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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्य स्तरीय परंपरागत वैद्य सम्मेलन में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय परंपरागत वैद्य सम्मेलन में शामिल हुए।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार सभी पंजीकृत वैद्यों को प्रशिक्षण देकर उन्हें पंजीयन प्रमाण पत्र प्रदान करेगी, ताकि दस्तावेज़ों के अभाव में उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री का स्वागत प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए वैद्यों ने पारंपरिक जड़ी-बूटी की माला पहनाकर किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर औषधीय पौधों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने पद्मश्री हेमचंद मांझी का उल्लेख करते हुए कहा कि दूरस्थ क्षेत्र में रहकर भी मांझी जी गंभीर बीमारी का उपचार अपने पारंपरिक ज्ञान से करते हैं। अमेरिका से भी लोग उनके पास उपचार के लिए आते हैं — यह हम सबके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि वैद्य परंपरा हमारे देश की प्राचीन और समृद्ध चिकित्सा पद्धति है। भारत में लगभग 60 से 70 हजार वैद्य हैं, जिनमें से लगभग 1500 वैद्य छत्तीसगढ़ में सक्रिय हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी मान्यता दी है। छत्तीसगढ़ पूरे देश में एक हर्बल स्टेट के रूप में पहचान बना चुका है। अकेले छत्तीसगढ़ में ही डेढ़ हजार से अधिक औषधीय पौधे पाए जाते हैं। दुर्ग जिले के पाटन स्थित जामगांव में औषधीय पौधों से अर्क निकालने के लिए एक कारखाना स्थापित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने इस दिशा में कार्यों को गति देने के लिए पृथक आयुष मंत्रालय का गठन किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उच्च गुणवत्ता वाली जड़ी-बूटियां उपलब्ध हैं। राज्य सरकार क्लस्टर आधारित मॉडल विकसित कर रही है, ताकि स्थानीयता के आधार पर उपलब्ध जड़ी-बूटियों का अधिकतम उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य स्थानीय वैद्यों को रोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसके साथ ही औषधीय पौधों और वृक्षों के संरक्षण की दिशा में भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि वैद्यों का समाज में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने पद्मश्री हेमचंद मांझी की तुलना रामायण काल के सुषेन वैद्य से करते हुए कहा कि जिस प्रकार सुषेन वैद्य ने लक्ष्मण जी का दुर्लभ उपचार किया था, उसी प्रकार छत्तीसगढ़ में श्री मांझी दुर्लभ से दुर्लभ रोगों का सफल उपचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परंपरागत वैद्यों का योगदान न केवल मानव स्वास्थ्य बल्कि पशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी अमूल्य है।
छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने बताया कि इस सम्मेलन में 1300 से अधिक वैद्यों का पंजीयन हुआ है। उन्होंने कहा कि बोर्ड “नवरत्न योजना” के तहत प्रदेशभर में हर्रा, बहेड़ा, आंवला, मुनगा जैसे नौ प्रकार के औषधीय गुणों वाले पौधे लगाने की पहल करेगा।
पद्मश्री हेमचंद मांझी ने एक वैद्य के रूप में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वैद्यों के पास किसी भी रोग को जड़ से समाप्त करने की कला होती है। उन्होंने कहा कि सही जानकारी और औषधियों के संयोजन से वैद्य कई प्रकार के कैंसर का भी उपचार कर सकते हैं।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव ने कहा कि राज्य के उन आंतरिक क्षेत्रों में, जहां आधुनिक चिकित्सा सेवाएं नहीं पहुंच पातीं, वहां परंपरागत वैद्य अपने पूर्वजों के ज्ञान के माध्यम से लोगों की सेवा करते हैं। इन वैद्यों को सशक्त बनाना और संरक्षण देना हम सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में सम्मेलन में प्रदेशभर से आए वैद्यों ने अपने कर्तव्य के प्रति सत्यनिष्ठा और गोपनीयता की शपथ ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा 25 वैद्यों को कच्ची औषधीय पिसाई मशीनें प्रदान की गईं। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा प्रकाशित डॉ. देवयानी शर्मा की पुस्तक का विमोचन भी किया गया। इस पुस्तक में दुर्ग वन वृत्त के परंपरागत वैद्यों द्वारा संरक्षित पारंपरिक उपचार पद्धतियों और औषधीय पौधों का संकलन किया गया है।
सम्मेलन को छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के सीईओ जे. ए. सी. एस. राव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष राकेश चतुर्वेदी, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रदीप कुमार पात्रा, प्रदेशभर से आए वैद्य गण तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
सांसद खेल महोत्सव 2025 के दूसरे दिन भी खिलाड़ियों का जोश और प्रतिभा का प्रदर्शन
रायपुर। सांसद खेल महोत्सव 2025 के अंतर्गत आज रायपुर लोकसभा क्षेत्र के भाटापारा एवं सिमगा विकासखंडों में जोन स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन हुआ। ग्रामीण प्रतिभाओं के उत्साह और खेल भावना से ओतप्रोत इन आयोजनों में सैकड़ों खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
भाटापारा विकासखंड के सिंगारपुर (लेवई) ज़ोन में आज द्वितीय दिवस के अवसर पर खेलों का शुभारंभ ग्राम लेवई की सरपंच गायत्री गोविंद ध्रुव, सेवा निवृत्त प्रधान पाठक बी. डी. साहू, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मनोज सागर, संकुल प्राचार्य, संकुल समन्वयक तथा ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों एवं खेलप्रेमियों की उपस्थिति में हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुई जिसने उपस्थित जनों का मन मोह लिया। सिंगारपुर (लेवई) जोन में आज 12 ग्रामों के विभिन्न विद्यालयों एवं संस्थाओं से लगभग 650 खिलाड़ी, अधिकारी एवं ऑफिशियल शामिल हुए।
