प्रदेश
छत्तीसगढ़ में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है— मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की कार्यकारिणी बैठक में शामिल हुए। इस अवसर पर वर्ष 2025-26 के वार्षिक बजट का अनुमोदन किया गया। साथ ही, मुख्यमंत्री श्री साय ने स्टेडियम परिसर में संघ के अध्यक्ष के नवीन कार्यालय कक्ष का विधिवत उद्घाटन भी किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खिलाड़ियों के प्रोत्साहन हेतु हमारी सरकार ने खेल अलंकरण समारोहों का पुनः शुभारंभ किया है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया शीघ्र ही पूर्ण की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन दिया कि संघ के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों के विकास के लिए वृहद स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक विजेताओं को ₹3 करोड़, रजत पदक विजेताओं को ₹2 करोड़ तथा कांस्य पदक विजेताओं को ₹1 करोड़ की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, ओलंपिक खेलों में केवल प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की दिशा में आवश्यक पहल की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि वे स्वयं राज्य तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष हैं और बचपन से उन्हें तीरंदाजी का शौक रहा है। उन्होंने कहा कि जशपुर में एनटीपीसी के सहयोग से तीरंदाजी अकादमी का निर्माण किया जा रहा है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ एक उद्योग प्रधान और खनिज संसाधनों से भरपूर राज्य है। सरकार का प्रयास रहेगा कि सीएसआर मद के माध्यम से खेलों के लिए आधारभूत ढांचे का विकास किया जाए।
बैठक को संबोधित करते हुए खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में वर्षों से बंद खेल अलंकरण समारोह पुनः आरंभ किए गए हैं। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची भी घोषित की जाएगी। श्री वर्मा ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित प्रशिक्षण और अवसर देने की है।
उन्होंने आगे बताया कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ युवा रत्न पुरस्कार की भी घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत खेल, कला, संगीत, साहित्य, उद्योग, व्यापार आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘खेलो इंडिया’ योजना के तहत प्रत्येक जिले में खेलों को बढ़ावा देने के कार्य किए जा रहे हैं। बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इस आयोजन की प्रधानमंत्री ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में भी प्रशंसा की है।
इस अवसर पर सांसद एवं ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष विजय बघेल ने भी बैठक को संबोधित किया और प्रदेश में खेलों के विस्तार के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए संगठनात्मक सुदृढ़ता और संसाधनों की उपलब्धता पर बल दिया।
बैठक में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिंह सिसोदिया ने वर्ष 2024-25 का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए राज्य सरकार से मिल रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा खेलों के विकास के लिए लिए गए निर्णयों और सहयोग से प्रदेश में एक सकारात्मक खेल वातावरण निर्मित हो रहा है। इस अवसर पर संघ के अनेक पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
कर्मचारियों के अवकाश स्वीकृति को लेकर जारी हुआ कड़ा निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों की छुट्टी को लेकर समय-समय पर सवाल खड़े होते रहे हैं। खासकर अवकाश स्वीकृति को लेकर अधिकारियों की अंगुली उठती रही है। ऐसे में अब वित्त विभाग ने कड़ा आदेश जारी किया है। जिसमें अवकाश के प्रारुप के अनुरूप स्पष्टता के साथ उसकी स्वीकृति के नियम के बारे में जानकारी दी गयी है। वित्त सचिव ने ये भी कहा है कि कर्मचारियों के अवकाश स्वीकृति में किसी तरह की विसंगति ना हो, जिससे बाद में उन्हें परेशानी है। किस अवकाश की स्वीकृत किस सक्षम अधिकारी और कितने दिनों की होगी, उसे लेकर भी वित्त विभाग ने जानकारी दी है।
देखिये पूरी डिटेल जानकारी …








सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रयास रंग लाए, रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर बनेगा सांकरा अंडरपास
रायपुर। रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-30) पर रायपुर-सिमगा खंड के अंतर्गत ग्राम सांकरा (नीकों) में अब जल्द ही अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। यह निर्णय क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल के निरंतर प्रयासों और केंद्रीय स्तर पर उठाए गए पहल के परिणामस्वरूप लिया गया है।
