प्रदेश
आध्यात्मिक मूल्यों एवं संस्कारों की पाठशाला है अघोर गुरु पीठ बनोरा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ ब्रह्मनिष्ठालय पहुंचे। उन्होंने आश्रम के उपासना स्थल पर परम पूज्य अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके आदर्शों का स्मरण करते हुए प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने अघोरेश्वर के प्रिय शिष्य पूज्य बाबा प्रियदर्शी भगवान राम जी के दर्शन कर स्नेहिल आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक परंपरा हमारी सबसे बड़ी धरोहर है और अघोर गुरु पीठ जैसे संस्थान समाज को संस्कार, सेवा और सद्भाव का संदेश दे रहे हैं। यहाँ आकर आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत परंपरा समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा और नैतिक दिशा प्रदान करती है, जो जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा की भावना पहुँचाना ही सच्चा राष्ट्र निर्माण है।
इस अवसर पर नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्रीलाल साहू, पूर्व विधायक विजय अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
भूपेश बघेल के बयान के जवाब में भाजपा ने पोस्टर जारी कर कसा तंज, मंत्री केदार बोले – उनकी जरूरत न तो छत्तीसगढ़ को है और न ही BJP को
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के एक हालिया बयान ने प्रदेश की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। राज्यसभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के पॉडकास्ट में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उन्हें कथित तौर पर भाजपा में शामिल होने के लिए शीर्ष स्तर से संकेत दिए गए थे। इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने सोशल मीडिया पर तीखा पलटवार करते हुए पोस्टर वार शुरू कर दिया है।
पॉडकास्ट में किए सनसनीखेज दावे
बता दें कि हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने पुत्र चैतन्य बघेल के साथ कपिल सिब्बल के पॉडकास्ट में शामिल हुए थे। बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा के लिए दिल्ली बुलाया था और उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र से भी हुई थी।
भूपेश बघेल के अनुसार, शुरुआती दौर में उन्हें लगा कि यह महज सौजन्य भेंट है। लेकिन मुलाकातों के दौरान औपचारिक चर्चाओं के साथ-साथ उनके और उनके करीबियों के खिलाफ चल रहे मामलों की जानकारी ली जाती थी और मदद का आश्वासन दिया जाता था। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें समझ नहीं आता था कि विपक्ष के मुख्यमंत्री होने के बावजूद उन्हें इस तरह का आश्वासन क्यों दिया जा रहा है, लेकिन बाद में उन्हें संकेतों का अर्थ स्पष्ट हो गया।
बघेल का आरोप है कि उन्हें इशारों-इशारों में भाजपा में शामिल होने के लिए कहा जाता था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका रुख साफ था और उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि वे विपक्ष में हैं और विपक्ष का धर्म निभाते रहेंगे। बावजूद इसके, उन्हें मदद का प्रस्ताव दिया जाता रहा और भरोसेमंद अधिकारियों के बारे में पूछा जाता था।
मुलाकात के बाद छापों का दावा
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब-जब वे दिल्ली से लौटते थे, उसके कुछ ही समय बाद उनके या उनके करीबी लोगों के यहां केंद्रीय एजेंसियों के छापे पड़ जाते थे। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य प्रक्रिया माना, लेकिन बाद में उन्हें घटनाक्रम में समानता दिखी। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री से फोन पर बात की थी और उन्हें अधिकारियों से चर्चा करने का आश्वासन मिला था।
भूपेश बघेल के इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में सरगर्मियां तेज हो गई हैं और राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर व्यापक चर्चा हो रही है।
भूपेश बघेल के आरोपों पर भाजपा का पलटवार
भूपेश बघेल के आरोपों के बाद भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मंत्री केदार ने कहा कि “उनकी जरूरत न तो छत्तीसगढ़ को है और न ही भाजपा को।” वहीं बेलतरा से भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने बयान को “ऊलजलूल” बताते हुए कहा कि जो नेता अपनी ही पार्टी में प्रासंगिक नहीं रह गए हैं, वे अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान प्रदेश की संपदा का दुरुपयोग और भ्रष्टाचार हुआ है तथा अब उससे बचने के लिए माहौल बनाया जा रहा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह बयान राजनीतिक सहानुभूति बटोरने की कोशिश है।
सोशल मीडिया पर पोस्टर वार
भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर भूपेश बघेल और कांग्रेस नेतृत्व को लेकर व्यंग्यात्मक पोस्टर जारी किए गए हैं। एक पोस्टर में एआई आधारित तस्वीर के माध्यम से भूपेश बघेल, दीपक बैज और चरण दास महंत को दिखाया गया है, जिसमें उनके कथित बयान को व्यंग्यात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया गया है।
दूसरे पोस्टर में कांग्रेस नेतृत्व के भीतर कथित असंतोष को दर्शाते हुए राहुल गांधी के साथ संवाद की काल्पनिक स्थिति दिखाई गई है। इस पोस्टर को “जैसा गुरु वैसा चेला” शीर्षक के साथ साझा किया गया है। इन पोस्टरों को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है।
सियासत में बढ़ी गर्माहट
भूपेश बघेल के दावों और भाजपा की आक्रामक प्रतिक्रिया के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। एक ओर कांग्रेस इसे गंभीर आरोप मान रही है, वहीं भाजपा इसे निराधार और राजनीतिक नौटंकी करार दे रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, खासकर तब जब दोनों दल आमने-सामने की रणनीति पर उतर आए हैं। प्रदेश की जनता अब इस राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की जंग पर नजर बनाए हुए है।
शिक्षा संवाद छत्तीसगढ़: इवेंट कंपनी पर सचिव के पत्र का दुरुपयोग कर प्राइवेट यूनिवर्सिटीज से वसूली करने का आरोप, उच्च शिक्षा मंत्री ने जांच की कही बात…
रायपुर। राजधानी रायपुर में 17 फरवरी को होने जा रहे ‘शिक्षा संवाद छत्तीसगढ़ 2026’ की इंवेट कंपनी पर लेकर गंभीर आरोप लगे हैं. नोएडा स्थित इवेंट कंपनी इलेट्स टेक्नोमीडिया पर सरकारी अधिकारियों के पत्रों का दुरुपयोग कर इसे सरकारी आयोजन बताकर प्राइवेट यूनिवर्सिटीज से वसूली करने का आरोप लग रहा है.
