प्रदेश
नागपुर दौरे से लौटे गृहमंत्री विजय शर्मा, धवईपानी-सिमगा मार्ग को 4-लेन की स्वीकृति के लिए केंद्रीय मंत्री गडकरी का जताया आभार
रायपुर। गृहमंत्री विजय शर्मा रविवार को नागपुर दौरे से वापस लौटे. नागपुर में उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की. गृहमंत्री शर्मा ने बताया कि कवर्धा-जबलपुर और कवर्धा-रायपुर के बीच बाईपास और धवईपानी से सिमगा एनएच-30 के सेक्शन को भी 4 लेन बनाने की मांग पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने स्वीकृति दे दी है. उन्होंने केंद्रीय मंत्री गडकरी का धन्यवाद ज्ञापित किया.
BBM के 15 नक्सलियों का आत्मसमर्पण
गृहमंत्री विजय शर्मा ने बीबीएम डिविजन के नक्सलियों के आत्मसमर्पण को लेकर बयान दिया. उन्होंने कहा कि बालांगीर, बरगढ़, महासमुंद के तीन क्षेत्रों का एक डिवीजन था. वेस्ट सब्जोनल के सेक्रेटरी का पुनर्वास हुआ है. 14 लोगों का पुनर्वास हुआ है, जो बस्तर के है. 3 AK47, 2 SLR, 6 पुरुष और 9 महिलाओं के साथ पुनर्वास हुआ है.
गृहमंत्री ने बताया कब नक्सलवाद को खत्म माना जाएगा ?
नक्सलवाद खात्मे को केवल एक माह से कम का समय शेष है. गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्लवाद को खत्म कब माना जाएगा, इसे लेकर स्पष्ट करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के परिदृश्य में कुछ खास नहीं रह गया है. बस्तर के लोग अपनी बात कह रहे है, खुलकर हंस रहे है. नक्सवाद को लेकर बचा थोड़ा काम जल्द पूरा कर किया जाएगा. देश के परिदृश्य में भी नक्सलवाद खत्म है रहा है. नक्सलवाद में एक आर्म्ड कैडर होता है, जब वह खत्म होगा तब नक्सलवाद खत्म हो जाएगा.
कांग्रेस के ’दे दे बुलावा मुसवा’ फाग गीत पर सियासत
प्रदेश में कांग्रेस के ’दे दे बुलावा मुसवा’ फाग गीत पर सियासत जारी है. कांग्रेस के वीडियो पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि गांव में बचपन से गाते आ रहे हैं ’दे दे बुलावा राधे को’. मां राधे की तरफ से यह संदेश हुआ करता था. कांग्रेस अगर इसकी पैरोडी बना रही हैं तो वह नहीं जानते.
पूर्व नक्सलियों को विधानसभा का भ्रमण पर सियासत
विधानसभा के बजट सत्र में पूर्व नक्सलियों ने परिसर का भ्रमण किया. मामले में मोहन मरकाम के बयान पर गृहमंत्री विजय शर्मा पर पलटवार करते हुए कहा कि 5 साल कांग्रेस ने नक्सलवाद को खत्म करने के लिए क्या किया, चुप रहकर समर्थन करते रहे. परिस्थितियां आज ठीक हो रही है. बता दें कि मोहन मरकाम ने कहा था कि लोकतंत्र की हत्या करने वालों को विधानसभा में बुलाकर महिमामंडित करना दुर्भाग्यपूर्ण है. समर्पण तक तो ठीक है, लेकिन उन्हें विधानसभा में लाकर क्या दिखाना चाहते हैं.
मुख्यमंत्री साय ने होला मोहल्ला के लिए संगत बसों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज शाम राजधानी रायपुर स्थित रेलवे स्टेशन गुरुद्वारा पहुंचे, जहां उन्होंने मत्था टेककर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए अरदास की। इस अवसर पर उन्होंने सिख संगत द्वारा आयोजित होला मोहल्ला यात्रा के लिए निःशुल्क बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।


सिख संगत द्वारा आयोजित इस यात्रा में लगभग 1200 श्रद्धालु 17 बसों, 2 ट्रकों एवं अन्य वाहनों के साथ श्री हजूर साहिब नांदेड़ (महाराष्ट्र) तथा गुरुद्वारा नानक झीरा साहिब, बीदर (कर्नाटक) के लिए रवाना हुए। यह यात्रा सिख समाज की आस्था, परंपरा और सामूहिक श्रद्धा का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने संगत को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सिख गुरुओं का त्याग, बलिदान और मानवता की सेवा का संदेश पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी से जुड़े पवित्र स्थलों पर आयोजित होला मोहल्ला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि साहस, सेवा और राष्ट्रभक्ति की अद्भुत परंपरा का प्रतीक है। सिख गुरुओं द्वारा स्थापित शौर्य और समर्पण की विरासत सदैव देशवासियों को प्रेरित करती रहेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि सिख संगत द्वारा लगातार 25वें वर्ष इस भव्य आयोजन का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने इस उत्कृष्ट आयोजन के लिए सिख समाज को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह छाबड़ा सहित सिख समाज के प्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कबीर मठ आश्रम में आयोजित अखिल भारतीय सद्गुरु कबीर संत सम्मेलन में हुए शामिल
