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प्रख्यात कलाकार अरुण गोविल ने दी “सुनो श्री राम कहानी” की भावपूर्ण प्रस्तुति, मुख्यमंत्री से की आत्मीय भेंट
रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम की पावन धरा पर आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 में आस्था, संस्कृति और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिला। त्रिवेणी संगम के पावन तट पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में सुप्रसिद्ध कलाकार एवं भगवान श्रीराम की भूमिका से जनमानस में विशेष पहचान रखने वाले अरुण गोविल ने “सुनो श्री राम कहानी” की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिससे संपूर्ण परिसर भक्ति और श्रद्धा के दिव्य वातावरण से ओतप्रोत हो उठा।
इस अवसर पर अरुण गोविल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आत्मीय भेंट की तथा राजिम कुंभ कल्प के भव्य आयोजन और उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। श्री गोविल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, जनआस्था और लोगों का आत्मीय स्नेह उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत उत्सव है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आस्था, संस्कृति और पर्यटन के संरक्षण-संवर्धन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है तथा ऐसे आयोजनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त हो रही है।
कार्यक्रम में खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक रोहित साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति थी।
उल्लेखनीय है कि राजिम कुंभ कल्प 2026 के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित यह महोत्सव आस्था, संस्कृति और पर्यटन संवर्धन का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है।
नवा अंजोर विजन@2047 मॉनिटरिंग पोर्टल की समीक्षा: मुख्य सचिव ने दिए समयबद्ध प्रगति के निर्देश
रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ नवा अंजोर विजन@ 2047 मॉनिटरिंग पोर्टल की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के सचिव उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव ने नवा अंजोर विजन@ 2047 के अंतर्गत निर्धारित इंडिकेटर्स की राज्य स्तरीय समीक्षा करते हुए सभी विभागीय सचिवों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति, निर्धारित लक्ष्यों की नियतकालिक उपलब्धि तथा अद्यतन जानकारी मॉनिटरिंग पोर्टल में समय-समय पर दर्ज करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि पोर्टल के माध्यम से योजनाओं की प्रगति की प्रभावी निगरानी एवं मूल्यांकन संभव है, जिससे राज्य के विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में गति आएगी।
मुख्य सचिव ने सभी विभागीय सचिवों को अपने विभागीय डैशबोर्ड पर ऑनलाइन प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा निर्धारित इंडिकेटर्स के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में विजन 2047 के लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति हेतु समन्वित एवं परिणामोन्मुख कार्यवाही पर विशेष जोर दिया गया।
रायपुर कमिश्नरेट में कई पुलिसकर्मी इधर से उधर, कमिश्नर ने जारी किया आदेश
रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉक्टर संजीव शुक्ला ने अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और पुलिसिंग में कसावट के लिए 62 पुलिसकर्मियों को विभिन्न थानों में पोस्टिंग दी है।
देवेंद्रनगर, गंज, मौदहापारा,गोल बाजार,आजाद चौक,सरस्वती नगर, कबीर नगर, उरला, पंडरी थानों में चार-चार आरक्षकों को रक्षित केंद्र से भेजा गया है। इनमें महिला आरक्षक भी शामिल हैं। वहीं कमल विहार चौकी और एक्सप्रेस वे– तिराहा पुलिस चौकी केंद्र में भी रक्षित केंद्र से एक-एक एएसआई,एक-एक प्रधान आरक्षक और चार-चार आरक्षकों की पोस्टिंग की गई है।
नव निर्मित पुलिस उपायुक्त कार्यालयों का भी ऑफिशियल कार्य सुचारू रूप से संचालित करने के लिए उनमें स्टाफ की तैनाती कमिश्नर संजीव शुक्ला ने दी है। जिसके तहत, उपायुक्त कार्यालय, उत्तर, मध्य,पश्चिम, सायबर एवं क्राइम में पुलिसकर्मियों की पोस्टिंग दी गई है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्तों और सहायक पुलिस उपायुक्तों के कार्यालयों में भी पुलिसकर्मियों की पोस्टिंग दी गई है।
देखिये आदेश की कॉपी-




RTE में बदलाव को लेकर पैरेंट्स एसोसिएशन ने शिक्षा विभाग पर लगाए गंभीर आरोप, कहा-
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार कानून (RTE) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले गरीब बच्चों के भविष्य पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है. छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सरकार गरीब बच्चों से शिक्षा का हक छीन रही है. उन्होंने आरटीई कानून में किए गए बदलावों को ‘असंवैधानिक’ करार दिया है.
सीटों में भारी कटौती: 53 हजार से सीधे 19 हजार पर सिमटा आंकड़ा
क्रिष्टोफर पॉल के अनुसार, 16 दिसंबर 2025 को आरटीई कानून में किए गए बदलावों का सीधा असर गरीब बच्चों की सीटों पर पड़ा है. पिछले साल (2025-26) जहां 53,023 बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला मिला था, वहीं नए नियमों के चलते शैक्षणिक सत्र 2026-27 में केवल 19,495 सीटों पर ही प्रवेश मिल पाएगा.
