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रायपुर कमिश्नरेट की पहली समीक्षा बैठक, विजिबल पुलिसिंग और अपराध रोकथाम पर फोकस
रायपुर। रायपुर कमिश्नरेट के पहले पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने पदभार ग्रहण करने के बाद आज सिविल लाइन रायपुर स्थित सी-4 भवन के सभाकक्ष में पुलिस अधिकारियों की पहली व्यापक समीक्षा बैठक ली। बैठक में अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर सहित कमिश्नरेट रायपुर के सभी डिप्टी पुलिस कमिश्नर, अतिरिक्त डिप्टी पुलिस कमिश्नर, असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर एवं थाना प्रभारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर डॉ. शुक्ला ने सभी अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया और रायपुर कमिश्नरेट की प्राथमिकताओं, कार्यशैली और अपेक्षाओं से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शहर में कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और पुलिस की मौजूदगी आमजन को हर स्तर पर महसूस होनी चाहिए।
विजिबल पुलिसिंग, पैदल पेट्रोलिंग और रात्रि गश्त पर विशेष जोर
पुलिस कमिश्नर ने शहर में विजिबल पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने, पैदल पेट्रोलिंग बढ़ाने तथा रात्रि गश्त को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध को पहले ही रोकना होना चाहिए।
चाकूबाजी, नशा और अड्डेबाजी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
बैठक में चाकूबाजी, नशाखोरी और अड्डेबाजी पर सख्त नियंत्रण के निर्देश दिए गए। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि चाकूबाजी की छोटी से छोटी घटना पर भी कड़ी धाराओं में अपराध दर्ज किया जाए और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने गुंडा एवं निगरानी बदमाशों पर प्रभावी निगरानी रखने तथा असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और इसके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए ठोस कार्रवाई करने को कहा गया।
रैली, धरना और सामूहिक आयोजनों के लिए अनुमति अनिवार्य
पुलिस कमिश्नर ने बिना अनुमति किसी भी प्रकार की रैली, धरना, जुलूस या सामूहिक आयोजन पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। साथ ही, निर्धारित समयावधि के बाद बार, कैफे और रेस्टोरेंट जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अनिवार्य रूप से बंद कराने के निर्देश भी दिए गए।
अनुशासन और जवाबदेही पर जोर
डॉ. संजीव शुक्ला ने सभी अधिकारियों को सजग, सक्रिय और उत्तरदायी भूमिका निभाने के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस बल में अनुशासन का उच्च स्तर बनाए रखना आवश्यक है, जिससे जनता का विश्वास पुलिस पर बना रहे।
साइबर अपराध और यातायात व्यवस्था की भी हुई समीक्षा
इसके पश्चात पुलिस कमिश्नर ने साइबर अपराध शाखा के अधिकारियों की अलग से बैठक ली। साइबर अपराधों में बढ़ोतरी को देखते हुए उन्होंने पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करने और केवल छोटे मामलों तक सीमित न रहकर मुख्य आरोपियों तक पहुंचने के निर्देश दिए।
रात्रि 10 बजे यातायात विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, चालानी कार्रवाई के नाम पर आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान न करने की सख्त हिदायत दी गई।
आसूचना तंत्र को मजबूत करने पर भी जोर
पुलिस कमिश्नर ने जिला विशेष शाखा के अधिकारियों की भी पृथक से विस्तृत समीक्षा बैठक ली और कानून-व्यवस्था की दृष्टि से आसूचना तंत्र को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए।
नए पुलिस कमिश्नर के पदभार संभालते ही रायपुर में सुरक्षा का पहरा, संवेदनशील इलाकों में जांच
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 23 जनवरी से पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली औपचारिक रूप से लागू हो चुकी है। नई व्यवस्था के तहत वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. संजीव शुक्ला ने शुक्रवार को रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर के रूप में पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालते ही कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश जारी किए गए, जिसके पालन में पुलिस ने शहर में सघन चेकिंग अभियान चलाया।
बता दें कि इसी क्रम में आज DCP (वेस्ट) संदीप पटेल के नेतृत्व में व्यापक पुलिस अभियान संचालित किया गया। अभियान में ADCP राहुल देव शर्मा, ACP आज़ाद चौक इशू अग्रवाल एवं ACP पुरानी बस्ती देवांश सिंह राठौर सहित चार थाना प्रभारियों और 50 से अधिक पुलिस बल की सक्रिय भागीदारी रही।
पुलिस टीमों ने शहर के संवेदनशील क्षेत्रों आज़ाद चौक, ईदगाह भाटा, लाखे नगर और आश्रम क्षेत्र में विशेष जांच एवं निगरानी की। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन तलाशी ली गई, दस्तावेजों की जांच की गई तथा यातायात एवं सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित कराया गया।
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से संवाद कर उन्हें सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए पुलिस ने बताया कि कमिश्नरेट व्यवस्था के तहत त्वरित कार्रवाई, बेहतर समन्वय और प्रभावी अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता दी जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस सघन चेकिंग अभियान का मुख्य उद्देश्य अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना, असामाजिक तत्वों पर नकेल कसना और शहर में शांति एवं सुरक्षा का माहौल बनाए रखना है। आने वाले दिनों में भी इसी तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि रायपुर को सुरक्षित और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित किया जा सके।
