को बजट में लगा झटका: टैक्स स्लैब जस के तस, 12.2 लाख करोड़ के विकास कार्यों और 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
नई दिल्ली।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण निर्मला सीतारमण रिकॉर्ड लगातर 9वीं बार बजट पेश किया। 85 मिनटे के भाषण में सीतारमण ने 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर और 3 आयुर्वेदिक एम्स, पूरे देश में 12.2 लाख करोड़ से डेवलपमेंट, महिला उद्यमियों के लिए She-Mart, मेगा टैक्सटाइल पार्क, बायोफार्मा के ग्लोबल हब समेत कई घोषणाएं की। हालांकि देश के मध्यवर्गीय नागरिकों को वित्त मंत्री ने झटका देते हुए इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है। लोगों को 13 लाख तक इनकम टैक्स फ्री होने की उम्मीद थी।


बजट 2026 की बड़ी घोषणाएं
- मालगाड़ी के लिए नया कॉरिडोर: पश्चिम बंगाल के डानकुनी के लिए एक नए फ्रेट कॉरिडोर का ऐलान किया गया है।
- इंफ्रा पर बड़ा खर्च: अगले वित्त वर्ष (2026-27) के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपए का कैपेक्स (पूंजीगत खर्च) तय किया गया है। यह पिछले साल के 11.2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है।
- रेयर अर्थ कॉरिडोर: केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में दुर्लभ खनिजों के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इसमें आंध्र प्रदेश को भी जोड़ा जाएगा ताकि खनिज संपन्न राज्यों को फायदा मिले।
- टेक्सटाइल सेक्टर: देश में बड़े टेक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे।
- दवाइयों के क्षेत्र में ‘शक्ति’: 10,000 करोड़ रुपए के निवेश के साथ ‘बायो-फार्मा शक्ति’ योजना शुरू होगी, जिसके तहत तीन नए संस्थान खुलेंगे।
- चिप मैन्युफैक्चरिंग: भारत अपना सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0 लॉन्च करेगा।

- इलेक्ट्रॉनिक्स पर जोर: मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स के कलपुर्जे बनाने के लिए बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है।
- विदेश यात्रा पैकेज अब सस्ते होंगे. वित्त मंत्री ने कहा कि विदेश यात्रा कार्यक्रम पैकेज की बिक्री पर TCS दर को 5 और 20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया जाएगा, बिना किसी राशि की शर्त के। इसी तरह, शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) में TCS दर 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत की जाएगी।
- कस्टम्स ड्यूटी में भी राहत दी गई है। 17 एंटी-कैंसर दवाओं और 7 अन्य दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को बेसिक कस्टम्स ड्यूटी से मुक्त रखा जाएगा। वहीं विदेशी नागरिक जो भारत में पांच साल तक रहते हैं, उनकी गैर-भारत आय पर टैक्स छूट मिलेगी।
- डेटा और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए भारत में क्लाउड कंपनियों के लिए 2047 तक टैक्स हॉलिडे की घोषणा की गई है। छोटे टैक्सपेयर्स के लिए नियम-आधारित ऑटोमेटेड प्रोसेस के जरिए लोअर या निल डिडक्शन सर्टिफिकेट उपलब्ध होगा और Form 15G/15H को डिपॉजिटरीज सीधे संबंधित कंपनियों तक पहुंचाएंगी।
- मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल द्वारा किसी व्यक्ति को दिए गए ब्याज पर कोई आयकर नहीं लगेगा और इस पर TDS भी नहीं कटेगा। नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा और टैक्स रिटर्न फाइलिंग की तारीख को 31 मार्च तक बढ़ा दिया गया है।
- मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देते हुए NIMHANS 2.0 की स्थापना की जाएगी, खासकर उत्तर भारत के लिए. किसानों के लिए बहुभाषी AI टूल लॉन्च किया जाएगा, जिससे उनकी कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश सीमा पर बर्ड वॉचिंग ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव रखा गया है।

ये चीजें होंगी सस्ती…
- बीड़ी
- जूते