पैरेंट्स एसोसिएशन ने उठाए गंभीर सवाल
पॉल का कहना है कि सरकार अब गरीब बच्चों को महंगे निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा देने से पीछे हट रही है. उन्होंने स्कूल शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर मांग की है कि:
- आरटीई कानून में किए गए बदलावों को तत्काल निरस्त किया जाए.
- पुराने प्रावधानों के अनुरूप ही बच्चों को प्रवेश दिया जाए. सरकार इस दिशा में एक स्थायी आदेश जारी करे.
“भाजपा सरकार की मंशा पर संदेह”
पॉल ने सीधे तौर पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनवरी में दो बार पत्र लिखने के बावजूद शासन ने कोई ध्यान नहीं दिया और आरटीई पोर्टल पर कम सीटों के साथ प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी. उन्होंने इसे मूल कानून की भावना के खिलाफ बताया है.
उन्होंने कहा कि आरटीई कानून के तहत निजी स्कूलों की 25% सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं. सीटों में इस बड़ी कटौती से हजारों परिवार प्रभावित होंगे.

सुरक्षाबलों को नक्सल मोर्चे पर मिली बड़ी सफलता: पहाड़ी में छिपाकर रखा गया हथियारों का डंप किया बरामद, बड़ी साजिश नाकाम
गरियाबंद। जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। जिला पुलिस बल की ई-30 ऑप्स टीम ने सघन तलाशी अभियान चलाकर थाना मैनपुर क्षेत्र के ग्राम बडेगोबरा स्थित सातमारी पहाड़ी में छिपाकर रखे गए नक्सलियों के हथियारों का डंप बरामद किया है, जिनमें 2 एसएलआर, 1 इंसास राइफल, 1 बारह बोर बंदूक, एसएलआर और इंसास की मैग्जिन और जिंदा कारतूस शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, जनवरी 2026 में गरियाबंद में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से पूछताछ के दौरान यह अहम जानकारी सामने आई थी। पूछताछ में खुलासा हुआ कि सीपीआई माओवादी की ओडिशा राज्य कमेटी के शीर्ष नेतृत्व ने सातमारी पहाड़ी क्षेत्र में ऑटोमैटिक हथियारों का जखीरा डम्प कर रखा है, जिसका उपयोग किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए किया जा सकता था।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। 16 फरवरी 2026 को जिला मुख्यालय से ई-30 ऑप्स टीम को मौके पर रवाना किया गया। टीम ने दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसके दौरान झाड़ियों और पत्थरों के बीच छिपाकर रखे गए हथियार बरामद किए गए। जब्त सामग्री में 2 एसएलआर, 1 इंसास, 1 बारह बोर बंदूक, 3 एसएलआर मैग्जिन, 1 इंसास मैग्जिन और 28 जिंदा एलएलआर कारतूस शामिल हैं।
जिला पुलिस द्वारा वर्ष 2024 से चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अब तक 31 माओवादी मुठभेड़ों में मारे जा चुके हैं, जबकि 29 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है। अभियान के दौरान कुल 73 हथियार, 62 लाख 50 हजार रुपये नकद, 304 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 22 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 14 आईईडी बम और लगभग 114.49 मीटर कॉर्डेक्स वायर भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने इसे बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि गरियाबंद जिले में नक्सल गतिविधियों को पूरी तरह समाप्त करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि सुरक्षाबलों की सतत कार्रवाई से जिले में नक्सलियों के पैर पूरी तरह उखाड़ फेंके जाएंगे और क्षेत्र में शांति एवं विकास का वातावरण मजबूत होगा।
असम विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ के 4 मंत्रियों को मिली जिम्मेदारी, डिप्टी सीएम साव बोले-
रायपुर। भारत के 5 राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय संगठन ने छत्तीसगढ़ के दिग्गज नेता-मत्रियों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, डिप्टी सीएम अरुण साव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी और सांसद विजय बघेल को असम के 4 लोकसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वे सभी आज रायपुर से असम दौरे के लिए रवाना हुए. असम रवाना होने से पहले डिप्टी सीएम साव ने रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से दौरे को लेकर चर्चा की. उन्होंने कहा कि प्रदेश के कार्यकर्ताओं को अन्य राज्यों के चुनावों में जिम्मेदारी मिलती है. असम विधानसभा चुनाव में 4 लोकसभा सीटों की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ के नेताओं को मिली है.
डिप्टी सीएम साव ने कहा कि मुझे, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, सांसद विजय बघेल और वित्त ओपी चौधरी को एक-एक लोकसभा क्षेत्र सौंपा गया, जिसमें प्रचार को लेकर दौरा है. उन्होंने आगे कहा कि “असम अशांति से निकलकर विकास की ओर बढ़ रहा है. वहां पर भाजपा के पक्ष में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है. स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर चुनावी प्रचार जारी है.”