कंपनी ने छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा विभाग के सचिव एस. भारती दासन के नाम से जारी एक पत्र का इस्तेमाल किया है, जिसमें कार्यक्रम को फ्री ऑफ कॉस्ट बताकर सरकारी लोगो और लेटरहेड के उपयोग की अनुमति ली गई थी. आरोप है कि इसी पत्र के आधार पर प्रदेश की कई प्राइवेट यूनिवर्सिटीज से स्पॉन्सरशिप के नाम पर भारी भरकम फंड कलेक्शन किया गया, जबकि कार्यक्रम पूरी तरह प्राइवेट कंपनी द्वारा आयोजित है, और इसका मकसद कमाई बताया जा रहा है.
हैरानी की बात यह है कि कार्यक्रम का प्रमोशन छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी हो रहा है, जिससे इसे सरकारी आयोजन माना जा रहा है. इलेट्स टेक्नोमिडिया की वेबसाइट पर भी इसे विभाग के साथ सहयोग से आयोजित बताया गया है, जिसमें उच्च शिक्षा विभाग को सह-आयोजक के रूप में दिखाया गया है.
यह मामला मध्य प्रदेश के पुराने विवाद से मिलता-जुलता है, जहां इसी कंपनी पर सरकारी लेटर से फंड जुटाने का आरोप लगा था, जिसके बाद कार्यक्रम रद्द हो गया था. छत्तीसगढ़ में अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या विभाग ने अनजाने में कंपनी को सरकारी वैधता प्रदान कर दी? जांच में क्या निकलता है, यह देखना बाकी है, लेकिन राजनीतिक और शैक्षणिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है.
सचिव का लेटर दिखाकर बताया सरकारी कार्यक्रम
कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति महादेव कावरे ने कहा कि आयोजक उनके पास आए थे, और सचिव का लेटर दिखाकर इसे सरकारी कार्यक्रम बताया थे.
उच्च शिक्षा सचिव के पत्र को तत्काल किया जाए निरस्त
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने आरोप लगाते कहा उच्च शिक्षा सचिव भारतीय दासन द्वारा जारी पत्र को तत्काल निरस्त किया जाए और जहां-जहां से कंपनी ने वसूली की है, वह राशि वापस की जाए. उन्होंने कहा कि यह कंपनी मध्य प्रदेश में भी इसी तरह सचिव के लेटर से वसूली कर चुकी है. वहां प्रमुख सचिव निकुंज कुमार श्रीवास्तव को जानकारी मिलते ही कार्यक्रम तत्काल रद्द कर दिया गया था, और कंपनी के मालिक को फटकार लगाई गई थी.
उच्च शिक्षा मंत्री ने कही जांच का निर्देश देने की बात
वहीं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा मुझे इसकी जानकारी नहीं है. आपके माध्यम से जानकारी मिल रही है. मैं अधिकारियों को तत्काल जांच के निर्देश देता हूं. वहीं इस संबंध में इवेंट कंपनी के मालिक रवि गुप्ता से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.
रायपुर को शहरी बाढ़ के खतरे से सुरक्षित करने की दिशा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल की बड़ी पहल
नई दिल्ली/ रायपुर। राजधानी रायपुर में लंबे समय से चली आ रही जलभराव और शहरी बाढ़ की समस्याओं के निपटारे और बाढ़ के बढ़ते खतरे से स्थायी सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक निर्णायक कदम उठाते हुए रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से ₹220 करोड़ के व्यापक 'शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम' (Urban Flood Risk Management Program) को सैद्धांतिक मंजूरी देने का अनुरोध किया है।
श्री अग्रवाल ने पत्र में उल्लेख किया कि रायपुर शहर के लिए इस महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत ₹220 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति का प्रस्ताव NDMA को प्रस्तुत किया गया था। 10 नवंबर 2025 को जारी नवीन दिशानिर्देशों के अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा प्रस्ताव में आवश्यक संशोधन किए गए, जिसे 23 जनवरी 2026 को राज्य कार्यकारी समिति से विधिवत स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है।
तकनीकी सलाहकार समिति (TAC) द्वारा दिए गए सभी सुझावों एवं टिप्पणियों का समाधान करते हुए अनुपालन रिपोर्ट सहित संशोधित प्रस्ताव पत्र क्रमांक 504/पीडब्ल्यूडी/एनएनआर/2026 के माध्यम से पुनः प्रस्तुत किया गया है। इसके बावजूद अंतिम स्वीकृति लंबित है।
बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि, रायपुर के तेजी से होते शहरीकरण के कारण यहाँ का ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर (निकासी व्यवस्था) पीछे छूट गया है, जिससे मानसून के दौरान गंभीर जलभराव की स्थिति बन जाती है। भाठागांव, प्रोफेसर कॉलोनी और अवंती विहार जैसे निचले इलाकों के निवासियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, जहाँ भारी बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो जाती हैं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है।
बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि, "जुलाई 2025 में, रायपुर में 33 घंटों के भीतर 103 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई थी और प्रमुख चौराहे ठप हो गए थे। यह फंड शहर के स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को दूर करने में महत्वपूर्ण होगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि शहर में कहीं भी जलभराव न हो!"
