प्रदेश
कौहापानी जंगल में बड़े नक्सली ठिकाने का भंडाफोड़, भारी मात्रा में नक्सल सामग्री जब्त
डोंगरगढ़। धर्मनगरी डोंगरगढ़ के थाना बोरतलाव क्षेत्र के ग्राम कौहापानी के पहाड़ी जंगल में संयुक्त पुलिस बल को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है. 19 नवंबर को मिली स्थानीय सूचना पर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की संयुक्त टीम सर्चिंग पर निकली थी, इसी दौरान हुई मुठभेड़ में बालाघाट (मप्र) के निरीक्षक आशीष शर्मा शहीद हो गए थे.
मुठभेड़ के बाद नक्सलियों की घेराबंदी तेज की गई. लगभग 300 अतिरिक्त जवानों को शामिल करते हुए लगातार 3 से 4 दिनों तक सघन सर्चिंग अभियान चलाया गया. दूसरे चरण में एसटीएफ छत्तीसगढ़, डीआरजी राजनांदगांव और डीआरजी मोहला-मानपुर की टीम नक्सलियों के डेरे तक पहुंची. पुलिस को देखते ही नक्सली अपना सामान छोड़कर जंगल की आड़ लेकर भाग निकले.
सर्चिंग के दौरान भारी मात्रा में सामग्री जब्त की गई है, जिसमें नक्सल वर्दियां, पिट्ठू बैग, दस्तावेज, डायरियां, सोलर पैनल, चार्जिंग सेट, खाना बनाने के बर्तन, तंबू, तिरपाल, वॉकी-टॉकी, विस्फोटक और पर्याप्त राशन शामिल हैं.
मुठभेड़ स्थल से कुछ दूरी पर भारी खून के धब्बे मिलने से यह अनुमान लगाया गया है कि कम से कम तीन नक्सली गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें एक की स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है. सूत्रों के अनुसार नक्सली दस्ता ग्रामीणों से इलाज और दवाइयों की व्यवस्था करवाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन ग्रामीणों ने मदद से इंकार कर दिया.
पूरा अभियान एसटीएफ बघेरा की छह पार्टियों एवं डीआरजी मोहला–राजनांदगांव की टीमों ने मिलकर संचालित किया. बरामद सभी सामग्री को पुलिस ने विधिसम्मत कार्रवाई के तहत जब्त कर लिया है. आगामी दिनों में भी पड़ोसी राज्यों के सहयोग से संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान जारी रहेगा.
अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पेवेलियन का किया अवलोकन
रायपुर। भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में आज छत्तीसगढ़ पेवेलियन आकर्षण का केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के पेवेलियन का भ्रमण कर विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने पेवेलियन में प्रदर्शित उत्पादों और नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वैश्विक व्यापार मंचों पर लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, वनोपज आधारित उत्पाद और पारंपरिक कला वैश्विक बाजार में अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि “देश-विदेश के खरीदारों के बीच छत्तीसगढ़ी उत्पादों की बढ़ती मांग स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और हमारे कारीगरों के सम्मान को नई दिशा दे रही है। यह ‘आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ के हमारे संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।”
उन्होंने पवेलियन में प्रदर्शित कोसा सिल्क, धातु-शिल्प, ढोकरा कला, प्राकृतिक वन-आधारित उत्पाद, मिलेट-आधारित फूड प्रोडक्ट्स और सूक्ष्म उद्यमों के अभिनव मॉडल की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने पेवेलियन में बस्तर की समृद्ध विरासत और कलाकृतियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने डिजिटल टीवी पर प्रसारित डॉक्यूमेंट्री ‘बदलता बस्तर (आमचो बस्तर)’ का अवलोकन करते हुए कहा कि डॉक्यूमेंट्री में आज का नया बस्तर स्पष्ट दिखाई देता है। बस्तर बदल चुका है, और यह डॉक्यूमेंट्री उसी परिवर्तन का जीवंत अवलोकन कराती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय और ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने के लिए विभिन्न योजनाओं और संस्थागत समर्थन को निरंतर मजबूत कर रही है।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, कमलेश जांगड़े एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे।
धान खरीदी तिहार सुचारू और पारदर्शी, भिट्ठी कला के किसानों ने जताया विश्वास
रायपुर। प्रदेश में इस वर्ष धान खरीदी तिहार पूरी तरह सुगमता, पारदर्शिता और सुव्यवस्था के साथ संचालित हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में राज्य के सभी धान उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित किए जाने से किसानों में उत्साह और विश्वास का माहौल है।
सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत भिट्ठी कला स्थित आदिमजाति सहकारी मर्यादित समिति मेंड्राकला में धान विक्रय करने पहुँचे किसान इस वर्ष की खरीदी व्यवस्था से पूरी तरह संतुष्ट दिखाई दिए। किसानों ने बताया कि खरीदी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुचारू, सुविधाजनक और पारदर्शी है।
किसान बनकेश्वर राम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान मूल्य से किसानों को सीधा आर्थिक लाभ हो रहा है। उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्र में तुलाई, नमी परीक्षण और अन्य प्रक्रियाएँ बिना किसी कठिनाई के पूरी हुईं, जिससे खरीदी का अनुभव सहज रहा।