गौरतलब है कि सांसद श्री अग्रवाल ने दिनांक 19 जून 2025 को इस संबंध में एक अतिविशिष्ट पत्र भेजकर इस स्थान पर ओवरब्रिज निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया था। इस स्थल को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है, जहाँ लगातार दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
सांसद के पत्र के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने प्राथमिकता से स्थल निरीक्षण कर पुष्टि की कि इस स्थान पर वाहन आवागमन की सुरक्षा हेतु अंडरपास (VUP) का निर्माण आवश्यक है। इसके लिए सलाहकार संस्था को अनुमान तैयार करने का निर्देश जारी किया गया है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि "यह अंडरब्रिज क्षेत्र की जनता के लिए बड़ी सौगात है। इसके बनने से न केवल आवागमन सुगम होगा बल्कि सड़क दुर्घटनाओं पर भी नियंत्रण मिलेगा। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ कि उन्होंने मेरी मांग को प्राथमिकता दी।"
यह परियोजना जल्द ही क्रियान्वयन के चरण में आएगी और इससे रायपुर-बिलासपुर मार्ग पर यातायात और भी सुरक्षित व सरल होगा।




सतनामी समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथग्रहण समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित सतनामी समाज के नवनिर्वाचित प्रदेश पदाधिकारियों के शपथग्रहण समारोह में सम्मिलित हुए। उन्होंने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि शिक्षा समाज के विकास का मूलमंत्र है। समाज के सर्वांगीण विकास के लिए हम सबको मिल-जुलकर कार्य करना होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में गिरौदपुरी धाम में कुतुब मीनार से भी ऊँचा जैतखाम निर्मित किया गया, साथ ही अनेक विकास कार्य भी संपन्न हुए। इससे न केवल समाज का गौरव बढ़ा है, बल्कि सतनामी समाज को वैश्विक पहचान भी मिली है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया गया है। इसी अनुरूप हमारी सरकार ने भी छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया है। हमें पूर्ण विश्वास है कि बाबा गुरु घासीदास जी के आशीर्वाद से यह संकल्प अवश्य पूर्ण होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर राजधानी रायपुर में सतनामी समाज के बहुद्देशीय भवन निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपये की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, गिरौदपुरी स्थित मड़वा महल के शेष अधूरे कार्यों की पूर्णता हेतु 50 लाख रुपये की मंजूरी भी प्रदान की गई। उन्होंने समारोह में सम्मानित हो रहे प्रतिभावान विद्यार्थियों को पाँच–पाँच हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की भी घोषणा की। इस अवसर पर कक्षा 10वीं और 12वीं के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सतनामी समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि जब समाज के पदाधिकारी प्रतिबद्धता, निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करते हैं, तो समाज की विश्वसनीयता बढ़ती है और समरसता के साथ समाज प्रगति की दिशा में अग्रसर होता है। उन्होंने कहा कि टीम भावना से कार्य करने पर रचनात्मक प्रयासों को बल मिलता है। उन्होंने गिरौदपुरी धाम में नवनिर्वाचित अध्यक्ष एल.एल. कोसले के नेतृत्व में भव्य धर्मशाला निर्माण की पहल के लिए बधाई भी दी।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास के आशीर्वाद से उन्हें सार्वजनिक जीवन के इन 40 वर्षों में विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री और अब विधानसभा अध्यक्ष जैसे विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करने का अवसर मिला। बाबा जी का “मनखे-मनखे एक बराबर” का संदेश, श्वेत ध्वजा और श्वेत वस्त्र प्रदेश को शांति का प्रतीक बनाते हैं। पंथी नृत्य की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति भी विश्व में छत्तीसगढ़ की शांति व समरसता को स्थापित करने का कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी की सहभागिता और बाबा जी के आशीर्वाद से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ देश का सबसे विकसित राज्य बनेगा।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि समाज की उन्नति के लिए सामाजिक एकता और शिक्षा दो महत्त्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और प्रत्येक वर्ष प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में सतनामी समाज उन्नति के नए शिखर पर पहुँचेगा।
खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने सतनामी समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि इन पदाधिकारियों के कंधों पर समाज को सशक्त बनाने की बड़ी ज़िम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में समाज को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही उद्योग, व्यापार एवं स्वरोजगार की दिशा में समाज को आगे आने का आह्वान किया। मंत्री श्री बघेल ने जानकारी दी कि देशभर से पधारे सतनामी समाज के आध्यात्मिक गुरुओं की उपस्थिति में गिरौदपुरी धाम में ‘गुरु दर्शन’ के उपरांत एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी समाजजनों की सहभागिता अपेक्षित है।
कार्यक्रम को सांसद कमलेश जांगड़े, विधायक पुन्नूलाल मोहले, गुरु खुशवंत साहेब, प्रगतिशील सतनामी समाज के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष एल.एल. कोसले ने भी संबोधित किया।
इस शपथग्रहण समारोह में विधायकगण डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, उत्तरी जांगड़े, शेषराज हरवंश, कविता प्राण लहरे, उत्तर प्रदेश से कमलेश दास, असम से मदन सतनामी, बिहार से श्याम दास, ओडिशा से सूरज भारती, राजस्थान से मारवाड़ सतनामी समाज के अध्यक्ष महेंद्र सतनामी, मध्यप्रदेश से किशन बंजारे तथा दिल्ली से डॉ. जगजीवन खरे सहित सतनामी समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं अध्यात्म गुरुगण उपस्थित रहे। साथ ही, प्रदेश साहू समाज, यादव समाज, कुर्मी समाज, सर्व आदिवासी समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिगण भी इस समारोह में सम्मिलित हुए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मेडिश्योर हॉस्पिटल का किया शुभारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के कमल विहार सेक्टर-11ए में मेडिश्योर हॉस्पिटल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिससे जनसामान्य को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ सुलभ हो सकें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने हॉस्पिटल प्रबंधन को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त मेडिश्योर हॉस्पिटल आमजन के लिए एक बड़ी सौगात है। विशेष रूप से बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी उन्नत सुविधा राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों को राहत मिलेगी।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और कुपोषण जैसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नंद कुमार साहू, डॉ. विकास गोयल, डॉ. मीनल गोयल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
सरकार विधानसभा के अगले सत्र में लाएगी धर्मांतरण पर नया कानून, सीएम साय ने की घोषणा…
रायपुर। प्रदेश में रोज किसी न किसी जगह से धर्मांतरण की आ रही खबरों के बीच साय सरकार धर्मांतरण पर नया कानून लाने जा रही है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शदाणी दरबार में आयोजित हिंदू राष्ट्रीय अधिवेशन में नए कानून का ड्राफ्ट तैयार होने की जानकारी देते हुए बताया कि इसे विधानसभा के अगले सत्र में पटल पर रखा जाएगा.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिवेशन में कहा कि राज्य में कोई भी गाय सड़कों पर नहीं दिखनी चाहिए और इसके लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि राज्य में सवा 100 पंजीकृत गौशालाएं हैं, जिन्हें 5 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है. नगरीय क्षेत्रों में भी गौशालाएं बनाई गई हैं, और निर्देश दिए गए हैं कि सड़कों पर मवेशी नजर न आएं.
सीएम साय ने कहा, “जब गाय दूध देना बंद कर देती है, तो उसे सड़कों पर छोड़ दिया जाता है. यह स्थिति ठीक नहीं है. हिंदू भाइयों को इस पर ध्यान देना होगा.” उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में सड़कों पर कोई मवेशी नहीं दिखेगा.
विष्णु देव साय ने जशपुर का जिक्र करते हुए कहा कि वहां एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च है, लेकिन स्व. दिलीप सिंह जूदेव और उनके पुत्र प्रबल प्रताप जूदेव ने “घर वापसी” अभियान को मजबूती दी है. कल्याण आश्रम के कार्यकर्ता गांव-गांव में हिंदू धर्म के प्रचार में जुटे हैं.
महादेव घाट से 3 अगस्त को निकलेगी पदयात्रा
हिंदू राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए महाराज राम बालक दास ने कहा कि छत्तीसगढ़ से हिंदू राष्ट्र का उद्घोष हो रहा है और इसे 2025 तक पूरा करना है. उन्होंने लव जिहाद और गौ तस्करी पर कठोर कानून की मांग की. इस दौरान उन्होंने 3 अगस्त को महादेव घाट से राम मंदिर तक विशाल पदयात्रा की घोषणा की, जिसमें बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी शामिल हो सकते हैं.