आज के परिणामों में फुगड़ी में प्रथम स्थान नेहा साहू, गेड़ी दौड़ में खेमेश्वरी जायसवाल, रस्साकसी (बालक वर्ग) में ग्राम अकलतरा, खो-खो 19 वर्ष बालक एवं बालिका वर्ग तथा 19 वर्ष से अधिक महिला एवं पुरुष वर्ग में ग्राम लेवई, कबड्डी बालक वर्ग में सिंगारपुर तथा बालिका वर्ग में मेंड्रा की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
इन प्रतियोगिताओं की सफलता में भाटापारा विकासखंड के सभी व्यायाम शिक्षक, खेल प्रशिक्षक एवं वरिष्ठ खिलाड़ियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इसी क्रम में विकासखंड सिमगा के सुहेला ग्राम पंचायत में भी आज प्रथम जोन स्तरीय खेल प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गोपाल शुक्ला (उपाध्यक्ष, जनपद पंचायत सिमगा), विशिष्ट अतिथि चंद्र प्रकाश (सभापति, जनपद पंचायत सिमगा), तथा जनपद सदस्य भानु प्रताप वर्मा और कमल बंजारे की गरिमामयी उपस्थिति रही।
सुहेला में कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, गेंड़ी दौड़, फुगड़ी, शतरंज, रस्सा कसी एवं रस्सी कूद जैसे पारंपरिक और आधुनिक खेलों में 9 वर्ष से लेकर 19 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्य अतिथियों द्वारा विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया गया तथा खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया गया।
दोनों ही आयोजनों में ग्रामीणजन, शिक्षकगण, पंचायत प्रतिनिधि, खेल अधिकारी एवं खेलप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सांसद खेल महोत्सव के ये आयोजन न केवल खेल भावना को बढ़ावा दे रहे हैं बल्कि गांव-गांव में छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर रहे हैं।
भाटापारा, सिमगा, बलौदाबाजार में 11 अक्टूबर तक सांसद खेल महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। ब्लॉक स्तर के विजेता नवंबर में राजधानी रायपुर में 3 दिनों तक चलने वाले फाइनल में हिस्सा लेंगे। कोई भी महिला पुरुष 19 वर्ष से कम और 19 वर्ष से अधिक वर्गों में शामिल हो सकता है वो QR कोड या www.sansadkhelmahotsav.in के माध्यम से अपना पंजीयन करा सकते हैं।
















मुख्यमंत्री साय ने उच्च शिक्षा विभाग में प्रयोगशाला तकनीशियन के पद पर चयनित 233 अभ्यर्थियों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के सभागार में उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत प्रयोगशाला तकनीशियन के पद पर चयनित 233 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी और विश्वसनीय भर्ती प्रक्रियाओं से प्रदेश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित हुआ है। उन्होंने बताया कि विगत 20 महीनों में विभिन्न विभागों में 10 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को पुलिस विभाग, विद्युत विभाग, सहकारिता विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, आदिम जाति विकास विभाग सहित कई अन्य विभागों में नियुक्तियाँ दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उच्च शिक्षा विभाग में 700 सहायक प्राध्यापकों और स्कूल शिक्षा विभाग में 5000 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज का यह अवसर ऐतिहासिक और अत्यंत हर्ष का विषय है — पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नियुक्ति पत्र एक साथ प्रदान किए जा रहे हैं। यह निश्चित रूप से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने सभी नवनियुक्त प्रयोगशाला तकनीशियनों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए अपने कर्तव्यों का शत-प्रतिशत निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने नई औद्योगिक नीति को अपनाया है, जिसके माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस नई उद्योग नीति के तहत अब तक लगभग ₹7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, और इनमें से कई प्रस्तावों के अंतर्गत औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का कार्य प्रारंभ भी हो गया है। इन उद्योगों से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से राज्य की जनता को व्यापक लाभ प्राप्त होगा।
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पिछले 20 महीनों में छत्तीसगढ़ के प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन हुए हैं। पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ प्रत्येक विभाग की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। उच्च शिक्षा मंत्री श्री वर्मा ने नवचयनित प्रयोगशाला तकनीशियनों को बधाई देते हुए कहा कि आप सभी निश्चित रूप से अपने महाविद्यालयों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देंगे। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों की भी सराहना की और कहा कि मात्र तीन माह की अवधि में बिना किसी विवाद के तीन चरणों में संपूर्ण काउंसलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष रूप से पूर्ण करना अत्यंत सराहनीय उपलब्धि है।
इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री खुशवंत साहेब, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ला, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित विभागीय अधिकारी एवं नवनियुक्त प्रयोगशाला तकनीशियन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


EOW ने पेश किया 1500 पन्नों का दूसरा पूरक चालान
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई हुई है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बुधवार को 1500 पन्नों का दूसरा पूरक चालान रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया है। यह चालान मुख्य रूप से नवनीत तिवारी और देवेंद्र डडसेना के खिलाफ दाखिल किया गया है। साथ ही, इसमें कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के फरार होने का भी उल्लेख किया गया है।
