प्रदेश
खाद दुकानों पर छापा: कृषि केंद्रों में मिली अनियमितताएं, एक का लाइसेंस निलंबित, कई दुकानों को नोटिस जारी
बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर किसानों को गुणवत्ता युक्त खाद उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के आदेश पर गठित विशेष उड़नदस्ता टीम ने विकासखंड कोटा और बिल्हा में आधा दर्जन कृषि केंद्रों पर छापामार कार्रवाई की।
उप संचालक कृषि ने बताया कि मेसर्स उन्नत कृषि केंद्र रतनपुर में क्रेताओं को बिना बिल दिये उर्वरक का व्यवसाय किये जाने के कारण नोटिस जारी किया गया। मेसर्स शेखर कृषि केंद्र कोनचरा को बिना आई.एफ.एम.एस, आई.डी के उर्वरक का व्यवसाय करते पाये जाने पर विक्रय प्रतिबंध कर उपलब्ध स्टॉक को जब्ती की कार्रवाई कर नोटिस जारी किया गया। ग्राम कोनचरा स्थित अतुल कृषि केंद्र में अनियमितता पाये जाने के कारण गोदाम को सील की कार्रवाई किया गया। ग्राम मदनपुर विकास खण्ड बिल्हा अन्तर्गत मेसर्स राघवेन्द्र देवांगन के यहां मूल्य एवं स्कंध सूची का प्रदर्शन नहीं करने, भंडारण वितरण की प्रतिवेदन नहीं भेजने, स्कंध एवं बिल संधारण नहीं करने के कारण विक्रय पर प्रतिबंध लगाकर स्पष्टीकरण जारी किया गया है। वहीं औचक निरीक्षण के दौरान मेंसर्स किसान सेवा केंद्र तखतपुर के फर्म में कमी एवं अनियमितताओं के कारण नोटिस जारी कर जवाब चाहा गया था, संबंधित के द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक प्राप्त नहीं होने के फलस्वरूप उनके लाइसेंस को 15 दिवस के लिए निलबंन की कार्रवाई किया गया है। उक्त कृषि केंद्रों को स्पष्टीकरण तामिल के लिए सात दिवस के भीतर पालन प्रतिवेदन एवं जवाब प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया समय सीमा एवं संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नहीं किये जाने पर अनुज्ञप्ति निलंबन/निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण दल में पी.डी. हथेश्वर, उप संचालक कृषि, अनिल कुमार शुक्ला सहायक संचालक कृषि, खेमराज शर्मा ग्रा.कृ.वि.अ., विजय धीरज ग्रा.कृ.वि.अ., कार्यालयीन एवं विकासखण्ड कोटा से दिलीप रात्रे कृ.वि.अ.एवं उर्वरक निरीक्षक मारू ग्रा.कृ.वि.अधि. आर.जी. भानू ग्रा.कृ.वि.अधि. उपस्थित रहें। जिले में संचालित समस्त उर्वरक विक्रेताओं को बिना पॉस मशीन के उर्वरकों का विक्रय नही किये जाने के निर्देश प्रसारित है एवं संबंधित निरीक्षकों से उनके कार्य क्षेत्र अन्तर्गत संचालित उर्वरक विक्रेताओं से पॉस मशीन की मांग के लिए निर्देश दिये गये है। उर्वरक विक्रेता पॉस मशीन के लिए अपने कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, संबंधित उर्वरक निरीक्षक एवं कार्यालय उप संचालक कृषि बिलासपुर में सम्पर्क कर सकते है।
हेल्थ कमिश्नर डॉ प्रियंका शुक्ला ने मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़, सिकल सेल रोग नियंत्रण और टीबी उन्मूलन जैसे विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा की
रायपुर। स्वास्थ्य सेवाओं की आयुक्त एवं सह-संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने संयुक्त जिला कार्यालय, दंतेवाड़ा में स्वास्थ्य विभाग की बैठक लेकर यहां मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़, सिकल सेल रोग नियंत्रण और टीबी उन्मूलन जैसे विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा की।
डॉ. शुक्ला ने स्वास्थ्य अधिकारियों से स्पष्ट लहजों में कहा कि शासन का उद्देश्य मलेरिया को पूरी तरह समाप्त करने का है। यह तभी संभव है जब जिला, विकासखंड और ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य अमला पूरी सक्रियता के साथ कार्य करें। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे स्वयं फील्ड में जाकर मलेरिया अभियान की निगरानी करें।
डॉ. शुक्ला ने कहा कि आरडी किट से जांच के दौरान यदि कोई व्यक्ति मलेरिया पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसे दवा की पूरी खुराक दी जाए। मितानिनों द्वारा दी गई दवाओं का रैफर जमा किया जाए, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि मरीज ने दवा पूरी कर ली है। इस अभियान में एपीआई दर को 2 प्रतिशत से नीचे लाने का भी लक्ष्य तय किया गया है।
सभी आश्रम शालाओं में नियमित रूप से मलेरिया की जांच हो
बैठक में आश्रम शालाओं की स्वास्थ्य व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। डॉ. शुक्ला ने कहा कि सभी आश्रम शालाओं में नियमित रूप से मलेरिया की जांच सुनिश्चित की जाए। यदि एक भी छात्र को मलेरिया पॉजिटिव पाया जाता है, तो सभी छात्रों की तत्काल स्क्रीनिंग की जाए।उन्होंने सिकल सेल से पीड़ित सभी मरीजों का आभा हेल्थ आईडी बनाने को कहा जिससे उनके इलाज में किसी तरह की बाधा न आए।डॉ. शुक्ला ने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की भी समीक्षा करते हुए कहा कि सभी पंचायतों में ‘टीबी मित्र’ बनाए जाएं।
स्वास्थ्य संबधी जागरूकता स्थानीय बोली और भाषा से बढाए
उन्होंने कहा कि अगर स्वास्थ्य संबधी जागरूकता स्थानीय बोली और भाषा में होगी, तब लोग अधिक बेहतर समझ पाएंगे और इलाज के लिए आगे आएंगे। उन्होंने कहा कि “हमारा कार्य केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि रोगों की रोकथाम, जागरूकता और जन विश्वास बनाना भी हमारी जिम्मेदारी है।
डॉ. शुक्ला ने जिले में संचालित अन्य स्वास्थ्य योजनाओं जैसे जननी सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, टीकाकरण अभियान और कृमि मुक्ति अभियान की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गर्भवती माताओं का प्रथम तिमाही में पंजीयन करना आवश्यक है, क्यूंकि उनकी चार बार जांच होंगी जिससे उच्च जोखिम वाली माताओं का पता चलेगा जिससे होने वाली मातृ मृत्यु को कमी की जा सके।