- कपड़े निर्यात
- CNG
- विदेश यात्रा
- चमेड़े निर्यात
- बायोगैस
- अवन
- बैटरी
- 7 गंभीर बीमारियों की दवा
- शुगर की दवा
- मछुआरों के लिए निर्यात सस्ता
- विदेश में पढ़ाई करना

7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
• मुंबई-पुणे
• पुणे-हैदराबाद
• हैदराबाद-चेन्नई
• हैदराबाद-बेंगलुरु
• चेन्नई-बेंगलुरु
• दिल्ली-वाराणसी
• वाराणसी-सिलीगुड़ी

हर जिले में गर्ल हॉस्टल की सौगात
- हर जिले में एक गर्ल हॉस्टल बनाया जाएगा।
- विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति के गठन का प्रस्ताव।
- विद्युत वित्त निगम और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के पुनर्गठन का प्रस्ताव।
- विदेशी मुद्रा प्रबंधन नियमावली की होगी व्यापक समीक्षा।
- कॉरपोरेट बॉन्ड्स पर पूर्ण रिटर्न स्वैप शुरू करने का प्रस्ताव।
- बड़े शहरों में अधिक मूल्य के म्युनिसिपल बॉन्ड को बढ़ावा देने पर जोर।

पूर्वोत्तर के 5 राज्यों में बौद्ध सर्किट बनेंगे
- मेडिकल टूरिज्म – भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के तौर पर बढ़ावा देने के लिए, मैं राज्यों को देश में 5 रीजनल हब स्थापित करने में मदद करने के लिए एक योजना का प्रस्ताव करती हूं।
- इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर सेंटर –
- पूर्वोदय स्कीम – पूर्वोत्तर के 5 स्टेट में बौद्ध सर्किट – अरुणाचल, असम, सिक्किम, मिजोरम और त्रिपुरा में बनाया जाएगा।
- राज्यों को मदद – 16वें फाइनेंस कमीशन की रिकमंडेशन स्वीकार की गईं। राज्यों को ग्रामीण और शहरी निकायों के डेवलपमेंट के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान
- कर्ज को इकोनॉमी का 50 फीसदी के आसपास रखने का लक्ष्य – 2031 तक हासिल करेंगे।
- राजकोषीय घाटे को जीडीपी का 4.5 परसेंट से नीचे रखने का लक्ष्य

हाई क्वालिटी के आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट करेंगे
- युवाओं को करियर पाथवे उपलब्ध कराने के लिए स्कीम लाई जाएगी।
- अगले पांच साल में एक लाख स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल बनेंगे। 1.5 लाख केयर गिवर्स को ट्रेनिंग देंगे।
- भारतीय योग दुनियाभर में फैले, इसके लिए क्वालिटी आयुर्वेदिक प्रोडक्ट के एक्सपोर्ट को बढ़ावा देंगे।
- आयुर्वेद के तीन नए एम्स बनाए जाएंगे।
- आयुर्वेदिक दवाइयों की टेस्टिंग के नेशनल लैब्स बनाए जाएंगे।
- जामनगर में WHO ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर बनाया जाएगा।









अजित पवार का निधनः महाराष्ट्र के बारामती प्लेन क्रैश में सभी 5 यात्रियों की हुई मौत, चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे
बारामती। महराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का निधन हो गया है। वे 66 साल के थे। महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार प्लेन क्रैश में अजित पवार समेत सभी पांच लोगों की मौत हो गई है। डीजीसीए ने अजित पवार के देहांत की पुष्टि की है। पुणे जिला प्रशासन ने भी अजित पवार समेत सभी 5 लोगों की मौत की पुष्टि कर दी है। अजित पवार मुंबई से बारामती पहुंच रहे थे और उन्हें वहां जिला परिषद चुनाव से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेना था।
सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर ये हादसा हुआ। विमान पूरी तरह से जलकर खाक हो गया। डेड बॉडी को रिकवर कर हॉस्पिटल भेजा जा रहा है। ये अजित पवार का निजी विमान था. प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गई हैं और हालात का जायजा ले रही हैं।
सुप्रिया सुले, सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार दिल्ली से बारामती के लिए रवाना हो गए हैं। रवाना होने से पहले तीनों नेता इस समय शरद पवार के आवास पर एक साथ मौजूद हैं, जहां से उनके संयुक्त रूप से आगे की यात्रा कार्यक्रम की तैयारी की जा रही है।
