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मुख्यमंत्री साय ने बीजपुर मुठभेड़ में शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, कहा-
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बिलासपुर के अटल बिहारी बाजपेई विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षांत समारोह में शमिल होने के लिए रायपुर से रवाना हो गए हैं। रवानगी से पहले एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि दीक्षांत समारोह में देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि हैं और राज्यपाल भी उपस्थित रहेंगे।
मुख्यमंत्री साय ने भारतीय नौसेना दिवस की दी शुभकामनाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 4 दिसंबर को भारतीय नौसेना दिवस के अवसर पर देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में सतत तत्पर भारतीय नौसेना के जांबाज अधिकारियों, वीर जवानों एवं उनके परिजनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय नौसेना के बहादुर सैनिक साहस, शौर्य, अनुशासन और अदम्य निष्ठा के प्रतीक हैं। समुद्री सुरक्षा, वैश्विक मानवीय सहायता, आपदा राहत और सामरिक चुनौतियों के हर मोर्चे पर भारतीय नौसेना ने असाधारण क्षमता का परिचय देकर राष्ट्र का गौरव बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सामरिक शक्ति और समुद्री प्रभुत्व को सुदृढ़ बनाने में भारतीय नौसेना की भूमिका अनुकरणीय है। उन्होंने नौसेना के अधिकारियों और जवानों की प्रतिबद्धता को देश की सामरिक मजबूती का महत्वपूर्ण आधार बताया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने उन अमर वीरों को भी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र उनके साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा के लिए सदैव ऋणी रहेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान दत्तात्रेय जयंती की प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान दत्तात्रेय की जयंती (4 दिसम्बर) के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने भगवान दत्तात्रेय से समस्त नागरिकों के सुख, शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान दत्तात्रेय सत्कर्म, सादगी, विनम्रता, त्याग और ज्ञान के शाश्वत प्रतीक हैं। उन्होंने मानव जीवन को अहंकार से मुक्त होकर ज्ञानमार्ग अपनाने और जीवन को सद्कर्मों से आलोकित करने की प्रेरणा दी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान दत्तात्रेय ब्रह्मा, विष्णु और महेश — तीनों देवताओं के संयुक्त दिव्य स्वरूप हैं। उनकी उपासना से ज्ञान, शक्ति, धैर्य और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि भगवान दत्तात्रेय जयंती हम सबके लिए आत्मचिंतन, सद्विचार और संस्कारों से भरे जीवन की प्रेरणा लेकर आती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे भगवान दत्तात्रेय के उपदेशों को आत्मसात कर समाज में सद्भाव, सेवा और सकारात्मकता को बढ़ाने का संकल्प लें।
जमीन की नई गाइडलाइन दर का वरिष्ठ भाजपा नेता ने किया समर्थन
रायपुर। जमीन की नई गाइडलाइन दरों में वृद्धि का भाजपा वरिष्ठ नेता और अधिवक्ता नरेश चंद्र गुप्ता ने समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि नई गाइडलाइन दर खरीदी- बिक्री के वास्तविक मूल्य के आसपास है। ऐसा करने से कालाधन और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और सरकार को सही राजस्व की प्राप्ति भी होगी।
उन्होंने विपक्षियों के साथ-साथ पक्ष के नेताओं पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि बढ़े दर का विरोध करने वाले क्या इस बात की गारंटी देंगे कि जो घटी गाइडलाइन दर चाहते हैं, उसी मूल्य पर वास्तविक रूप से सौदे होंगे और ऊपर से कोई नगदी का लेन-देन नहीं होगा। हो सकता है कि केवल और केवल कुछ स्थानों पर ही गाइडलाइन दर ज्यादा हो, केवल उसके संबंध में ही बात करना चाहिए। जनकल्याणकारी सरकार को चलाने के लिए समुचित और वास्तविक कर अवश्य ही मिलना चाहिए, तभी सरकार जनकल्याण के कार्य कर सकेगी।
उनका यह भी तर्क है कि जहां गाइडलाइन दर 1800 रुपये प्रति वर्ग फीट है, उसका सौदा (बिक्री) 6000 में हो रही है। यह बस इतना ही नहीं है, इसे बेचने का विज्ञापन पोर्टल में 6500 रुपये प्रति वर्ग फीट का किया जाता है। अतः सरकार का निर्णय बाजार भाव के समक्ष गाइडलाइन दर करना सर्वथा उचित एवं सही है।
वहीं उहोंने यह भी बताया कि गाइडलाइन दर 1800 रुपये प्रति वर्ग फीट है, उसका सौदा (बिक्री) 6000 में हो रही है। यह बस इतना ही नहीं है, इसे बेचने का विज्ञापन पोर्टल में 6500 रुपये प्रति वर्ग फीट का किया जाता है। इसलिए, सरकार का निर्णय बाजार भाव के समक्ष गाइडलाइन दर करना सर्वथा उचित और सही है।
