प्रदेश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को दीप पर्व की शुभकामनाएं देने बगिया में लगा रहा तांता
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जशपुर स्थित गृह निवास बगिया में दीपावली के पावन पर्व पर शुभकामनाएं देने वालों का सिलसिला दिन भर जारी रहा। देर रात्रि तक जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने मुख्यमंत्री से भेंट कर दीपावली की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी लोगों का आत्मीय स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं सुख-समृद्धि की मंगलकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि दीपावली का पर्व, परस्पर सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, जो समाज को अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें, जिससे कुम्हारों, कारीगरों और स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहन मिल सके। उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल की भावना आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।‘
मुख्यमंत्री से भेंट के दौरान लोगों ने अपनी मांगें एवं समस्याएं भी उनके समक्ष रखी। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी निवेदनों को संज्ञान में लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित और समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए। दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में चहुओर उत्साह का वातावरण रहा।
मुख्यमंत्री की पहल पर जशपुर और बस्तर जिले में 4 नवीन महाविद्यालयों के लिए 132 पद स्वीकृत
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में प्रावधानित 4 नवीन शासकीय महाविद्यालयों की स्थापना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार इन महाविद्यालयों की स्थापना फरसाबहार (जिला-जशपुर), करडेगा (जिला-जशपुर), नगरनार (जिला-बस्तर) तथा किलेपाल (जिला-बस्तर) में की जाएगी।
मुख्यमंत्री की इस पहल से जशपुर एवं बस्तर जैसे जनजाति बहुल एवं भौगोलिक रूप से दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अब उनके इलाके में ही उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। दूरस्थ अंचलों की बेटियों और बेटों को अब कॉलेज की पढ़ाई के लिए अब अपने घरों से दूर अन्यत्र नही जाना पड़ेगा। उच्च शिक्षा की पहुंच हर इलाके में हो, इसके लिए राज्य सरकार शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बना रही है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि शिक्षा ही प्रदेश के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है और सरकार युवाओं को अवसर, संसाधन तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
गौरतलब है कि इन चारों महाविद्यालयों के लिए कुल 132 पदों (प्रति महाविद्यालय 33 पद) के सृजन की स्वीकृति के साथ ही कक्षाएं प्रारंभ करने की अनुमति भी राज्य शासन ने दे दी है। स्वीकृत पदों में प्राचार्य, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल, क्रीड़ाधिकारी, सहायक ग्रेड-1 एवं प्रयोगशाला कर्मी आदि शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री साय की इस पहल से आदिवासी एवं दूरस्थ क्षेत्रों में उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय युवाओं की शिक्षा, रोजगार एवं कौशल वृद्धि के अवसर बढ़ेंगे। प्रदेश में समान और संतुलित शैक्षणिक विकास को गति मिलेगी।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे IPS आशुतोष सिंह, CBI में में बनाए गए SP, आदेश जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस आशुतोष सिंह की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) एसपी के पद पर पोस्टिंग हुई है। आज मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर ने उनकी प्रतिनियुक्ति को औपचारिक मंजूरी देते हुए राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर उन्हें रिलीव करने के निर्देश जारी किए हैं। CBI में आशुतोष का कार्यकाल ज्वाइन करने की तिथि से पांच वर्ष तक या अगले आदेश (जो भी पहले हो) तक होगा।
जानिए कौन हैं आईपीएस आशुतोष सिंह
आईपीएस आशुतोष सिंह 2012 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के अधिकारी हैं और वर्तमान में महासमुंद जिले के पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात हैं। वे मूलतः उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रहने वाले हैं। उनका जन्म 9 मार्च 1986 को हुआ था और उनके पिता रेलवे इंजीनियर थे।