बता दें, डिप्टी सीएम अरुण साव को जहां असम में 9 विधानसभाओं की जिम्मेदारी दी गई है, वहीं प्रदेश के वित्तमंत्री ओपी चौधरी को वहां पर 10 विधानसभाओं का जिम्मा मिला है. वे करीब एक सप्ताह के असम प्रवास पर हैं. इसके अलावा दुर्ग के सांसद विजय बघेल को भी डिब्रूगढ़ लोकसभा की 10 विधानसभाओं की कमान सौंपी गई है.
कांग्रेस कमजोर और मुद्दा विहीन हो चुकी है : डिप्टी सीएम साव
वहीं कांग्रेस के जिलाध्यक्षों की परफॉर्मेंस के आधार पर रैंकिंग तय किये जाने वालो बयान पर डिप्टी सीएम साव ने पलटवार करते हुए कहा कि पहले वे केंद्रीय नेताओं का परफॉर्मेंस देखें, फिर प्रदेश के नेताओं का और उसके बाद जिलाध्यक्षों का परफॉर्मेंस देखें. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह कमजोर, दिशाहीन और मुद्दा विहीन हो चुकी है.
विकास के लिए बस्तर का नक्सलमुक्त होना जरूरी : डिप्टी सीएम साव
वहीं केंद्र सरकार द्वारा नक्सल मुक्त जिलों की सूची की जारी करने को लेकर डिप्टी सीएम साव ने कहा कि PM मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद पर सख्त कार्रवाई हो रही है. शहर में ड्रग्स और नशे के खिलाफ बड़ा अभियान भी चलाया जा रहा है. नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर चल पड़ा है. उन्होंने कहा कि बस्तर के विकास के लिए उसका नक्सलमुक्त होना जरूरी है. साथ ही बचे हुए जिलों में भी तेज विकास की तैयारी है.
मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन पर डिप्टी सीएम साव का बयान
21 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन जारी होना है. इसे लेकर भी डिप्टी सीएम साव ने कहा कि चुनाव आयोग ने व्यापक अभियान चलाया है. घर-घर पहुंचकर मतदाता सत्यापन किया गया, जिससे अंतिम प्रकाशन से सूची में शुद्धता आएगी. लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह जरूरी कदम है.
हर गली-हर घर तक पहुंचे सरकार की योजनाएं: भाजपा संयुक्त मोर्चा बैठक में सीएम साय का आह्वान
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के सभी मोर्चों के प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक पदाधिकारी व कार्यकर्ता शासन की योजनाओं और ‘मोदी की गारंटी‘ की सफलताओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सक्रिय हों. हमारा लक्ष्य वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत‘ की संकल्पना को पूरा करना है. सच्ची सेवा भावना के साथ हमें एक शक्तिशाली और समृद्धशाली भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी है.
प्रदेश के मुख्यमंत्री साय ने सोमवार को राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में संयुक्त बैठक की प्रदेश कार्यसमिति बैठक को सम्बोधित करते हुए सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी और कहा कि भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है, जिसके देशभर में 14 करोड़ कार्यकर्ता और प्रदेश में 60 लाख सदस्य व 80 हजार सक्रिय कार्यकर्ता हैं. युवा, महिला, किसान, एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक मोर्चों के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक पहुँचना हमारी प्राथमिकता है.
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने मात्र दो वर्षों में मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा कर दिया है. 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी. आज हर पंचायत में औसतन 300 मकान बन रहे हैं और 10 लाख से ज्यादा परिवारों का गृह प्रवेश हो चुका है. छत्तीसगढ़ में 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है. होली के पहले 25.24 लाख किसानों के खातों में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की अंतर राशि जमा की जाएगी. इसी प्रकार महिला सशक्तीकरण के दृष्टिगत ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत 70 लाख से अधिक माताओं को प्रति माह 1000 रुपए दिए जा रहे हैं. तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रुपए पारिश्रमिक, भूमिहीन कृषकों को 10 हजार रुपए सालाना दिए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा दर्शन की शुरुआत की गई है. उन्होंने कहा कि हमें जनता को इन योजनाओं के बारे में बताना है और इससे लोगों का जुड़ाव सीधे हम तक होगा. पीएम जन-मन योजना के माध्यम से 24 हजार करोड़ रुपए के प्रावधान से जनजातीय क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है. राज्य की नई उद्योग नीति की देश-विदेश में सराहना हो रही है. खेलो इंडिया के माध्यम से खेलों को महत्व दिया जा रहा है और पदक जीतने वाले खिलाड़ियों का सम्मान सरकार की प्राथमिकता है.
