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रियल एस्टेट एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात
रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट एसोसिएशन के पदाधिकारी गुरुबक्स सिंह छाबड़ा, दीपक रहेजा, रजत छाबड़ा, हेमंत, संतोष ने वर्ष 2025-26 की नई संपत्ति गाइडलाइन दरों को लेकर मुख्यमंत्री और संबंधित विभागीय मंत्रियों को तीखा आपत्ति और सुझाव देते हुए ज्ञापन सौंपा गया है. एसोसिएशन का दावा है कि 20 नवंबर 2025 को जारी नई दरों में एक ही साल में जमीन-मकान के दाम 500% से लेकर 900% तक बढ़ा दिए गए हैं, जो पूरी तरह अव्यवहारिक और जनविरोधी है.
मुख्य आपत्तियां एक नजर में
पंजीयन शुल्क में धांधली
2018-19 में बाजार मूल्य में 30% छूट के साथ पंजीयन शुल्क बढ़ाया गया था। 2024 में 30% छूट खत्म कर दी गई, लेकिन पंजीयन शुल्क (जमीन पर 4% और 75 लाख तक के मकान पर 2%) को कम नहीं किया गया। एसोसिएशन की मांग – अब जब 100% बाजार मूल्य लिया जा रहा है तो पंजीयन शुल्क भी पुराने 0.8% किया जाए।
एक ही जमीन, दो अलग-अलग दरें 725% से 888% तक उछाल
लाभांडी (रायपुर) में 0.405 हैक्टेयर रोड साइड जमीन का मूल्य पिछले साल ₹1.77 करोड़ था, अब ₹12.79 करोड़यानी 725% की छलांग
निमोरा (नवा रायपुर) में ₹15.88 लाख से सीधे ₹1.41 करोड़ यानी 888% की बढ़ोतरी।
एसोसिएशन का सवाल क्या एक साल में जमीन की कीमत 7-9 गुना बढ़ सकती है?
बहुमंजिला इमारतों में तीन गुना टैक्स
10,000 वर्गफीट जमीन पर 30,000 वर्गफीट सुपर बिल्ट-अप बनता है, लेकिन पूरा 30,000 वर्गफीट का स्टाम्प ड्यूटी लिया जा रहा है. एसोसिएशन की मांग – पुराने नियम (2004 से पहले) की तरह अनुपातिक मूल्यांकन लागू हो.
नवा रायपुर के गांवों को जबरन नगरीय क्षेत्र घोषित करना
80% से ज्यादा गांवों में आज भी खेती हो रही है, सड़क, पानी, बिजली, नाली जैसी मूलभूत सुविधाएं तक नहीं. फिर भी नगरीय क्षेत्र घोषित कर दो गुना मुआवजा देकर किसानों को ठगा जा रहा है ग्रामीण क्षेत्र में 4 गुना मुआवजा मिलता, हैरानी की बात – गांव नगरीय क्षेत्र में हैं, लेकिन सरपंच-पंच के चुनाव भी हो रहे हैं. दोहरी व्यवस्था है
ग्रामीण क्षेत्र की हर सड़क को मुख्य मार्ग मानना
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की कच्ची-पक्की सड़कों को भी राष्ट्रीय राजमार्ग के बराबर मूल्य लगाया जा रहा है
भारतमाला एक्सप्रेस-वे के बगल की जमीन को भी मनमाने दाम
जहां किसानों को मुआवजा अंदरूनी दर से मिला और एक्सप्रेस-वे में एंट्री तक नहीं है, वहीं गाइडलाइन में 11,000 प्रति वर्गमीटर और 2.52 करोड़ प्रति हैक्टेयर लगा दिया गया।
प्रशासनिक आदेश में तारीखों की धांधली
7 अक्टूबर 2025 का आदेश 7 नवंबर 2025 दिखाकर एक महीने पहले चहेतों को जानकारी दे दी गई. एसोसिएशन ने इसे मिलीभगत बताया.
एसोसिएशन का साफ कहना है, पिछले 7 साल में गाइडलाइन नहीं बढ़ी तो भी अधिकतम 190-200% बढ़ोतरी ही जायज थी, न कि 500-900%। यह आम जनता, मध्यम वर्ग और रियल एस्टेट सेक्टर को कुचलने की साजिश है.
