राजनीति
पुत्र चैतन्य की गिरफ्तारी पर पूर्व सीएम ने कसा तंज, कहा- इनके दिमाग में बसा हुआ है भूपेश बघेल का डर…
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्योहार हरेली तिहार के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास पर पूरे पारंपरिक अंदाज में त्योहार मनाया। उन्होंने कृषि उपकरणों की पूजा की और गेड़ी चढ़कर प्रदेशवासियों को हरेली की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उनका पूरा परिवार भी शामिल रहा।
भूपेश बघेल ने कार्यक्रम के दौरान जनता को संबोधित करते हुए अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि “मेरे बेटे चैतन्य बघेल को तीन महीने पहले गिरफ्तार नहीं किया। उसे नोटिस तक नहीं दिया गया, उसके जन्मदिन के दिन गिरफ्तार किया गया। मैं अडानी के खिलाफ बोला तो बदले में मेरे बेटे को जेल भेज दिया गया। यह सब राजनीतिक साजिश है।”
उन्होंने आगे कहा –
“हम अंग्रेजों के खिलाफ लड़े हैं, हमारे पूर्वज स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। मेरे बाबूजी कहते थे – जेल हमारा दूसरा घर है। हमें लड़ना है तो हिम्मत और रणनीति से लड़ना होगा, रो-रो कर नहीं। मोदी ने मेरे बेटे को जेल भेजा है, अब उनकी सरकार जाएगी।”
गोठान पर भी साधा निशाना
हरेली के मौके पर गोठानों को लेकर भी भूपेश बघेल ने मौजूदा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “बीजेपी एक तरफ गाय पर राजनीति करती है, वहीं दूसरी ओर गोठानों को बंद करने में जुटी है। गाँव के लोग अब भी कहते हैं कि गोठान के लिए सुरक्षित की गई 5 एकड़ जमीन ही असली बचाव है।”
उन्होंने यह भी बताया कि स्वसहायता समूह की महिलाएं उनसे मिलने आई थीं और उन्हें बताया कि उन्हें गोठान की ज़मीन खाली करने का नोटिस दिया गया है। “अब वहाँ सामुदायिक भवन बनाने की बात कही जा रही है। यह सीधे-सीधे महिला समूहों के काम में बाधा डालने जैसा है,” उन्होंने कहा।
पारंपरिक रंग में दिखे भूपेश
हरेली के अवसर पर भूपेश बघेल गेड़ी चढ़ते नजर आए और ग्रामीण संस्कृति को जीवंत किया। उन्होंने कहा कि “हरेली केवल त्योहार नहीं, हमारी पहचान और कृषि परंपरा का उत्सव है। इसे जीवित रखना हमारी जिम्मेदारी है।”
कोल ब्लॉक आवंटन पर कांग्रेस का भाजपा पर तीखा हमला: “अडानी का साथ दे रहे हैं केदार कश्यप, जंगल कटाई पर चुप क्यों?”
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोल ब्लॉक आवंटन और हसदेव अरण्य की जंगल कटाई को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आज प्रेस वार्ता में केंद्र की मोदी सरकार और राज्य के भाजपा नेताओं पर तीखा हमला बोला।
दीपक बैज ने स्पष्ट कहा कि “राजस्थान को कोयला खनन की अनुमति 2015 और 2022 में केंद्र सरकार ने दी। परसा ईस्ट और कांता बासन (PEKB) कोल ब्लॉक और परसा कोल ब्लॉक – दोनों छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य क्षेत्र में आते हैं और इन्हें राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को सौंपा गया।”
उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और विधि मंत्री अरुण साव क्यों नहीं आए। बैज ने आरोप लगाया, “अरुण साव को पता है कि कोल ब्लॉक आवंटन केंद्र सरकार का अधिकार है, इसलिए उन्होंने प्रेस वार्ता से दूरी बनाई ताकि उन्हें झूठ बोलने की नौबत न आए।”
दीपक बैज ने मंत्री केदार कश्यप पर भी निशाना साधा और कहा कि “एक आदिवासी मंत्री होने के बावजूद केदार कश्यप हसदेव और तमनार में जंगलों की कटाई पर चुप हैं। जब कांग्रेस आदिवासियों के हक में आवाज उठा रही है, तब केदार कश्यप अडानी का बचाव कर रहे हैं। पूरा आदिवासी समाज यह देख रहा है कि केदार कश्यप किसके साथ खड़े हैं – जनता के या अडानी के?”