भावना बोहरा ने पेश की अनूठी मिसाल, अमरकंटक से भोरमदेव तक 151 किमी की कांवड़ यात्रा पूरी, मुख्यमंत्री ने किया उत्साहवर्धन
रायपुर। श्रावण मास के पवित्र अवसर पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने आस्था, संकल्प और सेवा की अद्भुत मिसाल पेश करते हुए माँ नर्मदा मंदिर अमरकंटक से भगवान भोलेनाथ के भोरमदेव मंदिर तक 151 किलोमीटर की कठिन कांवड़ यात्रा पूरी की। इस धार्मिक यात्रा में उनके साथ 300 से अधिक कांवड़ यात्री भी शामिल हुए। यात्रा का शुभारंभ 21 जुलाई को हुआ और 27 जुलाई को भोरमदेव मंदिर पहुंचकर विधिवत जलाभिषेक के साथ इसका समापन हुआ।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खुद फोन कर भावना बोहरा और समस्त कांवड़ यात्रियों का उत्साहवर्धन किया और उनकी यात्रा की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं रही, बल्कि नारी शक्ति और समाज सेवा का संदेश भी लेकर चली।
भावना बोहरा के नेतृत्व में यह यात्रा जंगलों, बीहड़ों, ऊबड़-खाबड़ रास्तों, उफनती नदियों और मूसलधार बारिश के बीच निरंतर आगे बढ़ती रही। दिन-रात की कठिनाईयों के बावजूद सभी श्रद्धालु एकजुट होकर चलते रहे। यह यात्रा दिखाती है कि यदि मन में सच्ची श्रद्धा और दृढ़ संकल्प हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।
यात्रा के अंतिम दिन बोड़ला से भोरमदेव मंदिर तक का अंतिम पड़ाव भी जनसमूह और भक्ति से सराबोर रहा। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। रास्तेभर श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों, भाजपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने फूल वर्षा कर कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया।
भोरमदेव मंदिर पहुंचने पर भव्य स्वागत हुआ। मंदिर परिसर में 5,000 से अधिक शिवभक्तों ने एकत्र होकर पुष्पवर्षा, ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के साथ सभी यात्रियों का अभिनंदन किया। भंडारा और महाप्रसादी वितरण में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
भावना बोहरा ने इस ऐतिहासिक यात्रा को “आत्मिक यात्रा” की संज्ञा देते हुए कहा कि यह उनके जीवन का गौरवपूर्ण और भावनात्मक क्षण है। उन्होंने भगवान भोलेनाथ और माँ नर्मदा के आशीर्वाद के साथ-साथ जनता के सहयोग और प्रेम के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा को नई ऊँचाई देती है, और यह दिखाती है कि नारी शक्ति न केवल नेतृत्व कर सकती है, बल्कि कठिन से कठिन तप भी निभा सकती है।
उन्होंने युवाओं और श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे सनातन संस्कृति की इस महान परंपरा को आगे बढ़ाएं और आस्था, अनुशासन तथा सामाजिक समरसता के भाव से ऐसी यात्राओं में सहभागिता निभाएं। यह यात्रा निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में प्रदेश के लिए एक प्रेरणास्त्रोत बनेगी।
बिल्हा ने देशभर में बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान – स्वच्छता में देशभर में प्रथम, ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की सराहना
रायपुर। छत्तीसगढ़ की नगर पंचायत बिल्हा ने स्वच्छता के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए स्वच्छता सर्वेक्षण 2024–25 में 20,000 से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में पूरे भारतवर्ष में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के लिए दिनांक 17 जुलाई 2025 को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित भव्य पुरस्कार समारोह में भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा बिल्हा नगर पंचायत को सम्मानित किया गया था। आज इस गौरवशाली उपलब्धि की प्रतिध्वनि ‘मन की बात’ के राष्ट्रीय मंच तक पहुँची, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 124वें संस्करण में बिल्हा नगर पंचायत की महिलाओं द्वारा किए गए नवाचार और श्रम का उल्लेख करते हुए सराहना की।




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बिल्हा की महिलाओं को वेस्ट मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी गई और उन्होंने मिलकर शहर की तस्वीर बदल डाली। यह उल्लेख पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है, जिसने स्वच्छता को न केवल शासकीय योजना के रूप में, बल्कि सामुदायिक आंदोलन के रूप में अपनाया है।
