प्रदेश
सीमा पार से आ रहे धान पर शिकंजा, दो पिकअप से भारी मात्रा में धान जब्त, इधर किसान के घर से अतिरिक्त स्टॉक पकड़ाया
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बीच अवैध परिवहन और भंडारण पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में उड़नदस्ता दल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना वैध दस्तावेजों के धान ले जा रहे दो वाहनों को पकड़ा, वहीं एक किसान के यहां से तय सीमा से अधिक धान भी जब्त किया गया है।

उड़नदस्ता दल गौरेला और पेंड्रा ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की। मध्यप्रदेश से आ रहे दो वाहन क्रमांक MP 65G 1181 और CG 22M 4503 को ग्राम लाटा, पेंड्रा में जांच के दौरान रोका गया। जांच में वाहनों में धान के वैध दस्तावेज नहीं पाए गए, जिस पर कार्रवाई करते हुए दोनों वाहनों से कुल 144 बोरी धान, अनुमानित मात्रा करीब 60 क्विंटल, जब्त की गई। जब्त धान की अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 86 हजार रुपये बताई जा रही है।
इसके अलावा जिला स्तरीय विशेष चेकिंग दल द्वारा अधिक मात्रा में धान के अवैध भंडारण पर भी कार्रवाई की गई। ग्राम धोबहर निवासी किसान अवधराम पांडे के निवास पर निरीक्षण के दौरान तय स्टॉक से अधिक 132 बोरी धान, करीब 53 क्विंटल, पाए जाने पर उसे जब्त कर लिया गया। जब्त धान को नियमानुसार अवधराम पांडे की सुपुर्दगी में रखा गया है।
जब्त किए गए धान और वाहनों को आगे की कार्रवाई के लिए किसान एवं रक्षित आरक्षी केंद्र, अमरपुर (पेंड्रा) में सौंप दिया गया है। कार्रवाई उड़नदस्ता दल के तहसीलदार शेषनारायण जायसवाल और अविनाश कुजूर के नेतृत्व में की गई।
संपत्ति विवाद में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: 4 सप्ताह में बकाया किराया जमा नहीं कराया तो बेदखली
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने रायगढ़ के एक लंबे समय से चले आ रहे संपत्ति एवं किराया विवाद में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए किराया नियंत्रण प्राधिकरण के आदेश को बहाल कर दिया है। न्यायमूर्ति रंजनी दुबे एवं न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की खंडपीठ ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि किरायेदार निर्धारित समय-सीमा के भीतर बकाया किराया जमा नहीं करता है, तो उसके खिलाफ बेदखली की कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी।
बता दें कि यह मामला WPC 1492/2023 – क्रेश गायत्री देवी अग्रवाल एवं अन्य बनाम निर्मला देवी सिंघानिया एवं अन्य से संबंधित है। विवाद रायगढ़ जिले के ग्राम बैकुंठपुर, तहसील एवं जिला रायगढ़ स्थित खसरा नंबर 141/1/1 (रकबा 0.541 हेक्टेयर) की भूमि और गोपाल सिंघानिया आ. धनसिंग के लकड़ी टाल, कोतरा रोड से जुड़ा हुआ है।
उच्च न्यायालय ने अपीलीय आदेश किया निरस्त, मूल आदेश को रखा बहाल
उच्च न्यायालय ने 27 नवंबर 2025 को पारित अपने आदेश में किराया नियंत्रण प्राधिकरण, रायगढ़ द्वारा 25 मार्च 2022 को दिए गए मूल आदेश को बहाल रखा। इससे पहले रायपुर स्थित किराया न्यायाधिकरण ने अपील क्रमांक 31/2022 में 20 दिसंबर 2022 को उक्त आदेश को निरस्त कर दिया था। उच्च न्यायालय ने अपीलीय न्यायाधिकरण के आदेश को गलत ठहराते हुए किराया नियंत्रण प्राधिकरण के निर्णय को पुनः प्रभावी कर दिया।
चार सप्ताह में बकाया किराया जमा करने का अंतिम अवसर
खंडपीठ ने किरायेदार को आदेश की तारीख से चार सप्ताह के भीतर संपूर्ण बकाया किराया जमा करने का अंतिम अवसर प्रदान किया है। न्यायालय ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि निर्धारित समय-सीमा में किराया जमा नहीं किया गया, तो किरायेदार का यह अवसर स्वतः समाप्त मान लिया जाएगा।
बेदखली की कार्रवाई दो माह में पूरी करने के निर्देश
न्यायालय ने यह भी निर्देश दिए हैं कि किराया जमा न करने की स्थिति में संबंधित प्राधिकरण किरायेदार की बेदखली तथा किराया वसूली से जुड़ी समस्त कानूनी प्रक्रिया दो माह के भीतर पूर्ण करेगा। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ किराया नियंत्रण अधिनियम, 2016 के नियम 7 के तहत किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने रखे ये तर्क
इस प्रकरण में याचिकाकर्ता गायत्री देवी की ओर से छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के अधिवक्ता मतीन सिद्दिकी ने प्रभावी पैरवी की। न्यायालय ने उनके तर्कों से सहमत होते हुए यह माना कि लंबे समय तक किराया न देने वाले किरायेदारों को कानून द्वारा अनावश्यक संरक्षण नहीं दिया जा सकता।
गौरतलब है कि यह फैसला छत्तीसगढ़ किराया नियंत्रण अधिनियम, 2016 के अंतर्गत एक अहम मिसाल माना जा रहा है। यह निर्णय स्पष्ट करता है कि कानून का उद्देश्य न केवल किरायेदारों को सुरक्षा देना है, बल्कि मकान मालिकों के अधिकारों की भी समान रूप से रक्षा करना है। लंबे समय से किराया भुगतान में चूक करने वाले मामलों में यह आदेश भविष्य के विवादों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो सकता है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र अब 19 दिसंबर तक, धर्मजीत सिंह ने रखी विधायक निधि 10 करोड़ करने की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर तक बढ़ाया गया है. इसके पहले विधानसभा का वर्तमान सत्र 17 दिसंबर को खत्म होने वाला था. बढ़ी हुई अवधि के दौरान सदन में वंदे मातरम् पर चर्चा होगी.