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने हसदेव क्षेत्र की कटाई रोकने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से कोल खदान आवंटन रद्द करने की मांग की थी। “लेकिन भाजपा के सांसद और विधायक तब भी अडानी के बचाव में खड़े थे, ना कि छत्तीसगढ़ की जनता के पक्ष में,” उन्होंने कहा।
दीपक बैज ने दावा किया कि “भाजपा की राजस्थान सरकार को कोल खनन की अनुमति देने के बाद खुद राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया था। इससे साफ है कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारें मिलकर छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को लूटने में लगी हैं।”
अंत में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि “कांग्रेस आर्थिक नाकेबंदी के माध्यम से इस लूट को रोकेगी। जंगल, जमीन और आदिवासी अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रहेगी। भाजपा झूठ बोलकर अपने छत्तीसगढ़ और आदिवासी विरोधी चेहरे को छिपा नहीं सकती।”
यह सियासी जंग अब पर्यावरण, खनिज संसाधन और आदिवासी अधिकारों को लेकर निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। जनता की अदालत में किसकी बात ज्यादा असर करेगी, यह आने वाले वक्त में साफ होगा।
आर्थिक नाकेबंदी के ऐलान पर मंत्री केदार कश्यप ने कसा तंज, कहा- कांग्रेस ने तो प्रदेश का धन गांधी परिवार के लिए अधिग्रहित कर लिया था…
रायपुर। कांग्रेस की 22 जुलाई को प्रदेश में आर्थिक नाकेबंदी के ऐलान पर मंत्री केदार कश्यप ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तो प्रदेश का धन गांधी परिवार के लिए अधिग्रहित कर लिया था. पहले उस बात को स्पष्ट करें, तब आर्थिक नाकेबंदी की बात करें. जनता ने जो कांग्रेस को रास्ता दिखाया है, आने वाले समय में उससे बदतर रास्ता दिखाएगी.
मंत्री केदार कश्याप ने ईडी की कार्रवाई को लेकर कहा कि पहले भी इसकी जांच चल रही थी. बहुत से लोग संदेह के घेरे में हैं. सवाल-जवाब हो रहे थे. इस पर कुछ मामले स्पष्ट होने चाहिए. उसको स्पष्ट करने की कोशिश ईडी कर रही है.
वहीं नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के हमारी एकता को खंडित करने की कोशिश वाले बयान पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि भाजपा ने कभी किसी की एकता को खंडित करने की कोशिश नहीं की. कांग्रेस का इतिहास रहा वह खुद आपस में फूट डालकर अलग-अलग अपना नेतृत्व खड़ा करते हैं. एक दल बनाकर प्रस्तुत करते हैं. बीजेपी जब पैदा नहीं हुई थी, तब से ऐसा चल रहा है.
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के धोखा देकर सत्ता में आने वाले बयान पर केदार कश्यप ने कहा कि धोखे से तो वह आए थे. 15 साल बीजेपी की सरकार रही, उसके बाद यह धोखे से सरकार में आए, और वह चले गए. वो इस मुगालते में रहे गए कि वो राज्य के सर्वेसर्वा हैं जनता से उसका कोई सरोकार नहीं, लेकिन जनता ने उन्हें रास्ता दिखा दिया.
भूपेश बघेल के बयान पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का पलटवार, कहा-
रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद आए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि ईडी केंद्रीय संस्था है. पूर्व में जो भ्रष्टाचार हुआ था, उस पर ईडी काम कर रही है.
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विधानसभा के अंतिम सत्र से पहले मीडिया से चर्चा में ईडी को लेकर भूपेश बघेल के बयान पर कहा कि ED की अपनी जांच है, शराब घोटाला यहां हुआ था, यहां का कॉन्सेप्ट अन्य प्रदेशों में भी पहुंचाया गया था, दिल्ली -झारखंड. हम जानते हैं. ऐसा ही कुछ मामला हुआ होगा, जिससे ईडी आई है.
ईडी को लेकर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि देश की बड़ी संस्थाओं के बारे में इस तरह की बयानबाजी से देश का तंत्र कमजोर होता है. (भूपेश बघेल) वो दिन याद कर लें जब इलेक्शन कमीशन से इन्होंने क्या-क्या काम कराए थे. वो दिन याद कर लें 1975 का, जब आपातकाल लगा था. वो दिन याद कर लें, जब इलेक्शन कमीशन को कोई जानता नहीं था. आज आप इलेक्शन कमीशन की बात कर रहे हैं. आज संवैधानिक तौर पर इलेक्शन कमीशन काम कर रहा है.
विपक्ष के शराब घोटाले को सदन में उठाए जाने पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि विपक्ष कोई भी सवाल उठा ले. विष्णु देव सरकार में विपक्ष के किसी भी तार्किक विषय पर विरोध का स्वागत है.
