बीजापुर। नक्सल विरोधी अभियान के तहत 199वीं वाहिनी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने बड़ी सफलता हासिल की है। 5 सितंबर 2026 को सीआरपीएफ की 199वीं वाहिनी की संयुक्त टीम ने एड़ी, हर्री, नयापारा एवं सरपंचपारा पीडिया व कुआपगुड़ा गांवों के जंगल क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाकर नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए 14 नक्सल डंप बरामद किए हैं।
प्राप्त विश्वसनीय सूचना के आधार पर कमांडेंट-199 वाहिनी आनंद कुमार के मार्गदर्शन एवं उप कमांडेंट दर्शन यादव की देखरेख में बी 199 कंपनी और यंग प्लाटून के जवानों ने अभियान चलाया। बी 199 कंपनी कमांडर अजित कुमार डेका तथा एफ 199 कंपनी निरीक्षक नीरज कुमार के नेतृत्व में जवानों ने जंगल क्षेत्र की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया।
तलाशी के दौरान जवानों को नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से छिपाकर रखी गई सामग्री मिली। बरामद सामान में 7 रायफल, जिसमें 303 बोल्ट एक्शन रायफल 1, भरमार रायफल 5 और 12 बोर देशी रायफल 1, आठ डेटोनेटर, कोडेक्स वायर, 10 IED, बिना बैटरी का एक वायरलेस सेट, चार प्लास्टिक कंटेनर और तीन बड़े स्टील कंटेनर शामिल हैं। इसके अलावा IED बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, विभिन्न प्रकार की इलेक्ट्रिक सामग्री और नक्सलियों के कपड़े समेत कुल 99 प्रकार की वस्तुएं बरामद की गई है।
अभियान के दौरान जवानों ने अत्यंत सतर्कता बरतते हुए इलाके की घेराबंदी और चरणबद्ध तरीके से सर्च ऑपरेशन किया। बरामद सामग्री नक्सलियों द्वारा भविष्य में सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से छिपाकर रखी गई थी। उल्लेखनीय है कि एड़ी, हर्री तथा पीडिया कुआपगुड़ा और आसपास का क्षेत्र पूर्व में नक्सली गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील रहा है। CRPF की 199वीं वाहिनी द्वारा लगातार चलाए जा रहे अभियानों के परिणामस्वरूप क्षेत्र में नक्सल प्रभाव कम हुआ है और ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
199वीं वाहिनी के कमांडेंट आनंद कुमार ने कहा कि बल आम नागरिकों की सुरक्षा, क्षेत्र में शांति एवं विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। 199वीं वाहिनी द्वारा भविष्य में भी आसूचना आधारित अभियानों को और प्रभावी तरीके से संचालित किया जाएगा तथा क्षेत्र को पूर्णतः नक्सलमुक्त बनाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 9 सितंबर को मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी। बैठक सुबह 11:30 बजे मंत्रालय महानदी भवन में होगी।
बैठक में प्रदेश से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों और प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम विषयों पर निर्णय लिए जा सकते हैं। ऐसे में सरकार के संभावित फैसलों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
जबलपुर। शहर के डुमना एयरपोर्ट पर उस समय यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जब इंडिगो (IndiGo) की एक नियमित उड़ान को तकनीकी खराबी के चलते ऐन वक्त पर रद्द करना पड़ा। यह फ्लाइट हैदराबाद से उड़कर जबलपुर पहुंची थी और यहां से इंदौर के लिए रवाना होने वाली थी। फ्लाइट कैंसिल होने के कारण कई यात्रियों के महत्वपूर्ण काम अटक गए और उन्हें अपनी यात्रा की योजना में बदलाव करना पड़ा।
टेकऑफ से ठीक पहले सामने आई तकनीकी खराबी
जानकारी के अनुसार, हैदराबाद से उड़ान भरकर विमान अपने निर्धारित समय पर जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट पहुंचा था। शेड्यूल के मुताबिक, इस विमान को सुबह 9:20 बजे जबलपुर से इंदौर के लिए उड़ान भरनी थी। उड़ान भरने से ठीक पहले विमान में तकनीकी खराबी (Technical Snag) का पता चला। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए इंजीनियरों की जांच के बाद विमान को उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी गई और प्रबंधन को फ्लाइट रद्द करने का फैसला लेना पड़ा।
यात्रियों का हंगामा और फजीहत
अचानक फ्लाइट कैंसिल होने की घोषणा सुनते ही एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों ने नाराजगी जाहिर की। कई यात्रियों को आगे की कनेक्टिंग फ्लाइट्स पकड़नी थी तो कई लोगों की जरूरी व्यावसायिक बैठकें थीं। इंडिगो एयरलाइंस के ग्राउंड स्टाफ द्वारा यात्रियों को स्थिति की जानकारी दी गई और वैकल्पिक व्यवस्था या रिफंड की प्रक्रिया शुरू की गई।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बारिश की रफ्तार पर धीमी हो गई है. हल्की बारिश और तेज धूप के बीच बिलासपुर और रायपुर में तापमान बढ़ गया है. पिछले 24 घंटों में कुछ इलाके में हल्की बारिश जारी रही. मौसमी वर्षा सामान्य से 4 प्रतिशत कम रही. हालांकि मौसम विभाग ने अगले तीन दिन में बारिश की संभावना जताई है.
बिलासपुर और राजनांदगांव में सबसे ज्यादा तापमान
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मानसून की गतिविधियां सामान्य बनी हुई हैं. पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश दर्ज की गई. रविवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस बिलासपुर और राजनांदगांव में दर्ज किया गया. राजधानी रायपुर भी गर्मी के मामले में पीछे नहीं रहा. यहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया.
रायपुर में कैसा रहा मौसम ?
रायपुर शहर में 7 सितंबर को आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहने की संभावना है. शहर में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.