मौके से सामने आई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि विमान में आग लगी है। तेज धुआं उठ रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि अजित पवार का विमान कहीं खेत में क्रैश हुआ है। पूरा विमान जलकर राख हो चुका है। वीडियो में क्रैश साइट्स की तस्वीर में विमान के चीथरे उड़ गए हैं। कहा जा रहा है कि डिप्टी सीएम अजित पवार बारामती किसी चुनाव प्रचार के लिए जा रहे थे, जब रास्ते में यह हादसा हो गया।
क्रैश लैंडिंग के कारण अज्ञात
हादसा क्रैश लैंडिंग के कारण हुआ या फिर किसी तकनीकी खराबी की वजह से, इस पर भी अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। एनसीपी नेता माजिद मेमन ने भी पुष्टि की है कि अजित पवार को बारामती पहुंचना था। हादसे के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग क्रैश साइट पर जमा हो गए हैं। इसमें NCP के कार्यकर्ता रोते नजर आ रहे हैं। मलबे से बॉडीज को रिकवर कर हॉस्पिटल ले जाया जा रहा है।
कई चुनाव प्रचार में शामिल होने वाले थे
डिप्टी सीएम अजित पवार अपने सुरक्षा कर्मियों और स्टाफ के साथ सुबह करीब 7 बजे मुंबई से 8-सीटर चार्टर्ड विमान से रवाना हुए थे। उनके कार्यक्रम में निरावगाज (10 बजे), पंढरे (12 बजे), करंजेपुल (3 बजे) और सुपा (5:30 बजे) में बैठकें शामिल थीं। हादसा इन कार्यक्रमों के शुरू होने से कुछ समय पहले हुआ।
राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ के कलाकारों का सम्मान: गणतंत्र दिवस झांकी दल से द्रौपदी मुर्मु की मुलाकात, जनजातीय कला की सराहना
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी में शामिल कलाकारों को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का गौरव प्राप्त हुआ। राष्ट्रपति से स्नेहपूर्ण मुलाकात के दौरान कलाकार भावविभोर और अभिभूत नजर आए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ की झांकी की प्रशंसा करते हुए कहा कि झांकी के माध्यम से देश की समृद्ध जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ है। उन्होंने कलाकारों के समर्पण, मेहनत और जीवंत प्रस्तुति की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया भी कहा।
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से आए जनजातीय कलाकारों ने गणतंत्र दिवस परेड के दौरान छत्तीसगढ़ की झांकी के साथ पारंपरिक मंदार नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी थी, जिसने कर्तव्य पथ पर मौजूद दर्शकों के साथ-साथ देश-दुनिया का ध्यान आकर्षित किया।
कलाकारों ने राष्ट्रपति से मुलाकात को अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें अपनी कला, संस्कृति और परंपराओं को और अधिक निष्ठा के साथ आगे बढ़ाने की नई प्रेरणा देगा।
राष्ट्रपति से मुलाकात करने वालों में टीम लीडर तेज बहादुर भुवाल के नेतृत्व में नारायणपुर जिले के ग्राम नयनार से आए 13 सदस्यीय दल में जेनू राम सलाम, लच्छू राम, जैतू राम सलाम, राजीम सलाम, दिनेश करंगा, जयनाथ सलाम, मानसिंग करंगा, चन्द्रशेखर पोटाई, धनश्याम सलाम, जगनाथ सलाम, सुरेश सलाम तथा घोड़लापारा, ग्राम नयनार निवासी दिलीप गोटा शामिल रहे।
उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल की इस पारंपरिक कला टोली ने अपनी लोक-संस्कृति और नृत्य शैली से राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।
राउरकेला में इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान विमान क्रैश, 6 घायल
राउरकेला। ओडिशा के राउरकेला में शनिवार को एक छोटा यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. यह विमान इंडियावन एयर का था और भुवनेश्वर से राउरकेला जा रहा था. विमान में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें चार यात्री और दो पायलट शामिल थे. उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद, करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर विमान हादसे का शिकार हो गया.