आदिवासियों के हितों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए सरकार कृतसंकल्पित: मुख्यमंत्री साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासियों के हितों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री आज मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के अंबागढ़ चौकी में आयोजित जनजाति गौरव दिवस एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर 475 करोड़ रुपए से अधिक विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने अंबागढ़ चौकी को राजस्व अनुभाग बनाने तथा अंबागढ़ चौकी में सर्व सुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की लाभार्थी महिलाओं के खाते में 22वीं किस्त की राशि का अंतरण भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण और जनजाति समाज के कल्याण में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा जनजातीय और विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास हेतु निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री जनमन एवं ग्राम उत्कर्ष योजना के अंतर्गत जनजातीय परिवारों को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 13 दिसंबर को छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्षों का कार्यकाल पूर्ण होने जा रहा है। हमारी सरकार ने दो वर्षों के कार्यकाल में मोदी की गारंटी के तहत किए गए सभी वायदों को पूरा किया है। महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह माता-बहनों के खातों में हर माह 1000 रुपए की राशि अंतरित की जा रही है। किसानों से 3100 रुपए की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी के साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण दर प्रति मानक बोरा 5500 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए चरण पादुका का वितरण फिर से शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के द्वारा देश एवं राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा माओवाद को मार्च 2026 तक समाप्त करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर माओवाद आतंक से मुक्त करने की दिशा में अत्यंत ठोस एवं सार्थक कार्य किया जा रहा हैं। जल्द ही छत्तीसगढ़ राज्य माओवाद के आतंक से मुक्त हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा को आदिवासी समाज सहित संपूर्ण भारतवर्ष का गौरव बताते हुए, स्वाधीनता आंदोलन एवं राष्ट्र के नव निर्माण में जनजाति समाज के महापुरुषों एवं राष्ट्र भक्तों के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरगुजा में आयोजित भगवान बिरसा मुंडा के जयंती के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आगमन हम सभी के लिए सौभाग्य एवं गर्व का विषय है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के परिणाम स्वरूप छत्तीसगढ़ राज्य में भी व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में जनजाति समाज के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ में विकास नई इबारत लिखी जा रही है। जिसके फलस्वरूप आज बस्तर से लेकर सरगुजा तक राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहा है। इस मौके पर उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी कार्यों और नीतियों की विस्तार से जानकारी दी।
समारोह को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद संतोष पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह और जनजाति समाज के प्रदेश अध्यक्ष एमडी ठाकुर ने भी सम्बोधित किया। समारोह में विभिन्न क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनजातीय समाज के प्रतिभाओं को सम्मानित करने के अलावा प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों को आवास पूर्णता प्रमाण पत्र एवं विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता अर्जित करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विधायक भोलाराम साहू, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा सहित कई पूर्व विधायक, पंचायत एवं नगरीय संस्थाओं के जनप्रतिनिधि, सामाजिक बंधु और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
बिलासपुर रेल हादसे के बाद रेलवे बोर्ड ने किया तबादला, अनूप सतपथी बने SECR के नए प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर
रायपुर। भारतीय रेलवे बोर्ड ने प्रशासनिक फेरबदल किया है। इस संबंध में आदेश भी जारी किया गया है, जिसमें तीन अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनमें से एक अधिकारी अनूप कुमार सतपथी को साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे (SECR) का नया प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर (PCSO) बनाया गया है।
रेल मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, एस.सी. चौधरी, जो वर्तमान में SECR में PCSO के रूप में कार्यरत हैं, उन्हें उनके पद समेत ईस्ट कोस्ट रेलवे (ECoR) में स्थानांतरित किया गया है। वहीं अनूप कुमार सतपथी को WCR के रिक्त HAG/IRTS पद का उपयोग करते हुए SECR में नया PCSO बनाया गया है।
इसके अलावा अरविंद कुमार राजक, जो अभी HAG/IRTS पद के समकक्ष PCCM (CHOD) के रूप में कार्यरत हैं, उन्हें अब WCR में SAG/IRTS के रिक्त पद पर PCCM (CHOD) के रूप में पोस्ट किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर में नक्सल-विरोधी अभियान में वीर जवानों की शहादत पर गहरी संवेदना व्यक्त की
रायपुर। बीजापुर जिले में आज चल रहे नक्सल-विरोधी अभियान में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। संयुक्त सर्च एवं कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने 12 माओवादियों को न्यूट्रलाइज किया है। क्षेत्र में अभी भी सर्च अभियान सतत जारी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अभियान के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए डीआरजी बीजापुर के प्रधान आरक्षक मोनू वडड़ी, आरक्षक दुकारू गोंडे और आरक्षक रमेश सोड़ी को श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि शोक-संतप्त परिवारों को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति प्रदान करें और दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुठभेड़ में घायल दो अन्य जवान खतरे से बाहर हैं और उनके समुचित उपचार की संपूर्ण व्यवस्था की गई है। उन्होंने दोनों जवानों के शीघ्र एवं पूर्ण स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे वीर जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। नक्सलवाद के विरुद्ध यह निर्णायक सफलता यह स्पष्ट संकेत है कि लाल आतंक का अंत अब बहुत निकट है। उन्होंने पुनः दोहराया कि राज्य सरकार और सुरक्षाबल “माओवाद के पूर्ण खात्मे” के संकल्प पर पूरी मजबूती से अडिग हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब तक बस्तर के अंतिम गाँव तक शांति, सुरक्षा और विकास का प्रकाश नहीं पहुँच जाता, तब तक यह अभियान पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस सफल कार्रवाई में शामिल सभी सुरक्षा बलों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की और कहा कि सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
माताओं के सम्मान और सशक्तिकरण की नई कड़ी—महतारी वंदन की 22वीं किश्त जारी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को गति देने वाली राज्य सरकार की प्रमुख योजना महतारी वंदन के तहत आज 22वीं किश्त का भुगतान मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में आयोजित कार्यक्रम में बटन दबाकर किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि महतारी वंदन योजना हमारी माताओं और बहनों के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएँ परिवार, समाज और राज्य की उन्नति की आधारशिला हैं, और उनका सशक्त होना एक सशक्त प्रदेश की अनिवार्य शर्त है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि प्रतिमाह सीधे बैंक खातों में राशि अंतरित होने से माताओं को न केवल आर्थिक संबल मिलता है, बल्कि परिवार की पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधी ज़रूरतों को पूरा करने में भी सुनिश्चित सहयोग मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र हितग्राही इस सहायता से वंचित न रहे तथा पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ योजना का लाभ निरंतर मिलता रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि महतारी वंदन योजना आने वाले समय में लाखों परिवारों के जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव का मार्ग प्रशस्त करेगी और छत्तीसगढ़ के विकासयात्रा को नई ऊर्जा देगी।
उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से प्रारंभ होने के बाद अब तक 21 किश्तों में कुल 13,671.68 करोड़ रुपये की सहायता राशि लाभार्थियों को प्रदान की जा चुकी है।