अगले 72 घंटे में बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग ने 8 से 10 सितंबर तक प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है. 8 सितंबर को सरगुजा और बलरामपुर में बारिश की संभावना है. वहीं, 9 सितंबर को सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर के अलावा बिलासपुर, कोरबा और बलौदाबाजार में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है. 10 सितंबर को बारिश का दायरा और बढ़ेगा, इस दौरान रायपुर समेत 16 जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के कबीर नगर स्थित दशहरा मैदान में मोर माटी सांस्कृतिक संगठन द्वारा आयोजित तीजा-पोरा तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि तीजा-पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के प्रतीक हैं। तीजा हमारी माताओं-बहनों, परिवार और रिश्तों से जुड़ा पर्व है, वहीं पोरा हमारे अन्नदाता किसानों, खेती और पशुधन के सम्मान का पर्व है। ऐसे लोकपर्व हमारी संस्कृति को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत बनाए रखने के साथ समाज में आत्मीयता और समरसता को भी मजबूत करते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने मोर माटी सांस्कृतिक संगठन की मांग पर कबीर नगर में सर्व समाज भवन के निर्माण के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया और माताओं-बहनों को तीजा पर्व के अवसर पर साड़ी भेंट की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी को तीजा-पोरा तिहार की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि मोर माटी सांस्कृतिक संगठन द्वारा हर वर्ष इस पर्व को भव्यता और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता इसमें सभी समाजों की सहभागिता और समरसता का भाव है। हमारे तीज-त्योहार हमें अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ एक-दूसरे के और करीब लाते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी संस्कृति में नारी को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है— ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।’ तीजा तिहार माताओं-बहनों के त्याग, तप और परिवार के प्रति उनके समर्पण का पर्व है। इस दिन महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और पति की दीर्घायु की कामना के साथ व्रत रखती हैं, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं तथा कथा श्रवण और रात्रि जागरण करती हैं।
उन्होंने कहा कि भारत तीज-त्योहारों का देश है और छत्तीसगढ़ की संस्कृति में इन पर्वों की विशेष महत्ता है। एकादशी और करमा तिहार सहित हमारे अनेक पर्वों के पीछे सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश निहित हैं। ये परंपराएं हमारे पूर्वजों की अमूल्य विरासत हैं। इन्हें सहेजना और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी संस्कृति और परंपराओं के महत्व को समझें और उनसे जुड़ी रहें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान और माताओं-बहनों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार बनने के बाद पहली ही कैबिनेट में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी गई। बीते दो वर्षों में 11 लाख से अधिक आवास बन चुके हैं और प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है। किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता दी जा रही है और अब तक 31 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि गांव की महिलाओं के लिए यह राशि आर्थिक संबल का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। महिलाएं इस राशि का उपयोग किराना एवं सब्जी दुकान जैसे छोटे व्यवसाय शुरू करने, सिलाई मशीन खरीदने और बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में बचत करने जैसे कार्यों में कर रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के विकास की राह में बड़ी बाधा रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में बनाई गई प्रभावी रणनीति और हमारे सुरक्षाबलों के अदम्य साहस से आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हुआ है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 15 हजार आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए अलग से आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिससे वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत कर सकें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन के लिए ई-फाइल प्रणाली लागू की गई है तथा शासकीय प्रक्रियाओं को तेजी से डिजिटल और ऑनलाइन बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिक चौबीसों घंटे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के लिए चार स्तरों पर लगभग 8 हजार कर्मचारियों को जोड़ा गया है। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं नागरिकों को मोबाइल पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन कराए जा रहे हैं और अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इसका लाभ ले चुके हैं। इसी प्रकार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत प्रदेश के बुजुर्गों को देश के चयनित 31 तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है।
इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू सहित रमेश सिंह ठाकुर, भगतराम हरबंस, चंद्रशेखर शुक्ला, टेकेश्वर चंद्रा, धीरेन्द्र परगनिहा, देवा साहू, ओमप्रकाश मरावी, मनोज जोशी, मैक मिलन साहू, मोर माटी सांस्कृतिक संगठन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। राजधानी स्थित भाजपा जिला कार्यालय एकात्म परिसर में आज भाजपा रायपुर जिला कार्यसमिति की बैठक आयोजित की गई। दोपहर 2 बजे शुरू हुई बैठक के बाद सेवा संकल्प अभियान को लेकर कार्यशाला हुई। इसमें पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, जिला पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री केदार कश्यप ने भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
प्रस्तावना भाषण में भाजपा रायपुर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन केवल उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि सेवा, समर्पण और सुशासन के संकल्प को आगे बढ़ाने का अवसर है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के साथ मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर को भी विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से रेखांकित किया जाएगा।
रमेश सिंह ठाकुर ने कहा कि अभियान को जिले के प्रत्येक बूथ और घर तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ता स्तर पर कार्यक्रम किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि सेवा के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों में पहुंचकर बच्चों और माताओं से संवाद करने के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाएगा। इसके अलावा स्वास्थ्य जांच और रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
सेवा को संस्कार बनाने का आह्वान
कार्यशाला के मुख्य वक्ता और छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल एक कार्यक्रम की शुरुआत नहीं है, बल्कि सेवा को संस्कार और राष्ट्रहित को संकल्प बनाने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति का मूल आधार सेवा, संगठन और राष्ट्र निर्माण है। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचने का लगातार प्रयास किया है और सेवा संकल्प अभियान इसी भावना को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का माध्यम है।
केदार कश्यप ने कहा कि भारतीय संस्कृति में जन्मदिन केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को दोहराने का भी अवसर है। इसी भावना के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को सेवा और जनकल्याण के कार्यों से जोड़कर मनाया जा रहा है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर केवल शुभकामनाएं देने तक सीमित न रहें, बल्कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें। उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं की बताई।
