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CGMSC ने इन दवाओं के कई बैचों के उपयोग और मरीजों को बांटने पर लगाई रोक
रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉरपोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने 21 अगस्त 2025 को आदेश जारी कर पेरासिटामॉल और एसिक्लोफेनाक दवाओं के अलग-अलग बैचों के उपयोग और वितरण पर रोक लगा दी है। आदेश में इन बैचों की दवाइयों का तत्काल प्रभाव से उपयोग बंद करने और उपलब्ध स्टॉक को रायपुर स्थित दवा गोदाम में वापस लौटाने की बात कही गई है।
दवाइयों के इन बैचों के वितरण पर लगी रोक
1 – Paracetamol 650mg Tablet (Drug Code- SP19448), Batch No. RT24045 (निर्माता: M/s 9M India Limited, Mfg: 01-02-2024, Exp: 31-01-2026) पर रोक लगाई गई है।
2 – Paracetamol 500mg Tablet IP (Drug Code- D395) के दो बैच पर लगी रोक –
- Batch No. RT23547 (Mfg: 01-11-2023, Exp: 31-10-2025, Supplier: 9M India Limited)
- Batch No. RT24032 (Mfg: 01-02-2024, Exp: 31-01-2026, Supplier: 9M India Limited)
3 – Aceclofenac 100mg + Paracetamol 325mg Tablet (Drug Code- SP19588), Batch No. APC-508 (निर्माता: M/s Healers Lab, Mfg: 01-07-2024, Exp: 30-06-2026) पर रोक लगाई गई है।
रायपुर स्थित दवा गोदाम में वापस जमा कराने का आदेश
छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉरपोरेशन लिमिटेड ने इस संबंध में डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल रायपुर, दाऊद कल्याण सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (DKS), शासकीय डेंटल कॉलेज रायपुर के साथ रायपुर और बलौदाबाजार के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों, सिविल सर्जनों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिन संस्थानों में यह स्टॉक उपलब्ध है, वहां इनका उपयोग तुरंत रोका जाए और न ही मरीजों को वितरित किया जाए। स्टॉक को तत्काल दवा गोदाम रायपुर में वापस जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
देखें आदेश



गौरतलब है कि इससे पहले भी CGMSC ने कई बार संदिग्ध दवा बैचों पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। हाल ही में एल्बेंडाजोल टैबलेट के 6 अलग-अलग बैच के उपयोग और वितरण पर रोक लगाई गई थी, ताकि किसी भी तरह की गुणवत्ता संबंधी समस्या से मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। स्वास्थ्य विभाग सूत्रों का कहना है कि कॉरपोरेशन लगातार सप्लाई की जा रही दवाओं की गुणवत्ता पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर इस तरह की कार्यवाही की जाती है।
घूस लेते शिक्षा विभाग का बाबू गिरफ्तार, मेडिकल बिल के एवज में ले रहा था 10% कमीशन
रायपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एन्टी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने बुधवार को राजधानी रायपुर में बड़ी कार्रवाई की। टीम ने शिक्षा विभाग के बाबू को 10 प्रतिशत कमीशन लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बाबू शिक्षक से मेडिकल बिल की प्रतिपूर्ति राशि दिलाने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था।
मामला ग्राम पारागांव, विकासखंड अभनपुर, जिला रायपुर निवासी शिक्षक चन्द्रहास निषाद से जुड़ा है। चन्द्रहास शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चांपाझर (चंपारण), अभनपुर में कार्यरत हैं। उन्होंने हाल ही में अपने नवजात शिशु के उपचार में हुए खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए विद्यालय प्राचार्य कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया था।
आरोप है कि इस आवेदन पर कार्रवाई करते समय कार्यालय के बाबू मनोज कुमार ठाकुर ने शिक्षक से प्रतिपूर्ति की जाने वाली 1 लाख रुपये की मेडिकल राशि पर 10 प्रतिशत यानी 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। शिक्षक रिश्वत देना नहीं चाहता था और उसने सीधे एसीबी से संपर्क साधा। शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद बुधवार 21 अगस्त को एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
योजना के तहत शिक्षक ने आरोपी बाबू को 10 हजार रुपये सौंपे। जैसे ही पैसे दिए गए, मौके पर पहले से मौजूद एसीबी की टीम ने बाबू मनोज कुमार ठाकुर को रंगे हाथ पकड़ लिया। उसके पास से रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई। आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया और उसके खिलाफ धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार की जड़ों को खत्म करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। शिक्षा विभाग जैसे संवेदनशील विभाग में पदस्थ कर्मचारी द्वारा इस तरह से रिश्वत मांगना बेहद गंभीर मामला है। एसीबी ने स्पष्ट किया कि किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत पर सख्त और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। विभाग में कार्यरत कर्मचारी और अधिकारी अक्सर शिक्षक व अन्य कर्मचारियों से फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर पैसे की मांग करते हैं। इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर विभाग में फैले भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है।