राष्ट्र प्रथम की भावना और सेवा-समर्पण से ही बनेगा विकसित भारत – जम्वाल
भाजपा क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल ने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए संगठन की शक्ति और आगामी लक्ष्यों का रोडमैप सामने रखा और कहा कि पार्टी आज न केवल देश की, बल्कि विश्व की नंबर वन पार्टी बन चुकी है, लेकिन हमारा वास्तविक लक्ष्य भारत को शक्तिशाली, समृद्धशाली, आत्मनिर्भर और ‘विश्वगुरु‘ बनाना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज तेजी से प्रगति कर रहा है. हमारा संकल्प वर्ष 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाना है. इस यात्रा में हर कार्यकर्ता का योगदान अनिवार्य है. आज केंद्र की योजनाओं का लाभ हर घर तक पहुंच रहा है. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार के कार्यों और योजनाओं की चर्चा हर घर और हर गली में होनी चाहिए. कार्यकर्ताओं को ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत‘ के संकल्प के साथ जनता के बीच जाना होगा. उन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रथम की भावना हमारे हर कार्य के मूल में होनी चाहिए. हर कार्यकर्ता के भीतर सेवा, समर्पण, सहजता और सामूहिकता का भाव होना आवश्यक है. समयबद्ध तरीके से संगठन के कार्यों को पूरा करना ही एक निष्ठावान कार्यकर्ता की पहचान है. अनुशासन ही वह शक्ति है जो हमें हमारे लक्ष्यों तक पहुंचाएगी.
नए कार्यकर्ताओं की कल से होगी ट्रेनिंग शुरू
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि भाजपा ‘कार्यक्रम आधारित‘ दल है, जहां सालभर सेवा के कार्य चलते रहते हैं. पार्टी के विभिन्न मोर्चा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक मजबूती और आगामी बजट सत्र को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश देते हुए भाजपा अध्यक्ष देव ने कार्यकर्ताओं के बौद्धिक विकास और कार्यकुशलता पर जोर दिया और कहा कि पार्टी में निरंतर प्रशिक्षण की परंपरा है. 17 फरवरी से हमारे प्रशिक्षण वर्ग की कार्यशाला शुरू हो रही है, जहां नए कार्यकर्ताओं को भाजपा की रीति-नीति से अवगत कराया जाएगा. भाजपा अध्यक्ष देव ने कहा कि केंद्र सरकार के बजट के बाद अब छत्तीसगढ़ के बजट की बारी है. प्रदेश सरकार की बजट को हमें जनता की परिकल्पना के अनुसार नीचे तक ले जाना है. बूथ स्तर तक जाकर युवाओं और महिलाओं को बजट की लोक-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना है. किरण सिंह देव ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता अत्यंत स्वाभिमानी होता है. आज पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक भाजपा की सरकार है, ऐसे में हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है. सत्ता के केंद्र में होने के बावजूद हमारा व्यवहार संतुलित और मर्यादित होना चाहिए. अनुशासन ही वह शक्ति है जो हमें अन्य दलों से अलग और विशिष्ट बनाती है.
कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी एवं यशवंत जैन ने किया. संयुक्त मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति बैठक में भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कंडेय, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ठाकुर, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू, अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सनम जांगड़े, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण सिंह और अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मख्मूर इकबाल सहित समस्त मोर्चा पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे.
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने ANTF का किया गठन, TI, SI और ASI समेत 10 पुलिसकर्मी टीम में शामिल
रायपुर। रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली 23 जनवरी से लागू हो चुकी है। इसी क्रम में आज नशा नियंत्रण और रोकथाम को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से रायपुर जिला एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का गठन किया गया है।
नवगठित ANTF टीम नशे से जुड़े मामलों की रोकथाम, कार्रवाई और निगरानी का कार्य करेगी। इस टीम के लिए एसीपी अनुज कुमार (क्राइम एवं साइबर) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं ANTF की कार्यप्रणाली की मॉनिटरिंग डीसीपी क्राइम स्मृतिक राजनाला करेंगे।
ANTF टीम में कुल 10 पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है, जिनमें 01 निरीक्षक, 01 उप निरीक्षक (SI), 01 सहायक उप निरीक्षक (ASI), 03 हवलदार और 05 आरक्षक शामिल हैं।

टीम में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम
ANTF की टीम में जिन अधिकारियों और कर्मचारियों को शामिल किया गया है, उसमें टीआई संजीव मिश्रा, एसआई अतुलेश राय, एएसआई प्रेमराज बारिक, हवलदार जयदेव सोम, सनेही नेताम, आरक्षक विकास क्षत्री, भूपेंद्र मिश्रा, संदीप शर्मा, सुरेश बंजारा और प्रमोद सिंह है।
यह गठन नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, नई दिल्ली के निर्देशों के बाद सभी जिलों में किया गया है। ANTF के गठन को लेकर रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के आयुक्त ने लिखित आदेश जारी किया है।