हादसे में सभी छह लोग घायल हो गए. सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और सभी को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया. डॉक्टरों के मुताबिक सभी की हालत स्थिर है.
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पायलट ने आपातकालीन लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन विमान जाल्दा इलाके के पास गिर गया. विमान को राउरकेला एयरपोर्ट पर दोपहर 1:15 बजे उतरना था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंच सका.
फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है. इस घटना के बाद छोटे रूट की उड़ानों की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं.
मनरेगा का नाम बदलना, नोटबंदी जैसा विनाशकारी फैसला- राहुल गांधी
नई दिल्ली। मनरेगा का नाम बदलकर VB G RAM G करने का विरोध कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर करेगी. 5 जनवरी से देशभर में अभियान चलाया जाएगा. यह जानकारी शनिवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दी. उन्होंने कहा- मोदी को गांधी सरनेम से दिक्कत है, इसलिए मनरेगा का नाम बदला गया. दिल्ली के कोटला मार्ग स्थित नए कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में शनिवार को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई. बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने इस फैसले की तुलना नोटबंदी से कर दी.
मोदी वन मैन शो चला रहे है
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा- मनरेगा का नाम बदलने का फैसला कैबिनेट और राज्यों से बिना पूछे ही ये फैसला लिया गया है। मोदी वन मैन शो चला रहे है, मोदी जी जो करना चाहते हैं करते हैं. इसका पूरा फायदा 2-3 अरबतियों को मिल रहा है. इसका नुकसान ग्रामीण इलाकों को हो रहा है.
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पार्टी ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि MNREGA को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का पूरी ताकत से विरोध किया जाएगा. उन्होंने बताया कि CWC बैठक में नेताओं ने शपथ ली है कि इस कानून को बचाने के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष किया जाएगा.
खड़गे ने कहा, “MNREGA सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि संविधान द्वारा दिया गया काम का अधिकार है. कोविड काल में इस योजना ने करोड़ों लोगों को रोज़गार और आजीविका दी. अगर MNREGA नहीं होता, तो लाखों लोगों की जान जा सकती थी. यह योजना पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की दूरदर्शिता का परिणाम है और संसद में CAG समेत कई एजेंसियों ने इसकी प्रभावशीलता को स्वीकार किया है.” राहुल गांधी ने MNREGA का नाम बदलने के फैसले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, “यह फैसला सीधे PMO से लिया गया है. संबंधित मंत्री से भी कोई चर्चा नहीं की गई. यह संघीय ढांचे पर हमला है.”
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्यों से उनका पैसा और निर्णय लेने का अधिकार छीन रही है, जिससे सत्ता का केंद्रीकरण हो रहा है. उन्होंने कहा, “MNREGA एक अधिकार आधारित विकास मॉडल था, जिसकी दुनिया भर में सराहना हुई. इसे प्रधानमंत्री ने अकेले दम पर खत्म कर दिया, ठीक वैसे ही जैसे नोटबंदी की गई थी.” उन्होंने आरोप लगाया कि MNREGA को कमजोर करने का मकसद गरीबों से पैसा छीनकर बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाना है. उन्होंने कहा, “इस फैसले से आदिवासी, दलित, ओबीसी, अल्पसंख्यक और गरीब सामान्य वर्ग को भारी नुकसान होगा, जबकि इसका पूरा फायदा अरबपतियों को मिलेगा.”
विपक्ष को साथ लाने का दावा
राहुल गांधी ने भरोसा जताया कि इस मुद्दे पर पूरा विपक्ष एकजुट होगा. उन्होंने कहा, “हम इसका विरोध करेंगे, लड़ेंगे और मुझे पूरा विश्वास है कि पूरा विपक्ष इस कदम के खिलाफ खड़ा होगा.” प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में खड़गे ने दोहराया कि कांग्रेस महात्मा गांधी के नाम और MNREGA के मूल स्वरूप से किसी भी छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं करेगी और लोकतांत्रिक तरीके से हर साजिश का मुकाबला करेगी.