नगर पंचायत बिल्हा की आबादी लगभग 15,000 है, जहाँ 28 स्वच्छता दीदियाँ कार्यरत हैं। ये दीदियाँ नगर के 15 वार्डों में घर-घर जाकर ई-रिक्शा के माध्यम से कचरा संग्रहण का कार्य करती हैं और फिर कचरे को SLRM सेंटर में ले जाकर गीला और सूखा कचरा पृथक करती हैं। गीले कचरे से खाद बनाई जाती है और सूखे कचरे को बेचकर ये महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं। इसके अतिरिक्त बिल्हा नगर में 10 विशेष स्वच्छता कमांडो भी नियुक्त किए गए हैं जो ट्रैक्टर और ऑटो टिपर के माध्यम से पूरे शहर में घूमकर कचरा सफाई और जन-जागरूकता का कार्य कर रहे हैं। बिल्हा नगर पंचायत द्वारा जन-जागरूकता अभियान, मुनादी, और घरों-दुकानों से सीधे कचरा संग्रहण जैसे कदमों से आज नगरवासी कचरे को पृथक कर ई-रिक्शा में देने के लिए प्रेरित हो चुके हैं। मुक्तिधाम, तालाब, गार्डन, सामुदायिक भवन आदि में सामूहिक सफाई अभियान भी समय-समय पर चलाए जाते हैं। इस सफलता का श्रेय सभी सफाई कर्मचारियों, स्वच्छता दीदियों, नगर पंचायत के अधिकारियों, कर्मचारियों और सकारात्मक सोच वाले जनप्रतिनिधियों को जाता है, जो निरंतर निरीक्षण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि भारत में 20,000 से कम आबादी वाले 2000 से अधिक नगरीय निकाय हैं। भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय द्वारा स्वतंत्र एजेंसियों के माध्यम से सफाई व्यवस्था का परीक्षण, जिसमें डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, रोड स्विपिंग, नाइट स्विपिंग, कचरा निपटान, शौचालयों और पार्कों की सफाई व्यवस्था सहित जनता से फीडबैक शामिल था, उसी के आधार पर यह सम्मान मिला है।
इस अवसर पर विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, नगर पंचायत बिल्हा की अध्यक्ष वंदना जेन्ड्रे, मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रवीण सिंह गहलोत, उपाध्यक्ष सतीश शर्मा, पीआईसी सदस्य मोहन ढोरिया, तत्कालीन उप अभियंता नरेंद्र दुबे, सफाई दरोगा यशवंत सिंह, स्वच्छता सुपरवाइजर राकेश डागोर, स्वच्छता दीदी पूजा राठौर एवं पीआईयू अंकित दुबे विशेष रूप से उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि बिल्हा नगर पंचायत ने स्वच्छता के क्षेत्र में जो कीर्तिमान स्थापित किया है, वह सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। भारत सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण 2024–25 में देशभर के 20,000 से कम आबादी वाले शहरों में प्रथम स्थान प्राप्त कर बिल्हा ने न केवल प्रदेश का मान बढ़ाया है, बल्कि यह सिद्ध किया है कि संकल्प, सहभागिता और सेवा भाव से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'मन की बात' कार्यक्रम में बिल्हा की महिलाओं और उनके स्वच्छता नवाचार की प्रशंसा करना इस उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर ऐतिहासिक बना देता है। यह समस्त छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है।
उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि बिल्हा नगर पंचायत ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2024–25 में पूरे भारत में प्रथम स्थान प्राप्त कर छत्तीसगढ़ का मान पूरे देश में बढ़ाया है। यह सफलता हमारे नगरीय निकायों की प्रतिबद्धता, कार्यशैली और जनभागीदारी का जीवंत उदाहरण है। यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य नगर निकायों को भी नई प्रेरणा देगी और हम सब मिलकर स्वच्छता में छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों में बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य करेंगे।
थाना प्रभारी रामसाय पैंकरा की करंट से गयी जान, सरकारी आवास में हुआ हादसा
जशपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे से एक दुखद खबर सामने आई है। जशपुर जिले के नारायणपुर थाना प्रभारी रामसाय पैंकरा की मौत करंट लगने से हो गई। यह दर्दनाक हादसा सरगुजा जिले के सीतापुर स्थित उनके सरकारी आवास में हुआ, जहां सीपेज के कारण फैले करंट की चपेट में आकर उनकी जान चली गई।
इस हादसे के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है। साथी अधिकारी और कर्मचारी स्तब्ध हैं। जशपुर एसएसपी शशिमोहन सिंह ने श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें एक कर्मठ, सजग और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी बताया।
रामसाय पैंकरा की मौत न सिर्फ विभाग के लिए, बल्कि पूरे जशपुर क्षेत्र के लिए एक गंभीर क्षति है। घटना के बाद अधिकारियों ने पूरे सरकारी आवास परिसर की जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि ऐसी लापरवाहियों से भविष्य में जान की हानि न हो।