बता दें कि ईडी के छापे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा था कि आज मेरे बेटे का जन्मदिन है. पिछले साल मेरे जन्मदिन पर ईडी भेजा गया था. आज तो विधानसभा में अडानी का मामला उठना है, और अपने मालिक को खुश करने के लिए मोदी और शाह ने ईडी को मेरे घर भेज दिया है
राज्यपाल, कलेक्टर और ननकी राम की तस्वीर पर जारी है सियासत, बघेल और बैज की तीखी प्रतिक्रिया
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों एक तस्वीर को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। इस तस्वीर में राज्यपाल के बगल में कलेक्टर अजीत वसंत बैठे नजर आ रहे हैं, जबकि वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर खड़े दिख रहे हैं। जब इस तस्वीर पर सवाल उठाते हुए पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर टिप्पणी की तो उसे डिलीट करने कलेक्टर अजीत वसंत ने उन्हें नोटिस जारी किया। अब इसपर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पीसीसी चीफ दीपक बैज और खुद ननकीराम कंवर भी मैदान में उतर आए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि अगर अधिकारी प्रशासन की जगह “मुखिया जी” का निजी “कलेक्टर” है तो उसको अधिकार मिल जाता है कि वह महामहिम के बराबर बैठ सकता है, “मुखिया जी” के ही दल के वरिष्ठतम नेता को अपने सामने खड़ा रख सकता है और इसकी आलोचना करने पर किसी को भी “नोटिस” भेज सकता है. क्षीर सागर की शैया पर बस “धन” के छींटे पड़ते रहें तो “मुखिया जी” को न अपने दल की चिंता और न महामहिम के पद की गरिमा की।
दीपक बैज ने भी जताया ऐतराज
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि यह कितना दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिले के कलेक्टर महामहिम राज्यपाल के बराबर में बैठते हैं। स्वयं राज्यपाल को उन्हें टोकना पड़ता है। एक सर्वमान्य सीनियर आदिवासी नेता ननकीराम कंवर जी को अपने सामने खड़ा रखते हैं और इस पर प्रतिक्रिया देने पर प्रदेश के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को प्रतिक्रिया वापस लेने निर्देश पत्र जारी कर देते हैं। क्या राज्यपाल के जिलों के दौरे से भाजपा इतनी क्षुब्ध हो गई कि इशारों इशारों में राज्यपाल की गरिमा से छेड़छाड़ कर रही है? पूर्व मंत्री और भाजपा के सीनियर आदिवासी नेता ननकी राम कंवर ने इस सरकार की पोल खोलकर रख दी है, सुनिए केदार कश्यप ये हाल है प्रदेश में आदिवासी नेताओं का तो आदिवासियों का क्या हाल होगा? कहीं इन सबके पीछे आपका हाथ तो नहीं..? यह भी जांच का विषय है।
ननकीराम कंवर का भी बयान आया सामने
इस पूरे विवाद पर खुद ननकीराम कंवर ने भी बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वे राज्यपाल को ज्ञापन देने गए थे। राज्यपाल के आने के बाद कलेक्टर का उनके बगल में बैठना अनुचित था, बाद में राज्यपाल ने कलेक्टर को बाहर जाने को कहा।
जयसिंह अग्रवाल द्वारा उठाए गए सवालों पर ननकीराम कंवर ने कहा कि एक राजनीतिक व्यक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार होता है, तो स्वाभाविक है कि वह टिप्पणी करेगा और उन्होंने (जयसिंह अग्रवाल) सही टिप्पणी की है। इसके साथ ही उन्होंने कलेक्टर के व्यवहार पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि कोरबा के लिए बहुत ही गलत व्यक्ति कलेक्टर बना है।
क्या है पूरा मामला?
14 जुलाई 2025 को जयसिंह अग्रवाल ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें ननकीराम कंवर खड़े नजर आ रहे हैं, जबकि कलेक्टर अजीत वसंत और राज्यपाल रमेन डेका बैठे हुए दिख रहे हैं। इस पोस्ट में जयसिंह अग्रवाल ने लिखा कि छत्तीसगढ़ के वरिष्ठतम आदिवासी नेता का अपमान बहुत ही कष्टप्रद है। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठतम आदिवासी नेता, पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर खड़े हैं, जबकि राज्यपाल रमेन डेका के साथ कलेक्टर अजीत बसंत बैठे हुए हैं। यह जान और सुनकर अत्यंत पीड़ा हुई।
कलेक्टर के नोटिस पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल का पलटवार, कहा….. "मैं कलेक्टर का चपरासी नही हूं !" फेसबुक पोस्ट नही होगी डिलीट
कोरबा। कोरबा जिले में फोटो पालिटिक्स ने तूल पकड़ लिया है। नोटिस जारी करने के बाद अब कलेक्टर और पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल आमने-सामने हो गये है। राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते ननकीराम कंवर के फोटो प्रकरण में कलेक्टर के नोटिस के बाद अब पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने पलटवार किया है। प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि….“कलेक्टर उन्हे निर्देश नही दे सकते। मैं कलेक्टर का न तो चपरासी हूं और ना ही कलेक्टर का मातहत कर्मचारी हूं, जो कि वो मुझे सस्पेंड कर देंगे। रही बात फेसबुक पोस्ट डिलीट करने की तो मैंने कोई जुर्म नही किया है, इसलिए पोस्ट डिलीट नही होगी।” इस बयान के बाद जहां कलेक्टर अजीत वसंत और जयसिंह अग्रवाल आमने-सामने हो गये है। वहीं इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम में ननकीराम कंवर ने भी यू-टर्न मारते हुए कलेक्टर पर भी सवाल खड़े कर दिये।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में एक तरफ विधानसभा के मानसून सत्र में राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। वहीं दूसरी तरफ कोरबा जिला में एक फोटो पोस्ट को लेकर सूबे की राजनीति गरमा गयी है। दरअसल पूरा मामला 12 जुलाई को कोरबा प्रवास पर पहुंचे राज्यपाल रामेन डेका से पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर के मुलाकात और ज्ञापन सौंपने के दौरान खींच गये फोटो से है। उक्त वायरल फोटो में राज्यपाल के साथ कलेक्टर अजीत वसंत बैठे हुए नजर आ रहे है, जबकि ननकीराम कंवर सामने खड़े है।
इस फोटो पर पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने वरिष्ठतम आदिवासी नेता के सम्मान को लेकर सवाल उठाते हुए फोटो को अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट कर दिया था। बस यहीं से फोटो पाॅलिटिक्स गरमा गयी। फेसबुक पर पोस्ट उक्त फोटो और टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कलेक्टर अजीत वसंत ने दो दिन पहले जयसिंह अग्रवाल को नोटिस जारी कर उक्त पोस्ट को तत्काल डिलीट करने का निर्देश दिया था। साथ ही पोस्ट डिलीट न करने पर लोगों के बीच शासन-प्रशासन के प्रति नकारात्मक छवि बनने का हवाला देते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गयी थी। कलेक्टर के नोटिस जारी करने के बाद अब इस पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया।
पोस्ट डिलीट करने से जयसिंह ने किया इंकार, कहा…..मैं कलेक्टर का चपरासी नही !