अंडमान-निकोबार में पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और नेट ज़ीरो पहल की समीक्षा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने दिए अहम निर्देश
रायपुर/स्वराज द्वीप। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता, संसदीय स्थायी समिति (प्राक्कलन) के सदस्य बृजमोहन अग्रवाल शुक्रवार को समिति के अध्ययन दौरे पर अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के स्वराज द्वीप (हैवलॉक) पहुंचे।
इस दौरान पत्तन, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के प्रतिनिधियों, अंडमान-निकोबार प्रशासन तथा प्रमुख स्टेकहोल्डर्स के साथ आयोजित बैठक में उन्होंने देश में पोर्ट नेटवर्क से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर विकास एवं कनेक्टिविटी की गहन समीक्षा की। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने द्वीपों की भौगोलिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक, सुरक्षित और टिकाऊ पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि द्वीप समूह में पुरानी जेट्टियों के पुनर्निर्माण और पोर्ट विस्तार हेतु केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत ₹620 करोड़ की परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए, ताकि समुद्री संपर्क सुदृढ़ हो, पर्यटन एवं व्यापार को गति मिले और ब्लू इकोनॉमी को नई दिशा मिले।
इसके पश्चात सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, तेल क्षेत्र के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (PSUs), ONGC तथा स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधियों के साथ “पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा नेट ज़ीरो पहल” की समीक्षा की। इस अवसर पर पीएसयू प्रतिनिधियों ने अपने ऑपरेशन्स को डी-कार्बनाइज़ करने के रोडमैप पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के 2070 तक नेट ज़ीरो लक्ष्य की प्राप्ति में ऊर्जा क्षेत्र की भूमिका निर्णायक होगी और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम सतत विकास के आदर्श स्थापित करेंगे।
उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार की दूरदर्शी नीतियों के चलते अंडमान-निकोबार जैसे रणनीतिक द्वीपों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा, जिससे क्षेत्रीय प्रगति, राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
DigiLocker यूजर्स हो जाएं सावधान, नकली ऐप से हो सकती है पहचान और बैंकिंग जानकारी चोरी
नई दिल्ली। अगर आप भी DigiLocker App का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारत सरकार द्वारा जारी यह भरोसेमंद डिजिटल वॉलेट ऐप लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस, RC, आधार, PAN, मार्कशीट जैसे अहम और संवेदनशील दस्तावेज सुरक्षित रखने की सुविधा देता है।
लेकिन हाल के दिनों में Fake DigiLocker App Scam तेजी से बढ़ रहा है। साइबर अपराधी बिल्कुल असली DigiLocker जैसा दिखने वाला फर्जी ऐप बनाकर लोगों की पर्सनल डिटेल्स, पहचान और बैंकिंग जानकारी चुरा रहे हैं।
MeitY ने जारी की चेतावनी
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने हाल ही में चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि Google Play Store पर कई नकली DigiLocker ऐप मौजूद हैं, जिनका मकसद सिर्फ और सिर्फ साइबर धोखाधड़ी है।
फर्जी DigiLocker ऐप से क्या-क्या खतरे हो सकते हैं?
Fake DigiLocker App डाउनलोड करने से यूजर्स को कई बड़े जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है—
आइडेंटिटी चोरी: आधार, PAN और अन्य ID स्कैमर्स के हाथ लग सकती हैं
UPI और नेट बैंकिंग फ्रॉड का खतरा
मोबाइल में मालवेयर इंस्टॉल हो सकता है
आपके नाम पर फर्जी लोन या सिम कार्ड जारी हो सकता है
चुराया गया डेटा डार्क वेब पर बेचा जा सकता है
कैसे पहचानें असली DigiLocker ऐप?
ऐप का डेवलपर नाम जरूर चेक करें
असली ऐप का डेवलपर होता है:
National e-Governance Division (NeGD) या Government of India
किसी और नाम से बना ऐप 100% फर्जी है
सिर्फ ऑफिशियल वेबसाइट या Google Play Store से ही ऐप डाउनलोड करें
असली ऐप के डाउनलोड लाखों से करोड़ों में होते हैं।
अगर फर्जी DigiLocker ऐप इंस्टॉल हो जाए तो क्या करें?