यह नया ₹220 करोड़ का कार्यक्रम बुनियादी ढांचे की इन कमियों को दूर करने का लक्ष्य रखता है, जिसमें अस्थायी मरम्मत के बजाय एक वैज्ञानिक रूप से डिजाइन किया गया बाढ़ प्रबंधन तंत्र विकसित किया जाएगा जो अत्यधिक भारी बारिश को झेलने में सक्षम होगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री से अनुरोध किया है कि रायपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र को मानसून के दौरान होने वाली जलभराव और बाढ़ की गंभीर समस्या से बचाने के लिए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश दिए जाएं।
यह पहल श्री अग्रवाल की दूरदर्शिता, जनहित के प्रति उनकी संवेदनशीलता और राजधानी रायपुर के सुरक्षित एवं सतत विकास के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है। शहरी बाढ़ प्रबंधन योजना के क्रियान्वयन से न केवल नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि शहर के बुनियादी ढांचे को भी दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।
भारतीय जनता पार्टी की आईटी सेल की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित, 28 सदस्यों को दी गई अलग-अलग जिम्मेदारी…
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की आईटी सेल की प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की गई है. सह संयोजक, कार्यालय प्रभारी, सह कार्यालय प्रभारी, संभाग प्रभारी के साथ प्रदेश कार्यसमिति सदस्यों की नियुक्ति की गई है.
देखिए पूरी सूची…


नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हुए शामिल, सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा की
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर प्रवास के दौरान दुलदुला विकास खंड के ग्राम सिरीमकेला स्थित श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के पावन प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में सम्मिलित हुए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देवाधिदेव महादेव से समस्त छत्तीसगढ़वासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की मंगलकामना की। महाशिवरात्रि के पावन पर्व के एक दिन पूर्व आयोजित इस आध्यात्मिक आयोजन को उन्होंने श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम सिरीमकेला में सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि इससे स्थानीय नागरिकों को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक आयोजनों के लिए सुदृढ़ आधार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कल हम सब महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाएंगे और इस अवसर पर आप सभी को हार्दिक बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि सिरीमकेला में भक्तों और अपने परिवारजनों के बीच आकर उन्हें आध्यात्मिक शांति और आनंद की अनुभूति हो रही है। भक्ति और श्रद्धा के इस अनूठे आयोजन में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सनातन परंपरा को पुनर्स्थापित करते हुए अयोध्या धाम दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्राएँ करा रही है। श्रवण कुमार के पदचिन्हों पर चलने का प्रयास करते हुए अब तक प्रदेश के 42 हजार से अधिक तीर्थ यात्रियों को श्रीरामलला के दर्शन कराए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या धाम में श्री रामलला का भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है और हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर आज ध्वज लहरा रहा है। प्रत्येक राम भक्त की आस्था 500 वर्षों तक प्रज्वलित रही — यह एक ऐसा यज्ञ था जिसकी लौ कभी नहीं डगमगाई। हम सब निमित्त मात्र हैं, जो अपने भांचा राम के दर्शन उनके भव्य मंदिर में कर रहे हैं और श्रद्धालुओं को करा पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नीलकंठेश्वर महादेव का दर्शन पाकर वे स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। दशहरा पर्व के दिन नीलकंठ के दर्शन को अत्यंत शुभ माना जाता है और आज प्राण-प्रतिष्ठा के उपरांत यहाँ निरंतर दर्शन लाभ मिलना हम सबके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि जशपुर में मधेश्वर महादेव स्थित हैं, जिसे लोक मान्यता के अनुसार एशिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग कहा जाता है। सनातन परंपरा में भक्ति का विशेष महत्व है और राज्य सरकार भक्तों का सम्मान करती है। सावन माह में भोरमदेव मंदिर में कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर हर वर्ष आस्था प्रकट की जाती है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहे जाने वाले राजिम त्रिवेणी संगम में इन दिनों राजिम कुंभ कल्प का भव्य आयोजन हो रहा है, जहाँ आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव के दर्शन अवश्य करें। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। राजिम कुंभ कल्प की प्रतिष्ठा को पुनर्स्थापित किया गया है, ऐतिहासिक बस्तर दशहरा की पहचान देश-विदेश तक है तथा छत्तीसगढ़ के पाँच शक्ति पीठों के विकास के लिए कार्य योजना बनाकर सतत कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता और प्रकृति संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि के इस पावन कालखंड में नीलकंठेश्वर महादेव की कृपा हम सभी पर बनी रहे, प्रदेश में सुख-शांति, समृद्धि और विकास की नई धाराएँ प्रवाहित हों तथा छत्तीसगढ़ आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक वैभव के साथ निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर रहे — यही उनकी हार्दिक कामना है।
इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक गोमती साय, महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, पूर्व राज्यसभा सांसद रणविजय सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुशीला साय, कृष्णा राय, पवन साय, भरत सिंह, अरविन्द प्रसाद साय, कपिल देव साय, सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, वनमंडलाधिकारी शशि कुमार तथा महादेव मंदिर समिति के सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता, नक्सलियों के डंप हथियार और IED किए बरामद
कांकेर। कांकेर जिले में सुरक्षा बल के जवानों को बड़ी सफलता हाथ लगी है. सर्चिंग में निकले जवानों को कांकेर नारायण सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा डंप किया गया बड़ी मात्रा में हथियार और आईईडी बरामद हुआ है. सुरक्षा बलों की कार्यवाही से नक्सलियों द्वारा भविष्य में घटित की जा सकने वाली बड़ी नक्सली घटना टल गई है.
बस्तर रेंज में नक्सलियों को समाप्त करने के लिए सुरक्षाबलों का अभियान लगातार जारी है. आईजी पी सुन्दराज के निर्देशन और एसपी कांकेर निखिल राखेचा के मार्गदर्शन में पुलिस बल के द्वारा नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है. अभियान में बीएसएफ डीआईजी ओम प्रकाश प्रभारी राघवेंद्र सिंह सेनानी 94 वीं वाहिनीं बीएसएफ का भी सहयोग मिल रहा है.
नक्सल विरोधी अभियान के तहत डीआरजी/ बीएसएफ की संयुक्त टीम सर्चिंग में निकली थी. 13 फरवरी को कांकेर– नारायणपुर सीमावर्ती क्षेत्र में थाना छोटेबेठिया क्षेत्रांतर्गत ग्राम बीनागुंडा के पास नक्सलियों के द्वारा डंप किया गया हथियार, विस्फोटक,नक्सल साहित्य और अन्य सामग्री मिली. सामग्रियों को जब्त करने के साथ थाना छोटेबेठिया में वैधानिक कार्यवाही की जा रही है.
