प्रदेश
छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदला: कई जिलों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ली है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अगले तीन घंटों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट:
सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव और गरियाबंद जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है।
इन जिलों में येलो अलर्ट:
सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, रायगढ़, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग की अपील:
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। खासकर किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले नागरिकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
अवैध रेत भंडारण एवं परिवहन पर कड़ी कार्रवाई, 2 चैन माउंटेन एवं 3 ट्रैक्टर वाहन जब्त
महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने हेतु खनिज विभाग द्वारा सतत कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में आज संयुक्त टीम द्वारा महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम घोड़ारी तहसील के महानदी क्षेत्र में अवैध रूप से भण्डारित किए गए रेत के लोडिंग कार्य में लगे हुए एक 2 चैन माउंटेन एवं 3 ट्रैक्टर वाहन को जप्त किया गया। वाहन को जब्त कर सुरक्षार्थ तुमगांव थाना में खड़ा किया गया है।
खनिज अधिकारी योगेन्द्र सिंह ने बताया कि उक्त वाहनों पर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। इस प्रकरण में 2 से 5 वर्षों की सजा का प्रावधान है और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज कर न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया जाएगा। पूर्व में भी खनिज पट्टेदारों एवं खनिज परिवहनकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि बिना वैध अभिवहन पास के खनिज का उत्खनन, परिवहन या भंडारण करना कानूनन अपराध है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में अवैध खनिज गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु खनिज विभाग का विशेष अभियान सतत जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से बुनकर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
रायपुर। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ बुनकर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी प्रतिनिधियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने बुनकर समाज की सराहना करते हुए कहा कि हथकरघा कला हमारी समृद्ध विरासत है, जो प्रदेश को एक विशिष्ट पहचान दिलाती है और हमारी सांस्कृतिक अस्मिता को सशक्त बनाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बुनकर समाज अपने श्रम, कौशल और रचनात्मकता के माध्यम से राज्य का गौरव बढ़ा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार बुनकरों की समृद्धि, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए बहुआयामी प्रयास कर रही है। कच्चा माल सुलभ कराने से लेकर लागत कम करने और विपणन की बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने तक, हर मोर्चे पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बुनकरों की आत्मनिर्भरता ही उनकी रचनात्मक उड़ान को नई ऊँचाई दे सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए "वोकल फॉर लोकल" के मंत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय हमारे पारंपरिक उत्पादों और हुनर को प्रोत्साहन देने का है। हथकरघा उद्योग केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है, जिसे बुनकर समाज आज भी सहेजे हुए है।