उपार्जन केंद्र में उपलब्ध सुव्यवस्थित व्यवस्था देखकर किसान बनकेश्वर राम ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाएँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं।
जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों—बारदाना उपलब्धता, पारदर्शी तुलाई, त्वरित भुगतान प्रणाली और लगातार निगरानी—ने किसानों के बीच प्रक्रिया के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत किया है।
रजिस्ट्री दाम बढ़ोतरी का विरोध, प्रदर्शनकारियों ने रोका भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव का काफिला, जमकर हुआ बवाल
दुर्ग। रजिस्ट्री दर बढ़ाए जाने के विरोध में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आज प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। इस बीच दुर्ग जिले में उस वक्त बड़ा बवाल मच गया। जब पटेल चौक के पास रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे जमीन दलालों और रियल एस्टेट कारोबारियों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के काफिले को रोक दिया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों और भाजपा नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। स्थिति तब बिगड़ गई जब भिलाई जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन, कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता प्रदर्शनकारियों से भिड़ गए। मौके पर दोनों पक्षों के बीच जमकर झूमाझटकी भी हुई।
वहीं हंगामा बढ़ता देख मौके पर तैनात पुलिस जवानों ने बीच-बचाव किया और किसी तरह सड़क को खाली कराते हुए काफिले को आगे बढ़ाया। यह पूरी घटना दुर्ग कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत पटेल चौक के पास हुई।
दरअसल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव सिंह आज सांसद विजय बघेल के पुत्र के विवाह की संगीत संध्या कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। जिसके बाद वे राइस मिल एसोसिएसन के प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल बोथरा के दुर्ग स्थित निवास पर शोक संतृप्त परिवार मुलाकात करने पहुंचे थे। इसी दौरान पटेल चौक पर प्रदर्शन कर है कारोबारी अपनी मांगपत्र कलेक्टर को सौंप कर वापस लौट रहे थे, तभी रास्ते में यह हंगामा हो गया।
वहीं इस पूरे मामले में भिलाई जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने कहा कि आज हमारे प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव का दुर्ग जिले में प्रवास था। इस दौरान भूमि की रजिस्ट्री दर संबंधी मांगों को लेकर कुछ लोग दुर्ग मौजूद थे। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष काफिले लोगों को रोकने की कोशिश की। जिसे हमने उन्हें समझा कर हटाया और वे मान भी गए। झूमाझटकी जैसी कोई स्थिति नहीं बनी है।
3 दिसंबर को रायपुर में होगा भारत-साउथ अफ्रीका वनडे मैच, टिकट लेने छात्रों की उमड़ी भारी भीड़
रायपुर। भारत-साउथ अफ्रीका (IND vs SA ODI) वनडे मैच तीन दिसंबर को नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके लिए 24 नवंबर को इंडोर स्टेडियम स्थित टिकट काउंटर पर स्टूडेंट्स के लिए 1500 रुपये वाली टिकट सिर्फ 800 रुपये में उपलब्ध कराई गई। रियायती दर की जानकारी मिलते ही सुबह से ही स्टेडियम में छात्रों की भारी भीड़ लगी, जिसके चलते लंबी कतारें लगी।
एक दिसंबर को आएगी भारत-दक्षिण अफ्रीका की टीम
नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तीन दिसंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरे वनडे मैच की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। बीसीसीआई द्वारा प्रशिक्षित क्यूरेटर ने पिच की तैयारियां पूरी कर ली हैं। दोनों टीमें रांची में मैच खत्म होने के बाद एक दिसंबर की सुबह रायपुर पहुंचेंगी और नवा रायपुर के होटल मेफेयर रिजॉर्ट में रुकेंगी। दोनों ही टीमें दो दिसंबर को अलग-अलग समय पर स्टेडियम में अभ्यास करेंगी। छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के अनुसार खिलाड़ियों के लिए होटल में कान्टिनेंटल के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पकवानों को भी मेन्यू में शामिल किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी प्रशासन को सौंप दी गई है। साथ ही निजी गार्ड और बाउंसर भी तैनात किए जाएंगे।
पार्किंग, बैरिकेडिंग की व्यवस्था अंतिम चरण पर
दर्शकों की सुविधा के लिए पार्किंग, बैरिकेडिंग और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। स्टेडियम की कुर्सियों को नई जैसा दिखाने के लिए हाई-प्रेशर मशीन से साफ किया गया है। शनिवार को हुई सचिव स्तर की बैठक में पुलिस, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और जिला प्रशासन सहित सभी संबंधित विभागों को मैच से जुड़ी जिम्मेदारियां आवंटित की गईं।
दवाइयों पर ‘एक राष्ट्र–एक दाम’ की मांग उठाने वाले देश के पहले सांसद बने बृजमोहन अग्रवाल, एक्सपायरी दवाओं के राष्ट्रीय निस्तारण नीति की जोरदार वकालत की