विधानसभा सत्र के दौरान पहले दिन आज विधायक धर्मजीत सिंह ने दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में नक्सली कमांडर हिड़मा के समर्थन में नारे लगाने वालों का विरोध करते हुए विधानसभा में प्रस्ताव लाकर आलोचना करने की मांग की. इसके साथ ही तखतपुर विधायक ने नक्सली हिड़मा और बसवराजू की क्रूरता का जिक्र करते हुए ऐसे नक्सली समर्थकों को बस्तर भ्रमण कराने की मांग की, जिससे उनको नक्सलियों के द्वारा किए अत्याचार का पता चल सके.
इसके साथ ही विधायक धर्मजीत सिंह ने सदन में विधायक निधि 10 करोड़ करने की मांग रखी. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने विधायक निधि बढ़ाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भी क्रांतिकारी कदम उठाते हुए विधायक निधि में बढ़ोतरी करे. इसके साथ उन्होंने अपने क्षेत्र में विकास कार्यों में तेजी से काम करवाने निधि बढ़ाने की मांग की.
छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र: अगले तीन दिनों तक लगेगी सवालों की झड़ी, विपक्ष लाएगा स्थगन…
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन रविवार को छत्तीसगढ़ विजन 2047 पर चर्चा हो रही है. विपक्ष याने कांग्रेस ने पहले दिन की कार्यवाही का बहिष्कार किया है, लेकिन आने वाले तीन दिनों तक अपनी जोरदार मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी कर रखी है. कांग्रेस तीनों दिन अलग-अलग मुद्दों पर काम रोको प्रस्ताव लाने की रणनीति बनाई है.
विधानसभा के 17 दिसंबर तक चलने वाले चार दिवसीय सत्र के लिए सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने इस बार 628 सवाल लगाए हैं. इनमें तारांकित सवालों की तादाद ही 333 है. इसके अलावा राज्य स्तरीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर 48 ध्यानाकर्षण की सूचनाएं दी गई हैं. विपक्ष ने सत्र के तीनों दिनों के लिए स्थगन के मुद्दे तय कर लिए हैं.
15 को स्थगन प्रस्ताव आएगा?
सूत्रों के मुताबिक, 15 दिसंबर को प्रदेश में धान खरीदी में बदहाली को लेकर विपक्ष स्थगन प्रस्ताव लेकर आएगा. वहीं अगले दिन नई गाइडलाइन दरों और कानून व्यवस्था पर भी स्थगन के जरिए सरकार की घेराबंदी की रणनीति है. इधर सदन में विपक्ष के अलावा सत्तापक्ष के सदस्यों ने भी अपने क्षेत्रों में धान खरीदी की व्यवस्था और किसानों के मामले में सवाल लगाए हैं.
धान खरीदी के दौरान आ रही अव्यवस्था और किसानों की दिक्कतों को लेकर विपक्ष सदन में सरकार से जवाब मांगेगा. वहीं व्यवस्था सुधारने दबाव बनाएगा. दूसरी तरफ भाजपा विधायक दल भी विपक्ष के हमलों को लेकर जवाबी रणनीति तय करेगा. सदन में इस मामले में ठोस जवाब नहीं आया तो गतिरोध की स्थिति भी बन सकती है.
संशोधन विधेयक होगा पेश
सत्र के दौरान सदन में सरकार एक संशोधन विधेयक लेकर आएगी. छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना, नियोजन एवं सेवा शतों का विनियमन संशोधन विधेयक पेश करेगी. इसके अलावा 15 दिसंबर को ही मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए प्रथम अनुपूरक बजट भी प्रस्तुत किया जाएगा.
छत्तीसगढ़ विधानसभा : विशेष चर्चा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा- एक लाख लोगों की सलाह को ‘विजन 2047’ में किया है शामिल…
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन ‘विजन 2047’ पर विशेष चर्चा हो रही है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने चर्चा में कहा कि ‘विजन 2047’ विकसित छत्तीसगढ़ बनाने वाला है. सभी से सुझाव लेकर ‘विजन 2047’ तैयार किया गया है. एक लाख लोगों की सलाह विजन में शामिल है.
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि दुनिया में भारत ऐसा देश है, जिसकी आबादी युवा है. विपक्ष विजन 2047 पर सवाल उठाने का काम करता है. आगे बढ़ने के लक्ष्य के लिए विजन होना आवश्यक है. आज देश की अर्थव्यवस्था तीसरे नंबर पर पहुंच गई है. भारत की अर्थव्यवस्था 2047 में 64 ट्रिलियन डॉलर होगी. आज जो पीढ़ी है उसके पास विकास का बड़ा अवसर होगा.
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए भी हमने विकास का विजन तैयार किया है. महंगाई, गरीबी और बेरोजगारी दूर करने वाला है विजन. शिशुमृत्यु दर को दूर करने वाला विजन. कृषि, उद्योग, सेवा विकास दर को बढ़ाने वाला विजन. राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों को छत्तीसगढ़ में स्थापित करने की योजना है. रोजगार सृजन पर आधारित नीति लाई गई है.