रायपुर। संत परंपरा और आध्यात्मिक चेतना समाज को सही दिशा देती है, और जब शासन व्यवस्था इन मूल्यों से जुड़ती है, तो विकास और संस्कार दोनों साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। संत कबीर की वाणी समाज को जोड़ती है, सरकार का संकल्प जनजीवन संवारता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम नादिया स्थित कबीर मठ आश्रम में आयोजित अखिल भारतीय सद्गुरु कबीर संत सम्मेलन फाल्गुन महोत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर आश्रम में विकास कार्य के लिए 11 लाख रुपए स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने मठ आश्रम परिसर में स्थायी डोम निर्माण और प्रतिवर्ष आयोजन के लिए बजट में राशि का प्रावधान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने ग्राम नादिया में मिनी स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की, साथ ही राजनांदगांव शहर में कबीर साहेब के नाम भव्य प्रवेश द्वार निर्माण की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने संत सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि 202 साल पहले पूज्य सद्गुरु सेवा साहब जी ने नादिया जैसे गांव में कबीर मठ की स्थापना की। हलबा समाज के संत स्वरूप मंतू ठाकुर जी ने आश्रम की सेवा के लिए अपनी समस्त संपत्ति अर्पित कर दी। श्री साय ने कहा कि हलबा समाज का गौरवशाली और समृद्ध इतिहास रहा है। हलबा समाज से गेंदसिंह जी जैसे महानायक हुए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ में सद्गुरु कबीर के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे प्रदेश में सद्गुरु संत कबीर का बड़ा प्रभाव है। उन्होंने अपने बचपन से ही कबीर पंथ से जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि कुनकुरी में कबीरपंथ का बड़ा आश्रम है। बचपन से ही पंथ के रीति-रिवाजों से मैं भलीभांति परिचित रहा।छत्तीसगढ़ का जिला कबीरधाम सद्गुरु के नाम पर है। यहां के लोकजीवन में कबीर की वाणी का प्रभाव है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कबीर दास जी के दोहों में जीवन का संदेश है। उन्होंने ‘निंदक नियरे राखिए’ जैसे कबीर संत के दोहों को दोहराया। श्री साय ने कहा कि संत कबीर कहते थे कि हमारे भीतर अपनी कमियों को सुनने का साहस होना चाहिए, ताकि हम खुद को बेहतर बना सकें। उनके दोहों में आदर्श जीवन और मानव समाज के हित के संदेश हैं, इसलिए हमें कबीरदास जी के बताए मार्ग पर चलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है, जहां की 80 प्रतिशत आबादी कृषि अर्थव्यवस्था से जुड़ी है। हमने सुव्यवस्थित धान खरीदी की। धान बेचने के 48 घंटे के भीतर किसानों के खाते में राशि पहुंचे, यह सुनिश्चित किया। शनिवार को हमने 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों के खातों में कृषक उन्नति योजना के माध्यम से 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित की। महतारी वंदन योजना अंतर्गत प्रदेश की 69 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में 15 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मोदी की गारंटी में हमने वादा किया था कि सरकार बनते ही प्राथमिकता के आधार पर 18 लाख आवास प्रदान करेंगे। हमने शपथ लेने के 24 घंटे के भीतर ही पहली कैबिनेट बुलाकर 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दे दी। आज 8 लाख से ज्यादा मकान बन चुके हैं, जिनका गृह प्रवेश भी हो चुका है। इतना ही नहीं, बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद समाप्त हो रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की अलग से स्वीकृति हुई है। पीवीजीटी समुदाय के लोगों के लिए अलग से 32,000 पीएम आवासों की स्वीकृति हुई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि जैसे-जैसे नक्सलवाद समाप्त हो रहा है, बस्तर के पिछड़े क्षेत्रों में विकास हो रहा है। जिन गांवों में कभी सर्वे नहीं होता था, आज वहां की 7,000 से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने दो साल में 32,000 से ज्यादा नौकरियों की प्रक्रिया शुरू की। 5,000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती निकाली जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। प्रभु श्रीराम ने 14 साल में सबसे ज्यादा समय छत्तीसगढ़ में बिताया। 500 साल के संघर्ष के बाद अयोध्या धाम में हमारे भांचा राम विराजमान हुए तो हमने छत्तीसगढ़ से श्रीराम लला दर्शन योजना की शुरुआत की, जिसके तहत अब तक 42,000 से अधिक लोगों को अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ धाम का दर्शन कराया जा चुका है। हमने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की भी पुनः शुरुआत की है, जिसमें 5,000 से ज्यादा लोगों को देश के 19 चिन्हांकित तीर्थस्थलों का दर्शन कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ है। डीएमएफ, कोयला और पीएससी घोटाले के दोषी जेल के भीतर हैं। आज राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शी व्यवस्था है, इसलिए गरीब का बेटा भी बड़ा अधिकारी बन रहा है।