उच्च जोखिम वाली माताओं का प्रसव उच्च संस्था में ही करवाएं
प्रत्येक माह 9 एवं 24 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में पंजीकृत गर्भवती माताओं की जाँच आवश्यक रूप से करवाए। उच्च जोखिम वाली माताओं की प्रसव पूर्व फॉलोअप करना अति आवश्यक है और प्रसव उच्च संस्था में ही करें, ताकि जच्चा और बच्चा दोनों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।
बैठक में कलेक्टर कुणाल दुदावत, जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, सभी सीएचसी-पीएचसी प्रभारी, मलेरिया, टीबी और सिकल सेल प्रभारी तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
कांग्रेस की नाकेबंदी-चक्का जाम कल, पीसीसी ने प्रभारी की नियुक्ति की, इन्हें दी गयी जिम्मेदारी
रायपुर। चेतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध 22 जुलाई को नाकेबंदी का ऐलान कांग्रेस पार्टी ने कियाहै। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने नाकेबंदी को लेकर वरीष्ठ नेताओं को प्रभारी नियुक्त किया गयाहै। रायपुर में शिवकुमार डहरिया को प्रभारी बनाया गया है।

“घोटालों की गठरी लेकर अब नैतिकता की बातें कर रहे भूपेश” केदार कश्यप, कोल ब्लॉक से बिजली तक, कांग्रेस की दोहरी नीति का खुलासा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने भाजपा जिला कार्यालय ‘एकात्म परिसर’ में प्रेसवार्ता कर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल लगातार भारतीय जनता पार्टी की सरकार के ऊपर निराधार आरोप लगाते हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि कांग्रेस पार्टी, भूपेश कहते कुछ हैं और करते कुछ हैं। इनका डबल स्टैंडर्ड जनता के सामने आ चुका है। जनता समझ चुकी है कि यह चोरी और सीनाजोरी दोनों कर रहे हैं। भूपेश की सरकार ने पिछले 5 वर्ष में छत्तीसगढ़ को 10 जनपद का चरागाह बना दिया था। शराब घोटाला, कोयला घोटाला, चावल घोटाला, कोयला घोटाला, गौठान घोटाला हो या फिर पीएससी का घोटाला हो, प्रदेश के संसाधनों का जिस तरह उन्होंने दुरुपयोग किया, प्रदेश को लूटने का काम किया, इसी का परिणाम है कि उनके आधे से ज्यादा लोग जेल के रास्ते जा रहे हैं।
श्री कश्यप ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी और भूपेश बघेल ने कॉल ब्लॉक आवंटन और पेड़ कटाई को लेकर सवाल उठाए थे, उस समय जब 10 जनपद से जैसे ही सरकार के ऊपर दबाव आता है, तो आप शरणागत हो गए, यह आपने अपने पत्रों के माध्यम से यहां पर स्पष्ट कर दिया। भूपेश बघेल ने ही अपने बयान में कहा कि कोल आबंटन नहीं होगा, छत्तीसगढ़ के लोग ऐसी चलाना बंद कर दें, बिजली बंद कर दें। क्या आज आपने जो बयान दिया था उसके आधार पर राजीव भवन का ऐसी बंद किया, बिजली काट दी। इसका जवाब भी आपको देना चाहिए।
केदार कश्यप ने भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री रहते निजी स्वार्थ के लिए किए गए कोल आबंटन का उल्लेख करते हुए कहा कि आपने छत्तीसगढ़ का कोल ब्लॉक राजस्थान में अशोक गहलोत को आबंटित कर दिया था। इससे पहले जब मनमोहन सिंह जी, कांग्रेस पार्टी के यूपीए की सरकार थी तब भी आपके ही नेताओं ने कॉल ब्लॉक आवंटन करने के लिए जो रास्ता आसान किया था यह भी सबको पता है।2010 में जब केंद्र में यूपीए की सरकार थी, तब कोयला मंत्रालय और पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने हसदेव अरण्य को पूरी तरह से नो जोन एरिया घोषित किया था, उस पर भी उस समय के पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने पूरे एरिया को कोर एरिया घोषित किया। इसका पूरा पत्रक भी है। जयराम रमेश ने सरकार में रहते जिस दबंगई के साथ एरिया घोषित किया, वह वास्तविक प्रमाण है। आज यही लोग बड़ी बड़ी बातें करते हैं जंगल को लेकर।
श्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के लोग बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, जंगल को लेकर इनका यह वास्तविक चेहरा है। 23 जून 2011 को केंद्र में कांग्रेस की जो सरकार रही उसने तारा प्रसाद को कॉल ब्लॉक खोलने का प्रस्ताव दिया जब राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी तब भी दो बड़ी खदानें गारे पेलमा सेक्टर -2 और राजस्थान में केके एक्सटेंशन प्लांट का ऑपरेटर भी अडानी को बनाया था। मुख्यमंत्री के रूप में भूपेश बघेल थे तो 16 अक्टूबर 2019 को राज्य सरकार ने पर्यावरण स्वीकृति के लिए सिफारिश भेजी। यदि भूपेश बघेल गजनी हो गए हैं तो मैं उन्हें तारीखों के साथ उनकी सिफारिश उपलब्ध करा दूंगा। 31 मार्च 2021 को ओपन कास्ट गारे पेलमा सेक्टर-2 माट समझौता भी सबके सामने है। इसी क्रम में 19 अप्रैल 2022 को भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री रहते हुए कांग्रेस की सरकार द्वारा वन स्वीकृति स्टेज 1 और 23 जनवरी 2023 को फॉरेस्ट की जो स्टेट टू स्वीकृत की सिफारिश भी इसमें स्पष्ट है।
उन्होंने आगे कहा कि कोलफील्ड की स्वीकृति में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संलिप्तता पूरे समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ, वह सबके सामने हैं। कांग्रेस ने अपने लोगों को सुरक्षित करने के लिए प्रदेश को और देश को झोंकने का काम किया है। एक और कांग्रेस कोल माइंस आबंटित करती है, दूसरे और नियम विरुद्ध जाकर स्वीकृत करने का काम करती है और जब विपक्ष में रहती है तब अपने हितों की पूर्ति के लिए आज राज्य में जो आर्थिक नाकेबंदी का प्रस्ताव लाती है जो छत्तीसगढ़ के जनता के हितों के खिलाफ है और इससे हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था, यहां का व्यापार, यहां के रोजगार को नुकसान पहुंचेगा।