इस अवसर पर समाज के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बुनकरों द्वारा निर्मित करघा (कपड़ा बुनने की पारंपरिक मशीन) की प्रतिकृति भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी यह भेंट न केवल आपके सम्मान और भावनाओं का प्रतीक है, बल्कि सृजन, परंपरा और हमारे प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों का भी प्रतीक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार बुनकर समाज के हर संभव सहयोग के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और उनके सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय बुनकरों के सम्मान, समृद्धि और सशक्तिकरण का होगा।
इस अवसर पर बुनकर समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेश देवांगन, पुरुषोत्तम देवांगन, धनेश देवांगन, गजेंद्र देवांगन सहित अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित थे।
सेंट्रल जेल रायपुर में बंद शोएब ढेबर का मुलाकात कक्ष में आना प्रतिबंधित
रायपुर। केन्द्रीय जेल रायपुर से शोएब ढेबर पिता अनवर ढेबर को सभी प्रकार के मुलाकात से आगामी तीन माह के लिए प्रतिबंधित किया गया है। शोएब ढेबर द्वारा जेल अधिकारियों की अनुमति के बिना जबरदस्ती मुलाकात कक्ष में प्रवेश कर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की गई, इस आधार पर यह प्रतिबंध लगाया गया है।
जेल अधीक्षक रायपुर द्वारा जारी आदेश अनुसार शोएब ढेबर ने अधिवक्ता मुलाकात के समय संबंधित अधिकारियों द्वारा मना किए जाने के बावजूद जबरन प्रवेश किया, जिससे जेल के सुरक्षा और संचालन व्यवस्था में अवरोध उत्पन्न हुआ। इस घटना की जांच उप जेल अधीक्षक एम.एन. प्रधान द्वारा की गई, जिनकी रिपोर्ट में पुष्टि की गई कि शोएब ढेबर द्वारा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करना सत्य है। जेल नियमावली के नियम 690 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केन्द्रीय जेल रायपुर के जेल अधीक्षक द्वारा आदेश जारी करते हुए शोएब ढेबर को तीन माह तक किसी भी बंदी से किसी भी प्रकार की मुलाकात से प्रतिबंधित कर दिया गया है। जेल अधीक्षक ने कहा कि जेल परिसर की सुरक्षा एवं अनुशासन बनाए रखने के लिए ऐसे कृत्यों को गंभीरता से लिया जाएगा और भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति रोकने हेतु कड़े कदम उठाए जाएंगे।
उत्तराखंड के धराली में बादल फटने की घटना अत्यंत पीड़ादायक – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में बादल फटने की दुखद घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक है। मैं भगवान बदरी विशाल जी से इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित सभी लोगों की सुरक्षा और कुशलता की प्रार्थना करता हूँ।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की निगरानी में राज्य और केंद्र सरकार के राहत एवं बचाव दल युद्ध स्तर पर तत्परता से कार्य कर रहे हैं। फलस्वरूप, अब तक सैकड़ों ज़िंदगियां बचा ली गई हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस संकट की घड़ी में उत्तराखंड सरकार और पीड़ितों के साथ खड़ी है।
बीजापुर में 24 लाख के इनामी समेत 9 माओवादियों का आत्मसमर्पण, मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। बीजापुर जिले में ₹24 लाख के इनामी समेत कुल 9 माओवादियों ने आज आत्मसमर्पण किया है, वहीं एक अन्य घटनाक्रम में एक माओवादी मुठभेड़ के दौरान न्यूट्रलाइज़ किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह बदलते बस्तर की तस्वीर है जहाँ बंदूकें झुक रही हैं और विकास की आवाज़ बुलंद हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता सुरक्षाबलों के अदम्य साहस और भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक केंद्रीय गृह मंत्री के पद पर सेवा देने वाले अमित शाह के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन का प्रतिफल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह का कार्यकाल भारत की आंतरिक सुरक्षा का वह युग है जिसने असंभव को संभव बना दिया है। अनुच्छेद 370 की ऐतिहासिक समाप्ति हो या नक्सलवाद एवं आतंकवाद पर कठोर प्रहार का निर्णय – उन्होंने सदैव भारत को एक सुरक्षित, सशक्त और आत्मविश्वासी राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाया है।