स्व. रामसाय पैंकरा जशपुर जिले के थाना नारायणपुर में प्रभारी के पद पर पदस्थ थे। पुलिस मुख्यालय द्वारा आयोजित चंदखुरी में 07 दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स में सम्मिलित होने हेतु वे यहां से गए थे, कोर्स समाप्ति उपरांत वे दिनाँक 27.07.2025 को अपने घर सुरगांव थाना सीतापुर आये थे, इसी दौरान घर में बिजली करंट की चपेट में आने से उनकी मृत्यु हो गई। स्व. रामसाय पैंकरा का जन्म दिनाँक 02.01.1964 को हुआ था, एवं पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर नियुक्ति जिला खरगोन(मध्यप्रदेश) में दिनांक 01.06.1983 को हुई थी, उनकी पदोन्नति वर्ष 1995 में प्रधान आरक्षक के पद पर, वर्ष 2004 में ASI के पद पर, वर्ष 2009 में SI के पद पर एवं 2014 से निरीक्षक के पद पर कार्य कर रहे थे। अगले साल फरवरी 2026 में उनका रिटायरमेंट होना था।
बिरनपुर कांड में CBI की बड़ी कार्रवाई, दो साल बाद फिर हुई गिरफ्तारी, मचा हड़कंप
बेमेतरा। बेमेतरा जिले के चर्चित बिरनपुर-भुवनेश्वर कांड को लेकर एक बार फिर हलचल तेज़ हो गई है। इस प्रकरण में CBI ने मुस्लिम समुदाय के दो और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिससे पूरे इलाके में फिर से तनाव की स्थिति बन गई है। बताया जा रहा है कि ये गिरफ्तारी लगभग दो साल बाद की गई है, जब मामले को लेकर साजा विधायक ईश्वर साहू ने विधानसभा में CBI जांच की मांग की थी।
गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही बिरनपुर में फिर से हलचल मच गई है। गांव में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बन सके। इससे पहले भी इस संवेदनशील मामले में 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन लंबे समय से जांच ठंडे बस्ते में पड़ी थी। अब एक बार फिर CBI की सक्रियता से इस केस ने नया मोड़ ले लिया है।
गौरतलब है कि बिरनपुर कांड ने साल 2023 में प्रदेशभर में भारी राजनीतिक और सामाजिक बवाल खड़ा कर दिया था। अब एक बार फिर गिरफ्तारी की खबर के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में है।
आबकारी भर्ती परीक्षा पर गंभीर सवाल: व्यापम पर चुपके से समय सीमा बदलने का आरोप, परीक्षा केंद्र में नहीं दिया घुसने, फूट-फूटकर रोने लगे अभ्यर्थी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा एक बार फिर व्यापम की लापरवाही के कारण विवादों में आ गई है। राज्य के कई जिलों—धमतरी, जांजगीर-चांपा और सूरजपुर से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने शिकायत की है कि उन्हें समय पर पहुंचने के बावजूद परीक्षा देने नहीं दिया गया।
धमतरी में कई छात्रों ने बताया कि उन्होंने 21 जुलाई को व्यापम की वेबसाइट से एडमिट कार्ड डाउनलोड किया था, जिसमें परीक्षा केंद्र में प्रवेश का अंतिम समय सुबह 10:45 बजे दर्ज था। लेकिन परीक्षा वाले दिन उन्हें यह कहकर रोक दिया गया कि केंद्र का गेट 10:30 बजे ही बंद कर दिया गया है। जब अभ्यर्थियों ने पुराने प्रवेश पत्र दिखाए, तब भी उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया।
व्यापम की ओर से प्रवेश समय में बदलाव की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई, लेकिन 26 और 27 जुलाई को डाउनलोड किए गए नए एडमिट कार्ड में प्रवेश का समय 10:30 बजे तक लिखा हुआ था। इस बदलाव से अनजान रहे कई अभ्यर्थी केंद्रों के बाहर रोते-बिलखते नजर आए। उनका कहना था कि कड़ी मेहनत से की गई तैयारी और सालों का सपना एक गलती की भेंट चढ़ गया।
जांजगीर-चांपा से भी ऐसी ही शिकायतें आईं। डेल्ही पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र में कई छात्रों को एडमिट कार्ड और आधार कार्ड साथ लाने के बावजूद परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया। कुछ छात्र तो इसलिए वंचित रह गए क्योंकि उनके एडमिट कार्ड में पिता की जाति नहीं छपी थी। इससे नाराज अभ्यर्थियों ने केंद्र के बाहर प्रदर्शन किया।
सूरजपुर में मामला और गंभीर हो गया, जब अग्रसेन चौक स्थित कन्या हाई स्कूल परीक्षा केंद्र में धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगा। हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि केंद्राध्यक्ष ने कुछ छात्रों के हाथ से कलावा उतरवाकर जूतों में फेंक दिया। इससे नाराज छात्रों और संगठन के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने लोगों को समझाकर मामला शांत कराया।