ऊर्जा संरक्षण एवं सतत भवन संहिता पर आधारित कार्यशाला में आये प्रतिभागियों को CREDA, सी.ई.ओ. राजेश सिंह राणा ने किया संबोधित
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) की ओर से दिनांक 21.08.2025 को ट्यूलिप एरीना में ऊर्जा संरक्षण एवं सतत भवन संहिता (ECSBC) विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित किया गया।
क्रेडा सी.ई.ओ. राजेश सिंह राणा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य में निर्मित होने वाले व्यावसायिक भवनों को अनिवार्य रूप से ऊर्जा संरक्षण एवं सतत भवन संहिता (ECSBC) आधारित भवन निर्माण करने हेतु नियम व शर्तें लागू किया जाने तथा भवन निर्माणकर्ता इकाई, शासकीय हाउसिंग बोर्ड एवं निजी हाउसिंग सोसायटी हेतु ECBC, ईको निवास संहिता (ENS) एवं ऊर्जा दक्ष सामग्रियों के उपयोग पर विशेष बल देने की अपील की। साथ में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों हेतु ऊर्जा अंकेक्षण का प्रावधान विकसित कर ऊर्जा दक्ष तकनीक एवं सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिये जाने का कार्ययोजना पर विशेष जोर दिया।
श्री राणा द्वारा राज्य के भवन क्षेत्र में क्रेडा द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न प्रयासों की जानकारी देते हुए राज्य सरकार द्वारा ऊर्जा संरक्षण एवं सतत भवन संहिता के बारे में जानकारी साझा किया गया। इस दिशा में छत्तीसगढ़ राज्य ऊर्जा संरक्षण एवं सतत भवन संहिता नियम अधिसूचित करने हेतु क्रेडा द्वारा किये जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी साझा किया गया, आने वाले भविष्य में निर्माण होने वाले समस्त शासकीय भवनों को ऊर्जा संरक्षण एवं सतत भवन संहिता (ECSBC) अनुरूप निर्माण किये जाने हेतु क्रेडा द्वारा तत्परता से कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (T&CP), तथा लोक निर्माण विभाग (CGPWD) के अभियंता एवं वास्तुविद (Architect) बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ आदिवासी शिक्षा एवं सशक्तिकरण में पूरे देश में सबसे आगे: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर/नई दिल्ली। लोकप्रिय सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ आज आदिवासी शिक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में पूरे देश में एक नई मिसाल कायम कर रहा है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में जनजातीय कार्य मंत्रालय से जनजातीय लोगों के विकास हेतु संचालित योजनाओं, लाभार्थियों की संख्या, सफल परियोजनाओं, एकलव्य मॉडल विद्यालयों व छात्राओं की नामांकन स्थिति से संबंधित प्रश्न पूछा।
जिसपर जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गा दास उइके ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा समिति (NESTS) के अंतर्गत संचालित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) और एकलव्य मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल (EMDBS) आदिवासी विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का मजबूत स्तंभ बन चुके हैं। वर्तमान में देशभर के 150,867 छात्रों में से सबसे अधिक 25,820 विद्यार्थी केवल छत्तीसगढ़ में अध्ययनरत हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि आदिवासी परिवार अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर जागरूक हो रहे हैं और इन संस्थानों पर उनका विश्वास निरंतर बढ़ रहा है। देश के कुल 485 विद्यालयों में से 74 विद्यालय केवल छत्तीसगढ़ में संचालित हो रहे हैं, जो राज्य को इस दिशा में अग्रणी बनाते हैं। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह उपलब्धि केंद्र और राज्य सरकार की साझा प्रतिबद्धता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का परिणाम है।
उन्होंने कहा आदिवासी बच्चों को केवल शैक्षणिक ही नहीं बल्कि समग्र विकास देने की दिशा में और प्रयास करने की आवश्यकता है। एक ऐसा वातावरण आवश्यक है जहाँ उनके प्रतिभा का पोषण हो और वे बिना किसी आर्थिक बाधा के आगे बढ़ सकें।
