

रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने दंतेवाड़ा, बीजापुर समेत 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं रायपुर, दुर्ग सहित 15 जिलों में बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 13 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य क्षेत्र में लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है। इसके असर से आज से पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। खासकर बस्तर संभाग में अगले 3 दिन लगातार बरसात की संभावना है।
राज्य में अब तक औसत से 66% कम बारिश दर्ज की गई है। 1 अगस्त से 11 अगस्त के बीच केवल 141 मिमी वर्षा हुई है। रविवार को प्रदेश का सबसे अधिक तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज हुआ, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रहा।
रायपुर। न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल ने आज सुबह छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण किया। छत्तीसगढ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा द्वारा अपने न्यायालय कक्ष मे उन्हें शपथ दिलाई गयी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के समस्त न्यायाधीशगण उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि विधि एवं विधायी कार्य विभाग नई दिल्ली द्वारा 07 अगस्त 2025 को न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किए जाने हेतु अधिसूचना जारी की गई है।
इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम में महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन. भारत, डिप्टी सॉलिसिटर जनरल रमाकान्त मिश्रा, अध्यक्ष उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ, उमाकांत चंदेल, वरिष्ठ अधिवक्तागण, उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के पदाधिकारीगण, अधिवक्तागण, रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री न्यायिक एकेडमी एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहे।
रायपुर। रायपुर लोकसभा सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ को प्रतिपूरक वनरोपण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (CAMPA) से अब तक ₹827.92 करोड़ की बकाया राशि का भुगतान न होने पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह द्वारा सांसद बृजमोहन को दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले पाँच वित्तीय वर्षों में छत्तीसगढ़ से ₹1717.74 करोड़ की राशि CAMPA को प्राप्त हुई है, जो 36 राज्यों में छठा सबसे बड़ा योगदान है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी छत्तीसगढ़ देश का पाँचवाँ सबसे बड़ा कोष योगदानकर्ता रहा है।
राज्य की पिछले पाँच वर्षों की विभिन्न वार्षिक संचालन योजनाओं को कुल ₹4409.14 करोड़ की स्वीकृति दी गई, लेकिन इसके विरुद्ध केवल ₹3581.22 करोड़ की ही राशि जारी की गई है। इस प्रकार ₹827.92 करोड़ की राशि अभी भी बकाया है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि CAMPA एक महत्वपूर्ण संस्थान है, जो विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। खदानों, बाँधों और उद्योगों जैसी गैर-वन परियोजनाओं के लिए दी गई अनुमति के बदले कंपनियों से प्राप्त यह कोष प्राकृतिक वनीकरण, कृत्रिम वनीकरण, रखरखाव, संरक्षण और आधुनिक वन अनुसंधान संस्थानों की स्थापना में लगाया जाता है।
उन्होंने कहा कि बकाया राशि का शीघ्र भुगतान करते हुए प्रदेश में वनीकरण के साथ-साथ वनों के आधुनिक शोध संस्थान स्थापित किए जाने चाहिए, जिससे प्रदेश की हरियाली और वन संपदा में वृद्धि हो सके।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला अंतर्गत सारंगढ़ के शासकीय लोचन प्रसाद पांडे महाविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 96 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और 90 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन कर जिले को 186 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले में विभिन्न जनसुविधाओं के विस्तार के लिए 13.40 करोड़ रुपये के विभिन्न कार्यों की घोषणा मंच से की।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि सांसद के रूप में उन्होंने लंबे समय तक सारंगढ़ की सेवा की है और अब प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में छत्तीसगढ़ को विकास पथ आर अग्रसर करने के दायित्व को विगत डेढ़ वर्षों से पूर्ण लगन और समर्पण के साथ निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को पूरा करने की दिशा में सरकार द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3,100 रुपये की दर से खरीदा जा रहा है। 18 लाख प्रधानमंत्री आवास निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है और तीव्र गति से हितग्राहियों के मकानों का निर्माण हो रहा है, जिसकी गति इतनी तेज है कि गांवों में राजमिस्त्री और सेंटरिंग प्लेट की भी कमी महसूस होने लगी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना से प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है। हर माह मिलने वाली राशि से महिलाएं अपना खुद का व्यवसाय भी प्रारंभ कर रही हैं। सारंगढ़ जिले के दानसरा की माताओं और बहनों ने महतारी वंदन की राशि से अपने गांव में राम मंदिर निर्माण की पहल की है, जिसे आज पूरा प्रदेश जानता है। तेंदूपत्ता खरीदी के दाम बढ़ाए गए हैं। 5.62 लाख कृषि भूमिहीन मजदूरों को 10-10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। श्री रामलला दर्शन योजना से अब तक 22 हजार श्रद्धालु अयोध्याधाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं।
