दंतेवाड़ा। नक्सलवाद को आज फर एक बड़ा झटका लगा है. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 37 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है. इनमें से 27 नक्सलियों पर कुल 65 लाख के इनाम घोषित थे. आत्मसमर्पित नक्सलियों में भैरमगढ़ एरिया कमेटी, इन्द्रावती एरिया कमेटी और माड़ इलाके के नक्सली शामिल हैं. सरकार की पुनर्वास पहल ‘पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन’ योजना से प्रभावित होकर सभी ने दंतेवाड़ा डीआरजी कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण कर दिया है.
प्रदेश
17 आदिवासी परिवारों ने किया SIR अभियान का विरोध
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जिला प्रशासन की टीम जब आदिवासी परिवारों के पास पहुंची तो उन्होंने फॉर्म लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने न केवल एसआईआर बल्कि सरकार की अन्य योजनाओं का भी सामूहिक बहिष्कार कर दिया है. करीब 17 आदिवासी परिवार स्वीकृति के बाद न तो पीएम आवास और न ही आवंटित सरकारी राशन ले रहे हैं. आदिवासियों के इस सामूहिक बहिष्कार से जिला प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई है.

ग्राम पंचायत सचिव संतोष कुमार निषाद ने बताया कि शासकीय योजनाओं के विरोध की जानकारी मिलने पर गांव में बैठक कराई गई. हालांकि इन परिवारों ने किसी भी मुद्दे पर जानकारी देने से इनकार कर दिया. अब तो आवास निर्माण से भी मना कर रहे हैं.
गांव में SDM, तहसीलदार, BLO को भेजकर करेंगे बातचीत की कोशिश
इस मामले में जिले के कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने कहा कि लेडारा गांव के कुछ ग्रामीण शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं ले रहे है और एसआईआर फॉर्म नहीं भर रहे हैं ऐसी जानकारी मिली है. उस गांव में एसडीएम, तहसीलदार,बीएलओ व कर्मचारियों को भेजकर ग्रामीणों से बातकर किया जाएगा.
छत्तीसगढ़ में लोगों को आज से बड़ी राहत, 200 यूनिट तक हाफ बिजली बिल योजना लागू
रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोगों को आज से सरकार बड़ी राहत देने जा रही है. आज से 200 यूनिट हाफ बिजली योजना होगी लागू. इससे लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने वाली है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा के विशेष सत्र में इसकी घोषणा की थी. अगर कोई उपभोक्ता 201 यूनिट बिजली खपत करता है तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जानकारी दी थी कि प्रदेश के ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं जिनका 200 यूनिट तक विद्युत खपत है, उन्हें 200 यूनिट तक हाफ बिजली का पूरा लाभ प्राप्त होगा. इस निर्णय से राज्य के 36 लाख घरेलू उपभोक्ता सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे. 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को भी अगले 1 वर्ष तक 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल का लाभ मिलेगा, इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे. इन उपभोक्ताओं को 1 वर्ष तक की छूट दी गई है, ताकि इस अवधि में वे अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके.
बता दें कि 4 महीने पहले यानी 1 अगस्त 2025 को राज्य सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना पर बड़ा बदलाव किया था. पूर्व भूपेश सरकार के समय लागू हुई 400 यूनिट की सीमा को घटाकर 100 यूनिट कर दिया गया था. इसका सीधा असर लाखों परिवारों को हुआ. हालांकि नई योजना के तहत 200 यूनिट तक हाफ बिजली बिल योजना लागू कर दी गई है.
बिलासपुर की हवाई सुविधा विस्तार को लेकर दिल्ली जाएगा जन संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल
बिलासपुर। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बिलासपुर में हवाई सुविधा विस्तार और महानगरों तक सीधी उड़ान की मांग को लेकर दिल्ली के प्रवास पर रहेगा। 9 दिसंबर को समिति का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली रवाना होगा और तीन दिन दिल्ली में रहकर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा अन्य छत्तीसगढ़ के सांसदों के साथ मिलकर बिलासपुर की हवाई सुविधा विस्तार के मामले में मुहिम चलाएगा।
गौरतलब है कि बिलासपुर के नागरिक समिति के साथ मिलकर कई वर्षों से एक सर्व सुविधायुक्त एयरपोर्ट और देश के चारों दिशाओं में महानगरों तक सीधी उड़ान की मांग कर रहे। परंतु जन आंदोलन के लगातार चलने के बाद भी अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं। बिलासपुर छत्तीसगढ़ में कितना महत्व रखता है यह रेलवे जोन के आंदोलन ने सभी को बता दिया था परंतु अब शायद यह लगता है कि फिर से छत्तीसगढ़ में रायपुर के सामने बिलासपुर की पहचान को फिर से स्थापित करने का समयआ गया है। समिति ने कहा कि एक प्रतिनिधिमंडल तीन दिन दिल्ली में रहकर इस संबंध में सभी आवश्यक प्रयास करेगा और बिलासपुर के हितों की मुहिमचलाएगा। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने सहयोगी संगठनों और नागरिकों से यह अपील की है कि अगर वे चाहे तो दिल्ली में समिति के द्वारा चलाई जा रही इस मुहं जो 10 दिसंबर से 12 दिसंबर के बीच होगी में अपनी सहभागिता दे सकते हैं और इसमें शामिल हो सकते हैं।
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का महा धरना आज भी जारी रहा और आगमन के कम से रवि बनर्जी, अशोक भंडारी, मनोज तिवारी, शिरीष कश्यप, रणजीत सिंह, खनूजा विजय, केसरवानी, देवेंद्र सिंह मोहन जायसवाल, चंद्र प्रकाश जायसवाल, भय्यू सिंह गौतम, अमर बजाज, नारद श्रीवास, राशिद बक्श, अखिल अली आदि शामिल. हुए।
प्रधानमंत्री मोदी से सपरिवार मिले मुख्यमंत्री साय
रायपुर। 60वें डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस में शामिल होने छत्तीसगढ़ आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सपरिवार मुलाकात की. मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया में साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा “सत्पुरुषसंसर्गो हि कृतार्थयति जीवनम्।” अर्थात सत्पुरुषों का संग जीवन को सार्थक कर देता है.