छत्तीसगढ़ में दिसंबर 2023 से अब तक लगभग 450 माओवादी न्यूट्रलाइज़ किए जा चुके हैं, 1579 माओवादी गिरफ्तार हुए हैं, और लगभग 1589 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह आँकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुँच चुका है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मंशा के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक राज्य से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के पुनर्वास की प्रक्रिया को तेज़ी से लागू करने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस सफलता के लिए सुरक्षाबलों, खुफिया एजेंसियों और प्रशासनिक अमले को बधाई दी है और कहा है कि बस्तर अब अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ चुका है। विकास ही अब उसकी पहचान बनेगा।
NRI कोटा खत्म करने की मांग पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, जनहित याचिका खारिज
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने मेडिकल से जुड़े विभिन्न कोर्स चिकित्सा, दंत चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी चिकित्सक प्रवेश नियम 2025 में एनआरआई कोटा समाप्त करने दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने जनहित के बजाय याचिका को व्यक्तिगत हित से जुड़ा होने के कारण खारिज करते हुए जमा अमानत राशि जब्त करने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि रायपुर निवासी समाज सेवी ने छत्तीसगढ़ शासन द्बारा राजपत्र में अधिसूचित मेडिकल प्रवेश नियम 2025 के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। नियम में एनआरआई कोटा रखे जाने को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई थी।
याचिका में कहा गया था कि उनके परिवार व रिश्तेदार के बच्चे चिकित्सा, दंत चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के लिए नीट परीक्षा दे रहे हैं। इसके कोटा निर्धारित किए जाने से इन बच्चों के एडमिशन पर प्रभाव पड़ रहा है। प्रवेश नीट के मैरिट आधार पर ही दिए जाने का आदेश देने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने याचिका को जनहित के बजाय व्यक्तिगत होने के आधार पर खारिज कर दिया।
जून 2026 से बंद होगा कुम्हारी टोल प्लाजा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रयासों को मिली बड़ी सफलता
नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल के निरंतर प्रयासों का बड़ा परिणाम सामने आया है। केंद्र सरकार ने कुम्हारी टोल प्लाजा को जून 2026 से पूर्ण रूप से बंद करने की स्वीकृति दे दी है। इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने स्वयं पत्र लिखकर श्री अग्रवाल को जानकारी दी है।

बृजमोहन अग्रवाल ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला छत्तीसगढ़वासियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इससे लोगों का समय, ईंधन और पैसा तीनों की बचत होगी।
जून 2026 तक पूर्ण होगा आरंग-रायपुर-दुर्ग बाईपास
श्री अग्रवाल ने बताया कि भारतमाला परियोजना के तहत 92 किलोमीटर लंबे आरंग-रायपुर-दुर्ग बाईपास का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है, जिसे जून 2026 तक पूरा किया जाएगा। इसके पूरा होते ही कुम्हारी टोल प्लाजा की उपयोगिता समाप्त हो जाएगी और इसे बंद कर दिया जाएगा। यह नया 6 लेन एक्सेस-नियंत्रित राजमार्ग दुर्ग, रायपुर और आरंग को जोड़ेगा, जिससे न केवल आवागमन सुगम होगा बल्कि शहरों के बीच यातायात का दबाव भी कम होगा।
केंद्र सरकार ने 15 अगस्त 2025 से फास्टैग उपयोगकर्ताओं के लिए वार्षिक पास योजना लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके अंतर्गत ₹3,000 में 200 यात्राएं (या 1 वर्ष तक) की जा सकेंगी। इससे निजी वाहन मालिकों को प्रति यात्रा मात्र ₹15 का खर्च पड़ेगा। यह योजना कार, जीप और वैन जैसे गैर-व्यावसायिक वाहनों पर लागू होगी।