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक होंगे 13 प्रमुख कार्यक्रम
सेवा संकल्प अभियान की प्रदेश सह-संयोजक एवं प्रदेश मंत्री भाजपा हर्षित पाण्डेय ने कार्यशाला में अभियान के तहत प्रस्तावित कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रव्यापी अभियान के दौरान जनभागीदारी, जनसेवा, युवाओं की भागीदारी और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर विशेष जोर रहेगा।
अभियान के तहत 13 प्रमुख कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। इनमें 17 सितंबर को शाम 7 बजे देशभर में एक साथ दीप प्रज्वलन का कार्यक्रम ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘वडनगर से वाराणसी’ जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और माताओं के सम्मान के लिए ‘आंगन का मिलन’ तथा विद्यार्थियों के लिए भाषण और चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन शामिल है।
इसके अलावा ‘सेवा गाथा’ के तहत नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रम, गांव, जिला और राज्य स्तर पर ‘सेवा ज्योति यात्रा’, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की वास्तविक सफलता की कहानियों को सामने लाने के लिए ‘कहानी बदलाव की’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत रक्तदान, स्वच्छता, वृक्षारोपण और डिजिटल साक्षरता से जुड़े कार्यक्रम होंगे। वहीं ‘सेवा सेतु अभियान सरकार आपके द्वार’ के माध्यम से पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए शिविर लगाए जाएंगे।
अभियान में स्थानीय कला के माध्यम से ‘सेवा रंग’ मानव रंगोली कार्यक्रम, युवाओं और स्टार्टअप्स के नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ तथा 17 अक्टूबर को ‘जनसेवक महाकुंभ पंचायत से पार्लियामेंट तक’ के साथ अभियान का समापन किया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने भी किया संबोधित
कार्यसमिति की बैठक को विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा और जिला प्रभारी राजेंद्र शर्मा ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने सेवा संकल्प अभियान को बूथ स्तर तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में प्रदेश मंत्री अमित साहू, राजीव अग्रवाल, संजय श्रीवास्तव, केदार गुप्ता, अमरजीत छाबड़ा, प्रफुल्ल विश्वकर्मा, मोना सेन, नंद कुमार साहू, अशोक पांडे, सीमा साहू, स्वप्निल मिश्रा, अमित मेसरी, गुंजन प्रजापति, सत्यम दुबा, अकबर अली, सुभाष अग्रवाल, जितेंद्र धुरंधर, तुषार चोपड़ा, अर्चना हुकरे, श्रद्धा मिश्रा, रोहित द्विवेदी, पुष्पेंद्र उपाध्याय, अर्पित सूर्यवंशी, कृतिका जैन, अखिलेश कश्यप, ओमप्रकाश साहू, रज़ियंत ध्रुव, पंकज जगत सहित नगर निगम के पार्षदगण, जिला पदाधिकारी और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी गई है। प्रदेश में UCC का प्रारूप (ड्राफ्ट) तैयार करने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति अब सीधे ज़मीन पर उतरकर सामाजिक और प्रशासनिक समन्वय साधने में जुट गई है। इसी रणनीति के तहत दुर्ग संभाग के सभी जिलों के प्रमुखों, प्रबुद्ध जनों और जनप्रतिनिधियों के साथ आगामी 8 और 9 सितंबर को एक वृहद समूह चर्चा और परिचयात्मक बैठक आयोजित करने जा रही है।
ज्ञात हो कि समान नागरिक संहिता के दूरगामी प्रभावों और प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए यह संवाद प्रक्रिया शुरू की जा रही है। दो दिनों तक चलने वाले इस मंथन में दुर्ग संभाग के अलग-अलग जिलों को केंद्रित करते हुए बैठकें होंगी। आगामी 8 सितंबर को दुर्ग में दोपहर 12 बजे से आयोजित इस बैठक में दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिले के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसी तरह 9 सितंबर को राजनांदगांव में दोपहर 12 बजे से होने वाली बैठक में राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले का प्रतिनिधित्व रहेगा।
हर वर्ग की आवाज़ को ड्राफ्ट में मिलेगी जगह
कानून का खाका तैयार करने में समाज के हर तबके की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए समिति ने एक व्यापक रूपरेखा तैयार की है। इन बैठकों में राजनीतिक दलों, सामाजिक व धार्मिक संगठनों, शिक्षाविदों, पद्म श्री सम्मान से अलंकृत हस्तियों, निगम-मंडल व आयोगों के प्रतिनिधियों तथा प्रतिष्ठित व विशिष्ट नागरिकों को खासतौर पर आमंत्रित किया गया है। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा समावेशी ड्राफ्ट तैयार करना है, जो विधिक और सामाजिक दोनों पैमानों पर राज्य के हर नागरिक के हितों का संरक्षण कर सके।
आरंग/रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के विकास पुरुष सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के साथ रविवार को आरंग विधानसभा क्षेत्र में करीब 140 लाख के लोकहितकारी विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।
ग्राम पंचायत कलई में आयोजित भव्य समारोह में क्षेत्रवासियों को ₹1 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात दी।
अमर शहीद वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की पावन जयंती के अवसर पर आयोजित इस विशाल जनसभा में सांसद श्री अग्रवाल ने नवनिर्मित वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी सामाजिक भवन का लोकार्पण किया तथा ग्राम पंचायत के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न अधोसंरचनात्मक निर्माण कार्यों का विधि-विधान से भूमिपूजन व शिलान्यास किया।
जिसमें प्राथमिक शाला में 3 अतिरिक्त कक्ष निर्माण (₹21 लाख), बालिका शौचालय निर्माण (₹5 लाख), नवीन आंगनबाड़ी भवन (₹11.69 लाख), नवीन आंगनबाड़ी आहता निर्माण (₹5 लाख), ग्राम में ओपन जिम की स्थापना (₹5 लाख), मुक्तिधाम में प्रतीक्षालय निर्माण (₹6 लाख), ठाकुरदेव चौक में टिन शेड निर्माण (₹5 लाख), पंचायत भवन से राजाराम के घर तक सी.सी. रोड (₹10.4 लाख), चोवा यादव के घर से नरसिंग के घर तक सी.सी. रोड (₹10.4 लाख), बस्ती पारा में सी.सी. रोड (₹10 लाख) तथा जल निकासी हेतु नाली निर्माण (₹3.91 लाख) का भूमिपूजन किया।
समारोह को संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के शौर्य और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि रानी अवंती बाई ने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ जो अलख जगाई थी, वही साहस आज हमारे समाज की प्रेरणा है। श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के प्रणेता भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का स्मरण करते हुए कहा कि भाजपा की रीति-नीति सदैव अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास पहुँचाने की रही है।
श्री अग्रवाल ने कहा, "आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम छू रहा है। महतारी वंदन योजना के तहत माताओं-बहनों को प्रतिमाह मिल रहे 1000 रुपये से उनका स्वाभिमान बढ़ा है। प्रदेश में रिकॉर्ड 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर गरीबों को पक्की छत दी गई है। किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर अन्नदाताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। यही सही मायनों में रामराज्य की परिकल्पना है।"
समारोह में उपस्थित जनसमूह की मांग पर सांसद श्री अग्रवाल ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए लोधी समाज के भवन के जीर्णोद्धार हेतु ₹10 लाख तथा ग्राम कलई में आवश्यक शेड निर्माण कार्य हेतु ₹10 लाख स्वीकृत करने की घोषणा की, जिससे ग्रामीणों में भारी उत्साह दिखा।
ग्राम देवरी में लगभग 40 लाख रुपए के विभिन्न लोकहितकारी विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने ग्राम देवरी में 11.69 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित आंगनबाड़ी भवन का लोकार्पण किया। साथ ही शिव मंदिर जीर्णोद्धार, सार्वजनिक भवन, सीसी रोड, खेल मैदान समतलीकरण एवं पीडीएस भवन सहित विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन किया।