राजस्व और जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि हमारी सरकार पिछले डेढ़ वर्षों में प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सभी जगह विकास कार्यों को गति देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में करोड़ों की विकास कार्यों की सौगात मिलने से यहां जनसुविधाओं में वृद्धि होगी।
सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में विकास कार्यों और अधोसंरचना विस्तार के कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ पीएम आवास जैसे कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जा रहा है।
जगदलपुर विधायक किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनकल्याणकारी कार्यों को जमीन पर उतारने के साथ प्रदेश में विकास कार्यों को नई ऊंचाई देने का कार्य मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में निरंतर जारी है।सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को 186 करोड़ की सौगात मिली है, जो जिले में अधोसंरचना विकास को मजबूती प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर भारत माता चौक से गढ़ चौक होते हुए कोसीर चौक तक गौरव पथ निर्माण हेतु 5 करोड़ रुपये, नगर पालिका सारंगढ़ में गार्डन निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपये, सारंगढ़ में पी.जी. कॉलेज हेतु भवन निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये, इंडोर स्टेडियम सारंगढ़ के जीर्णोद्धार हेतु 2.5 करोड़ रुपये, बालक छात्रावास सारंगढ़ के मरम्मत हेतु 1 करोड़ रुपये, नवीन जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा हेतु कक्ष निर्माण के लिए 40 लाख रुपये, बस स्टैंड सारंगढ़ में सुविधा विस्तार हेतु 50 लाख रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के जेलों में क्षमता से कहीं अधिक कैदियों के बंद होने का मामला एक बार फिर हाईकोर्ट की निगरानी में आ गया है। सोमवार को चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच में इस मामले पर सुनवाई हुई, जिसमें प्रदेश की जेलों की वास्तविक स्थिति, निर्माण कार्य और सुधारात्मक कदमों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न केंद्रीय और जिला जेलों की कुल क्षमता लगभग 15 हजार कैदियों की है, लेकिन इनमें 20 हजार 500 से अधिक कैदी बंद हैं। यह स्थिति न केवल भीड़भाड़ बढ़ा रही है, बल्कि कैदियों और जेल प्रशासन दोनों के लिए गंभीर सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां खड़ी कर रही है।
सुनवाई के दौरान शासन की ओर से बताया गया कि भीड़ को कम करने के लिए नए जेलों के निर्माण का कार्य तेज़ किया गया है। विशेष रूप से बेमेतरा जिले में नए जेल का निर्माण कार्य लगभग पूर्णता की ओर है और इसी माह इसे तैयार कर लिया जाएगा। शासन का दावा है कि इसके शुरू होने से प्रदेश के जेलों पर दबाव कुछ हद तक कम होगा।
वहीं, बिलासपुर में प्रस्तावित नए जेल का मामला बार-बार टेंडर प्रक्रिया में अटक रहा है। शासन ने कोर्ट को बताया कि बिलासपुर के नए जेल के लिए सातवीं बार टेंडर जारी किया जाएगा। पहले के टेंडर या तो तकनीकी कारणों से निरस्त हो गए या फिर पर्याप्त योग्य ठेकेदार सामने नहीं आए।
हाईकोर्ट ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि कैदियों की संख्या क्षमता से अधिक होना न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि जेल सुधार व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। कोर्ट ने शासन को निर्देश दिया है कि 16 सितंबर तक शपथपत्र के माध्यम से विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, जिसमें सभी जिलों के जेलों की वर्तमान क्षमता, कैदियों की संख्या, निर्माणाधीन और प्रस्तावित नए जेलों की स्थिति, और भीड़ कम करने के लिए उठाए जा रहे कदमों का स्पष्ट ब्यौरा हो।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर लागू शाला-शिक्षक युक्तियुक्तकरण नीति ने प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की नई इबारत लिखी है। इस नीति के तहत प्रदेशभर के शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों का संतुलित वितरण सुनिश्चित किया गया है, जिससे अब कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है और बच्चों को समान व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल रहा है।
गौरतलब है कि युक्तियुक्तकरण से पूर्व प्रदेश के कुल 453 विद्यालय शिक्षक विहीन थे। युक्तियुक्तकरण के पश्चात एक भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है। इसी प्रकार युक्तियुक्तकरण के बाद प्रदेश के 4,728 एकल-शिक्षकीय विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। इस कदम से न केवल कक्षाओं का संचालन नियमित हुआ है, बल्कि बच्चों की उपस्थिति और पढ़ाई के प्रति उत्साह में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