पुरानी व्यवस्था 2017-18 तक
नियमों की संख्य – 77 प्रावधान (जटिल, विसंगतियां जैसे फसल-आधारित 25% वृद्धि, नलकूप, दीवार के लिए अलग दरें
मुख्य मार्ग की परिभाषा -अस्पष्ट किसी भी भीड़भाड़ वाली सड़क को मुख्य मान लिया जाता था
क्षेत्र-आधारित दरें – वार्ड में एकसमान दरें नई कॉलोनियों, हाईवे के लिए 7 साल इंतजार करना पड़ता था
भूमि प्रकार- कृषि, डायवर्टेड, नजूल भूमि के लिए अलग गणना, दो फसली भूमि पर 25% अतिरिक्त
वृद्धि प्रतिशत- 2018-19 से कोई बदलाव नहीं, कांग्रेस सरकार में 30% छूट दी गई थी
नई व्यवस्था 20 नवंबर 2025 से
14 सरल प्रावधान एकसमान मूल्यांकन, फसल, नलकूप पर अतिरिक्त वृद्धि समाप्त |
केवल 18 मीटर या अधिक चौड़ी सड़क NH/SH जिला मुख्य मार्ग को मुख्य माना जाएगा
सड़क, वार्ड, स्थिति के आधार पर एकसमान, नई कॉलोनियों के लिए तत्काल विशेष दरें
सभी प्रकार कृषि, डायवर्टेड, नजूल के लिए एकसमान सिस्टम
शहरी: 20%; ग्रामीण: 50-300%; कुल 10-100%
प्रभाव, लाभ
भ्रम और अतिरिक्त शुल्क समाप्त, रजिस्ट्री आसान
दरें निष्पक्ष बायपास और मुख्य मार्ग पर एकसमान दरें
बाजार मूल्य से अंतर कम, नए इलाकों में तुरंत अपडेट
सरलीकरण, किसानों को अधिक मुआवजा 3 गुना तक
बाजार अंतर जैसे हिरापुर चौक, पुरानी 2200 वर्गफुट vs बाजार 15000-20000) कम, आयकर राजस्व बढ़ेगा.
प्रभाव और सलाह
सकारात्मक – रजिस्ट्री में भ्रम समाप्त, बैंक लोन बढ़ेंगे पुरानी कम दरों से सीमित थे, भूमि अधिग्रहण में किसानों को लाभ, मनी लॉन्ड्रिंग पर अंकुश, यह बदलाव आम जनता के लिए राहत और चुनौती दोनों लाता है.
नकारात्मक– 20 लाख की जमीन पर स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्री शुल्क 2 लाख बढ़ सकता है, बिल्डरों के घर महंगे होंगे.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले 8 सालों से न बदली गई गाइडलाइन दरों को अब वैज्ञानिक और तर्कसंगत तरीके से संशोधित किया है, नई दरें किसानों, भूमिस्वामियों और आम नागरिकों को वास्तविक मूल्य का फायदा देंगी, गाइडलाइन दरों का वैज्ञानिक पुनरीक्षण किसानों और जनता को वास्तविक लाभ देगा, हमारी मंशा साफ है हर नागरिक को उसकी संपत्ति का उचित मूल्य मिले.
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय निकाय मंत्री अरुण साव ने कहा 2017-18 के बाद पहली बार हुए इस पुनरीक्षण में शहरी क्षेत्रों में लगभग 20% की तार्किक बढ़ोतरी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 50% से 300% तक वृद्धि की गई है. सरकार के अनुसार इससे किसानों को भूमि अधिग्रहण में तीन गुना तक अधिक मुआवज़ा मिलेगा और संपत्ति के विरुद्ध बैंक से अधिक लोन भी स्वीकृत होगा. बताया जाता है कि गाइडलाइन के पुराने ढांचे में शहरों और गांवों में भारी विसंगतियां थीं. एल एक ही सड़क या गांव में अलग-अलग दरें होने से नागरिकों को नुकसान उठाना पड़ता था. अब पहली बार दरों को रोड-वाइज और मैपिंग-आधारित बनाकर सरल और समझने योग्य किया गया है.जमीन दर गाइड लाइन को लेकर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार लगातार रिफॉर्म करने में लगी हुई है, जहां-जहां पर पॉलिसी में योजनाओं में सुधार की जरूरत है. संशोधन की जरूरत है. वहां पर संशोधन कर रहे हैं और यह भी उसी का एक नतीजा है.
इस फैसले पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी सरकार जमीन कारोबारियों और भूमाफियाओं को फायदा पहुंचाने वाला कदम उठा रही है. पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने कहा कि बीजेपी लोगो को बेरोजगार करने का काम कर रही है, कभी जमीन व्यापर करने वालों का नामंकन और रजिस्ट्री को रोकने का काम करती है, कभी खरीदी बीक्री में रजिस्ट्री शुल्क लगाकर उनको नुकसान पहुंचाने का काम करती है उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार थी तब सबको रियायत देने का काम किया, लेकिन अब वो लोग सत्ता में बैठे जो जमीन का व्यपार करने वाले है. भूमाफियाओं को जमीन के लिए नियम कानून बनाने का काम कर रही है, आने वाले समय में परेशानी होने वाली है.