जब्त सामग्री
बीजीएल लांचर-2, 12 बोर- 2, एयरगन- 1, डायरेक्शन आईईडी-3, टिफिन आईईडी लगभग 5 किग्रा-1, बीजीएल बम-30, 12 बोर राउण्ड -26, बारुद प्लास्टिक पैकेट मे लगभग 2 किग्रा, मल्टी मीटर-1, पटाखा-12 पैकेट, बिजली वायर-2 बंडल, पोच-2, स्पिलंटर – 1 पैकेट।
बजरंग दल के विरोध के बीच आयोजकों ने रद्द किया सनी लियोनी का कार्यक्रम…
रायपुर। राजधानी रायपुर में अभिनेत्री सनी लियोन का 22 फरवरी को होने वाला कार्यक्रम बजरंग दल के विरोध के बीच आयोजकों ने रद्द कर दिया है. आयोजन समिति ने स्पष्ट किया कि सनी लियोनी के कार्यक्रम के अतिरिक्त दूसरे कार्यक्रम यथावत हैं.
दरअसल, रामा वर्ल्ड में 22 फरवरी को ‘बिस्लिम की महफिल’ के नाम से संगीत का कार्यक्रम आयोजित किया था, इसमें अभिनेत्री सनी लियोनी के साथ-साथ DJ Aerreo अपनी-अपनी प्रस्तुति देने वाले थे. लेकिन बजरंग दल के विरोध के बाद आयोजकों ने सनी लियोनी का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है. अब ‘बिस्लिम की महफिल’ में DJ Aerreo के साथ अन्य सभी कार्यक्रम यथावत रहेंगे.
कार्यक्रम की नहीं ली आधिकारिक अनुमति
इस बीच रायपुर पुलिस ने आयोजन को लेकर बताया कि इसके लिए अब तक कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई है. एडिशनल डीसीपी रायपुर मध्य तारकेश्वर पटेल ने बताया कि आयोजकों ने पुलिस विभाग से किसी प्रकार की स्वीकृति प्राप्त नहीं की है, ऐसे में यदि कार्यक्रम आयोजित किया जाता है तो संबंधित आयोजकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
सनी लियोनी को नहीं देख पाएंगे प्रशंसक
इस मामले में आयोजक प्रखर जैन ने कहा कि बजरंग दल के द्वारा सन्नी लियोन का विरोध किया गया था. जिसके चलते सनी लियोन का कार्यक्रम कैंसिल कर दिया गया है. अब सनी लियोन कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगी, लेकिन बिस्मिल की महफिल के बाकी सभी कार्यक्रम होंगे. बाकी के कार्यक्रमों को कैंसिल नहीं किया गया है.
लापरवाही पर गिरी गाज: दल्लीराजहरा नगर पालिका के प्रभारी CMO निलंबित
बालोद। नगरीय प्रशासन से जुड़े कार्यों में कथित लापरवाही को लेकर शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए दल्लीराजहरा नगरपालिका के प्रभारी सीएमओ एवं राजनांदगांव नगर निगम के समाज कल्याण अधिकारी भूपेन्द्र वार्डेकर को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई नगरीय प्रशासन मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश पर की गई।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के उप सचिव द्वारा जारी निलंबन आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि अधिकारी के कृत्य में कर्तव्य के प्रति गंभीर उदासीनता परिलक्षित हुई है। आदेश के अनुसार, 14 जनवरी 2026 को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 (दिसंबर 2025 की स्थिति) तक समस्त करों सहित औसतन 60 प्रतिशत राजस्व वसूली सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।

हालांकि, समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि संपत्तियों का नया कर (मांग) निर्धारण नहीं किए जाने के कारण राजस्व वसूली अपेक्षा से काफी कम रही। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, प्रॉपर्टी टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम में कार्य प्रारंभ से 13 जनवरी 2026 तक केवल एक प्रविष्टि दर्ज की गई। इसे शासन ने अत्यंत गंभीर मानते हुए अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।
जारी आदेश में कहा गया है कि उक्त स्थिति अधिकारी के कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही और उदासीनता को दर्शाती है, जो सेवा नियमों के प्रतिकूल है। भूपेन्द्र वार्डेकर का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 के विपरीत गंभीर कदाचार की श्रेणी में रखा गया है।
इसके आधार पर उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 एवं छत्तीसगढ़ राज्य नगर पालिका सेवा नियम 2017 के नियम 33 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग निर्धारित किया गया है। नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
इधर, निलंबन आदेश जारी होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्काल वैकल्पिक प्रभार भी सौंपा गया है। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देश पर अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने देवेंद्र नेताम, तहसीलदार डौंडी को नगर पालिका परिषद दल्लीराजहरा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी का संपूर्ण प्रभार आगामी आदेश तक सौंपने के निर्देश जारी किए हैं।

यह आदेश नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा 10 फरवरी 2026 को जारी शासनादेश के परिपालन में जारी किया गया। शासन की इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने और राजस्व वसूली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
6 नक्सल प्रतीकों को सुरक्षाबलों ने किया ध्वस्त, इधर ताड़पाला हिल्स से IED समेत कई विस्फोटक बरामद
बीजापुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों कार्रवाई जारी है. इसी कड़ी में बीजापुर के थाना मोदकपाल और थाना उसूर के इलाकों में दो अहम कार्रवाई की गई है. मोदकपाल और सीआरपीएफ जवानों की संयुक्त टीम ने शनिवार को कार्रवाई में 6 माओवादी स्मारक को धवस्त किया गया है. इससे पहले शुक्रवार ताड़पाला हिल्स एरिया में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए विस्फोटक सामाग्री को बरामद किया है.