सोशल मीडिया एक्स पर किए पोस्ट में मुख्यमंत्री साय ने लिखा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की हमारे परिवारजनों से हुई मुलाकात जीवन भर याद रहने वाला प्रेरक अनुभव है. अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच जिस आत्मीयता से मोदीजी ने सबका हाल‑चाल पूछा, बच्चों से सहज होकर बात की और आशीर्वाद दिया, वह अविस्मरणीय है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान परिवार की तीन पीढ़ियों को एक साथ उनके सान्निध्य में बैठने का अवसर मिला, यह हमारे लिए भावुक कर देने वाला क्षण था. इस गरिमामय और आत्मीय भेंट के लिए प्रधानमंत्री जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं.
DGP-IG सम्मेलन में PM मोदी का संबोधन: AI इंटेलिजेंस और नए कानूनों पर दिया जोर, बोले-
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर में पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन में भाग लिया। तीन दिवसीय इस सम्मेलन का विषय ‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’ है।
प्रधानमंत्री ने खासकर युवाओं के बीच पुलिस के प्रति जनता की धारणा बदलने की तत्काल जरूरत पर बल दिया, जिसके लिए दक्षता, संवेदनशीलता और जवाबदेही को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने शहरी पुलिस व्यवस्था को मज़बूत करने, पर्यटक पुलिस को फिर से सक्रिय करने और औपनिवेशिक काल के आपराधिक कानूनों के स्थान पर लागू किए गए नए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।


प्रधानमंत्री ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस और व्यापक प्रशासन को निर्जन द्वीपों को एकीकृत करने के लिए नवीन रणनीतियां अपनाने, राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (नेटग्रिड) के अंतर्गत एकीकृत डेटाबेस का प्रभावी उपयोग करने और कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी प्राप्त करने के लिए इन प्रणालियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को पुलिस जांच में फोरेंसिक के उपयोग पर केस स्टडी करने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया, और कहा कि फोरेंसिक के बेहतर अनुप्रयोग से आपराधिक न्याय प्रणाली और मजबूत होगी।
प्रधानमंत्री ने प्रतिबंधित संगठनों की नियमित निगरानी के लिए तंत्र स्थापित करने, वामपंथी उग्रवाद से मुक्त क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित करने और तटीय सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए नवोन्मेषी मॉडल अपनाने के महत्व पर ज़ोर दिया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के लिए एक समग्र सरकारी दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जिसमें प्रवर्तन, पुनर्वास और सामुदायिक स्तर पर हस्तक्षेप एक साथ किया जाए।
सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा के विविध मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। विज़न 2047 की दिशा में पुलिस व्यवस्था के दीर्घकालिक रोडमैप, आतंकवाद-निरोध और कट्टरपंथ-निरोध में उभरते रुझान, महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने में तकनीक का लाभ उठाने, विदेशों में रह रहे भारतीय भगोड़ों को वापस लाने की रणनीतियों और प्रभावी जांच एवं अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए फोरेंसिक क्षमताओं को मज़बूत करने पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री ने मज़बूत तैयारियों और समन्वय की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और पुलिस प्रमुखों से चक्रवात, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपात स्थितियों, जिनमें चक्रवात दित्वा की मौजूदा स्थिति भी शामिल है, के लिए प्रभावी आपदा प्रबंधन तंत्र को मज़बूत करने का आग्रह किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं के दौरान जीवन की रक्षा और न्यूनतम व्यवधान सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय योजना, तत्क्षण समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और समग्र सरकारी दृष्टिकोण आवश्यक हैं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पुलिस नेतृत्व से आह्वान किया कि वे विकासशील राष्ट्र की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पुलिस व्यवस्था को फिर से व्यवस्थित करें, ताकि विकसित भारत बनने की राह पर साफ हो सके।
प्रधानमंत्री ने खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किए। उन्होंने शहरी पुलिस व्यवस्था में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन शहरों को भी पुरस्कार प्रदान किए। यह सम्मान शहरी पुलिस व्यवस्था में नवाचार और सुधार को प्रोत्साहित करने के लिए पहली बार स्थापित किया गया है।
इस सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्य मंत्री और केंद्रीय गृह सचिव ने भाग लिया। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक, साथ ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुखों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया, जबकि देश भर से विभिन्न रैंकों के 700 से अधिक अधिकारी वर्चुअल माध्यम से इस सम्मेलन में शामिल हुए।
राष्ट्रीय सुरक्षा चिंतन का केंद्र बना छत्तीसगढ़: डीजीपी कॉन्फ्रेंस में हुए निर्णय देश की आंतरिक सुरक्षा को देंगे नई मजबूती- मुख्यमंत्री साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डीजीपी कॉन्फ्रेंस के सफल आयोजन पर कहा कि छत्तीसगढ़ में आयोजित तीन दिवसीय डीजीपी कॉन्फ्रेंस का सफलतापूर्वक संपन्न होना राज्य के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री तथा देशभर के डीजीपी और सुरक्षा बलों के शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति ने इस आयोजन की गरिमा, महत्व और प्रभाव को कई गुना बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों तक देश के सर्वोच्च नेतृत्व एवं सुरक्षा तंत्र के शीर्ष अधिकारी छत्तीसगढ़ में उपस्थित रहे। राजधानी रायपुर में सम्पन्न यह सम्मेलन राष्ट्रीय सुरक्षात्मक नीतियों, रणनीतियों और समन्वय तंत्र पर गहन चर्चा का महत्वपूर्ण मंच बना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सम्मेलन के सुचारू संचालन, सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक समन्वय और आतिथ्य व्यवस्था में शामिल सभी अधिकारियों, कर्मियों और सुरक्षा बलों के प्रति हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।