रायपुर/नई दिल्ली। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने दवाइयों पर ‘एक राष्ट्र–एक दाम’ की मांग की है।सोमवार को नई दिल्ली में रसायन और उर्वरक संबंधी संसदीय स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने तथा आम नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए कई मौलिक, दूरदर्शी और जनकल्याणकारी सुझाव रखे, जिन्हें समिति ने अत्यंत गंभीरता से सुना।

बैठक में देश में दवाओं की कीमतों में वृद्धि के विशेष संदर्भ में एनपीपीए की भूमिका, कार्यों और कर्तव्यों की समीक्षा हुई। इस दौरान औषध विभाग एवं एनपीपीए के उच्च अधिकारियों ने समिति के समक्ष मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत किया।
देश में दवाइयों के ‘एक राष्ट्र–एक दाम’ की आवश्यकता पर जोर
बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान में अलग-अलग राज्यों में दवाइयों की खरीद अलग-अलग दरों पर होती है, जिससे न केवल व्यवस्था जटिल होती है बल्कि मरीजों की सुविधा भी प्रभावित होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि, “देश में दवाइयों की खरीदी का सिस्टम एक जैसा हो और केंद्र स्तर पर एकीकृत व्यवस्था बने। इससे पूरे देश में दवाइयों का एक दाम तय हो और राज्यों को बार-बार अलग-अलग टेंडर नहीं करने पड़ें। यह व्यवस्था मरीजों को दवाई की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी और पारदर्शिता को बढ़ाएगी।”
उनका यह सुझाव स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़े सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एक्सपायरी दवाओं के निस्तारण की राष्ट्रीय नीति का प्रस्ताव
सांसद अग्रवाल ने देशभर के सरकारी अस्पतालों में बड़ी मात्रा में पड़ी एक्सपायरी दवाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि, “एक्सपायरी दवाओं का उचित निस्तारण नहीं होने से पर्यावरण, मिट्टी और जल स्रोत गंभीर रूप से प्रदूषित होते हैं। अतः केंद्र सरकार को ऐसी दवाओं को वापस लेने और नष्ट करने के लिए कंपनियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए।”
उन्होंने साफ कहा कि एक्सपायर दवाओं को खुले में फेंकना न सिर्फ खतरनाक है बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा जोखिम है।
बीजापुर और रायपुर की घटनाओं का संज्ञान
बैठक में सांसद ने अक्टूबर माह में छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिला अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों की दृष्टि जाने तथा रायपुर में 9 लोगों की आंखें खराब होने की घटनाओं को गंभीरता से उठाया। उन्होंने कहा “यदि दवा एक्सपायर है, तो उसके लिए वही कंपनी जिम्मेदार होगी। ऐसी दवाओं के निस्तारण और जवाबदेही की सख्त नीति अनिवार्य है। मरीजों की जिंदगी से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।”
सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा उठाए गए ये मुद्दे यह दर्शाते हैं कि वे न केवल अपने संसदीय क्षेत्र बल्कि पूरे देश की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत एवं सुरक्षित बनाने के लिए निरंतर सक्रिय और संवेदनशील हैं। समाज के सबसे कमजोर वर्ग, मरीजों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देना उनके समर्पित जनप्रतिनिधित्व का प्रमाण है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल का यह सुझाव स्वास्थ्य सुधार के क्षेत्र में एक निर्णायक भूमि निभाएगा और देशभर में अधिक सुरक्षित, किफायती और पारदर्शी औषध व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
5 महिलाओं समेत 15 सक्रिय माओवादियों ने किया सरेंडर, 48 लाख का घोषित था इनाम
सुकमा। छत्तीसगढ़ में लगातार नक्सल विरोधी अभियानों में सुरक्षा बलों को सफलता मिल रही है। इसी क्रम में आज सुकमा जिले में एक और बड़ी कामयाबी मिली है, जहां 15 सक्रिय माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। इन सभी पर 48 लाख रुपये के इनाम घोषित था। आत्मसमर्पित माओवादियों में PLGA बटालियन-01 के 4 हार्डकोर सदस्य भी शामिल हैं।
हार्डकोर नक्सली भी किये सरेंडर
आत्मसमर्पण करने वालों में PPCM के 4, SCM के 2, पार्टी सदस्य 3 और अन्य 8 सदस्य शामिल हैं। इनमें 5 महिलाएं और 10 पुरुष माओवादी हैं। इन सभी पर मिलाकर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें 4 माओवादियों पर 8-8 लाख, 2 पर 5-5 लाख, 1 पर 3 लाख, 1 पर 2 लाख, 1 पर 1 लाख का इनाम था।
आत्मसमर्पित माओवादियों ने ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति’ और पुना मुर्गम योजना से प्रभावित होकर हिंसा का रास्ता छोड़ा है। इसके साथ ही तर्रेम और अंसदरी क्षेत्रों में नए सुरक्षा कैंपों की बढ़ी मौजूदगी ने भी उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए प्रेरित किया।