सांसद खेल महोत्सव: 23-24 दिसंबर को रायपुर में होगा मेगा फाइनल, 25 को होगा भव्य समापन, प्रधानमंत्री मोदी करेंगे वर्चुअल संबोधन
रायपुर। रायपुर में 23, 24 और 25 दिसंबर को आयोजित होने जा रहे सांसद खेल महोत्सव के मेगा फाइनल एवं भव्य समापन समारोह को लेकर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने शनिवार को एक उच्चस्तरीय बैठक लेकर तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। बैठक में आयोजन की व्यवस्थाओं, खिलाड़ियों की सुविधा, सुरक्षा एवं समन्वय पर आयोजकों और अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए।
सांसद खेल महोत्सव की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रमाण है कि केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल को पत्र लिखकर इस ऐतिहासिक आयोजन की अग्रिम शुभकामनाएं दी हैं। यह पत्र न केवल आयोजन की गरिमा को बढ़ाता है, बल्कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल के खेल विकास के प्रति दूरदर्शी नेतृत्व का भी सम्मान है।
सांसद श्री अग्रवाल ने बताया कि, 23 एवं 24 दिसंबर को मेगा फाइनल प्रतियोगिताएं सुभाष स्टेडियम, स्प्रे स्कूल, जे.एन. पाण्डेय स्कूल तथा अंतरराष्ट्रीय स्विमिंग पूल में आयोजित की जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं में लगभग 5000 खिलाड़ी भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। रायपुर लोकसभा क्षेत्र की सभी 9 विधानसभाओं के अंतर्गत रायपुर नगर निगम, अभनपुर, आरंग, तिल्दा, धरसीवा, बलौदा बाजार, भाटापारा और सिमगा ब्लॉक से चयनित खिलाड़ी 13 खेलों—कुश्ती, खो-खो, गेंड़ी दौड़, फुगड़ी, रस्साकसी, रस्सीकूद, कबड्डी, बास्केटबॉल, शतरंज, वॉलीबॉल, तैराकी, भारोत्तोलन और शरीर सौष्ठव—में 19 वर्ष से कम एवं 19 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बालक-बालिका वर्गों में प्रतिस्पर्धा करेंगे।
25 दिसंबर को सुशासन दिवस के अवसर पर दीन दयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में सांसद खेल महोत्सव का भव्य समापन समारोह आयोजित होगा, जिसमें विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से खिलाड़ियों और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे। साथ ही राज्य के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित खिलाड़ियों को शॉल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा तथा राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी समारोह की शोभा बढ़ाएंगे।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि, “सांसद खेल महोत्सव केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि रायपुर की खेल प्रतिभाओं को पहचान, प्रोत्साहन और मंच देने का जनआंदोलन है। गाँव से शहर तक छुपी हुई प्रतिभाओं को आगे लाकर उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाना हमारा संकल्प है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘खेलो इंडिया’ और ‘विकसित भारत’ के विज़न को धरातल पर उतारते हुए हम हर नागरिक को खेल के माध्यम से अनुशासन, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास से जोड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि, रायपुर सांसद खेल महोत्सव में रिकॉर्ड संख्या में खिलाड़ियों की भागीदारी यह दर्शाती है कि खेल अब जन-जन की प्राथमिकता बन रहा है। यह आयोजन आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने की मजबूत नींव बनेगा।”
बैठक में नगर निगम कमिश्नर विश्वदीप, एसडीएम नंद कुमार दुबे, छत्तीसगढ़ तैराकी संघ के अध्यक्ष कैलाश मुरारका, अतुल शुक्ला, संजय शर्मा, विजय अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी, खेल अधिकारी, विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी एवं वरिष्ठ खिलाड़ी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि रायपुर सांसद खेल महोत्सव ने जनभागीदारी के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। 13 खेल प्रतिस्पर्धाओं में लगभग 85,000 खिलाड़ियों ने भाग लेकर इसे ऐतिहासिक बना दिया, जिनमें से केवल रायपुर नगर निगम क्षेत्र से ही 14,000 खिलाड़ियों की सहभागिता रही।
छत्तीसगढ़ विधानसभा: ‘विजन 2047’ पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के व्यक्तिगत आरोपों से नाराज हुए मंत्री
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र के पहले दिन ‘विजन 2047’ पर विशेष चर्चा के दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने प्रक्रिया पर ही सवाल खड़ा दिया. अजय चंद्राकर की बातों से नाराज मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने खड़े होकर अध्यक्ष से आपत्ति जताते हुए व्यक्तिगत आरोप लगाने वाले अंश को विलोपित करने की मांग की.
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने इसके पहले आसंदी से सवाल किया कि किस प्रक्रिया, किस नियम के तहत सदन में चर्चा हो रही है. क्या हम शासकीय संकल्प के तहत बात कर रहे हैं? क्या चर्चा के बाद मंत्री जवाब देंगे या हमें अपनी बात कहनी है? सदन में चर्चा के पूर्व नियम प्रक्रिया की जानकारी होनी थी.
सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ़ के विकास का विजन ‘विजन 2047’ के माध्यम से प्रस्तुत किया. ओपी चौधरी के प्रस्ताव पर बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए हमको नहीं पता कि क्या बोलना है. पक्ष में या विपक्ष में. या फिर विजन को लेकर सलाह देना है.
अजय चंद्राकर ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को विजन डॉक्यूमेंट के लिए बधाई देते हुए कहा कि आज तक तय नहीं हो पाया कि रोजगार की परिभाषा क्या है? कृषि का रकबा कम हो रहा है, फसलों के उत्पादन में कमी आई है, एलाईड सेक्टर में भी कमी है, लघु सूक्ष्म की योजनाएं अधर में हैं, क्षेत्रीय असंतुलन दिख रहा है.
उन्होंने कहा कि 97 प्रतिशत छत्तीसगढ़ के लोग अनस्किल्ड हैं. यह छत्तीसगढ़ की उद्योग नीति लागू करने लिए है या कि संशोधन करने के लिए. मेक इन छत्तीसगढ़ की अवधारणा कहाँ है? कुटीर उद्योगों के लिए क्या नीति है? कहीं पर भी आज तक छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए नीति नहीं है. चलो अच्छा है न्यूयॉर्क बन जाएंगे 2047 में. वित्तमंत्री की परिकल्पनाएं अच्छी है, बाकी चीजें उनके ऊपर छोड़ता है. वित्तमंत्री लिबरल बनिए.
अंजोर विजन पर अजय चंद्राकर ने सवाल उठाते हुए कहा कि आपने गरीबी उन्मूलन पर बात नहीं की. रोजगार की परिभाषा स्पष्ट नहीं की. 1.25 लाख हेक्टेयर कृषि जमीन कम हो गई. सिंचाई का क्षेत्र भी कम हो गया, कैसे? सतह जल के लिए आपकी कोई नीति नहीं है?