देश का नौंवा बैरियर-रहित टोल प्लाजा बनेगा कुम्हारी
देशभर में फास्टैग-आधारित ANPR (Automatic Number Plate Recognition) प्रणाली के अंतर्गत बिना रुके टोल वसूली प्रणाली को लागू किया जा रहा है। देश के आठ टोल प्लाजा पहले से ही इस प्रणाली से जुड़े हैं, और अब कुम्हारी देश का नौंवा टोल प्लाजा बनेगा, जहां मल्टी-लेन फ्री फ्लो प्रणाली लागू की जाएगी।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री मोदी के Ease of Living के विजन को साकार करती है। इससे आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा और सड़कों पर जाम की स्थिति में भी कमी आएगी।
छात्रों को कुत्ते का जूठा भोजन परोसने के मामले में बड़ी कार्रवाई
रायपुर। स्कूल में बच्चों को कुत्ते का जूठा भोजन परोसने के मामले में राज्य शासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए स्कूल के प्रभारी प्रधानपाठक और एक शिक्षक को निलंबित कर दिया है। साथ ही तीन शिक्षकों का इंक्रीमेंट रोक दिया है। कलेक्टर दीपक सोनी के प्रतिवेदन पर लोक शिक्षण संचलनाय ने यह कार्रवाई की है। पूरा मामला बलौदाबाजार जिले के विकासखंड पलारी के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला लच्छनपुर का है।
बता दें कि 28 जुलाई को रसोइयों द्वारा बनाए गए मध्यान्ह भोजन को आवारा कुत्ते द्वारा जूठा कर दिए जाने के बाद भी रसोइया एवं प्रधानपाठक ने जानबूझकर छात्रों को परोस दिया था और मामले को छुपाने का प्रयास किया था। इस दौरान 84 बच्चों को मध्यान्ह भोजन सेवन पश्चात् गुपचुप तरीके से एंटी रेबीज टीका लगवाए जाने एवं घटना को दबाने के प्रयास के संबंध में कलेक्टर बलौदाबाजार -भाटापारा के प्रतिवेदन के आधार पर शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय लच्छनपुर के प्रभारी प्रधानपाठक नेतराम गिरि एवं शिक्षक एलबी वेदप्रकाश पटेल को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया।
कर्तव्य में घोर लापरवाही एवं सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 (1),(2),(3) एवं 3 (2) के उल्लंघन पर संचालक लोक शिक्षण छत्तीसगढ़ ने प्रभारी प्रधानपाठक नेतराम गिरि एवं शिक्षक एलबी वेदप्रकाश पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में प्रधानपाठक नेतराम गिरि व शिक्षक वेदप्रकाश पटेल का मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय सिमगा नियत किया गया है।
निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। साथ ही संस्था में पदस्थ शिक्षक एलबी रविलाल साहू, शिक्षक एलबी नेमीचंद बघेल एवं शिक्षक एलबी नामप्यारी ध्रुव द्वारा जानबूझकर तथ्य क़ो छिपाने के लिए सहयोग करने के कारण तीनों शिक्षकों का आगामी एक वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोका गया है।


डीएमएफ घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से सूर्यकांत तिवारी को मिली अंतरिम जमानत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित डीएमएफ घोटाले में आरोपी सूर्यकांत तिवारी को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है. साथ ही उन्हें राज्य से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं. जमानत याचिका पर सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या की डबल बेंच में हुई.
अदालत में सूर्यकांत तिवारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी और शशांक मिश्रा ने पैरवी की, वहीं राज्य सरकार की ओर से महेश जेठमलानी और छत्तीसगढ़ के एडिशनल एडवोकेट जनरल विवेक शर्मा ने पक्ष रखा. सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सूर्यकांत तिवारी को सशर्त जमानत देने का फैसला सुनाया. इसके साथ ही उन्हें राज्य से बाहर रहने का भी निर्देश दिया है.
बता दें कि इस मामले में निलंबितआईएएस रानू साहू, समीर बिश्नोई और सौम्या चौरसिया को हाइकोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है. तीनो को राज्य से बाहर रहने की शर्त पर जमानत दी गई थी.