साइबर धोखाधड़ी से बचाव में बलौदाबाजार जिला मेंअर्थशाला ने दर्ज की उल्लेखनीय सफलता, अब तक 730 युवाओं ने सीखी डिजिटल बैंकिंग
रायुपर। साइबर धोखाधड़ी और वित्तीय ठगी की घटनाएँ तेजी से बढ रही है। इस प्रकार की धोखाधडी से बचाव के लिए बलौदाबाजार -भाटापारा की पहल पर जिला-स्तरीय अर्थशाला(फाइनेंस लैब)। यह फाइनेंस लैब आम नागरिकों को साइबर खतरों से बचाव, आधुनिक वित्तीय प्रणाली, सुरक्षित लेनदेन के तरीके, डिजिटल बैंकिंग के उपयोग से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। जिला फाइनेंस लैब पण्डित चक्रपाणि शुक्ल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बलौदाबाजार में 2 नवम्बर 2025 से संचालित है।
730 युवा फाइनेंस लैब से जुड़े
वर्तमान समय में साइबर धोखाधड़ी और वित्तीय ठगी की घटनाएँ तेजी से बढ़ रही हैं। आम नागरिकों को इन खतरों से बचाने और उन्हें वित्तीय रूप से जागरूक बनाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में कलेक्टर बलौदाबाजार -भाटापारा की पहल पर एक महीने से भी कम समय में लगभग 730 युवा इस फाइनेंस लैब से जुड़ चुके हैं, जो इसकी सफलता को परिलक्षित करता है। इस लैब के माध्यम से वित्तीय अवधारणाओं को समझने और सुरक्षित एवं जिम्मेदार वित्तीय व्यवहार विकसित करने के प्रति युवाओं में रुचि बढ़ी है।
फाइनेंस लैब की मुख्य उद्देश्य युवाओं को व्यावहारिक वित्तीय शिक्षा से है जोड़ना
फाइनेंस लैब का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को व्यावहारिक वित्तीय शिक्षा से जोड़ना है। आज के समय में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है- वित्तीय साक्षरता और व्यावहारिक समझ भी उतनी ही आवश्यक है। इसी सोच के साथ फाइनेंस लैब को इस प्रकार तैयार किया गया है कि छात्र, युवा और जिले के नागरिक खेलों, गतिविधियों और नवाचार आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से वित्तीय अवधारणाओं को आसानी से सीख सकें।
वित्तीय धोखाधड़ी की पहचान और सीख सकते हैं आर्थिक नियोजन
फाइनेंस लैब की अवधरणा- यह एक ऐसा समर्पित स्थान या प्लेटफॉर्म है जो छात्रों, निवेशकों या आम जनता को वास्तविक जीवन के वित्तीय परिदृश्यों और उपकरणों के साथ अभ्यास करने का अवसर देता है।यह बजट बनाने, बचत करने, बीमा लेने और निवेश करने के बारे में सूचित और विचारशील निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ावा देता है। वित्तीय धोखाधड़ी की पहचान और आर्थिक नियोजन जैसे जीवन-भर काम आने वाले कौशल सीख सकते हैं। फाइनेंस लैब में बिजनेस और स्टार्ट अप में रुचि लेने वाले विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए लक्ष्य क़क्ष, आकांक्षा क़क्ष ,उड़ान क़क्ष इत्यादि निर्मित है जहाँ हर ज़रूरी पहलू पर युवाओं का मार्गदर्शन किया जाएगा।यहाँ ग्रुप एक्टिविटीज के माध्यम से ऑक्शन प्रक्रिया की भी जानकारी मिलेगी। ग्रामीण अंचल के युवाओं को वित्तीय साक्षरता प्रदान करने के लिए काफ़ी फायदेमंद है ।
तकनीक एवं सुरक्षित वित्तीय सेवाओं से जुड़ने का अवसर
फाइनेंस लैब के लाभ-नागरिक सही वित्तीय और डिजिटल लेनदेन के तरीके सीख सकेंगे। साइबर फ्रॉड, फ़िशिंग, एटीएम स्कैम और फर्जी निवेश जैसे जाल से बचाव में मदद मिलेगी। लोग सही निवेश और वित्तीय प्रबंधन सीख सकेंगे। वित्तीय साक्षरता से ग्रामीण और शहरी दोनों समुदायों को मजबूती मिलेगी। युवाओं को नई तकनीक एवं सुरक्षित वित्तीय सेवाओं से जुड़ने के अवसर मिलेंगे। बलौदाबाजार की यह पहल पूरे देश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बनेगी।
प्रवीण तोगड़िया ने घर-घर भगवा लहराने का अभियान किया शुरू, कहा-
दुर्ग। भिलाई पहुंचे अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक प्रवीण तोगड़िया ने घर-घर हनुमान चालीसा अभियान के बाद अब घर-घर भगवा लहराने का अभियान शुरू किया है। भिलाई के बैकुंठधाम में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि राममंदिर में भगवा फहराने के बाद अब हर घर में भगवा नजर आना चाहिए।
तोगड़िया ने कहा कि 40 साल पहले उन्होंने 8 करोड़ हिंदू भाइयों के पास पहुंचकर मंदिर के लिए सवा-सवा रुपये मांगे, लेकिन अब वे रुपये मांगने नहीं आए हैं, बल्कि हिंदुओं को जगाने आए हैं। हर हिंदू को अच्छी शिक्षा, युवाओं को रोजगार, परिवार को स्वास्थ्य और किसानों को फसल का सही दाम दिलाना उनका लक्ष्य है।