आशुतोष सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा लखनऊ से पूरी की। दसवीं में उन्हें 88% अंक प्राप्त हुए और 12वीं में 80% अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र और राजनीति शास्त्र में स्नातक की डिग्री (BA) प्राप्त की। इसके उपरांत उन्होंने दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से राजनीति शास्त्र में पोस्टग्रेजुएशन (MA) किया। इस दौरान उन्होंने NET-JRF भी क्वालीफाई किया।
एम.फिल की पढ़ाई करते समय आशुतोष सिंह ने UPSC की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में वे साक्षात्कार तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन में चूक गए। दूसरे प्रयास में उन्होंने पूरी मेहनत लगाई और 225वीं रैंक के साथ UPSC क्रैक कर लिया। इसके बाद उन्हें आईपीएस की सर्विस और छत्तीसगढ़ कैडर मिला। आशुतोष सिंह पहले भी चार अन्य सरकारी परीक्षाओं में चयनित हो चुके थे, लेकिन उन्होंने सभी छोड़कर UPSC को अपना लक्ष्य बनाया।
आईपीएस आशुतोष सिंह ने 24 दिसंबर 2012 को अपनी सेवा ज्वाइन की। उन्होंने हैदराबाद के लाल बहादुर शास्त्री प्रशिक्षण अकादमी से प्रशिक्षण पूरा किया और फिर फील्ड ट्रेनिंग के लिए रायपुर जिले में प्रशिक्षु आईपीएस के रूप में पोस्टिंग प्राप्त की। वे अभनपुर थाना प्रभारी भी रहे। इसके बाद सरगुजा जिले में डीएसपी हेड क्वार्टर और फिर अंबिकापुर में सीएसपी के पद पर तैनात हुए। अंबिकापुर में सीएसपी रहते हुए उन्होंने 5 नवंबर 2014 से 5 सितंबर 2015 तक अपनी सेवाएं दी और तेज तर्रार और प्रभावशाली पुलिस अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाई। आशुतोष सिंह वर्तमान में महासमुंद जिले के SP का दायित्व निभा रहे हैं।
देखें आदेश

संतों की कृपा और जनता के विश्वास से ही संभव हुआ सुशासन का दीपोत्सव: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। दीपावली के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ जिले के लैलूंगा तहसील के ग्राम भुईयांपानी पहुँचे। यहाँ उन्होंने गुरुधाम में आयोजित दीप महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होकर अपने आराध्य संत गुरुदेव स्वामी धनपति पंडा एवं प्रेमशीला पंडा की प्रतिमाओं के समक्ष नमन कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह दीपोत्सव हर घर में उजियारा और हर जीवन में सुख, समृद्धि, शांति एवं प्रेम का प्रकाश फैलाए। उन्होंने कहा कि गुरु का आशीर्वाद सदैव हम सब पर बना रहे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शिवमंदिर में जाकर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया तथा हनुमान मंदिर एवं वटवृक्ष की पूजा-अर्चना भी की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह संतों और प्रदेश की जनता का ही आशीर्वाद है कि एक किसान का बेटा मुख्यमंत्री बना है। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल के 22 महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी योजनाओं को धरातल पर उतारना उनकी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों के विकास के लिए राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस प्रदान किया गया है। धान खरीदी की सीमा 21 क्विंटल प्रति एकड़ कर दी गई है। धान का मूल्य 3,100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं। ई-गवर्नेंस प्रणाली की शुरुआत हो चुकी है और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। भूमिहीन मजदूर सहायता योजना, तेंदूपत्ता खरीदी 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा, रामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना जैसी अनेक जनहितकारी योजनाएँ सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने गुरुधाम में एक करोड़ रुपए की लागत से सर्वसुविधायुक्त भवन का निर्माण, महतारी सदन के लिए 29 लाख रुपए के साथ ही गुरुधाम परिसर में हाईमास्ट लाइट की स्थापना, तालाब का सौंदर्यीकरण, बोर खनन एवं अन्य आवश्यकताओं के लिए घोषणा की।
लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने उपस्थित सभी लोगों को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि इस संसार में गुरु से बढ़कर कोई नहीं है। गुरु ही वह प्रकाशस्तंभ हैं जो हमें अंधकारमय जीवन से निकालकर ज्ञान, अनुशासन और नैतिकता के पथ पर अग्रसर करते हैं। गुरु की प्रेरणा ही जीवन में सच्चा आनंद, आत्मिक शांति और सर्वाेच्च सुख प्रदान करती है। उनका मार्गदर्शन जीवन को अर्थपूर्ण बनाता है।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह, महापौर जीवर्धन चौहान, संत सनातन धर्मदेवी संत समाज के अध्यक्ष सहदेव पंडा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार, सत्यानंद राठिया सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।
“अपराजिता” केंद्र में दीपावली का उत्सव - उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया दीपों का पर्व
रायपुर। समाज कल्याण विभाग, जिला रायपुर द्वारा संचालित एकीकृत महिला सहायता केंद्र “अपराजिता” में दीपावली का पर्व हर्षोल्लास एवं उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर केंद्र में निवासरत महिलाओं ने दीप जलाकर एवं सजावट कर दीपों के त्यौहार का आनंद उठाया।

दीपावली के पूर्व दिवस केंद्र के लिए एक विशेष अवसर भी रहा, जब केंद्र में रह रही बिमला यादव को उनके मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के पश्चात उनके पति देवशरण कोसले , ग्राम कवर्धा, जिला कबीरधाम के सुपुर्द किया गया। श्रीमती यादव को दिनांक 2 अगस्त 2025 को सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा केंद्र में लाया गया था, जहाँ उनका उपचार मनोचिकित्सक डॉ. सुरभि के मार्गदर्शन में किया गया।
यह पहली बार नहीं है जब “अपराजिता” केंद्र से किसी महिला को उपचार पूर्ण होने के बाद परिवार के सुपुर्द किया गया हो। इससे पूर्व विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर भी एक हितग्राही को स्वस्थ होने के पश्चात परिवार को सौंपा गया था।
संस्था “अपराजिता” में महिलाओं को निःशुल्क आवास, भोजन, वस्त्र, उपचार एवं परामर्श सेवाएं प्रदान की जाती हैं। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु केंद्र में योग, ध्यान, प्रकृति से जुड़ाव, पर्याप्त विश्राम और मोबाइल के सीमित उपयोग जैसे विषयों पर भी मार्गदर्शन दिया जाता है।
इस अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं संयुक्त संचालक अरविंद गेडाम, डॉ. अनिल नायक, संस्था की प्राचार्य अधीक्षक शिखा वर्मा तथा स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
पुलिस स्मृति दिवस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया शहीद परिवारों को सम्मानित
रायगढ़। उर्दना स्थित शहीद स्मृति गार्डन में आज पुलिस स्मृति दिवस समारोह का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने शहीदों के परिजनों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया. इस दौरान उन्होंने परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए उन्हें हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया.
वित्त मंत्री चौधरी ने इस पर अवसर पर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान और कर्तव्यनिष्ठा को नमन करते हुए कहा कि समाज और देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिसकर्मियों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता. उन्होंने बताया कि जिले के कई शहीदों के नाम पर स्टेडियम और उद्यानों का नामकरण किया जा चुका है, तथा शेष शहीदों के नाम पर भी प्रमुख स्थलों का नामकरण किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी उनके योगदान को याद रख सकें.
प्रति वर्ष 21 अक्टूबर को मनाए जाने वाले पुलिस स्मृति दिवस पर आज रायगढ़ जिले में शहीद स्मृति गार्डन, उर्दना में भावपूर्ण परेड का आयोजन किया गया. इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने 1 सितम्बर 2024 से 31 अगस्त 2025 तक ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सभी रैंक के 191 पुलिसकर्मियों के नामों का वाचन किया.
यह दिवस वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीनी सेना के हमले में शहीद हुए दस पुलिस जवानों की स्मृति में मनाया जाता है. इस दिन देश की सुरक्षा की प्रथम पंक्ति में तैनात केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के गश्ती दल पर चीनी सैनिकों ने घात लगाकर हमला किया था, जिसमें दस वीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी. तीन सप्ताह बाद चीन ने शहीद जवानों के पार्थिव शरीर भारत को लौटाए थे, जिनका अंतिम संस्कार लद्दाख के हॉट स्प्रिंग में राजकीय सम्मान के साथ किया गया था.
