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राजधानी रायपुर के यातायात को मिलेगा नया स्वरूप, सांसद बृजमोहन अग्रवाल की पहल पर पीडब्ल्यूडी की समीक्षा बैठक में लिए गए अहम निर्णय
रायपुर। राजधानी रायपुर की बदहाल सड़क व यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने और भविष्य की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए, सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने मंगलवार को रायपुर लोकसभा क्षेत्र में स्वीकृत, निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों को लेकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की समीक्षा बैठक ली। बैठक में शहर की यातायात जाम और अव्यवस्थित यातायात समस्या को दूर करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की व अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में राजधानी रायपुर के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए जिनमें प्रमुख हैं
भगत सिंह चौक से तेलीबांधा फलाई ओवर तक प्रस्तावित ओवरब्रिज को रिग रोड में प्रस्तावित तेलीबांधा-जोरा ओवरब्रिज से जोड़ा जाएगा जिससे शहर से बाहर आने जाने वाले सीधे निकल जावे । इससे यात्रियों को शहर के अंदर बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
प्रस्तावित जोरा तेलीबांधा ओवरब्रिज पर VIP रोड पर एंट्री-एग्जिट प्वाइंट ।
लाभांडी से सरोना तक रिंग रोड की सर्विस लेन को दोनों ओर पूरी तरह चौड़ी की जाएगी, वहीं VIP रोड की सर्विस लेन को भी चौड़ा करने प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए गए।
अटल एक्सप्रेस-वे पर सर्विस लेन निर्माण की योजना तैयार की जाएगी। अभी सर्विस लेन न होने से क्षेत्रीय विकास बाधित है, जबकि इसके बन जाने से आसपास का क्षेत्र तेजी से विकसित होगा।
VIP रोड श्रीराम मंदिर और मठपुरैना शासकीय स्कूल के सामने रिंग रोड पर पैदल यात्रियों की सुविधा हेतु फुट ओवरब्रिज का निर्माण होगा।
भानपुरी से मोवा, कचना होते हुए जोरा तक नई सड़क का निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया ।
अमलीडीह तालाब पर फ्लाईओवर आर्च ब्रिज बनाकर अमलीडीह को सीधे VIP रोड से जोड़ने की योजना।
फाफाडीह में WRS होकर त्रिमूर्ति नगर के पास अंडरपास।
कालीबाड़ी, सिद्धार्थ चौक और पचपेड़ी नाका तक फ्लाईओवर की कार्ययोजना बनाने को कहा।
सीपेट में निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा सभी कार्यों को दिसंबर 2025 तक पूरा करने के निर्देश दिए, यह देश का प्रमुख संस्थान है जिसको ध्यान में रखते हुए यहां सुविधाओं का विस्तार किया जाए,
VIP रोड का चौड़ीकरण और श्रीराम मंदिर से एयरपोर्ट तक सर्विस लेन को 10 मीटर चौड़ा करने की योजना।
तेलघानी नाका के पास एक और अंडरपास का निर्माण, जिससे रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 7 तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रायपुर, तेजी से बढ़ती जनसंख्या और ट्रैफिक दबाव वाला शहर बन चुका है। यदि अभी से मजबूत यातायात संरचना तैयार नहीं की गई, तो आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर हो जाएगी। हमारी सरकार का संकल्प है कि राजधानी रायपुर की सड़कों और यातायात व्यवस्था को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाए, ताकि आम नागरिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुगम यात्रा कर सकें।
इन योजनाओं के क्रियान्वयन से राजधानी रायपुर का स्वरूप बदलेगा और शहर विकास की नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर होगा।
8 सितंबर को निकलेगी राजधानी में झांकी
रायपुर। आगामी गणेश विसर्जन और झांकी जुलूस को लेकर जिला प्रशासन सतर्क और मुस्तैद है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आज कलेक्टोरेट स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में झांकी समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एडीएम उमाशंकर बंदे एवं एएसपी लखन पटले ने की।