इसका सकारात्मक असर सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड स्थित प्राथमिक शाला बगडीहपारा में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जहां हाल ही में दो शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। नवपदस्थ शिक्षक रंजीत खलखो ने बताया कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया में उन्हें अपनी पसंद के विद्यालय चुनने का अवसर मिला और उन्होंने दूरस्थ बगडीहपारा को इसलिए चुना क्योंकि वे ग्रामीण अंचलों के बच्चों को शिक्षित करना अपना दायित्व और सौभाग्य मानते हैं। दो शिक्षकों की उपलब्धता से विद्यालय में सभी विषयों की पढ़ाई नियमित रूप से हो रही है, जिससे बच्चों की सीखने की गति तेज हुई है और अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ा है। अब वे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेज रहे हैं, जिससे उपस्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है।
इसी प्रकार मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के मानपुर विकासखंड का ग्राम कमकासुर इसका ताजा उदाहरण है। जिला मुख्यालय से 65-70 किलोमीटर दूर स्थित इस नक्सल प्रभावित वनांचल में 14 बच्चों की दर्ज संख्या वाली प्राथमिक शाला पिछले एक वर्ष से शिक्षक विहीन थी। शासन की युक्तियुक्तकरण पहल से यहां प्रधान पाठक की पदस्थापना हुई, जिससे बच्चों की पढ़ाई फिर से शुरू हुई और ग्रामीणों में शिक्षा को लेकर नया उत्साह लौट आया।
इसी तरह सक्ती जिले के ग्राम भक्तूडेरा में भी युक्तियुक्तकरण से बड़ा बदलाव आया। वर्षों से एकल शिक्षक पर निर्भर यह प्राथमिक शाला अब दो शिक्षकों से संचालित हो रही है। इससे बच्चों की पढ़ाई व्यवस्थित हुई, उपस्थिति बढ़ी और अभिभावकों का भरोसा मजबूत हुआ।
राज्य शासन की यह पहल न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार कर रही है, बल्कि यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रदेश के सबसे सुदूर और पिछड़े क्षेत्रों के बच्चे भी उज्ज्वल और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर अग्रसर हों।
रायपुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा संसद की कार्यवाही में लगातार व्यवधान डालने को जनता के साथ धोखा करार दिया है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस ने पिछले 50 वर्षों में वोट चोरी, फर्जी वोट और बोगस मतदान के माध्यम से सरकारें बनाई हैं। अब जब जनता ने उन्हें नकार दिया है, तो वे अपनी हार से घबराए हुए हैं। कर्नाटक में स्वयं राहुल गांधी ने वोट चोरी की बात स्वीकार की है, जो उनके राजनीतिक चरित्र का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल सदन की कार्यवाही नहीं चलने दे रहे, जिससे जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों और सरकारी बिलों पर चर्चा बाधित हो रही है। यह उनकी नाकामी है, जिसे छुपाने के लिए वे सड़कों पर मार्च निकाल रहे हैं।
श्री अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि जनता सब जानती है, उसने तीसरी बार नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनाया है और 19 राज्यों में भाजपा की सरकार बनाकर विपक्ष को करारा जवाब दिया है। अब विपक्ष के इन मार्चों से जनता पर कोई असर नहीं पड़ने वाला, बल्कि आने वाले चुनाव में वह इन्हें फिर से सबक सिखाएगी।
रायपुर। भूपेश बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने ED की जांच पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। इस आदेश के बाद भूपेश बघेल की मुश्किलें और भी बढ़ गयी है।
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की आगे की जांच की शक्तियों को चुनौती दी थी।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धारा 44 को ‘रीड डाउन’ करने की मांग की थी, ताकि ED को पहली शिकायत दर्ज होने के बाद विशेष परिस्थितियों में और कोर्ट की अनुमति के साथ ही आगे की जांच का अधिकार हो। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद भूपेश बघेल के पक्ष को खारिज कर दिया।
बघेल ने मांग की थी कि PMLA की धारा 44 (Section 44 of PMLA) को ‘रीड डाउन’ किया जाए और पहली शिकायत दर्ज होने के बाद ED सिर्फ विशेष परिस्थितियों में, अदालत की अनुमति और जरूरी सुरक्षा उपायों के साथ ही आगे जांच कर सके।जस्टिस सूर्यकांत (Justice Suryakant) और जस्टिस जॉयमाल्या बागची (Justice Joymalya Bagchi) की बेंच ने कहा कि इस प्रावधान में कोई खामी नहीं है।
जस्टिस बागची ने साफ कहा — “The devil is not in the law but in the abuse” यानी गलती कानून में नहीं, बल्कि उसके गलत इस्तेमाल में है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच अपराध के संबंध में होती है, न कि केवल आरोपी के खिलाफ। सच्चाई तक पहुंचना ही जांच का उद्देश्य है और इस प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं डाली जा सकती।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने कहा कि ED बार-बार पूरक शिकायत (Supplementary Complaint) दर्ज करती है, जिससे ट्रायल में देरी होती है। इस पर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि आगे की जांच कई बार आरोपी के हित में भी हो सकती है, बशर्ते इसका दुरुपयोग न हो।
जस्टिस बागची ने यह भी कहा कि आगे की जांच के लिए ED को विशेष PMLA कोर्ट से पूर्व अनुमति लेनी चाहिए। अगर एजेंसी ऐसा नहीं कर रही है, तो समस्या कानून में नहीं, बल्कि उसके पालन में है।सुप्रीम कोर्ट ने बघेल की याचिका खारिज करते हुए उन्हें हाईकोर्ट जाने की छूट दी। कोर्ट ने याद दिलाया कि विजय मदनलाल चौधरी (Vijay Madanlal Choudhary) केस में पहले ही कहा गया है कि कोर्ट की अनुमति से आगे के सबूत लाए जा सकते हैं। अगर ED ने इन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है, तो आरोपी सीधे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है।
छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) को लेकर एक अहम निर्णय लिया है। बोर्ड ने आदेश जारी कर कहा है कि राज्यभर की सभी मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों में इस दिन राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा।
बोर्ड की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि देश की आज़ादी के इस पर्व पर सभी लोग स्वतंत्रता दिवस के महत्व को समझते हुए इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। वक्फ बोर्ड ने अपील की है कि लोग इस अवसर पर देशभक्ति, आपसी एकता और भाईचारे का परिचय दें और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाएं।
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने इस आदेश को अनुमोदित किया है। उनका कहना है कि तिरंगा न केवल हमारे स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक है बल्कि यह हर भारतीय की अस्मिता और गर्व का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त का दिन हमें देश के उन वीरों के बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने आज़ादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

सूरजपुर। ज़िले की स्वास्थ्य सेवाओं की सच्चाई एक बार फिर चौंकाने वाली तस्वीर के रूप में सामने आई है। भटगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही की हद उस समय पार हो गई, जब एक गर्भवती महिला को बिना किसी चिकित्सकीय देखरेख के अस्पताल के फर्श पर बच्चे को जन्म देना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, महिला दर्द से कराहते हुए अस्पताल पहुंची, लेकिन वहां न कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही कोई नर्स। करीब पांच घंटे तक वह अस्पताल परिसर में तड़पती रही। इस दौरान किसी ने उसकी सुध नहीं ली और आखिरकार उसे अस्पताल के फर्श पर ही नवजात को जन्म देना पड़ा।
घटना के लगभग पांच घंटे बाद एक डॉक्टर अस्पताल पहुंचे, जिन्होंने औपचारिक जांच के बाद मां और बच्चे को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस अमानवीय रवैये ने पूरे स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही को उजागर कर दिया है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस क्षेत्र को राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र का दर्जा प्राप्त है और यह पूरा मामला राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विधानसभा क्षेत्र का है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की जिम्मेदारी मंत्री के कंधों पर है, ऐसे में इस तरह की घटना का घटित होना गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री ने इस मामले में जांच की बात कही है। उन्होंने कहा कि वो पूरी जानकारी मंगवा रहे हैं।
रायपुर। स्वतंत्रता दिवस पर सीएम विष्णु देव साय रायपुर, और केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू बस्तर में झंडा फहराएंगे। स्पीकर डॉ रमन सिंह राजनांदगांव में झंडा वंदन करेंगे। भारत में स्वतंत्रता दिवस केवल एक तिथि या औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह उस संघर्ष, बलिदान और एकता का प्रतीक है।
जिसने हमें एक आज़ाद और संप्रभु राष्ट्र बनाया। 15 अगस्त 1947 को मिली आज़ादी के बाद से हर साल यह दिन हमें न केवल अंग्रेजी हुकूमत के अंत की याद दिलाता है, बल्कि यह भी सिखाता है कि स्वतंत्रता की रक्षा और उसका सम्मान करना हमारी जिम्मेदारी है।


रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और महान समाजसेविका स्वर्गीय मिनीमाता की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन निस्वार्थ सेवा, अटूट साहस और सामाजिक परिवर्तन का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मिनीमाता ने वंचित वर्गों, महिलाओं, दलितों और गरीबों के अधिकारों की रक्षा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया और समाज में सम्मान, समानता एवं न्याय की नींव मजबूत की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्मरण किया कि संसद में अपने कार्यकाल के दौरान मिनीमाता जी ने बाल विवाह, दहेज प्रथा और छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सशक्त और निर्भीक स्वर उठाया। उन्होंने मजदूरों के अधिकारों की रक्षा, महिला शिक्षा के प्रसार और सामाजिक समानता की स्थापना के लिए जो योगदान दिया, वह इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में दर्ज है। उनकी सादगी, संवेदनशीलता और सेवाभाव ने उन्हें जनमानस में अमिट स्थान दिलाया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मिनीमाता की विचारधारा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के वर्तमान और भविष्य के लिए प्रकाशस्तंभ की तरह है। उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर, भाईचारे, समानता और न्याय पर आधारित एक सशक्त, समावेशी और प्रगतिशील छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
रायपुर। सारंगढ़-बिलागढ़ दौरे पर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री साय के हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आ गई है. हेलीकॉप्टर से उतरकर सीएम साय वेटिंग रूम में इंतजार कर रहे हैं. उनके साथ क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव भी मौजूद हैं.