ग्रामीणों की समस्याएं सुनने लगा चलित थाना
ग्राम पंगुड़ में CRPF बी/62 वाहिनी नुकनपाल और मोदकपाल थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान के दौरान चलित थाना लगाया गया. इस दौरान जवानों ने ग्रामीणों की शिकायतें और समस्याओं को सुना. ग्रामीणों को सायबर जागरूकता अभियान के तहत ग्रामीणों को ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल, ओटीपी धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के संबंध में जानकारी प्रदान की गई. लोगों ने “भारत माता की जय” के नारों के साथ सुरक्षा बलों का उत्साहवर्धन किया.
नक्सलियों के अलग-अलग ठिकानों से विस्फोटक बरामद

थाना उसूर क्षेत्रान्तर्गत केरिपु 196 वाहिनी और कोबरा 204 की संयुक्त टीम ने ताड़पाला हिल्स एरिया में सघन नक्सल अभियान अभियान चलाया. कार्रवाई में जवानों ने दो अलग-अलग स्थानों से डंप के अंदर से प्लास्टिक ड्रम और पॉलिथिन में छिपाकर रखी कई विस्फोटक सामग्री, राशन और अन्य माओवादी सामग्री को बरामद किया.
डंप से क्या-क्या मिला ?
डेटोनेटर – 13 नग
गन पावडर – 11 किलोग्राम
प्लास्टिक ड्रम – 04 नग
स्टील ड्रम – 02 नग
लोहे का ड्रम – 02 नग
माओवादी वर्दी, जूते, कैप, डोरी, यूएसबी केबल, सोलर प्लेट एवं अन्य माओवादी साहित्य
एरिया डॉमिनेशन के दौरान माओवादियों द्वारा जमीन में लगाकर रखे गये 13 नग बीयर बॉटल में प्रेशर स्विच सिस्टम से लगाए गये IED और 1 नग डायरेक्शन IED (लोहे के पाइप में निर्मित) मौके से बरामद किए गए. अभियान के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा टेकमेटला कुंजामपारा क्षेत्र में निर्मित माओवादी स्मारक को भी ध्वस्त किया गया.
रायपुर के कई गार्डन में सुरक्षा बढ़ाई गई, वेलेंटाइन डे के चलते पुलिस अलर्ट
रायपुर। वेलेंटाइन डे पर सुरक्षा के मद्देनजर रायपुर कमिश्नरेट में पुलिसकर्मीयों की पार्क, मॉल जैसे सार्वजनिक स्थानों पर तैनाती की गई है. पुरुष के साथ महिला पुलिसकर्मी मौजदू रहेंगे. इन जगहों पर कानून को हाथ में लेने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के रायपुर कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने निर्देश दिए हैं.
शहर में किन स्थानों पर पुलिस तैनात रहेगी
अगर आप भी अपने पार्टनर के साथ वैलेंटाइन डे पर आज कहीं घूमने जा रहे हैं, तो आपकी सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे. पिछले साल 24 दिसंबर को क्रिसमस के दौरान मैगनेटो मॉल में हुए उत्पात को देखते हुए पुलिस सतर्कता बरत रही है. शहर के ऊर्जा पार्क, मैगनेटो मॉल, जोरा मॉल, सिटी सेंटर मॉल, गांधी उद्यान गार्डन, मोतीबाग गार्डन, कलेक्ट्रेट गार्डन, निगम गार्डन और राम मंदिर जैसे स्थानों पर सुरक्षा के लिए पुलिस मौके पर मौजूद रहेगी.
असमाजिक तत्वों पर पुलिस लेगी एक्शन
वैलेंटाइनस डे को लेकर कमिश्नरेट रायपुर में पुलिस हाई अलर्ट पर रहेगी. शहर के दर्जनभर से अधिक संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, जिनमें प्रमुख मंदिर, पार्क, गार्डन और अन्य सार्वजनिक स्थल शामिल हैं. पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि असामाजिक तत्वों, मनचले युवकों और हुड़दंगियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर किसी संगठन या समूह द्वारा युवक-युवतियों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
धमतरी सड़क दुर्घटना में कोबरा बटालियन के जवानों के निधन पर मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी में हुए सड़क हादसे में कोबरा बटालियन के वीर जवानों के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा में समर्पित हमारे जांबाज जवानों का निधन अत्यंत हृदयविदारक है और यह क्षति अपूरणीय है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने दिवंगत जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने में कोबरा बटालियन के जवानों की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायल जवान के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घायल जवान के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
भीषण सड़क हादसे में 201 कोबरा बटालियन के 4 जवानों की हुई दर्दनाक मौत, एक जवान गंभीर रूप से घायल…
धमतरी। धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खपरी बाईपास के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे में 201 कोबरा बटालियन के 4 जवानों की दर्दनाक मौत हो गई. वहीं एक जवान गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है. सूचना पर तत्काल मौके पर अर्जुनी थाना पुलिस ने घायल जवानों को उपचार के लिए और दिवंगत जवानों के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल के लिए रवाना किया.
जानकारी के अनुसार, जगदलपुर 201 बटालियन से जवानों को लेकर आ रही डिजायर कार खपरी बाईपास पर सड़क किनारे ट्रक से जा भिड़ी. भिड़ंत इतनी भयावह थी कि कार पूरी तरह से चकनाचूर हो गई. गैस कटर की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद कार के अंदर फंसे जवानों को उन्हें बाहर निकाला गया. दर्दनाक हादसे में दो जवानों की मौके पर ही मौत हो गई थी, वहीं गंभीर रूप से घायल दो जवानों ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया. हादसे में एक जवान गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है. पुलिस मामले की जांच कार्रवाई में जुटी है.