इस माह 67,78,674 पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई। इसमें 67,71,012 हितग्राहियों को 633.89 करोड़ रुपये तथा नियद नेल्ला नार क्षेत्र की 7,662 महिलाओं को 76.30 लाख रुपये प्रदान किए गए। इस प्रकार महतारी वंदन योजना की 22वीं किश्त अंतर्गत कुल 634.65 करोड़ रुपये की राशि पात्र हितग्राहियों को अंतरित की गई ।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में उठाया चूना पत्थर पुनर्वर्गीकरण का महत्वपूर्ण मुद्दा
रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ और देश के खनन क्षेत्र से जुड़े लाखों हितधारकों की समस्याओं को आवाज देने की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में चूना पत्थर (लाइम स्टोन) के पुनर्वर्गीकरण, पंजीकरण, खनन योजनाओं की वैधता, जुर्मानों में राहत और लंबित रियायत आवेदनों के समाधान से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए।
सांसद बृजमोहन ने छत्तीसगढ़ समेत देशभर में खनन क्षेत्र को होने वाली संभावित परेशानियों को बेहद सार्थक तरीके से सामने रखा जिससे छोटे पट्टाधारकों को अनावश्यक दंड से बचाया जाए।
राज्य में खनिज आधारित उद्योगों पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े और लंबित रियायतें समयबद्ध तरीके से मंजूर हों।
केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने व्यापक आश्वासन दिया और एक ऐसी संक्रमणकालीन योजना (Transition Plan) की रूपरेखा प्रस्तुत की, जो छोटे पट्टाधारकों को तत्काल दंड और प्रशासनिक बाधाओं से बचाती है।सांसद बृजमोहन के प्रश्नों के जवाब में कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि, चूना पत्थर को प्रमुख खनिज घोषित करने के बाद भी, लघु खनिज के रूप में पूर्व से कार्यरत पट्टाधारकों को 31 मार्च 2026 तक ऑनलाइन पंजीकरण की राहत दी गई।
संक्रमण काल में भारतीय खान ब्यूरो में विवरण प्रस्तुत करने में आई व्यावहारिक चुनौतियों को देखते हुए जुर्माना न लगाने का बड़ा निर्णय लिया गया है जो सांसद बृजमोहन की सतत पैरवी का प्रतिफल है।
31 मार्च 2027 तक खान योजनाओं की वैधता पर स्पष्ट मार्गदर्शन जारी हुआ, जिससे देशभर के पट्टाधारकों को स्थिरता और सुरक्षा मिली।
जहाँ-जहाँ राज्यों ने 10 अक्टूबर 2025 से पहले रियायत देने की प्रक्रिया पूरी कर ली थी, वहां उनके अधिकारों को संरक्षित रखते हुए दो वर्ष की अतिरिक्त अवधि प्रदान की गई, ये राहत छोटे उद्यमों के लिए जीवनरेखा साबित होगी।
देश के प्रमुख चूना पत्थर उत्पादक राज्यों की सूची जारी करते हुए, राज्यवार सक्रिय खदानों का विवरण सार्वजनिक हुआ यह एक पारदर्शी शासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।
जनता की आवाज को राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से उठाने वाले नेता
छत्तीसगढ़ सहित देश भर के खनन पट्टाधारकों, ट्रांसपोर्टरों, छोटे उद्योगों और स्थानीय रोजगार से जुड़े लाखों लोगों के हितों को संरक्षित करने में सांसद बृजमोहन की भूमिका अत्यंत निर्णायक रही है।
उनकी गंभीर तैयारी, विषय पर गहरी पकड़ और निरंतर पैरवी ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे केवल क्षेत्र का प्रतिनिधित्व नहीं करते, बल्कि हितों की रक्षा करने वाले सच्चे जननायक हैं।
स्थानीय हितों को राष्ट्रीय नीति का आधार बनाने वाले सांसद बृजमोहन
सांसद बृजमोहन ने कहा है कि “नीतियां तभी प्रभावी होती हैं जब वे जमीनी वास्तविकताओं से जुड़ी हों।” उनकी इसी सोच के कारण छत्तीसगढ़ जैसे खनन-समृद्ध राज्य को इस निर्णय से व्यापक लाभ मिलने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और जनसेवक के रूप में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि सक्रियता, संवेदनशीलता और सार्थक पहल ही सार्थक जनसेवा की पहचान है।
रायपुर पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
रायपुर। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर के छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज रायपुर पहुंचे। दौरान एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और सचिवालय का नाम बदलने के फैसले पर उन्होंने कहा कि यह सब राजनीतिक बातें हैं, जो बदला है अच्छा किये है।
इसी दौरान जब पत्रकारों ने वन नेशन, वन इलेक्शन के बारे में सवाल पूछा, तो पूर्व राष्ट्रपति कोविंद ने बताया कि यह मामला अभी संसद में पेंडिंग है।
बता दें कि PMO परिसर का नाम ‘सेवातीर्थ’ किया गया है। अब PMO इसी नाम से जाना जाएगा। केंद्रीय सचिवालय का भी नाम बदला गया है, जिसका नया नाम ‘कर्तव्य भवन’ रखा गया है।
छत्तीसगढ़ में ई-गजट ऑनलाईन पोर्टल का शुभारंभ: अधिसूचना प्रकाशन की प्रक्रिया अब होगी पूरी तरह डिजिटल और त्वरित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने मंत्रालय में ई-गजट ऑनलाईन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले उपस्थित थीं।