फिलहाल तकनीकी दल हेलीकॉप्टर की जांच कर समस्या ठीक करने में जुटा है. बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सारंगढ़-बिलाईगढ़ और महासमुंद जिले का दौरा करेंगे. सारंगढ़-बिलाईगढ़ के चंदायी में तिरंगा यात्रा में होंगे शामिल. वहीं वे महासमुंद में सिंदूर पार्क का शुभारंभ करेंगे और वृहद वृक्षारोपण चरण पादुका कार्यक्रम में शामिल होंगे.
बालोद। जिले में बेकाबू यात्री बस सड़क किनारे दुकान में जा घुसी. चपेट में आने से किसान का ट्रैक्टर क्षतिग्रस्त हो गया है. हादसे के बाद से ड्राइवर मौके से फरार हो गया है. राहत की बात यह है कि किसी प्रकार की जनहानि इस हादसे में नहीं हुई है. घटना गुरुर थाना क्षेत्र की है.
जानकारी के अनुसार, जगदलपुर की ओर से आ रही यात्री बस (CG 19 F 2277) रायपुर की तरफ जा रही थी. इस बीच नेशनल हाईवे 30 ओर कोचवाही गांव के पास बस बेकाबू होकर सड़क किनारे दुकान में घुस गई.
यह हादसा सुबह करीब 4 बजे की बताया जा रहा है. हादसे में कोई जनहानि की सूचना नहीं है. घटनास्थल पर खड़े ट्रैक्टर को नुकसान पहुंचा है. वहीं घटना की जानकारी पुलिस को दे दी गई है.
रायपुर। दिल्ली से रायपुर आ रही विस्तारा की फ्लाइट AI-2797 में तकनीकी खराबी आने से यात्रियों में हड़कंप मच गया. रायपुर एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद फ्लाइट का गेट नहीं खुल पाया, जिससे यात्री करीब एक घंटे तक अंदर फंसे रहे. यात्रियों में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव भी शामिल थे. मौके पर लोगों में अफरा-तफरी मच गई. लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इंडिगो के इंजीनियर्स ने फ्लाइट अटेंड कर गेट को खोला, जिसके बाद यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकला गया.
जानकारी के मुताबिक, विस्तारा की फ्लाइट AI-2797 को शाम 7:50 बजे बजे दिल्ली से रायपुर आना था. लेकिन देरी के कारण फ्लाइट रायपुर एयरपोर्ट पर रात 10:15 बजे पहुंची. लेकिन इसके बाद हड़कंप तब मच गया, जब फ्लाइट का गेट नहीं खुला. बताया जा रहा है कि करेंट सप्लाई फेल होने के कारण गेट नहीं खुल रहा था. इसके बाद भीतर यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. फ्लाइट में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव भी मौजूद थे.
करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद इंडिगो एयरलाइन के इंजीनियरों की मदद से गेट को खोला गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना के दौरान विमान के अंदर यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल था, जबकि बाहर इंतजार कर रहे परिजन भी परेशान हुए.