साथ ही ग्राम देवरी में गोठान चौक में शेड निर्माण के लिए 10 लाख रुपए, कांक्रीटीकरण के लिए 10 लाख रुपए, आंगनवाड़ी में पेवर ब्लॉक के लिए 7 लाख रुपए, बजरंग चौक में रंगमंच निर्माण 5 लाख रुपए और जर्जर अटल समरसता भवन के नए भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए देने की घोषणा की। इस अवसर पर वृद्धजनों और मितानिन दीदीयों को सम्मान भी किया।
समारोह में प्रमुख रूप से मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, अखिल भारतीय लोधी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश से विधायक विपिन कुमार वर्मा, छत्तीसगढ़ लोधी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम लोधी, भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम नारंग, भरत लोधी, देवनाथ साहू, डॉ संदीप जैन, संजय ढीढी, के.के. भारद्वाज, मुरली साहू, कृष्ण कुमार वर्मा, अखिलेश धुरंधर, ओम प्रकाश लोधी, चेतन टेकन साहू, केसरी मुरली साहू, देवनाथ साहू, रवि रिंकू, प्रीतम कुमार, मुरली चतुर्वेदी, राधिका रात्रे सहित स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि, लोधी समाज के पदाधिकारी और भारी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
रायपुर। तीजा तिहार के उल्लास के बीच आज बिलासपुर का बहतराई स्टेडियम छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपराओं के रंग में सराबोर नजर आया। पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में पहुंचीं माताओं-बहनों के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीजा तिहार की खुशियां साझा कीं और उन्हें पर्व की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव और माता पार्वती से प्रदेश की सभी बहनों के सुखी, समृद्ध और खुशहाल जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तीजा हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति का पावन पर्व है, जिसमें हमारी माताओं-बहनों का प्रेम, आस्था और परिवार की खुशहाली की कामना समाहित है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में तीजा का विशेष स्थान है। इस पर्व पर विवाहित बेटियों के मायके आने और परिवार के साथ पर्व मनाने की हमारी परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। हमारी माताएं और बहनें भगवान शिव एवं माता पार्वती की आराधना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करती हैं। ऐसे पर्व हमारी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ परिवार और समाज के आत्मीय रिश्तों को भी मजबूत बनाते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय आज बहतराई स्टेडियम में आयोजित भव्य तीजा मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, भावना बोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में माताएं-बहनें उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में नारी शक्ति को सदैव सम्मान का सर्वोच्च स्थान मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। घर-घर शौचालय निर्माण से महिलाओं की गरिमा और सुविधा सुनिश्चित हुई है। राशन कार्ड महिलाओं के नाम पर बनाए गए हैं। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक योजना की 31 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है। यह आर्थिक सहायता बहनों को अपनी छोटी-बड़ी आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर बनाने के साथ परिवार में उनकी भूमिका को और मजबूत कर रही है।
प्रदेश की 13.85 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की महिलाएं केवल शासकीय योजनाओं की लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि प्रदेश की विकास यात्रा की सक्रिय भागीदार बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। राज्य में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर हमारी बहनें विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन रही हैं।
उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ हमारी बहनें आधुनिक तकनीक को अपनाकर भी आगे बढ़ रही हैं। ड्रोन दीदियां आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए स्वरोजगार से जुड़कर प्रतिदिन 6 से 7 हजार रुपए तक की आय अर्जित कर रही हैं। कहीं महिलाएं सेंटरिंग प्लेट के व्यवसाय से जुड़ी हैं तो कहीं ई-रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। बस्तर से लेकर बिलासपुर तक हमारी माताएं-बहनें अपनी मेहनत, कौशल और आत्मविश्वास से सफलता की नई कहानियां लिख रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को उद्यमिता और उद्योगों से जोड़ने के लिए भी विशेष प्रोत्साहन दे रही है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश की हर बहन को अपनी क्षमता और हुनर के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिले और वह आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार तथा प्रदेश की समृद्धि में सहभागी बने।
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा, वन संपदा और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध प्रदेश है तथा यहां विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। सरकार का प्रयास है कि इन संभावनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और विकास की सुविधाएं गांव तथा लोगों के घर के नजदीक उपलब्ध हों।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का हमारा संकल्प है। इस संकल्प को पूरा करने में प्रदेश की मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जब हमारी बहनें शिक्षित, सुरक्षित, स्वस्थ, आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर होंगी, तभी परिवार मजबूत होंगे और प्रदेश भी तेजी से आगे बढ़ेगा।
चोरहादेवरी गांव का नाम होगा ‘रामदेवरी’, बेलतरा महोत्सव के लिए मिलेंगे 30 लाख रुपए
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर क्षेत्रवासियों को महत्वपूर्ण सौगातें भी दीं। उन्होंने बिल्हा विकासखंड के चोरहादेवरी गांव का नाम बदलकर ‘रामदेवरी’ किए जाने की घोषणा की। साथ ही माघी पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले बेलतरा महोत्सव के लिए 30 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं का उपस्थित जनसमुदाय ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
हमारी संस्कृति और सामाजिक आत्मीयता को सहेजता है तीजा : उप मुख्यमंत्री अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह माताओं और बहनों की आस्था, प्रेम और पारिवारिक समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कमल सखी परिवार द्वारा आयोजित तीजा मिलन समारोह की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को सहेजने के साथ समाज में आत्मीयता और आपसी जुड़ाव को मजबूत करते हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीजा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक है। यह पर्व महिलाओं के जीवन में विशेष महत्व रखता है। राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सशक्तीकरण और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि तीजा जैसे पारंपरिक पर्व हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने का संदेश देते हैं।
बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की माटी और संस्कृति से जुड़ा पर्व है। इसमें माताओं-बहनों की आस्था, त्याग और पारिवारिक प्रेम की सुंदर झलक दिखाई देती है। ऐसे आयोजन हमारी लोकपरंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं।
झूले, मेहंदी और पारंपरिक रंगों से सराबोर हुआ बहतराई स्टेडियम