मुख्यमंत्री से अखिल विश्व गायत्री परिवार के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी 09 दिसंबर से 12 दिसंबर तक सक्ती जिले के ग्राम हसौद में आयोजित होने वाले 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए गायत्री परिवार के सदस्यों का धन्यवाद देते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर निर्मल सिन्हा, कैलाश साहू, कृष्ण कुमार जायसवाल, आदर्श वर्मा, हेमंत पटेल एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।
1 दिसंबर से मंत्रालय में अनिवार्य होगी आधार-आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली, GAD ने जारी किया आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक पारदर्शिता और समयपालन को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 1 दिसंबर 2025 से मंत्रालय में आधार-आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) को अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने आदेश जारी किया है।
जारी आदेश में कहा गया है कि शासन की ओर से निर्णय लिया गया है कि मंत्रालय, महानदी भवन में 1 दिसंबर 2025 से आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के माध्यम से ही अवर सचिव और उनसे वरिष्ठ समस्त अधिकारियों का कार्यालय में उपस्थित होने और कार्यालय पश्चात वापस जाने के समय उपस्थिति दर्ज की जाए।
आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के लिए मोबाइल में आधार BAS ऐप के माध्यम से अथवा प्रवेश द्वार के पास स्थापित बायोमेट्रिक डिवाइस या कंप्यूटर में थम्ब स्कैनर का उपयोग करते हुए उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं।

20 नवंबर से शुरू हुआ था AEBAS का ट्रायल रन
मंत्रालय में AEBAS का अनिवार्य ट्रायल रन 20 नवंबर से शुरू हो गया था। पारदर्शिता बढ़ाने, समयपालन सुनिश्चित करने और प्रशासनिक कार्यकुशलता में सुधार करने के उद्देश्य से सरकार ने महानदी भवन और इंद्रावती भवन दोनों में इस सिस्टम को लागू करने की घोषणा की थी।
अब ट्रायल रन सफल होने के बाद 1 दिसंबर 2025 से मंत्रालय के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए AEBAS के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी 'मन की बात' की 128 वीं कड़ी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 128वीं कड़ी को सुना और इसे अत्यंत प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ देश की सामूहिक चेतना का उत्सव बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह देश की बातों को देशवासियों के सामने रखते हैं और हर माह राष्ट्र को प्रेरणादायक संदेश देते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचारों, जनभागीदारी और उत्कृष्ट प्रयासों को पहचान दिलाते हैं, जिससे राष्ट्र निर्माण में लगे समर्पित लोगों को सम्मान प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा खाद्यान्न उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, विभिन्न राज्यों में शहद प्रसंस्करण की उन्नत विधियां, शहद उत्पादन में वृद्धि, नौसेना सशक्तिकरण, नेवल म्यूजियम, नेचर फॉर्मिंग के महत्व, तथा सऊदी अरब में पहली बार सार्वजनिक मंच पर गीता की प्रस्तुति और लातविया सहित कई देशों में आयोजित गीता महोत्सवों के भव्य आयोजनों की प्रशंसा हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नेचर फॉर्मिंग के लिए छत्तीसगढ़ में अपार संभावनाएं हैं और यहां के किसान व युवा उद्यमी इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश के खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि हुई है और इसमें छत्तीसगढ़ का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज के ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री द्वारा साझा की गई उपयोगी जानकारियाँ अत्यंत प्रेरक हैं। प्रधानमंत्री ने स्पेस टेक्नोलॉजी में जेन-ज़ी युवाओं द्वारा मंगल ग्रह जैसी परिस्थितियों में ड्रोन परीक्षण, असफल चंद्रयान-2 से सफल चंद्रयान-3 की प्रेरणादायी कहानी, महिला खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन, कुरुक्षेत्र में आयोजित गीता महोत्सव, कुरुक्षेत्र में ही महाभारत आधारित 3D लाइट एवं साउंड म्यूज़ियम, राष्ट्र को समर्पित स्वदेशी डिज़ाइन वाले युद्धपोत ‘आईएनएस माहे’, भूटान यात्रा, बनारस में आयोजित होने वाले चौथे ‘काशी तमिल संगमम’, विंटर टूरिज्म एवं विंटर गेम्स, तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत देशभर में चल रहे नवाचारों और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व के लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं और ‘मन की बात’ के माध्यम से वे सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक आयामों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ देशवासियों तक पहुँचाते हैं। उनके अनुभवों का खजाना हमें यह सीख देता है कि ‘लोकल को ग्लोबल’ कैसे बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आज का दिन विशेष है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं रायपुर में मौजूद हैं और इसी दौरान हमें ‘मन की बात’ सुनने का अवसर मिला।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘मन की बात’ में 26 नवंबर ‘संविधान दिवस’ के अवसर पर सेंट्रल हॉल में आयोजित विशेष कार्यक्रम का उल्लेख किया। उन्होंने वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर देशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की शानदार शुरुआत, 25 नवंबर को अयोध्या में राम मंदिर पर धर्मध्वजा के आरोहण तथा उसी दिन कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में ‘पांचजन्य’ स्मारक के लोकार्पण की जानकारी साझा की।
प्रधानमंत्री ने हैदराबाद में विश्व की सबसे बड़ी लीप इंजन MRO (Maintenance, Repair & Overhaul) सुविधा के उद्घाटन को भारत की एयरोस्पेस क्षमता में बड़ी छलांग बताया। उन्होंने पिछले सप्ताह मुंबई में भारतीय नौसेना को समर्पित INS ‘माहे’ के शामिल होने और भारत के स्पेस इकोसिस्टम में स्काईरूट के ‘इन्फिनिटी कैंपस’ द्वारा नई उड़ान दिए जाने का भी उल्लेख किया, जो भारत की नई सोच, नवाचार और युवा शक्ति का प्रतीक है। कृषि क्षेत्र में भारत ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। भारत ने 357 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया है। दस वर्ष पहले की तुलना में यह उत्पादन 100 मिलियन टन अधिक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलों में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है और हाल ही में भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलने की घोषणा देश के लिए गर्व का क्षण है।
कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में सहभागिता भी अत्यंत विशेष रही। उन्होंने बताया कि यूरोप और सेंट्रल एशिया के कई देशों के लोग गीता से प्रेरित होकर बड़ी संख्या में इस महोत्सव में शामिल हुए। इस महीने की शुरुआत में सऊदी अरब में पहली बार सार्वजनिक मंच पर गीता का वाचन हुआ, जबकि लातविया में आयोजित महोत्सव में लातविया, एस्टोनिया, लिथुआनिया और अल्जीरिया के कलाकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, केबिनेट मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, विधायक अनुज शर्मा, पूर्व विधायक आरंग नवीन मार्कण्डेय, विभिन्न निगम-मंडलों एवं आयोगों के अध्यक्ष तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में 26 हजार 400 PM आवास स्वीकृत, ग्राम पंचायतों में आवास चौपाल का आयोजन
रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों को पक्का मकान प्रदान करने का क्रांतिकारी कदम है जो ना केवल आवास की कमी को दूर करती है बल्कि ग्रामीण जीवन को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाती है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत स्वीकृत सभी आवासों को शीघ्र प्रारंभ कराने एवं समय-सीमा में पूर्ण कराने कलेक्टर बलौदाबाजार के निर्देशानुसार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में सभी ग्राम पंचायतो में आवास चौपाल का आयोजन कराया जा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 26 हजार 400 आवास निर्माण स्वीकृत
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2025-26 हेतु जिले में 26 हजार 400 आवास निर्माण को स्वीकृत किया गया, जिसमें से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्योत्सव के अवसर पर 25 हजार 580 हितग्राहियों के खाते में पहली किश्त की राशि जारी की गई। आवास चौपाल का आयोजन सभी ग्राम पंचायतों में तकनीकी अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है, जिसमे, सभी नवीन स्वीकृति उपरांत राशि प्राप्त आवास के हितग्राही, पूर्व वर्षाे के स्वीकृति उपरांत अपूर्ण आवास के हितग्राही, राजमिस्त्री, निर्माण, सामाग्री सप्लायर, सरपंच, सचिव एवं अन्य संबंधित शामिल होते हैं।
आवास चौपाल का उद्देश्य कनीकी जानकारी उपलब्ध कराना
आवास निर्माण की तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना। रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण कराना। सौर सुजला के तहत सौर पैनल लगवाने की जानकारी देना शामिल है। वर्ष 2025-26 में प्रथम क़िस्त जारी 25 हजार 580 आवास के हितग्राहियों को क़िस्त जारी किए गए हैं। सभी आवासों का निर्माण कार्य प्रारंभ कराना। योजना के तहत कन्वर्जेन्स के माध्यम से मिलने वाले अन्य लाभ का जानकारी देना। राजमिस्त्री एवं निर्माण सामग्री की उपलब्धता पर पंचायतों में आवास चौपाल में चर्चा की जा रही है । अब तक बलौदाबाजार में 56, भाटापारा 34, कसडोल में 24 और पलारी 22 पंचायतों में आवास चौपाल करा किया गया है। इस चौपाल में पूर्व वर्षाे के आवासों को जल्दी पूर्ण कराना।
योजना पूर्णतः निःशुल्क अनाधिकृत वसूली से सावधान
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण पारदर्शी और निःशुल्क योजना है जहां किसी भी स्तर पर कोई शुल्क नही लिया जाता। कलेक्टर बलौदाबाजार ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा अनाधिकृत वसूली, कमीशन या सुविधा शुल्क की मांग नहीं कर सकता। यदि कोई आवास पास कराने, क़िस्त जल्दी दिलाने या अन्य किसी बहाने से पैसा की मांग करता है, अनाधिकृत वसूली करने पर, तत्काल शिकायत जनपद पंचायत सीईओ, सीईओ जिला पंचायत या कलेक्टर कार्यालय में दर्ज करायें। ऐसे मामलों का त्वरित जांच कर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
हिंसा की राह छोड़कर 37 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, 27 पर था 65 लाख का इनाम…
बता दें, हाल ही में 2 बड़े नक्सली चैतू और अनंत के सरेंडर के बाद नक्सलवाद की कमर पूरी तरह टूट चुकी है. साथ ही सुरक्षा बलों द्वारा लगातार बढ़ रहे दबाव और सरकार की पुनर्वास योजनाओं से प्रभावित होकर लगातार अलग-अलग माओवादी संगठनों से बड़ी संख्या में नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा से जुड़ने का फैसला किया है. ये सभी विभिन्न नक्सली गतिविधियों, मुठभेड़ों, हमलों, रोड काटने, बैनर-पोस्टर लगाने जैसी घटनाओं में शामिल रहे थे. बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने कहा कि ‘पूना मारगेम’ बस्तर में स्थायी शांति और समग्र विकास की दिशा में परिवर्तनकारी पहल बनकर उभर रहा है. आत्मसमर्पित माओवादियों को पुनर्वास नीति के तहत 50 हजार रुपये की तात्कालिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, कृषि भूमि सहित अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. पुनर्वास नीति की वजह से पिछले 20 महीनों में दंतेवाड़ा में 165 इनामी माओवादी समेत 508 लोग आत्मसमर्पण कर चुके हैं. इसके अलावा ‘लोन वर्राटू’ अभियान के तहत अब तक 333 इनामी समेत 1160 माओवादी हथियार छोड़ चुके हैं. आत्मसमर्पण करने वालों में कई कुख्यात एवं इनामी माओवादी शामिल हैं। इनका स्वागत पुलिस उपमहानिरीक्षक दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, डीआईजी (CRPF) राकेश चौधरी, पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय, CRPF की 111वीं, 230वीं और 80वीं बटालियन के कमांडेंटों सहित अन्य अधिकारियों ने किया। इस अभियान को सफल बनाने में डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, विशेष शाखा, CRPF की कई कंपनियों और आरएफटी जगदलपुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दंतेवाड़ा पुलिस और जिला प्रशासन ने एक बार फिर आग्रह किया है कि माओवादी हिंसा छोड़कर समाज से जुड़ें. “पूना मारगेम यह संदेश देता है कि लौटने का अवसर हर किसी के लिए खुला है. अपने परिवार और बस्तर की नई शुरुआत के लिए शांति, पुनर्वास और सम्मान का मार्ग अपनाएं.”आत्मसमर्पित नक्सलियों की पहचान और ईनाम राशि:
8 लाख रुपये इनामी (4)
5 लाख रुपये इनामी (1)
2 लाख रुपये इनामी (7)
1 लाख रुपये इनामी (13)
50 हजार रुपये इनामी (2)
निरंक (इनाम रहित) – 10
इन घटनाओं में थे शामिल:
20 महीनों में दंतेवाड़ा से 508 माओवादी मुख्यधारा में लौटे
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण
माओवादियों से अपील