सेक्स सीडी कांड: लोअर कोर्ट के फैसले को सेशन कोर्ट ने पलटा, भूपेश बघेल सहित सभी आरोपियों के खिलाफ फिर से चलेगा मुकदमा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित सेक्स सीडी कांड में रायपुर सेशन कोर्ट ने CBI की लोअर कोर्ट के मार्च 2025 के फैसले को रद्द कर दिया है और जांच एजेंसी की रिव्यू पिटिशन को मंजूरी दी है। अब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य सभी आरोपियों के खिलाफ ट्रायल शुरू होगा। सेशन कोर्ट ने भूपेश बघेल को नियमित कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है। इससे पहले, CBI की विशेष कोर्ट ने सभी धाराओं को हटाते हुए भूपेश बघेल को आरोपमुक्त कर दिया था। CBI ने इसके खिलाफ रिव्यू याचिका दाखिल की थी।
बता दें कि इस मामले में भूपेश बघेल के अलावा कारोबारी कैलाश मुरारका, पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा, विजय भाटिया और विजय पांडेय आरोपी हैं। कारोबारी कैलाश मुरारका और विनोद वर्मा ने खुद को आरोपमुक्त करने के लिए आवेदन किया था। सेशन कोर्ट ने उनके आवेदन को खारिज कर दिया और कहा कि उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं, इसलिए उन्हें ट्रायल का सामना करना होगा।
गौरतलब है कि यह मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हुआ था। सितंबर 2018 में, तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल और विनोद वर्मा को CD स्कैंडल के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के समय विधानसभा चुनाव महज तीन महीने दूर थे, जिससे राज्य की राजनीतिक हलचल बढ़ गई। भूपेश बघेल ने जमानत लेने से इनकार किया और जेल में रहते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी विरोधी प्रदर्शन शुरू कर दिए। हर पोस्टर पर लिखा था – “मैं भी भूपेश हूँ।” इस आंदोलन ने कांग्रेस को राजनीतिक मजबूती दी, और 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 68 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की।
अक्टूबर 2017 में हुई थी मामले की शुरुआत
इस मामले की शुरुआत अक्टूबर 2017 में हुई थी, जब छत्तीसगढ़ में कथित सेक्स सीडी सामने आई। शिकायत के अनुसार, सीडी बनाने का काम दिल्ली में हुआ था और इसमें भूपेश बघेल के मीडिया सलाहकार विनोद वर्मा का नाम आया।
प्रारंभिक शिकायत: भाजपा नेता प्रकाश बजाज ने 26 अक्टूबर 2017 को पंडरी थाने में FIR दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने ब्लैकमेलिंग, अश्लील वीडियो का हवाला देकर पैसे की मांग का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस और CBI ने दिल्ली की एक दुकान तक ट्रेस किया, जिससे वर्मा और अन्य आरोपी सामने आए। मामले के एक अन्य आरोपी रिंकू खनूजा ने केस सामने आने के बाद आत्महत्या कर ली थी।
सेशन कोर्ट के फैसले के बाद, भूपेश बघेल और अन्य आरोपियों के खिलाफ ट्रायल शुरू होगा। राजनीतिक और कानूनी नजरिए से यह मामला राज्य की राजनीति और चुनावी रणनीतियों पर भी असर डाल सकता है।
रायपुर साहित्य उत्सव में ‘जशप्योर’ का जलवा: महुआ और मिलेट्स से बने जशप्योर उत्पादों को मिली शानदार प्रतिक्रिया
रायपुर। रायपुर में आयोजित भव्य साहित्य उत्सव में छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला और संस्कृति के साथ-साथ जशपुर जिले का गृह ब्रांड ‘जशप्योर’ (Jashpure) आगंतुकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मुख्यमंत्री के आदिवासी एवं महिला उत्थान के विजन से प्रेरित यह ब्रांड पारंपरिक स्वादों को आधुनिक बाजार से जोड़ते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रहा है।
उत्सव परिसर में लगाए गए जशप्योर के स्टॉल पर दिनभर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। विशेष रूप से महुआ से बने लड्डू, कुकीज़ और कैंडी आगंतुकों के बीच चर्चा का विषय बने रहे। स्टॉल पर आने वाले लोग न केवल उत्पादों के स्वाद और गुणवत्ता की सराहना कर रहे हैं, बल्कि लगाए गए QR कोड के माध्यम से इनके पोषण मूल्य और निर्माण प्रक्रिया की जानकारी भी प्राप्त कर रहे हैं।
रायपुर की स्थानीय निवासी निधि साहू ने स्टॉल का भ्रमण करने के बाद कहा,“यह जानकर आश्चर्य हुआ कि महुआ से इतने स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद भी बनाए जा सकते हैं। पारंपरिक ज्ञान का यह आधुनिक उपयोग वास्तव में सराहनीय है।”
जशप्योर से जुड़े युवा वैज्ञानिक समर्थ जैन ने बताया कि महुआ को लेकर लंबे समय से समाज में यह धारणा रही है कि इसका उपयोग केवल शराब निर्माण तक सीमित है, लेकिन जशप्योर इस सोच को बदलने का कार्य कर रहा है।उन्होंने कहा,“जशपुर की महिलाएं अब फूड-ग्रेड महुए का उपयोग कर इसे एक पारंपरिक सुपरफूड के रूप में स्थापित कर रही हैं। यह पहल आदिवासी महिलाओं के पारंपरिक ज्ञान को आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रही है।”
विविधता और आधुनिकता का संगम
जशप्योर ब्रांड के अंतर्गत वर्तमान में 90 से अधिक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। महुआ के साथ-साथ ग्लूटेन-फ्री मिलेट्स से बने बिस्किट और लड्डू भी लोगों को खासे पसंद आ रहे हैं। इनमें रागी, कुटकी, कोदो और बकव्हीट जैसे पोषक मिलेट्स से तैयार विविध उत्पाद शामिल हैं।
महिला सशक्तिकरण की नई पहचान
जशप्योर केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि महिला आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की एक अभिनव पहल है। स्थानीय संसाधनों के कुशल उपयोग से जशपुर की ग्रामीण महिलाएं आज न केवल स्थायी रोजगार प्राप्त कर रही हैं, बल्कि उद्यमिता के क्षेत्र में भी सशक्त रूप से आगे बढ़ रही हैं।