कांग्रेस के पहले दिन विजन डॉक्यूमेंट पर हिस्सा नहीं लेने पर डिप्टी सीएम शर्मा ने उठाया सवाल, कहा-
रायपुर। आज से नवा रायपुर स्थित नए भवन में शुरू हो रहे छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन विपक्ष हिस्सा नहीं लेगी. इस पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कांग्रेस विजन डॉक्यूमेंट को भाजपा का समझाती है. वो जन विजन है. लोगों से चर्चा करके उसे बनाया गया है. इसमें भाग नहीं लेना, यह कैसी राजनीति है?
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सत्र शुरू होने से पहले मीडिया से चर्चा में कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वो नहीं चाहती कि छत्तीसगढ़ आगे बढ़े या रोडमैप तैयार हो? उन्हें जो बोलना है वो बोले, लेकिन छत्तीसगढ़ की जनता से विमुख हो रहे हैं.
वहीं कांग्रेस की वोट चोर गद्दी छोड़ रैली पर कहा कि वोट चोर कौन है, सबको पता है. सोनिया गांधी देश की नागरिक नहीं थी, फिर भी उनका नाम वोटर लिस्ट में था. ऐसी परिपाटी नहीं चलनी चाहिए. हम भी नहीं चाहते कि जो देश का नागरिक नहीं है, उसे वोट देने का अधिकार हो. बिहार में जनता ने यह सबको दिखा दिया है.
पुलिस आरक्षक भर्ती को लेकर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मैंने विभाग से कहा है कि प्रत्यक्ष एसपी के यहां दिन भर बैठें. चर्चा कीजिए, किसी पर आरोप भी लग रहा है तो चर्चा करना जरूरी है. आरोप लगाकर भाग जाना ठीक नहीं है. मैं खुद भी रायपुर में एक दिन सभी के साथ बातचीत करूंगा. जिसे जो परेशानी है उसे दूर करेंगे. इस मामले को लेकर जिसे कोर्ट जाना है, जा सकते हैं. एप्लीकेशन नंबर को लेकर भी जो त्रुटि थी, उस पर सुधार किया जा रहा है.
वहीं केरल में निकाय चुनावों में भाजपा को मिली सफलता पर कहा कि देश में हालात बदल रहे हैं. तेलंगाना में भी अब बदलाव देखने को मिल रहा है. दक्षिण भारत और पश्चिम बंगाल में भी बीजेपी जीत हासिल करेगी.
छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटों में शीत लहर का असर होगा कमजोर, लोगों से ठंड से राहत की उम्मीद
रायपुर। हवा की दिशा में मामूली बदलाव होने की वजह से न्यूनतम तापमान नीचे के बजाए ऊपर की ओर खिसका है. 48 घंटे में शीतलहर के दौर में कमी आएगी पर इसका ज्यादा असर ठंड पर नहीं होगा. अभी रायपुर समेत तमाम शहरों का न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे है और ठंड का असर अच्छा-खासा है. फिलहाल रायपुर और बिलासपुर को छोड़कर बाकी शहरों का तापमान दस डिग्री सेल्सियस से नीचे है. रात को जोरदार ठंड के बाद सुबह-सुबह खुले इलाके में धुंध का प्रभाव है, जो धूप निकलने के काफी देर बाद छंट रहा है.
इस बार राज्य में ठंड कुछ ज्यादा ही असर दिखा रही है. नवंबर के महीने से शुरू हुई ठंड दिसंबर को भी प्रभावित कर चुकी है. रायपुर समेत प्रदेश का हर इलाका अभी ठंड से कांप रहा है. खासकर सरगुजा संभाग के सीमावर्ती इलाकों में तो ठंड की वजह से जनजीवन प्रभावित है. बिलासपुर और रायपुर में भी ठंड का प्रभाव अधिक है और उनके बाहरी इलाकों में तो शीतलहर के हालात बने हुए हैं. दुर्ग के कई इलाकों में तापमान सामान्य से 6 डिग्री कम होने की वजह से वहां भी लोग कांप रहे हैं. पिछले चौबीस घंटे में न्यूनतम तापमान थोड़ा ऊपर खिसका, मगर इसका ठंड पर कोई ज्यादा असर नहीं हुआ. संभावना है कि अगले दो दिन में राज्य में शीतलहर के क्षेत्र में कमी आएगी, मगर सर्द मौसम में बड़ा बदलाव नहीं होगा. इधर सुबह-सुबह छाने वाली धुंध की वजह से कई इलाकों में दृश्यता कम हो रही है. देर रात के बाद भोर होने तक बाहरी इलाकों में वाहनों की गति सीमित रखने के निर्देश हैं.
शीतकालीन सत्र का आज पहला दिन, ‘विजन 2047’ पर होगी चर्चा, कांग्रेस ने किया कार्यवाही का बहिष्कार…
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र की आज से शुरूआत होने जा रही है. नवनिर्मित विधानसभा भवन में यह सत्र 14 से 17 दिंसबर तक चलेगा. सदन की कार्यवाही इस बार पहले दिन से काफी हंगामेदार रहने वाली है. विपक्ष और पक्ष के बीच जोरदार बहस देखने को मिलने के आसार हैं. आज विजन 2047 विषय पर चर्चा की जाएगी. वहीं कांग्रेस ने इस विषय पर बहस से बाहर रहेगी. विपक्ष पहले दिन की कार्यवाही का बहिष्कार करेगी.
4 दिन के सत्र में क्या-क्या होगा ?
दरअसल, 14 दिसंबर से 17 दिसंबर तक विधानसभा का शीतकालीन सत्र आयोजित है. सत्र के दौरान कुल 4 बैठकें होंगी. 628 प्रश्नों की सूचना प्राप्त हुई है. इसमें 333 तारांकित प्रश्न और 295 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं. 99.17 प्रतिशत प्रश्न ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं. 48 ध्यानाकर्षण होगा. एक लोक महत्व के विषय पर चर्चा होगी. 9 अशासकीय संकल्प, शून्यकाल 4, याचिका 77 पर भी चर्चा होगी.