इस आत्मसमर्पण अभियान में जिला पुलिस बल, DRG, RAF, CRPF (02, 212, 217, 223 बटालियन), COBRA 207 और विभिन्न इंटेलिजेंस एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के साथ अहम मुलाकात, राज्य में खाद्य प्रसंस्करण को मिलेगी नई दिशा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री चिराग पासवान से उनके कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ से जुड़े अनेक जनहित विषयों पर रचनात्मक और सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से राज्य में खाद्य सुरक्षा, कृषि-आधारित उद्योगों और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) संस्थान की स्थापना छत्तीसगढ़ में की जाए, ताकि राज्य के युवाओं को आधुनिक खाद्य तकनीक, उद्यमिता तथा नए रोजगारों से संबंधित उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि कृषि दृष्टि से छत्तीसगढ़ एक मजबूत राज्य है और यहां ऐसे संस्थान से हजारों छात्रों, किसानों तथा खाद्य-आधारित उद्यमों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस प्रस्ताव को अत्यंत सकारात्मक रूप से लेते हुए कहा कि वे इस विषय पर हर संभव सहयोग देंगे और इसे गंभीरता से विचार में लेंगे।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने यह अनुरोध भी किया कि वर्ल्ड फूड इंडिया के रीजनल समिट का आयोजन रायपुर में किया जाए। उन्होंने कहा कि रायपुर की समृद्ध खाद्य परंपरा, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और विविधता ऐसे आयोजन के लिए आदर्श गंतव्य बनाती है। यह फेस्टिवल क्षेत्रीय पाक-परंपराओं को वैश्विक पहचान देगा और नए खाद्य-आधारित उद्यमों के लिए बड़े अवसर उत्पन्न करेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन दिल्ली के वर्ल्ड फूड इंडिया अथवा गुवाहाटी के नॉर्थ ईस्ट फूड फेस्ट की तर्ज पर हर दो वर्ष में आयोजित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में खाद्य वस्तुओं की जांच के लिए फूड टेस्टिंग लैब तथा खाद्य उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए फूड इर्रेडिएशन यूनिट स्थापित की जानी हैं, जिनके लिए राज्य केंद्र से सहयोग चाहता है। उन्होंने कहा कि धान तथा फल–सब्जी आधारित उद्योगों में बड़े निवेशकों की भागीदारी बढ़ने से किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को व्यापक गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जानकारी दी कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को विशेष महत्व दिया गया है और निवेशकों को अनेक अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। इसी के अंतर्गत Drools कंपनी द्वारा छत्तीसगढ़ में ₹1,000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जिससे लगभग 3,000 लोगों को रोजगार मिलेगा और इसका लाभ ग्रामीण व आदिवासी समुदायों तक पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को राइस ब्रान ऑयल हब के रूप में विकसित करना है, जिससे तेल आयात पर निर्भरता कम होगी और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को सुदृढ़ समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ और विकसित भारत 2047 का सपना इन्हीं प्रयासों के माध्यम से साकार होगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत तथा इन्वेस्टमेंट कमिश्नर रितु सेन उपस्थित थीं।
जमीन की सरकारी कीमत मार्केट रेट से भी अधिक, बिल्डरों ने नई गाइडलाइन जलाकर किया विरोध प्रदर्शन…
रायपुर। राजधानी समेत राज्यभर में जमीन पर लागू नई गाइडलाइन को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. बिल्डरों के सबसे बड़े एसोसिएशन छत्तीसगढ़ क्रेडाई का दावा है कि नई गाइडलाइन जारी होने के बाद रायपुर में कई जगहों पर जमीन की सरकारी कीमत मार्केट रेट से कई गुना ज्यादा हो गई है. इसी बीच गाइडलाइन दरो को लेकर विरोध शुरू हो गया है और बड़ी संख्या में इससे प्रभावित होने वाले ब्रोकर प्रदर्शन करने पहुंचे है.
ब्रोकरों का कहना है कि लोग जितनी कीमत में जमीन नहीं खरीदेंगे उससे कहीं ज्यादा कीमत के आधार पर रजिस्ट्री शुल्क देंगे. इसका असर रियल एस्टेट के कारोबार पर भी पड़ेगा. क्रेडाई का कहना है कि नई गाइडलाइन में कई बदलाव स्वागत योग्य है. पहले 1500 से ज्यादा जगहों को आधार मानकर गाइडलाइन तय की जाती थी. लेकिन अब इनकी संख्या घटकर 700 के ही आसपास रह गई है.

क्रेडाई की प्रमुख मांगें
गैर पारिवारिक लोगों की ओर से जमीन खरीदे जाने की स्थिति में प्रत्येक खरीदार के अंश के आधार पर गणना की जाए. जमीन की बिक्री केवल रकबे के आधार पर होती है. खरीदारों की संख्या के आधार पर मूल्य तय करने से जमीन का गाइडलाइन मूल्य वास्तविक मूल्य से कई गुना बढ़ जा रहा है. इसे ठीक करना होगा. पंजीयन शुल्क को 4 प्रतिशत ही रखना होगा. अभी बहुमंजिला भवनों में ऊपर की मंजिलों पर कंस्ट्रक्शन कॉस्ट में दी जाने वाली छूट खत्म कर दी गई है. इस छूट को फिर दिया जाना चाहिए. कलेक्टर गाइडलाइन में 30% छूट को पहले ही खत्म कर दिया गया है.
नए रेट भी लागू हो गए हैं. इसलिए गाइडलाइन में छूट के पहले लगने वाले पंजीयन शुल्क की दर 0.8% को वर्तमान में लागू किया जाना चाहिए. यह दर भी वर्तमान की तरह संपत्ति के गाइडलाइन मूल्य तक ही लगनी चाहिए. गाइडलाइन से अधिक दरों पर पंजीयन कराने वालों के लिए यह काम नहीं करेगा. छत्तीसगढ़ में व्यावसायिक और आवासीय इमारतों में ऊपर के फ्लोर का बिक्री मूल्य कम होता है. इसलिए पहले की तरह ही सेकेंड फ्लोर एवं उसके ऊपर की मंजिलों पर मिलनी वाली छूट को यथावत रखा जाए. जिन जगहों पर सरकारी कीमत बाजार रेट से ज्यादा हो गई है वहां फिर से जांच करवाकर नए रेट लागू करने चाहिए.