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि यदि पूरे भारतवर्ष में देवभूमि, संस्कारभूमि और समर्पण की परंपरा की बात की जाए, तो छत्तीसगढ़ का स्थान अत्यंत विशिष्ट और सम्मानजनक है। यहां की मिट्टी में सेवा, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना रची-बसी है, जो प्रदेशवासियों के जीवन और व्यवहार में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोग सरल, संवेदनशील और संस्कारों से परिपूर्ण हैं, यही इस प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को भी समान महत्व दे रही है, जो छत्तीसगढ़ की पहचान को और मजबूत बनाता है।
उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संत-महात्माओं के प्रति गहरा सम्मान और आस्था है। ऐसा कोई दिन शायद ही गुजरता हो, जब मुख्यमंत्री निवास में किसी संत, महात्मा या आध्यात्मिक व्यक्तित्व का आगमन न होता हो। यह केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा, मार्गदर्शन और मूल्यों के संरक्षण का एक सशक्त माध्यम भी है।
सांसद संतोष पांडेय ने छत्तीसगढ़ की धरती को रत्नगर्भा बताते हुए कहा कि हमारी धरती को समय-समय पर संतों का मार्गदर्शन मिलता रहा है। संतों की वाणी में जीवन का आदर्श और दर्शन मिलता है।
इस अवसर पर पूर्व सांसद एवं महापौर मधुसूदन यादव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व सांसद प्रदीप गांधी,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दिनेश गांधी, जिला सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष भरत वर्मा,श्रम मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, जिला पंचायत के अध्यक्ष किरण वैष्णव, डोंगरगांव जनपद पंचायत के अध्यक्ष रंजीता ग्राम पंचायत नदिया के सरपंच वंदिता ठाकुर, आचार्य स्वामी मंगल साहेब,धर्माधिकारी सत्येंद्र साहेब, डॉक्टर भागीरथी साहेब, साध्वी सुमेधा साहेब संत राम रतन स्वरूप साहेब, लेख चंद्र साहेब सहित अन्य गणमान्य नागरिक गण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बिलासपुरवासियों को जाम से मिलेगी राहत! रिंग रोड परियोजना को केंद्रीय मंत्री गडकरी ने दी सहमति
बिलासपुर। बिलासपुर संसदीय क्षेत्र के शहरी नियोजित विकास और यातायात सुगमता की दिशा में एक ऐतिहासिक सफलता प्राप्त हुई है. आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री एवं बिलासपुर लोकसभा के सांसद तोखन साहू के प्रयासों से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 32 किलोमीटर लंबी ‘बिलासपुर रिंग रोड’ परियोजना को सहमति दे दी है.
मंत्री ने सांसद तोखन साहू को पत्र प्रेषित कर अवगत कराया है कि परियोजना की व्यापक उपयोगिता एवं बिलासपुर की भविष्य की प्रशासनिक एवं औद्योगिक आवश्यकताओं को देखते हुए, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा इस मार्ग की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Study) तैयार करने की अनुशंसा कर दी गई है.
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं और व्यापक प्रभाव
रणनीतिक मार्ग : लगभग 32 कि.मी. लंबी यह रिंग रोड बोदरी (छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के समीप) से शुरू होकर सेंदरी गांव (NH-130) तक बनकर तैयार होगी. यह मार्ग उच्च न्यायालय और बिलासपुर हवाई अड्डे को कोरबा, कटघोरा और सीपत जैसे प्रमुख औद्योगिक नगरों से सीधा संपर्क प्रदान करेगा.
यातायात का स्थायी समाधान : शहर के मध्य से गुजरने वाले NH-49 और NH-130 के भारी वाहनों को अब शहर के बाहर से ही सुगम ‘बायपास’ प्राप्त होगा. इससे बिलासपुर के मुख्य बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों में भारी वाहनों के दबाव से नागरिकों को स्थाई राहत मिलेगी.
आर्थिक एवं औद्योगिक गलियारा : यह रिंग रोड सिरगिट्टी और लालखदान जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को NH-130A (रायपुर-धनबाद एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर) से सीधे जोड़ेगी. इससे मालवाहन के समय और ईंधन की बचत होगी, जिससे स्थानीय व्यापार और रसद (Logistics) तंत्र सुदृढ़ होगा.
नियोजित विस्तार और रोजगार : बिलासपुर चूंकि SECR (रेलवे जोन) और SECL का मुख्यालय है, जिसके कारण इस रिंग रोड के निर्माण से ट्रांसपोर्ट नगर और लॉजिस्टिक पार्क का सुनियोजित विकास सुनिश्चित होगा, जो भविष्य में क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा.