बैठक में एडीएम बंदे ने झांकी आयोजकों से आग्रह किया कि वे यातायात व्यवस्था में सहयोग करें और सभी समितियां माननीय न्यायालय एवं शासन के निर्देशानुसार नगर निगम से अनिवार्य अनुमति प्राप्त करें। उन्होंने बताया कि 8 सितंबर को निर्धारित समय और निर्धारित रूट पर ही झांकी निकलेगी।
एएसपी लखन पटले ने कहा कि झांकियों के समय और अनुशासन का पालन अनिवार्य होगा। समिति के सदस्यों को नशा सेवन से दूर रहने की हिदायत दी गई है। पुलिस की टीमें पूरे जुलूस के दौरान निगरानी रखेंगी और किसी भी प्रकार की अशांति फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि डीजे के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
इस अवसर पर एएसपी डॉ. प्रशांत शुक्ला, सीएसपी दौलत राम पोर्ते, सीएसपी आईपीएस इशू अग्रवाल सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
‘मेड इन इंडिया चिप्स, स्वर्णिम भारत की नई पहचान’ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के अनुरूप आज भारत ने तकनीक के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है। Semicon India 2025 सम्मेलन में देश का पहला स्वदेशी 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर ‘विक्रम’ लॉन्च किया गया है। यह उपलब्धि भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता और नवाचार क्षमता का सशक्त प्रमाण है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘विक्रम’ प्रोसेसर का निर्माण पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। यह प्रोसेसर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के स्पेस लॉन्च व्हीकल्स के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। इससे न केवल भारत की स्पेस टेक्नोलॉजी को मजबूती मिलेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारत अपनी तकनीकी श्रेष्ठता का परिचय देगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति और निर्णायक नेतृत्व का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत ने अर्धचालक निर्माण (Semiconductor Manufacturing) के क्षेत्र में जिस तीव्रता से प्रगति की है, वह विकसित भारत की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि भारत की युवा इंजीनियरिंग प्रतिभा और वैज्ञानिक समुदाय की मेहनत का भी परिणाम है। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के अनुरूप स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर का निर्माण यह संदेश देता है कि भारत अब केवल उपभोक्ता नहीं बल्कि निर्माता और वैश्विक तकनीकी नेतृत्वकर्ता के रूप में उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों को यह सफलता और अधिक गति प्रदान करेगी। स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर न केवल अंतरिक्ष अनुसंधान बल्कि रक्षा, संचार और अन्य उच्च तकनीकी क्षेत्रों में भी उपयोगी सिद्ध होगा। यह भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव को हार्दिक बधाई और अभिनंदन दिया। उन्होंने कहा कि यह सफलता स्वर्णिम भारत की नई पहचान है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
प्रोजेक्ट रक्षा के तहत अब तक 325 महिलाओं की हुई कैंसर स्क्रीनिंग
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन की नवाचार पहल प्रोजेक्ट रक्षा के तहत अब तक कुल 325 महिलाओं की कैंसर की स्क्रीनिंग की गई है। इस निःशुल्क कैंसर स्वास्थ्य जांच शिविर में मुख (ओरल), स्तन (ब्रेस्ट) तथा गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर के स्क्रीनिंग की जा रही है।