इस मौके पर उन्होंने हिंदू हेल्पलाइन के बारे में भी बताया ताकि किसी भी हिंदू को समय पर मदद मिल सके। इस मौके पर उन्होंने बाबरी मस्जिद को तोड़ने से लेकर राममंदिर बनने तक के कई अनछुए पहलुओं को भी साझा किया।
मीडिया से मुखातिब होकर डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने एसआईआर को एक अच्छा कदम बताया। लेकिन उन्होंने कहा कि यदि इस एसआईआर से 3 करोड़ बांग्लादेशी का नाम कटता है और हर वैध मतदाता का नाम जुड़ता है, तभी यह सार्थक होगा। साथ ही उन्होंने हिंदुओं की कम होती जनसंख्या पर भी सवाल उठाते हुए हर परिवार में तीन बच्चों का संकल्प दोहराया और जनसंख्या निवारण अधिनियम सभी पर समान रूप से लागू करने की बात कही। इस अवसर पर उन्होंने समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले कई समाजसेवियों का सम्मान भी किया।
प्रदेश में हो रहे चहुमुखी विकाश का हर वर्ग को मिल रहा है लाभ-मंत्री टंक राम वर्मा
रायपुर/बलरामपुर। जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड में मासूम छात्र के साथ शिक्षक की बेरहमी से मारपीट मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर–रामानुजगंज ने यह कार्रवाई की है। यह पूरा मामला प्राथमिक शाला जावाखाड़ी का है।
घटना शुक्रवार की है, जब भोजन अवकाश के बाद शिक्षक उदय कुमार यादव प्रधानपाठक कक्षा में पहुंचे और छात्र भागीरथी यादव को गिनती सुनाने को कहा। गिनती में गलती होते ही शिक्षक इतने आक्रोशित हुए कि मासूम बच्चे के चेहरे पर लगातार थप्पड़ बरसाने लगे। थप्पड़ मारने की वजह से छात्र की आंख में खून भी जम गया और उसका चेहरा बुरी तरह सूज गया। रोते-बिलखते बच्चे ने किसी तरह घर पहुंचकर परिजनों को पूरी घटना बताई।
इस अवसर पर सांसद जांजगीर-चांपा कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नगरवासी उपस्थित रहे।


खाद की किल्लत से नाराज़ किसानों का फूटा गुस्सा, मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर किया प्रदर्शन
बेमेतरा। रबी सीजन की शुरुआत में ही खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों का गुस्सा आज फूट पड़ा। खाती सहकारी समिति में खाद वितरण में अनियमितता और कमी के आरोपों से नाराज़ किसानों ने बेमेतरा–थान खम्हरिया मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे करीब दो घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया।
किसानों ने बताया कि आज यूरिया और डीएपी खाद वितरण के लिए उन्हें बुलाया गया था और पहले से ही ऋण पुस्तिकाएं जमा करा ली गई थीं। लेकिन मौके पर सिर्फ उन किसानों को खाद दे दिया गया, जिन्होंने बाद में पुस्तिका जमा की थी। इससे पूरा स्टॉक खत्म हो गया और बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। इसी बात को लेकर किसानों का आक्रोश भड़क गया।
किसानों ने समिति प्रबंधक और कर्मचारियों पर लेनदेन के आधार पर खाद बांटने का गंभीर आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। साथ ही समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों किसान मौजूद रहे और व्यवस्था सुधारने की जोरदार मांग करते दिखाई दिए।
छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ ने खाद्य सामग्री की कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए सख्त रुख अपनाया, रेट लिस्ट को लेकर जारी किया निर्देश…
रायपुर। राजधानी के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 3 दिसंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले वनडे मुकाबले से पहले छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ ने खाद्य सामग्रियों में होने वाली संभावित कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं. स्टेडियम में आने वाले दर्शकों को उचित दामों पर फूड आइटम उपलब्ध हो, इसके लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं.
छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ ने मैच के दौरान बेचे जाने वाले खाद्य पदार्थों की कीमतें भी निर्धारित कर दी हैं—
स्टेडियम में उपलब्ध खाद्य सामग्रियों की रेट लिस्ट
| आइटम | मात्रा | कीमत (₹) |
| समोसा | 2 पीस | 60 |
| पेटीज | 1 पीस | 50 |
| कचौरी | 2 पीस | 50 |
| बर्गर | 1 पीस | 80 |
| सैंडविच | 1 पीस | 60 |
| पॉपकॉर्न | — | 60 |
| वेफर्स (चिप्स) | — | एमआरपी |
| स्वीट कॉर्न | — | 60 |
| बिरयानी | — | 150 |
| आइसक्रीम | — | एमआरपी |
संघ का कहना है कि यह कदम दर्शकों की सुविधा, सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है.