दीपावली के पावन पर्व पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने परिवार सहित की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
रायपुर। सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने दीपावली के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयां दी हैं।
श्री अग्रवाल ने अपने परिवार के साथ विधि-विधान से माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि दीपों की यह ज्योति हर घर, हर दिल में खुशियों का उजाला फैलाए।



श्री अग्रवाल ने कहा कि दीपावली अंधकार पर प्रकाश की, असत्य पर सत्य की और अधर्म पर धर्म की विजय का पर्व है। यह त्योहार हमें सद्भाव, त्याग, और सेवा की भावना के साथ समाज में प्रकाश फैलाने की प्रेरणा देता है। मैं समस्त प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देता हूं और भगवान श्री गणेश तथा मां लक्ष्मी से प्रार्थना करता हूं कि, सभी की जीवन में सुख शांति समृद्धि प्रदान करें।
मरीजों को दिवाली की बधाई देने हॉस्पिटल पहुंचे मंत्री, बांटे फल और मिठाई
मनेंद्रगढ़। दिवाली के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला के खंडगांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे. यहां मरीजों और उनके परिजनों तथा अस्पताल स्टाफ के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं.
स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने अस्पताल में भर्ती मरीजों का हालचाल जाना और उन्हें जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं. इस दौरान उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों तथा अस्पताल स्टाफ को फल एवं मिठाई वितरित की. अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री के साथ मिलकर दीप प्रज्वलित कर दिवाली का उत्सव मनाया
मनेंद्रगढ़। दिवाली के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला के खंडगांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे. यहां मरीजों और उनके परिजनों तथा अस्पताल स्टाफ के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं.
स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने अस्पताल में भर्ती मरीजों का हालचाल जाना और उन्हें जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं. इस दौरान उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों तथा अस्पताल स्टाफ को फल एवं मिठाई वितरित की. अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री के साथ मिलकर दीप प्रज्वलित कर दिवाली का उत्सव मनाया.
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बीमार व्यक्तियों की सेवा और उनका मनोबल बढ़ाना मेरे लिए दिवाली को सार्थक बनाता है. स्वास्थ्य विभाग लगातार बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने अस्पताल के स्टाफ को भी इस अवसर पर समर्पण और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी.
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बीमार व्यक्तियों की सेवा और उनका मनोबल बढ़ाना मेरे लिए दिवाली को सार्थक बनाता है. स्वास्थ्य विभाग लगातार बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने अस्पताल के स्टाफ को भी इस अवसर पर समर्पण और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी.
शहीद ASP की पत्नी को मिली DSP के पद पर नियुक्ति, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने शहीद एएसपी आकाश राव गिरपुन्जे की धर्मपत्नी स्नेहा गिरपुन्जे को अनुकम्पा नियुक्ति देने का फैसला किया है। स्नेहा गिरपुन्जे को डीएसपी पद पर ज्वाइनिंग दी गई है और उन्हें पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में पदस्थ किया गया है।
पिछले दिनों विष्णुदेव साय कैबिनेट ने विशेष प्रकरण मानते हुए स्नेहा गिरपुन्जे को डीएसपी पद पर अनुकम्पा नियुक्ति देने का फैसला लिया था। इस फैसले के बाद अब स्नेहा गिरपुन्जे को डीएसपी पद पर ज्वाइनिंग दी गई है।
गौरतलब है कि एएसपी आकाश राव गिरपुन्जे की शहादत सुकमा में आईईडी की चपेट में आने से हुई थी। उनकी शहादत को याद करते हुए सरकार ने उनकी धर्मपत्नी को अनुकम्पा नियुक्ति देने का फैसला किया है।
हिंसा का अंधकार छोड़ मुख्यधारा की रोशनी में साथियों के साथ जानसी और जुनकी ने पहली बार मनाई दीपावली
गरियाबंद। दीपावली का पर्व केवल त्योहार नहीं, बल्कि अंधकार पर प्रकाश की विजय का सच्चा प्रतीक है. हर साल यह पर्व अपने साथ नई खुशियाँ और रोशनी लेकर आता है, लेकिन इस बार की दीपावली उन नक्सलियों के लिए कुछ खास था, जो हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटकर आजादी की रोशनी में यह पर्व मना रहे थे. इनमें 8 लाख की इनामी पूर्व नक्सली जानसी, जुनकी, वैजंती, मंजुला और मैना शामिल हैं.
बीते दिनों इन दोनों के साथ कई अन्य पुरुष और महिला नक्सलियों ने भी सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर हिंसा का रास्ता छोड़ दिया था. समाज की मुख्यधारा में लौटने के बाद इन सभी के लिए यह पहली दीपावली है.