छत्तीसगढ़ में अधिक से अधिक ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने हेतु इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनियों के साथ हुई बैठक
रायपुर। छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदी और उपयोगिता को बढ़ावा देने तथा राज्य के विभिन्न स्थानों पर ई-वाहनों के लिए चार्जिंग प्वाइंट की स्थापना हेतु वाहन निर्माता कंपनियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज मंत्रालय महानदी भवन में एक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ में कार्यरत विभिन्न इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने एवं चार्जिंग प्वाइंट की स्थापना से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में करीब 290 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित हैं तथा राज्य में 1 लाख 49 हजार इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। अधिकारियों ने जानकारी दी कि पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने के लिए पेट्रोल पंपों और इलेक्ट्रिक वाहन विक्रेताओं से चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने में सहयोग देने का आग्रह किया गया है।
यह भी बताया गया कि राज्य के मुख्यतः रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जिलों में लगभग 50 प्रतिशत चार्जिंग स्टेशन मौजूद हैं, जबकि शेष 50 प्रतिशत चार्जिंग स्टेशन अन्य जिलों में हैं। जिन जिलों में चार्जिंग स्टेशन की संख्या कम है, वहां प्राथमिकता के आधार पर चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना की जा रही है। राज्य शासन द्वारा चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष उपाय किए गए हैं, जिनमें चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने वाले हितग्राहियों को सब्सिडी प्रदान करने का प्रावधान शामिल है।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि राज्य में लगभग 600 इलेक्ट्रिक वाहन डीलर्स पंजीकृत हैं। उन्होंने अपने सभी शोरूम या विक्रय स्थलों पर अनिवार्य रूप से चार्जिंग प्वाइंट स्थापित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभिन्न कंपनियों द्वारा 12,617 इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री की गई है, जो राज्य की ई-वाहन नीति में निर्धारित लक्ष्य से अधिक है। यह रुझान बताता है कि ई-वाहनों की बिक्री में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन मुख्य चुनौती पर्याप्त और सुलभ ई-चार्जिंग प्वाइंट की उपलब्धता बनी हुई है।
बैठक में उपस्थित प्रमुख ई-वाहन निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे अपनी ई-कार बिक्री के साथ-साथ मोबाइल ऐप के माध्यम से ग्राहकों को चार्जिंग प्वाइंट का लोकेशन भी उपलब्ध कराते हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने चार्जिंग प्वाइंट की संख्या में वृद्धि से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए।
इस बैठक में परिवहन विभाग के अपर आयुक्त डी. रविशंकर प्रसाद, संयुक्त परिवहन आयुक्त यू. बी. एस. चौहान, उप परिवहन आयुक्त मनोज ध्रुव, अन्य विभागीय अधिकारीगण एवं विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक वाहन निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधि एवं विक्रेता उपस्थित थे।
BSNL की 5G सेवाओं में हो रही देरी पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में उठाया मुद्दा
नई दिल्ली। रायपुर लोकसभा सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल ने आज लोकसभा में भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) की 5G सेवा की शुरुआत में हो रही देरी और संविदा कर्मचारियों की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने केंद्रीय संचार मंत्री से कई महत्त्वपूर्ण सवाल पूछते हुए इस विषय पर गंभीर चिंता जताई।
सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित देशभर में BSNL की सेवाओं को लेकर आम जनता लगातार शिकायतें कर रही है। जबकि निजी कंपनियों द्वारा 5G सेवाएं बड़े पैमाने पर शुरू की जा चुकी हैं, वहीं BSNL द्वारा अब तक 4G और 5G सेवाएं ठीक से शुरू न कर पाना चिंताजनक है। साथ ही उन्होंने BSNL में कार्यरत कर्मचारियों के हितों का भी सवाल उठाया।
इन सवालों के जवाब में केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने बताया कि,
- BSNL ने आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी रूप से विकसित 4G उपकरणों का ऑर्डर दिया है, जिनकी आपूर्ति सितंबर 2023 से शुरू हो चुकी है। अब तक 95,537 साइटें स्थापित और 90,035 ऑन एयर हो चुकी हैं। ये उपकरण भविष्य में 5G में अपग्रेड करने योग्य हैं।
- BSNL संविदा कर्मचारियों को प्रत्यक्ष रूप से नियुक्त नहीं करता, बल्कि सेवा स्तर करार के माध्यम से आवश्यक सेवाएं ली जाती हैं।
- कर्मचारियों को IDA वेतनमान के तहत वेतन मिलता है और उन्हें CPC प्रारूप में लाने की कोई योजना नहीं है।