धान खरीदी के बीच अवैध स्टॉक पर प्रशासन की पैनी नजर, 860 क्विंटल धान जब्त
बस्तर। छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने के बाद दो हफ्ते बीत चुके हैं। खरीदी के साथ ही अवैध धान कारोबार पर प्रशासन लगातार शिकंजा कस रहा है। बस्तर जिले में इस बार फोकस सिर्फ खरीदी केंद्रों पर ही नहीं, बल्कि उन नेटवर्क्स पर भी है जो ओडिशा से धान लाकर समर्थन मूल्य पर बेचने की कोशिश में लगे थे। जिला प्रशासन की उड़नदस्ता टीमों ने अब तक 18 कार्रवाइयों में 860 क्विंटल अवैध धान जब्त किया है.
जिला प्रशासन मान रहा है कि समर्थन मूल्य की बढ़ोतरी के बाद फर्जी खरीदी और बाहर से धान लाने की कोशिशें पिछले सालों की तुलना में इस साल और तेज हो सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है। कलेक्टर हरीश एस के मुताबिक, धान माफियाओं पर प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू की जा रही है।
धान व्यापारियों, बड़े किसानों और गोदाम संचालकों की गतिविधियों पर भी प्रशासन की नज़र है। उड़नदस्ता दल में तहसीलदार, खाद्य निरीक्षक, मंडी निरीक्षक और अन्य अधिकारी शामिल किए गए हैं, जो बिना पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण कर रहे हैं। अवैध परिवहन या स्टॉक की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जा रही है कलेक्टर ने साफ कहा की अवैध धान व्यापार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी।
छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति लगाने नेशनल हाइवे पहुंचे किसान मोर्चा सदस्य, 6 गिरफ्तार
महासमुंद। राष्ट्रीय राजमार्ग 53 पर तुमगांव थाना क्षेत्र में छत्तीसगढ़ किसान मोर्चा के छह सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. नेशनल हाईवे पेट्रोलिंग के कर्मचारी कमलेश पटेल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि किसान मोर्चा के लोग NHAI की भूमि पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति स्थापित कर रहे थे, जिससे रायपुर–सरायपाली मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही थी.
शिकायत के बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने किसानों को समझाइश दी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने मूर्ति स्थापना का प्रयास जारी रखा. इसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए हाईवे पेट्रोलिंग कर्मचारी के आवेदन के आधार पर कार्रवाई की. अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या अवरोध कानूनन दंडनीय है.
पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 285, 3(5) तथा राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 8B के तहत अपराध दर्ज किया है. गिरफ्तार छह लोगों को न्यायालय में पेश किया गया है. घटना तुमगांव थाना क्षेत्र के करणी कृपा प्लांट के सामने की बताई जा रही है, जहां फिलहाल पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है.
इंडोर स्टेडियम में गंदगी देख भड़के सभापति सूर्यकांत राठौड़, ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने दी चेतावनी, तत्काल सफाई के दिए आदेश
रायपुर। नगर निगम के सभापति सूर्यकांत राठौड़ ने गुरुवार को सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान परिसर में भारी गंदगी, कचरे के ढेर और साफ-सफाई की पूरी तरह से कमी देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई.
तत्काल सफाई अभियान के निर्देश
सभापति राठौड़ ने मौके पर ही जोन-4 के कार्यपालन अभियंता शेखर सिंह को बुलाकर स्टेडियम का निरीक्षण कराया और उन्हें तुरंत नगर निगम की टीम भेजकर सफाई अभियान शुरू करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि स्टेडियम में प्राथमिकता के आधार पर स्वच्छता बहाल की जाए.
ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
राठौड़ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि स्टेडियम की सफाई का जिम्मा संभाल रहे ठेकेदार द्वारा यदि तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो उसका ठेका रद्द कर उसे नगर निगम की ब्लैकलिस्ट में डाल दिया जाएगा.
सीवरेज चैंबर्स के टूटे ढक्कन भी बने समस्या
निरीक्षण के दौरान सभापति ने स्टेडियम की सीवरेज लाइन के कई चैंबर्स को खुले और ढक्कन टूटा हुआ पाया. इसे गंभीर सुरक्षा संकट मानते हुए उन्होंने कार्यपालन अभियंता को निर्देश दिया कि सभी टूटे ढक्कनों को तत्काल बदलवाया जाए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे.
राठौड़ ने स्पष्ट कहा कि इंडोर स्टेडियम जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुविधा में गंदगी और अव्यवस्था किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और नगर निगम सख्त रवैया अपनाएगा.