तुरंत ऐप को Uninstall करें
चेक करें कि ऐप ने कैमरा, मैसेज, स्टोरेज, माइक्रोफोन जैसी परमिशन तो नहीं ली
DigiLocker, आधार, बैंकिंग, ईमेल सभी के पासवर्ड बदलें
फोन को अच्छे एंटी-मालवेयर से स्कैन करें
किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर
www.cybercrime.gov.in या हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें
Fake DigiLocker Scam से कैसे बचें?
ऐप डाउनलोड करने से पहले रिव्यू और डेवलपर जरूर जांचें
गैर-जरूरी Permissions कभी न दें
फोन और ऐप्स को समय-समय पर Update रखें
थर्ड-पार्टी ऐप्स में डॉक्यूमेंट अपलोड करने से बचें
किसी भी SMS, ईमेल या WhatsApp लिंक पर क्लिक करने से पहले जांच करें
सभी जरूरी अकाउंट्स पर Two-Factor Authentication (2FA) ऑन रखें
हिंसा से मुक्त और सुरक्षित–समृद्ध बस्तर हमारा संकल्प : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर को हिंसा से मुक्त कर शांति, विकास और विश्वास के मार्ग पर आगे बढ़ाना राज्य सरकार का दृढ़ संकल्प है। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जिला सुकमा के गोंदीगुड़ा क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा की गई सटीक, साहसिक और सफल कार्रवाई ने माओवादी नेटवर्क को करारा झटका दिया है। यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि बस्तर में हिंसा के दिन अब समाप्ति की ओर हैं और बस्तर तेज़ी से विकास तथा मुख्यधारा की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ नेतृत्व एवं स्पष्ट नीति, सुरक्षा बलों की सतत और प्रभावी कार्रवाई, राज्य सरकार की संवेदनशील पुनर्वास नीति तथा स्थानीय जनता के अटूट सहयोग से बस्तर में निर्णायक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। माओवाद की संरचना लगातार कमजोर हो रही है और उनकी हिंसक साजिशें अब प्रभावहीन होती जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संदेश है—जो लोग हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ना चाहते हैं, उनके लिए पुनर्वास, आजीविका, सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य सरकार ऐसे सभी लोगों के साथ मानवीय दृष्टिकोण से खड़ी है। वहीं, जो अब भी हथियार और भय के रास्ते को नहीं छोड़ेंगे, उनके प्रति सरकार की कोई सहानुभूति नहीं होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि शांति, विकास और जनभागीदारी के संयुक्त प्रयासों से बस्तर एक सुरक्षित, समृद्ध और उज्ज्वल भविष्य की ओर तेजी से अग्रसर होगा।
लोकसभा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल का ऐतिहासिक और दूरदर्शी संबोधन “जी राम जी” विधेयक पर रखा सरकार का पक्ष, बताया ग्रामीण भारत के नवयुग की नींव
नई दिल्ली/रायपुर। लोकसभा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने "जी राम जी" विधेयक पर प्रथम वक्ता के रूप में चर्चा की शुरुआत करते कर इसे ग्रामीण भारत के नवयुग की नींव बताया।
बृजमोहन अग्रवाल ने अपने ओजस्वी भाषण में स्पष्ट किया कि, इस देश के इतिहास में पहली बार। एक ऐसा बिल लाया गया है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ताकत देगा, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगा, भारत के गांवों को स्वावलंबी बनाएगा, भारत के गांवों को बेरोजगारी से मुक्त करेगा, भारत के गांवों को साधन युक्त, सिंचाई से युक्त, संसाधन युक्त करेगा। भारत के गांवों में सड़क, पानी, बिजली मिलेगी विकसित और सर्व सुविधा युक्त बनेंगे।