प्रदेश की अदालतों में शौचालय की स्थिति खराब, हाईकोर्ट ने खारिज की जनहित याचिका
बिलासपुर। प्रदेश के 23 जिलों की अदालतों में शौचालय और पानी की बदहाली को लेकर जनहित याचिका लगाई गई थी। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण याचिका खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कहा कि इसी विषय पर सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही कार्यवाही चल रही है। समान मामले में दो जगह सुनवाई उचित नहीं है।
छत्तीसगढ़ और दिल्ली में वकालत करने वाले अधिवक्ता प्रवीण वारे ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका लगाई थी, कहा कि राज्य के सभी 23 जिला न्यायालयों और उनके अधीनस्थ अदालतों में शौचालयों और पीने के पानी की स्थिति खराब है। यह भी कहा कि रायपुर जिला न्यायालय सहित अन्य अदालतों में दिव्यांगों, महिलाओं और विशेषकर ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए अलग और स्वच्छ शौचालयों की कमी है। रायपुर कोर्ट में साफ-सफाई के संबंध में सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में यह सामने आया कि वहां रखरखाव और निरीक्षण का कोई भी रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से उपलब्ध नहीं है। याचिका में मांग की गई थी कि कोर्ट परिसरों में पानी की गुणवत्ता की जांच हो, बायो-टॉयलेट और सैनिटरी पैड डिस्पेंसर जैसी सुविधाएं दी जाएं। इसके अलावा एक प्रभावी शिकायत निवारण सिस्टम बनाया जाए।
सरकार ने कहा- सुप्रीम कोर्ट जारी कर चुका आदेश
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट राजीब कलिता विरुद्ध भारत सरकार मामले में पहले ही देशभर की अदालतों के लिए कड़े निर्देश जारी कर चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने हर हाई कोर्ट में एक विशेष समिति बनाने का आदेश दिया है, जिसमें जज और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। समिति बुनियादी सुविधाओं की निगरानी करेगी।
मुख्यमंत्री माधवास रॉक बैंड के ‘बिगेस्ट भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज शाम राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित माधवास रॉक बैंड के ‘बिगेस्ट भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भजन क्लबिंग युवाओं को अध्यात्म से जोड़ने का एक अभिनव और सकारात्मक प्रयास है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है और युवाओं के कंधों पर ही देश एवं प्रदेश का भविष्य टिका हुआ है। ऐसे आयोजन युवाओं को भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रसिद्ध भजन बैंड माधवास रॉक बैंड की संगीतमयी प्रस्तुति से पूरा वातावरण भक्ति भाव से सराबोर हो गया। राधा-कृष्णमय माहौल में मुख्यमंत्री श्री साय ने भी भक्तों के साथ फूलों की होली खेली। कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक चेतना मंच द्वारा किया गया था।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमें अपनी जड़ों और प्राचीन परंपराओं को कभी नहीं भूलना चाहिए। भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्र है और यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि जब युवा अध्यात्म से जुड़ते हैं तो उनमें सकारात्मक ऊर्जा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना और अधिक सशक्त होती है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों के हित में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और राज्य की लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि से जुड़ी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, जो किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज प्रदेश के 25 लाख 28 हजार से अधिक अन्नदाता किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई है। प्रदेश के 146 विकासखंडों में राशि अंतरण कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि वे स्वयं बिल्हा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि होली से पहले किसानों के खातों में राशि पहुंचने से उनके परिवारजन हर्षोल्लास के साथ त्योहार मना सकेंगे।
इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, अजय जामवाल, आलोक डंगस, सामाजिक चेतना मंच के अध्यक्ष उज्ज्वल दीपक सहित अन्य पदाधिकारी, इस्कॉन रायपुर से स्वामी सुलोचन प्रभुजी, स्वामी तमाल कृष्ण प्रभुजी, स्वामी निखिलापति प्रभुजी, स्वामी रघुपति दास तथा बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित थे।
अवैध रेत परिवहन पर बड़ी कार्रवाई: जांजगीर में 14 हाईवा जब्त, चालक-मालिकों पर केस दर्ज
जांजगीर। अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के मामले में जांजगीर जिला और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने 14 हाईवा वाहनों को जब्त किया है। हाईवा वाहन चालक/मालिकों के विरुद्ध गौण खनिज अधिनियम के तहत कार्रवई की गई है।
जांजगीर जिले में रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार जिला और पुलिस प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर जन्मेजये महोबे ने अवैध खनन को रोकने के लिए ग्राम पंचायतों में ग्राम निगरानी समितियों का गठन किया है, जो एसडीएम और तहसीलदारों को अवैध उत्खनन और परिवहन की सूचना देगी। इसके बाद संयुक्त टीम कार्रवाई करेगी।