आदिवासी युवाओं को स्वरोज़गार की ओर बढ़ना है: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (NSTFDC) भी आदिवासी युवाओं को स्वरोज़गार और उद्यमिता की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में निगम द्वारा छत्तीसगढ़ को कुल ₹499.43 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई, जिससे 4,837 युवाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। सावधि ऋण, सूक्ष्म ऋण वित्त (MCF) और अन्य योजनाओं के अंतर्गत यह सहयोग प्रदेश के युवाओं को नई दिशा देने वाला साबित हुआ है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि, प्रदेश के आदिवासी युवा इन योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनें और देशभर के सफल आदिवासी उद्यमियों से प्रेरणा लें। केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर वे स्वरोज़गार के माध्यम से न केवल अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं, बल्कि समाज और प्रदेश की प्रगति में भी भागीदार बन सकते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधिमंडल जापान एवं दक्षिण कोरिया के दौरे पर
रायपुर। भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO), भारत सरकार के आमंत्रण पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज जापान और दक्षिण कोरिया के आधिकारिक दौरे पर रवाना हुआ। इस यात्रा का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करना है। टोक्यो (22–24 अगस्त) में प्रतिनिधिमंडल जापानी उद्योगपतियों, व्यापार संघों और निवेशकों के साथ इन्वेस्टर कनेक्ट सेशंस एवं व्यावसायिक बैठकों में भाग लेगा। इसके बाद ओसाका (25–26 अगस्त) में मुख्यमंत्री श्री साय वर्ल्ड एक्सपो 2025 में शामिल होंगे और छत्तीसगढ़ में निवेश अवसरों पर विभिन्न हितधारकों से चर्चा करेंगे। दौरे का अंतिम चरण सियोल (27–29 अगस्त) में होगा, जहाँ निवेशक गोलमेज बैठकों, कोरिया की शीर्ष कंपनियों और व्यापार संघों से मुलाकात तथा सेक्टर-विशेष संवाद आयोजित किए जाएंगे।
वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पर फोकस
ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में भारत मंडपम अंतर्गत छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत, नवाचार की संस्कृति और उभरते भविष्य-उन्मुख क्षेत्रों को वैश्विक दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। पवेलियन को राज्य की अनूठी पहचान को दर्शाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है। इसमें औद्योगिक विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और सतत विकास जैसे प्रमुख फोकस क्षेत्रों को शामिल किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रदर्शनी पूरी दुनिया के लिए छत्तीसगढ़ के परिवर्तन और भविष्य की आकांक्षाओं की झलक प्रस्तुत करेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जापान और कोरिया के उद्योगपतियों, व्यापार संघों और वैश्विक निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक साझेदारियाँ स्थापित करना, नए व्यापारिक चैनल खोलना तथा प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।
विकास और निवेश को नई गति
विश्व के सबसे बड़े नवाचार और सहयोग प्लेटफार्मों में से एक में भाग लेकर मुख्यमंत्री श्री साय इस अवसर का उपयोग इस्पात, खनन, स्वच्छ ऊर्जा और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए करेंगे। यह मिशन राज्य की सक्रिय पहल को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेशकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाना और आर्थिक विकास के नए अवसरों को खोलना है।
छत्तीसगढ़ को मिलेगी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधा, मुख्यमंत्री के निर्देश पर 40 करोड़ की राशि स्वीकृत
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएँ लगातार नए आयाम गढ़ रही हैं। इसी कड़ी में राजधानी रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय परिसर के कैंसर अस्पताल का विस्तार किया जा रहा है। मौजूदा जी प्लस टू (G+2) भवन को उन्नत कर जी प्लस सिक्स (G+6) भवन के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 39.36 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित राशि स्वीकृत की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि यह परियोजना केवल ईंट-पत्थरों से बनी इमारत का विस्तार भर नहीं है, बल्कि प्रदेश की जनता के लिए उम्मीद की नई किरण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए निर्माण कार्य को शीघ्र गति प्रदान की जाए ताकि जनता जल्द से जल्द इसका लाभ उठा सके।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में कैंसर से जूझ रहे मरीजों को सीमित संसाधनों और भवन संरचना के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जी प्लस सिक्स भवन तैयार होने के बाद अस्पताल में न केवल अधिक मरीजों का उपचार संभव होगा, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस कैंसर उपचार सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें उन्नत रेडियोथेरेपी मशीनें, आधुनिक केमोथेरेपी यूनिट, अत्याधुनिक सर्जिकल सुविधाएं और मरीजों के लिए आरामदायक वार्ड शामिल होंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व के कारण ही प्रदेश स्वास्थ्य क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। यह निर्णय छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
