बिलासपुर। सीपत स्थित एनटीपीसी प्लांट में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में 5 मजदुर गंभीर रुप से घायल हो गए है। हादसे के बाद सभी मजदुरों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई है। हादसे के बाद एनटीपीसी में अपना तफरी का माहौल बन गया था। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया। मामला सीपत थाना क्षेत्र का है।
शुरूआती जानकारी के मुताबिक, प्लांट के यूनिट-5 में चल रहे एनुअल मेंटेनेंस कार्य के दौरान प्री-एयर हीटर प्लेटफॉर्म अचानक टूट गया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर नीचे गिर पड़े। इस हादसे में कुल 5 मजदूर घायल हुए हैं। इनमें से 3 मजदूरों का इलाज एनटीपीसी के अस्पताल में जारी है, जबकि गंभीर रूप से घायल 2 मजदूरों को बिलासपुर के सिम्स अस्पताल लाया गया। इलाज के दौरान इनमें से एक मजदूर श्याम साहू की मौत हो गई, जो सीपत के पोड़ी इलाके का रहने वाला था।
हादसे की वजह और मेंटेनेंस में हुई लापरवाही की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों ने इस हादसे पर गहरी नाराज़गी जताई है और एनटीपीसी प्रबंधन से जवाब मांगा है। कई घंटे बीत जाने के बाद भी NTPC प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। न ही घायलों और मृतकों की संख्या को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने आई है।
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पिथौरा थाना क्षेत्र के मुढ़ीपार गांव में सोमवार को आकाशीय बिजली गिरने से पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक दंपत्ति राधेश्याम दीवान (38) और रत्ना बाई दीवान (36) खेत में निंदाई (निराई) का कार्य कर रहे थे, तभी अचानक तेज गरज के साथ बिजली गिरी और दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में एक अन्य व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा में भर्ती कराया गया है।
गांव में पसरा मातम, प्रशासन से मदद की मांग
घटना के बाद गांव में शोक की लहर है। परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, और आगे की जांच जारी है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू माओवादी आत्मसमर्पण राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 और बस्तर संभाग के अंदरूनी गांवों के समग्र विकास के लिए विशेष रूप से संचालित ‘नियद नेल्ला नार’ योजना ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और विश्वास का नया मार्ग प्रशस्त किया है। इस योजना के कन्वर्जेंस के माध्यम से जिला प्रशासन सुकमा द्वारा आत्मसमर्पित माओवादियों को कौशल प्रशिक्षण, पुनर्वास एवं स्वरोजगार से जोड़कर समाज की मुख्यधारा में सफलतापूर्वक जोड़ा जा रहा है।
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में चल रहे इस कार्यक्रम के अंतर्गत लाइवलीहुड कॉलेज एवं ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में विभिन्न ट्रेड में नि:शुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि आत्मसमर्पित युवा और महिलाएं आर्थिक रूप से स्वावलंबी होकर समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें।
पुनर्वास केंद्र बना नई राह की शुरुआत
कोंटा विकासखंड की अनीता सोड़ी जैसी आत्मसमर्पित महिलाओं के जीवन में यह योजना नई दिशा लेकर आई है। अनीता बताती हैं कि पुनर्वास केंद्र ने हमें यह एहसास कराया कि शांति और सम्मान से भी जीवन जीया जा सकता है। सिलाई, कृषि समेत अन्य आजीविका प्रशिक्षणों ने हमारा आत्मविश्वास बढ़ाया है। अब मैं स्वयं का सिलाई कार्य प्रारंभ कर परिवार को बेहतर भविष्य देना चाहती हूं।
अनीता के साथ वेट्टी कन्नी, हड़मे माड़वी, कड़ती विज्जे समेत 6 आत्मसमर्पित महिलाएं लाइवलीहुड कॉलेज सुकमा में चल रहे एक माह के सिलाई प्रशिक्षण में हिस्सा ले रही हैं। ‘सक्षम योजना’ के अंतर्गत उन्हें 40 हजार से 2 लाख रुपये तक का ऋण 3% ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा तथा निःशुल्क सिलाई मशीन एवं प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