बाजार में खरीदारी करते हुए इन पूर्व नक्सलियों के चेहरे पर एक नई शुरुआत की खुशी और संतोष साफ झलक रहा था. इनमें शामिल जानसी और जुनकी आम महिलाओं की तरह गरियाबंद के बाजार में अपनी पहली आजाद दीपावली के लिए कपड़े चुनती और खरीदारी करती दिखाई दीं.
आठ लाख की इनामी नक्सली जानसी ने बताया कि 19 सालों तक नक्सलियों के साथ रहने के बाद जंगल से निकलने के बाद यह उनकी पहली आजादी की दीपावली होगी. वहीं 5 लाख की इनामी नक्सली जुनकी ने बताया कि उसने कभी दीपावली नहीं मनाई. यह उसकी पहली दीपावली है, इसके लिए वह काफी खुश है.

वहीं एक अन्य नक्सली मैना ने बताया कि जंगल में किसी भी त्योहार का नाम लेना तक मना था, त्योहार मनाना तो छोड़ दीजिए. अब अपने साथियों के साथ दीपावली मनाने के लिए काफी उत्सुक हूं.
वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, छापा मारकर सागौन की कीमती लकड़ी को किया जब्त
बीजापुर। सामान्य वन विभाग ने बीजापुर के टिम्बर माफियाओं पर एक बड़ी कार्रवाई की है. अवैध सागौन की लकड़ी का बड़ा भंडार जब्त किया गया है. यह कार्रवाई जिला मुख्यालय के न्यू पुलिस लाइन के सामने और भट्टीपारा में स्थित डेरी फार्म पर दो टिप्पर और लगभग पांच से छः घनमीटर सागौन की कीमती लकड़ी बरामद हुई है.
वन विभाग को लंबे समय से इस क्षेत्र में अवैध लकड़ी तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं. इन्हीं शिकायतों के आधार पर टीम ने सोमवार को यह कार्रवाई की, जिसके बाद यह बड़ा डंप सामने आया. वन अमला फिलहाल मौके पर जांच कर रहा है, ताकि बरामद लकड़ी के स्रोत और वास्तविक मालिक का पता लगाया जा सके.
इस कार्रवाई के बाद जिला मुख्यालय के कई फर्नीचर मार्टों में भी वन विभाग की तलाशी जारी है. जिस स्थान से लकड़ी मिली है, वह पुलिस लाइन से सटा हुआ और सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है, जिससे विभागीय मिलीभगत की संभावना जताई जा रही है. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में लकड़ी वन कर्मियों की जानकारी के बिना इकट्ठा नहीं की जा सकती थी. इससे रेंजर, बीट गार्ड और अन्य अमले की मिलीभगत की आशंका जताई गई है.
राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहीद वाटिका पहुंचकर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित शहीद वाटिका पहुंचे। उन्होंने अमर जवान स्तंभ पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद वीर जवानों को नमन किया। उन्होंने शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को स्मरण करते हुए उनके परिजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद सिन्हा सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
पुलिस जवानों की निष्ठा और अनुशासन से ही राज्य में शांति, सुरक्षा और विश्वास का वातावरण संभव - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज चौथी वाहिनी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, माना रायपुर के प्रांगण में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित परेड कार्यक्रम में शामिल हुए। राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों की ओर से पुलिस के शहीद वीर जवानों को नमन किया तथा शहीद स्मारक में पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिस अधिकारियों एवं जवानों के परिजनों से भेंटकर अपनी संवेदना व्यक्त की। इस अवसर पर उन्होंने परिजनों को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए।


राज्यपाल रमेन डेका ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हुए पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पुलिस के अदम्य साहस, पराक्रम और त्याग को देश सदैव नमन करता रहेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस जवान चौबीसों घंटे तत्पर रहकर जिस निष्ठा और अनुशासन के साथ सेवा दे रहे हैं, उसी के कारण आज नागरिकों के लिए शांति, सुरक्षा और विश्वास के वातावरण में अपना जीवन व्यतीत करना संभव हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस का दायित्व अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है—जहां एक ओर कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है, वहीं दूसरी ओर नागरिकों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना भी उनका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि आम जनता को भी पुलिस के प्रति सहयोग और मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने दृढ़ संकल्प, साहस और निष्ठा के साथ नक्सलवाद की चुनौती का मुकाबला किया है, जिसके परिणामस्वरूप आज इन क्षेत्रों में शांति और विश्वास का वातावरण सशक्त हुआ है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में राज्य पूर्णतः नक्सल समस्या से मुक्त होगा। राज्यपाल श्री डेका ने अंत में शहीदों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों को उनके सतत योगदान के लिए नमन किया।



मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि 21 अक्टूबर वह दिन है जब हम देश की सुरक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिस बल के जवानों का पुण्य स्मरण करते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस और सुरक्षा बल कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों के बीच चौबीसों घंटे समाज की सुरक्षा में तत्पर रहते हैं। पुलिस जवानों की निष्ठा और अनुशासन से ही राज्य में शांति, सुरक्षा और विश्वास का वातावरण निर्मित होना संभव हो पाता है। यह दिवस न केवल उन जवानों के पराक्रम का स्मरण कराने का अवसर है, बल्कि उनके परिजनों के त्याग को भी श्रद्धापूर्वक नमन करने का अवसर है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध सुरक्षा बलों ने अद्वितीय साहस का परिचय दिया है और अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य हो रहे है। नियद नेल्ला नार, पीएम जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी योजनाओं से सुदूर अंचल के गांवों की तस्वीर बदल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के उन्मूलन की लड़ाई और तेज हुई है तथा राज्य सरकार मार्च 2026 तक इसके पूर्ण उन्मूलन के संकल्प के साथ दृढ़तापूर्वक आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने अमर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनका बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा और हमें कर्तव्य, अनुशासन एवं समर्पण की निरंतर प्रेरणा देता रहेगा।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि हमारे जवान अदम्य साहस एवं वीरता के साथ बस्तर में नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने की दिशा में निरंतर संघर्षरत हैं। वे केवल नक्सलवाद से मुकाबला ही नहीं कर रहे, बल्कि बस्तर में विकास कार्यों को भी आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीद वीर जवानों की स्मृति को संजोए रखने और शहीद परिवारों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। श्री शर्मा ने बताया कि स्मारिका के माध्यम से शहीद जवानों के बलिदान को चिरस्थायी बनाने का निर्णय भी लिया गया है। उन्होंने शहीद परिवारों की सहायता हेतु आईजी एवं एसपी कार्यालयों में की गई व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अंत में पुलिस जवानों की वीरता को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, वरिष्ठ पुलिस अधिकारीगण, संभाग आयुक्त महादेव कांवरे, आईजी अमरेश मिश्रा सहित पुलिस के जवान और शहीद जवानों के परिजन उपस्थित थे।
रायगढ़ मेडिकल-कॉलेज में PG के 4 नए कोर्स को मंजूरी
रायगढ़। रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर से नए कोर्स को मंजूरी मिल चुकी है। PG के 4 नए कोर्स का सीधा लाभ MBBS पास छात्रों को मिलेगा। वहीं इसके लिए मेडिकल के छात्र-छात्राओं को राज्य से बाहर भी नहीं जाना पडे़गा।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और वित्तमंत्री ओपी चौधरी की पहल पर राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग नई दिल्ली ने स्व. श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय को PG के चार नए कोर्स जनरल सर्जरी विभाग 4, मेडिसिन विभाग 4, प्रसुति एवं स्त्रीरोग विभाग 2 और चर्मरोग विभाग 2 सीटों को मंजूरी दी गई है। इससे सीटों में वृद्धि से राज्य में MBBS पास करने वाले मेडिकल के छात्रों को लाभ मिलेगा। राज्य में ही PG पाठ्यक्रम में प्रवेश बढ़ने से छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिलेगा।
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विनीत जैन ने बताया कि पीजी के चार नए कोर्स के सीटो के मंजूरी के बाद PG कोर्स (एमडीध्एमएस )की सत्र 2025-26 में पूर्व से चालू PG कोर्स (एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, पैथोलॉजी, एफएमटी, कम्यूनिटीमेडिसिन, मनोरोग, आर्थो, एनेस्थीसिया, कान नाक गला विभाग ) समेत 40 सीटों में एडमिशन होगा। जिसका फायदा राज्य के MBBS पास छात्रों को मिलेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य को ज्यादा से ज्यादा विशेषज्ञ डॉक्टर मिलेंगे।
पुलिस स्मृति दिवस परेड 2025 लाइव: शहीद जवानों को दी गई श्रद्धांजलि
रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित 4वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर, माना में आज ‘पुलिस स्मृति दिवस परेड’ का आयोजन किया जा रहा है. समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा और पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित हैं.
कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हुए पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई. वहीं परेड के दौरान शहीद जवानों के नामों का वाचन कर उनके परिजनों को सम्मानित किया गया.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की चुनौती का डंट कर सामना न सिर्फ हमारे जवानों ने किया है, बल्कि उन्हें पीछे धकेला है. नक्सलवाद के विरुद्ध हमारी लड़ाई नई गति और शक्ति से आगे बढ़ रही है. जवानों के शौर्य से मार्च 2026 तक नक्सलवाद का अंत जरूर होगा.
देखिए सीधा प्रसारण
दीपावली पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया स्वच्छता दीदियों व कमांडो के साथ जलपान एवं स्नेहिल सम्मान
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पहली बार दीपावली के अवसर पर राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा के स्थानीय विधायक विजय शर्मा ने स्वच्छता कर्मियों का आत्मीय सम्मान कर एक मिसाल कायम की। उन्होंने अपने कवर्धा स्थित निवास में नगर पालिका क्षेत्र के लगभग 200 स्वच्छता दीदी और स्वच्छता कमांडो को आमंत्रित कर उनके साथ जलपान किया और स्नेहपूर्वक उपहार, मिठाई व फटाखे भेंट किए।


यह आयोजन दीपावली के दिन स्वच्छता योद्धाओं के सम्मान के रूप में पूरे प्रदेश में अपनी तरह का पहला आयोजन रहा। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्र प्रकाश चन्द्रवंशी, वीर सिंह पटेल, शिव अग्रवाल, सीएमओ रोहित साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, स्वच्छता दीदी और कमांडो उपस्थित थे।


उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि दीपावली का अर्थ केवल अपने घर को दीपों से सजाना नहीं, बल्कि उन हाथों का सम्मान करना भी है जो हमारे नगर को प्रतिदिन स्वच्छ और सुंदर बनाए रखते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कर्मी हमारे समाज के ‘स्वच्छता के प्रकाश दीप’ हैं। जिस तरह दीपक अंधकार को मिटाता है, उसी तरह ये कर्मवीर स्वच्छता योद्धा हमारे जीवन से गंदगी और अव्यवस्था को दूर करते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को धरातल पर सफल बनाने में इन स्वच्छता दीदी और भाइयों का सबसे बड़ा योगदान रहा है। श्री शर्मा ने नगर पालिका अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे समय-समय पर स्वच्छता कर्मियों से संवाद स्थापित करें और उनके कार्यों की सराहना करें।
कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता दीदियों ने कहा कि उपमुख्यमंत्री द्वारा मिला यह सम्मान उनके लिए प्रेरणादायक है और इससे उनका मनोबल कई गुना बढ़ा है। उन्होंने नगर की स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प दोहराते हुए श्री शर्मा को दीपावली की शुभकामनाएँ दीं। सभी स्वच्छता कर्मियों ने भी सामूहिक रूप से कवर्धा के स्थानीय विधायक विजय शर्मा के इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया।
नगरवासियों और सामाजिक संगठनों ने भी उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा के इस अभिनव पहल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि समाज में सबसे अधिक सम्मान के पात्र वे लोग हैं जो बिना किसी प्रचार के प्रतिदिन सुबह से पहले उठकर पूरे नगर को स्वच्छ बनाते हैं। इस आत्मीय आयोजन पर उपस्थित समस्त लोगों ने स्वच्छता कर्मियों के अथक परिश्रम को सराहा।
स्वच्छताकर्मी ही वही वास्तविक दीप है जो स्वच्छता का प्रकाश प्रसारित करते है
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि आज का यह आयोजन केवल उपहार वितरण का कार्यक्रम नहीं था बल्कि समाज में स्वच्छता कर्मियों की गरिमा और महत्व को स्थापित करने का एक सशक्त संदेश था जिसने यह सिद्ध किया कि वास्तविक दीप वही हैं जो अपने कर्म से दूसरे के जीवन में प्रकाश फैलाते हैं।
वन विज्ञान केंद्र : आदिवासियों और किसानों की आजीविका को मिलेगी नई उड़ान