इस परियोजना के पूरा होने से प्रदेश के दूरदराज़ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को राजधानी में बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी और उन्हें बाहर अन्य राज्यों में इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। विशेष रूप से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह अस्पताल वरदान साबित होगा, क्योंकि सरकारी स्तर पर मिलने वाली सेवाएं निजी अस्पतालों की तुलना में बेहद किफायती होंगी।
अस्पताल के विस्तार के बाद डॉक्टरों और विशेषज्ञों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी, ताकि मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज मिल सके। साथ ही कैंसर रिसर्च और प्रशिक्षण सुविधाओं को भी बढ़ावा देने की योजना बनाई जा रही है। इस प्रकार, डॉ. अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय का यह उन्नयन केवल एक भवन निर्माण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के हर नागरिक के स्वस्थ जीवन का सपना साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
रायपुर। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में मौसम ने करवट ले ली है। प्रदेश में लगातार बारिश हो रही है। दिन भर भीषण गर्मी पड़ने के बाद रोज रात को जमकर बारिश हो रही है। रात में हो रही बारिश के चलते मौसम में ठंडक भी आ रही है। बुशवार की रात भी राजधानी रायपुर समेत अन्य कई इलाकों में जमकर बारिश हुई है।
बुधवार रात में हुई भारी बारिश के बाद मौसम सुहावना बना हुआ है। गुरूवार की सुबह से ही राजधानी रायपुर में बादल छाए हुए हैं। वहीं मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में जमकर बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि, प्रदेश के कई जिलों में आज जमकर बारिश होगी।
मौसम विभाग ने रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, दुर्ग, बालोद, बलरामपुर, रामानुजगंज, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, बस्तर, दंतेवाड़ा और बीजापुर समेत कई अन्य इलाकों में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की भी संभावना जताई है।
राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल छत्तीसगढ़ 2025 की रजत महोत्सव की 25 वीं बैठक का हुआ आयोजन
रायपुर। राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल छत्तीसगढ़ की रजत महोत्सव के रूप में 25वी बैठक आज सिविल लाईन स्थित न्यू सर्किट हाऊस में पी. दयानंद, सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, खनिज साधन विभाग एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में रजत बंसल, संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म एवं केन्द्र सरकार तथा राज्य शासन के विभिन्न विभागो, उपक्रमों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग, नए खनन परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार करना और गत वर्ष की उपलब्धियों की समीक्षा करना रहा।


बैठक में वर्ष 2024-25 के दौरान पूरे हुए खनन कार्यों और उनसे प्राप्त उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पिछले वित्तीय वर्ष में प्रदेश को खनिज राजस्व के रूप में लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है। यह उपलब्धि वर्ष 2023-24 की तुलना में लगभग 34 प्रतिशत अधिक है। इस वृद्धि ने न केवल प्रदेश के आर्थिक ढांचे को मजबूती दी है, बल्कि खनन क्षेत्र में नए निवेश और अवसरों के द्वार खोले हैं। छत्तीसगढ़ राज्य में खनिज अन्वेषण एवं खनिज दोहन के क्षेत्र में कार्यरत भारत सरकार एवं राज्य सरकार के विभागों एवं संस्थानों के द्वारा वर्ष 2024-25 में किये गये भू-वैज्ञानिक कार्यों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जहां वर्ष 2024-25 के सम्पादित कार्यों की उपलब्धियों पर चर्चा की गई वही प्रदेश में पाये जाने वाले खनिजों की खोज के लिए वर्ष 2025-26 में प्रस्तावित भू-वैज्ञानिक कार्यों को अंतिम रूप दिया गया।

मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद ने अपने उद्बोधन में कहा कि खनिज किसी भी राज्य और देश के सर्वांगीण विकास की रीढ़ होती है। राज्य में स्ट्रेटजिक एवं क्रिटिकल मिनरल की खोज राज्य में विकास के एक नए युग की शुरूआत का संकेत देती है। उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ में खनिज अधारित नये उद्योगों की स्थापना के लिए राज्य में विद्यमान विभिन्न खनिजों का सतत् एवं व्यवस्थित तरीके से अन्वेषण किया जाना चाहिए। बैठक में उपस्थित अन्वेषण कार्यों से संबद्ध सभी विभागों एवं संस्थानों से यह आग्रह किया गया कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास हेतु वे अपनी कुशलता, संसाधन एवं उपलब्ध नवीनतम तकनीकियों का उपयोग कर प्रदेश में पाये जाने वाले महत्वपूर्ण खनिजों का अन्वेषण करे। मुख्यमंत्री के सचिव और खनिज सचिव श्री दयानंद ने छत्तीसगढ़ में खनिज के विकास के लिए कार्य करने वाली एजेंसियों के मध्य उत्पादित आंकड़ों के साझा किये जाने एवं समन्वय स्थापित किये जाने की सलाह दी।
बैठक में संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म छत्तीसगढ़ रजत बंसल के द्वारा क्षेत्रीय सत्र 2024-25 में सम्पन्न कार्यों की जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्ष 2024-25 में लगभग 2500 मिलियन टन चूनापत्थर एवं लौह अयस्क के लगभग 93 मिलियन टन भण्डार आंकलित किये गये। आगामी क्षेत्रीय सत्र 2025-26 के अन्वेषण परियोजनाओं में विभाग द्वारा महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों को शामिल किया गया है। यह परियोजना देश के लिए आवश्यक खनिज संसाधनों की दिशा में एक निर्णायक कदम होगा। यह आत्मनिर्भर भारत मिशन को सशक्त करेगी और रणनीतिक क्षेत्रों में सतत् एवं आत्मनिर्भर विकास को प्रोत्साहित करेगी। उन्होने कहा कि "छत्तीसगढ़ शासन वैज्ञानिक एवं विस्तृत खनिज अन्वेषण तथा विकास को पूर्ण समर्थन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।"
खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में एनएमइटी के तहत वर्ष 2024-25 में चूनापत्थर हेतु 01 एवं बाक्साइट हेतु 01 अन्वेषण परियोजना की स्वीकृति प्राप्त हुई है। अधिसूचित निजी अन्वेषण संस्थान को एनएमइटी के तहत् राज्य के अन्वेषण कार्य हेतु दो प्रस्ताव स्वीकृत किये गये थे। जिसमें एक लिथियम, नियोबियम, टेण्टेलम, टाईटेनियम दुर्लभ मृदा धातुएँ एवं एक लौहअयस्क के प्रस्ताव सम्मिलित है। विभाग द्वारा निजी संस्थानों के साथ सहयोग को बढ़ावा देकर अन्वेषण एवं खनिज संसाधनों के परिशोधन को सशक्त बनाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
केन्द्र सरकार तथा राज्य शासन के विभिन्न विभागों, उपक्रमों के प्रतिनिधियों द्वारा भी छत्तीसगढ़ राज्य में किये गये खनिज अन्वेषण कार्यों की जानकारियों प्रस्तुत की गई। सर्व प्रथम भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के उप महानिदेशक डॉ. अमित धारवारकर द्वारा बताया गया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में बाक्साइट, गोल्ड, ग्लूकोनाईट, लिथियम, टाईटेनियम दुर्लभ मृदा धातुएँ, फास्फोराइट, फ्लोराईट, लेड एवं जिंक खनिज हेतु सर्वेक्षण कार्य किया गया है। वर्ष 2025-26 में विभिन्न खनिजों के कुल 29 परियोजनाओं पर कार्य लिया जा रहा है।
संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म, छत्तीसगढ़ द्वारा वर्ष 2025-26 में कुल 11 अन्वेषण परियोजना को सर्वेक्षण / पूर्वेक्षण कार्य हेतु अनुमोदित किया गया। जिसमें स्ट्रेटजिक एवं किटिकल मिनरल पर 02, ग्लूकोनाईट पर 02, लेपिडोलाईट पर 01, चूनापत्थर पर 02, लौह अयस्क पर 02 एवं बॉक्साइट पर 02 परियोजना सम्मिलित है।
इस अवसर पर आईबीएम रायपुर के रीजनल कंट्रोलर प्रेम प्रकाश, रीजनल माइनिंग जियोलॉजिस्ट डी. दास, जीएसआई रायपुर के डिप्टी डायरेक्टर जनरल अमित ए धारवाड़कर, एएमडी के सेंट्रल रीजन के क्षेत्रीय निदेशक एस.आर. मंथनवार सहित एन.एम.डी. सी., सीआईएल, वेदांता, अल्ट्राटेक, डेक्कन गोल्ड के अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सांसद महेश कश्यप ने की मुलाकात, बस्तर दशहरे में शामिल होने का दिया न्योता…
रायपुर/दिल्ली। छत्तीसगढ़ में हर साल आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरे का न्योता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंच चुका है. बस्तर सांसद महेश कश्यप ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य मुलाकात की और उन्हें विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरे में शामिल होने का निमंत्रण दिया. पीएम मोदी ने इस आमंत्रण को स्नेहपूर्वक स्वीकार करते हुए भरोसा दिलाया कि वे समय निकालकर इस ऐतिहासिक पर्व का हिस्सा बनेंगे.
सांसद महेश कश्यप अपनी धर्मपत्नी चंपा कश्यप और सुपुत्री क्षमता कश्यप के साथ प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचे थे. मुलाक़ात के दौरान क्षमता कश्यप ने पीएम मोदी को सादर नमस्कार किया, जिस पर प्रसन्न होकर प्रधानमंत्री ने उसे टॉफी भेंट की.
इस अवसर पर सांसद ने प्रधानमंत्री को बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक स्मृति चिन्ह भी भेंट किया. उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले ग्यारह वर्षों में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं.