जयसिंह अग्रवाल को कलेक्टर के नोटिस के बाद अब सूबे की राजनीति गरमा गयी है। इस पूरे मामले में बुधवार को जयसिंह अग्रवाल ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर मीडिया से सीधी बात की। उन्होने कहा कि कलेक्टर के नोटिस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुझे ननकीराम कंवर की उसे फोटो को देखने के बाद तकलीफ हुई, जिसे मैने अपने फेसबुक पेज पर जाहिर किया। ये कोई अपराध नही है। वहीं कलेक्टर के नोटिस पर पलटवार करते हुए जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि……मैं कलेक्टर का चपरासी या मातहत कर्मचारी नही हूं, जो मुझे कलेक्टर निर्देश दे। जयसिंह अग्रवाल ने पोस्ट डिलीट करने के सवाल पर दो टूक शब्दों में कह दिया कि उन्होने कोई अपराध नही किया है, इसलिए मैं पोस्ट डिलीट नहीं करूंगा।
फोटो पालिटिक्स में ननकीराम कंवर ने लिया यू-टर्न
कोरबा में चल रहे फोटो पाॅलिटिक्स में जिस नेता को केंद्र पर रखकर बवाल मचा हुआ है, अब उन्होने ही यू-टर्न ले लिया है। एक दिन पहले तक ननकीराम कंवर ने मीडिया में अपना वकतव्य दिया था कि राज्यपाल से मुलाकात के दौरान उनका कोई अपमान नही हुआ। लेकिन जब इस पूरे प्रकरण ने तूल पकड़ता तो अब ननकीराम कंवर ने भी यू-टर्न ले लिया है। कलेक्टर के नोटिस और जयसिंह अग्रवाल के पोस्ट पर जब ननकीराम कंवर से सवाल किया गया, तो उन्होने कहा कि राज्यपाल के बगल में कलेक्टर का बैठना अनुचित है। बाद में महामहिम ने कलेक्टर को बाहर जाने के लिए कह दिया था। ननकीराम कंवर ने जयसिंह अग्रवाल के बयान का समर्थन देते हुए कहा कि अगर किसी राजनीतिक व्यक्ति के साथ अगर इस तरह से गलत होता है, तो वो स्वभाविक है वो कमेंट करेंगे और वो किया है….सही किया है।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सरकार को घेरने बनी रणनीति
रायपुर। मानसून सत्र को लेकर कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में हुई। बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने की। इसके बाद उन्होंने प्रेसवार्ता कर बैठक में हुई चर्चा और आगामी रणनीति की जानकारी दी।
डॉ. चरणदास महंत ने बताया कि बैठक में सभी विधायकों की बातों को सुना गया है और तमाम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान आक्रामक तरीके से मुद्दों को उठाने का प्रयास करेंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार के खिलाफ मुद्दे ज्यादा हैं, लेकिन मानसून सत्र की अवधि बहुत कम रखी गई है। फिर भी हम जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने बताया कि बिजली बिलों में बढ़ोतरी, सुरक्षा से जुड़े मसले और आदिवासियों के मुद्दों को लेकर लड़ेंगे। महंत ने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक पूरी तैयारी के साथ विधानसभा सत्र में सरकार को घेरेंगे। साथ ही कहा कि फर्जी धान खरीदी के चलते करोड़ों का नुकसान हुआ है यह मुद्दा भी उठायेंगे।
बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र कल यानी 14 जुलाई से 18 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान सदन में पांच बैठके होंगी।
सरसंघचालक भागवत के ’75’ वाले बयान पर सियासी घमासान, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री पर साधा निशाना
रायपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में एक पुस्तक विमोचन समारोह में 75 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त होने की बात कहकर कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल के नेताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करने का मौका दे दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को अब एक्जिट प्लान बना लेना चाहिए, क्योंकि 17 सितंबर बहुत दूर नहीं है.