इन घटनाओं ने व्यापम की कार्यप्रणाली और परीक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और जिन उम्मीदवारों को अनावश्यक रूप से परीक्षा से वंचित किया गया, उन्हें दोबारा अवसर दिया जाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' में बिल्हा की मातृशक्ति का उल्लेख – छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति की स्वच्छता पहल को राष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण किया। इस अवसर पर विकास मरकाम, नवीन मार्कण्डेय, अमित चिमनानी, हर्षिता पांडे, अमित साहू सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘मन की बात’ के 124वें संस्करण पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ न केवल जन संवाद का एक सशक्त माध्यम है, बल्कि यह देशभर के नवाचारों, जनप्रयासों और प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाकर लोगों में नई ऊर्जा भरने का कार्य करता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए विशेष गौरव का विषय है, क्योंकि बिलासपुर जिले के नगर पंचायत बिल्हा में स्वच्छता के क्षेत्र में मातृशक्ति द्वारा किए गए नवाचार का उल्लेख स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम में किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बिल्हा की महिलाओं को वेस्ट मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी गई और उन्होंने मिलकर शहर की तस्वीर बदल डाली। यह उल्लेख हम सभी छत्तीसगढ़वासियों के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि
बिल्हा की महिलाओं ने दिखा दिया कि जब संकल्प और सहयोग एक साथ हों, तो कोई भी बदलाव असंभव नहीं होता। स्वच्छता की इस मिसाल ने पूरे देश में छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। बिल्हा की महिलाओं ने अपने संकल्प से इसे देश का सबसे स्वच्छ शहर बना दिया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति ने स्वच्छता के क्षेत्र में जो नवाचार किया है, उसे आज देश के प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में विशेष रूप से रेखांकित किया। यह दिखाता है कि स्वच्छता केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से बनता हुआ एक सशक्त जनांदोलन है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ के 7 शहरों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत माननीय राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है, जिनमें नगर पंचायत बिल्हा सहित अन्य नगरीय निकाय शामिल हैं। उन्होंने नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों, निगम आयुक्तों, सीएमओ, स्वच्छता दीदियों और सफाईकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सभी के समर्पण और मेहनत का परिणाम है कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि हाल ही में जशपुर जिले के दौरे के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि जिले के पाँचों नगरीय निकायों ने स्वच्छता रैंकिंग में अभूतपूर्व छलांग लगाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उत्कृष्ट प्रदर्शन पर दो दिन पहले उन्होंने जशपुर में स्वच्छता दीदियों और कर्मियों को स्वयं सम्मानित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में एक सकारात्मक वातावरण बना है और हमारी सरकार ने जिस निष्ठा एवं संकल्प के साथ स्वच्छ भारत मिशन को लागू किया है, उसका परिणाम आज देश के सामने है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ आज देश के कोने-कोने की साधारण कहानियों को असाधारण प्रेरणा में बदलने वाला राष्ट्रीय अभियान बन गया है जो भारत के लोकतंत्र की जीवंतता का साक्षात प्रमाण है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चन्द्रशेखर पेम्मासानी ने की सौजन्य मुलाक़ात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारत सरकार के केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चन्द्रशेखर पेम्मासानी ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच ग्रामीण विकास, केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन, आदिवासी अंचलों में संचार सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकासोन्मुखी दृष्टिकोण को धरातल पर साकार करने हेतु राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख पक्के मकानों की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिससे प्रदेश के गरीब परिवारों के आवास का सपना पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 1,460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र आरंभ किए गए हैं, जिससे ग्रामीण जनसंख्या को सहज और सुलभ बैंकिंग सुविधा मिल रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों की चर्चा करते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा कौशल विकास एवं नवाचार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ग्रामीण अंचलों में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों ने आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है।