तीजा मिलन समारोह में छत्तीसगढ़ी संस्कृति और नारी शक्ति का सुंदर संगम देखने को मिला। पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में पहुंचीं माताओं-बहनों के लिए आकर्षक झूलों, मेहंदी और विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों की व्यवस्था की गई थी। भोजन और उपहार की विशेष व्यवस्था ने पर्व की खुशियों को और बढ़ाया। बच्चों ने भी उत्साह के साथ विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर आयोजन का आनंद लिया। गीत-संगीत, पारंपरिक वेशभूषा और उत्सवी माहौल से पूरा बहतराई स्टेडियम तीजा की खुशियों से सराबोर रहा।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडे, महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, संभागायुक्त सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका शिक्षक दिवस के अवसर पर एसईसीएल-डीएवी पब्लिक स्कूल, वसंत विहार, बिलासपुर में आयोजित ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शामिल हुए। इस अवसर पर शिक्षकों के उत्कृष्ट योगदान का सम्मान किया गया तथा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
इंटरनेट और तकनीक का सदुपयोग करते हुए युवा सही दिशा में आगे बढ़े
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि समय का सही उपयोग जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज का दौर इंटरनेट और तकनीक का दौर है तथा बच्चे तेजी से एक ऐसी दुनिया में बड़े हो रहे हैं, जहां ज्ञान और सूचनाएं आसानी से उपलब्ध हैं। ऐसे में बच्चों और युवाओं को समय का सदुपयोग करते हुए सही दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार एवं मूल्यों का समावेश भी आवश्यक
राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश के शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि पुराने समय में गुरुकुल परंपरा के माध्यम से गुरु विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कार प्रदान करते थे। समय के साथ शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन हुए हैं और आज आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार एवं मूल्यों का समावेश भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि परिश्रम करने वालों को निश्चित रूप से सफलता मिलती है। जीवन में निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए और चुनौतियों से घबराना नहीं चाहिए।
देशभक्ति और संस्कारों के महत्व पर जोर
राज्यपाल ने वरिष्ठ नागरिकों से भी जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीवन में जो कुछ मिला है, उसके प्रति संतोष और कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए तथा वर्तमान में रहकर जीवन का आनंद लेना चाहिए। उन्होंने देशभक्ति और संस्कारों के महत्व पर जोर दिया। बच्चों में देशभक्ति की भावना विकसित होने से देश को जागरूक और राष्ट्रभक्त नागरिक मिलेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के निर्माण में परिवार और शिक्षकों दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि समाज को शिक्षित और जागरूक बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित
इस अवसर पर आयोजित ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित शिक्षकों के समर्पण और उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में एसईसीएल और डीएवी के बीच शिक्षा के क्षेत्र में स्थापित सहयोग और साझेदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ शिक्षकों के सम्मान, उनके अनुभवों के आदान-प्रदान और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम में संभागायुक्त सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसईसीएल के डायरेक्टर बिरंची दास, हिमांशु जैन, एसईसीएल के अन्य अधिकारी-कर्मचारी, डीएवी प्रबंधन, विभिन्न प्रोजेक्ट स्कूलों के प्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत इन प्रतिभाओं को पहचानने, तराशने और उन्हें आगे बढ़ने के बेहतर अवसर प्रदान करने की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने आज बिलासपुर में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल के मैदान में संघर्ष करने और पसीना बहाने वाले खिलाड़ी ही सफलता की नई ऊंचाइयों को छूते हैं। जो खेलेगा, वही खिलेगा। आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खेल और खिलाड़ियों के विकास को विशेष प्राथमिकता दे रहे हैं। खेलो इंडिया के माध्यम से खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी खेल और खिलाड़ियों की बेहतरी के लिए लगातार कार्य कर रही है। राज्य में बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक का आयोजन किया गया है। छत्तीसगढ़ को खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी का अवसर भी मिला है। राज्य सरकार ने बंद हो चुके खेल अलंकरण को पुनः प्रारंभ करने के साथ ही उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की है।
श्री साव ने बताया कि हाल ही में 29 अगस्त को राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन स्वरूप एक करोड़ 74 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष योजना के अंतर्गत इस वर्ष के बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से खेलों के विकास के साथ ही स्पोर्ट्स साइंस और खेल अधोसंरचना को भी मजबूत किया जाएगा।
3800 अंकों के साथ बिलासपुर बना ओवरऑल चैंपियन
26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में प्रदेश के पांचों संभागों के 845 खिलाड़ियों एवं 150 से अधिक ऑफिशियल्स ने भाग लिया। चार दिवसीय प्रतियोगिता में बेसबॉल, तैराकी और वाटर पोलो की स्पर्धाएं आयोजित की गईं। बिलासपुर संभाग ने सभी प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3800 अंकों के साथ ओवरऑल चौंपियन का खिताब अपने नाम किया।
प्रतियोगिता का आयोजन बिलासपुर के संजय तरण पुष्कर एवं छत्तीसगढ़ स्कूल खेल मैदान में किया गया। समापन समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और अन्य अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया।
शिक्षा के साथ खेल भी जरूरी : विधायक अमर अग्रवाल
बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने कहा कि जीवन बहुआयामी है। शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहना भी आवश्यक है, जिसमें खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के विकास के लिए बनाई गई नीतियों का परिणाम है कि आज भारतीय खिलाड़ी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने खेलों के लिए आधारभूत अधोसंरचना विकसित करने का कार्य किया है।
खेल की प्रतिस्पर्धा भविष्य को बनाती है उज्ज्वल : विधायक धरमलाल कौशिक
बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि खेल के माध्यम से छत्तीसगढ़ को नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा है और खेल के मैदान में होने वाली प्रतिस्पर्धा खिलाड़ियों के भविष्य को उज्ज्वल बनाती है। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल के क्षेत्र में अपने परिवार, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
समापन समारोह में मस्तुरी विधायक दिलीप लहरिया, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय, अपर कलेक्टर शिव कुमार बनर्जी, संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर अश्वनी कुमार भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी वर्षा शर्मा, सहायक संचालक क्रीड़ा जी.डी. गर्ग, बीईओ बिल्हा भूपेंद्र कौशिक, मोहित जायसवाल और दीपक सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं खेलप्रेमी बड़ी संख्या में मौजूद थे।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत द्वारा 10 आरोपियों को दोषी ठहराए जाने के बाद प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस की ओर से जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने और नार्को टेस्ट की मांग किए जाने के बाद कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने पलटवार किया है।
गौरेला पहुंचे उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस के बयानों में अब कोई दम नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि NIA एक राष्ट्रीय और स्वायत्त जांच संस्था है, जिसने इस संवेदनशील मामले की पूरी निष्पक्षता और तथ्यों के आधार पर जांच की है। जांच के आधार पर अदालत ने दोषियों को चिह्नित किया है और कानून के मुताबिक आगामी 16 सितंबर को सजा का ऐलान भी किया जाएगा।
’जेब में सबूत का दावा करने वाले 5 साल सत्ता में रहकर क्यों चुप रहे?