मुख्यमंत्री ने तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव का किया शुभारंभ, सरगुजा जिले को दी 523 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के मैनपाट में आयोजित तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ किया। समारोह में उन्होंने सभी को मैनपाट महोत्सव की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान मैनपाट में पर्यटन के विकास हेतु 1 करोड़ रुपए तथा सीतापुर में सर्व सुविधायुक्त बस स्टैंड के निर्माण हेतु घोषणा भी की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले में 523 करोड़ 20 लाख 53 हजार रूपए की राशि के 109 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सरगुजा की संस्कृति, अस्मिता को दिखाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है यह समारोह। इस महोत्सव से यहां की संस्कृति से देश-दुनिया परिचित होंगे। बाहर से आने वाले एवं स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिलेगा और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मूलमंत्र सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास है। उनके विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए हम लोग विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प लिए हैं। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से ज्यादा माताओं-बहनों के खाते में एक हजार हर महीने आता है, 15 हजार करोड़ से ज्यादा रुपए उनके खाते में जा चुका है। आप लोगों ने देखा है कि 2 साल में यशस्वी प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री के आशीर्वाद के कारण उनके दृढ़ ईच्छा शक्ति के कारण यह क्षेत्र नक्सवाद से मुक्त हो रहा है। मैं अपने प्रदेश के जवानों के साहस को नमन करता हूं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का तिब्बती बंधुओं द्वारा तिब्बती संस्कृति पर आधारित “ताशी शोपा“ नृत्य के साथ आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से पात्र हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्रियों का वितरण किया। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं।
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर विकास हो रहा है। राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के समग्र विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण और नई संभावनाओं के सृजन की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मैनपाट जैसे प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण स्थल पर पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
विधायक राम कुमार टोप्पो ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन केवल एक उत्सव का शुभारंभ नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के प्रति प्रेम का महोत्सव है। मैनपाट महोत्सव जन-गौरव का उत्सव है, जहां प्रकृति ने स्वयं इस धरती को अद्भुत सौंदर्य से सजाया है। विधायक प्रबोध मिंज ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मैनपाट महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर आज क्षेत्र के विकास हेतु 500 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इन कार्यों से मैनपाट में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
सरगुजा जिले को 523 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की मिली सौगात-
मैनपाट महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिले में विकास को नई गति देते हुए कुल 523 करोड़ 20 लाख 53 हजार रुपए 109 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 429 करोड़ 11 लाख 40 हजार रुपए की लागत के 81 कार्यों का भूमिपूजन एवं 94 करोड़ 09 लाख 13 हजार रुपए की लागत के 28 कार्यों का लोकार्पण किया गया।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव : रजनीश सिंह बघेल बने अध्यक्ष, गौतम खेत्रपाल उपाध्यक्ष निर्वाचित
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ निर्वाचन वर्ष 2026–2028 के चुनाव में रजनीश सिंह बघेल ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है। युवा अध्यक्ष के हाथ हाईकोर्ट बार की कमान आने से युवा अधिवक्ताओं में भारी उत्साह है। परिणाम आते ही अधिवक्ताओं के बीच जबरदस्त उत्साह नजर आया। कड़ी टक्कर के बीच रजनीश सिंह बघेल ने जीत दर्ज की है।
बता दें कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव में 17 पदों के लिए गुरुवार को मतदान हुआ था, जिसमें 61 प्रत्याशी मैदान में थे। अध्यक्ष पद के लिए 7 दावेदारों के बीच मुकाबला था। उपाध्यक्ष (वरिष्ठ) पद पर 6 और उपाध्यक्ष (महिला) पद पर 4 प्रत्याशियों ने किस्मत आजमाई। सचिव, सह सचिव, कोषाध्यक्ष समेत अन्य पदों पर भी कांटे की टक्कर रही। कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए 16 उम्मीदवार मैदान में थे। 2026–2028 कार्यकाल के लिए 1419 मतों में से 1214 वोट पड़े।

विजेता अभ्यर्थियों की सूची इस प्रकार है-
अध्यक्ष: रजनीश सिंह बघेल
उपाध्यक्ष (वरिष्ठ): गौतम खेत्रपाल
उपाध्यक्ष (महिला): माण्डवी भारद्वाज
सचिव: अनिल त्रिपाठी
सह सचिव: विजय कुमार साहू
सह सचिव (महिला): आस्था शुक्ला
कोषाध्यक्ष: हरआशा पूरन सिंह भाटिया
क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक सचिव (वरिष्ठ): अमन पाण्डेय
क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक सचिव (महिला): प्रज्ञा पाण्डेय
ग्रंथालय सचिव: राहुल कुमार मिश्रा।

कार्यकारिणी सदस्य-
अभिषेक पाण्डेय
त्रिवेणी शंकर साहू
आशुतोष मिश्रा
शरद मिश्रा
उज्जवल चौबे
लक्ष्मीन कश्यप
दीप्ति तिवारी
स्काउट-गाइड अनियमितता मामले में जांच समिति गठित, DEO ने 3 सदस्यीय टीम को सौंपी जांच, 7 दिन में मांगा गया रिपोर्ट
मुंगेली। जिले में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत पर अब प्रशासन ने औपचारिक कार्रवाई शुरू कर दी है। युवा कांग्रेस के जिला महासचिव एवं पार्षद अजय साहू द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन के बाद हरकत में आए डीईओ एल.पी. डाहिरे ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित करने का आदेश जारी किया है।

बता दें कि शिकायत में वर्ष 2022 से 2025 के बीच संगठन के संचालन में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। संगठन के अध्यक्ष और सचिव पदों पर चयन प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी, बिना विधिवत ऑडिट किए भारी राशि आहरित करने तथा बिल-वाउचर के माध्यम से नियमविरुद्ध भुगतान किए जाने की बात कही गई थी।