मुख्य मांगें
1. गाइडलाइन दर बढ़ोतरी वापस ली जाए
11 नवंबर 2025 को जारी अधिसूचना में की गई वृद्धि को अवैध और जनविरोधी बताया गया है.
2. सभी तरह की जमीन पर एक समान दर लागू की जाए
आवेदक का कहना है कि-
“हर प्रकार की भूमि पर समान प्रति वर्गमीटर मूल्य तय हो.”
3. वार्षिक वृद्धि (0.30% और 0.60%) का विरोध
गाइडलाइन रेट में हर वर्ष 0.30% और 0.60% जो बढ़ोतरी तय है, उसे अनुचित बताया गया है.
4. ग्रामीण और शहरी जनता पर बढ़ते बोझ का जिक्र
नई दरों से दोनों क्षेत्रों के लोगों पर भारी आर्थिक दबाव पड़ेगा, जबकि सुविधाएँ पहले से सीमित हैं.
5. स्टांप शुल्क और पंजीयन शुल्क में की गई वृद्धि रद्द की जाए
19 नवंबर 2025 से लागू नई दरें वास्तविक बाज़ार स्थिति से मेल नहीं खातीं — इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की गई है.
दिल्ली में हिड़मा के समर्थन में नारेबाजी करने वालों को डिप्टी सीएम शर्मा ने छत्तीसगढ़ आने का दिया न्योता
रायपुर। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इंडिया गेट पर हिड़मा के समर्थन में नारे लगाने वालों को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मिलने के लिए आमंत्रित किया है. उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि उन्होंने हिड़मा के समर्थन में नारेबाजी का वीडियो देखा है. ये छोटे बच्चे हैं. उन्हें अलग-अलग तरह से भड़काया गया है, वह असलियत से अनजान हैं. वह बस्तर आएं और यहां 25 साल के युवाओं से मुलाकात करें, जिन्होंने आज तक टीवी नहीं देखा. दिल्ली में बैठकर बच्चों को बरगलाया नहीं जा सकता है.
उन्होंने कहा कि बस्तर पहले बिजली, पानी और सड़क से वंचित था. बच्चों की उम्र कम है, उन्हें उचित जानकारी मिलनी चाहिए. उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित किया गया है. माओवाद किसी भी तरह उचित नहीं हो सकता है. जो सरकार बंदूक और तोप से बात करें वह माओवादी सरकार होती है. समाज को ऐसी सरकार कभी नहीं चाहिए. भारत का लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. लोकतंत्र समाप्त नहीं होना चाहिए. अपील करते हुए कहा कि बच्चें चीजों को समझें.
माओवादी संगठन के पत्र पर उप मुख्यमंत्री ने कहा – लंबी अवधि की जरूरत नहींं… 10-15 दिन पर्याप्त
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने माओवादी संगठन MMC जोन ने मुख्यमंत्रियों को युद्ध विराम के लिए लिखे पत्र पर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि पत्र और ऑडियो दोनों उन तक पहुंचा है. वह लोग 15 फरवरी की बात कर रहे हैं. इतनी लंबी अवधि की जरूरत नहीं है, किसी भी काम के लिए 10–15 दिन पर्याप्त हैं. अगर वे कंक्रीट प्रस्ताव देंगे कि करना क्या चाहते हैं, तो सरकार सहयोग देने के लिए तैयार हैं.
छत्तीसगढ़ में चल रहा सुदर्शन चक्र – विजय शर्मा
प्रदेश में भ्रष्टाचार मामलों में लगातार हो रही कार्रवाई को लेकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सुदर्शन चक्र चल रहा है. जीरो टॉलरेंस ही सरकार की नीति है.
चालान पेश करने के नाम पर प्रधान आरक्षक ने मांगी रिश्वत, महिला की शिकायत पर SP ने की सख्त कार्रवाई
जांजगीर-चांपा। थाना बिर्रा में पदस्थ प्रधान आरक्षक अनिल सिंह अजगल्ले के खिलाफ एक महिला पीड़िता से चालान पेश करने के लिए पैसों की मांग करने पर पुलिस अधीक्षक ने सख्त कार्रवाई की है. पीड़िता द्वारा शिकायत आवेदन देकर पूरे मामले की जानकारी देने के बाद एसपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रधान आरक्षक को थाना बिर्रा से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया है.
पीड़िता से कहा— पैसे दो, नहीं तो स्कूटनी में रोका जाएगा चालान
शिकायत पत्र के अनुसार, महिला के मारपीट प्रकरण में अदालत में चालान पेश करने के एवज में प्रधान आरक्षक ने उससे पैसों की मांग की थी. पीड़िता द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर आरोपी आरक्षक ने धमकी दी कि वह चालान को स्कूटनी में अटका देगा और न्यायालय में पेश नहीं होने देगा.
एसपी ने दिखाई सख्ती
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने प्रधान आरक्षक अनिल सिंह अजगल्ले को तुरंत लाइन हाजिर करने का आदेश दिया. साथ ही उनके खिलाफ प्राथमिक जांच भी शुरू कर दी गई है.
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की रिश्वतखोरी या पीड़ित पर दबाव डालने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
दिल्ली के लिए CM साय रवाना : दो दिवसीय दौरे में छत्तीसगढ़ राज्य दिवस में करेंगे शिरकत
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सोमवार को दिल्ली के दो दिवसीय प्रवास पर रवाना हो गए हैं. इससे पहले उन्होंने रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा की. इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने माओवादी संगठन के पत्र पर सीएम ने कहा कि जब से हम सरकार में आए हैं, तब से आह्वान कर चुके हैं. नक्सली हिंसा छोड़ विकास की मुख्यधारा से जुड़े. सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों के साथ न्याय करेगी.