MP विधानसभा बजट सत्र 2026: राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष का हंगामा, नारेबाजी के बीच कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में सोमवार को बजट सत्र की शुरुआत हंगामे के साथ हुई। कार्यवाही के प्रारंभ में संपूर्ण छह छंदों में वंदे मातरम् का गायन हुआ, जिसके बाद राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपना अभिभाषण दिया। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया, जिसके बाद कार्यवाही अगले दिन 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपने संबोधन में सरकार की विकास उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं से आए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हम ऐसी दहलीज पर खड़े हैं जिसे मोदी सरकार ने अमृत काल की संज्ञा दी। उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण बना है। भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का राज्यपाल ने जिक्र करते हुए कहा कि 2047 तक मप्र को 2 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प है।
राज्यपाल ने 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने का भी जिक्र किया। पीएम जनमन के तहत 1 लाख 35 हजार आवास बनाए, उज्जैन में मां शिप्रा को प्रदूषण मुक्त बनाने का जिक्र, नई शिक्षा नीति के तहत काम हुए। हालांकि इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्यपाल को टोका और कहा कि राज्यपाल नलजल योजना और इंदौर में दूषित जल से हुई मौत का मुद्दा भूल गए। आरोप- राज्यपाल ने नलजल योजना वाला मुद्दा नहीं पढ़ा। विपक्ष के हंगामा के बीच राज्यपाल का अभिभाषण समाप्त हुआ। राज्यपाल के अभिभाषण पर कल से चर्चा होगी।
कोलाब नदी में डूबा CISF जवान, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में पिकनिक मनाने पहुंचा सीआईएसएफ का जवान कोलाब नदी में डूब गया. यह हादसा छत्तीसगढ़–ओडिशा बॉर्डर पर स्थित गुलमी क्षेत्र में हुआ, जहां बहने वाली कोलाब नदी स्थानीय लोगों के बीच एक पिकनिक स्पॉट के रूप में जानी जाती है.
जानकारी के मुताबिक, कोलाब नदी का बहाव बेहद तेज और खतरनाक है, जिसकी चपेट में आकर जवान लापता हो गया. घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ मौके पर पहुंच रेस्क्यू अभियान शुरू किया. एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची गई है. पिछले 24 घंटे से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक जवान का कोई सुराग नहीं लग पाया है.
गोताखोरों और आधुनिक उपकरणों की मदद से नदी में तलाश जारी है. डूबा हुआ जवान नगरनार स्थित एनएमडीसी प्लांट में सब-इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थ था, इस घटना के बाद विभागीय अधिकारियों और साथी जवानों में शोक का माहौल है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कोलाब नदी जैसे खतरनाक बहाव वाले इलाकों में सावधानी बरतें और बिना सुरक्षा इंतजामों के नदी में न उतरें.
पति व परिवार के खिलाफ झूठी शिकायत को हाईकोर्ट ने माना मानसिक क्रूरता, पति को मिला तलाक
रायपुर। छत्तीसगढ़ के छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े एक मामले में अहम निर्णय सुनाया है। अदालत ने पत्नी द्वारा पति और उसके परिजनों के खिलाफ दर्ज की गई झूठी, निराधार और आपत्तिजनक शिकायतों को दुर्भावनापूर्ण कृत्य मानते हुए इसे “मानसिक क्रूरता” की श्रेणी में रखा। कोर्ट ने पति की अपील स्वीकार कर उन्हें तलाक का हकदार ठहराया और विवाह को समाप्त करने का आदेश दिया।
मामले के तथ्यों के अनुसार, धमतरी निवासी महिला का विवाह 28 अप्रैल 2009 को हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था। वैवाहिक जीवन के दौरान दंपति को दो संतानें हुईं—पहली संतान का जन्म दिसंबर 2010 में और दूसरी का अप्रैल 2014 में हुआ। कुछ वर्षों बाद दंपति के संबंधों में तनाव उत्पन्न हुआ, जिसके चलते पत्नी ने अप्रैल 2017 में पति, उनके भाई और मां के खिलाफ दहेज प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। ट्रायल कोर्ट में सुनवाई के बाद पति और उनके परिवार के सदस्यों को आरोपों से बरी कर दिया गया। इसके बावजूद पत्नी ने निर्णय को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की। हाईकोर्ट द्वारा अपील खारिज किए जाने पर महिला ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) भी दाखिल की।
अदालत में प्रस्तुत रिकॉर्ड और परिस्थितियों का मूल्यांकन करते हुए हाईकोर्ट ने पाया कि पत्नी द्वारा लगातार कानूनी कार्रवाई करना, जबकि आरोप सिद्ध नहीं हुए, पति और उनके परिजनों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास था। न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्थापित विधिक सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा कि निराधार आपराधिक आरोप लगाना और दोषमुक्ति के बाद भी लगातार अपील करना मानसिक क्रूरता का संकेत है।
इसी आधार पर पति ने क्रूरता के आधार पर तलाक की मांग करते हुए धमतरी परिवार न्यायालय में आवेदन किया। परिवार न्यायालय ने उनका आवेदन अस्वीकार कर दिया, जिसके खिलाफ पति ने हाईकोर्ट में अपील दायर की। जस्टिस संजय के अग्रवाल एवं जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई की।
डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा कि पत्नी का आचरण, जिसमें सास के खिलाफ अशोभनीय और मानहानिकारक आरोप लगाना, तथा पति और उनके माता-पिता की बरी होने के बावजूद निर्णय को चुनौती देना शामिल है, स्पष्ट रूप से मानसिक उत्पीड़न को दर्शाता है। अदालत ने माना कि यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि पति और उनके परिजनों को जेल हो तथा पति के पेशेवर जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 19 साल पुराने रिश्वत मामले में पूर्व बीएसएनएल एसडीओ को किया बरी, 2007 की सजा रद्द
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा वर्ष 2007 में सुनाई गई सजा को रद्द करते हुए पूर्व बीएसएनएल सब-डिविजनल ऑफिसर संजय कुमार शर्मा को रिश्वत लेने के आरोप से बरी कर दिया। एकलपीठ में सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति रजनी दुबे ने कहा कि केवल रकम की बरामदगी किसी को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं है, जब तक यह साबित न हो कि आरोपी ने रिश्वत की मांग की थी। सीबीआई के अनुसार, 20 जून 2003 को बिलासपुर में पदस्थ बीएसएनएल के एसडीओ संजय कुमार शर्मा को 40 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा गया था। आरोप था कि उन्होंने अक्षय कंस्ट्रक्शन के संचालक और ठेकेदार के.पी. अग्रवाल से लंबित बिलों के भुगतान के एवज में 80 हजार रुपये की मांग की थी। सीबीआई ने इसे रिश्वत की पहली किस्त बताया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि शिकायतकर्ता के.पी. अग्रवाल का ट्रायल के दौरान निधन हो गया था। इस कारण उनका प्रतिपरीक्षण (क्रॉस-एग्जामिनेशन) नहीं हो सका। अदालत ने माना कि प्रतिपरीक्षण के बिना गवाही की कानूनी मजबूती कमजोर हो जाती है। इसके अलावा शिकायतकर्ता के पुत्र उमेश अग्रवाल और अन्य गवाहों ने भी अभियोजन का साथ नहीं दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि सीबीआई यह साबित नहीं कर सकी कि आरोपी ने वास्तव में रिश्वत की मांग की थी। गवाहों ने भी स्वीकार किया कि उन्होंने न तो कोई बातचीत सुनी और न ही मांग होते देखा। ट्रायल के दौरान एक अन्य ठेकेदार सूर्यदेव दुबे की गवाही महत्वपूर्ण मानी गई, लेकिन वह भी रिश्वत की मांग को स्पष्ट रूप से साबित नहीं कर पाया। अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि केवल पैसे की बरामदगी के आधार पर दोष सिद्ध नहीं किया जा सकता। रिश्वत की मांग और स्वीकार करने के ठोस प्रमाण जरूरी हैं। इसी आधार पर वर्ष 2007 में सुनाई गई सजा को निरस्त करते हुए आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया।
केमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग, इलाके में मचा हड़कंप
राजनांदगांव। जिले के घुमका थाना क्षेत्र अंतर्गत जालबांधा के मोहंदी गांव में स्थित जया केमिकल फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई है। कुछ ही मिनटों में आग ने भयंकर रूप ले लिया है और फैक्ट्री परिसर में अफरा–तफरी का माहौल पैदा कर दिया है। घटना की सूचना मिलते ही घुमका थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर मौजुद है। दमकल कर्मी आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, घटना के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री परिसर को तुरंत खाली कराया और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया है। आग की लपटें इतनी तेज़ हैं कि दूर से भी दिखाई दे रही हैं। धुएं का गुबार आसमान तक फैल गया है, जिससे इलाके में भय का माहौल है। ग्रामीणों और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।
घुमका थाना प्रभारी विजय कुमार मिश्रा ने बताया कि आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता अभी नहीं चल पाया है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या किसी रासायनिक प्रतिक्रिया की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने बताया कि आग पर नियंत्रण पाने के लिए दमकल कर्मी और पुलिस लगातार प्रयास कर रहे हैं।
अधिकारियों ने कहा कि अभी तक किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है, लेकिन घटना स्थल पर सुरक्षा के पूर्ण इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन पूरी स्थिति पर निगरानी रख रहा है और आग पूरी तरह बुझने के बाद ही नुकसान का आंकलन किया जा सकेगा। फिलहाल आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं, और आसपास के इलाके में लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है।
छत्तीसगढ़ में अब बार-क्लब खोलना हुआ आसान, सरकार ने लाइसेंस फीस और बैंक गारंटी में की भारी कटौती, एयरपोर्ट पर भी मिलेगी शराब…
रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश की नई आबकारी नीति (Excise Policy) में बड़े बदलाव करते हुए होटल, रेस्टोरेंट और क्लब संचालकों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने नए व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाइसेंस फीस में भारी कमी की है, जिससे अब राज्य में बार खोलना पहले के मुकाबले काफी सस्ता हो जाएगा.