25 पुलिसकर्मी बने टीआई, प्रमोशन लिस्ट जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने 25 सब इंस्पेक्टरों की इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नति की घोषणा की है। इस लिस्ट में रायपुर जिले के भी 6 सब इंस्पेक्टरों के नाम शामिल हैं।लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे पुलिस अफसरों के लिए यह आदेश एक बड़ी राहत और खुशी की खबर है।
प्रमोशन आदेश के मुताबिक, अभी सभी नए इंस्पेक्टर अपने वर्तमान जिले और पदस्थापना स्थल पर ही काम करेंगे। डीजीपी ने साफ किया है कि उनकी नई पदस्थापना के आदेश अलग से जल्द ही जारी किए जाएंगे।सूत्रों के अनुसार, विभागीय कार्यों में सक्रियता, सेवा कार्यकाल और उपलब्धियों के आधार पर इन अधिकारियों का प्रमोशन तय किया गया है। प्रमोशन मिलने के बाद अफसरों के मनोबल में भी वृद्धि होगी और विभागीय कार्यों की गति तेज होने की उम्मीद है।
प्रमोशन आदेश जारी होने के बाद पुलिस महकमे में खुशी का माहौल है। साथी अफसरों ने भी अपने सहकर्मियों को बधाई दी है। विभाग का मानना है कि इस प्रमोशन से न केवल व्यक्तिगत स्तर पर अफसरों को लाभ होगा, बल्कि संगठनात्मक दक्षता भी बढ़ेगी।डीजीपी ने आदेश में यह भी कहा है कि सभी एसपी और वरिष्ठ अधिकारी प्रमोटेड अफसरों से उनके नए दायित्वों के अनुरूप काम करवाएं और आवश्यक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दें।

कांग्रेस की वजह से आबकारी विभाग बदनाम : मंत्री लखनलाल देवांगन
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नव नियुक्त आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने प्रदेश में हुए शराब घोटाले को लेकर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में आबकारी विभाग में बड़ा घोटाला हुआ. कांग्रेस का नाम ही भ्रष्टाचार है.
11 साल पहले देश में कांग्रेस की सरकार थी, तब भी भ्रष्टाचार किया गया. छत्तीसगढ़ में पिछली सरकार (कांग्रेस के कार्यकाल) में आबकारी विभाग में घोटाला हुआ. इसके चलते विभाग की बदनामी हुई और उनके मंत्री (पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा) समेत कई अधिकारी आज जेल में हैं.
मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार से लिप्त है. सरकार में आने के बाद कांग्रेस वादों पर काम करने के बजाय भ्रष्टाचार करने में लगे रहे. आबकारी घोटाला, कोयला घोटाला, DMF घोटाला, सब कांग्रेस सरकार में हुआ है.
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पुनर्विवाह तक ससुर से भरण-पोषण की हकदार विधवा बहू
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि विधवा बहू पुनर्विवाह करने तक अपने ससुर से भरण-पोषण पाने की हकदार है। अदालत ने कहा कि यह अधिकार हिंदू दत्तक ग्रहण एवं भरण-पोषण अधिनियम, 1956 की धारा 19 में स्पष्ट रूप से दिया गया है।मामला कोरबा जिले का है। वर्ष 2006 में कोरबा निवासी चंदा यादव की शादी गोविंद यादव से हुई थी। लेकिन 2014 में एक सड़क हादसे में गोविंद की मौत हो गई। पति की मौत के बाद चंदा का ससुराल पक्ष से विवाद हो गया और वह अपने बच्चों के साथ अलग रहने लगी।
भरण-पोषण के लिए फैमिली कोर्ट में याचिका
पति की मृत्यु के बाद आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही चंदा यादव ने अपने ससुर के खिलाफ भरण-पोषण की याचिका दायर की। उन्होंने कोरबा फैमिली कोर्ट से प्रति माह 20,000 रुपये भरण-पोषण देने की मांग की। फैमिली कोर्ट ने उनकी याचिका पर विचार करते हुए चंदा को मासिक 2,500 रुपये भरण-पोषण देने का आदेश दिया।
हालांकि, चंदा यादव इस फैसले से असंतुष्ट थीं। उनका कहना था कि उनके और बच्चों के पालन-पोषण के लिए इतनी राशि पर्याप्त नहीं है। इसलिए उन्होंने फैमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की।
हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने हिंदू दत्तक ग्रहण एवं भरण-पोषण अधिनियम, 1956 की धारा 19 का हवाला दिया। अदालत ने कहा कि विधवा बहू पुनर्विवाह न करने तक अपने ससुर से भरण-पोषण की अधिकारी होती है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि भरण-पोषण की राशि ससुर की आर्थिक क्षमता और बहू की वास्तविक जरूरतों के आधार पर तय की जानी चाहिए।
फैसले का महत्व
इस फैसले को महिलाओं के अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह फैसला उन विधवा बहुओं के लिए राहत लेकर आया है, जिन्हें पति की मृत्यु के बाद ससुराल पक्ष से भरण-पोषण नहीं मिलता। अब विधवा बहुएं कानूनी रूप से ससुर से सहायता पाने की हकदार होंगी, बशर्ते उन्होंने पुनर्विवाह न किया हो।कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि हाईकोर्ट का यह फैसला भविष्य में समान परिस्थितियों वाले कई मामलों को प्रभावित करेगा। इससे विधवा महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी और उनके अधिकारों को मजबूत आधार मिलेगा।
फर्जी बीपीएल कार्डधारकों पर बड़ी कार्रवाई, 3000 कार्ड किये गए रद्द
जगदलपुर। गरीबों के हक पर डाका डालने वालों के खिलाफ बस्तर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) श्रेणी में फर्जी तरीके से बने 3000 राशन कार्ड रद्द कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई उस जांच का हिस्सा है, जिसमें हजारों संदिग्ध कार्डधारियों की सूची तैयार की गई थी। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।