प्रोजेक्ट रक्षा, जिला प्रशासन द्वारा बालको मेडिकल सेंटर के सहयोग से कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए संचालित किया जा रहा है, जिससे समय रहते बीमारी का पता चलने पर जीवन बचाना आसान हो सके।
“आपका एक कदम – जीवन की रक्षा की ओर” की भावना को लेकर प्रोजेक्ट रक्षा के तहत जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में बालको मेडिकल सेंटर की टीम, मोबाइल कैंसर डिटेक्शन वैन के माध्यम से गांव-गांव पहुंच रही है। यह टीम ग्रामीण महिलाओं को कैंसर के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ 3 प्रकार के कैंसर के लक्षणों की जानकारी और बचाव के उपाय को समझाते हुए स्क्रीनिंग कर रही है, ताकि प्रारंभिक अवस्था में ही कैंसर की पहचान कर जीवन रक्षा संभव हो सके।


चैतन्य बघेल ने हिरासत पर रखे जाने को हाईकोर्ट में दी चुनौती, ईडी ने रखा पक्ष, अब अगली सुनवाई 8 सितंबर को
बिलासपुर। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चैतन्य बघेल की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई। जस्टिस अरविंद वर्मा की एकलपीठ में हुई सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपना जवाब पेश किया।
ईडी की ओर से अदालत को बताया गया कि चैतन्य बघेल के खिलाफ की गई कार्रवाई कानूनसम्मत है और जांच प्रक्रिया के तहत की गई है। वहीं, चैतन्य की ओर से उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए इसे अवैध करार दिया गया।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को निर्धारित की है। अगली तारीख को भी ईडी अपने पक्ष को विस्तार से रखेगा।
गौरतलब है कि ईडी ने चैतन्य बघेल को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में हिरासत में लिया था। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गिरफ्तारी को चुनौती दी गई है। अब सभी की निगाहें 8 सितंबर की सुनवाई पर टिकी हैं, जब इस मामले में आगे की दिशा तय हो सकती है।
प्रभारी कलेक्टर नंदनवार ने जन चौपाल में सुनी आम जनों की समस्याएं
महासमुंद। प्रभारी कलेक्टर हेमंत नंदनवार ने आज मंगलवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जन चौपाल में जिले के विभिन्न स्थानों से आए नागरिकों की समस्याएं एवं शिकायतें सुनी। उन्होंने संबंधित विभाग को आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए कहा। आज ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के 51 आवेदकों ने आवेदन प्रस्तुत किए। उन्होंने सभी आवेदकों की समस्याएं बारी-बारी सुनी। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू, एसडीएम सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
जन चौपाल में पिथौरा निवासी जितेन्द्र चौहान ने पेंशन का लाभ दिलाने, कोमाख़ान निवासी चंद्र कुमार साहू ने वन अधिकार मान्यता पत्र हेतु, ग्राम पंचायत लक्ष्मीपुर पिथौरा निवासी ललित कुमार सिंह ने राशन कार्ड में नाम दर्ज कराने, ग्राम उड़ेला बसना निवासी शिव प्रसाद नाग द्वारा बीमा की राशि दिलाने हेतु एवं ग्राम लोहारडीह तुमगांव के ग्रामवासियों ने शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य किए जाने के संबंध में आवेदन किए गए। जन चौपाल में इसके अलावा पीएम आवास योजना, अवैध अतिक्रमण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुआवजा राशि, साथ ही अन्य माँग एवं शिकायत संबंधी आवेदन प्राप्त हुए, जिस पर शीघ्र निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
पापा, मैं ठीक हो जाऊंगी ना?” दिल की बीमारी से जूझ रही मासूम शांभवी का सवाल, फिर स्वास्थ्यमंत्री ने परिवार को दिया इलाज का भरोसा…
रायपुर। बीजापुर जिले भोपालपटनम ब्लॉक के वरदली गांव की 7वीं कक्षा में पढ़ने वाली 11 वर्षीय शांभवी गुरला की मासूम आंखों में एक ही सवाल था— “पापा, मुझे क्या हुआ है, मैं ठीक हो जाऊंगी ना?”