डिजिटल छत्तीसगढ़: जिसने दूर रह रही बेटी को दिया सबसे बड़ा सहारा,भुवनेश्वर में रहते हुए भी सोनम ने बिलासपुर से पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र किया प्राप्त
रायपुर। डिजिटल भारत अभियान और छत्तीसगढ़ शासन की ई-सेवाओं ने आम नागरिकों के जीवन को न सिर्फ आसान बनाया है, बल्कि समय, मेहनत और संसाधनों की बड़ी बचत भी सुनिश्चित की है। भुवनेश्वर में रहने वाली सोनम त्रिपाठी का अनुभव इसका जीवंत उदाहरण है। उन्होंने डिजिटल सेवाओं के सहारे अपने दिवंगत पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त किया और अपनी बीमार माताजी के बैंक खाते को बिना किसी परेशानी के भुवनेश्वर में स्थानांतरित करवा लिया।
विवाह के बाद भुवनेश्वर में बस चुकी सोनम त्रिपाठी के माता-पिता बिलासपुर में ही रहते थे। पिता का निधन होने के बाद नगरपालिका बिलासपुर ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया। लेकिन जब उनकी माताजी की तबीयत बिगड़ी और उन्हें अपने साथ भुवनेश्वर ले जाना पड़ा, तब एक नई चुनौती सामने आई कि माताजी के बैंक खाते का ट्रांसफर। बैंक ने पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का आग्रह किया, जिसकी जानकारी श्रीमती त्रिपाठी को पहले नहीं थी, और इसी कारण काम कुछ समय के लिए अटक गया। इस दस्तावेज़ की आवश्यकता ने परिवार को असमंजस में डाल दिया।
इंटरनेट और डिजिटल छत्तीसगढ़ का मिला सहारा
श्रीमती त्रिपाठी ने समाधान की तलाश शुरू की और इंटरनेट की मदद से छत्तीसगढ़ के जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्यालय का संपर्क नंबर प्राप्त किया। भुवनेश्वर से ही उन्होंने संबंधित कर्मचारी से संपर्क किया। कार्यालय कर्मचारी ने आवश्यक दस्तावेज़ों, ऑनलाइन प्रक्रिया और प्रमाण पत्र प्राप्ति के चरणों की स्पष्ट एवं सहज जानकारी प्रदान की। डिजिटल व्यवस्था की बदौलत कुछ ही दिनों में उन्हें अपने पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन उपलब्ध हो गया, और बैंक की समस्त औपचारिकताएँ तुरंत पूर्ण हो गईं।
डिजिटल सेवाएँ समय बचाती हैं, परेशानी दूर करती हैं — सोनम त्रिपाठी
सोनम त्रिपाठी बताती हैं कि यदि उन्हें डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी पहले मिल जाती, तो उनका काम और पहले ही पूरा हो जाता। उनका कहना है कि बैंकिंग, सरकारी सहायता, संपत्ति, पेंशन और अन्य कार्यों में बाधा से बचने के लिए ऐसे दस्तावेज़ समय रहते बनवा लेना चाहिए। मैंने भी भुवनेश्वर से ही ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की और प्रमाण पत्र कुछ ही दिनों में प्राप्त हो गया। उनका अनुभव बताता है कि सूचना की उपलब्धता, तकनीक का उपयोग और सरकारी सेवाओं का डिजिटलीकरण किस प्रकार जटिल लगने वाले कामों को भी सरल और तेज बनाते हैं।
डिजिटल छत्तीसगढ़: अब हर नागरिक के ‘एक क्लिक’ पर सरकारी सेवाएँ
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में जन्म-मृत्यु पंजीकरण, शिकायत निवारण, प्रमाण पत्र उपलब्धता और विभिन्न सेवाओं के डिजिटलीकरण ने आमजन की परेशानी को काफी हद तक कम किया है। बिलासपुर से लेकर बस्तर तक हर कोई घर बैठे प्रमाण पत्र, आवेदन स्थिति और अन्य सेवाओं का लाभ उठा पा रहा है। इससे न केवल समय और ऊर्जा की बचत होती है, बल्कि प्रक्रियाएँ पारदर्शी और विश्वसनीय भी बनी हैं।
सोनम त्रिपाठी की यह कहानी उन नागरिकों के लिए प्रेरणा है जो परंपरागत प्रक्रियाओं की कठिनाइयों से परेशान रहते हैं। यह उदाहरण दर्शाता है कि समय पर सूचना, सहयोगी प्रशासन और आधुनिक डिजिटल सेवाओं की सहायता से कोई भी महत्वपूर्ण कार्य शीघ्रता और सरलता से पूरा किया जा सकता है।
डिजिटल छत्तीसगढ़ की यह मिसाल न केवल राज्य के डिजिटल परिवर्तन की सफलता को रेखांकित करती है, बल्कि यह भी बताती है कि डिजिटल भारत अभियान कैसे आम नागरिकों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रहा है।
छत्तीसगढ़ की डिजिटल सेवाएँ अब आम नागरिकों की जिंदगी में बदलाव ला रही हैं। भुवनेश्वर में रहते हुए भी श्रीमती सोनम त्रिपाठी ने बिलासपुर से अपने दिवंगत पिता का डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त किया और माताजी के बैंक खाते का ट्रांसफर बिना किसी कठिनाई के पूरा कर लिया—यह हमारे ई-गवर्नेंस सिस्टम की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और दक्षता का प्रमाण है। “डिजिटल छत्तीसगढ़” का लक्ष्य ही यही है कि हर नागरिक को घर बैठे, एक क्लिक में, तेज़ और सरल तरीके से सरकारी सेवाएँ उपलब्ध हों। श्रीमती त्रिपाठी का यह अनुभव डिजिटल भारत अभियान और राज्य सरकार की नागरिक-केंद्रित कार्यशैली की सफलता को रेखांकित करता है। -
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में लगभग 86 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जनवरी 2026 को लागू होने वाली मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्य 4 नवंबर 2025 से पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ जारी है। प्रदेशभर में बीएलओ घर-घर जाकर पंजीकृत मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का संग्रहण कर रहे हैं और उनका डिजिटाइजेशन तेजी से प्रगति पर है।
29 नवंबर तक प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 82 लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जो कुल 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 पंजीकृत मतदाताओं का लगभग 86 प्रतिशत है।
SIR प्रक्रिया का शेड्यूल
मुद्रण एवं प्रशिक्षण कार्य – 28 अक्टूबर 2025 से 3 नवंबर 2025 तक
घर घर गणना चरण अवधि (घर-घर जाकर सत्यापन) कार्य – 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक
मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन – 9 दिसंबर 2025
दावे और आपत्तियों की अवधि – 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक
नोटिस चरण (सुनवाई और सत्यापन) – 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन – 7 फरवरी 2026
अंबेडकर अस्पताल में अब जूनियर डॉक्टर मरीज के लिए सीधे सिटी स्कैन के लिए नहीं बनाएंगे पर्ची, यूनिट इंचार्ज के हस्ताक्षर होंगे जरूरी
रायपुर। डॉ. बी. आर. अम्बेडकर अस्पताल में मरीजों की सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए अब जूनियर डॉक्टर सीधे पर्ची नहीं बनाएंगे. यूनिट इंचार्ज कंसल्टेंट के हस्ताक्षर के बाद ही मरीज की सोनोग्राफी और सीटी स्कैन जांच होगी. वहीं अब मरीजों को सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा. मरीज की जांच उसी दिन होगी.