ई-गजट ऑनलाईन पोर्टल पोर्टल के माध्यम से अब शासन के सभी विभाग तथा जिला कलेक्टरों द्वारा जारी आदेश, अधिसूचनाएँ, अध्यादेश एवं अन्य प्रकाशन सामग्री सीधे ऑनलाईन पाण्डुलिपि रूप में संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री विभाग को भेजी जाएगी, जहाँ से शासकीय मुद्रणालय इसे ई-गजट के रूप में ऑनलाइन प्रकाशित करेगा।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा विकसित इस नई प्रणाली के तहत राजपत्र प्रकाशन की संपूर्ण प्रक्रिया अब डिजिटल माध्यम से संचालित होगी। पूर्व में विभागों एवं जिला कार्यालयों से मुद्रणालय तक पाण्डुलिपि भेजने की प्रक्रिया समयसाध्य और भौतिक संसाधनों पर आधारित थी, जिसे अब पूर्णतः ऑनलाइन कर दिया गया है। नए ई-गजट पोर्टल के माध्यम से विभाग अपने आदेश एवं अधिसूचनाएँ सीधे अपलोड करेंगे तथा प्रकाशित राजपत्र भी सभी के लिए ऑनलाइन सुलभ रहेगा।
ई-गजट प्रणाली लागू होने से अधिसूचना प्रकाशन संबंधी कार्यों में उल्लेखनीय तेजी आएगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से न केवल प्रक्रियाएँ सरल होंगी, बल्कि कार्य पूर्णतः पेपर-लेस होने से शासन की ई-गवर्नेंस नीतियों को भी मजबूत आधार मिलेगा। राजपत्रों का ऑनलाइन प्रकाशन पारदर्शिता, सुलभता और रिकॉर्ड प्रबंधन को भी अधिक प्रभावी बनाएगा।
छत्तीसगढ़ शासन की यह पहल राज्य में डिजिटल शासन, त्वरित निर्णय प्रक्रिया और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ई-गजट पोर्टल के शुभारंभ से अब राजपत्र प्रकाशन अधिक सुगम, समयबद्ध और आधुनिक स्वरूप में उपलब्ध हो सकेगा।
मुठभेड़ में 12 नक्सली ढेर, तीन DRG जवान शहीद, सभी माओवादियों के शव और हथियार बरामद
जगदलपुर। बीजापुर के गंगालूर इलाके में आज मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 12 नक्सलियों को मार गिराया। वहीं डीआरजी के 3 जवान शहीद हुए हैं। दो जवान घायल हुए हैं। जवानों ने सभी नक्सलियों का शव बरामद कर लिया है। इसकी पुष्टि बस्तर रेंज के IG सुंदरराज पी. ने की है।
क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी है। मौके पर अतिरिक्त फोर्स भेजी गई है। मौके से 12 नक्सलियों के शव के साथ SLR राइफलें, INSAS और .303 राइफलें बरामद कर ली गई है। इस मुठभेड़ में प्रधान आरक्षक मोनू वडाड़ी DRG बीजापुर, आरक्षक दुकारू गोंडे DRG बीजापुर, जवान रमेश सोड़ी DRG बीजापुर शहीद हुए हैं। बीजापुर DRG के 02 जवान घायल हुए हैं, लेकिन दोनों खतरे से बाहर हैं।
एसपी जितेंद्र यादव ने बताया कि DRG, STF, COBRA और CRPF की जॉइंट टीम बुधवार सुबह 9 बजे से बीजापुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर के वेस्ट बस्तर डिवीजन इलाके में सर्च ऑपरेशन पर थी। जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू की। जवाबी कार्रवाई में 12 नक्सली ढेर हुए हैं। मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ सकती है।
मुख्यमंत्री साय से एनएमआईएमएस के प्रतिनिधियों ने की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में नारसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) के प्रतिनिधि जगदीश वी पारिख ने सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे विशेष प्रयासों तथा नई संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
श्री पारिख ने मुख्यमंत्री को संस्थान द्वारा नया रायपुर के एडुसिटी में अपना कैंपस स्थापित करने के प्रस्ताव से अवगत कराया। उन्होंने एनएमआईएमएस द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों, शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी भी साझा की। साथ ही श्री पारिख ने उन्हें आज आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ पी चौधरी से हुए मुलाकात के बारे में बताया और उनके माध्यम से हर संभव विभागीय सहयोग मिलने की बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ नया रायपुर में एडुसिटी का विकास कर रही है। उन्होंने कहा कि एडुसिटी के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट संस्थाओं में पढ़ने का अवसर मिलेगा और उन्हें बड़े शहरों की ओर जाने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि नारसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के आने से राज्य के युवाओं को मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त होगी। एडुसिटी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के संचालन से युवाओं के कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी और रोजगार के बेहतर अवसर सृजित होंगे।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार नया रायपुर को एजुकेशनल हब के रूप में विकसित करने के लिए एडुसिटी का निर्माण कर रही है। इसमें मल्टी-डिसिप्लीनरी यूनिवर्सिटी, रिसर्च सेंटर, इन्क्यूबेशन हब, डिजिटल लाइब्रेरी, विज्ञान एवं नवाचार केंद्र तथा अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना प्रस्तावित है। इससे प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, शोध और स्टार्टअप के अवसर मिलेंगे।