जांच के दौरान सामने आया कि जिन लोगों ने फर्जी तरीके से बीपीएल कार्ड बनवाए थे, उनमें बड़े किसान, सरकारी कर्मचारी और यहां तक कि व्यापारी तक शामिल हैं। खास बात यह है कि इनमें से कुछ व्यापारियों का सालाना टर्नओवर 25 लाख रुपये से अधिक है, जबकि सरकार द्वारा बीपीएल कार्ड केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बनाए जाते हैं।
63 हजार संदिग्धों की बनी थी सूची
राज्य सरकार को केंद्र सरकार की ओर से 63,134 संदिग्ध कार्डधारियों की सूची जांच के लिए सौंपी गई थी। इस सूची के आधार पर जिला प्रशासन ने जांच शुरू की। इसमें कई ऐसे लोग मिले जिन्होंने लंबे समय से राशन ही नहीं लिया था, फिर भी उनके नाम पर बीपीएल कार्ड जारी था। वहीं कुछ लोग आर्थिक रूप से मजबूत होते हुए भी सरकारी लाभ उठा रहे थे।
गरीबों के हक पर डाका
जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ कि फर्जी कार्डधारी लंबे समय से बीपीएल श्रेणी के तहत मिलने वाले राशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे थे। ऐसे लोग जो वास्तव में गरीब और जरूरतमंद हैं, वे अक्सर पात्रता के बावजूद योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे। प्रशासन ने इस गड़बड़ी को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई तेज कर दी।
कार्ड रद्द, आगे और कार्रवाई संभव
अब तक 3 हजार फर्जी राशन कार्ड रद्द कर दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और जिनके पास गलत तरीके से कार्ड बने पाए जाएंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही गलत तरीके से लिए गए राशन और सब्सिडी की रिकवरी भी संभव है।
CM साय जापान और साउथ कोरिया के लिए हुए रवाना
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। दिल्ली से वे देर शाम अपने पहले विदेश प्रवास पर निकलेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा 10 दिनों का होगा, जिसमें वे जापान और दक्षिण कोरिया का भ्रमण करेंगे। इस प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री निवेश और उद्योग विकास के नए अवसरों की तलाश करेंगे।
सीएम साय ने रवाना होने से पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों और प्रदेश की जनता का आभार जताया। उन्होंने लिखा कि छत्तीसगढ़ को उद्योग और निवेश के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए यह दौरा महत्वपूर्ण साबित होगा।
जापान वर्ल्ड एक्सपो में होंगे शामिल
मुख्यमंत्री ने बताया कि जापान वर्ल्ड एक्सपो का आयोजन हो रहा है, जिसमें वे विशेष रूप से शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि जापान और साउथ कोरिया इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग और ऑटोमोबाइल्स जैसे क्षेत्रों में अद्भुत काम कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ में भी अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरे के दौरान वे नई उद्योग नीति को प्रस्तुत करेंगे और उद्यमियों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे।
एयरपोर्ट पर मंत्रियों ने दी विदाई
सीएम साय को एयरपोर्ट से रवाना करने के लिए कई मंत्री और विधायक मौजूद थे। इनमें मंत्री रामविचार नेताम, टंक राम वर्मा, गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत और विधायक पुरंदर मिश्रा शामिल थे। सभी ने मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि यह दौरा प्रदेश के लिए नए निवेश अवसर लेकर आएगा।

प्रदेश की नई उद्योग नीति पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने छत्तीसगढ़ के उद्योग जगत को नई दिशा देने के लिए एक समग्र और निवेशक अनुकूल उद्योग नीति बनाई है। इस नीति के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल्स, स्टार्टअप्स और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में निवेशकों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जापान और साउथ कोरिया की कंपनियां तकनीकी विशेषज्ञता और बड़े उद्योगिक अनुभव से समृद्ध हैं। यदि वे छत्तीसगढ़ में निवेश करती हैं, तो राज्य में रोज़गार के अवसर भी बड़ी संख्या में बढ़ेंगे।
विदेश दौरे से खुलेंगे नए अवसर
सीएम साय ने अपने पोस्ट में लिखा कि छत्तीसगढ़ को उद्योग विकास और निवेश का केंद्र बनाने की दिशा में उनका यह पहला कदम है। उन्होंने कहा कि जापान और दक्षिण कोरिया जैसे विकसित देशों के साथ उद्योगिक संबंध मज़बूत होने से राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला : EOW की विशेष अदालत में पेश नहीं हुए 28 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ वारंट जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में आबकारी अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट ने वारंट जारी किया है. बता दें कि शराब घोटाला मामले में 29 अधिकारियों को ईओडब्ल्यू ने आरोपी बनाया है. इनमें से एक अधिकारी की मौत हो चुकी है. बाकी 28 अधिकारियों की आज EOW की विशेष अदालत में पेशी थी, लेकिन एक भी अधिकारी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए. इसके चलते सभी अधिकारियों के खिलाफ वारंट जारी किया गया है.