उन्होंने कहा कि जहां मनरेगा ने 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी थी, वहीं नया विधेयक 125 दिनों के रोजगार, समयबद्ध कार्य-प्रदान, बेरोजगारी भत्ता, डिजिटल मस्टर रोल और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण की गारंटी देता है—जो ग्रामीण भारत में पारदर्शिता, जवाबदेही और विकास का नया अध्याय लिखेगा।
अपने संबोधन में श्री अग्रवाल ने गांधी जी भी राम का नाम लिया करते थे और हमारे गांव, गांव में लोग राम राज्य की कल्पना करते हैं। उसी राम राज्य को लाने के लिए।
यह विधेयक लाया गया है गांधी जी के सपनों को पूरा करने के लिए।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि, काँग्रेस तो गांधी जी का केवल नाम लेते हैं उनको ब्रांड के रूप में उपयोग करते हैं। अगर गांधी जी के सपनों को साकार करने का काम कोई कर रहा है तो यह नरेंद्र मोदी जी की सरकार कर रही है।
यह जी राम जी विधेयक गाँधी जी के ग्राम-स्वराज की अवधारणा को सशक्त करते हुए उनके सपनों को साकार करने वाला है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि यदि किसी सरकार ने गांधी जी के विचारों को जमीन पर उतारा है, तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार है।
जो प्रभु श्री राम जी चाहते हैं "विकसित भारत के साथ विकसित गांव बने":बृजमोहन अग्रवाल
सांसद बृजमोहन ने कहा कि, जो राम जी चाहते हैं वैसा होता है। पाँच सौ साल तक प्रभु राम जी का मंदिर नहीं बना था। प्रभु राम जी ने जब चाहा तो राम जी का मंदिर बन गया। अब प्रभु राम जी चाहते हैं कि गांव का विकास हो। प्रभु राम जी चाहते हैं कि विकसित भारत के साथ, साथ में विकसित गांव बने। इसीलिए सरकार ये विधायक लेकर आयी है।
उन्होंने कहा कि, 'जी राम जी' का अर्थ बताया
V – विकसित | B – भारत | G – गारंटी | R – रोजगार | A – आजीविका | M – मिशन
और कहा कि यह योजना राम राज्य की भावना के अनुरूप, गांवों में न्याय, रोजगार और समृद्धि सुनिश्चित करेगी।
यह आजीविका की सुरक्षा की गारंटी देगा। इसके तहत पंद्रह दिन के अंदर में सरकार को रोजगार देना पड़ेगा। अगर रोजगार नहीं मिलेगा तो उनको बेरोजगारी भत्ता देना पड़ेगा। डिजिटल तकनीकी के माध्यम से शासन की जवाबदेही तय होगी।
कांग्रेस काल में पहले गड्ढे खोदते थे। गड्ढे भर देते थे। क्या निर्माण का काम हुआ? इसके बारे में कोई जानकारी नहीं होती थी। उसमें कितना भ्रष्टाचार हुआ, कितनी जांचें हुई, कितने लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई? मनरेगा को खाली कांग्रेस ने अपने जेब भरने का साधन बना लिया था।
फर्जी मस्टर रोल का साधन बना लिया था। आज उसमें सुधार करने का काम हमारे शिवराज सिंह चौहान कर रहे हैं।
पहले फर्जी हाजिरी के रजिस्टर होते थे और फर्जी हाजिरी के रजिस्टर को समाप्त कर कर डिजिटल मस्टर रोल बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ हो रही है। जो फर्जीवाड़े पर रोक लगाते हुए डिजिटल शासन के माध्यम से भ्रष्टाचारमुक्त ग्रामीण विकास सुनिश्चित करेगा। मोदी के नेतृत्व में सरकार ने ग्रामीण परिवेश को मजबूत करने का काम कर रही है। प्रधानमंत्री आवास, गैस के कनेक्शन, 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज, रूफटॉप सौर ऊर्जा, घर घर नल जल योजना चला रही है।
"राहुल गांधी जी को तनख़्वाह के बदले जलेबी" : बृजमोहन अग्रवाल
सांसद ब्रजमोहन ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 1977–78 में इन्होंने एक ऐसा बड़ा काम किया, जिसकी पूरे देश में आलोचना हुई। उस समय काम के बदले अनाज देने की योजना लाई गई। देश के प्रख्यात अर्थशास्त्री अमृतसेन ने तब कहा था कि गाँव के लोग दवाई के बदले अनाज क्या करेंगे? उन्हें इलाज के लिए दवाइयाँ चाहिए होंगी, वे इलाज कैसे करवा पाएँगे?