रायपुर साहित्य उत्सव में जशप्योर की यह प्रभावशाली उपस्थिति छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, स्वदेशी उत्पादों और महिला सशक्तिकरण की बढ़ती पहचान का सशक्त प्रमाण है।
रायपुर साहित्य महोत्सव में “आज की हिंदी कहानियाँ” विषय पर पैनल चर्चा आयोजित
रायपुर। रायपुर साहित्य महोत्सव के अंतर्गत आज पुरखौती मुक्तांगन, रायपुर स्थित लाला जगदलपुरी मंडप में “आज की हिंदी कहानियाँ” विषय पर एक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। यह सत्र महोत्सव के दूसरे दिन मंडप में आयोजित दूसरा सत्र था।
इस पैनल चर्चा में प्रख्यात साहित्यकार श्री परदेशी राम वर्मा, वरिष्ठ लेखिका सुश्री जयश्री राय, प्रसिद्ध लेखक श्री सतीश जायसवाल तथा साहित्य विदुषी डॉ. अंशु जोशी ने सहभागिता की।
चर्चा के दौरान वक्ताओं ने समकालीन हिंदी कहानी के स्वरूप, विषयगत परिवर्तन, शिल्पगत प्रयोगों तथा समाज के बदलते यथार्थ को अभिव्यक्त करने में साहित्य की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। पैनलिस्टों ने आज की हिंदी कहानी में उभरती सामाजिक चेतना, संवेदनशीलता और नए कथ्य पर विस्तार से प्रकाश डाला।इस अवसर पर उपस्थित साहित्यप्रेमियों, विद्यार्थियों एवं पाठकों के साथ संवाद भी हुआ, जिससे कार्यक्रम और अधिक सार्थक एवं विचारोत्तेजक बन सका।
रायपुर साहित्य महोत्सव साहित्य, संस्कृति और विचार-विमर्श को बढ़ावा देने का एक सशक्त मंच प्रदान कर रहा है, जहाँ विभिन्न विधाओं और भाषाओं के रचनाकारों का समागम हो रहा है।
IG अमरेश मिश्रा ने ली रायपुर ग्रामीण पुलिस की समीक्षा बैठक, अपराध नियंत्रण और पुलिस व्यवस्था सुदृढ़ करने के दिए निर्देश
रायपुर। जिला रायपुर (ग्रामीण) में कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में रायपुर (ग्रामीण) जिले की पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
बता दें कि बैठक के दौरान रायपुर के शहरी इलाकों में कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने और रायपुर ग्रामीण के पुनर्गठन के पश्चात उपलब्ध पुलिस बल एवं भौतिक संसाधनों की विस्तृत समीक्षा की गई। आगामी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस महानिरीक्षक ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने राजपत्रित अधिकारियों को योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने, कार्यक्षमता में वृद्धि लाने तथा गुणवत्तापूर्ण पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक घटना की गंभीरता से समीक्षा कर अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उचित और समयबद्ध निर्देश देने पर जोर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि थानों के कार्यों का केवल औपचारिक पर्यवेक्षण न करते हुए कार्य की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार लाया जाए।
बैठक में हाल के दिनों में हुई चाकूबाजी की घटनाओं की भी समीक्षा की गई। पुलिस महानिरीक्षक ने मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब के कारोबार एवं बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अवैध हथियार रखने वालों, चाकूबाजी करने वालों, अड्डेबाजी में लिप्त तत्वों, गुंडा-बदमाशों तथा जुआ-सट्टा जैसे अपराधों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित अपराधों और चालानों, लंबित शिकायतों तथा साइबर अपराधों की समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र निराकरण के निर्देश भी दिए गए। औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर पुलिस प्रबंधन और अपराध नियंत्रण को लेकर विशेष रणनीति अपनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले को 51.73 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ तेजी से समृद्धि की ओर बढ़ रहा है। नक्सलवाद, जो कभी छत्तीसगढ़ के लिए गंभीर चुनौती था, अब तेजी से समाप्ति की ओर अग्रसर है। प्रदेश के हर क्षेत्र में अब तेजी से विकास कार्य किए जा रह है। श्री साय आज जशपुर जिले के कोतबा में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में लगभग 51.73 करोड़ रुपए लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने कोतबा में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय भवन, तहसील लिंक कोर्ट की स्थापना, रेस्ट हाउस निर्माण, इंडोर स्टेडियम का निर्माण, कोतबा जल आवर्धन योजना हेतु आवश्यक अतिरिक्त राशि, कोकियाखार में सामुदायिक भवन निर्माण तथा बागबहार में सप्ताह में एक दिन एसडीएम (लिंक कोर्ट) लगाने की घोषणा की। उन्होंने आज जिन कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया उनमें मुख्य रूप से 4.37 करोड़ रूपए की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के कार्य का भूमिपूजन और 9.85 करोड़ रूपए से निर्मित जल आवर्धन योजना और प्रेस क्लब भवन का लोकार्पण शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अधिकांश गारंटी पूरी कर दी गई है। लोगों को इसका सीधा फायदा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य के सिंचाई परियोजनाओं के मरम्मत एवं विकास के लिए लगभग 3 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 750 सड़कों को मंजूरी मिल चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका रहेगी। वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य की श्रेणी में लाने के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है। नई औद्योगिक नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, छत्तीसगढ़ को अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। जिन पर तेजी से काम हो रहा है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 36वीं सब जूनियर राष्ट्रीय सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप के पदक विजेताओं को सम्मानित किया। उन्होंने राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ के तहत जिले में 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को चेक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय, विधायक गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, माटीकला बोर्ड अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती, अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार बेसरा, पूर्व विधायक भरत साय, सहित अनेक जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, देखें लिस्ट…