ओएचई लाइन की चपेट में आए कर्मचारी की मौत
कोरबा। छ्त्तीसगढ़ के कोरबा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 के गेवरा छोर पर 24 नवंबर को एक दर्दनाक हादसा हुआ था. राहत वैन पर चढ़कर पेंटिंग कार्य कर रहा प्राइवेट कर्मचारी श्याम चैहान अचानक ओएचई लाइन की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया. पहले उसे कोरबा जिला अस्पताल लाया गया, जहां से रेफर कर बिलासपुर बर्न एंड ट्रॉमा रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया था. शनिवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया है. पुलिस ने शून्य में मर्ग कायम कर पंचानामा की कार्रवाई की है.
दरअसल, 24 नवंबर को ए.आर.टी. में रूफ पेंटिंग के लिए सुबह 10.10 बजे ओ.एच.ई ब्लाक लेकर कार्य किया जा रहा था. इसके बाद 4 बजकर 10 मिनट पर केंसल मेंमों मिलने के बाद 4 बजकर 20 मिनट पर ओ.एच.ई. चार्ज कराया गया. इसके 2 मिनट यानी 4 बजकर 22 मिनट पर घटना हुई.
श्याम चौहान रेलवे कालोनी कोरबा रनिंग रूम के पीछे रहता था. उसे इलाज के लिए बर्न और ट्रामा रिसर्च सेंटर, बिलासपुर में लाया गया तब, डॉक्टरों ने बताया कि उसके शरीर का 30 प्रतिशत हिस्सा जला गया है. लगभग 5 दिन तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ने के बाद श्याम की मौत हो गई.
SIR पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिया बड़ा बयान, कहा-
रायपुर। छत्तीसगढ़ समेत 12 राज्यों में चल रही SIR प्रक्रिया को लेकर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि 2003 की मतदाता सूची में जिनके एक भी ब्लड रिलेटिव (परिवार के सदस्य) का नाम नहीं होगा, उनपर फॉरेनर एक्ट और ऐसे बहुत से कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जायेगी और जेल भेजा जाएगा.
पत्रकारों से चर्चा के दौरान डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने SIR प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट कहा – “SIR के लिए जो गणना पत्र घरों में दिया जा रहा है, वह 2025 की मतदाता सूची के आधार पर जनरेटेड है. सूची में शामिल मतदाता के किसी ब्लड रिलेशन वाले का नाम 2003 की मतदाता सूची में होना चाहिए, अवश्य ही होना चाहिए. और अगर नहीं है, तो परीक्षण करना होगा और इससे ऐसे लोग पकड़े जाएंगे, तो फॉरेनर्स एक्ट और ऐसे बहुत सारे कानूनी प्रावधान है, जिनके तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जेल में डाले जाएंगे.”
अपने पाठकों हम यहां बताना जरूरी समझते हैं कि फॉरेनर एक्ट किसी भी भारतीय नागरिक के लिए लागू नहीं होता है. यह केवल दूसरे देश से आने वाले लोगों पर लागू होता है.
SIR को लेकर डिप्टी सीएम शर्मा का पूरा बयान:
खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर सख्त कार्रवाई लगातार जारी
सारंगढ़-बिलाईगढ़। कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे द्वारा दिये गये निर्देश एवं खनि अधिकारी के मार्गदर्शन में खनिज अमला द्वारा जिले के खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण के रोकथाम हेतु 3 दिन तक जिले के अलग अलग क्षेत्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। सहायक खनि अधिकारी बजरंग पैकरा ने जानकारी दी कि जाँच दल ने 26 नवंबर को अवैध उत्खनन्, परिवहन एवं भण्डारण पर कार्यवाही करते हुए तहसील सरिया के कटंगपाली-बोन्दा क्षेत्र अंतर्गत गौण खनिज मुरूम के अवैध उत्खनन में संलिप्त 01 जे.सी.बी. (मशीन) एवं 02 वाहन (ट्रैक्टर) पर कार्यवाही करते गौण खनिज मुरूम के अवैध उत्खनन में संलिप्त 1 नग जे.सी.बी. मशीन तथा 2 ट्रैक्टर (मात्रा 20 घन मीटर) पर जप्ती की कार्यवाही की गई। तहसील सरिया अंतर्गत स्वीकृत उत्खनिपट्टा गौण खनिज डोलोमाईट मेसर्स रायगढ़ मिनरल्स प्रा. लिमिटेड प्रो. कमल शर्मा को निरीक्षण दौरान छ.ग. गौण खनिज नियम 2015 के नियम 51 के शर्तों का उल्लंघन पायें जाने के फलस्वरुप नोटिस दिया गया।