भिलाई नगर। सिडनी विश्वविद्यालय में अध्ययनरत भारतीय छात्रा इस्पात नगरी भिलाई की बिटिया इशिका सिंह ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्हें कॉलेजिएट बिजनेस स्कूलों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सम्मान संस्था बीटा गामा सिग्मा की सदस्यता के लिए चुना गया है। बीटा गामा सिग्मा एक ऐसी संस्था है जो व्यवसायिक शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सदस्यता प्रदान करती है।
यह सदस्यता केवल उन छात्रों को मिलती है जो अपने बैच के टॉप 10% में आते हैं और जिन्होंने शिक्षा, नेतृत्व व नैतिक मूल्यों में उच्च मानक स्थापित किए हों। इशिका सिंह का चयन, सिडनी विश्वविद्यालय में उनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता, समर्पण और नेतृत्व क्षमताओं के आधार पर किया गया है। यह सम्मान उनके लिए ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी गर्व की बात है।

बीटा गामा सिग्मा की सदस्यता आज वैश्विक स्तर पर एक प्रेस्टीज सिंबल मानी जाती है। इसके सदस्य दुनिया के प्रतिष्ठित कंपनियों, संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों में नेतृत्व भूमिका निभा रहे हैं। इसके सदस्य विश्वविद्यालयों और बिजनेस स्कूलों के सर्वश्रेष्ठ छात्र होते हैं। इशिका सिंह को यह सम्मान 29 अक्टूबर 2025,को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एक समारोह में प्रदान किया जाएगा।

एक अंतरराष्ट्रीय मानद व्यवसाय सम्मान
बीटा गामा सिग्मा के भारत में 8000 सदस्य हैं वही वैश्विक स्तर पर 9 लाख सदस्य हैं। यह उन छात्रों और बिजनेस स्कूलों को मान्यता देती है जो उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों को पूरा करते हैं। वहीं यह सर्टिफिकेट उन छात्रों को दिया जाता है जिन्होंने मान्यता प्राप्त बिजनेस स्कूलों से स्नातक की उपाधि प्राप्त की है और जिन्होंने शैक्षणिक उत्कृष्टता और नेतृत्व गुणों का प्रदर्शन किया है।
शिक्षक और शुभचिंतकों ने दी बधाई-उनकी इस सफलता पर पिता तथा भिलाई ट्रक टेलर्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के महासचिव मलकित सिंह लल्लू, अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, शिक्षक, परिवार के सदस्यों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है। इशिका ने भी इस सम्मान को अपनी मेहनत, परिवार के सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम बताया।
दुर्ग। छत्तीसगढ़ पुलिस की ऑपरेशन मुस्कान ने कई मायूस परिवारों के चेहरों पर एक बार फिर मुस्कान लौटाई है। गुमशुदा बच्चों को तलाशने और सकुशल बरामद करने की कड़ी में दुर्ग पुलिस ने पूरे प्रदेश में अपना पहला स्थान बनाया है। जुलाई 2025 में चलाए गए ऑपरेशन मुस्कान में दुर्ग पुलिस ने 181 गुमशुदा बच्चों का सकुशल बरामद कर उनके परिवार से मिलाने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस अभियान में विशेष भूमिका निभाने वाले 8 थाना प्रभारियों को एसएसपी विजय अग्रवाल ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ पुलिस ऑपरेशन मुस्कान के जरिये गुमशुदा बच्चों की तलाशी अभियान चला रही है। इस अभियान का ही असर है कि आज पुलिस की कड़ी मेहनत से लापता हुए बच्चों को सकुशल बरामद कर उनके परिवार को सौंपकर नई खुशियां दी जा रही है। दुर्ग पुलिस द्वारा भी ऑपरेशन मुस्कान के जरिये जुलाई माह में कुल 181 गुमशुदा बच्चों को सकुशल बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। दुर्ग पुलिस के ऑपरेशन मुस्कान के तहत मिले बच्चों में 31 बालक और 150 बालिकाएं शामिल हैं। जिन्हे सकुशल बरामद कर पुलिस ने उनके परिवार को सुपुर्द किया गया।
एसएसपी विजय अग्रवाल के दिशा निर्देश पर पुलिस टीम लापता बच्चों की खोजबीन के लिए हर गुमशुदा बच्चे के घर जाकर परिजनों से जानकारी जुटाई। इसके साथ ही हर मामले की अलग से समीक्षा की गई। संभावित स्थानों की सूची बनाकर विशेष टीमों का गठन किया गया। जिसके बाद पुलिस की टीमें छत्तीसगढ़ के साथ ही दूसरे राज्यों में जाकर बच्चों को पता लगाकर उन्हे सकुशल बरामद किया गया। इनमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, ओडिशा, राजस्थान, झारखंड, मध्यप्रदेश, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश तक पुलिस की टीम पहुंची। इन राज्यों से 28 बच्चों को सकुशल बरामद किया गया।