इसी क्रम में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने कलेक्टर जन्मेजय महोबे और एसपी विजय पांडे के निर्देश पर एसडीओपी अकलतरा प्रदीप कुमार सोरी के नेतृत्व में बीती देर रात हाईवे रोड पर दबिश देकर अवैध रूप से रेत का परिवहन करते हुए 14 हाईवा वाहनों को पकड़ा। उपरोक्त वाहनों को मौके से जब्त कर संबंधित वाहन चालकों और मालिकों के विरुद्ध खनिज अधिनियम एवं अन्य प्रसांगिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस और जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने 200 बिस्तरीय अत्याधुनिक श्री बालाजी कैंसर अस्पताल का किया शुभारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित श्री बालाजी हॉस्पिटल परिसर में 200 बिस्तरीय अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भगवान बालाजी की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और आरोग्य की कामना की। साथ ही उन्होंने कैंसर अस्पताल के नवनिर्मित इकाइयों का शुभारंभ कर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार राज्य की प्रगति और सशक्त होते आधारभूत ढांचे का स्पष्ट प्रमाण है। प्रदेश निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर हम रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं और राज्य गठन के समय जहां प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं बीते वर्षों में 14 से 15 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि अपने दो वर्ष के कार्यकाल में उन्होंने 5 से 6 नए अत्याधुनिक अस्पतालों का शुभारंभ किया है, जिससे आमजन को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कैंसर अपस्ताल में मरीजों को आयुष्मान योजना का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक दिक्कतें भी कम होगी।
इस अवसर पर अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. तेजस नायक, मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. नीता नायक, आर. के. नायक, सत्यवती नायक तथा अस्पताल प्रबंधन और अधिकारी-कर्मचारी और आमजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बटन दबाकर किसानों के खातों में की 10 हजार 324 करोड़ रुपए की राशि अंतरित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिल्हा विकासखण्ड के रहंगी में कृषक उन्नति योजना अंतर्गत आयोजित आदान सहायता राशि वितरण समारोह एवं वृहद किसान सम्मेलन में प्रदेश के 25.28 लाख किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का अंतरण किया। इनमें बिलासपुर जिले के 1 लाख 25 हजार 352 किसान शामिल हैं, जिनके खातों में 494.38 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई।
मुख्यमंत्री ने जिले के विकास को नई गति देते हुए 15.99 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए 7 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 247.18 करोड़ रुपए की लागत के 82 विकास कार्यों का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित अन्य अतिथियों का खुमरी और नांगर भेंटकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में ‘कृषक उन्नति योजना का वरदान, छत्तीसगढ़ का हर किसान धनवान’ थीम पर आधारित वीडियो का विमोचन भी किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज का दिन किसान भाइयों के सम्मान का दिन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों ने धान बेचा है और कृषक उन्नति योजना के माध्यम से आज 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसान भाई होली का त्योहार अच्छे से मनाएं, इसलिए होली के पूर्व यह राशि प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है और किसानों की चिंता करते हुए उनके लिए प्रगतिशील योजनाएं लाई गई हैं।इस बार किसानों को बारदाने की कोई समस्या नहीं हुई और किसानों के खातों में राशि भी समय पर पहुंची है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को ऋण लेने की सुविधा प्रदान की है और आज लाखों किसान किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों को धान की सर्वाधिक कीमत देने की व्यवस्था की गई है, जो अन्यत्र कहीं नहीं है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में भी राशि अंतरित की जा रही है। खाद में सब्सिडी, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार सहित किसानों की समृद्धि के लिए हर स्तर पर कार्य किया जा रहा है तथा सहकारिता को लाभकारी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों को 6000 रुपए सम्मान निधि की राशि प्रदान की जा रही है। इस वर्ष के बजट में कृषि के लिए 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता को दर्शाता है। किसानों को खेतों में पर्याप्त पानी मिले, इसके लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नक्सलवाद बस्तर क्षेत्र से समाप्ति की ओर है और इस दिशा में हम सफल हो रहे हैं। निश्चित रूप से मार्च 2026 तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का संकल्प पूरा होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से परिपूर्ण राज्य है और खनिजों का समुचित दोहन कर राज्य को विकास के पथ पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी से समझौता किया गया है और अब छत्तीसगढ़ में भी दुग्ध क्रांति आने वाली है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभी गारंटियों को पूरा करने के लिए पूरी तत्परता से कार्य किया है और विगत दो वर्षों के कार्यकाल में अधिकांश वादों को पूरा कर लिया गया है। राज्य में सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख गरीब परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है तथा प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने सभी की सहभागिता से विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के संकल्प को दोहराया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने चकरभाटा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन करने, मंगला में माध्यमिक शाला को हाई स्कूल में उन्नयन तथा रहंगी के खेल मैदान में बाउंड्रीवॉल एवं स्टेज निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री साय ने सतनामी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 50 लाख रुपए तथा पत्थरखान में आदिवासी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 50 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की।
कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि उन्नति योजना का लाभ देने के लिए मुख्यमंत्री जी किसानों के बीच आए हैं, यह बहुत ही ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज 10 हजार 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में सीधे अंतरित की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हर साल किसानों के खातों में धान की राशि अंतरित की जा रही है। उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि धान से अधिक लाभ दलहन एवं तिलहन फसलों के उत्पादन में है और किसानों को फसल विविधीकरण अपनाना चाहिए।