- बीएसएनएल की वित्तीय स्थिति के कारण गैर-कार्यकारी कर्मचारियों को पदोन्नति और वेतनवृद्धि से वंचित रहना पड़ रहा है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह स्थिति बीएसएनएल की कार्यकुशलता और देशभर में डिजिटल समावेश की प्रक्रिया को बाधित कर रही है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि BSNL के पुनर्गठन, सेवाओं के सशक्तीकरण और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस नीति और समयबद्ध योजना बनाई जाए।
जनभागीदारी से करें आदिवासी बाहुल्य ग्रामों का समग्र विकास: मुख्यमंत्री ने आदि कर्मयोगी अभियान की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में निर्देशित किया कि आदि कर्मयोगी अभियान के माध्यम से आदिवासी बाहुल्य ग्रामों का समग्र विकास जनभागीदारी के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान के तहत पूरे देश में आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में 20 लाख स्वयंसेवकों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य में छत्तीसगढ़ राज्य की भागीदारी सक्रिय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1,32,400 वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे जनभागीदारी और जनजागरूकता के माध्यम से समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाना है। उन्होंने बैठक में निर्देश दिए कि युवाओं को वॉलंटियर्स के रूप में रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की कार्यवाही की जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य गांवों में बुनियादी अधोसंरचना और सुविधाओं में जो भी ‘क्रिटिकल गैप’ शेष हैं, उनकी पहचान की जाए और आगामी 2 अक्टूबर 2025 को ग्राम सभाओं में इस पर विशेष चर्चा की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि इन कमियों को दूर करने के लिए स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आवश्यक ठोस कदम उठाए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि हर ग्राम बुनियादी सुविधाओं से संतृप्त हो।
बैठक में आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने जानकारी दी कि इस अभियान के तहत ग्रामों में ‘आदि सेवा केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे, जो न केवल मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता में सहायक होंगे, बल्कि योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सतत क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में धरती आबा और पीएम-जनमन जैसे संतृप्तिमूलक अभियानों की भी शुरुआत की गई है, जिनके अंतर्गत आदिवासी बाहुल्य ग्रामों एवं पीवीटीजी बस्तियों में आवास, पक्की सड़कें, जलापूर्ति, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम 22 से 28 जुलाई 2025 के मध्य सम्पन्न किया जा चुका है तथा जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स की सूची भारत सरकार को प्रेषित की जा चुकी है। आगामी गतिविधियों में जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण सहित अन्य कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिन्हें शीघ्र क्रियान्वित किया जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, आदिम जाति कल्याण विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूर्ण करने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिए निर्देश
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग की विभिन्न लंबित परियोजनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में प्रगति लाने हेतु ठोस रणनीति अपनाई जाए और निर्माण की गति में तेजी लाई जाए।


मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशभर में निर्माणाधीन जल परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से वर्ष 2015 से पूर्व की अपूर्ण जल परियोजनाओं सहित सभी लंबित निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य किसानों का राज्य है, और जल परियोजनाओं के अधूरे रहने से सिंचाई क्षमता प्रभावित होती है, जिससे कृषकों को योजनाओं का पूर्ण लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इन लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए, तो प्रदेश का सिंचित रकबा बढ़ेगा और किसानों को पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी रेखांकित किया कि सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने से कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ोत्तरी संभव होगी और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इन परियोजनाओं को शीघ्रता से पूर्ण करना अनिवार्य है ताकि किसान लाभान्वित हो सकें।
बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो ने एक पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रदेश में संचालित विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी। उन्होंने लंबित परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से भी सभी अधिकारियों को अवगत कराया।
बैठक के दौरान जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता इंद्रजीत उईके सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा क्रांति: हर घर बनेगा बिजलीघर