प्रदेशव्यापी इस अभियान में दुर्ग पुलिस ने सबसे अधिक बच्चों को बरामद करके पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। एसएसपी अग्रवाल ने कहा कि गुमशुदा बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाना पुलिस का मानवीय कर्तव्य है और यह सफलता हमारी टीम के निरंतर प्रयास का परिणाम है। एसएसपी विजय अग्रवाल ने इस अभियान में अहम भूमिका अदा करने वाले थानेदारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में विजय यादव (थाना सुपेला), राजेश मिश्रा (थाना जामुल), आनंद शुक्ला (थाना खुर्सीपार), अंबर भारद्वाज (थाना पुरानी भिलाई), राजेश साहू (थाना मिलाई भट्ठी), राम नारायण ध्रुव (थाना अमलेश्वर), पारस सिंह ठाकुर (थाना नंदनी नगर) और अमित अंदानी (थाना वैशाली नगर) शामिल हैं।
रायपुर। कांग्रेस पार्टी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बाद मतदाता सूची में भारी हेरफेर को लेकर गंभीर चिंताएं उठाई हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि इन चिंताओं को राहुल गांधी ने 7 अगस्त 2025 को एआईसीसी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान और भी स्पष्ट रूप से रखा, जहाँ उन्होंने मतदाता सूचियों में भयानक अनियमितताओं का खुलासा किया। उनके खुलासे इस बात की ओर इशारा करते हैं कि किस हद तक और कितनी सटीकता से चुनावी धोखाधड़ी की जा रही है - वह भी भारत के चुनाव आयोग की नाक के नीचे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा क्षेत्र की स्वतंत्र जांच पर आधारित हैं, जहाँ 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा। इस क्षेत्र में कांग्रेस 7 में से 6 विधानसभा क्षेत्रों में विजयी रही, जबकि भाजपा केवल एक विधानसभा क्षेत्र महादेवपुरा में भारी बहुमत से जीती और इसी के आधार पर उसे लोकसभा सीट मिल गई। अब यह सामने आया है कि केवल इस एक विधानसभा क्षेत्र में ही 1,00,250 वोटों के साथ धांधली की गई।
महादेवपुरा में मतदाता सूची में की गई हेराफेरी मुख्यतः पाँच तरीकों से की गई-
1. डुप्लीकेट मतदाता - एक ही व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में कई बार दर्ज। कुल 11,965 डुप्लीकेट नाम मिले।
2. फर्ज़ी पते - पता या तो है ही नहीं या “0” जैसा कुछ दर्ज है। कुल 40,009 मतदाता फर्ज़ी पते पर पंजीकृत थे।
3. एक ही पते पर बड़ी संख्या में मतदाता - 10,452 मतदाता ऐसे एक ही पते पर दर्ज हैं जहाँ बड़ी संख्या में लोगों का नाम है।
4. अवैध फ़ोटोग्राफ़- अत्यधिक धुंधली या बहुत छोटी फोटो। कुल 4,132 प्रविष्टियाँ ऐसी थीं।
5. फॉर्म 6 का दुरुपयोग - जो पहली बार मतदाता बनने वालों के लिए होता है, उसका दुरुपयोग कर 33,692 फर्जी नाम जोड़े गए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि इन आँकड़ों से भी ज़्यादा गंभीर बात यह है कि इन प्रविष्टियों को देखकर साफ़ पता चलता है कि भारत के चुनाव आयोग द्वारा निष्पक्ष चुनाव के नाम पर कैसी भयानक लापरवाही की जा रही है। उदाहरण के तौर पर, गुरकीरत सिंह डंग नामक व्यक्ति एक ही विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में चार बार अलग-अलग ईपीआईसी आईडी से दर्ज है। आदित्य श्रीवास्तव नामक मतदाता महादेवपुरा, मुंबई और लखनऊ तीनों स्थानों में एक ही ईपीआईसी आईडी से पंजीकृत है। हजारों प्रविष्टियों में पता “0”, “-” या कोई अस्तित्वहीन नाम दिया गया है। एक छोटे से कमरे में 80 मतदाता दर्ज हैं, और ज़मीनी सत्यापन में पाया गया कि वहाँ कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था।