स्वीकृत अस्थायी भण्डारण गौण खनिज डोलोमाईट मेसर्स पुष्पा मिनरल्स, प्रो. भरतलाल पटेल को निरीक्षण दौरान छ.ग. खनिज खनन, परिवहन एवं भण्डारण नियम 2009 में निहित शर्तों एवं नियमों का उल्लघंन पाये जाने पर नोटिस दिया गया। इसी प्रकार जाँच दल ने 27 नवंबर 2025 को अवैध उत्खनन्, परिवहन एवं भण्डारण पर कार्यवाही करते हुए तहसील सरिया अंतर्गत ग्राम कटंगपाली में गौण खनिज चूनापत्थर के अवैध परिवहन में सलिप्त 01 वाहन (हाईवा) क्रमांक CG 13 AR 6309 वाहन मालिक अशोक सिंघल पर कार्यवाही करते हुए थाना बरमकेला के सुरक्षार्थ में दिया गया। इसी तरह 28 नवंबर 2025 को टीम ने तहसील सारंगढ़ के कोसीर क्षेत्र अंतर्गत गौण खनिज रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त 04 वाहन (ट्रैक्टर) पर कार्यवाही करते हुए थाना कोसीर के सुरक्षार्थ में दिया गया। यह कार्यवाही छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 एवं खान एवं खनिज विकास अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत की गई। उल्लेखनीय है कि अवैध उत्खनन परिवहन एवं भण्डारण की कार्यवाही आगे भी निरंतर कलेक्टर के निर्देश और विभिन्न माध्यमों से प्राप्त सूचना पर तत्परता से कार्यवाही की जायेगी।
भिलाई इस्पात प्रबंधन ने सुरक्षा में लापरवाही पर लिया बड़ा एक्शन, दो जीएम निलंबित….कई जवाबदार अफसरों को नोटिस जारी
दुर्ग। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के शीर्ष प्रबंधन ने बीते कुछ समय में कार्यस्थल पर हुए कर्मचारियों की मृत्यु और घायल होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है. सिंटर प्लांट-3 के महाप्रबंधक शंकर मोरी और उर्जा प्रबंधन विभाग के महाप्रबंधक सुब्रमणि रमणी को निलंबित कर दिया है. इसके अलावा उर्जा प्रबंधन विभाग के दो कार्यपालकों को चेतावनी पत्र जारी किया है. वहीं दो महाप्रबंधकों को एडवाइजरी पत्र प्रदान किए गए हैं.
जीरो टॉलरेंस की नीति
प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि असुरक्षित कार्य और असुरक्षित कार्यप्रणाली के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पहले की तरह आगे भी कड़ाई से लागू रहेगी. सुरक्षा संस्कृति को मजबूत बनाना प्रत्येक स्तर पर सामूहिक उत्तरदायित्व है, और किसी भी प्रकार की लापरवाही या असुरक्षित व्यवहार को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. इसी संदर्भ में दुर्घटना-जनित परिस्थितियों और सुरक्षा संबंधी चूक की गंभीरता को देखते हुए कठोर प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं.
सभी घटनाओं का मूल कारण विश्लेषण किया गया है, ताकि प्रत्येक पहलू का तथ्यपरक मूल्यांकन हो सके. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए आवश्यक सुधारात्मक और निवारक उपायों की रूपरेखा तैयार कर संबंधित विभागों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं.
मक्का बाड़ी में डंप 611 कट्टा धान पुलिस ने किया जब्त, बेचने के लिए ओडिशा से किया गया था अवैध परिवहन…
गरियाबंद। सरकारी समर्थन मूल्य पर प्रदेश में हो रही धान खरीदी के बीच पड़ोसी राज्यों से अवैध रूप से धान खपाने का क्रम जारी है. इस कड़ी में अमलीपदर पुलिस ने 611 कट्टा धान के साथ ट्रक को जब्त किया है.
देर रात मुखबिर से मिली सूचना पर कार्रवाई करते हुए अमलीपदर पुलिस ने कांडेकेला के मक्का बाड़ी में डंप धान और ट्रक को जब्त किया. ट्रक में 415 बोरी डंप के साथ बाड़ी में डंप 196 बोरी धान को जब्त किया गया है, जिसकी कीमत साढ़े सात लाख रुपए आंकी गई है. इसके पहले भी पुलिस ने धान से भरे आधा दर्जन वाहन जब्त कर चुकी है.
‘अचल संपत्ति शुल्क’ में सुधार के लिए चैंबर ऑफ कॉमर्स ने वित्त मंत्री से की मुलाकात
रायपुर। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात की. इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चैंबर के अध्यक्ष सतीश थौरानी ने किया. बैठक के दौरान, चैंबर ने प्रदेश में लागू नई गाइडलाइन दरों और अचल संपत्ति के पंजीयन शुल्क से जुड़ी तकनीकी चुनौतियों पर अपने सुझाव वित्त मंत्री के समक्ष रखे.
चैंबर ने सुझाव दिया कि अचल संपत्तियों के मूल्यांकन और शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया को इस प्रकार संशोधित किया जाए, जिससे आवासीय खरीददारों, उद्यमियों, व्यापारिक संस्थाओं और रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े सभी वर्गों को राहत मिले. इसके साथ ही, इन बदलावों के जरिए राज्य में निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को और अधिक सुगम बनाने का प्रस्ताव रखा गया.