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। उनकी यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और सतत विकास के बड़े लक्ष्यों को भी हासिल करेगी। साथ ही जीरो कार्बन एमिशन लक्ष्यों में योगदान सुनिश्चित होगा।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में घर-घर रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट स्थापित कर लोगों को प्रदूषण मुक्त, मुफ्त और निरंतर बिजली देने की परिकल्पना की गई है। इसके माध्यम से प्रत्येक उपभोक्ता को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाकर उनके मासिक खर्चों में भी उल्लेखनीय कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।
हर नागरिक की होगी भागीदारी
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्रता रखने वाले सभी नागरिक जिनके पास वैध बिजली कनेक्शन और उपयुक्त छत है, वे इस योजना में आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि योजना के अंतर्गत एक बार सोलर पैनल स्थापित होने के बाद उपभोक्ता को हर माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी। इससे न सिर्फ बिजली बिलों का झंझट समाप्त होगा, बल्कि यदि आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन होता है, तो उसे ग्रिड को बेचकर अतिरिक्त आमदनी भी ली जा सकती है।
मिलेगी डबल सब्सिडी
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1 किलोवॉट से 3 किलोवॉट तक के सौर संयंत्र लगाने पर प्रति वॉट 45 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से दी जा रही है। इसमें राज्य सरकार ने भी अपनी हिस्सेदारी जोड़ दी है, जिससे उपभोक्ताओं को डबल सब्सिडी का सीधा लाभ मिलेगा।
स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण
छत्तीसगढ़ सरकार जीरो कार्बन एमिशन नीति को साकार रूप देने के लिए स्वच्छ ऊर्जा को प्राथमिकता दे रही है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 15 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी का उत्पादन हो रहा है। इसे बढ़ाकर सरकार ने वर्ष 2047 तक 45 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी। यह नीति न केवल वर्तमान, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी हरित और सतत भविष्य सुनिश्चित करेगी।
बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा क्रांति से रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेगें। इससे सोलर पैनल के निर्माण, स्थापना, रखरखाव आदि जैसे क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार और स्व-रोजगार के अवसर बढ़ेगें। वहीं राज्य की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।
योजना के फायदे-
केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से डबल सब्सिडी सीधे बैंक खाते में मिलेगा। एक बार सौर पैनल की स्थापना के बाद 20-25 वर्षों तक मुफ्त बिजली मिल सकेगी। लोगों को निरंतर विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। बार-बार बिजली गुल होने की समस्या से मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा बिजली बेचने से अतिरिक्त आमदनी होगी। साथ ही स्वच्छ, हरित और पर्यावरण हितैषी जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के नेतृत्व में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिले सिख समाज के सदस्य
नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर लोकसभा सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल के नेतृत्व में आज रायपुर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अध्यक्ष सरदार सुरेंद्र सिंह छाबड़ा समेत समिति के अन्य सदस्यों ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट कर गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी पर्व के पावन अवसर पर रायपुर से विशेष सिमरन यात्रा के लिए एक विशेष ट्रेन चलाने की मांग की।
सिख समाज हर वर्ष 24-25 नवंबर को श्री गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी पर्व अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाता है। 25 नवंबर 2025 को यह ऐतिहासिक पर्व अपने 350वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, जिसे सिख समाज देश-विदेश में भव्य रूप से मनाने की तैयारी कर रहा है।
इस पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ से लगभग 1000 श्रद्धालुओं की “दर्शन-सिमरन यात्रा”13 नवंबर से रायपुर से प्रारंभ होकर नांदेड़ साहिब, आनंदपुर साहिब, दमदमा साहिब, अमृतसर साहिब, दिल्ली गुरुद्वारा सीस गंज साहिब, पटना साहिब, घुबरी साहिब, असम (जहां श्री गुरु तेग बहादुर जी के चरण पड़े थे) श्रद्धालु 25 नवंबर को घुबरी साहिब में आयोजित शहीदी पर्व समारोह में भाग लेंगे और फिर 27 नवंबर को रायपुर लौटकर यात्रा पूर्ण होगी।
इस भव्य धार्मिक यात्रा के लिए विशेष रेलगाड़ी की आवश्यकता को गंभीरता से समझते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय रेल मंत्री से आग्रह किया कि रेलवे मंत्रालय इस ऐतिहासिक अवसर पर सिख श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए विशेष ट्रेन की अनुमति दे।