कांकेर। जिले में नए पुलिस अधीक्षक की पदस्थापना के बाद पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है। एसपी ने तबादला आदेश जारी करते हुए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को इधर से उधर किया है। जारी आदेश के अनुसार तबादलों में 06 निरीक्षक, 01 उपनिरीक्षक, 04 सहायक उपनिरीक्षक शामिल हैं। इसके अलावा 28 प्रधान आरक्षक और 52 आरक्षक के भी स्थानांतरण किए गए हैं।
बताया जा रहा है कि यह तबादला प्रक्रिया जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने तथा पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से की गई है। नए पुलिस अधीक्षक के कार्यभार संभालते ही यह पहला बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। कुछ थानों में लंबे समय से पदस्थ अधिकारियों को बदला गया है, जबकि कुछ नए चेहरों को संवेदनशील क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
देखें लिस्ट –



बेमेतरा मारपीट मामला: गिरफ्तारी में देरी से भड़का सतनामी समाज, भीम आर्मी के साथ नवागढ़ थाने का घेराव
बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के नवागढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज एक गंभीर मारपीट के मामले में FIR के एक माह बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से सतनामी समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला। इसी को लेकर भीम आर्मी के समर्थन के साथ सतनामी समाज के लोगों ने नवागढ़ थाने का घेराव किया और पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने के आरोप लगाए।
पूरा मामला बेमेतरा जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पेंड्री का है, जहां 26 दिसंबर 2025 को सतनामी समाज के दो युवकों को बंधक बनाकर बेरहमी से मारपीट की गई थी। इस घटना में पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की थी, लेकिन घटना को एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने का लगाया आरोप
आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज सतनामी समाज के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में नवागढ़ थाना पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के स्पष्ट सबूत और पीड़ितों के बयान होने के बावजूद आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है, जिससे उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है।
पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी देने का आरोप
प्रदर्शनकारियों का यह भी आरोप है कि आरोपी पक्ष द्वारा पीड़ित युवकों और उनके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही है, जिससे पीड़ित परिवार दहशत में है। समाज के लोगों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित पक्ष को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
सतनामी समाज और भीम आर्मी ने चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। थाना परिसर में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने स्थिति को शांत बनाए रखने की अपील की और मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल इस घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: पुलिस इंस्पेक्टर से की गई वेतन वसूली लौटाने के निर्देश, गलत गणना पर वसूली निरस्त
रायपुर। पूर्व सेवाकाल के दौरान पुलिस निरीक्षक की वेतनवृद्धि की गणना गलत तरीके से किए जाने के आधार पर अधिक वेतन भुगतान का हवाला देकर की गई वसूली को लौटाने का आदेश हाई कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक को दिया है.
राजनांदगांव निवासी देवप्रकाश दादर पुलिस दूरसंचार केन्द्र, राजनांदगांव में पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर) दूरसंचार के पद पर पदस्थ थे. उनके सेवाकाल के दौरान वेतनवृद्धि की गणना गलत तरीके से किए जाने के आधार पर अधिक वेतन भुगतान का हवाला देकर उनके विरूद्ध वसूली आदेश जारी किया. उक्त आदेश से क्षुब्ध होकर देवप्रकाश दादर द्वारा हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं ऋषभदेव साहू के माध्यम से हाईकोर्ट बिलासपुर के समक्ष रिट याचिका दायर कर वसूली आदेश को चुनौती दी गई.
अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं ऋषभदेव साहू ने सुनवाई के दौरान पूर्व में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित न्यायदृष्टांत का हवाला देते हुए बताया कि किसी भी तृतीय श्रेणी शासकीय कर्मचारी से अधिक वेतन भुगतान का हवाला देकर वसूली नहीं की जा सकती है. इसके साथ किसी शासकीय कर्मचारी को वसूली दिनांक से यदि 5 वर्षों पूर्व गलत तरीके से वेतनवृद्धि जोड़कर अधिक वेतन भुगतान कर दिया गया है, इसके बावजूद भी उक्त शासकीय कर्मचारी को अधिक भुगतान की राशि की वसूली नहीं की जा सकती है.
उच्च न्यायालय ने याचिका को स्वीकार कर सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित न्यायदृष्टांतों के आधार पर याचिकाकर्ता पुलिस इंस्पेक्टर के विरूद्ध जारी वसूली आदेश को निरस्त कर एसपी दूरसंचार, भिलाई जोन को निर्देशित किया गया कि वे याचिकाकर्ता से वसूल की गई राशि का तत्काल भुगतान करें.