नया रायपुर में पहले से ही आईआईआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान संचालित हैं। एडुसिटी के विकसित होने से यहां शिक्षा का एक सशक्त और आधुनिक पारिस्थितिकी तंत्र तैयार होगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, नया रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कोयला खदान के एक्सटेंशन पर बिफरे ग्रामीण, लाठी-डंडे, गुलेल, कुल्हाड़ी से पुलिस कर्मियों पर किया हमला, दर्जनों हुए घायल…
अंबिकापुर। अमेरा कोयला खदान विस्तार को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प की खबर है. खदान के विस्तार से नाराज उग्र ग्रामीणों के हमले से करीबन 40 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में कुछ ग्रामीण भी घायल हुए हैं. स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है.
जानकारी के अनुसार, लखनपुर थाना क्षेत्र स्थित अमेरा कोयला खदान के एक्सटेंशन से नाराज ग्रामीणों ने लाठी, डंडे, गुलेल और कुल्हाड़ी से पुलिस बल पर हमला कर दिया. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ग्रामीणों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े हैं. इसके साथ कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों को चोट लगने की खबर है.
सरगुजा के लखनपुर के अमेरा खदान के विस्तार को लेकर ग्रामीण और खदान कर्मी पहले भी आमने-सामने हो चुके हैं. ग्राम परसोड़ी कला के ग्रामीण खदान विस्तार का विरोध कर रहे है. ग्रामीणों का कहना बगैर भूमि अधिग्रहण किए अमेरा खदान प्रबंधन खदान का विस्तार कर रहा है. बहरहाल, बिगड़ते हालात की सूचना मिलने पर मौके के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 के टॉप 10 अभ्यर्थियों ने की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 के टॉप 10 अभ्यर्थियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को सफलता के लिए शुभकामनाएं और बधाई दी। इस अवसर पर विधायक ललित चंद्राकर और राजभाषा अधिकारी छगन लाल नागवंशी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी के अनुभव, परीक्षा के दौरान आने वाली चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के कारण विद्यार्थियों ने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 में प्रदेश के युवाओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन हम सबके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आपको हमेशा यह भी याद रखना होगा कि आगे आपकी भूमिका लोकसेवक की होगी। आपको अपने दायित्वों के निर्वहन में धैर्य, विनम्रता और लोक सेवक की सीमाओं का हमेशा ध्यान रखना होगा। आम जनमानस में प्रशासन का विश्वास कायम रखने की दिशा में आप सभी को संवेदनशीलता से प्रयास करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित परीक्षा को पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करने का निर्णय लिया है और वह परीक्षा परिणामों में साफ नजर आ रहा है।
टॉपर विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए जिम्मेदारी का नया अध्याय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ जनता की सेवा करेंगे और प्रदेश के विकास में योगदान देंगे।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2024 के टॉप 10 चयनित अभ्यर्थी देवेश प्रसाद साहू, स्वप्निल वर्मा, यशवंत कुमार देवांगन, पोलेश्वर साहू, पारस शर्मा, शताक्षी पाण्डेय, अंकुश बैनर्जी, सृष्टि गुप्ता, प्रशांत वर्मा और सागर वर्मा सपरिवार उपस्थित थे।
औंधी क्षेत्र में बाघ की दस्तक: नवागढ़ के जंगल में टाइगर कैमरे में कैद, वन विभाग ने जारी की सतर्कता एडवाइजरी
मोहला-मानपुर। चंद दिनों से वन परिक्षेत्र में अपनी मौजूदगी का अहसास करा रहा बाघ आखिरकार वन विभाग के कैमरे में कैद हो गया. मानपुर दक्षिण वन परिक्षेत्र अंतर्गत वन भूमि कक्ष क्रमांक 1080 में लगाए गए कैमरे में वयस्क नर बाघ की तस्वीर कैद हुई है. इस बात की पुष्टि डीएफओ दिनेश पटेल ने की है.