सतीश थौरानी ने कहा कि वित्त मंत्री ने चैंबर के सुझावों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सभी सुझावों पर विभागीय स्तर पर गहन विचार-विमर्श और अध्ययन किया जाएगा.
इस बैठक में चैंबर के कई प्रमुख सदस्य भी उपस्थित थे, जिनमें सलाहकार तिलोकचंद बरडिया, कार्यकारी अध्यक्ष राधाकृष्ण सुंदरानी, राजेश वासवानी, जसप्रीत सिंह सलूजा, जितेन्द्र शादीजा, मनीष प्रजापति, राकेश वाधवानी, जतिन नचरानी, हरचरण सिंह साहनी, और अमित गोयल प्रमुख रूप से शामिल थे.
त्रुटि सुधार न करने पर 2742 समितियों के पंजीयन आवेदन निरस्त, सुंदर विहार कॉलोनी का पंजीयन रद्द
रायपुर। रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं संस्थाएँ, छत्तीसगढ़ द्वारा छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1973 (संशोधित 1998) के तहत प्रस्तुत पंजीयन आवेदनों की समीक्षा के दौरान बड़ी कार्रवाई की गई है। जिन समितियों को उनके आवेदन पत्रों में पाई गई आपत्तियों के सुधार हेतु ऑनलाइन सूचना भेजी गई थी, उनके द्वारा छह माह से अधिक समय बीत जाने पर भी सुधार नहीं किए गए। इसके कारण ऐसे कुल 2742 आवेदन पत्रों को निरस्त कर दिया गया है तथा इनसे प्राप्त पंजीयन शुल्क को राजसात किया गया है।
इसी प्रकार जो समितियां अधिनियम की धारा 27 एवं 28 के अनुसार अपना वार्षिक विवरण प्रस्तुत करने में विफल रहीं, उन्हें नोटिस जारी किया गया था। नोटिस का जवाब न मिलने की स्थिति में संबंधित समितियों का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। इसी क्रम में सुंदर विहार कॉलोनी वेलफेयर सोसायटी, जिला दुर्ग का पंजीयन भी निरस्त किया गया है।
इसके अलावा 15 अन्य समितियों को भी वार्षिक विवरणी प्रस्तुत न करने पर पंजीयन निरस्तीकरण नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि समिति के पदाधिकारियों के विरुद्ध अधिनियम की धारा 37 के तहत सिविल न्यायालय में परिवाद (मुकदमा) दायर करने की कार्यवाही की जाएगी।
रजिस्ट्रार , फर्म्स एवं संस्थाएं छत्तीसगढ़ पद्मिनी भोई साहू ने कहा है कि अधिनियम का पालन सुनिश्चित करने और पंजीकृत समितियों की जवाबदेही बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
MMC स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता अनंत ने 10 साथियों के साथ किया सरेंडर
जगदलपुर/गोंदिया। नक्सल मोर्चे से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। महाराष्ट्र के गोंदिया में MMC (महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़) स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता अनंत ने अपने 10 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। यह आत्मसमर्पण ऐसे समय पर हुआ है जब संगठन ने कुछ घंटे पहले ही तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर शांति की अपील की थी और सरेंडर करने के लिए 1 जनवरी 2026 तक का समय मांगा था।
बता दें कि शुक्रवार को ही CPI-M महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (MMC) जोन की ओर से तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के नाम एक पत्र जारी कर 1 जनवरी 2026 को सामूहिक आत्मसमर्पण की घोषणा की गई। लेकिन इसके साथ यह भी मांग रखी गई कि आत्मसमर्पण की तारीख से पहले तीनों राज्यों में नक्सल-विरोधी अभियान पूरी तरह रोका जाए।
झीरम हत्याकांड के मास्टरमाइंड चैतू समेत 10 माओवादी कैडरों ने किया सरेंडर
शुक्रवार को बस्तर के शौर्य भवन पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर, लालबाग में पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन पहल के तहत DKSZC (दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी) का कुख्यात और वरिष्ठ सदस्य “चैतू उर्फ श्याम दादा” समेत 10 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़े। इन सभी पर कुल 65 लाख रुपये के इनामी घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वालों में झीरम हमले का मास्टरमाइंड चैतू है, जो DKSZC का सदस्य है और उस पर 25 लाख रुपये का इनाम था। इसके अलावा सरोज उर्फ मल्कू सोढ़ी (DVCM, 8 लाख), भूपेश उर्फ सनक राम फुरामी (ACM, 5 लाख), प्रकाश उर्फ फिल साय सलाम (ACM, 5 लाख), कमलेश उर्फ झितरू यादव (ACM, 5 लाख), जन्नी उर्फ रायमती सलाम (ACM, 5 लाख), संतोष उर्फ सन्नू आचला (ACM, 5 लाख), रामशीला उर्फ बुकली सलाम (PM, 1 लाख), नवीन उर्फ भाजू सलाम (PM, 1 लाख) और जयति उर्फ मनाई कश्यप (PM, 1 लाख) शामिल हैं।