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चन्द्रशेखर पेम्मासानी ने मुख्यमंत्री श्री साय को अपने नारायणपुर तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों के दौरे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में केंद्र सरकार की योजनाएं प्रभावी ढंग से क्रियान्वित हो रही हैं और स्थानीय जनता को इनका सीधा लाभ मिल रहा है। डॉ. पेम्मासानी ने माओवादी क्षेत्रों में तीव्र गति से हो रहे सकारात्मक बदलाव की सराहना करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य का संकेत बताया। उन्होंने ‘बिहान’ योजना के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों की ओर से आयोजित प्रदर्शनी का उल्लेख करते हुए कहा कि समूह की दीदियों द्वारा तैयार किए गए बेलमेटल, मिलेट्स और घरेलू उत्पादों की गुणवत्ता अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इन समूहों की महिलाएँ 15 से 20 हजार रुपये मासिक आय अर्जित कर रही हैं, जो ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
डॉ. पेम्मासानी ने जनजातीय समुदाय के पारंपरिक स्वागत का स्मरण करते हुए कहा कि उनके साथ नृत्य करना और स्थानीय संस्कृति से आत्मिक रूप से जुड़ने का अनुभव अविस्मरणीय रहा। उन्होंने परीयना दिव्यांग आवासीय विद्यालय के दौरे का भी विशेष उल्लेख किया और वहाँ बच्चों से हुई आत्मीय बातचीत को अत्यंत भावुक क्षण बताया। उन्होंने शासन द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद उपस्थित थे।
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत को पार्टी का नोटिस, डीएमएफ फंड और रायगढ़ के विकास पर उठाए सवाल पड़े भारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इस वक्त बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने ही युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई पार्टी लाइन के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों को लेकर की गई है।
दरअसल, रवि भगत ने बीते कुछ समय से डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) फंड के उपयोग और रायगढ़ क्षेत्र में विकास कार्यों की स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार सवाल खड़े किए थे। उनके पोस्ट्स ने पार्टी के भीतर ही असहजता पैदा कर दी थी।
इन बयानों को अनुशासनहीनता मानते हुए, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर रवि भगत को नोटिस जारी किया गया है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है कि आखिर उन्होंने पार्टी मंच के बाहर ऐसी सार्वजनिक टिप्पणियां क्यों कीं।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी रवि भगत के इन बयानों को संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला मान रही है। अब देखना होगा कि रवि भगत इस नोटिस का क्या जवाब देते हैं और क्या इस पूरे प्रकरण से उनके पद पर कोई असर पड़ता है या नहीं।
विष्णुदेव सरकार में “सुशासन है तो चक्र सुदर्शन भी है”, सूदखोर तोमर बंधु के ठिकानों पर चला बुलडोजर
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब तोमर बंधुओं के अवैध ऑफिस पर नगर निगम का बुलडोजर चला। यह ऑफिस भाठागांव क्षेत्र में स्थित था, जिसे बिना नक्शा पास कराए और अनाधिकृत रूप से तैयार किया गया था।
निगम की कार्रवाई में उस ऑफिस को जमींदोज कर दिया गया, जो शुभकामना वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से संचालित हो रहा था। यह दफ्तर रोहित तोमर और भावना तोमर के नाम पर पंजीकृत था। कार्रवाई के दौरान नगर निगम, पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रही।
गौरतलब है कि रोहित तोमर और वीरेंद्र तोमर, दोनों भाई बीते दो महीने से फरार हैं और कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर रखा है। रायपुर पुलिस ने इन दोनों हिस्ट्रीशीटरों पर इनाम घोषित किया हुआ है। दोनों पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और लंबे समय से कानून की पकड़ से बाहर हैं।
इस कार्रवाई को लेकर गृहमंत्री विजय शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा—
“सुशासन है तो चक्र सुदर्शन भी है। किसी मंत्री या मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाने से कोई कानून से ऊपर नहीं हो जाता। तोमर जैसे अपराधियों ने समाज को पीड़ा दी है, अब कानून अपना काम करेगा।”
उन्होंने इस पोस्ट को #जय_बुलडोजर हैशटैग के साथ साझा किया।
वहीं सांसद अरुण साव ने भी बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सख्त संदेश दिया। उन्होंने लिखा—
“बुलडोजर तो चलेगा…! जब विपक्ष में थे तब भी स्पष्ट थे, आज शासन में हैं तब भी स्पष्ट हैं।
तोमर बंधु हों या जिहादी बंधु, आतंक का फन फैलाओगे तो कुचलने का हुनर भी ‘सुशासन सरकार’ को आता है।”