पहले भी कई अधिकारी और नेता बन चुके हैं आरोपी
बता दें कि यह घोटाला पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में उजागर हुआ था और राज्य के सबसे बड़े आर्थिक घोटालों में से एक माना जाता है। इससे पूर्व, जुलाई 2024 में ईओडब्ल्यू ने इस मामले में 15 आरोपियों के खिलाफ पहला चालान पेश किया था, जिनमें आईएएस अधिकारी सौम्या चौरसिया, रानू साहू, समीर विश्नोई, संदीप कुमार नायक, और व्यवसायी सूर्यकांत तिवारी सहित कई नाम शामिल थे। इसके बाद अक्टूबर 2024 में मनीष उपाध्याय और रजनीकांत तिवारी के खिलाफ पहला पूरक चालान दाखिल किया गया था।
देवेंद्र डडसेना – कांग्रेस कोषाध्यक्ष का निजी सहायक, अवैध धन का रिसीवर
ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया है कि आरोपी देवेंद्र डडसेना, कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल का निजी सहायक था और अवैध कोल लेवी से प्राप्त नकद राशि का वास्तविक रिसीवर और मध्यस्थ के रूप में कार्य करता था। जांच में यह भी पाया गया कि कांग्रेस भवन, रायपुर में “भवन” नाम से दर्ज खातों में हुई प्रविष्टियाँ उसी के माध्यम से किए गए अवैध वित्तीय लेनदेन की पुष्टि करती हैं।
ईओडब्ल्यू के अनुसार, डडसेना पूरे कोल स्कैम की वित्तीय कड़ी रहा कि वह न केवल रकम प्राप्त करता था, बल्कि आगे अन्य संलिप्त व्यक्तियों तक धन पहुंचाने की जिम्मेदारी भी निभाता था। जांच में उसके द्वारा करोड़ों रुपये की रिसीविंग, कस्टडी और ट्रांसफर में सक्रिय भूमिका साबित हुई है।
नवनीत तिवारी – कोल लेवी सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य
दूसरे आरोपी नवनीत तिवारी को ईओडब्ल्यू ने कोल लेवी वसूली सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य बताया है। वह सूर्यकांत तिवारी के निर्देश पर रायगढ़ जिले में कोयला व्यवसायियों और ट्रांसपोर्टरों से भय दिखाकर करोड़ों रुपये की वसूली करता था। वह यह अवैध रकम नियमित रूप से रायगढ़ से रायपुर में स्थित सिंडिकेट सदस्यों तक पहुंचाता था। इसके अलावा, नवनीत तिवारी को सूर्यकांत तिवारी द्वारा अर्जित अवैध संपत्तियों का बेनामीदार भी पाया गया है। ईओडब्ल्यू के पास इसके समर्थन में डिजिटल, दस्तावेज़ी और मौखिक साक्ष्य मौजूद हैं।
अन्य आरोपियों के खिलाफ अभी जारी है जांच
ईओडब्ल्यू ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण में संभावित अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच अभी जारी है। जांच एजेंसी का कहना है कि इस पूरक चालान में नए साक्ष्य और लेन-देन की श्रृंखला से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य जोड़े गए हैं, जो अवैध वसूली नेटवर्क की पूरी संरचना को स्पष्ट करेंगे।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े आर्थिक घोटालों में गिने जाने वाले कोल लेवी केस में यह दूसरा पूरक चालान है। ईओडब्ल्यू की यह कार्रवाई न केवल इस घोटाले की गहराई को उजागर करती है, बल्कि अवैध धन के प्रवाह में शामिल नए चेहरों को भी बेनकाब कर रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जनजातीय गौरव दिवस पर आयोजित कार्यशाला में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित सिविल लाइन के कन्वेंशन हॉल में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यशाला में शामिल हुए और इसका शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गत वर्ष भी इसी सभागार में जनजातीय गौरव दिवस की कार्यशाला सफलतापूर्वक आयोजित हुई थी, जिसे पूरे प्रदेश में उत्साहपूर्वक मनाया गया। जशपुर में आयोजित 10 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री श्री मनसुख मांडविया शामिल हुए थे, जिसमें जनजातीय समाज की पारंपरिक वेशभूषा, व्यंजन, आभूषण और संस्कृति का आकर्षक प्रदर्शन किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा था कि ऐसे आयोजन देशभर में प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय लेकर जनजातीय नायकों की गौरवशाली विरासत को सम्मानित किया है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार आदिवासी कल्याण मंत्रालय का गठन कर जनजातीय समाज के सम्मान और उत्थान की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया था।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में पीएम जनमन योजना और प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में तीव्र गति से विकास कार्य हो रहे हैं। जनमन योजना के अंतर्गत प्रदेश में 2,500 किलोमीटर सड़कों का निर्माण और 32,000 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ के 14 जनजातीय विद्रोहों और अमर शहीद वीर नारायण सिंह के जीवन पर आधारित ट्राइबल म्यूजियम का निर्माण किया गया है, जो आदिवासी इतिहास और गौरव की धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में हमारी सरकार की एक बड़ी पहल है। मुख्यमंत्री ने शिक्षाविदों और प्रबुद्धजनों से आग्रह किया कि जनजातीय गौरव और इतिहास को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए, ताकि नई पीढ़ी अपने पूर्वजों की समृद्ध विरासत से प्रेरणा ले सके।
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि यह कार्यशाला हमारे जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं और इतिहास को रेखांकित करने के साथ-साथ आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इसका उद्देश्य जनजातीय समाज के उत्थान के लिए ठोस रणनीति बनाना तथा उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और रोजगार से जोड़ना है।
आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने कहा कि इस कार्यशाला की रूपरेखा आप सभी प्रबुद्धजनों द्वारा तैयार की जाएगी और राज्य सरकार उसी दिशा में ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि गत वर्ष प्रदेश के लगभग सभी जिलों में जनजातीय गौरव दिवस का सफल आयोजन हुआ था, इस वर्ष इसे और अधिक प्रभावी और भव्य रूप से मनाने का प्रयास किया जाएगा।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि पिछले वर्ष आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में 70,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया था। इस आयोजन से यह संदेश पूरे देश में गया कि छत्तीसगढ़ ने जनजातीय समाज के उत्थान को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है। हमारे महान जनजातीय नायकों की बदौलत हमें यह समृद्ध विरासत प्राप्त हुई है, जिसे सहेजकर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के महामंत्री योगेश बापट ने कहा कि जनजातीय समाज आत्मनिर्भर समाज है और उसके गौरव को पुनः स्थापित करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जनजातीय समाज के उत्थान के लिए विशेष रूप से समर्पित हैं। उन्होंने आग्रह किया कि इस कार्यशाला के माध्यम से ऐसी ठोस योजनाएं तैयार की जाएं जो जनजातीय समाज के गौरव और आत्मसम्मान को और ऊंचा उठाने में सहायक बनें।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त आदिम जाति विकास विभाग डॉ. सारांश मित्तर, संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण विजय दयाराम के., विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, अग्रणी महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
7 महिला समेत 16 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ को 2026 तक नक्सलमुक्त बनाने के अभियान में लगातार सुरक्षाबलों को कामयाबी मिल रही है। इसी कड़ी में अबूझमाड़ क्षेत्र में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार को जिले के विभिन्न इलाकों में सक्रिय 16 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जिन पर कुल 70 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सरेंडर करने वालों में 7 महिला नक्सली भी शामिल हैं।
पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुरिया ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली अबूझमाड़ के माड़ डिविजन से जुड़े हुए हैं, जिनमें डिप्टी कमांडर और कंपनी नंबर 6 के सदस्य भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ में पुलिस की लगातार कार्रवाई, सर्च ऑपरेशन और नए पुलिस कैंपों की स्थापना से नक्सलियों पर दबाव बढ़ा है, जिसके चलते वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सभी सरेंडर नक्सलियों को आर्थिक सहायता, पुनर्वास और सुरक्षित जीवन की दिशा में सहयोग दिया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अबूझमाड़ के घोर नक्सल प्रभावित इलाकों में हाल ही में दो नए पुलिस बेस कैंप स्थापित किए गए हैं, जिससे सुरक्षा बलों की पहुंच अब दूरस्थ क्षेत्रों तक बढ़ गई है। इससे एक ओर जहां ग्रामीणों में विश्वास बढ़ रहा है, वहीं नक्सल संगठन लगातार कमजोर हो रहे हैं। गौरतलब है कि अबूझमाड़, जो कभी नक्सलियों का सबसे सुरक्षित गढ़ माना जाता था, अब तेजी से शांति और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। पुलिस की सक्रियता और स्थानीय लोगों के सहयोग से इलाके में नक्सली गतिविधियों में लगातार गिरावट आ रही है।
चैतन्य बघेल की जमानत याचिका EOW की विशेष कोर्ट ने की खारिज
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की जमानत याचिका राजधानी रायपुर में EOW (इकोनॉमिक ऑफेंस विंग) की विशेष अदालत में खारिज कर दी गई है। इससे पहले बीते सोमवार को ही चैतन्य बघेल को विशेष अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने सुनवाई के बाद उनकी जमानत याचिका अस्वीकृत कर दी और उन्हें 13 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
बता दें कि EOW की ओर से चैतन्य बघेल को 14 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी भी जारी है और मामले में गहन अनुसंधान किया जा रहा है। ED-EOW 90 दिनों में जांच पूरी करेगी।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल को मिली नई जिम्मेदारी, रसायन और उर्वरक संबंधी स्थायी समिति के बने सदस्य
नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल को संसद की रसायन और उर्वरक संबंधी स्थायी समिति (2025-26) का सदस्य नियुक्त किया गया है।
यह नियुक्ति उनके दीर्घ अनुभव, उत्कृष्ट जनसेवा, संगठनात्मक दक्षता और विकासोन्मुख दृष्टिकोण की स्वीकृति के रूप में देखी जा रही है। संसदीय जीवन में सदैव सक्रिय भूमिका निभाने वाले श्री अग्रवाल ने लोकहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया है। अब इस नई जिम्मेदारी के तहत वे देश की उर्वरक नीति, रासायनिक उद्योगों की मजबूती और कृषि क्षेत्र की उन्नति से जुड़े विषयों पर महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
श्री अग्रवाल ने अपनी नियुक्ति पर कहा है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने में कृषि और उद्योग दोनों ही समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। इस समिति के माध्यम से मैं यह प्रयास करूंगा कि किसानों को समय पर, सुलभ और सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक मिले तथा देश का रासायनिक क्षेत्र नवाचार और रोजगार सृजन का मजबूत माध्यम बने।
रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में इस नियुक्ति से हर्ष की लहर है। कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने इसे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया है। सभी ने विश्वास व्यक्त किया है कि श्री अग्रवाल अपने अनुभव और जनसेवा के समर्पण से इस समिति में प्रदेश की आवाज़ को सशक्त रूप से रखेंगे।


राजनांदगांव के मिशन जल रक्षा मॉडल को राष्ट्रीय मंच पर मिली प्रशंसा