कांग्रेस के महासचिव भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि मोहन भागवत ने जो कहा है, उसके हिसाब से प्रधानमंत्री को एक्जिट प्लान बना लेना चाहिए, क्योंकि 17 सितंबर ( प्रधानमंत्री मोदी का 75वां जन्मदिन) बहुत ज्यादा दिन नहीं है. भाजपा और आरएसएस के बीच खींचतान है, वह शायद इसी बात के लिए है. और शायद इसी कारण से ये लोग (भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष) नड्डा का विकल्प ये लोग नहीं चुन पाए हैं. तो शायद दोनों चीज एक साथ करें, ऐसी इनकी मंशा है. अंदरखाने में जो उबाल है, वह भागवत के बयान से स्पष्ट हो जाता है.
दरअसल, सरसंघचालक मोहन भागवत नागपुर में दिवंगत आरएसएस विचारक मोरोपंत पिंगले को समर्पित एक पुस्तक विमोचन समारोह में कहा था कि जब आप 75 वर्ष के हो जाते हैं, तो इसका मतलब है कि आपको अभी रुक जाना चाहिए और दूसरों के लिए रास्ता बनाना चाहिए.
भागवत ने अपने भाषण में याद किया, “मोरोपंत पिंगले ने एक बार कहा था कि अगर 75 वर्ष की आयु के बाद आपको शॉल से सम्मानित किया जाता है, तो इसका मतलब है कि आपको अभी रुक जाना चाहिए, आप बूढ़े हो गए हैं, एक तरफ हट जाइए और दूसरों को आने दीजिए.” उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्र सेवा के प्रति अपने समर्पण के बावजूद मोरोपंत उम्र का संकेत मिलने पर शालीनता से पीछे हटने में विश्वास करते थे.
इस टिप्पणी को कई लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए एक अप्रत्यक्ष संदेश के रूप में व्याख्यायित किया है, क्योंकि उनका और प्रधानमंत्री मोदी दोनों का जन्म सितंबर 1950 में हुआ था—भागवत का जन्म 11 तारीख को और मोदी का जन्म छह दिन बाद, 17 तारीख को हुआ था.
किसानों की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने जा रहे पूर्व मंत्री भगत हिरासत में
अंबिकापुर। किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने जा रहे पूर्व मंत्री अमरजीत भगत को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कमलेश्वरपुर थाने में जमकर हंगामा मचाया।
दरअसल, भाजपा के प्रशिक्षण शिविर के अंतिम दिन अमरजीत भगत अपने समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ रवाना हुए थे, लेकिन पुलिस उन्हें शिविर स्थल पहुंचने से पहले ही बीच में रोक दिया और कमलेश्वरपुर थाना ले गई। जिसके बाद इस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाना परिसर में जमकर नारेबाजी की और प्रशासनिक रवैये पर नाराजगी जाहिर की।
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि ब्लॉक कांग्रेस कमेटी का पहले से सूचना था कि किसानों का प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री को ज्ञापन देगा। क्षेत्र में खाद और बीज की कमी है। खरीद का काम शुरू हो गया है, लेकिन खाद-बीज नहीं रहने से किसान परेशान हैं। वहीं खासकर मैनपाट में यहां पर आलू और टाऊ का खेती करते हैं। बिना खाद के कारण कर खेती नहीं पा रहे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए हम लोग मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने के लिए आए और हमारा प्रतिनिधिमंडल निकला था। लेकिन हमें रोककर थाने लाया गया है। अमरजीत भगत ने कहा कि हम तो चाह रहे हैं कि मुख्यमंत्री से भेंट कर आएं। हम ज्ञापन देंगे तो थाना क्यों लाया गया?
खरगे के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर सियासत : मंत्री केदार कश्यप ने कहा – कांग्रेस सरकार में किसानों को दो साल का बोनस नहीं मिला, आज किस मुंह से खरगे जी आ रहे…
रायपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, केंद्र में कांग्रेस सरकार रहते सबसे ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की है. इनकी सरकार रहते छत्तीसगढ़ में किसानों को चार किस्तों में पैसा दिया गया. दो साल का बोनस नहीं दिया. आज किस मुंह से खरगे जी किसानों से चर्चा करने आ रहे.
मंत्री केदार कश्यप ने कहा, ये लोग ऑपरेशन सिंदूर को छिटपुट घटना बताते हैं. सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाते हैं और नक्सलियों के समर्थन में बात करते हैं. कांग्रेस के लोग जवानों का मनोबल गिराने का काम करते हैं. इनकी सरकार ने अपातकाल लगाया, पूरे देश में राज्य सरकारों को गिराने का काम किया और आज ये लोग भाजपा सरकार पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करते हैं. खरगे जी को इस बात का जवाब देना चाहिए.