इन बड़े बदलावों पर एक नजर:
लाइसेंस फीस में 6 लाख की बचत: राज्य सरकार ने उन शहरों के लिए बड़ा फैसला लिया है जिनकी आबादी 7 लाख से अधिक है. यहां FL-2 (क) और FL-3 (क) श्रेणी के बार के लिए लाइसेंस शुल्क को 24 लाख रुपये से घटाकर 18 लाख रुपये कर दिया गया है.
बैंक गारंटी में भी राहत: केवल लाइसेंस फीस ही नहीं, बल्कि सरकार ने अनिवार्य बैंक गारंटी (Bank Guarantee) की राशि को भी कम कर दिया है. इससे नए कारोबारियों पर शुरुआती वित्तीय बोझ कम होगा और इन्वेस्टमेंट बढ़ेगा.
3-स्टार होटलों को फायदा: क्लबों के साथ-साथ थ्री-स्टार और उससे ऊपर की श्रेणी वाले होटलों की लाइसेंस फीस में भी रियायत दी गई है.
रायपुर एयरपोर्ट पर मिलेगी विदेशी शराब
इस नई नीति का सबसे चर्चित हिस्सा राजधानी रायपुर का स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डा है. साल 2026-27 के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत एयरपोर्ट पर बार खोलने की अनुमति दे दी गई है. एयरपोर्ट अथॉरिटी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलने के बाद अब यात्री वहां के रेस्टोरेंट्स में विदेशी शराब का आनंद ले सकेंगे. माना जा रहा है कि इस फैसले से पर्यटकों और यात्रियों के अनुभव में सुधार होगा.
समय में कोई बदलाव नहीं
भले ही फीस और नियमों में ढील दी गई है, लेकिन बार संचालन के समय को लेकर सख्ती बरकरार है. पूरे प्रदेश में बार पहले की तरह ही सुबह 11 बजे से रात 11 बजे तक ही संचालित किए जा सकेंगे. समय-सीमा में किसी भी तरह का विस्तार नहीं किया गया है.
सरकार के इस कदम को व्यापारिक दृष्टिकोण से ‘Ease of Doing Business’ को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है, जिससे पर्यटन और आबकारी राजस्व दोनों में बढ़ोतरी की उम्मीद है.
छत्तीसगढ़ का बजट 24 फरवरी को होगा पेश, वित्त मंत्री ओपी ने कहा- नई थीम और नए विजन के साथ आएगा बजट
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का 23 जनवरी से बजट सत्र शुरू होने जा रहा है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी 24 जनवरी को सदन के पटल पर अपनी सरकार के तीसरे बजट को पेश करेंगे. आगामी बजट सत्र को लेकर मंत्री ओपी ने बताया कि यह उनकी सरकार का तीसरा बजट होगा, जो नई थीम और नए विजन के साथ प्रस्तुत किया जाएगा.
मंत्री ने कहा कि बजट की रणनीति 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप तैयार की गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ विजन डॉक्यूमेंट की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम होगा. 2047 के लॉन्ग टर्म प्लान और शॉर्ट टर्म प्लानिंग के तहत बजट में स्पष्ट रोडमैप देखने को मिलेगा.
विपक्ष सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रहा : वित्त मंत्री ओपी
बजट को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि पूर्व में राजीव गांधी योजना के तहत चार किस्तों में राशि दी जाती थी, जबकि भाजपा सरकार हर साल उससे अधिक राशि दे रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पांच वर्षों में जितनी राशि नहीं दे पाई, उससे अधिक उनकी सरकार दे रही है। हर वर्ष 8000 करोड़ रुपए माता-बहनों के खातों में ट्रांसफर किए जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रहा है. सरकार विकास कार्यों पर केंद्रित है, जो विपक्ष को स्वीकार नहीं हो रहा.