खेती-किसानी कर परिवार का गुजारा करने वाले उसके पिता इस सवाल पर अक्सर चुप हो जाते थे। तीन महीने पहले जिला अस्पताल बीजापुर में जब डॉक्टरों ने बताया कि शांभवी को रियूमेटिक हार्ट डिजीज (RHD) है, तो पिता के पांव तले जमीन खिसक गई। डॉक्टरों ने रायपुर में इलाज कराने की बात कही, लेकिन परिवार को लगा कि रायपुर में इलाज में तो बहुत ज्यादा खर्च लगता होगा, ये सोच कर परिवार की उम्मीदें टूटने लगीं।
घर में हर रोज यही चर्चा होती—“अब क्या होगा? हम अपनी बेटी का इलाज कैसे कराएंगे?” मां रोती और शांभवी को सीने से लगाकर कहती—“बेटा, सब ठीक होगा।” लेकिन उसके पिता की आंखों में चिंता साफ झलकती थी। आखिरकार उन्होंने हिम्मत जुटाई और बेटी को लेकर सीधे स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के पास पहुंचे। स्वास्थ्य मंत्री ने बच्ची से मुलाकात की और तुरंत ही रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट में डॉ. स्मित श्रीवास्तव से बात की। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज तुरंत शुरू किया जाए। खर्च की चिंता मत करें, सरकार पूरी जिम्मेदारी लेगी।”
स्वास्थ्य मंत्री की यह बात सुनते ही शांभवी की मां की आंखों से आंसू बह निकले। उन्होंने कांपती आवाज़ में कहा— “मंत्री जी, आप हमारी बेटी को नया जीवन दे रहे हैं। आप हमारे लिए किसी डाक्टर से कम नहीं।” स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर शांभवी को इलाज के लिए एसीआई रायपुर में लाया गया है। यहां डॉक्टरों की टीम उसकी जांच करेगी और उसका इलाज शुरू करेगी। गौरतलब है कि सरकार का यह कदम सिर्फ एक बच्ची के लिए नहीं, बल्कि राज्य के हर एक गरीब परिवार के लिए भरोसे का संदेश है।
अब माता पिता के चेहरे पर खुशी के भाव देखकर आज शांभवी भी मुस्कुरा रही है और पिता से बार-बार पूछती है— “पापा, मैं जल्दी खेल पाऊंगी ना?” और इस बार पिता की आंखों में आंसू नहीं, बल्कि उम्मीद की चमक है।
छत्तीसगढ़ कैबिनेट विस्तार पर हाईकोर्ट में सुनवाई, याचिकाकर्ता को दिया गया दो सप्ताह का समय
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार और 14वें मंत्री के शपथ ग्रहण को लेकर हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर आज अहम सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति विभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट में लंबित प्रकरण की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया।
कोर्ट में हुई बहस
सुनवाई के दौरान सबसे पहले याचिकाकर्ता का शपथ पत्र स्वीकार किया गया। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि इसी तरह का एक मामला वर्ष 2020 से सुप्रीम कोर्ट में एन.पी. प्रजापति बनाम राज्य सरकार शीर्षक से लंबित है। ऐसे में जब तक वहां निर्णय नहीं होता, इस याचिका पर सुनवाई संभव नहीं है।
याचिकाकर्ता के वकील किशोर भादुड़ी ने इस पर तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट का प्रकरण पहले ही निराकृत हो चुका है। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट केस की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।
कैबिनेट विस्तार का विवाद
गौरतलब है कि अब तक छत्तीसगढ़ में 15 प्रतिशत सीलिंग नियम लागू होने के बाद मुख्यमंत्री को छोड़कर 12 मंत्रियों का प्रावधान रहा है। यही स्थिति डॉ. रमन सिंह और भूपेश बघेल की सरकारों में भी रही।
हाल ही में 20 अगस्त को हुए मंत्रिमंडल विस्तार में हरियाणा फार्मूला लागू करते हुए 3 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इसके बाद मुख्यमंत्री को छोड़कर मंत्रियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई।
याचिकाकर्ता वासु चक्रवर्ती ने इसे चुनौती दी है। उनका कहना है कि 90 सदस्यीय विधानसभा में 15 प्रतिशत की सीमा 13.5 होती है, जिसका मतलब है कि मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 13 मंत्री ही हो सकते हैं। ऐसे में 14वां मंत्री बनाना संविधान के अनुच्छेद 164(1A) का उल्लंघन होगा।
हरियाणा का उदाहरण
दिलचस्प बात यह है कि हरियाणा विधानसभा की सदस्य संख्या भी 90 है, जहां मुख्यमंत्री सहित 14 मंत्रियों का मंत्रिमंडल कार्यरत है। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ की पिछली कांग्रेस सरकार में भी 14वां मंत्री बनाए जाने की मांग उठी थी। उस समय वरिष्ठ विधायक अमितेष शुक्ल ने यह मांग रखी थी, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे लागू नहीं किया था।