दो दिन पहले औंधी तहसील क्षेत्र अंतर्गत नवागढ़ गांव के इर्दृगिर्द बाघ की आमद हुई थी. गांव के एक पालतू गाय का शिकार भी किया था. थोड़ी-बहुत शंका नवागढ़ के इर्द-गिर्द जंगल में बाघ के पदचिन्ह मिलने के साथ दूर हो गई थी. बाघ की पहचान के लिए मंगलवार को नवागढ़ गांव के पास जंगल में पेड़ों पर वन विभाग ने तीन कैमरे लगाए थे.
बाघ की मौजूदगी से इलाके में रहने वाले लोगों के बीच खौफ का आलम है. वन विभाग ने क्षेत्रवासियों को सुरक्षित व सतर्क रहने की सलाह दी है. इसके साथ किसी भी विषम स्थिति से निपटने के लिए क्षेत्रीय वन अमला अलर्ट मोड पर है.
छत्तीसगढ़ में ठंड ने फिर पकड़ी रफ्तार, अगले 24 घंटे में तापमान और गिरेगा
रायपुर। तूफान ‘दितवाह’ के कमजोर पड़ने के बाद राज्य में मौसम साफ हुआ, लेकिन ठंड तेजी से लौट आई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में तापमान में 1–2°C गिरने और घने कोहरे की चेतावनी दी है। स्वास्थ्य विभाग ने भी हाइपोथर्मिया और वायरल संक्रमण बढ़ने के खतरे को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है।
तूफान दितवाह कमजोर, ठंड ने फिर बढ़ाया असर
तूफान ‘दितवाह’ के प्रभाव खत्म होने और आसमान साफ होने के बाद प्रदेश में सर्द हवा का असर दोबारा बढ़ने लगा है। पिछले दो दिनों से तापमान में जारी गिरावट ने ठिठुरन बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।प्रदेश के उत्तरी क्षेत्रों में शीतलहर जैसे हालात बन सकते हैं, वहीं मैदानी क्षेत्रों में सुबह और रात को ठंड का असर और तेज महसूस होगा।
कई शहरों में कोहरे का कहर, विजिबिलिटी पर खतरा
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, नमी बढ़ने और ठंडी हवा के कारण सुबह के समय घने कोहरे की स्थिति रहेगी। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विजिबिलिटी कम हो सकती है।
कोहरे के चलते—
सुबह 6 से 9 बजे के बीच यातायात प्रभावित
हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर वाहन धीमी गति से चलते दिखाई दिए
कुछ क्षेत्रों में 50–100 मीटर तक ही दृश्यता रही
यात्रियों और वाहन चालकों को सुबह के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
अधिकतम और न्यूनतम तापमान में स्पष्ट अंतर
पिछले 24 घंटों के तापमान के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में दिन और रात के तापमान में काफी अंतर देखा गया।
सबसे अधिक तापमान 30.2°C दुर्ग में जबकि न्यूनतम तापमान 9.5°C अंबिकापुर में दर्ज किया गया।यह अंतर प्रदेश में मौसम के तेजी से बदलते मिजाज को दर्शाता है।
स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी – हाइपोथर्मिया और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ा
अचानक गिरते तापमान और ठंडी हवाओं ने स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्क कर दिया है। विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि इस मौसम में—
हाइपोथर्मिया
सर्दी-जुकाम
वायरल फीवर
सांस से संबंधित समस्याएं
का खतरा बढ़ सकता है। विशेष तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के प्रभावित होने की संभावना अधिक रहती है।
स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सलाहें:
बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें
निकलें तो पूरी तरह गर्म कपड़े पहनें
सुबह और देर शाम की यात्राओं से बचें
गर्म पानी का सेवन करें
छोटे बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
आने वाले दिनों में बढ़ सकती है सर्दी
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हवा का रुख उत्तर से दक्षिण की ओर बना हुआ है, जिसके कारण आने वाले सप्ताह में तापमान और गिर सकता है। कई शहरों में न्यूनतम तापमान 7–8°C तक जाने की संभावना जताई जा रही है।