'डॉ. अम्बेडकर विचारपुंज की आभा' विषय पर लाला जगदलपुरी मंडप में आयोजित परिचर्चा
रायपुर। रायपुर साहित्य उत्सव 2026 “आदि से अनादि तक” के द्वितीय दिवस के पंचम सत्र अंतर्गत पुरखौती मुक्तांगन स्थित लाला जगदलपुरी मंडप में “डॉ. अम्बेडकर विचारपुंज की आभा” विषय पर एक विचारोत्तेजक परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रख्यात चिंतक डॉ. राजकुमार फलवारिया उपस्थित रहे।
अपने वक्तव्य में डॉ. राजकुमार फलवारिया ने कहा कि भारत के सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षिक क्षेत्र, मीडिया जगत तथा अनेक दलित संगठनों द्वारा डॉ. भीमराव अम्बेडकर को केवल दलितों का नेता मानने की धारणा अधूरी और सीमित है। उन्होंने ऐतिहासिक घटनाओं, तथ्यों तथा बाबासाहेब के विचारों के माध्यम से स्पष्ट किया कि डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण समाज के नेता, चिंतक और मार्गदर्शक थे।
डॉ. फलवारिया ने कहा कि बाबासाहेब केवल सामाजिक न्याय के प्रतीक ही नहीं थे, बल्कि वे महान अर्थशास्त्री, लेखक, बैरिस्टर, शिक्षक, पत्रकार, संपादक, स्तंभकार, श्रम मंत्री एवं कानून मंत्री के रूप में एक बहुआयामी व्यक्तित्व थे। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों, श्रमिकों के हितों, आर्थिक नीतियों, कृषि एवं औद्योगिक विकास, नदी जल प्रबंधन तथा भारतीय संविधान के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जाति व्यवस्था से ऊपर उठकर सम्पूर्ण समाज को केंद्र में रखकर कार्य किया।
परिचर्चा के दौरान विचार व्यक्त किए कि डॉ. अम्बेडकर का चिंतन आज भी सामाजिक समरसता, लोकतंत्र और समानता के लिए पथप्रदर्शक है। कार्यक्रम में साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों, विद्यार्थियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय सहभागिता रही।कार्यक्रम का उद्देश्य डॉ. अम्बेडकर के समग्र विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाना तथा उन्हें केवल एक वर्ग तक सीमित करने की मानसिकता पर पुनर्विचार करना रहा।
गणतंत्र दिवस सुरक्षा के चलते रायपुर–दिल्ली एयर इंडिया की उड़ानें 26 जनवरी तक रद्द, यात्रियों को झेलनी पड़ेगी परेशानी
रायपुर। गणतंत्र दिवस के मद्देनजर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े प्रबंध लागू होने के कारण हवाई सेवाओं पर असर पड़ा है। एयर इंडिया ने रायपुर–दिल्ली–रायपुर सेक्टर की नियमित उड़ानों को 26 जनवरी तक अस्थायी रूप से रद्द कर दिया है। इस रद्द की गई उड़ानों में सुबह संचालित फ्लाइट AI 1718 शामिल है।
बता दें कि एयर इंडिया की ओर से जारी आधिकारिक सूचना में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा कारणों से एयर स्पेस पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिसके चलते उड़ानों के संचालन में यह बदलाव किया गया है। अधिकारियों के अनुसार यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए अनिवार्य है।
रायपुर से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए यह निर्णय खासा परेशानी भरा हो सकता है, खासकर उनके लिए जिन्होंने पहले से टिकट बुक कर रखी थी। एयरलाइन और एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे उड़ान से पहले अपनी बुकिंग और उड़ान की स्थिति की पुष्टि कर लें। इससे अनावश्यक असुविधा और समय की बर्बादी से बचा जा सकेगा।
रिफंड और नई फ्लाइट विकल्प उपलब्ध
एयर इंडिया ने प्रभावित यात्रियों के लिए रिफंड की सुविधा के साथ ही नई फ्लाइट्स में सीट आवंटित करने का विकल्प भी प्रदान किया है। रायपुर एयरपोर्ट पर पहले ही लंबी सुरक्षा जांच और कड़ी चेकिंग के कारण यात्रियों को प्रतीक्षा करनी पड़ रही थी, अब उड़ानों के रद्द होने से यात्रियों को यात्रा योजना में बदलाव करने की आवश्यकता होगी।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह कदम केवल अस्थायी है और गणतंत्र दिवस समारोह के बाद उड़ानों का संचालन सामान्य हो जाएगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले एयर इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर पर लेटेस्ट अपडेट अवश्य प्राप्त करें और समय पर एयरपोर्ट पहुंचें।
उपनिषद से एआई तक विषय पर आयोजित परिचर्चा में वक्ताओं ने रखे विचार
रायपुर। नवा रायपुर में आयोजित साहित्य महोत्सव 2026 के दूसरे दिन कवि-कथाकार अनिरुद्ध नीरव मंडप पर साहित्य : उपनिषद से एआई तक विषय पर केंद्रित परिचर्चा आयोजित हुई। इस परिचर्चा में वक्ता के रूप में ट्रिपल आईटी नवा रायपुर के डायरेक्टर डॉ. ओमप्रकाश व्यास, वरिष्ठ पत्रकार प्रफुल्ल केतकर, वरिष्ठ लेखक डॉ. गोपाल कमल शामिल हुए। परिचर्चा के सूत्रधार साहित्यकार संजीव तिवारी रहे, परिचर्चा का यह सत्र कवि जगन्नाथ प्रसाद भानु को समर्पित रहा। इस अवसर पर डॉ. गोपाल कमल द्वारा लिखित पुस्तक, गुणाढ्य की गुणसूत्र कथा का विमोचन किया गया।