कांग्रेस और भूपेश बघेल के गैरजिम्मेदाराना रवैये पर कहा कि इन सब से भूपेश बघेल और कांग्रेस पार्टी को कोई सरोकार नहीं है। वह चाहते हैं आर्थिक नाकेबंदी से पूरी व्यवस्था ठप्प रहे और अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो, हिंसा की स्थिति उत्पन्न हो। क्या मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री रहते हुए कांग्रेस ने जो निर्णय लिए भूपेश बघेल उन सबके लिए माफी मांगेंगे। क्या भूपेश बघेल घोषणा करेंगे कि वह बिजली और ऐसी का उपयोग नहीं करेंगे और कांग्रेस नेता अपने घरों में बिजली आपूर्ति बंद कराएंगे। कांग्रेस पार्टी अपने आपको बचाने के लिए प्रदेश की जनता और प्रदेश को जिस तरह झोंकने की कोशिश कर रही है उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि आपका धोखा लोगों को साफ हो चुका है।
श्री कश्यप ने भूपेश बघेल के दावों को चुनौती देते हुए कहा कि आपके मुख्यमंत्री रहते, आपके पास राजस्थान के मंत्री वी डी कल्ला ने आपको पत्र लिखा, उनके अनेकों पत्र हमारे पास हैं, उस समय के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का एक हफ्ते के भीतर आठ आठ पत्र लिखे वह भी उपलब्ध है। किस तरीके से 10 जनपद के दबाव में आकर अपनी राजनीति चमकाने के लिए, भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगा रहे हैं। छत्तीसगढ़ और पूरे देश की जनता ने आपको देखा है कि किस तरह से आप आरोप की राजनीति करते हैं। इसलिए जनता ने आपको 5 साल के भीतर हटाकर जनहितकारी विचार वाले सहज, सरल विष्णु देव साय को छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनाया है।
मुख्यमंत्री साय वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2025 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज देर शाम राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2025 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में सम्मिलित हुए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर देश के 28 राज्यों से आए लगभग 1200 प्रतिभागियों और 300 कोचों का भगवान श्रीराम की ननिहाल और माता कौशल्या की पावन धरती छत्तीसगढ़ में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि यह राज्य का सौभाग्य है कि वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग फेडरेशन ने इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ को चुना।
मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ राज्य की विशेषताओं से अवगत कराते हुए बताया कि यह देश के हृदयस्थल पर स्थित एक छोटा, परंतु अत्यंत समृद्ध प्रदेश है, जिसका 44 प्रतिशत भूभाग सुरम्य वनों से आच्छादित है। यहाँ 5,000 वर्ग किलोमीटर में फैला सघन अबूझमाड़ क्षेत्र है, जहाँ सूर्य की किरणें तक नहीं पहुँचतीं। राज्य में मनोरम जलप्रपात, सुंदर गुफाएँ, समृद्ध खनिज संपदा और सांस्कृतिक विविधता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने देशभर से आए खिलाड़ियों को आग्रहपूर्वक छत्तीसगढ़ घूमने का निमंत्रण भी दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किक बॉक्सिंग जैसे खेल युवाओं में साहस, शक्ति और दृढ़ संकल्प का विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि “यह आयोजन निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और अधिक सशक्त स्थान प्रदान करेगा।”
मुख्यमंत्री ने किक बॉक्सिंग एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ को इस भव्य आयोजन के लिए साधुवाद देते हुए कहा कि खेल जीवन का अभिन्न अंग हैं, जो केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और समर्पण का भी पाठ सिखाते हैं।
उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे मेहनत, लगन और जुनून के साथ अपने लक्ष्यों की दिशा में निरंतर अग्रसर रहें। मुख्यमंत्री ने कहा, “जीत और हार जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन असली लक्ष्य अपनी क्षमता को पहचानना और उसे निखारना होना चाहिए।”
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित खेलो इंडिया कार्यक्रम की सराहना करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों को इस योजना से जोड़ा गया है, ताकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के खिलाड़ियों को समान अवसर प्राप्त हो सकें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास, प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन योजनाओं पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने यह भी बताया कि ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 1 से 3 करोड़ रुपये तक की पुरस्कार राशि देने की योजना सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना के तहत खेल मैदानों का उन्नयन, उच्च स्तरीय उपकरणों की व्यवस्था, खेल क्लबों को आर्थिक सहायता तथा पारंपरिक खेलों के आयोजन सुनिश्चित किए गए हैं।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को प्रतिस्पर्धा में भागीदारी के लिए शुभकामनाएँ दीं और आशा जताई कि आगामी वर्षों में छत्तीसगढ़ देश में खेलों के क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि किक बॉक्सिंग जैसे खेल विशेष रूप से बालिकाओं की आत्मरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने सभी स्कूली छात्र-छात्राओं से पढ़ाई के साथ-साथ खेलों को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में खेलों को हर स्तर पर प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में खेल अकादमियों और आधारभूत संरचनाओं का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है।