सांसद श्री अग्रवाल ने बताया कि केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस मांग को सकारात्मक भाव से स्वीकार किया है और इस पर शीघ्र निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ बन रहा टेक्नोलॉजी हब : नवा रायपुर में कामन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना को मिली मंजूरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मिली है। अब राज्य को इलेक्ट्रॉनिक्स टेस्टिंग या प्रोटोटाइपिंग के लिए बेंगलुरु, पुणे या नोएडा जैसे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नवा रायपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदृष्टि और आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में तैयार इस परियोजना से राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री, स्टार्टअप और युवाओं के लिए नया युग प्रारंभ होगा। यह परियोजना छत्तीसगढ़ की उद्योग नीति के अनुरूप निवेशकों को आकर्षक प्रोत्साहन भी प्रदान करेगी।


कॉमन फैसिलिटी सेंटर नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में 3.23 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत 108.43 करोड़ रुपये है, जिसमें से 75.00 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भारत सरकार के MeitY मंत्रालय द्वारा EMC 2.0 योजना के अंतर्गत स्वीकृत की गई है। शेष 33.43 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे तथा भूमि की उपलब्धता नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) द्वारा सुनिश्चित की जा रही है।
यह कॉमन फैसिलिटी सेंटर इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को बढ़ावा देने हेतु एक साझा एवं अनुकूल वातावरण निर्मित करेगा, जहां प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) प्रोटोटाइपिंग, 3D प्रिंटिंग, EMC परीक्षण और वुड वर्कशॉप जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह केंद्र अर्धचालक (सेमीकंडक्टर), माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, एलईडी लैंप, सोलर चार्ज कंट्रोलर, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) समाधान, ऑटोमेशन समाधान और SCADA पैनल जैसी इलेक्ट्रॉनिक्स आधारित उत्पादन इकाइयों को विशेष लैब और परीक्षण सुविधाएं प्रदान करेगा।
यह सेंटर क्षेत्र के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन केंद्र के रूप में कार्य करेगा। उदाहरण के तौर पर, एक छोटी एलईडी लाइट निर्माण इकाई अपने उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए CFC की परीक्षण लैब का उपयोग कर सकेगी। इसी प्रकार, एक स्टार्टअप जो सोलर चार्ज कंट्रोलर डिज़ाइन कर रहा है, वह बड़े पैमाने पर उत्पादन से पूर्व अपने डिज़ाइन को इस केंद्र की प्रोटोटाइपिंग सुविधा में परख सकेगा। एक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) घटक निर्माता अपने उत्पादों की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक संगतता (EMC) का परीक्षण कर सकता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी प्रणालियाँ सुचारू रूप से कार्य कर रही हैं। साथ ही, 3D प्रिंटिंग सुविधा कंपनियों को विशेष जिग्स या कस्टम एन्क्लोज़र बनाने में सहायता करेगी, जबकि PCB प्रोटोटाइपिंग सेवा सर्किट बोर्डों के त्वरित विकास और परीक्षण में मदद करेगी, जिससे उत्पाद निर्माण की गति तेज होगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पहले से ही कई आकर्षक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इस कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना को राज्य की उद्योग नीति के तहत मिलने वाले प्रोत्साहनों से और भी बल मिलेगा, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बाहरी और स्थानीय निवेश को गति मिलेगी।
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) द्वारा संचालित यह परियोजना राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण एवं निवेश को प्रोत्साहित करेगी। इसके माध्यम से राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस परियोजना को टेक्नोलॉजी क्रांति की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पहल राज्य को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से समृद्ध बनाएगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल नवाचार और स्टार्टअप को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि उद्योगों को विश्वस्तरीय परीक्षण और प्रोटोटाइपिंग सुविधाएं भी सुलभ होंगी, जिससे छत्तीसगढ़ इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक पावरहाउस बनकर उभरेगा।
आवास और पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी परियोजनाएं छत्तीसगढ़ के तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी। इससे स्थानीय स्टार्टअप्स, युवाओं और उद्यमियों को अत्याधुनिक संसाधन मिलेंगे, जो पहले बड़े शहरों तक ही सीमित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह पहल डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को अग्रणी बनाएगी।