ट्रिपल आईटी के डायरेक्टर डॉ. ओमप्रकाश व्यास ने कहा कि एआई का जो रूप आज हम देख रहे हैं, इसके पीछे विगत 30–40 वर्षों की मेहनत है। एआई निरंतर निखरता जा रहा है। तकनीक खुद को परिमार्जित करती जाती है, यह प्रक्रिया सतत है। एआई नेट पर उपलब्ध जानकारी, आंकड़ों और सूचनाओं का विश्लेषण कर हमें डिस्क्रिप्टिव टेक्नोलॉजी के रूप में समझाता है। धीरे-धीरे एआई निखरा और प्रिडिक्टिव टेक्नोलॉजी के रूप में काम करने लगा। आज एआई भविष्य की चीजों को भी बताता है। उन्होंने कहा कि नवंबर 2022 में पहली बार चैट जीपीटी आया। सिर्फ तीन साल में एआई का रूप कितना भव्य हुआ है, आप देखिए। हम एआई के भविष्य की अब कल्पना भी नहीं कर सकते। भाषा के मानकीकरण में एआई की क्या भूमिका होगी, यह हम सभी के बीच एक बड़ी चुनौती है।
वरिष्ठ पत्रकार प्रफुल्ल केतकर ने परिचर्चा को संबोधित करते हुए कहा कि गीता के 18 अध्यायों में सभी तरह के ज्ञान का समावेश है। एआई को लेकर लोग चिंतित हैं कि एआई का फ्यूचर क्या होगा। एआई के आधार पर जापान ने जब रोबोट बनाया तो वह स्वयं को नेगेटिव प्रॉम्प्ट देने लगा। एआई कमांड और प्रॉम्प्ट पर काम करता है। एआई वही बताता है जो नेट पर उपलब्ध है। श्री केतकर ने कहा कि हमारे ऋषि सूचना की नहीं, ज्ञान की बात करते थे। वे एआई से बहुत ज्यादा आगे थे। यदि हम मैकाले की शिक्षा पद्धति की बात करें तो उसने हमें अच्छा उत्तर लिखने वाला बना दिया। प्रश्न जितना गहरा होगा, उत्तर भी उतना ही गहरा होगा। मानव के ज्ञान का उद्देश्य प्रकृति पर विजय पाना नहीं, उसके नियमों को समझकर अपने आपको प्रकृति के अनुरूप ढालना था।
वरिष्ठ लेखक डॉ. गोपाल कमल ने सत्र में अपने संबोधन में कहा कि हमारे साथ में सोचने की परंपरा ऋग्वेद से आती है। हम सभी एआई में डीप लर्निंग की बात करते हैं। भाषा कहां से आती है, वह आकार कैसे लेती है, मनुष्य भाषा तक कैसे पहुंचा, इस पर होने वाले कार्य और अध्ययन को साइकोलिंग्विस्टिक के नाम से जाना जाता है। जेनेटिक कोड के जरिए ही हम नई चीजों को सीख पाते हैं। डॉ. गोपाल ने कहा कि सोमदेव ने कथासरितसागर के नाम से संस्कृत में पुस्तक लिखी, इसे हम गुणाढ्य के रूप में देख सकते हैं। संस्कृत के लगभग 3900 सूत्र हैं। महेश्वर सूत्रों से हम सभी शब्दरूप और धातुरूप बना सकते हैं। एआई में हम जीरो से एक का सहारा लेते हैं। गुणसूत्र की भाषा से एआई के संचार नेटवर्क को गढ़ा गया है।
परिचर्चा के सूत्रधार, साहित्यकार संजीव तिवारी ने कहा कि मेरे समझ में उपनिषद और एआई एक जैसे हैं। वेद ज्ञान का खजाना है, जिसका भाष्य उपनिषद है। एआई भी प्रश्नोत्तर शैली में उत्तर देता है। हमारा उपनिषद एआई का मूल है। उन्होंने कहा कि ट्रिपल आईटी हैदराबाद जैसे संस्थान एआई को लेकर काम कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ी भाषा के लिए दूसरे संस्थान भी काफी अच्छा काम कर रहे हैं, ताकि एआई में बेहतर से बेहतर रूप में छत्तीसगढ़ी भाषा निखरकर आ सके। इस अवसर पर गणमान्य साहित्यकार एवं श्रोता उपस्थित रहे।
महासमुंद के जंगलों में सागौन तस्करी का खुलासा: 60 से ज्यादा कीमती पेड़ कटे, फॉरेस्ट गार्ड निलंबित, जांच तेज
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के जंगलों में इन दिनों सागौन तस्करों के हौसले बुलंद हैं. आलम यह है कि पिथौरा वन परिक्षेत्र के जम्हर जंगल में तस्करों ने जमकर तांडव मचाया और एक-दो नहीं, बल्कि 60 से अधिक कीमती सागौन के पेड़ों को काटकर ले गए. मामले में DFO ने फील्ड पर तैनात फॉरेस्ट गार्ड को निलंबित कर दिया है और सघन जांच के लिए टीम गठित कर दिया है.
बता दें कि सागौन की लकड़ी अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों की कीमत रखती है. इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों का कटना और जिम्मेदारों को भनक तक न लगना, विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है. स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर पर्दे के पीछे लकड़ी माफिया और विभाग के कुछ लोगों की मिलीभगत है? अब तक विभाग यह पता नहीं लगा पाया है कि लकड़ी काटकर कहां खपाई गई है.
वन विभाग पर उठे सवाल
मामला गर्म होने के बाद महासमुंद वन मंडल अधिकारी (DFO) मयंक पांडे ने अवैध कटाई की पुष्टि की है. उन्होंने सघन जांच और छापेमारी की बात कहते हुए फील्ड में तैनात फॉरेस्ट गार्ड को निलंबित कर दिया है. लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या केवल एक फॉरेस्ट गार्ड ही इसके लिए जिम्मेदार है?
सिस्टम की नाकामी पर बड़े सवाल:
- जब इतनी बड़ी कटाई हो रही थी, तब डिप्टी रेंजर और रेंजर स्तर के अधिकारी कहां थे?