महापौर मीनल चौबे ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर वाको इंडिया राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग फेडरेशन के अध्यक्ष संतोष अग्रवाल, छत्तीसगढ़ किक बॉक्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष छगन मुंदड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, ऑब्जर्वर रेणु पारीख, मुरली शर्मा, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं खेलप्रेमीजन उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता में 22 स्वर्ण, 18 रजत एवं 26 कांस्य पदकों के साथ पंजाब ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 21 स्वर्ण, 16 रजत एवं 29 कांस्य पदकों के साथ महाराष्ट्र द्वितीय और 12 स्वर्ण, 14 रजत एवं 15 कांस्य पदकों के साथ तमिलनाडु तृतीय स्थान पर रहा। इस चैम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ ने 8 स्वर्ण, 13 रजत और 37 कांस्य पदक प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर छठवाँ स्थान अर्जित किया, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है। इसके साथ ही असम रायफल्स को सर्वश्रेष्ठ अनुशासित टीम के रूप में सम्मानित किया गया।
सीएम विष्णुदेव साय का कांग्रेस पर हमला, कहा- इनके पास अब बोलने को कुछ नहीं बचा, जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर होना चाहिए विश्वास
दुर्ग। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दुर्ग स्थित रूंगटा इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस द्वारा पत्रकार वार्ता के माध्यम से लगाए जा रहे आरोप और ईडी की कार्रवाई पर सीएम विष्णुदेव साय ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं के पास बोलने के लिए कुछ बचा नहीं है। क्योंकि लगातार विधानसभा, लोकसभा और फिर नगर निगम, नगर पंचायत में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि कांग्रेस के लोगों को जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर विश्वास होना चाहिए और अगर एजेंसियां गलत हैं, तो घोटाले में संलिप्त लोगों की जमानत याचिका खारिज क्यों हो रही है।
दरअसल, सीएम साय का यह बयान तब आया है जब ईडी ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। वहीं उनसे शराब घोटाले के मामले में पूछताछ की जा रही है। इस गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने पत्रकार वार्ता के माध्यम से आरोप लगाया था कि छत्तीसगढ़ के खनिज संसाधनों को अडानी को बेचने की तैयारी की जा रही है। छत्तीसगढ़ अब अडानी प्रदेश बनने जा रहा है। इसका विरोध करने पर कांग्रेस नेताओं पर द्वेषपूर्ण कार्रवाई की जा रही है। पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, विधायक देवेंद्र यादव और मेरे बेटे चैतन्य बघेल को भी इसी साजिश के तहत गिरफ्तार किया गया है। वहीं आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने बेटे से मिलने ईडी कार्यालय पहुंचे थे।
छत्तीसगढ़ को स्किल हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा – “समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही बनेगा विकसित छत्तीसगढ़”
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि “हम विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़” के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर कार्यरत हैं, और इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। मुख्यमंत्री श्री साय आज भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज किया जाएगा। गोल्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने 8183 प्रतिभागियों को एक सप्ताह के भीतर दिए गए प्रशिक्षण को प्रमाणित किया है और संस्थान को इसका प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। उन्होंने रूंगटा यूनिवर्सिटी प्रबंधन को इस नि:शुल्क और अभूतपूर्व आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर एवं दक्ष बनाने के लिए संकल्पबद्ध है।



मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भिलाई को इस्पात नगरी के साथ-साथ मिनी इंडिया भी कहा जाता है और शिक्षा के क्षेत्र में रूंगटा यूनिवर्सिटी का योगदान अत्यंत सराहनीय है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने विगत 25 वर्षों में प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और इस वर्ष को हम राज्य की रजत जयंती के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में उच्च शिक्षा संस्थानों का विस्तार हुआ और वर्तमान में राज्य में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, सिपेट, एम्स, और लॉ यूनिवर्सिटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान कार्यरत हैं।
उन्होंने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में राज्य सरकार ने समान रूप से उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। बीते डेढ़ वर्षों में सुशासन की स्थापना के लिए ठोस प्रयास हुए हैं। शासन को पारदर्शी बनाने हेतु अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन की गई हैं, जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध प्रदेश है और इसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्किल इंडिया मिशन की शुरुआत की थी। जब यह मिशन प्रारंभ हुआ था, भारत विश्व की 10वीं अर्थव्यवस्था था — और आज, केवल एक दशक में भारत चौथे स्थान पर पहुँच चुका है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मेगा प्लेसमेंट कैंप्स के माध्यम से नियोक्ताओं और प्रशिक्षित युवाओं के बीच संतुलन स्थापित हुआ है। यह कार्य डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि यह योजना युवाओं के लिए अनुभव के साथ-साथ आर्थिक प्रोत्साहन प्रदान कर रही है, जिससे उनके लिए संभावनाओं के नए द्वार खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में युवाओं के लिए विशेष अवसर सुनिश्चित किए गए हैं। एक हजार से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को अनुदान देने का प्रावधान है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त रियायतें दी गई हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर के सभी 32 विकासखंडों में स्किल इंडिया मिशन की गतिविधियाँ आरंभ हो चुकी हैं।उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को प्रोत्साहन देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को क्लीयरेंस की प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया गया है। इससे राज्य में निवेश को गति मिली है। अब तक 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनके अनुमोदन की प्रक्रिया प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हाल ही में नवा रायपुर में फार्मास्युटिकल कंपनी का शुभारंभ हुआ है। यह दो कारणों से संभव हुआ—एक, नवा रायपुर को फार्मा हब के रूप में विकसित किया गया है, और दूसरा, फार्मा उद्योग के लिए नई नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का शिलान्यास हाल ही में किया गया है। इसके पीछे एआई और आईटी क्षेत्र में निवेश हेतु विशेष अनुदान का योगदान है।छत्तीसगढ़ सरकार ने देश का पहला एआई डाटा सेंटर पार्क भी नवा रायपुर में स्थापित किया है।
मुख्यमंत्री ने निजी संस्थानों, विशेषकर रूंगटा यूनिवर्सिटी की सराहना करते हुए कहा कि वे राज्य सरकार के प्रयासों में पूर्ण सहभागी बनकर छत्तीसगढ़ को स्किल हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। उन्होंने प्रतिभागियों और यूनिवर्सिटी परिवार को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी।
उल्लेखनीय है कि भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ को स्किल हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। कार्यक्रम में 8183 युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया। 25 चयनित प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। गूगल, आईबीएम और इंटरनेशनल काउंसिल के साथ संयुक्त डिग्री कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। हार्वर्ड और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा एक सप्ताह में सबसे अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देने के कीर्तिमान की पुष्टि की गई।
इस अवसर पर सांसद विजय बघेल और विधायक रिकेश सेन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है।
रूंगटा यूनिवर्सिटी के कुलपति संतोष रूंगटा ने स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी दी और कहा कि संस्थान राज्य सरकार के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ को ग्लोबल स्किल हब बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
इस अवसर पर संभागायुक्त एस.एन. राठौर, आईजी आर.जी. गर्ग, कलेक्टर अभिजीत सिंह, रूंगटा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर, विषय विशेषज्ञ, प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ की भूमिका महत्वपूर्ण— मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। शिक्षा ही वह साधन है, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने लक्ष्यों की प्राप्ति कर सकता है और अपने सपनों को साकार कर सकता है। शिक्षा से ही रोजगार के अवसर सृजित होते हैं। व्यक्तिगत और सामाजिक विकास के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” हमारी सरकार का मूलमंत्र है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ की महत्त्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित है। हमने राष्ट्रीय विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ विजन डॉक्युमेंट भी जारी किया है, और उसके प्रत्येक बिंदु को धरातल पर उतारने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के सिम्स ऑडिटोरियम में आयोजित रजक युवा गाडगे सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने संत गाडगे महाराज की पूजा-अर्चना कर राज्य स्तरीय गाडगे सम्मेलन का शुभारंभ किया। उन्होंने सम्मेलन में रजक समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, प्रबुद्धजनों एवं समाजसेवियों को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि रजक समाज का सामाजिक समरसता और सेवा भाव हमेशा से अनुकरणीय रहा है।छत्तीसगढ़ के प्रत्येक गांव में इस समाज की उपस्थिति है, और शादी-विवाह, छठ्ठी सहित अन्य सनातन परंपराएं इनके सहयोग के बिना पूर्ण नहीं होतीं। इनके पुश्तैनी व्यवसाय के सशक्तिकरण हेतु राज्य सरकार ने रजककार विकास बोर्ड का गठन किया है, जिसके माध्यम से उन्हें किफायती दर पर ऋण सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को उन्नति के नए आयाम तक पहुँचाने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और सुशासन की स्थापना के लिए राज्य सरकार ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है। आज अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन मोड में संचालित की जा रही हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश समाप्त हुई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रत्येक गारंटी को वचनबद्धता के साथ पूर्ण कर रही है। हमने 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख महिलाओं को प्रति माह एक-एक हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। तेन्दूपत्ता की खरीदी 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के माध्यम से महिलाओं, अनुसूचित जातियों, जनजातियों एवं दिव्यांगजनों को रोजगार एवं उद्योग स्थापित करने हेतु विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। नई उद्योग नीति से आकर्षित होकर बीते छह से आठ महीनों में लगभग साढ़े छह लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार ने युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर सृजित किए हैं। डेढ़ वर्षों में लगभग 10 हजार सरकारी नौकरियाँ प्रदान की गई हैं। पाँच हजार शिक्षकों की भर्ती हेतु शीघ्र ही विज्ञापन जारी किया जाएगा। साथ ही, स्वरोजगार के लिए भी सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से हमें अलग छत्तीसगढ़ राज्य मिला। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के 15 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से राज्य को भुखमरी की समस्या से मुक्ति मिली और जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार हुआ।