अब देखना होगा कि हाईकोर्ट में प्रस्तुत की जाने वाली सुप्रीम कोर्ट की स्टेटस रिपोर्ट इस संवैधानिक विवाद को किस दिशा में ले जाती है।
“NHM कर्मचारियों की मांग पूरी नहीं कर पाये इसलिए हम हारे” पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस वसिंहदेव का वीडियो वायरल
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मियों की हड़ताल ने सियासी रंग पकड़ लिया है। इस बीच पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने माना कि कांग्रेस सरकार संविदा कर्मियों की मांगों को पूरा करने में नाकाम रही।
वीडियो में सिंहदेव साफ कहते नजर आ रहे हैं— “हम लोग हारे क्योंकि हम एनएचएम कर्मियों की मांग पूरी नहीं कर पाए। कांग्रेस के घोषणा पत्र में नियमितीकरण का वादा किया गया था, लेकिन पांच साल में यह संभव नहीं हो सका। घोषणा पत्र बनाने में मेरी भी सीधी जिम्मेदारी रही। हारने के कई कारण होते हैं, यह भी एक कारण था। चुनाव में कई बातें असर डालती हैं, इसलिए पुनः समीक्षा करनी होगी।”
वहीं, दूसरी ओर भाजपा भी एनएचएम कर्मियों के समर्थन में खुलकर सामने आ गई है। रायपुर सांसद एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल ने हड़ताली कर्मचारियों से मुलाकात कर उनका मनोबल बढ़ाया। एनएचएम संविदाकर्मियों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर सांसद को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी ने कर्मचारियों की ओर से नेतृत्व किया।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि उनकी मांगें वाजिब हैं और उन्हें पूरा किया जाना चाहिए। उनके इस बयान से संविदा कर्मियों को बड़ी राहत मिली है।
लगातार दो सप्ताह से चल रही यह हड़ताल अब प्रदेश की राजनीति का केंद्र बन गई है। एक ओर जहां कांग्रेस की पिछली नाकामियों पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं भाजपा नेताओं का समर्थन एनएचएम कर्मियों की उम्मीदें बढ़ा रहा है।
अब नहीं लगा सकेंगे सार्वजनिक मार्ग और बिजली तारों के नीचे पंडाल
रायपुर/बिलासपुर। त्योहारों और आयोजनों के दौरान सार्वजनिक मार्गों पर पंडाल लगाने की परंपरा पर अब सख्ती होने जा रही है। हाईकोर्ट में जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान शासन ने स्पष्ट किया कि नई पॉलिसी जारी कर दी गई है। इसके तहत अब कोई भी संस्था, संगठन या व्यक्ति बिना अनुमति सड़कों, चौराहों, सार्वजनिक स्थानों और बिजली तारों के नीचे पंडाल या अस्थाई संरचना खड़ी नहीं कर सकेगा।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ के समक्ष शासन की ओर से बताया गया कि 25 अगस्त 2025 को नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 और नगर पालिका अधिनियम 1961 के तहत नई नीति लागू की गई है।
छोटी और बड़ी संरचनाओं के लिए अलग नियम
शासन ने दिशा-निर्देश दो श्रेणियों में बांटे हैं:
पांच हजार वर्ग फीट से छोटे पंडाल/अस्थाई संरचना (अधिकतम 500 लोग):
स्थानीय निकाय से अनुमति अनिवार्य।
मुख्य मार्गों पर अनुमति नहीं मिलेगी, वैकल्पिक मार्ग तय होगा।
बिजली तारों के नीचे पंडाल नहीं बनेंगे।
अग्निरोधी सामग्री का उपयोग होगा।
आयोजक समिति सफाई की जिम्मेदारी लेगी।
पांच हजार वर्ग फीट से बड़े पंडाल/अस्थाई संरचना (500 से अधिक लोग):
एडीएम, थाना प्रभारी, बिजली विभाग और फायर ब्रिगेड से एनओसी जरूरी।
अनुमति शुल्क जमा करना अनिवार्य।
जनरेटर बैकअप की व्यवस्था करनी होगी।
नजदीकी भवन से कम से कम 15 फीट दूरी रखनी होगी।
गणेश उत्सव से होगी पहली टेस्टिंग
याचिकाकर्ता नितिन सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि इस नीति का पहला परीक्षण गणेश विसर्जन के दौरान होगा। वहीं शासन ने दुर्गा पूजा के बाद मामले की अगली सुनवाई करने का अनुरोध किया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
नई पॉलिसी लागू होने के बाद आयोजकों को अब पंडाल लगाने से पहले कई नियमों और शर्तों का पालन करना होगा। इससे जहां सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होगा, वहीं यातायात और सार्वजनिक सुविधा पर भी असर नहीं पड़ेगा।
रायपुर में गणेश विसर्जन और ईद मिलाद-उन-नबी पर जिला प्रशासन ने डीजे और पटाखों पर लगा बैन