प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल अम्बेडकर अस्पताल में जांच सुविधा को बेहतर बनाने की दिशा में काम चल रहा है. व्यवस्था में सुधार की दिशा में पहला कदम रेडियोलॉजी विभाग में उठाया गया है. अस्पताल में आने वाले मरीजों को सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए 15 से 20 दिन इंतजार करना पड़ता था लेकिन अब इंतजार खत्म हो रहा है. प्राप्त जानकारी के अनुसार अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में अब ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि मरीज की सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई जांच उसी दिन होगी. इससे मरीजों को जांच के लिए परेशान नहीं होना होगा. जानकारी के मुताबिक पिछले सप्ताहभर से सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई की वेटिंग काफी कम हो गई है. सोनोग्राफी भी उसी दिन होने लगी है. शुक्रवार को 256 सोनोग्राफी हुई, जो कुछ दिनों पहले तक 130-135 होती थी. वर्तमान में सीटी स्कैन, एमआरआई जांच के लिए 15 दिसंबर तक की वेटिंग दी गई है. अस्पताल प्रबंधन की मानें तो 16 दिसंबर से रेडियोलॉजी विभाग में किसी तरह की वेटिंग नहीं होगी. इसके अलावा मशीनों के लिए आवश्यक सामग्रियों की व्यवस्थाएं भी तत्काल की जा रही है ताकि मरीजों को परेशान नहीं होना पड़े. दूसरी ओर, मरीजों की स्थिति के अनुसार ही सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई जांच की जाएगी.
अब तक देखने में आ रहा था कि ओपीडी में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को जूनियर डॉक्टरों द्वारा अनावश्यक रूप से सीटी स्कैन की पर्ची बनाई जा रही है. इसके कारण ही सीटी स्कैन एवं एमआरआई जांच हेतु वेटिंग बढ़ रही थी. 10-15 दिन तक की वेटिंग लगती थी. अब व्यवस्था बदल जाएगी. अस्पताल प्रबंधन ने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि ओपीडी में उपचार हेतु आने वाली मरीजों की सीटी स्कैन, एमआरआई की जांच के लिए बनने वाली पर्ची बिना यूनिट इंचार्ज की अनुमति और हस्ताक्षर के नहीं बनेगी.
सीटी स्कैन के लिए यूनिट इंचार्ज के हस्ताक्षर जरूरीः अधीक्षक
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि जूनियर डॉक्टर सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए सीधे पर्ची नहीं बना पाएंगे. पर्ची बनाने के लिए यूनिट इंचार्ज कंसल्टेंट के हस्ताक्षर अनिवार्य रूप से लिए जाएंगे. उन्होंने बताया कि सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई की वेटिंग धीरे-धीरे खत्म हो रही है. अब उसी दिन मरीज की सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई जांच होगी. इससे मरीजों को जांच के लिए इंतजार नहीं करना होगा.
हेल्थकेयर हब बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है अटल नगर,मध्य भारत में स्वास्थ्य क्रांति की नई इबारत लिख रहा है छत्तीसगढ़
रायपुर। स्वास्थ्य, शिक्षा और अनुसंधान किसी भी विकसित समाज की असली नींव होते हैं। भारत जब वर्ष 2047 के विकसित राष्ट्र के संकल्प की ओर तेजी से बढ़ रहा है, तब गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ हमारी प्रमुख प्राथमिकता बन चुकी हैं। इसी दृष्टि से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में विकसित की जा रही ‘मेडिसिटी’ परियोजना न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवा के नए युग की शुरुआत कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में यह परियोजना देश की सबसे महत्वाकांक्षी और भविष्यगामी स्वास्थ्य पहल के रूप में उभर रही है।
नवा रायपुर अटल नगर पहले से ही शिक्षा, परिवहन, उद्योग और आधुनिक शहरी ढांचे का प्रमुख केंद्र रहा है। अब मेडिसिटी इसे राष्ट्रीय स्तर पर हेल्थकेयर की राजधानी के रूप में स्थापित करने जा रहा है। अत्याधुनिक कनेक्टिविटी, व्यापक परिवहन नेटवर्क और भौगोलिक दृष्टि से रणनीतिक स्थिति नवा रायपुर को न सिर्फ छत्तीसगढ़, बल्कि ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों के लिए भी उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख गंतव्य बना रही है। हर वर्ष 7 करोड़ से अधिक यात्री यहां के एयरपोर्ट और रेल सेवाओं का उपयोग करते हैं, और जल्द ही शुरू होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बाद मेडिकल टूरिज्म के विस्तृत अवसर यहां खुलने वाले हैं।
सेक्टर 36–37 में 200 एकड़ में विकसित की जा रही मेडिसिटी में 5,000 से अधिक बेड की क्षमता और देश के अग्रणी हेल्थकेयर समूहों की भागीदारी इस परियोजना को देश के सबसे बड़े स्वास्थ्य शहर के रूप में स्थापित करेगी।
मेडिसिटी में मेडिकल यूनिवर्सिटी, नर्सिंग कॉलेज और रिसर्च इंस्टीट्यूट स्थापित किए जा रहे हैं ताकि डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल पेशेवरों की नई और सक्षम पीढ़ी तैयार हो सके। कार्डियोलॉजी, कैंसर साइंस, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, ऑर्गन ट्रांसप्लांट और मल्टी–स्पेशियलिटी अस्पतालों के साथ अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक्स लैब्स यहां स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाइयों पर ले जाएँगे। मरीजों और उनके परिजनों के लिए आवासीय परिसर, छात्रावास, होटल और धर्मशाला जैसी सुविधाएँ इस पूरे क्षेत्र को एक व्यवस्थित ह्यूमन–सेंट्रिक मेडिकल ज़ोन में बदल देंगी। ‘वॉक-टू-हॉस्पिटल’ मॉडल, पर्यावरण अनुकूल डिजाइन, सुगम सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी और पीएमजेएवाई व सीजीएचएस जैसी योजनाओं के तहत किफायती उपचार सेवाएँ इस परियोजना को पूरी तरह समावेशी बनाती हैं।