सम्मेलन की अध्यक्षता रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक ने की। कार्यक्रम का संचालन सुप्रसिद्ध लोकगायिका रजनी रजक द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण का आरोप, हिंदू संगठनों ने मचाया हंगामा
बिलासपुर। शहर के सरकंडा थाना क्षेत्र स्थित गीतांजली सिटी में रविवार को धर्मांतरण के आरोप को लेकर जमकर हंगामा हुआ। एक निजी मकान में चल रही प्रार्थना सभा को लेकर हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताते हुए मौके पर पुलिस के साथ दबिश दी।
हिंदू संगठनों का आरोप है कि एक महिला शिक्षिका द्वारा प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण कराया जा रहा था। मकान में मौजूद करीब 20–25 लोग प्रार्थना करते हुए पाए गए, जिससे माहौल गरमा गया।
मौके पर पहुंचे हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं और धर्म विशेष के लोगों के बीच तीखी बहस भी हुई। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई है।
फिलहाल सरकंडा थाना पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और मकान मालिक तथा उपस्थित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
नियमितीकरण और वेतनवृद्धि की मांग को लेकर धरने पर बैठे आत्मानंद स्कूल के संविदा शिक्षक
जांजगीर-चांपा। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में कार्यरत संविदा शिक्षक-शिक्षिकाएं और कर्मचारी संघ अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर रविवार को जांजगीर के हॉकी मैदान में सांकेतिक धरने पर बैठ गए।
धरने के माध्यम से शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों को तत्काल पूरा करने की अपील की है। उनकी प्रमुख मांगें हैं —
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नियमित वेतनवृद्धि।
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शिक्षा विभाग में समावेशन (स्थायीकरण)।
धरने पर बैठे शिक्षकों ने कहा कि वे पूर्णकालिक कार्य कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न तो स्थायीत्व प्राप्त है और न ही नियमित शिक्षकों के बराबर वेतन या सुविधाएं मिल रही हैं।
शिक्षकों का कहना है कि जब उनसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पूर्णकालिक योगदान की अपेक्षा की जाती है, तो उन्हें सुरक्षा और समान अधिकार भी मिलने चाहिए। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार शीघ्र ही इस विषय में ठोस निर्णय नहीं लेती, तो भविष्य में राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
ED दफ्तर पहुंचे भूपेश बघेल, बेटे चैतन्य से की मुलाकात
रायपुर। शराब घोटाले मामले में गिरफ्तार किए गए चैतन्य बघेल से मिलने रविवार को उनके पिता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायपुर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उनके साथ बेटी और बहू भी मौजूद रहीं।
गौरतलब है कि 18 जुलाई को ED ने चैतन्य बघेल को शराब घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया था, और फिलहाल 22 जुलाई तक वह ईडी रिमांड पर हैं। रायपुर के ED दफ्तर में एक कमरे में उन्हें रखा गया है, जहां अधिकारियों द्वारा पूछताछ की जा रही है।
परिवार से मुलाकात के बाद भूपेश बघेल आज रात नई दिल्ली रवाना होंगे, जहां वे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से इस पूरे घटनाक्रम पर चर्चा कर सकते हैं।
इस मामले को लेकर शनिवार (19 जुलाई) को कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की गई, जिसमें भूपेश बघेल समेत कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद थे।प्रेस वार्ता में भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा,
“हमारे नेताओं को जबरन फंसाया जा रहा है। पहले पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और विधायक देवेंद्र यादव को निशाना बनाया गया और अब मेरे बेटे चैतन्य बघेल, जो राजनीति में सक्रिय भी नहीं हैं, उन्हें भी गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा। जंगलों की कटाई हो रही है, और जो विरोध करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।”
कांग्रेस ने इसे एक राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए कहा है कि विपक्ष की आवाज़ को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में मानसून की बढ़ेगी रफ्तार, इन इलाकों में अगले 5 दिन जोरदार बारिश की संभावना
रायपुर। प्रदेशभर में मानसून का असर दिखाई दे रहा है. कहीं बारिश तो कहीं आकाशीय बिजली का कहर देखने को मिल रहा है. राजधानी रायपुर में सुबह से तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने दक्षिण छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक बारिश वितरण और तीव्रता में वृद्धि होने की संभावना जताई है. वहीं कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. आज प्रदेश में एक दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ बादल गरजने के आसार हैं.
