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Mutual Fund में निवेश के लिए जानें ये जरूरी बातें

पिछले कुछ सालों में घरेलू निवेशकों का भारतीय बाजार पर भरोसा बढ़ा है। लोग अब Mutual Fund के जरिए SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) में लगातार निवेश कर रहे हैं। म्यूचुअल फंड में कई विकल्प मौजूद हैं, जैसे इक्विटी, डेट, गोल्ड और हाइब्रिड। निवेशकों के लिए इक्विटी फंड सबसे आकर्षक विकल्प माना जाता है, क्योंकि इसमें अधिक रिटर्न की संभावना होती है। हालांकि, यह अन्य फंड्स की तुलना में जोखिम भरा भी होता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक अपनी वित्तीय स्थिति और उम्र को ध्यान में रखकर सही म्यूचुअल फंड का चुनाव करें। इसका उद्देश्य वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करना होना चाहिए।

वित्तीय लक्ष्यों का महत्व

हमारी पर्सनल और प्रोफेशनल जरूरतें तभी पूरी हो सकती हैं जब हमारे पास निश्चित इनकम हो। बच्चों की शिक्षा, शादी, कार या घर खरीदना, छुट्टियाँ मनाना और रिटायरमेंट प्लान जैसे शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म खर्चों के लिए वित्तीय लक्ष्य तय करना जरूरी है। सही लक्ष्य तय करने से निवेश में अनुशासन आता है और निवेश की प्रक्रिया सरल हो जाती है।

म्यूचुअल फंड चुनते समय ध्यान देने योग्य मुख्य कारक:

समय अवधि (Time Horizon): निवेश का मतलब सिर्फ पैसे डालना नहीं है। यह तय करना जरूरी है कि निवेश कितने समय के लिए है—शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म या लॉन्ग टर्म।

जोखिम सहनशीलता (Risk Appetite): निवेशक को यह देखना चाहिए कि वह कितना जोखिम उठा सकता है। सामान्यतः युवा अधिक जोखिम लेते हैं, जबकि उम्र बढ़ने के साथ जोखिम लेने की क्षमता घटती है।