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कांग्रेस पर कसा तंज, कहा – मुझे मल्लिकार्जुन खरगे के मोबाइल की चिंता…
रायपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे आज छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं. वे राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित किसान, जवान, संविधान सभा को संबोधित करेंगे. इस कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस पर तंज कसते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, मुझे खरगे जी के मोबाइल की चिंता है.
प्रशिक्षण शिविर को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, तीन दिन तक भाजपा का प्रशिक्षण शिविर है. मूल्यवान, सिस्टोमेटिक तरह से प्रशिक्षण होगा इसलिए सभी को प्रशिक्षण में रहने की इच्छा रहती है. प्रशिक्षण शिविर पर कांग्रेस के तंज पर डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा, भाजपा मानती है कि जीवनभर अभ्यास की जरूरत होती है. कोई अगर सर्व ज्ञाता हो गया हो तो अलग बात है.
कांग्रेस मुख्यालय से चोरी हुआ था दीपक बैज का मोबाइल
बता दें कि हाल ही में छत्तीसगढ़ NSUI की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में चल रही थी. इसी दौरान प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज कुछ देर के लिए बैठक हॉल से बाहर मीडिया से बातचीत करने निकले थे. इसी बीच कार्यकर्ता के रूप में किसी चोर ने बैज का I-phone 15 pro चोरी कर ले गया. मोबाइल गुम होने की सूचना खम्हारडीह थाना में दी गई. पुलिस टीम जांच में जुटी हुई है.
सियासी तकरार : अजय चंद्राकर का वार – नक्ससी कांग्रेस के दामाद, दीपक बैज का पलटवार – बताएं शाह और नक्सलियों में क्या है संबंध?
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. कांग्रेस बीजेपी पर 15 साल के कार्यकाल में नक्सलवाद को पालने का आरोप लगाती है, वहीं बीजेपी कांग्रेस और नक्सलियों के बीच गहरे संबंध होने का की बात कहती है. आज भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला.
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और विधायक अजय चंद्राकर ने नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस को फिर घेरा है और नक्सलियों को कांग्रेस का दामाद बताया है. इसके साथ ही बस्तर के विकास में बाधा डालने और आदिवासियों पर शोषण करने का आरोप लगाया है. इस पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने पलटवार करते हुए सवाल किया है कि बीजेपी पहले ये बताए कि अमित शाह और नक्सलियों के बीच संबंध क्या है, जो शाह उन्हें भाई कहकर बुलाते हैं.
साहीवाल गाय पर सियासत: आदिवासी महिलाओं के लिए योजना या राजनीतिक दांव? कांग्रेस-बीजेपी में जुबानी जंग तेज
रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर “गाय” को लेकर सियासत गरमा गई है। साय सरकार ने आदिवासी महिलाओं को साहीवाल नस्ल की गाय देने की योजना की घोषणा की है, जिसकी शुरुआत छह जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में होने वाली है। इस योजना का उद्देश्य आदिवासी परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त करना और राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना है। लेकिन इस पर कांग्रेस ने भाजपा की मंशा पर सवाल उठाए हैं और इसे “राजनीतिक नौटंकी” करार दिया है।
साय सरकार की नई योजना, जिसके तहत छह जिलों में 325 आदिवासी महिलाओं को साहीवाल नस्ल की गायें प्रदान की जाएंगी। योजना का उद्देश्य दुग्ध उत्पादन बढ़ाना और आदिवासी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। बीजेपी ने इस योजना की घोषणा सोशल मीडिया के ज़रिए की, जिसके बाद कांग्रेस ने तुरंत मोर्चा खोल दिया। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का फर्क है।
उन्होंने याद दिलाया कि 2003 में डॉ. रमन सिंह की सरकार ने जर्सी गाय देने का वादा किया था, लेकिन वह योजना पूरी तरह से असफल रही। वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र साहू ने इस योजना को भाजपा की “गौरक्षा की आड़ में राजनीति” बताते हुए इसे दिखावटी कदम बताया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा आदिवासी महिलाओं के नाम पर सिर्फ दिखावटी योजनाएं लाकर राजनीतिक लाभ उठाना चाहती है।
वहीं दूसरी ओर, डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “जब भी जनहित की कोई योजना सामने आती है, कांग्रेस नेताओं को सबसे पहले दर्द होता है। हमारा उद्देश्य है कि आदिवासी परिवार आत्मनिर्भर बनें और राज्य में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो।” उन्होंने कहा कि योजना पूरी तरह से व्यावहारिक है और इसे ज़मीन पर उतारने की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं।
साय सरकार की ये है तैयारी
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योजना पायलट प्रोजेक्ट के तहत 6 जिलों में लागू होगी।
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325 आदिवासी परिवारों को साहीवाल नस्ल की गाय दी जाएगी।
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दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और आदिवासी महिलाओं को सक्षम बनाने का दावा।
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कांग्रेस ने पहले की असफल योजनाओं का हवाला देकर आलोचना की।
राज्य गठन के 25 साल बाद फिर गाय पर राजनीति
मध्यप्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ को बने 25 साल पूरे हो चुके हैं। इन वर्षों में चार बार सरकार बदली और लंबे समय तक डॉ. रमन सिंह की अगुवाई में भाजपा सत्ता में रही। उस दौरान भी गायों को लेकर कई योजनाएं लाई गईं, लेकिन उनके ज़मीनी क्रियान्वयन पर सवाल उठते रहे। अब जब भाजपा फिर सत्ता में आई है, तो गाय और आदिवासी – दोनों संवेदनशील मुद्दों पर एक साथ कदम उठाने की कोशिश नजर आ रही है।
आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने भाजपा के प्रशिक्षण शिविर को बताया कॉर्पोरेट के तलवे चाटने वाला, उपमुख्यमंत्री साव बोले-
RSS-भाजपा का राष्ट्र निर्माण में कोई योगदान नहीं : भूरिया
आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने तंज कसते हुए कहा कि देश को बनाने में आरएसएस और भाजपा का कोई योगदान नहीं है. इसलिए वह इस लड़ाई के बारे में नहीं समझेंगे. शराब घोटाले मामले में कहा कि बीजेपी दबाव बना रही है. वह बीजेपी ज्वाइन कर लें या गलत बयान दें. उनकी जमानत होने के पहले दूसरा केस लगा दिया गया. प्रताड़ित करना भाजपा का षड्यंत्र है.