पिछले 24 घंटों में छत्तीसगढ़ के सभी संभागों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हुई. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस पेण्ड्रा रोड में दर्ज किया गया.
मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर उत्तर पश्चिम राजस्थान, फतेहगढ़, मुजफ्फरपुर , बांकुरा, कोंटई और उसके बाद पूर्व दक्षिण पूर्व की ओर उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है. एक द्रोणिका बिहार के मध्य भाग से उड़ीसा तक झारखंड होते हुए 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है.
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि प्रदेश में आज कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. वहीं कुछ जगहों पर गरज-चमक (Lightning Activity) के साथ वज्रपात होने की संभावना है. 23 जुलाई से वर्षा की गतिविधि में वृद्धि हो सकती है.
इन जिलों में अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर (IMD Raipur) की जारी बुलेटिन के मुताबिक, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, दुर्ग, बेमेतरा में मेघगर्जन, बिजली गिरने, अचानक तेज हवा (40-60 किमी/घंटे) और आंधी की संभावना है. अगले 3 घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, कोरिया, में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और अचानक तेज हवा (30-40 किमी/घंटे) की संभावना है. इन क्षेत्रों में यलो अलर्ट जारी किया गया है.
रायपुर में रविवार को कैसा रहेगा मौसम ?
राजधानी रायपुर में बारिश आज आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है. वहीं कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. इस दौरान तापमान 26 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने के अनुमान है.
संस्था की प्रतिष्ठा के खिलाफ कार्य कर रहे सदस्यों पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई, दस लोगों की सदस्यता हुई समाप्त
रायपुर। सीएनआई के संविधान और उपनियमों के तहत छत्तीसगढ़ डायोसिस के बिशप और ऑफिस बेयरर्स द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए संस्था विरोधी कार्यो में सक्रिय दस सदस्यों की चर्च सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई की गई है। बीते माह दिनांक 29 जून 2025 को आयोजित पदाधिकारियों की बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के आधार पर की गयी है।
सचिव नितिन लॉरेंस ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सार्वजनिक किया कि जिन व्यक्तियों द्वारा लगातार संस्था और मसीही समाज के विरूद्ध कार्य कर रहे थे। चर्च एवं संस्था के विरूद्ध झूठी शिकायतें शासन-प्रशासन तक पहुॅंचाकर समाज एवं संस्था को बदनाम करने का षडयंत्र लगातार कर रहे हैं। चर्च की आंतरिक प्रशासनिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने वाले कार्यों, चर्च विरोधी गतिविधयों तथा संस्था की प्रतिष्ठा को ठेस पहुॅंचाने के प्रयासों को गंभीरता से लिया गया है। यह निर्णय पूरी तरह संवैधानिक, कानूनी एवं संस्थागत अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत लिया गया है।
चर्च ऑफ नार्थ इण्डिया के संविधान के अनुसार केवल बिशप को यह अधिकार प्राप्त है कि वह ऐसे सदस्यों की चर्च सदस्यता को समाप्त कर सकता है। पदाधिकारियों की बैठक पश्चात बिशप के विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए यह कार्यवाही की गयी है। निम्नानुसार इन सदस्यों की सदस्यता समाप्त की गयी है :-
यशराज सिंह, वीनू बेनेट, व्ही के सिंग, मुकुल बेनेट, अजय जॉन, संदीप लाल, मनीशा कुलदीप, श्रीमति अर्पणा कौशिक, अतुल आर्थर, निर्मल आर्थर.
01. उपरोक्त व्यक्तियों और उनके परिवारों की पास्टोरेट की सदस्यता समाप्त की गई है।
02. उपरोक्त व्यक्तियों एवं उनके परिवारों के सदस्यों को चर्च आने जाने एवं आराधना में भाग लेने से किसी भी प्रकार से वंचित नहीं किया गया है।
03. उपरोक्त व्यक्ति चर्च ऑफ नार्थ इण्डिया की प्रणाली एवं संस्थाओं के
औपचारिक सदस्य नहीं रहेंगे।
04. उपरोक्त सदस्यों की चर्च ऑफ नार्थ इण्डिया की सदस्यता समाप्त की गयी "यह सामाजिक बहिष्कार नहीं अपितु अनुशासनात्मक कार्यवाही है।"
चर्च आराधना के लिए सभी के लिए खुला है उपरोक्त सभी व्यक्ति सामान्य मसीही विश्वासी की तरह चर्च सेवा में भी सम्मिलित हो सकतें है।
बिशप का निर्देश - चूंकि बिशप महोदया पूर्व निर्धारित सेवा कार्य में व्यस्त है, अतः निर्देशित किया गया है कि आगामी रविवार को चर्च सभाओं में इस कार्यवाही बतौर सूचना सार्वजनिक रूप से प्रेसबिटर इन चार्ज द्वारा घोषणा किया जाए। यह अधिसूचना इस तथ्य को स्पष्ट करती है कि चर्च सेवाएं एवं आराधना आम विश्वासियों के खुली है, परन्तु उपरोक्त व्यक्ति आज दिनांक से चर्च ऑफ नार्थ इण्डिया अथवा उसकी संस्थाओं के सदस्य नहीं माने जाएंगे।
आईसीएआई की राष्ट्रीय पिच डेक प्रतियोगिता में रायपुर के छात्रों ने रचा इतिहास, हासिल किया पहला स्थान…
रायपुर। रायपुर के छात्रों ने जयपुर में आयोजित इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की राष्ट्रीय स्तरीय पिच डेक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया. छत्तीसगढ़ की टीम ने पहली बार सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल (सीआईआरसी) का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है.
सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल (सीआईआरसी) के अंतर्गत 7 राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाली टीम में हरजोत सलूजा, श्याम सिंघल और ऋतिका जुमानी शामिल थे. टीम ने हरजोत की दिशा और सक्रिय भागीदारी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर 34 टीमों को हराया और फिर राष्ट्रीय स्तर पर 4 प्रमुख टीमों को पछाड़ते हुए यह गौरव प्राप्त किया.
आईसीएआई रायपुर ब्रांच अध्यक्ष सीए विकास गोलछा तथा सिकासा चेयरमैन सीए ऋषिकेश यादव ने सीए छात्रों की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर शुभकामनाएं देते हुए इसे आईसीएआई रायपुर ब्रांच तथा पूरे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक पल बताया. पिच डेक प्रतियोगिता के लिए श्याम वर्मा द्वारा विशेष प्रशिक्षण छात्रों को दिया गया. आईसीएआई के पदाधिकारियों और शिक्षकों ने इस उपलब्धि की सराहना की और इसे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया.
खाई में गिरते-गिरते बची बस: रायपुर से मैहर जा रहे थे कांवड़िये, घाट पर अचानक ब्रेक फेल
शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल में एक बड़ा हादसा टल गया। दरअसल, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से मैहर जा रही कांवड़ यात्रियों से भरी एक बस का अचानक ब्रेक फेल हो गया। बस में करीब 50 से ज्यादा महिलाएं और बच्चे सवार थे। बस अनियंत्रित होकर घाटी की ओर तेजी से बढ़ रही थी, तभी विपरीत दिशा से आ रहे एक ट्रक चालक ने समझदारी और साहस का परिचय देते हुए अपनी ट्रक को सामने खड़ा कर दिया, जिससे बस ट्रक से टकरा गई और वही रुक गई। अगर ट्रक समय पर सामने नहीं आती, तो बस सीधे खाई में गिर सकती थी।
ट्रक से टकराकर रुकी बस
यह पूरी घटना सिंहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पतखई घाट की है। जानकारी के मुताबिक, बस क्रमांक CG-07-BW- 2738 में छत्तीसगढ़ के रायपुर के 50 से ज्यादा महिलाएं, पुरुष और बच्चे सवार थे, जो मैहर देवी के दर्शन के लिए मध्यप्रदेश की ओर जा रहे थे। जैसे ही बस पतखई घाट पर पहुंची वह अनियंत्रित होकर घाटी की ओर तेज रफ्तार से लुढ़कने लगी। इसी दौरान रीवा से छत्तीसगढ़ की ओर जा रहा एक ट्रक सामने से आ रहा था, ट्रक चालक ने वक्त की नजाकत को समझते हुए अपनी ट्रक को बस के सामने खड़ा कर दिया, जिससे ब्रेक फेल बस उससे टकराकर खाई में गिरने से बच गई। हादसे के दौरान बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित रहे।
समाजसेवियों ने की मदद
हादसे की सूचना मिलते ही सिंहपुर थाना प्रभारी मुन्ना लाल राहंगडाले अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और सभी यात्रियों को सुरक्षित थाने ले गए। खाने-पीने की समुचित व्यवस्था कराई गई और बस की मरम्मत के बाद यात्रियों को पुनः उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। इस दौरान स्थानीय समाजसेवी शिव नारायण द्विवेदी ने सक्रिय सहयोग किया। उन्होंने यात्रियों की देखभाल में अहम भूमिका निभाई और प्रशासन को सहयोग देकर स्थिति को सामान्य बनाने में मदद की।
ट्रक ड्राइवर की बहादुरी की हो रही चर्चा
ट्रक चालक की सतर्कता और समाज की एकजुटता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने ट्रक चालक और प्रशासन का आभार जताया और इस घटना को ईश्वर की कृपा और इंसानी साहस का मेल बताया है। इस घटना में जिस ट्रक ड्राइवर ने अपनी जान की परवाह न करते हुए दर्जनों जिंदगियां बचाईं, उसकी बहादुरी की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। लोगों का कहना है कि अगर वह ट्रक वहां न होता, तो बस सीधे गहरी खाई में समा सकती थी।

पूर्व CM भूपेश बघेल आज जाएंगे ED दफ्तर, चैतन्य बघेल से करेंगे मुलाकात
रायपुर। छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई जारी है. ED ने छापा मारने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज दोपहर 1 बजे ईडी दफ्तर जाएंगे और चैतन्य बघेल से मुलाकात करेंगे.
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट भी किया है. उन्होंने पोस्ट साझा करते हुए कहा कि “कल दोपहर 01:00 बजे बेटा चैतन्य से मिलने ED कार्यालय जाऊंगा.”