रायपुर। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित सुजलाम भारत - जल संचय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के जल रक्षा मिशन मॉडल को राष्ट्रीय मंच पर प्रशंसा मिली है। नई दिल्ली स्थित कन्वेंशन हॉल में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में जल रक्षा के राजनांदगांव जिले में किए जा रहे प्रयासों-नवाचारों का पूरा प्रजेंटेशन अधिकारियों ने दिया। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों के जल संरक्षण, भू-जल प्रबंधन एवं जल साक्षरता से जुड़े नवाचारों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की डायरेक्टर अर्चना वर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। अर्चना वर्मा ने राजनांदगांव जिले के मिशन जल रक्षा मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि यह मॉडल अन्य जिलों के लिए एक प्रेरणास्रोत है, जो जल संरक्षण की दिशा में सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है। राजनांदगांव जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुरूचि सिंह द्वारा जिले के अभिनव मिशन जल रक्षा मॉडल का प्रस्तुतिकरण दिया गया। इस दौरान मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, नीति आयोग के प्रतिनिधि, जल विशेषज्ञ एवं विभिन्न राज्यों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
राजनांदगांव जिले में मिशन जल रक्षा मॉडल जल संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण के लिए वैज्ञानिक, तकनीकी एवं सामुदायिक दृष्टिकोण पर आधारित है। जिले के चार में से तीन ब्लॉक सेमी क्रिटिकल जोन अर्थात जल स्तर के विषय में गंभीरता की स्थिति में थे। इन क्षेत्रों में निरंतर प्रयास करते हुए जिले में परकोलेशन टैंक, रिचार्ज शाफ्ट और जल संरचनाओं का निर्माण हाइड्रोजियोलॉजिकल मैप एवं जीआईएस आधारित विश्लेषण के माध्यम से किया गया है। जिससे वर्षा जल का अधिकतम उपयोग संभव हुआ है। इस मॉडल के अंतर्गत स्थानीय सामग्री से कम लागत वाले जल संरचनाएं तैयार कर निर्माण लागत मे कमी लाई गई है।
मिशन जल रक्षा के अंतर्गत जल स्वच्छता एवं फसल संगोष्ठी अभियान चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से ग्राम स्तर पर जल साक्षरता, वर्षा जल संचयन और सामुदायिक स्वच्छता एवं फसल चक्र परिवर्तन जागरूकता को प्रोत्साहित किया गया है। साथ ही जिले में महिला सशक्तिकरण से जल संचय के लिए कार्य कर रहे 1.5 लाख से अधिक महिलाओं के बड़े समूह एवं पद्मश्री फुलबासन बाई और उनके द्वारा चलाई जा रही नीर और नारी जल यात्रा के निरंतर प्रयासों के बारे में जानकारी प्रदान की गई तथा मनरेगा अंतर्गत निर्मित किया जा रहे भू-जल संरक्षण संवर्धन संरचनाओं के लो कॉस्ट तकनीक के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। सैटेलाइट जीआईएस इमेजरी और मैप के माध्यम से जल संरचनाओं के प्रभाव का मूल्यांकन किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बदलाव देखे जाने लगे है। पॉलिसी गैप्स और लो-कॉस्ट स्ट्रक्चर डेवलपमेंट के विषय पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। राजनांदगांव जिले में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार नीति सुधार कर प्रभावी जल प्रबंधन सुनिश्चित किया गया है और भविष्य में भी राज्य शासन से समन्वय स्थापित करते हुए अधिक से अधिक जल संरक्षण संवर्धन संबंधित संरचनाओं को निर्मित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि सुजलाम भारत-जल संचय कार्यक्रम के तहत जल संरक्षण, जल निकायों के पुनर्जीवन, अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया है। यह कार्यक्रम भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य हर बूंद का संचित उपयोग सुनिश्चित करना है। राजनांदगांव जिले में मिशन जल रक्षा के दूसरे चरण में अब माइक्रो रिचार्ज मैपिंग, संस्थागत वर्षा जल संचयन प्रणाली और जल गुणवत्ता निगरानी तंत्र पर कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। यह मॉडल भविष्य में सुजलाम भारत अभियान के अंतर्गत अन्य राज्यों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण के रूप में विकसित किया जा सकेगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने किया “सांसद खेल महोत्सव” का भव्य शुभारंभ, 13 खेलों में हजारों युवाओं ने दिखाई प्रतिभा
रायपुर/भाटापारा। सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने सांसद खेल महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। भाटापारा के तरेंगा स्थित शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में शामिल होकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इसका विधिवत शुभारंभ किया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।










कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने खेलो इंडिया– फिट इंडिया स्लोगन के साथ अपनी बात प्रारंभ की। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिस्पर्धा के माध्यम से अपने देश का युवा चुस्त–दुरुस्त बनेगा जिससे हमारे देश में ऊर्जावान युवाओं की फौज तैयार होगी।ग्रामीण अंचल की प्रतिभाएं सामने आएंगी तथा उन्हें खेलने का मौका मिलेगा। वह अपने अच्छे खेल का प्रदर्शन करके देश का नाम रोशन कर सकते हैं तथा विभिन्न ऐसी नौकरियां जिसमें चुस्त–दुरुस्त शारीरिक स्वास्थ्य की आवश्यकता होती है उसमें सफलता अर्जित कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि, अब समय बदल चुका है पहले कहा जाता था कि, खेलोगे कूदोगे बनोगे खराब, पढ़ोगे लिखोगे तो बनोगे नवाब, लेकिन अब खेलोगे-कूदोगे, तो बनोगे देश के ब्रांड एंबेसडर, खिलाड़ी राज्यों के देश के और विभिन्न विभागों के ब्रांड एंबेसडर बन कर नाम रोशन कर रहे हैं।
पहले दिन हुई प्रतियोगिताओं में लगभग 25 ग्राम पंचायत एवं संस्थाओं के करीब 900 खिलाड़ियों ने 10 खेलों में हिस्सा लिया।