नक्सलवाद जल्द होगा खत्म, बस्तर में बड़े पैमाने पर होगा विकास : CM साय
बस्तर पर फोकस को लेकर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुछ महीनों का इंतजार है, मार्च 2026 तक नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो जाएगा. उस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विकास – कार्य, कृषि, पशुपालन और पर्यटन को बढ़ावा देने पर फोकस होगा.
दिल्ली दौरा – छत्तीसगढ़ राज्य दिवस कार्यक्रम और इन्वेस्टर कनेक्ट
मुख्यमंत्री साय ने दो दिवसीय दिल्ली दौरे को लेकर जानकारी दी कि दिल्ली में 14 से 27 नवंबर तक लगने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में हर साल की तरह इस बार भी छत्तीसगढ़ राज्य दिवस मनाया जाएगा. मेले में छत्तीसगढ़ की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई है. उन्होंने बताया कि कल यानी मंगलवार को इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम का आगाज़ होने जा रहा है, जिसमें वह शामिल होंगे.
MMC जोन के मुख्यमंत्रियों को पत्र, हिडमा के समर्थन में लगे नारे पर सियासी घमासान : डिप्टी CM साव ने कहा- सरकार नक्सल उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध
रायपुर। माओवादी संगठन MMC जोन ने पहली बार छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई है। इस पत्र को लेकर प्रदेश के सत्तापक्ष और विपक्ष का बयान भी सामने आया है। इसके अलावा हिडमा के समर्थन में दिल्ली में लगे नारे समेत अन्य मुद्दों पर प्रतिक्रिया आई है।
सरकार नक्सल उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध – डिप्टी सीएम साव
नक्सलियों के पत्र और सरेंडर की इच्छा पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार नक्सल उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है। नक्सलियों के लिए दरवाज़े हमेशा खुले हैं। वे जब चाहें हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटें। सरकार ने उनके के लिए बेहतर योजनाएं बनाई है। अगर वे नहीं मानेंगे तो सुरक्षाबलों की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
पत्र की सत्यता सरकार स्पष्ट करे, सही है तो निर्णय लेना चाहिए – दीपक बैज
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने नक्सल संगठन के पत्र को लेकर कहा कि पहली बार तीन राज्य के मुख्यमंत्री को नक्सलियों ने चिट्ठी लिखा है, उस चिट्ठी पर कितनी सत्यता है सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। चिट्ठी सही है तो सरकार को निर्णय लेना चाहिए। उनका क्या करना है यह सरकार पर डिपेंड करता है।
दिल्ली में हिडमा के समर्थन में लगे नारे – दोनों पार्टियों की प्रतिक्रिया
ये वही टुकड़े-टुकड़े गैंग के समर्थक हैं – अरुण साव
इंडिया गेट पर हिडमा के समर्थन में लगे नारों को लेकर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि ये वही टुकड़े-टुकड़े गैंग के समर्थक हैं। उनकी मानसिकता बार-बार उजागर होती रही है। केंद्र और राज्य सरकार ऐसे तत्वों को कड़ा सबक सिखाती है। देश के खिलाफ आवाज उठाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। दुनिया उनका हश्र देख रही है।
कौन क्या नारा लगा रहा है, वह जाने – पीसीसी चीफ बैज
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कोई भी देश में नारा लगा रहा है, तो यह उसका विवेक है। हिडमा की मौत से बस्तर में नक्सलियों को बड़ा झटका लगा है। हिडमा नक्सलियों का एक बड़ा लीडर था, बस्तर में उसकी अच्छी पैठ और पकड़ रही है। कौन क्या नारा लगा रहा है, वह जाने।
खदानों की नीलामी पर आरोप-प्रत्यारोप
सरकार संसाधनों का उपयोग जनता के हित में करेगी – साव
खदानों की नीलामी पर कांग्रेस के प्रदर्शन के ऐलान पर अरुण साव ने कहा कि कोयला घोटाला करने वाले लोग आज आरोप लगा रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार संसाधनों का उपयोग जनता के हित में ही करेगी।
बीजेपी सरकार ने खनिज संसाधनों को अपने चहेते उद्योगपतियों को बेचने का काम किया है – बैज
वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि दो साल के अंदर बीजेपी सरकार ने छत्तीसगढ़ के खनिज संसाधनों को अपने चहेते उद्योगपतियों को बेचने का काम किया है। बहुत सारे खदानों की नीलामी कर इस सरकार ने बेच दिया है। आने वाले 3 साल में यह सरकार पूरे छत्तीसगढ़ को चहेते उद्योगपतियों के पास गिरवी रख देगी। इसको लेकर कांग्रेस पार्टी रणनीति बनाएगी और विरोध प्रदर्शन करेगी।
कांग्रेस जिला अध्यक्षों की सूची के विवाद पर बयानबाजी
आने वाले समय में कांग्रेस को ढूंढना पड़ेगा – अरुण साव
कांग्रेस जिला अध्यक्षों की सूची के विवाद पर अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस कहां जा रही है, यह सबको पता है। आने वाले समय में यह पार्टी इतिहास बनने वाली है। आने वाले समय में कांग्रेस को ढूंढना पड़ेगा।
बहुत जल्द छत्तीसगढ़ के जिला अध्यक्षों की सूची आएगी – बैज
जिलाध्यक्षों की सूची को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि राजस्थान और तेलंगाना दोनों राज्यों की जिला अध्यक्षों की सूची आई है। बहुत जल्द छत्तीसगढ़ की सूची आएगी। उन्होंने कहा कि हम चाह रहे हैं कि सूची जल्द आ जाए, ताकि संगठन के बहुत सारे काम हो सके।