लाइवलीहुड कॉलेज में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम में 30 किशोरी बालिकाएं एवं महिलाएं हिस्सा ले रही हैं। इन्हें ब्लाउज, ड्रेस, स्कूल यूनिफॉर्म एवं शर्ट-पैंट की सिलाई की ट्रेंनिग दी जा रही है। साथ ही नोनी सुरक्षा योजना, महतारी वंदन योजना, सक्षम योजना, एवं महिला ऋण योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने की पहल भी की जा रही है, जिससे महिला सशक्तिकरण को नई गति मिल रही है।
नियद नेल्ला नार योजना से बस्तर में विकास और विश्वास की बहार बह रही है। अब तक 79 आत्मसमर्पित माओवादियों को सिलाई, कृषि-नर्सरी, वाहन-चालन, राजमिस्त्री एवं उद्यमिता जैसे ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आगामी सप्ताह से 30 युवा राजमिस्त्री प्रशिक्षण के लिए आरसेटी में प्रशिक्षण लेंगे। पुनर्वास केंद्र सुकमा में वर्तमान में 42 प्रशिक्षणार्थी (21 महिलाएं) निवासरत हैं जिन्हें क्रमशः कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है।
योजना के कन्वर्जेंस से युवाओं को मुख्यमंत्री कौशल विकास, सक्षम, पीएम स्वनिधि, स्टार्टअप, कृषि उद्यमिता और महिला ऋण योजनाओं से जोड़कर स्वरोजगार की राह दिखाई जा रही है जो बस्तर के अंदरूनी गांवों में रोजगार, सम्मान तथा विकास के नए युग का सूत्रपात कर रही है।
छत्तीसगढ़ सरकार की दूरदर्शी नीति और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब सरकार संवेदना, अवसर और कौशल के साथ लोगों तक पहुँचती है तो बदलाव सिर्फ संभव ही नहीं बल्कि सुनिश्चित होता है। बस्तर की यह परिवर्तन यात्रा आने वाले समय में शांति, विकास और समृद्धि की स्थायी नींव तैयार करेगी।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भिलाई स्टील प्लांट के नवनियुक्त निदेशक चित्त रंजन महापात्र ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर श्री महापात्र ने मुख्यमंत्री श्री साय को पुष्पगुच्छ, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने श्री महापात्र को उनकी नवीन पदस्थापना पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट द्वारा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) मद का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय क्षेत्र के समग्र विकास में प्राथमिकता से किया जाए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भिलाई स्टील प्लांट प्रदेश के विकास में प्रभावी योगदान देगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नकली पनीर बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है. यहां सस्ता और घटिया क्वालिटी का पाम ऑयल, फैट के डल्ले, और दूध पाउडर से नकली पनीर तैयार किया जा रहा था. यह फैक्ट्री शंकर नगर क्षेत्र में नाले के ऊपर चल रही थी. स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापा मारकर बड़ी मात्रा में नकली पनीर, कच्चा माल, थर्माकोल डिब्बे और पैकिंग सामग्री जब्त किया है.
जानकारी के मुताबिक, रामानंद बाघ नामक व्यक्ति ने एनालॉग उत्पाद बनाने का लाइसेंस ले रखा था. जो मुनाफे के लिए पाम ऑयल, फैट के डल्ले, और दूध पाउडर का उपयोग कर नकली पनीर तैयार करता था. यहां नियमों को भी अनदेखा किया जा रहा था. अस्वच्छ तरीके से स्टोर कर के पॉलीथिन में पैक कर के राजधानी के कई होटलों, ढाबों और ओडिशा तक भेजा जा रहा था. इसे बनाने में 180 रुपए की लागत आती थी, जिसे वह 250 रुपए में मार्केट में बेच देता था. फैक्ट्री संचालक रामानंद ने बताया कि 180 रुपए में एक किलो माल तैयार हो जाता है, जिसे वह होटल संचालकों और सप्लायर्स तक 240 से 250 रुपये प्रति किलो तक के दाम तक पहुंचाता है.