रायपुर। रायपुर में गणेश विसर्जन और ईद मिलाद-उन-नबी पर जिला प्रशासन ने डीजे और पटाखों पर बैन लगा दिया है। शांति समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। बैठक में बताया गया कि चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती होगी। साथ ही हुड़दंगियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एडीएम उमाशंकर बंदे और एएसपी लखन पटले ने समाज प्रमुखों से बातचीत करते हुए कहा कि, लोग परंपराओं और उत्साह के साथ त्योहार मनाएं, लेकिन शांति और भाईचारा बनाए रखना सबसे अहम है। एएसपी ट्रैफिक प्रशांत शुक्ला और अन्य विभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
डीजे और पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध
एएसपी लखन पटले ने कहा कि, जुलूस के दौरान समय का विशेष ध्यान रखा जाएगा। डीजे का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस बार जुलूस में पटाखों का भी इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रूट तय किए गए हैं।
हुड़दंगियों पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान हुड़दंग और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में शांति समिति और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठकें करें। यह बैठकें न केवल थानों में बल्कि मोहल्लों, कॉलोनियों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी ली जा जाए।
हर चौक-चौराहे पर अतिरिक्त बल तैनात
त्योहारों के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर सभी चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पुलिस बल हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेगा। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। अधिकारियों ने कहा कि गणेश विसर्जन और ईद-ए-मिलाद दोनों पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में भाईचारे के साथ मनाए जाएं। त्योहारों की खुशी में शांति और सुरक्षा का ध्यान रखना सभी की जिम्मेदारी है।
NHM के जिला अध्यक्षों को अंतिम नोटिस जारी……24 घंटे में काम पर नही लौटने पर सेवा समाप्ति की चेतावनी!
रायपुर। छत्तीसगढ़ में एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल आज 16वें दिन भी जारी है। उधर इस प्रदेशव्यापी हड़ताल का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्षों को संयुक्त संचालक ने नोटिस जारी कर 24 घंटे का अंतिम अल्टीमेटम जारी कर दिया है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि इस अंतिम पत्र के जारी होने के 24 घंटे के भीतर अपने कार्यस्थल पर उपस्थित होना सुनिश्चित करें अन्यथा संविदा शर्तो के अनुरूप सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जायेगी।
छत्तीसगढ़ में पिछले 15 दिनों से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था बेपटरी हो रखा है। प्रदेश भर के 16 हजार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारी पिछले 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। अपनी 10 सूत्रीय मांगो को लेकर जहां हड़ताली कर्मचारी आर-पार की लड़ाई का दावा कर रहे है। उधर स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाल स्थिति को देखते हुए सरकार ने भी सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। पिछले दिनों हड़ताली कर्मचारियों को नो वर्क-नो पे का नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद भी जब कर्मचारी काम पर वापस नही लौटे, तब अधिकारियों द्वारा काम पर नही लौटने पर वैधानिक कार्यवाही की चेतावनी दी गयी।
इसके बाद भी जब हड़ताली एनएचएम कर्मचारी काम पर वापस नही लौटे तो अब सरकार ने जिलों में इस हड़ताल की कमान संभाल रहे एनएचएम के जिलाध्यक्षों को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने का अंतिम पत्र जारी किया है। संयुक्त संचालक द्वारा जारी इस नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि……इस अंतिम पत्र के जारी होने के 24 घंटे के भीतर अपने कार्यस्थल पर उपस्थित होना सुनिश्चित करें अन्यथा संविदा शर्तो के अनुरूप सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जायेगी।