कृषि मंत्री ने कहा कि खेती-किसानी में नवाचार और परिवर्तन से ही किसानों के जीवन में समृद्धि आएगी। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन एवं मत्स्यपालन को बढ़ावा देने के लिए भी कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने किसानों को मिश्रित कृषि तथा जैविक खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया तथा राशि अंतरित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने किसानों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय किसानों के दर्द और मेहनत को समझते हैं और होली से पहले किसानों की मेहनत और पसीने की सौगात देने के लिए आज उनके बीच उपस्थित हुए हैं। अन्नदाताओं की मेहनत के कारण ही छत्तीसगढ़ खुशहाल है। विगत तीन वर्षों में चार लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी हुई है तथा 1 लाख 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में सड़क, सिंचाई सहित विकास के सभी आयामों में बेहतर कार्य हुआ है और विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना के साथ प्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है।
कृषि उत्पादन आयुक्त शाहला निगार ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसानों को आदान सहायता प्रदान की जाती है, जिसका उद्देश्य उनकी आजीविका को सुदृढ़ करना और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में 25 लाख से अधिक किसानों को 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए किसानों को धान के साथ दलहन एवं तिलहन फसलों की ओर प्रोत्साहित किया गया है।
मुख्यमंत्री से संवाद कर किसानों ने जताया आभार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वर्चुअली जुड़कर प्रदेश के किसान हितग्राहियों से संवाद किया। जगदलपुर की महिला हितग्राही बसंती कश्यप ने बताया कि उनके खाते में 36 हजार रुपए की राशि आई है, जिससे वे होली का त्योहार अच्छे से मनाएंगे। कोरबा जिले के पहाड़ी कोरवा हितग्राही सुखन साय ने बताया कि उन्होंने 73 क्विंटल धान बेचा था और 53 हजार रुपए की राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि इस राशि को वे घर बनाने में खर्च करेंगे। जांजगीर जिले के किसान समर्थ सिंह ने बताया कि उन्हें 1 लाख 41 हजार रुपए अंतर की राशि मिली है, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।
कार्यक्रम में विधायक अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, पूर्व विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, छत्तीसगढ़ राज्य पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित के अध्यक्ष रजनीश सिंह, महापौर पूजा विधानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कृषि उत्पादन आयुक्त शाहला निगार, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, संचालक कृषि राहुल देव, कमिश्नर सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
सुरक्षाबल ने नक्सलियों का बड़ा डंप किया बरामद, 46 लाख रुपए नगद के साथ मिला लैपटॉप और आर्म्स…
गरियाबंद। बडी साजिश को नाकाम करते हुए सुरक्षा बलों ने नक्सलियों का बड़ा डंप बरामद किया है. डंप में 46 लाख 31 हजार रुपए नगद के साथ इलेक्ट्रोनिक और आर्म्स सामग्री भी मिला है.
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर गरियाबंद जिले की एस-30 टीम एवं थाना मैनपुर की संयुक्त पुलिस टीम ने 28 फरवरी को ग्राम कड़ेदोरा के साप्ताहिक नामक जंगल/पहाड़ी क्षेत्र में सर्चिंग अभियान चलाया. सघन तलाशी के दौरान अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखी गई सामग्री बरामद की गई.
पुलिस ने मौके से कुल 46,31,500 रुपए नगद, एक भरमार बंदूक, एक एलएमजी बट (स्पेयर), 33 नग भरमार कारतूस, 01 सटका रायफल, 32 डीजल इंजन सेल, 1 लैपटॉप, 2 मोबाइल, 10 इंसास राउंड, 11 एसएलआर राउंड, 45 एके-47 राउंड, 41 नग .303 राउंड, 23 विभिन्न शॉटगन राउंड, 26 नग 12 बोर राउंड, 13 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 10 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर सहित अन्य नक्सली उपयोग की सामग्री जब्त की है.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से प्राप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई. इस सफलता से नक्सली संगठन को आर्थिक एवं सामरिक रूप से बड़ा झटका लगा है. पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने बताया कि जिले में नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी रहेगा. किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, शराब घोटाला मामले में जमानत मंजूर
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल की उपसचिव रही सौम्या चौरसिया को बड़ी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली है। यह मामला जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में सुनवाई के लिए लगा था। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज आए आदेश में कोर्ट ने सौम्या चौरसिया की याचिका स्वीकार करते हुए जमानत दी है।
बता दें कि सौम्या चौरसिया ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) एवं एसीबी/ईओडब्ल्यू की कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थी। कोर्ट ने मामले में दायर दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद यह राहत दी है। शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार होने के बाद सौम्या चौरसिया लंबे समय से न्यायिक हिरासत में थीं। हाईकोर्ट के इस फैसले को उनके लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
कमल विहार में दूषित पेयजल से बढ़ा स्वास्थ्य संकट, निगम और RDA की लापरवाही पर भड़के निवासी