बता दें कि हाल ही में हाईकोर्ट ने घोटाले में शामिल 28 आबकारी अधिकारियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की थी.
EOW ने शराब घोटाले में इन अधिकारियों को बनाया है आरोपी
- जनार्दन कौरव, सहायक जिला आबकारी अधिकारी
- अनिमेष नेताम, उपायुक्त आबकारी
- विजय सेन शर्मा, उपायुक्त आबकारी
- अरविंद कुमार पाटले, उपायुक्त आबकारी
- प्रमोद कुमार नेताम, सहायक आयुक्त आबकारी
- रामकृष्ण मिश्रा, सहायक आयुक्त आबकारी
- विकास कुमार गोस्वामी, सहायक आयुक्त आबकारी
- इकबाल खान, जिला आबकारी अधिकारी
- नितिन खंडुजा, सहायक जिला आबकारी अधिकारी
- नवीन प्रताप सिंह तोमर, सहायक आयुक्त आबकारी
- मंजुश्री कसेर, सहायक आबकारी अधिकारी
- सौरभ बख्शी, सहायक आयुक्त आबकारी
- दिनकर वासनिक, सहायक आयुक्त आबकारी
- मोहित कुमार जायसवाल, जिला आबकारी अधिकारी
- नीतू नोतानी ठाकुर, उपायुक्त आबकारी
- गरीबपाल सिंह दर्दी, जिला आबकारी अधिकारी
- नोहर सिंह ठाकुर, उपायुक्त आबकारी
- सोनल नेताम, सहायक आयुक्त आबकारी
- प्रकाश पाल, सहायक आयुक्त आबकारी
- अलेख राम सिदार, सहायक आयुक्त आबकारी
- आशीष कोसम, सहायक आयुक्त आबकारी
- ए.के. सिंह, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
- राजेश जायसवाल, सहायक आयुक्त आबकारी
- जे.आर. मंडावी, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
- जी.एस. नुरुटी, सहायक आयुक्त आबकारी (सेवानिवृत्त)
- देवलाल वैद्य, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
- ए.के. अनंत, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
- वेदराम लहरे, सहायक आयुक्त आबकारी (सेवानिवृत्त)
- एल.एल. ध्रुव, सहायक आयुक्त आबकारी (सेवानिवृत्त)
ग्रामीण विकास मंत्रालय में गिरीश पंकज को हिंदी सलाहकार समिति का सदस्य किया गया मनोनीत
रायपुर। छत्तीसगढ़ राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के प्रांतीय अध्यक्ष गिरीश पंकज को भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है। यह मनोनयन भारत सरकार के राजभाषा विभाग द्वारा किया गया है। इसके पूर्व भी गिरीश पंकज साहित्य अकादमी के सदस्य एवं राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य रह चुके हैं। गिरीश पंकज पिछले 45 सालों से साहित्य और पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं। विविध साहित्यिक विधाओं में इनकी 125 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। साढ़े आठ हजार पेज़ों की' गिरीश पंकज रचनावली' भी हाल ही में प्रकाशित हो चुकी है।
इनके साहित्यिक अवदान के लिए हिंदी भवन,नई दिल्ली द्वारा व्यंग्यश्री सम्मान तथा उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा साहित्य भूषण सम्मान भी प्राप्त हो चुका है। पिछले दिनों राही रैंकिंग संस्था की ओर से जो सर्वे किया गया था, उसमें देश के दस महत्वपूर्ण लेखकों में गिरीश पंकज का नाम शामिल किया गया है। हिंदी सलाहकार समिति में गिरीश पंकज के अलावा चेन्नई की मीनाक्षी निधि सुंदर और जोधपुर के रजनीश मोहनोत को भी मनोनीत किया गया है। यहां उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में छत्तीसगढ़ के अन्य तीन लेखकों का भी चयन हुआ है। ये हैं डॉ. चित्त रंजन कर, माणिक विश्वकर्मा नवरंग एवं बलदाऊ राम साहू।
मुख्यमंत्री साय से वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने सौजन्य मुलाकात की। श्री देवांगन ने मुख्यमंत्री श्री साय को उनके प्रस्तावित जापान एवं दक्षिण कोरिया प्रवास के लिए शुभकामनाएं दीं।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य की नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में तीव्र औद्योगिक विकास हो रहा है। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और राज्य आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से अग्रसर है।
उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ एक पसंदीदा राज्य के रूप में उभरकर सामने आया है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु के साथ-साथ रायपुर में भी इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन किया जा चुका है। इन सम्मेलनों के माध्यम से अब तक राज्य को 6 लाख 65 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रस्तावित जापान एवं दक्षिण कोरिया यात्रा से राज्य में औद्योगिक विकास तथा निवेश को और अधिक गति मिलेगी।