कांग्रेस की परिसंपत्ति का आंकलन करेगी आईसीसी
पार्टी द्वारा कांग्रेस की परिसंपत्ति के आंकलन को लेकर विक्रांत भूरिया ने कहा कि इनकी मानसिकता कांग्रेस की प्रॉपर्टी को जप्त करने और उन्हें खत्म करने की है. लेकिन कांग्रेस की ताकत, विचारधारा है. देश को बनाने में आरएसएस और भाजपा का कोई योगदान नहीं है. इसलिए वह नहीं समझेंगे, इस लड़ाई के बारे में.
विक्रांत भूरिया ने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश की खनिज संपदा, कॉर्पोरेट को चाहिए. जैसे ही आदिवासी मुख्यमंत्री बने जंगलों की कटाई शुरू हो गई. जो आदिवासी बीजेपी के हिसाब से कहतें हैं, पार्टी में उन्हें ही भाजपा जगह देती है. भारतीय जनता पार्टी रबर स्टैंप आदिवासी चाहती है.
कांकेर में कांग्रेस का प्रशिक्षण कार्यक्रम
कांकेर में कांग्रेस तीन दिवसीय आदिवासी प्रशिक्षण कार्यक्रम करने जा रही है. इसे प्रशिक्षण को लेकर आदिवासी कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने बताया कि नए युवाओं को तैयार किया जाएगा. राजनीति में पावर और पैसे का बड़ा रोल है. और भाजपा के पास दोनों भरपूर है. कांग्रेस के पास केवल एक ही ताकत हैआईडियोलॉजी, इसलिए प्रशिक्षण के जरिए लोगों को जोड़ने का काम किया जाएगा.
उपमुख्यमंत्री ने किया पलटवार, कहा- ये एक परिवार की चाटुकारिता करने वाले लोग हैं…
विक्रांत भूरिया के भाजपा के प्रशिक्षण और रबर स्टैंप वाले बयान पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार किया है. कहा कि मोदी के नेतृत्व में आदिवासी समाज की तरक्की और बेहतरी के लिए जितने काम हुए, उतने कांग्रेस शासन में कभी नहीं हुए. कांग्रेस ने केवल अत्याचार किया, आज आदिवासियों के लिए बेहतर काम हो रहे हैं तो कांग्रेस को दर्द हो रहा है. उन्होंने आरोपों को निराधार और बेबुनियाद है.
वहीं भाजपा प्रशिक्षण शिविर को कार्पोरेट के तलवे चाटने वाले प्रशिक्षण के बयान पर उपमुख्यमंत्री साव ने कहा कि ये (कांग्रेसी) एक परिवार की चाटुकारिता करने वाले लोग हैं. प्रशिक्षण का ये क्या अर्थ समझेंगे? इन्हें मालूम ही नहीं है कि प्रशिक्षण असल में क्या होता है. भारतीय जनता पार्टी तो जनसंघ के जमाने से प्रशिक्षण करते आ रही है.
कांग्रेस ने आदिवासियों को दी काला पानी की सजा : सांसद महेश कश्यप
आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत के बयान पर सांसद महेश कश्यप ने भी पलटवार किया और कहा कि कांग्रेस ने आदिवासियों को काला पानी की सजा दी. बीजेपी सरकार में आज बस्तर की पहचान दुनिया में है. कांग्रेस ने माओवाद, नक्सलवाद जैसे कलंक को थोपने का काम भी किया है. कांग्रेस अलगाववाद, माओवाद, नक्सलवाद के सपोर्टर रही है. यह लोग आदिवासी के बारे में बयानबाजी ना करें, क्योंकि इन्हीं आदिवासियों और देश के लोगों ने कांग्रेस को नकारा है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस गांधी परिवर्तन सीमित रहने वाली पार्टी है. कांग्रेस परिवारवाद से चलने वाली पार्टी है. देश को कलंकित करने वाले लोग क्या बात करेंगे. बीजेपी प्रशिक्षण शाला एक आवश्यक कार्य है. चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री बन सकता है. गांव के गरीब किसान का बेटा सांसद बन गया. बीजेपी मुख्यालय से सब कुछ तय करने वाली पार्टी नहीं है.