आम नागरिकों से अपील
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अज्ञात स्त्रोत से आने वाले डेयरी उत्पादों का सेवन न करें, और किसी भी तरह की शंका होने पर तत्काल खाद्य सुरक्षा हेल्पलाइन या नजदीकी प्रशासनिक कार्यालय में शिकायत करें।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में एशियन अफ्रीकन पैसिफिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता नमी राय पारेख ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय को रायपुर निवासी नमी राय पारेख ने बताया कि 05 से 13 जुलाई तक जापान के हिमेजी में एशियन पॉवरलिफ्टिंग एसोसिएशन द्वारा एशियन अफ्रीकन पैसिफिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था। इस चैंपियनशिप में उन्होंने 57 किलोग्राम डेडलिफ्ट वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नमी राय पारेख को एशियन अफ्रीकन पैसिफिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि आपने अपनी मेहनत और समर्पण से छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। प्रदेश की बेटियों को आपकी उत्कृष्ट उपलब्धि से प्रेरणा मिलेगी। इस अवसर पर अंजय शुक्ला, अंजिनेश शुक्ला, सनी पारेख सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पुलिस विभाग में आरक्षक पदों पर भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। व्यापम ने आरक्षक भर्ती परीक्षा 2025 की आधिकारिक समय-सारणी जारी कर दी है। जारी सूचना के अनुसार, पुलिस आरक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा 14 सितंबर 2025 (शनिवार) को आयोजित की जाएगी। परीक्षा राज्य के सभी संभागीय मुख्यालयों में एक साथ संपन्न होगी।
लाखों युवाओं की तैयारी को मिला दिशा
इस भर्ती परीक्षा को लेकर प्रदेश के हजारों युवा लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। व्यापम द्वारा तारीख घोषित किए जाने के बाद अब अभ्यर्थियों की तैयारियों को स्पष्ट दिशा मिल गई है। परीक्षा केंद्रों की जानकारी और प्रवेश पत्र संबंधित सूचना व्यापम जल्द ही जारी करेगा।
पुलिस विभाग में हैं सैकड़ों पद खाली
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में आरक्षक के हजारों पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। यह परीक्षा चयन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है। व्यापम ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा संबंधी सभी सूचना केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही प्राप्त करें और किसी भी अफवाह या फर्जी जानकारी से बचें।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेश भर में चलाए गए 'एक राखी सैनिक भाइयों के नाम' अभियान की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में हमारे देश की सीमा पर तैनात सैनिक भाईयों के सम्मान में "एक राखी सैनिक भाईओं के नाम' अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के सभी 33 जिलों के बुलबुल, गाइड और रेंजर बहनों द्वारा हस्त निर्मित राखियां सैनिक भाईयों के लिए प्राप्त हुई है। ये राखियां हमारे सैनिक भाइयों को प्रेषित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के अभियान 'एक राखी सैनिक भाइयों के नाम' की सराहना करते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के बच्चे देश की रक्षा में सीमा पर डटे जवानों को रक्षासूत्र भेज रहे हैं। इस पहल से बच्चों में देशभक्ति की भावना बढ़ेगी और हमारे जवानों को भी भावनात्मक संबल मिलेगा । इस अवसर पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव, लक्ष्मी वर्मा, मुरली शर्मा, कैलाश सोनी, समीर शेख सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे।
बिलासपुर। बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे की बदहाली को लेकर मंगलवार को सुनवाई हुई. नेशनल हाईवे के प्रोजेक्ट मैनेजर कोर्ट के आदेशानुसार सड़क मार्ग से होते हुए व्यक्तिगत रूप से हुए कोर्ट में उपस्थित हुए. चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने मैनेजर को 3 सप्ताह में शपथपत्र में यह बताने को कहा कि नेशनल हाईवे कब तक सुधार देंगे.