उन्होंने सवाल किया कि, कहा राहुल गांधी को तो हरियाणा की जलेबी पसंद है क्या उनकी तनख़्वाह भी जलेबी के रूप में दी का सकती है। जनता को काम के बदले अनाज देकर उनके रोज़गार छीनने का काम किया? आपने उनकी अर्थव्यवस्था को ठप कर दिया था।
रोज़गार गारंटी “जी राम जी” योजना लागू होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था अत्यंत मजबूत होगी सांसद बृजमोहन
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, योजना के अंतर्गत गांवों में बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विकास होगा। गांवों में सड़कें बनेंगी, बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, पेयजल की व्यवस्था होगी, पंचायत भवनों का निर्माण होगा तथा स्कूल भवन विकसित किए जाएंगे। अब यह कार्य योजनाबद्ध तरीके से पूरे किए जा सकेंगे।
इस योजना के माध्यम से राज्यों पर यह बाध्यता होगी कि वे ग्रामीण विकास के लिए अपना निर्धारित हिस्सा दें। केंद्र सरकार 60 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिससे राज्य और केंद्र दोनों की सहभागिता से गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि, वर्तमान समय में शहरों की अर्थव्यवस्था और यातायात व्यवस्था पर अत्यधिक दबाव बढ़ गया है। रोजगार की तलाश में बड़ी संख्या में लोग गांवों से शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं।उन्होंने यह भी बताया कि, खेती के लिए आवश्यक सुविधाएं, संसाधन और रोजगार उपलब्ध होंगे, तो ग्रामीण अपने ही गांव में रहकर आजीविका कमा सकेंगे। इससे न केवल ग्रामीण विकास होगा, बल्कि शहरी क्षेत्रों पर बढ़ते दबाव में भी कमी आएगी। यह विधेयक कृषि कार्यों के साथ तालमेल, पलायन पर रोक, स्थानीय रोजगार, जल-संरक्षण, सड़क-पानी-बिजली और आपदा-प्रबंधन क्षमता को सुदृढ़ करेगा—जिससे गांव शहरों पर निर्भर नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनेंगे।
पहले रोजगार गारंटी योजना के लिए 30,000 करोड़ से 40,000 करोड़ मिलते थे। अभी मोदी जी की सरकार आने के बाद 60,000 करोड़ से लेकर 90,000 करोड़ तक मिल रहे हैं। अब आने वाले समय में डेढ़ लाख करोड़ रुपए ग्रामीण अर्थव्यवस्था में खर्च होंगे। डेढ़ लाख करोड़ रुपए इन डेढ़ लाख करोड़ रुपए के माध्यम से गांव का विकास होगा।
भारत के खाद्यान्न उत्पादन को बढ़ाने के लिए हमारे किसान परेशान होते थे कि खेती के समय पर उनको मजदूर नहीं मिलते थे। अब राज्य सरकार 60 दिनों का समय खेती के लिए तय कर सकती है और उन खेती के दिनों में यह रोजगार गारंटी के काम नहीं खोले जाएंगे। खेती के लिए मजदूर मिलेंगे। हमारे खेती को प्रोत्साहन मिलेगा।
"जी राम जी" में सनातन धर्म और हिंदुत्व की भावना समाहित, राम के नाम से भ्रष्टाचार करने लगेगा डर:सांसद ब्रजमोहन *
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, इस जी राम जी विधेयक के लिए प्रधानमंत्री तथा माननीय शिवराज सिंह चौहान जी को हार्दिक बधाई और धन्यवाद देता हूँ। उन्होंने एक ऐतिहासिक विधेयक प्रस्तुत किया है, जिसमें पूरे सनातन धर्म और हिंदुत्व की भावना समाहित है। जी राम जी का नाम स्वतः ही जन-जन के मन में आकर स्थापित हो गया है।
इस विधेयक के माध्यम से जब जी राम जी का नाम लिया जाएगा, तो भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, गलत कार्य रुकेंगे और गाँवों की अर्थव्यवस्था सशक्त होगी। यह विधेयक ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। छत्तीसगढ़ का विकास भी और अधिक गति पकड़ेगा, क्योंकि प्रभु श्रीराम छत्तीसगढ़ के भांजे माने जाते हैं और यह प्रदेश उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर होगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस ऐतिहासिक और युगांतरकारी विधेयक के लिए हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह कानून गांवों में समृद्धि, स्वाभिमान और अवसरों का नया सूर्योदय करेगा।