इसके अलावा दीपक बैज ने बीजेपी के आरोपों पर कहा कि बीजेपी को अपनी सरकार चलाना छोड़, कांग्रेस पर निगरानी बनाई हुई है। पहले अपने संगठन और सरकार को देख लें। राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त नहीं कर पा रहे हैं, वे कांग्रेस पर उंगली उठा रहे हैं।
किसानों पर अत्याचार करने वाली कांग्रेस आज लगा रही आरोप – अरुण साव
धान खरीदी को लेकर कांग्रेस के अव्यवस्था के आरोप पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के नेताओं के मन में वही चलता है जो उन्होंने किया। किसानों पर अत्याचार करने वाली कांग्रेस आज आरोप लगा रही है। राज्य में धान खरीदी सुचारू रूप से चल रही है, पुख़्ता व्यवस्था की गई है, किसान पूरी तरह संतुष्ट हैं।
हिडमा के खात्मे के बाद MMC जोन ने हथियार छोड़ने का किया ऐलान, छत्तीसगढ़ समेत 3 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भेजा पत्र
जगदलपुर। नक्सल मोर्चे पर बड़ी हलचल देखी जा रही है। कुख्यात नक्सली कमांडर माडवी हिडमा के मारे जाने के बाद नक्सल संगठन बिखरते नजर आ रहे हैं। इसी बीच पहली बार MMC जोन ने हथियार छोड़ने की इच्छा जताते हुए तीन राज्यों की सरकारों से 15 फरवरी 2026 तक युद्धविराम का समय मांगा है।
हिडमा के मारे जाने से नक्सल संगठन में मची खलबली
केंद्र सरकार के नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिलती दिख रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने टारगेट रखा था कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा और ताज़ा घटनाक्रम इसी दिशा में मजबूत संकेत दे रहा है। हाल ही में सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन के दौरान कुख्यात नक्सली कमांडर माडवी हिडमा को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। हिडमा के साथ उसकी पत्नी राजे और उसके गार्ड सहित कुल 6 नक्सली मारे गए। इस कार्रवाई से माओवादी संगठनों में हड़कंप मचा गया है।
MMC जोन ने तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भेजा पत्र
इसी बीच माओवादी संगठन MMC जोन (महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ स्पेशल जोनल कमेटी) ने पहली बार हथियार छोड़ने की इच्छा जताई है। संगठन के प्रवक्ता अनंत ने तीनों राज्यों महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों के नाम पत्र जारी किया है, जिसमें युद्धविराम के लिए 15 फरवरी 2026 तक का समय मांगा है। MMC जोन ने पहली बार हथियार छोड़ने का ऐलान किया है। साथ ही PLGA सप्ताह के दौरान फोर्स के ऑपरेशन रोकने की अपील की है। प्रवक्ता ने यह भी कहा है कि वे इस बार PLGA सप्ताह नहीं मनाएंगे।

छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को SIR कार्य में संलग्न करने का आदेश किया जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया जारी है। इसी बीच राज्य में आगामी अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के संदर्भ में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़, यशवत कुमार ने कार्य के सुचारू संचालन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यालय में संलग्न करने का आदेश जारी किया है.
आदेश के अनुसार निम्नलिखित अधिकारी और कर्मचारी SIR कार्य में संलग्न होंगे:
मुकेश कुमार देवांगन, डिप्टी कलेक्टर, कार्यालय कलेक्टर-जिला बीजापुर
निशांत तिवारी, राज्य कर अधिकारी, कार्यालय सहायक आयुक्त वृत्त, दुर्ग
रजनी छडीमली, डिप्टी कलेक्टर, कार्यालय कलेक्टर-जिला बलौदाबाजार-भाटापारा
कुसुम साहू, व्याख्याता हिन्दी, प्राचार्य, सेजेस सरोना, विकासखण्ड नगरहरपुर, जिला कांकेर
गौतम अलेन्द्र, व्यायाम शिक्षक, प्राचार्य, शा.उ.मा.वि. मुलमुला, वि.ख. कोण्डागांव, जिला कोण्डागांव
रश्मि श्रीवास्तव, व्याख्याता, प्राचार्य, इंदिरा गांधी शा.उ.मा.वि. पत्थलगांव, जिला जशपुर
हनी पांडे, सहायक ग्रेड-03, प्राचार्य, जे.आर.दानी हायर सेकण्डरी स्कूल, रायपुर
SIR प्रक्रिया की रूपरेखा
छत्तीसगढ़ में मतदाता सत्यापन का कार्य 4 दिसंबर 2025 तक चलेगा। इसके बाद मसौदा मतदाता सूची 9 दिसंबर 2025 को प्रकाशित की जाएगी। मतदाता अपनी जानकारी में सुधार या आपत्ति 8 जनवरी 2026 तक दर्ज करवा सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि SIR कार्य का उद्देश्य राज्य की मतदाता सूची को और अधिक सटीक और व्यापक बनाना है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में पूरी गंभीरता और तत्परता के साथ योगदान दें।
इस विशेष गहन पुनरीक्षण के माध्यम से राज्य के प्रत्येक नागरिक का मतदाता विवरण अद्यतन होगा और आने वाले चुनावों में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
देखें आदेश

SIR के दौरान लापरवाही, सहायक शिक्षक निलंबित
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया जारी है। इसी बीच बलरामपुर जिले में SIR कार्य में लापरवाही बरतने पर एक सहायक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने आदेश जारी किया है।