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर सीधा हमला बोलते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भूपेश बघेल सालों तक यह दावा करते रहे कि झीरम कांड से जुड़े सबूत और मुख्य षड्यंत्रकारियों का “चिट्ठा” उनकी जेब में रखा है। प्रदेश में 5 वर्षों तक कांग्रेस की सरकार रही और वे स्वयं मुख्यमंत्री के पद पर रहे, फिर भी उन्होंने अपनी जेब में रखा वह कथित चिट्ठा सार्वजनिक क्यों नहीं किया? मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि 5 साल तक सत्ता में रहते हुए कांग्रेस सरकार कुछ नहीं कर पाई और अब जब भाजपा सरकार के दौरान जांच एजेंसियां अपना काम ईमानदारी से कर रही हैं, तो कांग्रेस केवल ध्यान भटकाने की राजनीति कर रही है।
जांच एजेंसियों पर सवाल उठाना गलत: मंत्री देवांगन
जांच एजेंसियों पर दोषारोपण गलत, मंत्री लखन देवांगन ने स्पष्ट किया कि निष्पक्षता से काम कर रही देश की प्रमुख जांच एजेंसियों पर राजनीति से प्रेरित होकर उंगली उठाना गलत है। भाजपा सरकार का रुख साफ है कि अपराध में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और अदालत द्वारा न्याय प्रक्रिया को उसके अंजाम तक पहुंचाया जा रहा है।
बिलासपुर। सब इंस्पेक्टर (रेडियो) के पद पर कार्यरत चार पुलिस अधिकारियों की पदोन्नति से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि, पदोन्नति के लिए निर्धारित आठ वर्ष की अर्हकारी सेवा की गणना वास्तविक ज्वाइनिंग तारीख से नहीं, बल्कि उस कैलेंडर वर्ष से की जाएगी, जिसमें कर्मचारी ने फीडर कैडर में नियुक्ति ली है.
मामला ओम प्रकाश देवांगन, धर्मेश कुमार साहू, अपराजिता सिंह राणा और गौरव शुक्ला की ओर से दायर रिट अपील का था. सभी की नियुक्ति वर्ष 2017 में सब इंस्पेक्टर (रेडियो) के पद पर हुई थी और वे नवंबर 2017 में सेवा में शामिल हुए थे. छत्तीसगढ़ पुलिस कार्यपालिक (अराजपत्रित) सेवा भर्ती नियम, 2021 के तहत सब इंस्पेक्टर (रेडियो) से इंस्पेक्टर (रेडियो) पद पर पदोन्नति के लिए आठ वर्ष की अर्हकारी सेवा निर्धारित है.
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि छत्तीसगढ़ लोक सेवाएं (पदोन्नति) नियम, 2003 के नियम 6(2) की व्याख्या के अनुसार अर्हकारी सेवा की गणना कर्मचारी के फीडर कैडर में शामिल होने वाले कैलेंडर वर्ष से की जानी है. इस आधार पर 2017 को पहला वर्ष मानते हुए उनकी आठ वर्ष की सेवा 2024 में पूरी हो गई थी और वे 1 जनवरी 2025 से पदोन्नति के लिए विचार योग्य थे. उनका यह भी कहना था कि, इंस्पेक्टर (रेडियो) के सात पद रिक्त थे और वे वरिष्ठता सूची में पदोन्नति के दायरे में आते थे. एकल पीठ ने हालांकि 10 अक्टूबर 2025 के आदेश में उनकी याचिका खारिज करते हुए माना था कि वास्तविक ज्वाइनिंग तारीख के आधार पर वे अक्टूबर 2025 में आठ वर्ष की सेवा पूरी करेंगे और 1 जनवरी 2026 से पदोन्नति के लिए पात्र होंगे. इसके खिलाफ उन्होंने डिवीजन बेंच में अपील की. अपील में अधिवक्ता सौरभ साहू ने पक्ष रखा, जबकि राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता एस.एस. बघेल ने पैरवी की.
डिवीजन बेंच ने नियम 6(2) की व्याख्या पर विचार करते हुए कहा कि नियम में स्पष्ट रूप से अर्हकारी सेवा की गणना उस कैलेंडर वर्ष से करने का प्रावधान है, जिसमें कर्मचारी ने फीडर कैडर में प्रवेश किया है. इसलिए नवंबर 2017 में ज्वाइन करने वाले अपीलकर्ताओं के लिए 2017 को पहला वर्ष, 2018 दूसरा और इसी क्रम में 2024 को आठवां वर्ष माना जाएगा. इस प्रकार 1 जनवरी 2025 को वे आठ वर्ष की अर्हकारी सेवा पूरी कर चुके थे. हाईकोर्ट ने कहा कि एकल पीठ ने वास्तविक ज्वाइनिंग तारीख के आधार पर पात्रता तय कर गलती की है. जब नियमों में कैलेंडर वर्ष को आधार बनाया गया है, तो नवंबर 2017 में हुई वास्तविक ज्वाइनिंग के आधार पर पदोन्नति टालना उचित नहीं था.