16 दिसंबर को अनुपूरक मांग पर चर्चा होगी. छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा शर्तों का विनिमय संशोधन विधेयक, 2025 ( क्रमांक 28 2025) विधानसभा में पारित किया जाएगा. विभागों से प्राप्त प्रतिवेदनों काे भी पटल पर रखा जाएगा.
कांग्रेस करेगी कार्यवाही का बहिष्कार
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत की अध्यक्षता में हुई बैठक में कांग्रेस ने रणनीति बनाई है. बैठक में चर्चा के बाद फैसला लिया गया है कि कांग्रेस विजन 2047 विषय पर चर्चा से बाहर रहेगी. सदन की पहले दिन की कार्यवाही का बहिष्कार करेगी.
जनहित में बड़ा फैसला: पेरी-अर्बन व अन्य ग्रामों में वर्ग मीटर दर समाप्त, स्टाम्प व रजिस्ट्री शुल्क में नागरिकों को सीधा लाभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुसार वित्त एवं वाणिज्य कर पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने भूमि मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पेरी-अर्बन ग्रामों एवं अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में लागू वर्ग मीटर दर को पूर्णतः समाप्त कर दिया है। अब ग्रामीण एवं अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में भूमि का मूल्यांकन केवल हेक्टेयर दर के आधार पर किया जाएगा। इस फैसले से आम नागरिकों, किसानों और भू-धारकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
पूर्व व्यवस्था के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 500 वर्ग मीटर तक की भूमि का मूल्यांकन वर्ग मीटर दर से तथा 500 वर्ग मीटर से अधिक भूमि का मूल्यांकन हेक्टेयर दर से किया जाता था। चूंकि वर्ग मीटर दर, हेक्टेयर दर की तुलना में अधिक होती थी, इसलिए कम क्षेत्रफल वाली भूमि पर अधिक मूल्य और मुआवजा देय हो जाता था, जबकि बड़े क्षेत्रफल की भूमि पर अपेक्षाकृत कम। यह एक बड़ी विसंगति थी, जिसे समाप्त करते हुए सरकार ने अब सभी ग्रामीण भूमि के लिए एक समान हेक्टेयर आधारित मूल्यांकन व्यवस्था लागू की है।
इस निर्णय से भू-अर्जन प्रकरणों में अब भूमि के वास्तविक क्षेत्रफल के अनुरूप न्यायसंगत मुआवजा मिल सकेगा। उदाहरण के तौर पर बालोद जिले के ग्रामीण क्षेत्र देवारभाट में पूर्व व्यवस्था के तहत 500 वर्ग मीटर भूमि का मूल्यांकन 9 लाख 25 हजार रुपये किया जाता था, जबकि 1000 वर्ग मीटर (0.10 हेक्टेयर) भूमि का मूल्यांकन केवल 3 लाख 67 हजार रुपये होता था। नई व्यवस्था में वर्ग मीटर दर समाप्त होने के बाद 500 वर्ग मीटर भूमि का मूल्यांकन 6 लाख रुपये तथा 1000 वर्ग मीटर भूमि का मूल्यांकन 12 लाख रुपये किया जा रहा है, जो पूरी तरह तर्कसंगत और न्यायसंगत है।
वर्ग मीटर दर समाप्त होने से स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क में भी उल्लेखनीय कमी आई है। भूमि का मूल्यांकन अब वास्तविक और किफायती दरों पर होने से रजिस्ट्री की कुल लागत घट रही है। इससे ग्रामीण एवं पेरी-अर्बन क्षेत्रों में भूमि खरीदना आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ हो गया है।
उप पंजीयक कार्यालय बालोद में 9 अक्टूबर 2025 को पंजीकृत एक दस्तावेज के अनुसार ग्राम देवारभाट में 15 डिसमिल भूमि के पंजीयन में पूर्व व्यवस्था के तहत बाजार मूल्य 7 लाख 90 हजार रुपये आंका गया था, जिस पर 74 हजार 900 रुपये स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क देय था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद उसी भूमि का बाजार मूल्य 4 लाख 80 हजार रुपये निर्धारित हुआ और पक्षकारों द्वारा मात्र 45 हजार 500 रुपये स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क अदा किया गया। इस प्रकार संबंधित पक्षकारों को सीधे 29 हजार 400 रुपये का लाभ हुआ।
सरकार के इस फैसले से किसानों, भू-धारकों और आम खरीदारों को अनावश्यक अतिरिक्त खर्च से राहत मिलेगी। साथ ही भूमि लागत कम होने से रियल एस्टेट, आवास निर्माण और विकास कार्यों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मूल्यांकन प्रक्रिया के सरलीकरण से नियमों की जटिलता कम हुई है और आमजन के लिए प्रक्रिया अधिक सहज एवं पारदर्शी बनी है।
राज्य सरकार का यह निर्णय ग्रामीण एवं अर्द्ध-शहरी जनता के हित में दूरगामी प्रभाव वाला कदम है, जिससे हजारों लोग प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। सरकार का उद्देश्य भूमि एवं आवास से जुड़ी प्रक्रियाओं को सुलभ, किफायती और जनकल्याणकारी बनाना है और यह सुधार उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
बस्तर ओलंपिक का भव्य समापन: भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाईचुंग भूटिया ने खिलाड़ियों किया संवाद
रायपुर। बस्तर ओलंपिक का आज भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाईचुंग भूटिया और छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि रहे। समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि यह ओलंपिक ऐतिहासिक रूप से अत्यंत सफल रहा है। उन्होंने बताया कि विकासखंड स्तर पर लगभग एक लाख, जिलेवार दस हजार और ओलंपिक स्तर पर तीन हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कुल मिलाकर 3 लाख 91 हज़ार खिलाड़ी बस्तर ओलंपिक में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य बस्तर के युवाओं को खेल के माध्यम से मंच प्रदान करना और उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर करना था।

समारोह के शुभारंभ में पद्मश्री मैरीकॉम ने खिलाड़ियों को उत्साहित किया, जबकि समापन में बाईचुंग भूटिया ने उन्हें अपने अनुभव साझा करते हुए खेल की महत्ता और अनुशासन की अहमियत बताई। भूटिया ने कहा कि बस्तर ओलंपिक ने क्षेत्रीय खिलाड़ियों में खेल के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाया है। उन्होंने बस्तर के उत्कृष्ट खेल अकादमियों को आमंत्रित किया और खिलाड़ियों के भविष्य में उनकी प्रतिभा निखारने के लिए सहयोग देने की बात कही।