उद्घाटन के अवसर पर कबड्डी और रस्सी कूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कबड्डी के फाइनल मुकाबले में बिजराडीह टीम ने सूरजपुरा को हराकर ब्लॉक स्तर पर अपनी जगह बनाई। जिसके बाद ब्लॉक विजेता टीमें राजधानी रायपुर में नवंबर में होने वाले फाइनल मुकाबले में अपनी प्रतिभा दिखाएंगी।
गेड़ी दौड़ में विजेता हीरालाल यदु, परमेश्वर, शतरंज में विजेता लक्की फारूखी, अनुष्का देवांगन और रत्नाकर साहू देवी रही।
19 वर्ष से अधिक महिला कबड्डी की विजेता जय भीम भाटापारा रही। रस्सा कसी की विजेता खोखली, खो खो में सोनम भाटापारा, बालिका को को में प्रथम देवकी, वॉलीबॉल बालिका में प्रथम तारेंगा खोखली की टीम रही। सभी विजेताओं को सांसद बृजमोहन ने सम्मानित किया।
7 से 11 अक्टूबर तक भाटापारा, सिमगा और बलौदाबाजार में 13 खेलों का आयोजन किया जा रहा है। कुश्ती, खो-खो, गेड़ी दौड़, फुगड़ी, रस्सा-कस्सी, रस्सी कूद, कबड्डी, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, शतरंज, तैराकी, भारोत्तोलन और शरीर सौष्ठव जैसे खेलों में युवा अपनी ताकत, प्रतिभा और अनुशासन का प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस अवसर पर नगर सैनिक दल में चयनित 50 खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया गया साथ ही तरेंगा और आसपास के वरिष्ठ खिलाड़ी, समाजसेवी संस्थाओं को मंच पर मुख्य अतिथि द्वारा शॉल श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, विशिष्ट अतिथि के रूप में आनंद यादव जिला अध्यक्ष भाजपा, आकांक्षा गोलू जायसवाल अध्यक्ष जिला पंचायत, अश्वनी शर्मा अध्यक्ष नगर पालिका भाटापारा, सुनील गोलू यादव जिला उपाध्यक्ष भाजपा, त्रिवेणी धनेश साहू सरपंच ग्राम पंचायत तरेंगा तथा सतीश सोनी उप सरपंच ग्राम पंचायत तरेंगा तथा ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि,जिले के कलेक्टर दीपक सोनी, जिला शिक्षा अधिकारी संजय गुहा, ग्राम पंचायत के उपस्थित रहे।
बता दें कि सांसद खेल महोत्सव के पहले चरण में रायपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत जिला बलौदा बाजार भाटापारा के तीन विकासखंड बलौदा–बाजार, भाटापारा और सिमगा में सांसद खेल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। बलौदा बाजार विकासखंड को 4 जोन में विभाजित किया गया है जिसमें बलौदा–बाजार, अर्जुनी, खजूरी एवं चांपा सेक्टर बनाए गए हैं। बलोदा–बाजार में लगभग 9000 प्रतिभागियों तथा भाटापारा विकासखंड में 8700 प्रतिभागीयों ने सांसद खेल महोत्सव में विभिन्न खेलों में भाग लेने हेतु अपना पंजीयन कराया है।
सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत बलौदाबाजार भाटापारा में 7 से 11 अक्टूबर तक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें 13 खेलों में 19 वर्ष से कम एवं 19 वर्ष अधिक आयु समूह में पुरुष एवं महिला दोनों वर्गों में आयोजित की जा रही हैं।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने तरेंगा में करोड़ों रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी
सांसद खेल महोत्सव के अवसर पर सांसद बृजमोहन ने तरेंगा में करोड़ों रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने तरेंगा में ₹1.64 करोड़ की लागत से बनने वाले 3.15 एमवीए 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का शिलान्यास किया।
यह उपकेंद्र क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को और अधिक सुगम, स्थिर और निर्बाध बनाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों, विद्यार्थियों और स्थानीय उद्योगों को विशेष लाभ मिलेगा।
साथ ही ग्रामीणों की मांग और सुविधा को ध्यान में रखते हुए धान खरीदी केंद्र में शेड निर्माण के लिए 20 लाख रुपए, सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख और प्राथमिक शाला में पेवर ब्लॉक निर्माण के लिए 5 लाख रुपए देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से इसरो के वैज्ञानिकों ने की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इसरो अहमदाबाद केंद्र के निदेशक डॉ. एन. एम. देसाई के नेतृत्व में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय और वैज्ञानिकों के बीच इसरो की यात्रा में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को बढ़ाने, राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने, शासन के कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए इसरो की तकनीक के उपयोग तथा स्कूल–कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए इसरो द्वारा संचालित गतिविधियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इसरो की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में जो ऊँचाइयाँ प्राप्त की हैं, वह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नवाचार और तकनीकी शिक्षा को प्रोत्साहित कर रही है, ताकि प्रदेश के युवा स्पेस साइंस के प्रति रुचि लेकर देश के अंतरिक्ष अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इसरो द्वारा प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ, जिससे उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि इसरो की तकनीक का उपयोग कृषि, खनन नियंत्रण, भू-अतिक्रमण की निगरानी तथा धान खरीदी के दौरान अवैध गतिविधियों की पहचान जैसे कार्यों में प्रभावी रूप से किया जा सकता है।
इस अवसर पर इसरो अहमदाबाद केंद्र के निदेशक डॉ. एन. एम. देसाई ने मुख्यमंत्री को इसरो द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ने के लिए इसरो कई अभिनव कार्यक्रम चला रहा है, जिन्हें छत्तीसगढ़ में भी विस्तारित किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश में एक ‘स्पेस गैलरी’ की स्थापना को लेकर भी सकारात्मक चर्चा हुई।
डॉ. देसाई ने मुख्यमंत्री श्री साय को इसरो अहमदाबाद केंद्र के भ्रमण हेतु आमंत्रित किया और उन्हें इसरो द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए उपग्रहों तथा मिशन चंद्रयान की प्रतिकृतियाँ स्मृति स्वरूप भेंट कीं।