अदालत ने यह भी माना कि रिक्त पदों और अपीलकर्ताओं की वरिष्ठता को देखते हुए उनके मामलों को विभागीय पदोन्नति समिति के समक्ष रखा जाना चाहिए था. डिवीजन बेंच ने 10 अक्टूबर 2025 का एकल पीठ का आदेश निरस्त करते हुए रिट अपील स्वीकार कर ली. राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि चारों अपीलकर्ताओं के मामलों पर इंस्पेक्टर (रेडियो) पद पर पदोन्नति के लिए विचार किया जाए और उन्हें 1 जनवरी 2025 तक आठ वर्ष की अर्हकारी सेवा पूरी करने वाला माना जाए. पदोन्नति पर विचार विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा अन्य सभी पात्रता शर्तों और रिक्तियों की उपलब्धता के अधीन किया जाएगा तथा नियमानुसार परिणामी लाभ भी दिए जाएंगे.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रविवार को बिलासपुर दौरे के लिए रवाना हुए। वे बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित तीजा-पोरा कार्यक्रम में शामिल होंगे। रवाना होने से पहले उन्होंने झीरम घाटी मामले में आए फैसले पर कांग्रेस के बयान और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का प्रभार बदले जाने को लेकर प्रतिक्रिया दी।
झीरम घाटी फैसले पर कांग्रेस के बयान पर पलटवार
झीरम घाटी फैसले पर कांग्रेस के बयान पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए केस राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपा गया था। उस समय केंद्र में UPA की सरकार थी। उन्होंने कहा कि NIA ने लगातार सुनवाई की और 100 से ज्यादा गवाहों के बयान लिए गए। इसके बाद फैसला आया और 10 से अधिक लोगों को सजा सुनाई गई। उन्होंने बताया कि 16 सितंबर को NIA कोर्ट सजा तय करेगा।
सीएम साय ने आगे कहा कि अगर भूपेश बघेल के पास कोई साक्ष्य था, तो उन्हें वह NIA को देना चाहिए था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वे सबूत अपनी जेब में लेकर घूमते थे।
भूपेश बघेल का प्रभार बदले जाने पर CM साय का तंज
भूपेश बघेल को असम कांग्रेस का प्रभारी बनाए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस संगठन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अंग्रेजों की नीति पर चलती है और ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति अपनाती है। CM साय ने कहा कि भूपेश बघेल पंजाब के प्रभारी थे, जहां उनका विरोध हुआ। इसी वजह से उनका प्रभार बदल दिया गया
कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में सर्चिंग के दौरान सुरक्षाबल के जवानों को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुष्पपाल क्षेत्र के जंगलों में नक्सल डंप मिला है. जवानों ने कार्रवाई के दौरान पिस्टल, बारूद, वायर, वॉकी-टॉकी समेत अन्य सामग्री बरामद किया है.
भले ही छत्तीसगढ़ में नक्लवाद समाप्त हो गया है, लेकिन जमीन के नीचे अभी भी नक्सिलयों द्वारा छिपाए गए हथियार मौजूद है. इनकी बारमदगी के लिए सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी है. इस बीच रविवार को जवानों ने पुष्पपाल क्षेत्र के घने जंगल में अभियान के दौरान नक्सल डंप बरामद किया.
जानकारी के मुताबिक, नक्सल डंप में भारी विस्फोटक सामाग्री बरामद की गई है. बीडीएस की मदद से सभी सामाग्री को डंप से सुरक्षित बाहर निकाला गया. इसमें पिस्टल, लगभग 6 वॉकी-टॉकी, बम बनाने में इस्तेमाल होने वाले वायर और भारी मात्रा में बारूद बरामद किया गया है. पुलिस जल्द ही इस कार्रवाई को लेकर खुलासा करेगी. फिलहाल अभियान के बाद सभी जवान कैंप में वापस सुरक्षित लौट आए हैं.
सुकमा। साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ को अब प्रसिद्ध गायक और संगीतकार ए.आर. रहमान का भी साथ मिला है। सुकमा पुलिस की विशेष अपील पर ए.आर. रहमान ने साइबर जागरूकता को लेकर एक वीडियो संदेश जारी किया है।
ए.आर. रहमान ने की ये अपील
ए.आर. रहमान ने अपने संदेश के जरिए लोगों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित और जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सावधानी बरतने का संदेश दिया। उनका यह संदेश साइबर जागरूकता के प्रयासों को व्यापक जनसमुदाय तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाया जा रहा अभियान
बता दें कि छत्तीसगढ़ पुलिस और राज्य शासन की पहल पर 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक ‘साइबर जागृति अभियान’ चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य आम लोगों को साइबर अपराध, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।
अभियान के अंतर्गत जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित शाह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की के मार्गदर्शन में सुकमा पुलिस द्वारा ‘साइबर जागृति अभियान’ के अंतर्गत विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना, उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी देना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को जन-आंदोलन का रूप देना है।
सुकमा पुलिस की अपील
OTP, PIN, पासवर्ड और बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या संदेश पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें।
ऑनलाइन लेन-देन करते समय विशेष सावधानी बरतें।
किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें।
“साइबर जागरूक बनें, सुरक्षित डिजिटल भविष्य से जुड़ें।”
बलरामपुर। जिले में लगातार बारिश के बीच सड़कों की बदहाल स्थिति अब आम लोगों के साथ जनप्रतिनिधियों के लिए भी चिंता का विषय बन गई है। अंबिकापुर से प्रतापपुर होते हुए सेमरसोत एनएच-343 को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की बदहाली के कारण शिक्षक दिवस कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम दो घंटे देर से पहुंचे। सड़क ने हालात को देखते हुए मौके से ही कलेक्टर को जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बताया जा रहा है कि बरसात शुरू होने के कुछ महीने पहले ही PWD विभाग द्वारा इस सड़क पर पेंच रिपेयर का काम कराया गया था। इसके बावजूद कुछ ही समय में सड़क की हालत फिर से बेहद खराब हो गई। सड़क पर बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से वाहन चालकों को इनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है।
रात में सफर करना हुआ खतरनाक
सड़क की बदहाली का सबसे ज्यादा असर रोजाना आवागमन करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। दिन में किसी तरह वाहन चालक गड्ढों से बचकर निकल जाते हैं, लेकिन रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। पानी से भरे गड्ढे दिखाई नहीं देने के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर रात में सफर करना मानो जान हथेली पर रखकर चलने जैसा हो गया है।
वर्तमान में बलरामपुर-अंबिकापुर NH-343 का निर्माण कार्य भी चल रहा है, जिसके चलते मुख्यालय से अंबिकापुर की ओर आने-जाने के लिए यह PWD मार्ग बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। ऐसे में इस सड़क की खराब हालत ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