PCC चीफ दीपक बैज का आईफोन चोरी, गृहमंत्री विजय शर्मा ने कसा तंज, कहा-
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन से बैठक के बीच पीसीसी चीफ दीपक बैज का मोबाइल चोरी हो गया. इसे लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस को नसीहत दी है. उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस कार्यालय में बैठक उनके अपने लोगों के बीच हो रही थी, तो मोबाइल कैसे गायब हुआ, इसका जवाब उन्हें खुद देना चाहिए.
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पार्टी की अंदरूनी बैठक में पीसीसी चीफ का मोबाइल गायब होना बड़ी बात है. जब अंदर वे इस तरह की गड़बड़ कर रहे हैं, तो जरा सोचिए बाहर और कैसी-कैसी गड़बड़ करते होंगे. कांग्रेसियों को संस्कार रखना होगा.
खड़गे के दौरे को लेकर उपमुख्यमंत्री का बयान
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे के दौरे पर प्रतिक्रया दी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक नहीं, बल्की बार-बार सनातनी परंपरा का अपमान किया है. हर एक मूल्यों का अपमान करने वाले व्यक्ति का कोई स्वागत नहीं किया जाएगा.
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने की अमिताभ जैन की तारीफ
मुख्य सचिव अमिताभ जैन की विदाई पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने उनकी सराहना की और कहा कि अमिताभ जैन एक बेहद सक्षम और कुशल प्रशासनिक अधिकारी हैं. उन्होंने अपने कार्यकाल में छत्तीसगढ़ के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं. उनकी कार्यशैली, अनुभव और ज्ञान से राज्य को कई स्तरों पर लाभ मिला है. उन्होंने हमेशा दक्षता और प्रतिबद्धता के साथ काम किया है. उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जो भी नया परिवर्तन होगा, वह निश्चित रूप से सकारात्मक दिशा में होगा.
राधिका खेड़ा को लेकर बोले उपमुख्यमंत्री शर्मा
दीपक बैज के मोबाइल चोरी पर राधिका खेड़ा ने कांग्रेस मुख्यालय पर सवाल दागे. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रदेश कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि राधिका खेड़ा के साथ जो कुछ यहां हुआ था, वह वाकिये काफी बड़ा विषय था. इसकी शिकायत भी खुद उन्होंने की थी. लेकिन कांग्रेस आज भी प्रदेश कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगाने से बचते हैं. ऐसे में सवाल जरूर उठता है कि आखिर इसके पीछे क्या कारण है. उन्होंने आगे कहा कि विष्णुदेव की सरकार भविष्य में नया क़ानून लेकर आएगी, जिसके तहत सभी जगह सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य होगा.
प्रदेश मुख्यालय से PCC चीफ दीपक बैज का आईफोन चोरी, भाजपा नेत्री राधिका खेड़ा ने कसा तंज
रायपुर। कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यालय राजीव भवन से पीसीसी चीफ दीपक बैज का मोबाइल रविवार को चोरी हो गया. इस घटना के बाद से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हड़कंप मच गया. भाजपा नेत्री राधिका खेड़ा ने इसे लेकर तंज कसते हुए सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने प्रदेश मुख्यालय में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी नहीं होने को लेकर सवाल उठाएं हैं.
भाजपा नेत्री राधिका खेड़ा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, “सुनने में आया है कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का मोबाइल फोन उनके ही प्रदेश मुख्यालय- रायपुर में चोरी हो गया! चोर को पकड़ने की कोशिश की तो सामने आया कि मुख्यालय में CCTV कैमरा नहीं हैं!”
उन्होंने आगे लिखा कि “वैसे, यह कोई नई बात नहीं जब मुझे इसी छतीसगढ़ कांग्रेस मुख्यालय में बंद किया गया था, तब भी CCTV नहीं था.”
राधिका खेड़ा ने प्रदेश मुख्यालय की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे में साल तो उठा है कि कांग्रेस मुख्यालय में कैमरे क्यों नहीं हैं? कका के 5 साल के ऐसे क्या काले कारनामे इस मुख्यालय में छिपे हैं ? चोरी रोकने से ज्यादा ‘क्या’ छुपाने पर जोर ??
कैसे पार हुआ दीपक बैज का मोबाइल
बता दें कि रविवार को छत्तीसगढ़ NSUI की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में चल रही थी. इसी दौरान प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज कुछ देर के लिए बैठक हॉल से बाहर मीडिया से बातचीत करने निकले थे. इसी बीच कार्यकर्ता के रूप में किसी चोर ने बैज का I-phone 15 pro चोरी कर ले गया. मोबाइल गुम होने की सूचना खम्हारडीह थाना में दी गई. पुलिस टीम जांच में जुटी हुई है.