पूर्व कप्तान ने यह भी बताया कि उन्होंने बस्तर में नक्सलवाद के कारण पिछले संघर्षों की कहानियां सुनी थीं, लेकिन वहां आकर खिलाड़ियों में उत्साह और सकारात्मक बदलाव देख कर बेहद प्रसन्नता हुई। उन्होंने कहा कि अब यहां के कुछ पूर्व नक्सली खेल के माध्यम से अपनी ताकत और क्षमता दिखा रहे हैं।
भूटिया ने खेल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि खेल में भेदभाव नहीं होता, सभी समान होते हैं और यह युवाओं के विकास का एक महत्वपूर्ण संकेतक है। उन्होंने खिलाड़ियों से अपने जीवन में अनुशासन, मेहनत और समर्पण के अनुभव साझा किए, ताकि युवा खिलाड़ी खेल के माध्यम से न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी सशक्त बनें।
बस्तर ओलंपिक ने इस क्षेत्र के युवाओं में खेल के प्रति नई ऊर्जा और आत्मविश्वास जगाने का काम किया है। अधिकारियों ने बताया कि खेल प्रतिभाओं का चयन कर उन्हें आगे की प्रतियोगिताओं और राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में भाग लेने का अवसर दिया जाएगा।
साय सरकार का बड़ा फैसला, अब घर बैठे करा सकेंगे जमीनों का डायवर्सन, राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित
रायपुर। छत्तीसगढ़ में साय सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में अब जमीनों के डायवर्सन की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। अब घर बैठे अपने जमीनों का ऑनलाइन डायवर्सन करा सकेंगे। भूमियों के डायवर्सन के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुज्ञा की आश्वयकता नहीं है। इसकी अधिसूचना राजस्व विभाग ने राजपत्र में प्रकाशित कर दी है।
नगर निगम एवं नगर पालिका क्षेत्र, नगर निगम एवं नगर पालिका की बाह्य सीमाओं से 5 किमी क्षेत्र, नगर पंचायत क्षेत्रों, नगर पंचायत की बाह्य सीमाओं से 02 किमी के क्षेत्रों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भूमियों के डायवर्सन के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुज्ञा की आश्वयकता नहीं है। सक्षम प्राधिकारी द्वारा विहित रीति से उक्त भूमियों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा।

सरकार का दावा है कि इस नई ऑनलाइन व्यवस्था से डायवर्सन प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और आसान हो जाएगी। अब गांव से लेकर शहर तक किसानों और भूमि स्वामियों को एसडीएम कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नई व्यवस्था के तहत जमीन का डायवर्सन कराने के लिए भूमि स्वामी को सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ क्षेत्र के अनुसार तय भू-राजस्व और प्रीमियम दर का ऑनलाइन भुगतान भी करना होगा। आवेदन संबंधित जिले के एसडीएम के पास ऑनलाइन ही पहुंचेगा। नियम के मुताबिक एसडीएम को 15 दिनों के भीतर डायवर्सन आदेश जारी करना अनिवार्य होगा।यदि तय समय में आदेश जारी नहीं किया गया तो 16वें दिन ऑटोमेटिक सिस्टम से आदेश जारी होकर डायवर्सन स्वतः मान्य हो जाएगा।
एसडीएम दफ्तर के चक्कर से मिलेगी राहत
अब तक डायवर्सन की प्रक्रिया लंबी और जटिल मानी जाती थी। आवेदन के बाद एसडीएम को आदेश जारी करने के लिए 60 दिन तक का समय मिलता था, फिर भी लोगों को बार-बार कार्यालय जाना पड़ता था। इसी कारण राज्य में डायवर्सन के हजारों प्रकरण लंबित हैं। नई ऑनलाइन व्यवस्था से न सिर्फ लंबित मामलों में कमी आएगी, बल्कि अघोषित लेन-देन पर भी रोक लगने की उम्मीद है।
प्रीमियम दरें होंगी लागू
नए सिस्टम में डायवर्सन के लिए प्रीमियम दरें तय की गई हैं, जो लगभग 3 रुपए प्रति वर्गमीटर से लेकर 25 रुपए प्रति वर्गमीटर तक होंगी। ये दरें नगर निगम, नगरपालिका, नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग होंगी। साथ ही आवासीय, कॉलोनी परियोजना, वाणिज्यिक, औद्योगिक, मिश्रित उपयोग, सार्वजनिक, संस्थागत, चिकित्सा सुविधाएं और विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) के अनुसार भी अलग-अलग प्रीमियम दरें लागू होंगी।
बिलासपुर में GST का छापा, 3 बड़े कोल कारोबारियों ने सरेंडर किए 27 करोड़
रायपुर। स्टेट GST की टीम ने बिलासपुर में 3 बड़े कोल कारोबारी महावीर कोल वाशरी, फिल कोल, पारस कोल एंड बेनिफिकेशन के ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक, कारोबारियों ने 27 करोड़ रुपए जीएसटी टीम को सरेंडर किया है। इसमें महावीर कोलवाशरी ने 10 करोड़ रुपए सरेंडर किया है। बता दें कि महावीर कोलवाशरी एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे के ससुराल से जुड़ा है।
कारोबारियों के ठिकानों पर स्टेट जीएसटी टीम की जांच अभी भी चल रही है। लेनदेन और आय का रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। टीम को करोड़ों रुपए के जीएसटी चोरी के खुलासे होने की उम्मीद है. जानकारी के मुताबिक MAHAVIR COAL WASHERIES में VISHAL KUMAR JAIN Director, Arvind kumar Jain Director, Vikash Kumar Jain CEO(KMP), Richa Pahwa Company Secretary, Vinod kumar Jain Whole-time Director हैं।
इसी प्रकार PHIL COAL BENEFICATION PRIVATE LIMITED में LALIT KUMAR JHA Director, PRAVEEN CHANDRA JHA Director और PRADEEP CHANDRA JHA Director हैं. इसी प्रकार PARAS POWER AND COAL BENEFICATION LIMITED में RAHUL SHUKLA Director, PRASHANT KUMAR JAIN Director, SATENDRA KUMAR JAIN Director और SANDEEP KUMAR JAIN Director हैं।
नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का तेजी से हो रहा विकास - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर अंचल का विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का विकास तेजी से किया जा रहा है और बस्तर अब विकास की दिशा में सशक्त गति से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय आज जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलम्पिक 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध राज्य है, किंतु माओवाद की समस्या प्रारंभ से ही राज्य के विकास में एक बड़ी बाधा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के कारण अब माओवाद के अंत की स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है। नियद नेल्ला नार योजना के दायरे को 5 किलोमीटर से बढ़ाकर 10 किलोमीटर तक विस्तारित किया गया है, जिसके माध्यम से 403 गांवों में बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचने लगी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि माओवाद के कारण बंद पड़े स्कूल अब पुनः खुल रहे हैं। सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित कर अंदरूनी इलाकों को आवागमन की सुविधा से जोड़ा जा रहा है। माओवाद से मुक्त गांवों में जनहितकारी योजनाओं का पूर्ण सेचुरेशन किया जा रहा है। इन सभी सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप विकास के प्रति आमजन का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर ओलम्पिक में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें बधाई दी तथा आगामी वर्ष और बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बस्तर देश में एक नया इतिहास रच रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद पूर्ण रूप से समाप्त होगा और बस्तर पुनः खुशहाल बनेगा। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा ने भी संबोधित किया और बस्तर ओलम्पिक के सफल आयोजन के लिए खिलाड़ियों को बधाई दी। विधायक जगदलपुर किरण देव ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों एवं खिलाड़ियों का आत्मीय स्वागत किया। समारोह के अंत में सांसद महेश कश्यप ने आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर केबिनेट मंत्री केदार कश्यप, सांसद भोजराज नाग, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लता उसेंडी, विधायक विक्रम उसेंडी, नीलकंठ टेकाम, विनायक गोयल, आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, नगर निगम जगदलपुर के महापौर संजय पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने फिर दोहराया 31 मार्च तक खत्म हो जायेंगे नक्सली, बस्तर ओलिंपिक के समापन में हुए शामिल
रायपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि हमने तय किया था कि 31 मार्च, 2026 से पहले पूरे देश से लाल आतंक को खत्म कर देंगे और आज बस्तर ओलंपिक- 2025 में हम इस कगार पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष नवंबर-दिसंबर तक बस्तर ओलंपिक-2026 के समय तक पूरे भारत और छत्तीसगढ़ से लाल आतंक समाप्त हो चुका होगा औऱ नक्सलमुक्त बस्तर आगे बढ़ रहा होगा।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमने यह संकल्प लिया है कि पूरे बस्तर और भारत को नक्सलमुक्त कराना है। उन्होंने कहा कि हमें यहीं नहीं रुकना बल्कि कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के 7 ज़िलों का संभाग बस्तर, दिसंबर 2030 दिसंबर तक देश के सबसे अधिक विकसित आदिवासी संभाग बनेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर के हर व्यक्ति को रहने के लिए घर, बिजली, शौचालय, नल से पीने का पानी, गैस सिलिंडर, 5 किलो अनाज और 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, बस्तर के घर घर में पहुचाने का संकल्प हमारी सरकार का संकल्प है। श्री शाह ने कहा कि हमने अगले पांच साल में बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इसमें प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार और विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर बस्तर को विकसित बस्तर बनाने के लिए मिलकर आगे बढ़ेंगे।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर का हर गांव सड़क से जुड़ेगा, वहां बिजली होगी, 5 किलोमीटर के क्षेत्र में बैंकिंग सुविधाएं होंगी और सबसे घने पीएचसी/सीएचसी का नेटवर्क बनाने का काम भी हमारी सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन उपज की प्रोसेसिंग के लिए कोऑपरेटिव आधार पर यूनिट्स लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर के सातों ज़िले सभी आदिवासी ज़िलों में सबसे अधिक दूध उत्पादन कर डेयरी के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने वाले ज़िले बनेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर में नए उद्योग, उच्च शिक्षा की व्यवस्था, भारत में सबसे अच्छा स्पोर्ट्स संकुल और अत्याधुनिक अस्पताल की व्यवस्था भी हम करेंगे। श्री शाह ने कहा कि कुपोषण के लिए भी यहां विशेष स्कीम चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन्होंने आत्मसमर्पण किया है और जो नक्सलवाद के कारण घायल हुए हैं, उनके लिए एक बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना भी हम लाएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि नक्सलवाद समाप्त हो क्योंकि नक्सलवादी इस क्षेत्र के विकास पर नाग बनकर फन फैलाए बैठे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के साथ ही इस क्षेत्र में विकास की एक नई शुरूआत होगी और प्रधानमंत्री मोदी और विष्णुदेव साय के नेतृत्व में यह सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा।