मरम्मत के कुछ माह बाद ही उखड़ी सड़क
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर कुछ समय पहले कराया गया पेंच रिपेयर का काम गुणवत्ता के लिहाज से सवालों के घेरे में है। बारिश आते ही सड़क फिर उखड़ने लगी और गड्ढे बढ़ते चले गए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की गुणवत्ता और मरम्मत कार्य की निगरानी की जाती तो आज यह स्थिति नहीं बनती।
मंत्री ने मौके से ही कलेक्टर को दिए निर्देश
इसी जर्जर मार्ग से कृषि मंत्री रामविचार नेताम गुजर रहे थे। सड़क की बदहाली को देखकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की और मौके से ही कलेक्टर से चर्चा कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा सड़क की जल्द से जल्द मरम्मत कराने के निर्देश दिए। मंत्री की नाराजगी के बाद अब लोगों को उम्मीद जगी है कि लंबे समय से बदहाल सड़क की स्थिति सुधरेगी और जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई होगी।
भोपाल/इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 सितंबर को प्रदेश के 200 से अधिक युवा अधिकारियों डीईओ, डीपीसी, बीईओ और शिक्षकों से सीधा संवाद किया। मौका था शिक्षक दिवस के अवसर पर इंदौर के सांदीपनि शासकीय अहिल्या आश्रम कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1 में आयोजित कार्यक्रम ‘एजुकेशन डायलॉग’ का। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन ने शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर युवा प्रशासनिक शक्ति को सीधे मैदानी नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी है। बड़ी संख्या में युवा शिक्षक भी विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण का कार्य कर रहे हैं। इन युवाओं की प्रदेश के शिक्षा परिदृश्य में सकारात्मक नवाचार लाने में महती भूमिका है। कार्यक्रम में उन्होंने देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को किया और शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।
गौरतलब है कि पारंपरिक शासकीय बैठकों से अलग यह कार्यक्रम खुले विचार-विमर्श, अनुभव साझा करने और मार्गदर्शन का मंच बना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मौजूद युवा अधिकारियों से उनके मैदानी अनुभवों, चुनौतियों और किए जा रहे नवाचारों के संबंध में चर्चा की तथा उनसे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उनके दृष्टिकोण और प्राथमिकताओं को जाना। इन युवा शिक्षा अधिकारियों ने अपने जिलों और शालाओं में इंटरेक्टिव पैनल के उपयोग, एप से विद्यार्थियों की अटेंडेंस मार्क करने, सीसीटीवी आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम, सीएसआर के माध्यम से किए जा रहे नवाचारों के बारे में जानकारी दी।
युवा सोच, तकनीकी समझ और नवाचार की क्षमता का पूरा उपयोग करें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज के युवा शिक्षा अधिकारी तकनीक को समझते हैं, तेजी से सीखते हैं। पुरानी समस्याओं को नए तरीके से देखने और समाधान खोजने की उनकी क्षमता शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षा अधिकारियों से अपेक्षा की, कि वे अपनी युवा सोच, तकनीकी समझ और नवाचार की क्षमता का उपयोग विद्यालयों में वास्तविक परिवर्तन लाने के लिए करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता यह हो कि आपके जिले में ‘कोई भी बच्चा पीछे न रहे’। प्रत्येक अधिकारी अपने जिले के परीक्षा परिणाम को 90 प्रतिशत से अधिक रखने का लक्ष्य निर्धारित करे और उस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ कार्य करे। साथ ही ऐसे विद्यार्थी तैयार करें जो पढ़े, समझे, सवाल पूछे, समस्या का समाधान करें और अपने ज्ञान का जीवन में उपयोग कर सके।
शिक्षा अधिकारी छात्रों में सीखने के स्तर में सुधार, विद्यालयीन गुणवत्ता, नियमित उपस्थिति, कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान और शिक्षण प्रक्रिया में नवाचार को उत्कृष्ट प्रदर्शन की आधारशिला बनाएं। उन्होंने तय लक्ष्यों की नियमित समीक्षा और आवश्यक रणनीति विकसित करने की भी बात कही। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी प्रदेश में शिक्षा के आधारभूत ढांचे को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है। प्रदेश में जिन विद्यालयों के पास पक्के भवन की सुविधा नहीं है, उन्हें पक्के भवन बनाकर दिए जाएंगे। विद्यालयों को बसों की सुविधा से भी जोड़ा जाएगा।
अपने परिवेश में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि युवा अधिकारियों को अपने जिले में सकारात्मक बदलाव लाने और नवाचार करने का संकल्प करना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे छात्रों को परिवार के सदस्य की तरह मानते हुए आत्मीयता से व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका शिक्षा देने के अलावा समाज में व्यापक बदलाव लाने की भी है। ऐसे में आप विद्यार्थियों के परिवारों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर उनकी तरक्की का रास्ता खोलें।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जब बच्चे स्कूल छोड़ते हैं उसके पीछे कई पारिवारिक कारण होते हैं। वे अपनी जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी शिक्षा जारी कर सकते हैं। ऐसे में शिक्षकों का दायित्व बनता है कि वे ऐसे बच्चों को ओपन स्कूल जैसे अन्य विकल्पों की भी जानकारी दें। शिक्षक विद्यार्थियों को करियर ऑप्शन्स के बारे में बताएं, उनकी काउंसलिंग करें, खास तौर पर बेटियों को मेडिकल में संभावनाओं के बारे में बताएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शिक्षा अधिकारी और शिक्षक अपने क्षेत्र में किए जाने वाले नवाचारों को सोशल मीडिया के माध्यम से अन्य लोगों को भी बताएं।
शिक्षा विभाग में युवा नेतृत्व की नई शुरुआत
शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर युवा शिक्षा अधिकारियों को सीधे मैदानी नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रदेश में लगभग 40 नए जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ), 23 जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) और लगभग 60 विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) पदस्थ किए गए हैं। इन युवा अधिकारियों की औसत आयु लगभग 28 वर्ष है।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह युवा शक्ति केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में नई ऊर्जा, नई सोच और नए प्रयोगों को आगे बढ़ाने के लिए मैदानी स्तर पर उतरी है। अधिकारियों को निर्देशों के पालन तक सीमित न रहते हुए परिणामोन्मुखी नेतृत्व करने और स्थानीय समस्याओं के स्थानीय समाधान विकसित करने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने युवा अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी तक सीमित न रहें, बल्कि मैदानी अनुभवों के आधार पर नए प्रयोग करें और सफल नवाचारों को व्यापक स्तर पर लागू करने का प्रयास करें।