जानकारी के अनुसार, शासकीय प्राथमिक शाला फतेहपुर में पदस्थ सहायक शिक्षक अशोक कुमार यादव को SIR के तहत गणना पत्रक के वितरण और संग्रहण की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्हें मतदान केंद्र क्रमांक 237, फतेहपुर में अविहित अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि शिक्षक अशोक यादव ने न तो SIR के कार्य में रुचि दिखाई और न ही अपनी जिम्मेदारियों का पालन किया। वे बिना अनुमति अवकाश पर रहते हुए निर्वाचन कार्य में सहयोग नहीं कर रहे थे, जिसकी शिकायत सक्षम अधिकारी द्वारा की गई।
मामले की जांच के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बलरामपुर कार्यालय निर्धारित किया गया है। शिक्षक को नियम अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

रायपुर में 3 दिवसीय राज्य स्तरीय आवास मेला शुरू : मुख्यमंत्री साय ने हाउसिंग बोर्ड की 2060 करोड़ की लागत वाली आवासीय परियोजनाओं का किया शुभारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउण्ड में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय आवास मेले में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की 2060 करोड़ की आवासीय परियोजनाओं का शुभारंभ किया। यह 55 परियोजना राज्य के 26 जिलों में शुरू होंगी, जिनके माध्यम से 12 हजार से अधिक किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण मकानों का निर्माण किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने हाउसिंग बोर्ड के एआई चैट बॉट और पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को हाउसिंग बोर्ड की आवासीय परियोजनाओं की जानकारी सहजता से मिल सकेगी।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक अनुज शर्मा, अध्यक्ष गृह निर्माण मंडल अनुराग सिंहदेव, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जतीन साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।




मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की टीम बहुत बेहतर है। राज्य के लोगों को किफायती और गुणवत्तापूर्ण मकान उपलब्ध कराने के लिए नवाचार के साथ आगे बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने हाउसिंग बोर्ड के 790 करोड़ रूपए के कर्ज को अदा कर बोर्ड को कर्ज मुक्त कर दिया है ताकि बोर्ड बेहतर रणनीति के साथ काम करें। उन्होंने जरूरतमंदों एवं आवासहीनों को पक्का मकान दिए जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ही नहीं वरन पूरे देश में संचालित प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि 2 वर्षों में छत्तीसगढ़ राज्य में इस योजना के तहत 26 लाख लोगों को आवासों की मंजूरी दी गई। सबका आवास बन रहा है। पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 32 हजार तथा बस्तर में आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए 15 हजार आवास की मंजूरी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राज्य स्तरीय आवास मेले में आवास बुकिंग का प्रमाण पत्र, हाउसिंग बोर्ड के उपभोक्ताओं को आवास की चाबी तथा फ्री होल्ड मकान का प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कार्यों की सराहना की और कहा कि बोर्ड की वर्तमान टीम, हाउसिंग के क्षेत्र में अच्छा काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आवास मेले की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब से मेला शुरू हुआ है रोड पर जाम लग गया है और ट्रैफिक व्यवस्था संभल नहीं रही है। उन्होंने राज्य में जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि इसके लिए उन्होंने बजट में 14 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया। डॉ. सिंह ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड की सभी परियोजनाओं को जिलों में अच्छा प्रतिसाद मिलेगा।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने हाउसिंग बोर्ड के काम-काज को बेहतर बनाने तथा उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिए गए फैसलों के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल से छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड 790 करोड़ रूपए के कर्ज से मुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि साल भर के भीतर हाउसिंग बोर्ड ने 672 करोड़ का बिजनेस किया है। लैंड डायवर्सन एवं फ्री होल्ड की रियायत सरकार ने देकर हाउसिंग बोर्ड और उपभोक्ताओं को राहत दी है। श्री चौधरी ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड उपभोक्ताओं की डिमांड के आधार पर आवासीय परियोजनाओं के निर्माण का काम शुरू करेगा।
कार्यक्रम को हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हाउसिंग बोर्ड राज्य के सभी जिलों में मकान का निर्माण करेगा। हम अगले चरण में सभी विधानसभा क्षेत्रों में भी आवासीय परियोजनाएं लॉन्च करेंगे।
गौरतलब है कि बीटीआई ग्राउंड में यह राज्य स्तरीय आवास मेला 25 नवम्बर तक चलेगा। मेले के पहले दिन सुबह से ही मेला ग्राउंड में हाउसिंग बोर्ड की आवासीय परियोजनाओं की जानकारी लेने और आवास बुक कराने के लिए लोगों का हुजुम उमड़ पड़ा था। शंकर नगर टर्निंग प्वाइंट से खम्हारडीह जाने वाली रोड पर जाम की स्थिति निर्मित हो गई थी।