अमित शाह ने कहा कि बस्तर ओलंपिक-2025 में सात ज़िलों की सात टीमें और एक टीम आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की थी। उन्होंने कहा कि जब 700 से अधिक सरेंडर्ड नक्सलियों ने इन खेलों में भाग लिया तो यह देखकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के झांसे में आकर उनका पूरा जीवन तबाह हो जाता और हथियार डालकर मुख्यधारा में आने वाले ऐसे 700 से अधिक युवा आज खेल के रास्ते पर आए हैं। श्री शाह ने दोहराया कि 31 मार्च, 2026 को यह देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने हिंसा में लिप्त नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि अब भी गुमराह होकर हमारे ही जो लोग हाथ में हथियार लेकर बैठे हैं, वो हथियार डाल दें, पुनर्वसन नीति का फायदा उठाएं, अपने और अपने परिवार के कल्याण के बारे में सोचें और विकसित बस्तर के संकल्प के साथ जुड़ जाएं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं होता, न हथियार उठाने वाले लोगों का, न आदिवासियों और न सुरक्षाबलों का भला होता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ शांति ही विकास का रास्ता प्रशस्त कर सकती है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण कर चुके 700 नक्सलियों ने इन खेलों में खिलाड़ी के रूप में सामने आकर पूरे देश के लिए बहुत बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने भय की जगह आशा चुनी, विभाजन की जगह एकता का रास्ता चुना और विनाश की जगह विकास का रास्ता चुना है और यही प्रधानमंत्री मोदी की नए भारत और विकसित बस्तर की संकल्पना है। उन्होंने कहा कि हमारे बस्तर की संस्कृति दुनियाभर में सबसे अधिक समृद्ध संस्कृति है। उन्होंने कहा कि सभी जनजातियों का खानपान, परिवेश, कला, वाद्य, नृत्य और पारंपरिक खेल सिर्फ छत्तीसगढ़ की नहीं बल्कि पूरे भारत की सबसे समृद्ध विरासत है।
अमित शाह ने कहा कि हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने आधुनिक रिकॉर्डिंग स्टूडियो बनाकर यहां के पारंपरिक गीतों को सहेजने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई परंपरागत उत्सव और त्योहार जो नक्सलवाद के लाल आतंक के साए में समाप्त होने की कगार पर थे, उन्हें भी आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि आज जिन खिलाड़ियों ने बस्तर ओलंपिक में भाग लिया है, उनकी प्रतिभा को पहचानने के लिए स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों की एक टीम यहां आई है। श्री शाह ने कहा कि इन खिलाड़ियों की प्रतिभा को पहचानकर आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक खेलों में बस्तर के खिलाड़ी खेलें, वहां तक ले जाने की व्यवस्था हमारी सरकार ने की है। श्री शाह ने कहा कि पिछले वर्ष बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जबकि इस वर्ष 3 लाख 91 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है, जो लगभग ढाई गुना की वृद्धि है और बहनों की प्रतिभागिता में लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह उत्साह देखकर आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री मोदी ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए छत्तीसगढ़ को चुना है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर अब बदल रहा है और बस्तर अब भय नहीं भविष्य का पर्याय बन चुका है, जहां गोलियों की गूंज सुनाई देती थी, वहां आज स्कूल की घंटियां बज रही हैं। जहां सड़क बनाना एक सपना था, वहां आज रेलवे ट्रैक और राजमार्ग बिछाए जा रहे हैं, जहां लाल सलाम के नारे लगते थे, वहां आज भारत माता की जय के नारे लगते हैं। उन्होंने कहा कि हम सब विकसित बस्तर के लिए कृत संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार ने मुठभेड़ों में नक्सलियों को मारने का लक्ष्य नही रखा था, क्योंकि 2000 से अधिक नक्सली युवाओं ने सरेंडर भी किया है। उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी समाज के प्रमुखों ने इसमें बहुत बड़ा योगदान दिया है, उनके मार्गदर्शन ने नक्सली युवाओं को ढांढस भी बंधाया है और हिम्मत भी दी है। गृह मंत्री ने समाज के प्रमुखों और समाजसेवकों से अपील करते हुए कहा कि जो लोग आज भी हथियार लेकर घूम रहे हैं, वे उन्हें समझाकर समाज की मुख्यधारा वापिस में लाने का काम करें।
वित्तमंत्री ओ.पी.चौधरी ने किया रेंगालपाली में सर्वसुविधायुक्त उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन का लोकार्पण
रायपुर। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आज रायगढ जिले के पुसौर विकासखंड के ग्राम रेंगालपाली में निर्मित एक करोड़ 21 लाख 16 हजार रुपये की लागत वाले सर्वसुविधायुक्त शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास एवं प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी की सराहना की।


नव निर्मित विद्यालय भवन को आधुनिक शैक्षणिक मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है। इसमें 9 सुसज्जित कक्षाएँ, स्मार्ट क्लास, दो आधुनिक प्रयोगशालाएँ, समृद्ध लाइब्रेरी, प्रिंसिपल एवं स्टाफ कक्ष, बालक-बालिका प्रसाधन कक्ष जैसी प्रमुख सुविधाएँ शामिल हैं। यह भवन 300 से अधिक विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक, सुरक्षित और आधुनिक शिक्षा का वातावरण उपलब्ध कराएगा।
उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा विकसित भारत की मजबूत नींव- वित्त मंत्री
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि गुणवत्ता-सम्पन्न शिक्षा ही उन्नत समाज और विकसित भारत का आधार है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर बच्चे को आधुनिक, सुरक्षित और बेहतर शिक्षण सुविधाएँ उपलब्ध हों। रायगढ़ जिला शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विद्यालय विकास में मिले एचडीएफसी बैंक के सीएसआर सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पिछले दो वर्षों में जितने शैक्षणिक और विकासात्मक कार्य हुए हैं, उतने एक साथ कई वर्षों में नहीं हो पाए थे। उन्होंने छात्र-छात्राओं से मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य निर्धारण के साथ अध्ययन करने का आह्वान किया और उन्हें कैरियर मार्गदर्शन भी प्रदान किया। लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता अमित कश्यप ने भवन निर्माण की लागत, संरचना और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर पूर्व विधायक विजय अग्रवाल, जनपद अध्यक्ष पुसौर हेमलता चौहान, हेमालिनी गुप्ता, नगर पंचायत अध्यक्ष मानी सतपथी सहित विद्यालय स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।