उल्लेखनीय है कि नवा रायपुर में पहले से सक्रिय उत्कृष्ट स्वास्थ्य संस्थान इस संरचना को और भी मजबूत आधार प्रदान करते हैं। श्री सत्य साई संजीवनी हॉस्पिटल 2012 से बाल हृदय रोग के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का अग्रणी केंद्र है, जहाँ भारत के अलावा बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और अफ्रीकी देशों से भी मरीज आते हैं। वहीं 2018 से संचालित 170 बिस्तरों वाला बालको कैंसर हॉस्पिटल सेंट्रल इंडिया के 500–600 किमी के दायरे में अत्याधुनिक कैंसर उपचार उपलब्ध कराता है। रायपुर का स्वच्छ वातावरण और कम जीवन–यापन लागत मरीजों के लिए इसे और उपयुक्त बनाती है।
मेडिसिटी केवल एक स्वास्थ्य परियोजना नहीं बल्कि आर्थिक गतिविधियों का भी विशाल केंद्र बनेगी। स्वास्थ्य, फार्मा, वेलनेस और सपोर्ट सेवाओं में हजारों रोजगार सृजित होंगे। इसके आसपास किफायती आवास, व्यापारिक प्रतिष्ठान और नई सेवा गतिविधियों का विस्तार राज्य की जीडीपी में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।
नवा रायपुर मेडिसिटी छत्तीसगढ़ सरकार का वह संकल्प है जो कहता है—सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य, कम लागत में उच्च सुविधा और सुरक्षित जीवन की गारंटी। यह केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि भारत के स्वस्थ, सुरक्षित और विकसित भविष्य की नई परिभाषा है। आने वाले वर्षों में नवा रायपुर अटल नगर मेडिसिटी न सिर्फ मध्य भारत बल्कि पूरे देश के स्वास्थ्य परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श हेल्थकेयर मॉडल के रूप में स्थापित होगी।
नवा रायपुर मेडिसिटी छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का ऐसा इंजन बनेगी, जो आने वाले दशकों तक राज्य की विकास रफ्तार को नई दिशा देगा। 200 एकड़ में विकसित हो रही यह विश्वस्तरीय हेल्थकेयर सिटी न सिर्फ उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान करेगी, बल्कि स्वास्थ्य, फार्मा, वेलनेस, शिक्षा और सेवा क्षेत्रों में हजारों रोजगार सृजित कर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार देगी। एम्स, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट, मेडिकल यूनिवर्सिटी और सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों की स्थापना से नवा रायपुर राष्ट्रीय हेल्थ हब के रूप में उभरेगा। मेडिसिटी का मॉडल ‘सुलभता, किफायत और उच्च गुणवत्ता’ के सिद्धांतों पर आधारित है और यह आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को मेडिकल टूरिज्म, रिसर्च और हेल्थ इकोनॉमी का अग्रणी केंद्र बनाएगा.
-वित्त मंत्री ओ पी चौधरी
नवा रायपुर अटल नगर में विकसित की जा रही मेडिसिटी मध्य भारत में स्वास्थ्य क्रांति की नई शुरुआत है। 200 एकड़ में विकसित हो रहा यह विशाल हेल्थकेयर सिटी आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ ही नहीं, ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र सहित पूरे क्षेत्र को अत्याधुनिक, सुलभ और किफायती चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करेगा। ‘नवा रायपुर मेडिसिटी’ उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएँ, मेडिकल शिक्षा, अनुसंधान और मेडिकल टूरिज्म सभी को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराते हुए भारत के विकसित भविष्य की मजबूत आधारशिला बनेगी।
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
बिलासपुर हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: नामिनी सिर्फ राशि का अभिरक्षक होता है, मालिक नहीं
रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि, बैंक में नामांकन से उत्तराधिकार का अधिकार नहीं मिलता, नामिनी सिर्फ राशि का अभिरक्षक होता है, मालिक नहीं. इसके साथ ही 15 लाख की रकम पर चल रहे ससुर-दामाद के विवाद का अंत हो गया है. बैंक ऑफ इंडिया, मुंगेली शाखा में स्वास्थ्य कार्यकर्ता रंजनादेवी प्रधान का 15 लाख रुपए जमा था. उनकी मौत के बाद रकम पर दामाद राहुल ध्रुव और ससुर लल्लाराम दोनों ने दावा किया. ट्रायल कोर्ट ने नामांकन देखकर राशि दामाद को देने का आदेश दिया था, लेकिन अपील में जिला न्यायालय ने फैसला पलटते हुए कहा कि, हिंदू सक्सेशन एक्ट के तहत पति पक्ष के वारिसों को पहला अधिकार होता है, और लल्लाराम ससुर होने के नाते निकट संबंधी हैं.
हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि, नामांकन से व्यक्ति का सि फ ‘कस्टोडियन’ का दर्जा बनता है, इससे उत्तराधिकार का अधिकार नहीं मिलता. यह कानून बार-बार स्पष्ट किया जा चुका है. इसके साथ ही जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने अपीलीय अदालत का आदेश सही मानते हुए पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया, इसके साथ ही 15 लाख की राशि पर लल्लाराम का अधिकार पक्का हो गया है.
सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अगुवाई में रायपुर में इतिहास रचता सांसद खेल महोत्सव: 85 हजार खिलाड़ियों की सहभागिता, प्रधानमंत्री मोदी करेंगे समापन संबोधन
रायपुर। राजधानी के सुभाष स्टेडियम में आज “हम खेलेंगे, तो भारत खेलेगा” के प्रेरक संदेश के साथ लोकसभा सांसद खेल महोत्सव का भव्य, अनुशासित और उत्साहपूर्ण आयोजन सम्पन्न हुआ। सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति में रायपुर नगर निगम के ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिता ने नए कीर्तिमान गढ़ते हुए हजारों युवाओं में अद्भुत ऊर्जा का संचार किया।इस अवसर पर विधायक एवं पूर्व मंत्री राजेश मूणत, विधायक पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे भी उपस्थित रहे।
NCC कैडेट्स द्वारा बैंड-बाजे के साथ किया गया शानदार स्वागत, नगर निगम आयुक्त द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट, तथा दानी स्कूल की छात्राओं द्वारा राजकीय गीत से की गई कार्यक्रम की शुरुआत—यह सब मिलकर आयोजन को गौरवमयी ऊंचाई प्रदान कर रहे थे। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत लोकगीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को सांस्कृतिक रंगों से सरोबार कर दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद अग्रवाल ने कहा कि हर बच्चा किसी न किसी खेल से जुड़े। खेलों में शामिल होना ही अपने आप में बड़ी बात है, क्योंकि खेल शरीर, मन, बुद्धि और आत्म अनुशासन—इन सभी को मजबूत बनाते हैं। खेल न सिर्फ फिटनेस बढ़ाते हैं, बल्कि टीमवर्क, नेतृत्व और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देते हैं
“उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी विजयी हुए उन्हें हार्दिक बधाई। वहीं जो इस बार विजय प्राप्त नहीं कर सके, उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि यदि आप मेहनत की राह पर चलते रहेंगे, तो सफलता स्वयं आपके कदम चूमेगी।”
खेल महोत्सव के अवसर पर वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर पूरे स्टेडियम में राष्ट्रभक्ति का विराट दृश्य दिखाई दिया। उपस्थित जनसमूह ने इस अमर राष्ट्रगीत को सामूहिक स्वर में स्मरण कर भारत माता को नमन किया।
इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने देश के दो महान विभूतियों, जनजातीय गौरव भगवान बिरसा मुंडा और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि, “यह त्रिवेणी—वंदेमातरम्, बिरसा मुंडा और सरदार पटेल हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, एकता, साहस और संघर्षशीलता का अनूठा संगम है। सांसद खेल महोत्सव इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए युवाओं में अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और उत्कृष्टता का संचार कर रहा है।
पहले चरण में रायपुर नगर निगम, बिरगांव नगर निगम, माना नगर पंचायत एवं गोगांव में हुए प्रतियोगिताओं के विजेताओं ने आज राजधानी में दूसरे चरण के आयोजन में अपनी प्रतिभा का जौहर दिखाया और 22 से 25 दिसंबर तक रायपुर में होने वाले सुपर फाइनल में प्रवेश किया।
सांसद बृजमोहन, रायपुर खेल संस्कृति के शिल्पकार
अपने निरंतर प्रयासों, दूरदर्शिता, संगठन क्षमता और युवा विकास के प्रति समर्पण से सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर लोकसभा क्षेत्र को न केवल प्रदेश में बल्कि देशभर में खेल गतिविधियों का आदर्श मॉडल प्रस्तुत करने योग्य बनाया है। आज का यह आयोजन उनकी नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रभाव और युवा शक्ति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है।
सांसद बृजमोहन की दूरदर्शिता—छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों का सम्मान
सांसद बृजमोहन अग्रवाल खेल और खिलाड़ियों के सशक्त समर्थक रहे हैं। उनके कार्यकाल में ही राज्य में पहली बार उत्कृष्ट खिलाड़ियों को नकद राशि, सम्मान और सरकारी नौकरी की परंपराओं का प्रारंभ हुआ। जिसने छत्तीसगढ़ के खेल जगत को नई दिशा दी।
इतिहास रचता हुआ रायपुर लोकसभा क्षेत्र
रायपुर लोकसभा खेल महोत्सव में 8 ब्लॉकों—रायपुर नगर निगम, अभनपुर, आरंग, तिल्दा, धरसीवा तथा बलौदा बाजार, भाटापारा और सिमगा में 13 खेलों का बड़े पैमाने पर आयोजन किया गया।
रायपुर लोकसभा में करीब 85,000 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे है। केवल रायपुर नगर निगम क्षेत्र में ही 14000 खिलाड़ी सम्मिलित हुए। जिसमें 19 वर्ष से कम एवं 19 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के महिला–पुरुष खिलाड़ियों की सहभागिता की। दो महीनों से अधिक समय तक लगातार चल रहे खेल, प्रदेश में खेल संस्कृति को नई धारा देने वाला सबसे बड़ा आयोजन है।
राष्ट्रीय स्तर की तैयारी—प्रधानमंत्री का विशेष संबोधन
अब 8 ब्लॉकों के विजेता खिलाड़ी 22 से 25 दिसंबर तक रायपुर में आयोजित होने वाले अंतिम चरण में हिस्सा लेंगे, जिसमें लगभग 4,000 से 5,000 खिलाड़ी मुकाबला करेंगे। 25 दिसंबर को इस महोत्सव के भव्य समापन समारोह में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करेंगे।
सांसद खेल महोत्सव खेल का पर्व, राष्ट्रभक्ति का उत्सव, और युवा भारत की नई पहचान है।
सांसद बृजमोहन ने इस सफल आयोजन के लिए आयोजकों, खिलाड़ियों, नगर निगम, खेल एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, अभिभावकों और खेल प्रेमियों का आभार जताया है।
कार्यक्रम में नगर निगम सभापति सूर्यकांत राठौर, MIC सदस्य मनोज वर्मा, नंद कुमार साहू, अमर गीडवानी, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ अध्यक्ष कैलाश मुरारका, विजय अग्रवाल, मोहन एंटी, जोन अध्यक्ष, पार्षदगण आयुक्त विश्वदीप, अपर आयुक्त विनोद पांडेय जोन आयुक्त अरुण ध्रुव, हितेंद्र यादव, उपयुक्त जसदेव बाबरा, खिलाड़ी, अभिभावक और खेल प्रेमी उपस्थित रहे।