उधर प्रदेशभर के जिलाध्यक्षों को जारी हुए नोटिस को लेकर हड़ताली कर्मचारियों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। हड़ताली कर्मचारियों और पदाधिकारियों ने साफ किया कि सरकार की नीति और नीयत समझ से परे है। स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल मीडिया में खुद भ्रमित करने वाले बयान दे रहे है। रही बात सेवा समाप्ति की चेतावनी की तो अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जायेगी। हड़ताली कर्मचारियों की मांग पर जब तक सरकार मुहर नही लगाती, तब तक किसी भी हालत में हड़ताल खत्म नही होगा।

'छत्तीसगढ़ में भी वोट चोरी का जल्द खुलासा'...पीसीसी चीफ दीपक बैज का बड़ा बयान
जगदलपुर। देशभर में वोट चोरी को लेकर कांग्रेस लगातार हमलावर है और “वोट न्याय यात्रा” के जरिए राज्यों में माहौल बना रही है. अब छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस वोट चोरी का दावा कर रही है. कर्नाटक, बिहार, महाराष्ट्र की तरह छत्तीसगढ़ में वोट चोरी का दावा किया जा रहा है. पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस जल्द तथ्यों के साथ इसका खुलासा करेगी.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो जारी किया है. इसमें उन्होंने दावा किया है कि बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा की तरह यहां भी वोट चोरी के मामले सामने आएंगे. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि इस गठजोड़ से बीजेपी को अनुचित लाभ मिला है.
दीपक बैज का कहना है कि जल्द ही कांग्रेस ठोस तथ्यों के साथ छत्तीसगढ़ में भी वोट चोरी का खुलासा करेगी. अभी यह महज़ इशारा है, लेकिन आने वाले समय में सबूत पेश किए जाएंगे. फिलहाल प्रदेश कांग्रेस ने सभी जिलों के जिला अध्यक्षों को पत्र लिखकर प्रशिक्षण अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है. कांग्रेस का दावा है कि कई विधानसभा क्षेत्रों में धांधली हुई है और उसका पर्दाफाश बहुत जल्द किया जाएगा.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा दिल्ली रवाना हुए
रायपुर। CM विष्णुदेव साय दिल्ली रवाना हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, "हम उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा के साथ एक दिवसीय दिल्ली दौरे पर जा रहे हैं। वहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे।"
इस बीच सीएम साय ने आज सुबह एक ट्वीट भी किया है, जिसमें उन्होंने बताया, छत्तीसगढ़ के मेहनतकश किसानों के लिए बड़ी राहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का हृदय से आभार, जिनकी संवेदनशीलता और सहयोग से सितंबर माह हेतु राज्य को 60,800 MT यूरिया का आबंटन स्वीकृत हुआ है। यह अतिरिक्त उपलब्धता खरीफ फसलों को सुरक्षित रखने, किसानों की मेहनत को संबल देने और उनकी चिंताओं को दूर करने में अहम भूमिका निभाएगी।
निर्माण विभागों के कार्यपालन अभियंताओं को चेतावनी
रायपुर। मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) आर. पुराम ने आज वीडियों कॉन्फ्रेसिंग के जरिए राज्य के निर्माण विभागों के सभी संभागों के कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर लंबित निरीक्षण प्रतिवेदनों के निराकरण की अद्यतन स्थिति की गहन समीक्षा की गई। बड़ी संख्या में लंबित निरीक्षण प्रतिवेदन के मद्देनजर उन्होंने सभी कार्यपालन अभियंताओं को इसके निराकरण के लिए एक सप्ताह की मोहलत देते हुए कहा कि इसमें चूक करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई के लिए नामजद प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जाएगा।
बैठक में पुराम ने 30 जून 2025 की स्थिति में लोक निर्माण विभाग से संबंधित 493, जल संसाधन के 308, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के 203, नगरीय प्रशासन एवं विकास के 11, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के 73, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड और छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज के 86 लंबित निरीक्षण प्रतिवेदनों की संभागवार समीक्षा की और संबंधित कार्यपालन अभियंताओं को तत्परता से इसका परीक्षण कर उत्तर भिजवाने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा मुख्य तकनीकी परीक्षक के कार्यों के त्रैमासिक प्रगति की समीक्षा की जाती है। संगठन द्वारा स्थल निरीक्षण किये जाने के पश्चात् निरीक्षण प्रतिवेदन जारी किया जाता है, जिसका जवाब संबंधित कार्य विभागों से प्राप्त कर निरीक्षण प्रतिवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई – अवैध खनिज उत्खनन व परिवहन पर कसी लगाम