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में वन आधारित अर्थव्यवस्था और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सतत प्रयासों और वनांचल के विकास की प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप, आसना पार्क में प्रदेश का पहला वन विज्ञान केंद्र स्थापित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हमेशा से आदिवासियों के पारंपरिक ज्ञान और उनके जीवन को आधुनिक तकनीक से जोड़कर सशक्त करने पर जोर दिया है और यह केंद्र उनके इसी विज़न को साकार करेगा।
संभागीय मुख्यालय जगदलपुर से मात्र पांच किलोमीटर दूर स्थित वन विज्ञान केंद्र की स्थापना में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप का विशेष प्रयास रहा है। उनकी पहल पर केंद्र को स्वीकृति मिली है, जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के कारण वनोपजों की गिरती मात्रा को रोकने के साथ अधिक उत्पादन हेतु शोध करते हुए ग्रामीणों की आय को तेजी से बढ़ाना है। यह केंद्र न केवल स्थानीय समुदायों की आर्थिक स्थिति को सशक्त करेगा, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
ज्ञान और तकनीक का अनूठा संगम
100 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले आसना वन विज्ञान केंद्र वन आधारित आजीविका को बढ़ावा देने का एक मॉडल बनेगा। केंद्र में स्थानीय आदिवासियों और वन कर्मियों को कृषि-वानिकी, औषधीय पौधों की खेती, वनोपज के मूल्य संवर्धन, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन जैसी नवीन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां सागौन और हल्दी जैसी फसलों के साथ मिश्रित खेती के मॉडल किसानों को आय और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में मदद करेंगे। इसके साथ ही यहां सर्पगंधा, अश्वगंधा, ब्राह्मी जैसे पौधों की खेती, जिसमें भंडारण और प्रसंस्करण की तकनीकों पर विशेष जोर रहेगा। इस केंद्र में इमली, गोंद, और महुआ जैसे वनोपज के प्रसंस्करण से लोगों की आय में वृद्धि होगी। यहां मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन जैसे मॉडल ग्रामीणों को नए रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा केंद्र
वन विज्ञान केंद्र को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, जिसमें व्याख्यान कक्ष, प्रदर्शन हॉल, और प्रशिक्षुओं के लिए आवासीय सुविधाएं रहेंगी। साथ ही मृदा परीक्षण, पानी की गुणवत्ता विश्लेषण और औषधीय पौधों की गुणवत्ता जांच के लिए आधुनिक प्रयोगशाला भी स्थापित की जाएगी। दुर्लभ और संकटग्रस्त वन प्रजातियों के संरक्षण के लिए जर्मप्लाज्म संरक्षण इकाई भी बनेगी।
शोध और नवाचार का केंद्र
यह केंद्र केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगा। भविष्य में इसे उच्च स्तरीय शोध केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ वन्य उत्पादों के उत्पादन और प्रसंस्करण पर वैज्ञानिक अनुसंधान होगा। यह स्थानीय उत्पादों को बेहतर गुणवत्ता के साथ बाजार तक पहुँचाने में मदद करेगा, जिससे ग्रामीणों को अधिकतम लाभ मिलेगा। बस्तर वन मंडल के वन मंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता ने बताया कि वनांचल विज्ञान केंद्र आसना बस्तर के आदिवासी समुदायों के लिए एक नई सुबह लेकर आएगा। यह केंद्र पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़कर स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाएगा। उनकी आजीविका को मजबूत करेगा और वन संरक्षण के साथ आर्थिक विकास में संतुलन स्थापित करेगा। यह केंद्र बस्तर की वन संपदा और स्थानीय ज्ञान को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जोड़कर एक नया इतिहास रचेगा। आने वाला समय बस्तर के वनवासी आत्मनिर्भरता और समृद्ध का होेगे और वनांचल विज्ञान केंद्र इसकी नींव बनेगा।