VIP रोड में देर रात तक खुला रहा क्लब मिथ्या, पुलिस ने मैनेजर को किया गिरफ्तार, लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई तेज
रायपुर। रायपुर में कमिश्नरेट लागू होने के बाद पुलिस देर रात तक खुले होटल, ढाबा, बार, कैफे, पब और क्लबों पर लगातार सख्ती बरत रही है। इसी कड़ी में तय समय से अधिक संचालित पाए जाने पर वीआईपी रोड स्थित क्लब मिथ्या (Club Mithya) के मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है, वहीं संस्थान के लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, कमिश्नरेट लागू होने के बाद होटल, ढाबा, बार, कैफे, पब और क्लब संचालकों के साथ विभिन्न स्तरों पर बैठकें कर शासन द्वारा तय दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई है। इन निर्देशों के तहत सभी क्लबों और पबों को रात्रि 12 बजे तक अनिवार्य रूप से बंद करने के आदेश हैं।

इसी निर्देशों के पालन की जांच के लिए तेलीबांधा थाना क्षेत्र में नियमित रूप से रात में चेकिंग की जा रही है। 15 फरवरी की रात चेकिंग के दौरान वीआईपी रोड स्थित रेस्टोरेंट क्लब मिथ्या को रात करीब 12.50 बजे तक संचालित पाया गया। इस दौरान पुलिस ने मौके पर मौजूद संस्था के मैनेजर फैकी महु पिता पीयूष महु, उम्र 29 वर्ष, निवासी विशाल नगर, तेलीबांधा, रायपुर को नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया।
पुलिस ने मैनेजर के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक धाराएं 170/125, 135, 3(1) बीएनएसएस के तहत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद इस्तगाशा तैयार कर आरोपी को माननीय एसडीएम न्यायालय, रायपुर में पेश किया गया।
साथ ही नियमों के बार-बार उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए क्लब मिथ्या के गुमाश्ता लाइसेंस को निरस्त करने के लिए प्रतिवेदन तैयार किया गया है, जिसे वरिष्ठ कार्यालय के माध्यम से संबंधित विभाग को भेजा गया है।
बता दें कि इससे पहले भी 1 फरवरी को चेकिंग के दौरान क्लब मिथ्या को तय समय से अधिक संचालन करते पाया गया था, जिस पर लाइसेंस निरस्तीकरण का प्रतिवेदन पहले ही भेजा जा चुका है।
रायपुर को शहरी बाढ़ के खतरे से सुरक्षित करने की दिशा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल की बड़ी पहल
नई दिल्ली/रायपुर। राजधानी रायपुर में लंबे समय से चली आ रही जलभराव और शहरी बाढ़ की समस्याओं के निपटारे और बाढ़ के बढ़ते खतरे से स्थायी सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक निर्णायक कदम उठाते हुए रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से ₹220 करोड़ के व्यापक 'शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम' (Urban Flood Risk Management Program) को सैद्धांतिक मंजूरी देने का अनुरोध किया है।
श्री अग्रवाल ने पत्र में उल्लेख किया कि रायपुर शहर के लिए इस महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत ₹220 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति का प्रस्ताव NDMA को प्रस्तुत किया गया था। 10 नवंबर 2025 को जारी नवीन दिशानिर्देशों के अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा प्रस्ताव में आवश्यक संशोधन किए गए, जिसे 23 जनवरी 2026 को राज्य कार्यकारी समिति से विधिवत स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है।

तकनीकी सलाहकार समिति (TAC) द्वारा दिए गए सभी सुझावों एवं टिप्पणियों का समाधान करते हुए अनुपालन रिपोर्ट सहित संशोधित प्रस्ताव पत्र क्रमांक 504/पीडब्ल्यूडी/एनएनआर/2026 के माध्यम से पुनः प्रस्तुत किया गया है। इसके बावजूद अंतिम स्वीकृति लंबित है।
बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि, रायपुर के तेजी से होते शहरीकरण के कारण यहाँ का ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर (निकासी व्यवस्था) पीछे छूट गया है, जिससे मानसून के दौरान गंभीर जलभराव की स्थिति बन जाती है। भाठागांव, प्रोफेसर कॉलोनी और अवंती विहार जैसे निचले इलाकों के निवासियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, जहाँ भारी बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो जाती हैं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है।
बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि, "जुलाई 2025 में, रायपुर में 33 घंटों के भीतर 103 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई थी और प्रमुख चौराहे ठप हो गए थे। यह फंड शहर के स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को दूर करने में महत्वपूर्ण होगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि शहर में कहीं भी जलभराव न हो!"
यह नया ₹220 करोड़ का कार्यक्रम बुनियादी ढांचे की इन कमियों को दूर करने का लक्ष्य रखता है, जिसमें अस्थायी मरम्मत के बजाय एक वैज्ञानिक रूप से डिजाइन किया गया बाढ़ प्रबंधन तंत्र विकसित किया जाएगा जो अत्यधिक भारी बारिश को झेलने में सक्षम होगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री से अनुरोध किया है कि रायपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र को मानसून के दौरान होने वाली जलभराव और बाढ़ की गंभीर समस्या से बचाने के लिए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश दिए जाएं।
यह पहल श्री अग्रवाल की दूरदर्शिता, जनहित के प्रति उनकी संवेदनशीलता और राजधानी रायपुर के सुरक्षित एवं सतत विकास के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है। शहरी बाढ़ प्रबंधन योजना के क्रियान्वयन से न केवल नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि शहर के बुनियादी ढांचे को भी दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।