बता दें कि सोमवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की बेंच ने नेशनल हाइवे की खराब सड़कों की मरम्मत नहीं किए जाने को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया की थी. चीफ जस्टिस ने नेशनल हाईवे के प्रोजेक्ट मैनेजर को नोटिस जारी कर इसी सड़क मार्ग से होते हुए कोर्ट में तलब किया था.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि, बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाइवे प्रदेश का महत्वपूर्ण हाइवे है. यह प्रदेश की राजधानी और न्यायधानी को सीधे तौर पर आपस में जोड़ता है. बिलासपुर और आसपास के जिलों तथा सरगुजा संभाग जाने के लिए बस्तर संभाग और रायपुर संभाग के लोग इस सड़क का इस्तेमाल करते हैं.
महात्वपूर्ण सड़क होने के बावजूद इसके रखरखाव में नेशनल हाईवे अथॉरिटी लगाकर लापरवाही बरत रही है. कोर्ट ने एनएच के वकील से पूछा था कि आप तो अक्सर रायपुर जाते होंगे. आपने इस सड़क की स्थिति देखी होगी. नेशनल हाईवे वाले जो थोड़ा बहुत मेंटेनेंस करते हैं, सड़क पर स्टॉपर लगते है वे बेतरतीब, लावारिस हालत में सड़क पर पड़े हैं और हादसों का कारण बन रहे हैं.
रायपुर। राजधानी की सड़कों पर अक्सर त्योहारी सीजन में जाम की स्थिति बनती थी, जिससे निपटने के लिए निगम ने मुहीम शुरू कर दी है. इस बार गणेशोत्सव के लिए मूर्तियों की बिक्री सड़क किनारे नहीं होगी. जोन 5 और जोन 7 क्षेत्र में सड़क किनारे मूर्तियों की बिक्री करते पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. निगम ने लाखेनगर मैदान में मूर्तिकारों को मूर्तियां बेचने की अनुमति दी है.
महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर एमआईसी मेंबर दीपक जायसवाल ने जोन कमिश्नर खीरसागर नायक और राकेश शर्मा के अलावा अधिकारियों के साथ मूर्तिकारों की बैठक बुलाई. इनमें मूर्तिकार संघ के अध्यक्ष श्री शुद्ध प्रजापति, पदाधिकारी रवि प्रजापति, कुती प्रजापति और अरूण प्रजापति शामिल हुए.
कुम्हार समाज के साथ ही मूर्तिकारों ने भी अपनी सहमति दे दी. बैठक में मूर्तिकारों को बताया गया कि सडक पर श्री गणेश मूर्ति का विक्रय करने के कारण शहर में यातायात व्यवस्था पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है. इसीलिए सभी जोनो में 1 स्थान निर्धारित कर वहा व्यवस्थित रूप से श्री गणेश मूतिर्यों का विक्रय करने की व्यवस्था देने प्रयास किया जा रहा है. इसी के चलते जोन 5 एवं जोन 7 के क्षेत्र के कुम्हार समाज के प्रतिनिधियों मूर्ति कलाकारो के लिए ईदगाह भाठा, लाखे नगर मैदान के स्थल का श्रीगणेश उत्सव के पूर्व श्री गणेश की मूतिर्यों का विक्रय करने निर्धारण किया गया है.
रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज डिमरापाल स्थित स्व. बलीराम कश्यप स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को मानवीय दृष्टिकोण से कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मरीजों की सेवा को केवल ड्यूटी न समझें, बल्कि सेवा भाव के साथ इस क्षेत्र में अपना योगदान दें।
मंत्री जायसवाल ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, “मंत्री और सचिव तो समय-समय पर बदलते रहेंगे, लेकिन आप सभी को जीवनभर इसी क्षेत्र में कार्य करना है। इसलिए ऐसा काम करिए कि लोग वर्षों तक आपको याद रखें।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के पास संसाधनों और फंड की कोई कमी नहीं है। यदि सभी मिलकर ईमानदारी और समर्पण से कार्य करें, तो आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के शासकीय अस्पताल, निजी संस्थानों को भी पीछे छोड़ सकते हैं और पूरे देश में पहचान बना सकते हैं।
स्व. बलीराम कश्यप स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, डिमरापाल में आज आयोजित स्वशासी समिति की साधारण सभा की बैठक में कुल ₹14 करोड़ 46 लाख के विभिन्न विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की। इस बैठक में सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, महापौर संजय पाण्डेय, कमिश्नर डोमन सिंह, कलेक्टर हरिस एस , मेडिकल कालेज के डीन, अस्पताल अधीक्षक समेत स्वशासी समिति के सदस्यगण उपस्थित रहे।
बैठक में चिकित्सा महाविद्यालय के बुनियादी ढांचे एवं शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाने हेतु कुल ₹11 करोड़ 94 लाख की राशि स्वीकृत की गई। इस राशि के अंतर्गत लेक्चर थियेटर एवं परीक्षा हॉल के निर्माण के लिए ₹653.26 लाख तथा इन्डोर बैडमिंटन कोर्ट एवं जिम के निर्माण हेतु ₹384.34 लाख की स्वीकृति दी गई। इसके अतिरिक्त एमईटी सेल की स्थापना हेतु ₹5.00 लाख, मेस के उन्नयन एवं फर्निचर कार्य के लिए ₹44.37 लाख, छात्रावास के भूतल में पार्टिशन हेतु ₹13.74 लाख तथा बाह्य एवं आंतरिक परीक्षकों को विशेष मानदेय के रूप में ₹10.00 लाख की मंजूरी प्रदान की गई। विद्युत सब स्टेशन के उन्नयन व नवीनीकरण हेतु ₹38.43 लाख, छात्रावास भवन में वाटर कूलर की मरम्मत एवं क्रय हेतु ₹12.00 लाख तथा लेक्चर हॉल और परीक्षा हॉल के उन्नयन के लिए ₹17.87 लाख की राशि स्वीकृत की गई। इसके अलावा वार्षिक उत्सव कार्यक्रम के आयोजन हेतु ₹15.00 लाख का प्रावधान भी किया गया।
वहीं चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध चिकित्सालय में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए ₹2 करोड़ 52 लाख की राशि स्वीकृत की गई। इस राशि में आपातकालीन चिकित्सालय में पार्किंग शेड निर्माण कार्य हेतु ₹16.23 लाख, गेस्ट हाउस के रिनोवेशन कार्य हेतु ₹69.00 लाख, चिकित्सालय के स्टोर भवन की छत पर शेड निर्माण एवं लिफ्ट निर्माण हेतु ₹79.35 लाख, एसटीपी मोटर्स के मरम्मत व नवीनीकरण हेतु ₹24.00 लाख तथा सी-आर्म मशीन की खरीदी के लिए ₹24.00 लाख का प्रावधान किया गया। इसके अतिरिक्त पेंटा हेड माइक्रोस्कोप की खरीदी हेतु ₹10.00 लाख तथा सोनोग्राफी मशीन के लिए ₹29.00 लाख की राशि भी अनुमोदित की गई।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस तरह से चिकित्सा महाविद्यालय तथा उससे संबद्ध चिकित्सालय के लिए स्वशासी समिति की बैठक में कुल ₹14 करोड़ 46 लाख के कार्यों का अनुमोदन किया। इस मौके पर मेडिकल कॉलेज के छात्र संगठन ने बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री का आभार प्रकट किया और कहा कि 14 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों को स्वीकृति देकर उन्होंने छात्रों और मरीजों दोनों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिया है। छात्र प्रतिनिधियों ने मंत्री श्री जायसवाल को धन्यवाद देते हुए भरोसा दिलाया कि वे भी पढ़ाई और सेवा में पूरी निष्ठा के साथ जुटे रहेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि स्वीकृत परियोजनाएं न केवल संस्थान की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करेंगी, बल्कि इससे बस्तर अंचल के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं भी प्राप्त होंगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्यों को तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण रूप से पूरा किया जाए, जिससे छात्रों और आमजन दोनों को अधिकतम लाभ मिल सके।
अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के कोठीघर कैंपस में बीती रात चोरों ने धावा बोल दिया। चोर घर के पोर्च में रखी पीतल से बनी हाथी की मूर्ति चुरा ले गए, जिसका वजन लगभग 15 किलो बताया जा रहा है।
पीतल की मूर्ति चोरी
मामला अम्बिकापुर कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, मंगलवार देर रात कुछ अज्ञात चोर कोठीघर परिसर में घुसे और पोर्च में सजावट के तौर पर रखी हाथी की भारी-भरकम मूर्ति को चोरी कर फरार हो गए।
यह मूर्ति पीतल की बनी हुई थी और उसका वजन करीब 15 किलो बताया गया है। चोरी के समय घर में कुछ लोग मौजूद थे, लेकिन चोरों ने चुपचाप वारदात को अंजाम देकर खुद को किसी की नजर में नहीं आने दिया।
पुलिस की जांच शुरू
इधर, कोतवाली पुलिस ने शिकायत दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। वहीं, अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।पुलिस को संदेह है कि चोरी किसी जानकार व्यक्ति द्वारा की गई है, क्योंकि मूर्ति का स्थान घर के अंदर पोर्च में था।
इस घटना ने एक बार फिर वीआईपी सुरक्षा की पोल खोल दी है। पूर्व डिप्टी सीएम जैसे प्रमुख नेता के सरकारी निवास पर हुई यह चोरी सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। परिवार की ओर से अभी तक इस घटना पर कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक परिवार इस घटना से हैरान और चिंतित है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में टैक्स चोरी के खिलाफ केंद्रीय जीएसटी विभाग (Central GST) ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को सेंट्रल जीएसटी की 17 सदस्यीय टीम ने शहर के दो अलग-अलग औद्योगिक इकाइयों में एक साथ छापा मारा। यह कार्रवाई तेंदुआ और सिलतरा स्थित दो निजी उद्योगों के खिलाफ की गई, जिन पर जीएसटी चोरी की गंभीर आशंका जताई गई थी। प्रारंभिक जांच में इन उद्योगों से करीब 40 लाख रुपये की टैक्स रिकवरी भी की गई है। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही उद्योग जगत में हड़कंप मच गया है। कई कारोबारियों में दहशत का माहौल है, क्योंकि जीएसटी विभाग की टीमें आगे और भी जांच की तैयारी में जुटी हुई हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
सेंट्रल जीएसटी की यह कार्रवाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में की गई। इस पूरे ऑपरेशन की अगुवाई प्रिंसिपल कमिश्नर पराग बोलकर ने की। उनके साथ ज्वाइंट कमिश्नर बीएन संदीप और असिस्टेंट कमिश्नर मिर्जा शाहिद बैग की निगरानी में कार्रवाई को अंजाम दिया गया। कार्रवाई में शामिल 17 सदस्यीय टीम ने दोनों उद्योगों में दस्तावेजों की गहनता से जांच की और कई अहम दस्तावेजों को जब्त किया है। टीम ने उद्योगों के पिछले कुछ वर्षों के लेन-देन, बिलिंग, खरीद-बिक्री और टैक्स फाइलिंग के विवरणों को खंगाला.
टैक्स चोरी की पक्की जानकारी पर मारा गया छापा
सूत्रों के अनुसार, विभाग को इन दोनों उद्योगों के खिलाफ लंबे समय से टैक्स चोरी की सूचनाएं मिल रही थीं। विभाग ने तकनीकी विश्लेषण और गुप्त जांच के माध्यम से तथ्यों को पुख्ता किया और फिर मंगलवार सुबह इन दोनों ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। सूत्रों की मानें तो दोनों उद्योगों ने इनवॉइस में हेराफेरी, बिना जीएसटी बिल के बिक्री और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम जैसे गंभीर टैक्स उल्लंघन किए हैं। विभाग को ऐसे कई लेन-देन के प्रमाण मिले हैं जिनमें जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर का दुरुपयोग करते हुए टैक्स चोरी को अंजाम दिया गया.