इसरो के वैज्ञानिक भगवान मधेश्वर की तस्वीर देखकर हुए अभिभूत
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक के दौरान इसरो के वैज्ञानिकों की नजर जब भगवान मधेश्वर की तस्वीर पर पड़ी, तो वे उसे देखकर अभिभूत हो गए। जिज्ञासावश उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से इसके बारे में जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मधेश्वर पहाड़ जशपुर जिले में स्थित है, जहाँ भगवान शिव विशाल प्राकृतिक शिवलिंग स्वरूप में पूजे जाते हैं। स्थानीय लोग भगवान शिव के इस स्वरूप की अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी वैज्ञानिकों को भगवान मधेश्वर के छायाचित्र भेंटस्वरूप प्रदान किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, राजस्व विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण विजय दयाराम के., संचालक भू-अभिलेख विनीत नंदनवार, इसरो के ग्रुप डायरेक्टर डॉ. डी. के. पटेल, डॉ. दीपक कुमार सिंह, कलेक्टर गौरव कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रामलला दर्शन यात्रा विशेष ट्रेन को अयोध्या धाम के लिए रवाना किया
रायपुर। “राम काज कीने बिनु, मोहि कहाँ विश्राम...” के नारे के साथ सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद और भक्ति भाव से ओतप्रोत वातावरण में रायपुर रेलवे स्टेशन से रामलला दर्शन यात्रा विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर अयोध्या धाम के लिए रवाना किया।
इस अवसर पर स्टेशन परिसर में भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और "जय श्रीराम” के उद्घोष से सम्पूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। सांसद श्री अग्रवाल ने प्रभु श्रीराम का स्मरण करते हुए सभी यात्रियों को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि, मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का स्मरण ही हमें धर्म, त्याग और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
अयोध्या धाम की यह यात्रा न केवल श्रद्धा की अभिव्यक्ति है, बल्कि हमारे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जीवन का उत्सव भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या धाम का पुनरुत्थान भारत की आत्मा को पुनः जागृत करने वाला ऐतिहासिक कार्य है। आज हर हृदय में राम बसते हैं और हर दिशा में राम राज्य की भावना साकार हो रही है।
उन्होंने सभी यात्रियों के लिए मंगलकामना करते हुए कहा कि “प्रभु श्रीराम की कृपा से यह यात्रा सभी श्रद्धालुओं के जीवन में शांति, सुख और अध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करे।
इस अवसर पर छ.ग. पर्यटन बोर्ड अध्यक्ष नीलू शर्मा, विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू समेत बड़ी संख्या में राम भक्त उपस्थित रहे।







छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग का अलर्ट, इन जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
रायपुर। राजधानी रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को राज्य के कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। दक्षिणी हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां दोबारा सक्रिय होने से अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने बताया कि बस्तर, रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभागों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं (30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार) के साथ मध्यम से भारी वर्षा की आशंका है। वहीं, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर, धमतरी, बालोद, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग और बेमेतरा जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश हो सकती है।
वहीं, बीजापुर, बस्तर, कोंडागांव, राजनांदगांव, कोरबा, कबीरधाम, मुंगेली जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण यह प्रणाली राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्सों की ओर बढ़ रही है। इसके प्रभाव से बुधवार और गुरुवार को भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की है। ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना के चलते लोगों को खुले में या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसल कटाई या खेतों में रखे अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखें।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई में देरी हो रही थी, लेकिन अब दोबारा सक्रिय हुई मौसमी प्रणाली के कारण अक्टूबर के मध्य तक बारिश का प्रभाव जारी रह सकता है। यह बारिश जहां खरीफ फसलों के लिए राहतभरी होगी, वहीं लगातार बारिश से नीचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।
राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को आपातकालीन हालात से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। बिजली गिरने, पेड़ों के गिरने और जलभराव जैसी घटनाओं से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन दल को तैयार रहने को कहा गया है।
मौसम विभाग का यह भी कहना है कि अगले 48 घंटों में मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसके बाद धीरे-धीरे मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
महादेव सट्टा एप से जुड़े आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप घोटाला मामले से जुडी एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। दरअसल, महादेव ऑनलाइन घोटाले से जुड़े सभी आरोपियों को जमानत मिल गई। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप घोटाले से जुड़े सभी 12 आरोपी पिछले ढाई साल से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद है। मिली
जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एम.एम. सूदरैश और सतीश चंद्र शर्मा की कोर्ट ने महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप घोटाले से जुड़े सभी आरोपियों को को जमानत दी है। महादेव ऑनलाइन घोटाले से जुड़े भीम सिंह यादव, अर्जुन यादव, चंद्रभूषण वर्मा, सतीश चंद्राकर समेत सभी 12 आरोपियों को जमानत मिल गई है। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप घोटाले से जुड़े सभी 12 आरोपी पिछले ढाई साल से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद है।
“प्रोजेक्ट जिंदगी मुस्कुराएगी” : फेमिन बाई के सफल ऑपरेशन के बाद कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला प्रशासन रायपुर द्वारा संचालित अभिनव पहल “प्रोजेक्ट जिंदगी मुस्कुराएगी” के माध्यम से जरूरतमंदों के जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास लौट रहा है। यह परियोजना विशेष रूप से सामाजिक और चिकित्सकीय सहायता के क्षेत्र में एक मिसाल पेश कर रही है।
आज कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कालड़ा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल पहुंचकर गुढ़ियारी निवासी फेमिन बाई से मिलकर उनका हाल-चाल जाना। 13 वर्षीय फेमिन बाई का हाल ही में बर्न स्पेशलिस्ट डॉ. सुनील कालड़ा द्वारा ब्लाइंडर सिंड्रोम का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया है। इस सफल उपचार ने न केवल फेमिन बाई के जीवन में नई उम्मीद जगाई है, बल्कि उनके परिवार में भी उत्साह और आत्मविश्वास भर दिया है।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने बच्ची फेमिन बाई से पूछा कैसी हो बेटा अब ऑपरेशन के बाद कैसा लग रहा है, बच्ची ने बताया कि मुझे अब बहुत अच्छा लग रहा है।
कलेक्टर ने इस मौके पर कहा कि "प्रोजेक्ट जिंदगी मुस्कुराएगी" के तहत हमारा उद्देश्य है कि ऐसे जरूरतमंद लोगों तक यह सहायता बिना किसी बाधा के पहुंचे और उनके जीवन में मुस्कान लौटे।
बच्ची के परिजनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से हमारी बच्ची को एक नया जीवन मिला है।
इस अवसर पर निगम आयुक्त विश्वदीप, अपर कलेक्टर नम्रता जैन (आईएएस), जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
आरकेएम पॉवर प्लांट में लिफ्ट गिरने से तीन मजदूरों की मौत, सात मजदूर घायल…
सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के आरकेएम पावर प्लांट में मंगलवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। बाॅयलर मेंटेनेंस के दौरान मजदूरों को ले जा रही एक लिफ्ट ऊंचाई से नीचे गिर गई। इस दुर्घटना में जहां 3 मजदूरों की मौत हो गई, वहीं 7 अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद प्लांट में मौजूद मजदरों ने प्रबंधन पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
जानकारी के मुताबिक ये मामला डभरा थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि डभरा स्थित आरकेएम पाॅवर प्लांट में मंगलवार की रात बाॅयलर मेंटनेंस का काम चल रहा था। मेंटनेंस कार्य के दौरान प्लांट में मौजूद मजदूरों को लिफ्ट के जरिये उपर भेजा जा रहा था। लिफ्ट को करीब 80 मीटर की ऊंचाई तक जाना था, लेकिन ऊंचाई पर पहुंचने के बाद अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गया। इस दुर्घटना में लिफ्ट में सवार मजदूरों में 2 की जहां मौके पर ही मौत हो गयी, वहीं एक अन्य ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
वहीं 7 अन्य लोगों की हालत गंभीर बतायी जा रही है। उधर इस हादसे के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद बड़ी संख्या में मजदूर और उनके परिजन प्लांट गेट के बाहर जमा हो गए और जमकर हंगामा करने लगे। सूचना मिलते ही डभरा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार लिफ्ट में तकनीकी खराबी के कारण यह दुर्घटना हुआ।
वहीं दूसरी तरफ प्लांट प्रबंधन और सुरक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही की बात सामने आ रही है। स्थानीय मजदूरों ने आरोप लगाया है कि पॉवर प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। बताया जा रहा है कि लिफ्ट की नियमित तकनीकी जांच लंबे समय से नहीं की गई थी। घटना के बाद प्लांट प्रबंधन के खिलाफ मजदूर में आक्रोश है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सहायता राशि देने और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। वहीं पुलिस ने इस हादसे पर अपराध दर्ज कर घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
8 लाख रुपये के इनामी माओवादी लीडर मंदा रूबेन ने किया आत्मसमर्पण
जगदलपुर। बस्तर में माओवादी संगठन को एक और बड़ा झटका लगा है। तेलंगाना पुलिस के समक्ष बस्तर में सक्रिय इनामी माओवादी मंदा रूबेन उर्फ कन्नन्ना उर्फ मंगन्ना (67 वर्ष) ने आत्मसमर्पण किया है। रूबेन के ऊपर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
बताया जा रहा है कि बिगड़ती सेहत और अन्य कई कारणों के चलते मंदा रूबेन ने मंगलवार को वारंगल के पुलिस आयुक्त सनप्रीत सिंह के समक्ष आत्मसमर्पण किया। रूबेन दक्षिण बस्तर के वरिष्ठ डिवीजन कमेटी सचिव होने के साथ-साथ दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य भी था। आत्मसमर्पण के बाद स्थानीय पुलिस ने उन्हें पुनर्वास नीति के तहत राहत राशि का चेक प्रदान किया।
इस साल अब तक 410 माओवादियों ने किया है सरेंडर
01 जनवरी 2025 से अब तक माओवादी घटनाओं में शामिल 421 माओवादी गिरफ्तार हुए, 410 माओवादी ने आत्मसमर्पण किया एवं जिले में अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 137 माओवादी मारे गए हैं। इस प्रकार 01 जनवरी 2024 से अब तक माओवादी घटनाओं में शामिल 924 माओवादी गिरफ्तार हुए, 599 माओवादी ने आत्मसमर्पण किया एवं जिले में अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 195 माओवादी मारे गए हैं।