हमारी टीम ने सात फीट ऊँची फाइलों को हाथ से खंगाल कर यह जानकारी एकत्र की। निष्कर्ष यह है कि यदि केवल महादेवपुरा को हटा दिया जाए, तो कांग्रेस प्रत्याशी मंसूर अली ख़ान, भाजपा के पी.सी. मोहन को बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट पर 82,000 वोटों से हरा देते। लेकिन महादेवपुरा में हुए 1,00,250 वोटों की चोरी के कारण भाजपा यह सीट 32,707 वोटों से जीत गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि यदि इसे राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में देखा जाए तो स्थिति और भी भयावह है। 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी को केवल 22,779 वोटों के अंतर से 8 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा, जिससे भाजपा को बहुत कम बहुमत से सरकार बनाने का मौका मिल गया। महाराष्ट्र में 2024 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले 5 महीनों में मतदाता सूची में उतने नए मतदाता जोड़े गए जितने पिछले 5 वर्षों में भी नहीं जोड़े गए थे कृ लगभग 41 लाख नए नाम जुड़ गए। इससे मतदाता संख्या राज्य की वयस्क जनसंख्या से भी अधिक हो गई। मतदान के दिन शाम 5 बजे के बाद अचानक वोटिंग प्रतिशत में अस्वाभाविक उछाल देखा गया। ये सभी घटनाएं एक व्यवस्थित चुनावी हेरफेर की ओर इशारा करती हैं।
2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने 25 ऐसी सीटें जीतीं जहाँ जीत का अंतर 33,000 से कम था और सत्ता में बने रहने के लिए भी भाजपा को सिर्फ़ 25 सीटों की ज़रूरत थी। अतः राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों को अलग-थलग नहीं देखा जा सकता। यह भारत में चुनावों की वैधता और लोकतंत्र के स्वास्थ्य से जुड़े हुए हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने इन मुद्दों को कई बार चुनाव आयोग के सामने उठाया है। राहुल गांधी ने 3 फरवरी, 10 मार्च को संसद में यह मुद्दा उठाया और 7 जून 2025 को विभिन्न समाचार पत्रों में एक लेख भी लिखा। 7 फरवरी को इंडिया गठबंधन की एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी हुई थी और कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग को चार औपचारिक पत्र लिखकर डिजिटल मतदाता सूची और संबंधित डेटा उपलब्ध कराने की माँग की थी। लेकिन चुनाव आयोग ने सहयोग करने के बजाय सच्चाई को दबाने का प्रयास किया। आयोग ने सीसीटीवी फुटेज की सार्वजनिक पहुंच को प्रतिबंधित करने के लिए नियम बदल दिए और यहां तक कि 45 दिनों के भीतर वीडियो सबूत नष्ट करने का आदेश भी जारी किया। हमने महाराष्ट्र की मशीन-पठनीय मतदाता सूची की माँग की, लेकिन आयोग ने इसे “अस्वीकार्य” बताकर ठुकरा दिया।
अब यह स्पष्ट हो गया है कि चुनाव आयोग जानबूझकर मतदाता सूची को ऐसे प्रारूप में उपलब्ध कराता है जिसे मशीन से पढ़ा न जा सके। वह ठीक उसी प्रकार की प्रणालीगत जाँच से बचना चाहता है जिसे हम कर रहे हैं। आयोग जानता है कि उसने भारत के चुनावों से समझौता किया है और वह भयभीत है कि कांग्रेस पार्टी देश की जनता के सामने क्या उजागर कर सकती है। इसी कारण से चुनाव आयोग ने विपक्ष के प्रति दुराग्रह अपनाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया भी इसी प्रवृत्ति का हिस्सा है। कर्नाटक और महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोगों ने विपक्ष के नेता से हलफ़नामे के साथ दस्तावेज़ी प्रमाण माँगे हैं। इस प्रक्रिया में, वे यह स्वीकार करने से इंकार कर रहे हैं कि अब जबकि राहुल गांधी ने पुख्ता सबूत पेश कर दिए हैं, प्रमाण देने का दायित्व विपक्ष पर नहीं बल्कि चुनाव आयोग पर है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि चुनाव आयोग यदि अपनी निष्पक्षता को प्रमाणित करना और अपनी विश्वसनीयता को पुनःस्थापित करना चाहता है, तो उसे दो स्पष्ट माँगों पर तत्काल कार्रवाई करनी होगीः
1. चुनाव आयोग को मशीन-पठनीय मतदाता डेटा तत्काल सार्वजनिक करना चाहिए।
2. चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
साथ ही चुनाव आयोग राहुल गांधी के उठाये सवालों का जवाब दे। विपक्ष ने अपना काम कर दिया है। अब यह चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह देश की जनता के सामने सच्चाई रखे और हमारे लोकतंत्र में लोगों का विश्वास फिर से कायम करे।
स्वामित्व : कोदंड मीडिया हाउस
संपादक : देवेंद्र गुप्ता
Phone No. : 0771-4046268
Mobile No. : 9039010330
Email : ramraj1008.bharat@gmail.com
पता : सेक्टर -2, दीनदयाल उपाध्याय नगर,रायपुर छत्तीसगढ़ ।
सिटी ऑफिस "रामराज" - सेंट्रल स्कूल के पास, सेक्टर
4, दीनदयाल उपाध्याय नगर, रायपुर (छत्तीसगढ़)
Copyright © 2021-2026. Ram Raj | All Rights Reserved.