रायपुर। इंदौर में दूषित पेयजल के कारण हुई मौतों के बाद भी रायपुर में सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी खतरे को टालने में प्रशासन की चूक को लेकर रायपुर नगर निगम और RDA की कड़ी आलोचना हो रही है। कमल विहार सेक्टर 8 और आसपास के इलाकों में निवासियों ने बताया कि डेढ़ से दो महीने से अधिक समय से उनके घरों के नलों में बदबूदार और गंदा पानी आ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सीवरेज का गंदा पानी चैंबर से रिसकर सड़कों पर बह रहा है, जिससे न सिर्फ सड़क पर रहने वाले लोगों के लिए स्थिति कठिन हो गई है, बल्कि घरों के नलों में भी पानी दूषित होकर पहुँच रहा है। निवासियों ने नगर निगम और RDA पर आरोप लगाया कि इतने बड़े प्रोजेक्ट में रहने के बावजूद इन संस्थाओं का ध्यान बिल्कुल भी नहीं है। इसके कारण पूरे इलाके में लगातार दुर्गंध और गंदगी फैली हुई है।
निवासियों की चेतावनी
स्थानीय लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि तत्काल सुधारात्मक उपाय नहीं किए गए, तो रायपुर में इंदौर जैसी त्रासदी होने का खतरा बन सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे गंदे पानी के संपर्क में आने से स्किन संक्रमण, दस्त, पेट की बीमारियां और वायरल संक्रमण फैलने का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन का सक्रिय और त्वरित कदम उठाना जरूरी है।

निगम और RDA की जिम्मेदारी
निवासियों का आरोप है कि निगम और RDA दोनों ही बड़े प्रोजेक्ट के रख-रखाव में नाकाम साबित हो रहे हैं। शहर में ऐसे सीवरेज रिसाव की शिकायतें पहले भी आती रही हैं, लेकिन इनके समाधान में प्रशासनिक सुस्ती देखने को मिलती रही है।
कमल विहार के निवासियों की समस्या केवल स्थानीय मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे रायपुर शहर के सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा तंत्र पर सवाल खड़े करती है। प्रशासन को इस मुद्दे पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करनी होगी, नहीं तो गंदे पानी के कारण गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है।
होली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, होटलों में की मिठाई-नमकीन की जांच, 5 नमूने पाए गए अमानक
खैरागढ़। होली पर्व के मद्देनजर जिले में मिलावटी एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों पर नियंत्रण के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रावल के निर्देशानुसार 26 और 27 फरवरी को जिले के विभिन्न मिठाई एवं नमकीन प्रतिष्ठानों में सघन जांच अभियान चलाया गया।
उपसंचालक आशीष शर्मा एवं अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे की मौजूदगी में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक घृतलहरे ने खैरागढ़ के मानव मंदिर स्वीट, जलाराम स्वीट, जनता स्वीट, बीकानेर राजेश्वरी स्वीट, श्री बीकानेर स्वीट तथा गंडई के राजपुरोहित बीकानेर स्वीट सहित कई प्रतिष्ठानों से कचौड़ी, मोतीचूर लड्डू, बेसन लड्डू, खोवा, पेड़ा, फाफड़ा, गुजिया, रसमलाई, अंजीर कतली, केला चिप्स और अन्य खाद्य सामग्री के नमूने लिए। कार्रवाई के दौरान दो विधिक एवं 18 सर्विलांस नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी रायपुर भेजे गए। वहीं चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला द्वारा मौके पर ही 65 सर्विलांस नमूनों की जांच की गई, जिसमें 60 नमूने मानक के अनुरूप पाए गए, जबकि 5 नमूने अवमानक मिले।
गुणवत्ता मानकों का पालन करने के दिए निर्देश
जांच में पाए गए अखाद्य रंग युक्त अवमानक खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट करवाया गया। अधिकारियों ने सभी व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 एवं 2011 के तहत स्वच्छता बनाए रखने एवं गुणवत्ता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रतिष्ठानों की खाद्य लाइसेंस एवं पंजीयन की जांच की गई, जो वैध पाए गए। कार्रवाई के दौरान सहायक खाद्य अधिकारी संजय ठाकुर सहित विभागीय टीम मौजूद रही। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों को सुरक्षित एवं शुद्ध खाद्य उपलब्ध कराने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
होली से पहले रायपुर पुलिस का सख्त अभियान: 3 घंटे में 154 नशेड़ी वाहन चालक पकड़े, ₹15.40 लाख का चालान
रायपुर। सड़क हादसों को नियंत्रित करने एवं होली पर्व पर सुरक्षा के लिहाज से रायपुर पुलिस ने शुक्रवार रात में तीन घंटे का विशेष अभियान चलाया. जांच के दौरान 154 नशेड़ी वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 15 लाख 40 हजार रुपए का चालान काटा.
पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकॉल विकास कुमार द्वारा नशे की हालत में वाहन चलाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विवेक शुक्ला एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात/प्रोटोकाल दौलत राम पोर्ते के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस आयुक्त सतीश ठाकुर, सुरेन्द्र साय पैकरा, रमेश येरेवार, गुरजीत सिंह एवं सीमा अहिरवार के नेतृत्व में यातायात के सभी थाना प्रभारियों की उपस्थित में अधिकारी-कर्मचारी की टीम बनाई.
टीम ने शहर में 8 स्थानों – तेलीबांधा थाना के सामने, भाठागांव चौक, जयस्तंभ चौक, फाफाडीह चौक, खमतराई थाना के सामने, टाटीबंध चौक, पचपेड़ीनाका चौक, पंडरी थाना के सामने में स्टापर लगाकर चेकिंग पाइंट लगाया गया. सभी चेकिंग पाइंट में चेकिंग अधिकारियों द्वारा ब्रीथ एनालाईजर मशीन के साथ रात्रि 10 बजे से 1 बजे तक 3 घंटे सघन जांच अभियान चलाया गया. जांच के दौरान वाहन चालकों का ब्रीथ एनालाईजर मशीन से शराब सेवन की जांच की गयी.

जांच में 154 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाया गया, जिनके विरूद्ध मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के अंतर्गत वाहनों को जप्त कर कार्रवाई किया गया. वाहनों को यातायात मुख्यालय परिसर एवं यातायात थानों में सुरक्षार्थ खड़ा किया गया है. जब्त किए वाहनों में 64 कार, 65 मोटरसायकल, 08 ट्रक, 12 टाटा एस पिकअप, 01 बोलेरो, 02 माजदा, 01 ट्रेक्टर, एवं 01 ई-रिक्शा वाहन शामिल है.
