खेल

प्रैक्टिस पिच को लेकर BCCI सख्त, फ्रेंचाइजियों के लिए जारी हुई नई गाइडलाइन

मुम्बई।  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के आगाज से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सभी 10 फ्रेंचाइजियों के लिए कड़े प्रोटोकॉल लागू कर दिए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कोई भी टीम उस विशिष्ट अभ्यास पिच (Practice Pitch) का उपयोग नहीं करेगी, जिसका इस्तेमाल प्रतिद्वंद्वी टीम ने अपने नेट सेशन के दौरान पहले ही कर लिया हो। यह फैसला खेल की निष्पक्षता और पिचों की गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।

नेट सेशन के लिए आवंटित होंगी अलग-अलग पिचें

रिपोर्ट के अनुसार, BCCI ने सभी 10 टीमों को सूचित किया है कि यदि दो टीमें एक के बाद एक अभ्यास कर रही हैं, तो उन्हें अनिवार्य रूप से नई और अलग पिचें उपलब्ध कराई जानी चाहिए। अब तक के चलन में टीमें अक्सर उन्हीं नेट पिचों का उपयोग करती थीं जो उपलब्ध होती थीं, लेकिन अब ग्राउंड स्टाफ को हर टीम के लिए अलग स्ट्रिप तैयार रखनी होगी। इस कदम का उद्देश्य किसी भी टीम को पिच की स्थिति का अनुचित लाभ लेने से रोकना है।

चुनाव और अंतरराष्ट्रीय तनाव का शेड्यूल पर साया

BCCI पहले ही IPL 2026 के शुरुआती 16 दिनों और 20 मैचों का शेड्यूल जारी कर चुका है। हालांकि, पूर्ण शेड्यूल की घोषणा में हो रही देरी के पीछे दो मुख्य कारण हैं:

आम चुनाव: भारत के कुछ राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों की तारीखों के कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तालमेल बिठाया जा रहा है।

मिडिल ईस्ट संकट: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा और लॉजिस्टिक्स प्रभावित होने की आशंका है, जिससे टीमों के यात्रा कार्यक्रम पर असर पड़ सकता है।

अधिकारियों का रुख

“पिच की अखंडता और निष्पक्ष अभ्यास का अवसर देना हमारी प्राथमिकता है। हमने मैदान कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि रोटेशन के आधार पर फ्रेश पिचें ही टीमों को नेट सेशन के लिए दी जाएं।”
— BCCI सूत्र (IPL संचालन समिति)

प्रशंसकों और टीमों पर प्रभाव

बोर्ड के इस फैसले से फ्रेंचाइजियों के ट्रेनिंग शेड्यूल में थोड़ा बदलाव आ सकता है, क्योंकि अब ग्राउंड स्टाफ को अधिक मेहनत करनी होगी। प्रशंसकों के लिए राहत की बात यह है कि बीसीसीआई चुनाव आयोग और संबंधित मंत्रालयों के संपर्क में है ताकि बाकी बचे मैचों का शेड्यूल जल्द से जल्द फाइनल किया जा सके। मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े केंद्रों पर सुरक्षा मंजूरी मिलते ही दूसरे चरण की तारीखें घोषित कर दी जाएंगी।