- क्या इलाके में नियमित गश्त और मॉनिटरिंग केवल कागजों तक सीमित है?
- क्या सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर बड़े अफसरों को बचाने की कोशिश की जा रही है?
जांच का आश्वासन
DFO मयंक पांडे ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और इलाके में रेड डाली जा रही है. हालांकि, जंगल की उजड़ी हुई तस्वीरें चीख-चीख कर सिस्टम की नाकामी बयां कर रही हैं. अगर समय रहते निगरानी होती, तो शायद इन बेशकीमती पेड़ों को माफिया की कुल्हाड़ी से बचाया जा सकता था.
भारत माला मुआवजा घोटाला: ACB ने 3 पटवारियों के खिलाफ पेश किया पूरक चालान, 40 करोड़ के नुकसान का खुलासा
रायपुर। भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाला में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने गिरफ्तार 3 लोकसेवकों के खिलाफ आज विशेष न्यायालय (एसीबी), रायपुर में प्रथम पूरक चालान पेश किया है. इसमें बताया गया कि आरोपियों की वजह से शासन को 40 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है.
बता दें कि दिनेश पटेल (तत्कालीन पटवारी, हल्का नं. 49, ग्राम नायकबांधा), लेखराम देवांगन (तत्कालीन पटवारी, हल्का नं. 24, ग्राम टोकरो) एवं बसंती घृतलहरे (तत्कालीन पटवारी, ग्राम भेलवाडीह) को 29 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था. ब्यूरो में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 30/2025 में धारा 7 सी, 12 भ्र.नि.अ. 1988 (संशोधित 2018) एवं धारा 409, 467, 471, 420, 120-बी भादवि के तहत प्रकरण दर्ज है.
एसीबी ने पूरक चालान के जरिए बताया कि तीनों आरोपियों से संबंधित प्रकरणों में प्रथम दृष्टया शासन को कुल ₹39,65, 89, 257 की आर्थिक क्षति सामने आई है. प्रकरण में अन्य आरोपियों के विरुद्ध विवेचना जारी है.
प्रकरण में दर्ज विभिन्न धाराओं में तहत लोकसेवक, मुआवजा प्राप्त करने वाले व्यक्ति एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा आपराधिक षड्यंत्र कर भारतमाला परियोजना रायपुर- विशाखापट्टनम प्रस्तावित इकोनॉमिक कॉरिडोर के भू-अर्जन प्रकरण में शासन द्वारा अर्जित भूमि को पुनः शासन को विक्रय कर मुआवजा देने, निजी भूमि के गलत मुआवजा देने, बैकडेट में बटवारा एवं नामांतरण करने, भूमि स्वामी के बदले किसी अन्य को मुआवजा देने तथा निजी भूमि के गलत मुआवजा एवं उसके टुकड़े कर उपखंडों में विभाजित कर शासन को हानि कारित करने के आरोप हैं.
आरोपियों की भूमिका
अभियुक्त दिनेश पटेल की भूमिका: तत्कालीन पटवारी हल्का नं. 49, ग्राम नायकबांधा दिनेश पटेल ने खाता दुरुस्ती/ प्रपत्र-10 / आपत्ति निराकरण आदि के माध्यम से प्रक्रिया में पद का दुरुपयोग किया. अवार्ड के समय अधिग्रहीत भूमि को कृत्रिम उपखण्डों में विभाजित दर्शाकर अधिक मुआवजा भुगतान की स्थिति बनाई गई. फलस्वरूप शासन को 30,82,14,868 रुपए की आर्थिक क्षति प्रथम दृष्टया परिलक्षित है.
अभियुक्त लेखराम देवांगन की भूमिका: तत्कालीन पटवारी (ग्राम टोकरो, हल्का नं. 24) लेखराम देवांगन ने खाता दुरुस्ती/प्रपत्र- 10 / भुगतान प्रतिवेदन आदि के माध्यम से प्रक्रिया में पद का दुरुपयोग किया. अवार्ड के समय “मूल खसरों को कृत्रिम उपखण्डों में दर्शाकर वास्तविक देय राशि की तुलना में अत्यधिक मुआवजा भुगतान कराया गया. फलस्वरूप शासन को 27,16,26,925 रुपए की आर्थिक क्षति प्रथम दृष्टया परिलक्षित है.
अभियुक्त बसंती घृतलहरे की भूमिका: तत्कालीन पटवारी (ग्राम भेलवाडीह) बसंती घृतलहरे ने “मूल खसरों को अवार्ड चरण में कृत्रिम उपखण्डों में विभाजित दर्शाकर अधिक मुआवजा भुगतान की स्थिति बनाई. फलस्वरूप शासन को 1,67,47,464 रुपए की आर्थिक क्षति प्रथम दृष्टया परिलक्षित है.