कार्यवाही किये गये प्रकरणों को कार्य दिवस में न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां शराब सेवन कर वाहन चलाने पर माननीय न्यायालय द्वारा प्रत्येक प्रकरण में 10000 रुपए न्यूनतम अर्थदंड किया जाता है.
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश एवं विकास कुमार, पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकॉल के मार्गदर्शन में आगामी दिनों में विशेषकर रात्रि में स्थान बदल-बदलकर चेकिंग पाइंट लगाकर नियमित रूप से शराब सेवन कर वाहन चलाने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.
सीएम के कार्यक्रम में हंगामा : सुरक्षा कर्मियों से भिड़े भाजपा कार्यकर्ता, नेताओं के बीच-बचाव के बाद शांत हुआ मामला
बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के रहंगी प्रवास के दौरान आयोजित कार्यक्रम में उस समय हंगामा हो गया, जब भाजपा कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी बहस हो गई। बताया जा रहा है कि कुछ भाजपा कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए आगे बढ़ रहे थे, इसी दौरान सुरक्षा में तैनात जवानों ने उन्हें निर्धारित क्षेत्र से आगे जाने से रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो कुछ देर में बहसबाजी में बदल गई।
स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर मौजूद भाजपा नेताओं ने हस्तक्षेप किया और कार्यकर्ताओं को समझाइश दी। काफी समझाइश के बाद मामला शांत हुआ और कार्यक्रम सुचारु रूप से शुरू हुआ। घटना के दौरान कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा।
सरकारी जमीन पर बना था व्यावसायिक परिसर, नगर निगम ने हटाया अतिक्रमण
रायपुर। राजधानी रायपुर में नगर निगम ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर लालपुर क्षेत्र में शासकीय भूमि से अवैध निर्माण हटाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, लालपुर में शासकीय जमीन पर लगभग 9 से 10 निजी दुकानों के साथ एक बहुमंजिला बिल्डिंग संचालित की जा रही थी, जिसमें पीजी भी चल रहा था। शिकायतों के बाद नगर निगम ने जांच कर निर्माण को अवैध पाया और कार्रवाई शुरू की।
अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी भी तरह के विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। मौके पर नगर निगम के उड़नदस्ता दल के साथ सभी 10 जोन की गाड़ियां मौजूद हैं। निगम की टीम द्वारा पूरे भवन को खाली कराया जा रहा है। दुकानों और पीजी में रहने वाले लोगों को पहले ही नोटिस देकर हटने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद बुलडोजर से अवैध हिस्सों को तोड़ा जा रहा है।
अवैध कब्जा के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शासकीय भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। शहर में जहां भी सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण मिलेगा, वहां इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों में कार्रवाई को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोगों ने इसे सही कदम बताया, वहीं प्रभावित लोगों ने प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है।
सरकारी जमीन पर किया गया था निर्माण : नायब तहसीलदार
इस मामले में नायब तहसीलदार ज्योति सिंह ने कहा कि 10 से ज्यादा प्राइवेट दुकानों पर कार्रवाई की है। यह प्रकरण लंबित था। आज मौके पर पहुंचकर यहां कार्रवाई की है। व्यवसायिक परिसर था, शासकीय भूमि में ये निर्माण किया गया था। सामने में करीब 10 से ज्यादा दुकान थी और पीछे 71 के करीब कमरे अंदर थे। ये सभी शासकीय जमीन पर निर्माण किया गया था। सभी को तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है।
दुर्ग व सरगुजा जिलों में नई गाइडलाइन दरें 2 मार्च 2026 से होगी प्रभावी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में संपत्ति के पंजीयन एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं व्यवहारिक बनाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में दिनांक 20 नवम्बर 2025 से लागू नवीन गाइडलाइन दरों के संबंध में आवश्यकता अनुसार पुनरीक्षण हेतु जिला मूल्यांकन समितियों को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए थे।
शासन के निर्देशों के अनुरूप दुर्ग एवं सरगुजा जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों द्वारा संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के लिए महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्राप्त प्रस्तावित गाइडलाइन दरों का परीक्षण किया गया। समग्र समीक्षा एवं चर्चा के उपरांत केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने दुर्ग एवं सरगुजा जिलों से प्राप्त गाइडलाइन दरों के प्रस्तावों को अनुमोदित कर दिया है।
केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित नवीन गाइडलाइन दरें दुर्ग एवं सरगुजा जिलों में दिनांक 2 मार्च 2026 से प्रभावशील होंगी। आम नागरिक एवं संबंधित हितधारक नवीन दरों की विस्तृत जानकारी संबंधित जिला पंजीयन कार्यालयों तथा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि राज्य के सभी 33 जिलों के लिए नवीन पुनरीक्षित गाइडलाइन दरें जारी कर दी गई हैं, जिससे पंजीयन प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं यथार्थपरक बनने की दिशा में मदद मिलेगी।