कार्रवाई अभी जारी, हो सकते हैं और बड़े खुलासे
जीएसटी टीम की कार्रवाई अभी जारी है और देर रात तक जांच पूरी होने की संभावना है। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब तक हुई जांच में टैक्स चोरी के मजबूत प्रमाण मिले हैं, लेकिन दस्तावेजों के विश्लेषण और डिजिटल डेटा की स्कैनिंग के बाद तस्वीर और साफ हो सकेगी। इस कार्रवाई के बाद इन उद्योगों पर भविष्य में भारी जुर्माना और कानूनी कार्यवाही की संभावना जताई जा रही है। अगर आरोप सिद्ध होते हैं तो संबंधित उद्योगों पर जीएसटी एक्ट के तहत भारी आर्थिक दंड, ब्याज वसूली और अपराधात्मक मुकदमा दर्ज हो सकता है।
कारोबारी जगत में हड़कंप
सेंट्रल जीएसटी की इस कार्रवाई के बाद रायपुर के कारोबारियों में बेचैनी का माहौल है। व्यापार संगठनों के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि विभाग की नजर अब दूसरे कारोबारियों पर भी है और आने वाले दिनों में इस तरह की और छापेमार कार्रवाई हो सकती है। जीएसटी विभाग की लगातार होती कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि सरकार टैक्स चोरी को लेकर अब कोई नरमी नहीं बरत रही है। विभाग टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए तकनीकी टूल्स और डेटा एनालिटिक्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहा है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी अपने अमेरिका दौरे के दौरान लगातार प्रवासी भारतीयों और भारतीय अधिकारियों से मुलाकात कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने आज अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डी.सी में भारत सरकार द्वारा नियुक्त मिनिस्टर (इकोनॉमिक) आशुतोष जिंदल से शिष्टाचार मुलाकात की।
बता दें कि इस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच देश और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य, प्रवासी भारतीयों की भूमिका, विदेशों में संभावित निवेश और राज्य स्तर पर आर्थिक सहयोग जैसे विविध विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। यह बैठक भारत और छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि ओपी चौधरी 30 जुलाई को अमेरिका रवाना हुए थे। बीते 1 अगस्त को उन्होंने शिकागो में आयोजित NACHA (North America Chhattisgarh Association) के तीसरे अंतरराष्ट्रीय छत्तीसगढ़ NRI कन्वेंशन 2025 में भाग लिया था। इस सम्मेलन में भी उन्होंने अमेरिका में बसे छत्तीसगढ़वासियों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं, सुझावों और योगदान की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार प्रवासी छत्तीसगढ़ियों के साथ मजबूत सहयोग विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए एक सशक्त फ्रेमवर्क और सपोर्ट सिस्टम तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
नई दिल्ली। रायपुर सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में छत्तीसगढ़ समेत देशभर में पशु क्रूरता के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने पशुपालन, मत्स्यपालन और डेयरी मंत्रालय से इस संबंध में व्यापक जानकारी मांगी और पशु कल्याण संगठनों की पारदर्शिता और कार्यक्षमता पर भी सवाल उठाए।
जिसपर केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने बताया कि भारतीय जीव-जंतु कल्याण बोर्ड (AWBI) ने अब तक देशभर में 3,587 पशु कल्याण संगठनों को मान्यता दी है, जिनमें से केवल 945 संगठन नीति आयोग के दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत हैं। मान्यता प्रक्रिया में पारदर्शिता और तीन वर्षों का सक्रिय कार्य अनुभव अनिवार्य किया गया है।
सांसद बृजमोहन ने कहा कि "देश में आज भी हजारों जानवर उपेक्षा, अत्याचार और लापरवाही का शिकार हो रहे हैं। पशु कल्याण की योजनाएं हैं, लेकिन उनका प्रभाव ज़मीन पर दिखे, यह सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।"
सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में AWBI द्वारा कई योजनाएं संचालित की गईं, जिनमें पशु आश्रयों के लिए नियमित अनुदान, पशुओं के लिए एंबुलेंस सेवा, आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण,प्राकृतिक आपदाओं में पशुओं के लिए राहत योजनाएं, बड़े और छोटे पशु आश्रय गृहों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता शामिल है।
पिछले पांच वर्षों में देशभर से 4,939 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से छत्तीसगढ़ से केवल 20 शिकायतों का समाधान किया गया। इस आंकड़े को देखकर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य में जन जागरूकता की कमी और स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता पर चिंता जताई।
उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार द्वारा इस वर्ष से पशुपालन और पशु कल्याण माह (14 जनवरी से 13 फरवरी) मनाया गया, जिसके तहत देशभर में 700 से अधिक जागरूकता शिविर, टीकाकरण, सेमिनार और प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
सांसद बृजमोहन ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पशुओं को पूज्य स्थान प्राप्त है, लेकिन व्यवहार में उन्हें जो पीड़ा मिल रही है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। केवल योजनाओं और पोर्टलों से नहीं, जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन और संवेदनशील प्रशासन की ज़रूरत है।
उन्होंने पशु क्रूरता की रोकथाम के लिए कड़ी निगरानी, अधिक बजट, प्रशिक्षित अमले और व्यापक जनजागरण की मांग करते हुए कहा कि वे इस विषय पर संसद में निरंतर आवाज़ उठाते रहेंगे।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने ईडी द्वारा हिरासत में लिए जाने की प्रक्रिया को अवैध बताते हुए इसे रद्द करने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।
गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे ने यह याचिका दायर की थी कि उन्हें इस मामले में न तो गिरफ्तार किया जाए और न ही ईडी की तरफ से परेशान किया जाए। उन्होंने जांच की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें पहले हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का निर्देश दिया था। अब इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल होने के बाद जल्द सुनवाई की संभावना जताई जा रही है।
रायपुर। राज्य सरकर ने बड़ी संख्या में IAS अफसरों की जिम्मेदारी में बदलाव किया है। सीपीआर रवि मित्तल को अहम जिम्मेदारी सौंपते हुए संयुक्त सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय बनाया गया है। उनके पास आयुक्त जनसंपर्क व मुख्य कार्यपालन अधिकारी संवाद की उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी रहेगी।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हिंसक वन्यप्राणियों द्वारा जनहानि, पशुहानि एवं फसल क्षति के प्रकरणों में त्वरित, नियमानुसार एवं संवेदनशीलता से क्षतिपूर्ति सहायता प्रदान की जाए। वनांचल में निवासरत लोगों को कई बार वन्यप्राणियों के हमलों से अपनों को खोने की पीड़ा सहनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में प्रभावितों के दुख-दर्द का मानवीय दृष्टिकोण से शीघ्र निराकरण किया जाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री श्री साय आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हाथी-मानव द्वंद्व और अन्य हिंसक वन्यप्राणियों द्वारा जनहानि, पशुहानि एवं फसल क्षति की घटनाएं राज्य के वनांचल क्षेत्रों में चुनौती बनकर उभर रही हैं। ऐसी स्थितियों में शासन की जिम्मेदारी है कि पीड़ितों को शीघ्र एवं न्यायसंगत सहायता उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित प्रकरणों का नियमानुसार त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जंगली हाथियों द्वारा धान जैसी प्रमुख फसल के अतिरिक्त गन्ना, केला, पपीता एवं कटहल जैसी नगदी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया जाता है, जिससे किसानों को आर्थिक ही नहीं, मानसिक रूप से भी दोहरी मार झेलनी पड़ती है। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में प्रदत्त व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टों की अद्यतन स्थिति की भी जानकारी ली।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन द्वारा प्रदत्त सहायता समय पर प्रभावितों तक पहुंचे, इसके लिए विभागीय समन्वय को और अधिक मजबूत किया जाए। जनहानि, स्थायी अपंगता, पशुहानि, मकान क्षति तथा फसल हानि के लिए दी जाने वाली क्षतिपूर्ति दरों में वृद्धि किए जाने का प्रस्ताव भी बैठक में प्रस्तुत किया गया। बैठक में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली फसल क्षति के आरबीसी के प्रावधानों के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि पर भी चर्चा की गई।
बैठक मे मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव (वन) ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, कृषि विभाग की सचिव शहला निगार, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी सचिव अंकित आनंद, सचिव (वन) अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) सुधीर अग्रवाल, अपर मुख्य वन संरक्षक प्रेम कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।