रायपुर। कलेक्टर डाक्टर गौरव सिंह के निर्देश पर एवं उपसंचालक प्राची अवस्थी के मार्गदर्शन मे आज खनिज विभाग की टीम ने अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की। टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर वाहनों और मशीनरी को जब्त किया।




विभाग की जानकारी के अनुसार मंदिर हसौद और नवापारा में विभागीय टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए तीन हाइवा वाहनों को खनिज रेत, मुरुम और ईंट का अवैध परिवहन करते पकड़ा। इन वाहनों को जब्त कर संबंधित थाने में सुपुर्द किया गया है। साथ ही गोबरनवापारा के ग्राम पारागांव स्थित महानदी पर अवैध रेत उत्खनन करते हुए एक पोकलेन मशीन, एक रेत सक्शन मशीन और एक नाव को जब्त किया गया।
खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए वाहनों एवं मशीनरी के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों पर भी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
बिना हेलमेट पेट्रोल देने वाले पेट्रोल पंप पर बड़ी कार्रवाई
बालोद। सड़क सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है। नो हेलमेट-नो पेट्रोल अभियान के तहत नियमों की अनदेखी करने पर बालोद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एसडीएम नूतन कंवर ने कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देश पर लाटाबोड़ स्थित केकेएस पेट्रोल पंप को सील कर दिया। इस कार्रवाई से पेट्रोल पंप संचालकों में हड़कंप मच गया है और जिला भर में इस घटना की चर्चा हो रही है।
कैसे हुआ खुलासा
एसडीएम नूतन कंवर ने बताया कि पंप पर लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इस पर प्रशासन ने पंप का निरीक्षण किया और ढाई घंटे के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में यह साफ हो गया कि पेट्रोल पंप संचालक लगातार बिना हेलमेट लगाए दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल दे रहा था। यह सीधे तौर पर नो हेलमेट, नो पेट्रोल अभियान का उल्लंघन था। इसके बाद प्रशासन ने पंप को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
1 अगस्त से शुरू हुआ
अभियान कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने 1 अगस्त 2025 को इस अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान का उद्देश्य सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना और लोगों में यातायात नियमों का पालन करने की आदत विकसित करना है। प्रशासन का मानना है कि हेलमेट पहनने से सड़क हादसों में होने वाली मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
कलेक्टर की सख्त हिदायत
कलेक्टर ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि किसी भी हालत में नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को आदेश दिए थे कि वे बिना हेलमेट वालों को पेट्रोल न दें। यह न सिर्फ एक प्रशासनिक आदेश है, बल्कि सड़क सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम भी है।
संचालकों में हड़कंप
पेट्रोल पंप सील किए जाने की कार्रवाई के बाद जिले के अन्य पंप संचालक भी सतर्क हो गए हैं। कई जगहों पर पेट्रोल पंप कर्मियों ने बिना हेलमेट वालों को पेट्रोल देने से साफ इनकार करना शुरू कर दिया है। लोगों को भी यह संदेश गया है कि नियमों का पालन करना उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी है।
सड़क सुरक्षा पर प्रशासन की गंभीरता
बालोद प्रशासन इस अभियान को पूरी सख्ती से लागू कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि हादसों को रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसी ही कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि सिर्फ कानून बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उसे लागू करने के लिए सख्ती जरूरी है। इस कार्रवाई पर आम नागरिकों ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। कुछ लोगों ने इसे सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि इससे लोगों की जानें बचेंगी और सड़क पर अनुशासन बढ़ेगा। वहीं कुछ लोगों ने इसे कठोर कार्रवाई माना और कहा कि प्रशासन को पहले लोगों को जागरूक करना चाहिए था। हालांकि, ज्यादातर लोग मानते हैं कि सड़क सुरक्षा के मामले में सख्ती बेहद जरूरी है।