बालोद में वन भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: दल्लीराजहरा में जेसीबी से तोड़े गए खेतों के मेड़, 30 एकड़ जंगल कराया मुक्त
बालोद। जिले के दल्लीराजहरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत वन भूमि पर किए गए बड़े पैमाने के अतिक्रमण के खिलाफ वन विभाग ने आज व्यापक कार्रवाई की। कक्ष क्रमांक 55 के कंजेली बिट स्थित सुकड़ीगहन गांव क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ जंगल को काटकर खेती के लिए बनाए गए खेतों के मेड़ों को जेसीबी मशीनों की मदद से तोड़ा गया। यह कार्रवाई वन विभाग, पुलिस विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम की मौजूदगी में की गई।
जानकारी के अनुसार, यह क्षेत्र 279 हेक्टेयर के एक कम्पार्टमेंट में आता है, जहां सुकड़ीगहन गांव के कुछ पारधी समुदाय के लोगों द्वारा लंबे समय से जंगल काटकर अतिक्रमण कर लिया गया था। वन भूमि को खेतों में तब्दील कर कृषि कार्य किया जा रहा था, जिससे वन क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा।
भारी संख्या में अधिकारी और पुलिस बल तैनात
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर वन विभाग के सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारी, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखी गई।
ग्रामीणों ने जताया विरोध, लेकिन जारी रही कार्रवाई

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही सुकड़ीगहन गांव के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और अधिकारियों से घंटों तक चर्चा की। ग्रामीणों ने कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए अपनी बात रखी, लेकिन अधिकारियों द्वारा नियमों का हवाला देने के बाद भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं रोकी गई। चर्चा के बाद ग्रामीण अपने घर लौट गए और कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी बात रखने की बात कही।

30 एकड़ भूमि से हटाया गया अतिक्रमण, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
इस संबंध में दल्लीराजहरा वन मंडलाधिकारी (DFO) अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि स्थानीय वन प्रबंधन समिति के माध्यम से कक्ष क्रमांक 55 में अतिक्रमण के प्रयासों की जानकारी मिली थी। सूचना के बाद वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण को चिन्हित किया गया और स्थानीय समिति के साथ मिलकर कार्ययोजना बनाई गई।
उन्होंने बताया कि आज पुलिस और जिला प्रशासन के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई करते हुए अब तक लगभग 30 एकड़ वन भूमि से अतिक्रमण हटाया जा चुका है। क्षेत्र में 200 एकड़ से अधिक वन भूमि पर अतिक्रमण किया गया था, जिसे चरणबद्ध तरीके से हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार के नए अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा सम्मान समारोह में हुए शामिल, सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए स्वयं हेलमेट पहनकर चलाई स्कूटी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जन जागरूकता से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। यातायात नियमों के प्रति सजगता ही हमें जनहानि से बचा सकती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए स्वयं हेलमेट पहनकर बाइक चालकों के दल के साथ स्कूटी चलाई।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने राजधानी रायपुर के पंडरी में आधुनिक लाइसेंस सेंटर कार्यालय भवन पंडरी का भूमिपूजन और प्रदेश भर में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 12 नवीन मार्गों में 12 नवीन बसों का शुभारंभ किया। 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मानव जीवन अनमोल है। उन्होंने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए यातायात नियमों के पालन की अपील आम नागरिकों से की जिससे वाहन दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। आज इस कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा के लिए कार्य कर रहे राहगीरों, पुलिस मितान, चिकित्सकों, यातायात पुलिस कर्मियों सहित अन्य लोगों को सम्मानित किया गया है। ये सभी लोग इस कार्य में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में किसी माता की कोख सूनी हो जाती है, कई भाई अपनी बहन से हमेशा के लिए बिछड़ जाते हैं और कई बच्चे अनाथ हो जाते हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए रायपुर पुलिस ने अभिनव पहल करते हुए 4500 पुलिस मितान बनाए हैं। ये पुलिस मितान गांवों में सड़क सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगें। अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम ज्यादा होता है। ऐसे में पुलिस मितान की बड़ी भूमिका होगी। हमने इन पुलिस मितान साथियों को हेलमेट और फर्स्ट ऐड किट भी वितरित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हेलमेट पहनना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि अक्सर सड़क दुर्घटनाओं में हेड इंजरी ही ज्यादा होती है। इसकी वजह से लोगों की जान जाती है। अतः हमें दुपहिया वाहनों में अनिवार्यतः हेलमेट पहनना चाहिए और चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट अवश्य लगाना चाहिए। वाहन चालक हमेशा ध्यान रखें कि वे वाहन चलाते हुए मोबाइल पर बात ना करें और ट्रैफिक सिग्नल ना तोड़े।
कार्यक्रम में परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि आज का कार्यक्रम मात्र एक औपचारिकता ना रहे बल्कि सड़क सुरक्षा का जनांदोलन बने। सड़क दुर्घटना में तत्काल सहायता करने वाले राहगीरों को 25 हजार की राशि का प्रावधान किया गया है। सड़क दुर्घटना प्रभावितों के इलाज के लिए डेढ़ लाख के निःशुल्क इलाज की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि ये महीना कई माताओं की गोद सूनी होने से बचाने का महीना है। हेलमेट पहनना अब अनिवार्य किया जाना चाहिए। एक्सीडेंट से कई परिवार उजड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ बहुत तेजी से विकसित हो रहा है। सड़क दुर्घटनाओं में भी वृद्धि हो रही है। हेलमेट को अनिवार्य करने से वाहन चलाते हुए मोबाइल पर बात करना भी बंद होगा और लोगों की जान बचेगी।
कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा मितान साथियों को 25 हजार व 5 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई और सड़क सुरक्षा के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले चिकित्सा अधिकारियों, यातायात सिपाहियों, वाहनचालकों, भारत स्काउट गाइड के सदस्यों, यूनिसेफ के प्रतिनिधि, एनएचएआई के अधिकारी तथा एनएसएस व एनसीसी कैडेट्स को भी सम्मानित किया गया ।
मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत आयोजित की गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी में सड़क सुरक्षा पर स्कूल व कॉलेज के बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग और साइंस मॉडल की सराहना की।
इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी और पुरंदर मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन अग्रवाल, परिवहन सचिव एस प्रकाश, अपर परिवहन आयुक्त डी रविशंकर सहित बड़ी संख्या में स्काउट गाइड व एनसीसी कैडेट्स और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