कंप्यूटर ऑपरेटर पूनम शर्मा और तात्कालीन डीओसी मोरध्वज सप्रे पर संगठन की राशि के मनमाने उपयोग के आरोप लगाए गए थे। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया था कि पिछले तीन वर्षों से आय-व्यय विवरण और ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, जिससे वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं। मामले में निष्पक्ष जांच के लिए समिति गठित कर मूल बिल-वाउचर, चेकबुक और संबंधित वित्तीय दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की गई थी।
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार जांच समिति में जिला मिशन समन्वयक (समग्र शिक्षा) अशोक कश्यप, विकासखंड शिक्षा अधिकारी जितेंद्र बावरे तथा वी.आर. साव सेजेस विद्यालय, मुंगेली के प्राचार्य पी.सी. दिव्य को शामिल किया गया है। समिति को निर्देशित किया गया है कि वह निष्पक्ष जांच कर एक सप्ताह के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करे।
यह भी कहा जा रहा है कि यह मामला पहले भी उठ चुका था, लेकिन कार्रवाई के अभाव में ठंडे बस्ते में चला गया था। अब जांच समिति के गठन के बाद यह प्रतीत हो रहा है कि शिक्षा विभाग ने शिकायत को गंभीरता से लिया है। अब सभी की नजर जांच प्रतिवेदन पर टिकी है, जो तय करेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या दंडात्मक कार्रवाई की जाती है।
नए आपराधिक कानूनों के प्रयोग से पुलिस प्रक्रिया हुई तीव्र एवं आसान - उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
रायपुर। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने आज गृह एवं जेल विभाग की उपलब्धियों के संबंध में नया रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में पत्रकारों से चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार बनने के साथ ही हम एक नई सोच को लेकर कार्य कर रहे हैं। राज्य की क्षमता में विस्तार के लिए नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन अन्तर्गत आइसीजेएस के तहत पांचों स्तंभों पुलिस, अभियोजन, फारेंसिक, जेल एवं न्यायालय को एकीकृत करने की प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ राज्य अग्रणी है। दुर्ग एवं बिलासपुर जिले पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर पांचों पिलर्स को एकीकृत कर एक मॉडल जिले के रूप में उभर कर सामने आये हैं। पहले पुलिस को साक्ष्यों को लेकर कई बार समास्याओं का सामना करना पड़ता था अब ई- साक्ष्य के आने से तुरंत साक्ष्य उपलब्ध हो रहे हैं। जिससे पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ा है।
8 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना किसी प्रीमियम के सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा उपलब्ध कराई
गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि पुलिस कार्यों के आधुनिकीकरण के लिए सीसीटीएनएस द्वारा मेडलीपार, ई- साक्ष्य, ई -सम्मन, ऑनलाइन एफआईआर, ई- साइन, ई- कोर्ट, ई- श्रुति के द्वारा कार्यों को त्वरित और आसान बनाया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को न्याय प्राप्ति में आसानी होगी। पुलिस कर्मियों के लिए अब तक किसी प्रकार की बीमा की व्यवस्था नहीं थी, जिस पर ध्यान देते हुए सरकार द्वारा 08 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना किसी प्रीमियम के सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, इसका लाभ छत्तीसगढ़ पुलिस के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्राप्त हो रहा है। यह पुलिस कर्मियों के लिये कल्याणकारी योजनाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत अब तक 15 शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को 16 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।
शिकायतों के निराकरण हेतु ऑनलाईन कम्पलेंट मैंनेजमेंट पोर्टल का निर्माण
गृह मंत्री ने बताया कि पहले अपराध समीक्षा हाथ से लिखकर उपलब्ध कराया जाता था जो पुलिस विवेचना में देरी होती थी, अब राज्य की अभिनव पहल के रूप में अपराध समीक्षा एप्लीकेशन से पूरे राज्य में दर्ज एफआईआर की निगरानी, समीक्षा एवं विश्लेषण की जा रही है। जहां समय-सीमा में अपराधों का विवेचना के साथ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित रूप इसका पर्यवेक्षण किया जा रहा है जिससे जवाबदेहिता सुनिश्चित हो रही है और हर स्तर पर उसकी निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस मुख्यालय में विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के निराकरण हेतु ऑनलाईन कम्पलेंट मैंनेजमेंट पोर्टल का निर्माण किया गया है। पूर्व में शिकायतों को संबंधित जिलों में डाक के माध्यम से प्रेषित किया जाता था और जिलों के द्वारा भी संबंधित शिकायतों का जांच प्रतिवेदन डाक के माध्यम से ही मुख्यालय को प्राप्त होता था। इस पोर्टल के निर्माण से इस प्रक्रिया को ऑनलाईन किया गया है, जिससे संसाधनों व समय की बचत के साथ-साथ शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है। शिकायतों के त्वरित निराकरण से पुलिस की छवि में सुधार तथा पीड़ितों को राहत मिल रहा है।
अवैध प्रवासियों की पहचान कर विशेष टास्क फोर्स का गठन
गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि अवैध प्रवासियों पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में टोल फ्री नम्बर जारी कर अवैध प्रवासियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए अवैध प्रवासियों की पहचान कर विशेष टास्क फोर्स का गठन द्वारा उनकी गिरफ्तारी एवं विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत उन पर कार्रवाई करते हुए 34 लोगों को देश से निष्कासित करने का भी कार्य किया गया है। विचाराधीन लोगों के लिए होल्डिंग सेंटर भी बनाये गए हैं जहां उनकी जांच कर नियमानुसार प्रक्रिया की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा एंटी टेरीरिस्ट स्क्वाड को भी क्रियाशील करने का कार्य किया है जहां बनने के बाद से अब तक इसमें कोई केस दर्ज नहीं हुआ था वर्ष 2025 में इसके द्वारा पहली बार कार्रवाई की गई थी। उन्होंने बताया कि धर्मांतरण के मामलों पर सरकार विशेष ध्यान देते हुए इन्हें रोकने के लिए संलग्न लोगों पर कार्रवाई कर रही है सरकार बनने के 23 वर्षों में जितने मामले दर्ज हुए थे उससे दोगुने मामले पिछले 2 वर्षों में दर्ज किए गए हैं।
गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार की रोकथाम
गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि प्रदेश में गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार की रोकथाम हेतु पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है, जिसमें गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के प्रकरण दर्ज कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इनमें प्रयुक्त वाहनों को जप्त कर 142 वाहनों को राजसात कर 27 वाहनों की नीलामी भी की जा चुकी है। देश में पहली बार गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के आदतन आरोपियों की सूची बनाई गई है और उनपर गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 19 पर निगरानी भी खोलकर सतत् निगरानी की जा रही है।
राज्य में नशे के व्यापार के विरूद्ध सख्त कार्रवाई
श्री शर्मा ने बताया कि राज्य में नशे के व्यापार के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत लगातार कार्य किया जा रहा है। आदतन आरोपी के विरूद्ध निरोधक आदेश जारी कर एनडीपीएसए के वित्तीय जांच कर नशे के व्यापारियों की वित्तीय आधार खत्म करने के लिए उनकी सम्पत्ति जब्त कर उसे नीलाम करने का भी कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही गांजा, नशीली दवाइयों, एमडीएमए, हेरोईन, ब्राउन शुगर, डोडा को नष्टीकरण करने का कार्य किया गया है एवं संलग्न वाहनों की नीलामी भी की जा रही है।
अनाधिकृत ऑनलाईन गैम्बलिंग को रोकने का भी कार्य
गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि साइबर अपराधियों के विरूद्ध तीव्र गति से कार्रवाई के करते हुए ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों के खातों को सीज करने के साथ फर्जी सिम जारी करने वाले पीओएस पर भी अपराध पंजीबद्ध कर 165 संचालको की गिरफ्तारी की कार्यवाही की गई है साथ ही म्यूल खातों पर कार्यवाही करते हुये अपराध पंजीबद्ध कर बैंक कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी की गई है। राज्य में संचालित अनाधिकृत ऑनलाईन गैम्बलिंग प्लेटफार्म पर पहली बार कार्रवाई करते हुए 255 ऑनलाइन लिंक्स और पोर्टल्स को रोकने का भी कार्य किया गया है। साइबर सुरक्षा के लिए रायगढ़, कोरबा, राजनांदगाँव, कबीरधाम, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, जशपुर एवं धमतरी में साइबर थानों का संचालन प्रारंभ किया गया।
लोकतंत्र में बंदूक दिखा कर भय और हिंसा फैलाने वालों के लिए कोई स्थान नहीं
नक्सलवाद के अंत के संबंध में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट किया की शासन बस्तर में शांति के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। सशस्त्र नक्सलवाद के खात्मे के लिए केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा तय की गई 31 मार्च 2026 का दिन निर्धारित है, जिस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार अडिग है। लोकतंत्र में बंदूक दिखा कर भय और हिंसा फैलाने वालों का कोई स्थान नहीं है। शासन का प्रयास है अधिक से अधिक माओवादियों का पुनर्वास कराया जाए, इसका प्रभाव है कि राज्य में नक्सल ऑपरेशन में न्यूट्रलाइसड किए गए माओवादियों की संख्या से कई गुना अधिक लोगों ने पुनर्वास का रास्ता चुना है। इसके लिए लगातार सरकार द्वारा रेडियो एवं अन्य माध्यमों से पुनर्वास हेतु संदेश जारी किए थे, इसमें बस्तर के पत्रकार साथियों एवं समाज प्रमुखों का भी बहुत सहयोग प्राप्त हुआ है जो सराहनीय है। उन्होंने बस्तर के समाज प्रमुख गणेश माड़वी के योगदान की विशेषतः रेखांकित किया।
दो पंचायतों ने स्वयं को नक्सल मुक्त किया घोषित
श्री शर्मा ने बताया कि पुनर्वासित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शासन द्वारा विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं, इसमें उन्हें आजीविका मूलक प्रशिक्षण देने के साथ उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्हें 5जी मोबाइल फोन, विभिन्न स्थानों पर शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जा रहा है। जेल में नक्सल प्रकरण में निरुद्ध लोगों के पुनर्वास के लिए उनके परिजनों के माध्यम से उन्हें जेल से पुनर्वास करने की अपील की जा रही है उन्हें पे रोल पर ले जा कर पुनर्वास केंद्रों का भ्रमण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे पुनर्वासित युवा जिनका विवाह नहीं हुआ था, उनका भी सामूहिक विवाह कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इलवद पंचायत योजना के तहत अब तक दो पंचायतों ने स्वयं को नक्सल मुक्त घोषित भी किया है। पिछले 2 वर्षों में कई पोलित ब्यूरो सदस्य, केंद्रीय कमेटी सदस्य, स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य के द्वारा पुनर्वास के साथ कई नक्सल नेताओं को न्यूट्रलाइस भी किया गया है।
बंदियों को मनोरंजन तथा सकारात्मक शिक्षा प्रदान करने हेतु केन्द्रीय जेल रायपुर में उमंग-तरंग नाम से रेडियो स्टेशन का संचालन
गृह मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि जेलों में व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर राज्य की चार केन्द्रीय जेल रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर तथा अंबिकापुर को आई.एस.ओ. प्रमाणन भी प्राप्त हुआ है। युवा बंदियों को सकारात्मक रचनात्मक रूझान प्रदान करने के लिए केन्द्रीय जेल अंबिकापुर में सरगुजा स्कूल ऑफ ऑर्ट्स की स्थापना की गई है। इसमें युवा बंदियों को ड्राईंग, पेंटिंग, योग इत्यादि कलाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बंदियों को मनोरंजन तथा सकारात्मक शिक्षा प्रदान करने हेतु केन्द्रीय जेल रायपुर में उमंग-तरंग नाम से रेडियो स्टेशन का संचालन किया जा रहा है। बंदियों के कौशल विकास एवं पुनर्वास हेतु जेलों में नवीन उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं, जिसमें मसाला उद्योग, ऑयल एक्सट्रेक्शन उद्योग, एलईडी बल्ब, पेट्रोल पंप का संचालन सम्मिलित हैं।
इस अवसर पर एसीएस गृह मनोज पिंगुआ, डीजी जेल हिमांशु गुप्ता, सचिव हिमशिखर गुप्ता, एडीजी अमित कुमार, एडीजी एसआरपी कल्लूरी, एडीजी विवेकानंद, एडीजी प्रदीप गुप्ता, आईजी ध्रुव गुप्ता उपस्थित रहे।
