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नशे में DJ वाहन चलाना पड़ा भारी, कोर्ट ने चालक और वाहन मालिक पर ठोका 60 हजार का जुर्माना
रायपुर। राजधानी रायपुर में नशे की हालत में DJ वाहन चलाने वाले चालक और वाहन मालिक पर कड़ी कार्रवाई की गई है। न्यायालय ने दोनों पर कुल 60,000 रुपये का अर्थदंड लगाया है। यातायात पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई नशे में वाहन चलाने और वाहन में अवैध मॉडिफिकेशन करने पर की गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला, उप पुलिस अधीक्षक गुरजीत सिंह एवं सतीश ठाकुर के मार्गदर्शन में हर रात 11 बजे से 2 बजे तक नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान भाठागांव बस स्टैंड के थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह अपने क्षेत्र लाखेनगर–पुरानी बस्ती में पेट्रोलिंग कर रहे थे। इसी दौरान लगभग 11:37 बजे लाखेनगर चौक पर चंदू धुमाल वाली माजदा गाड़ी को लहराते हुए चलते देखा गया। वाहन को रोककर चालक की ब्रीथ एनालाइजर मशीन से जांच की गई, जिसमें वह नशे की हालत में वाहन चलाता पाया गया।
मालवाहक वाहन में DJ सिस्टम को वाहन की बॉडी के बाहर एंगल लगाकर वेल्डिंग से ऊंचा और लंबा बनाया गया था। वाहन में बिना परिवहन विभाग की अनुमति के पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) शर्तों का उल्लंघन करते हुए वेल्डिंग कराकर माजदा वाहन को मॉडिफाई किया गया था। वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र समाप्त हो चुका था तथा प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र (PUC) भी नहीं था।
इन सभी कारणों से वाहन स्वामी व चालक के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम की धारा 185, 182A(4), 194(1क), 56/192 एवं 190(2) के अंतर्गत कार्रवाई कर इश्तगाशा तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय द्वारा वाहन स्वामी बीना कौशिक पति चंद्रशेखर कौशिक, निवासी भोईपारा, रायपुर के विरुद्ध ₹5,000 तथा वाहन चालक गोपीराम पिता फेलूराम मनहरे, साकिन बंधवापारा, रायपुर के विरुद्ध ₹55,000 — कुल ₹60,000 का अर्थदंड किया गया।
पुलिस की अपील
रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क पर आवागमन के दौरान यातायात नियमों का पालन करें और नशे की हालत में वाहन कदापि न चलाएं। नशे की हालत में वाहन चलाने से चालक का वाहन पर नियंत्रण नहीं रहता, जिससे हादसे की संभावना बनी रहती है। मालवाहक वाहनों में DJ या साउंड सिस्टम को असुरक्षित तरीके से मॉडिफाई कर उपयोग न करें। न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए वाहन का संचालन करें।
छत्तीसगढ़ की खराब सड़कों पर सुनवाई : शपथ पत्र पेश नहीं करने पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
बिलासपुर। प्रदेश और शहर की खराब सड़कों के मामले में सोमवार को सुनवाई के दौरान शपथ पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने शासन पर एक हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए दिसंबर के पहले सप्ताह में सुनवाई रखी है। कोर्ट ने शासन को जवाब प्रस्तुत करने कहा है। इसमें संबंधित सड़क के चल रहे कार्य की स्थिति और प्रगति पर व्यापक और विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी।
प्रदेश की खराब सड़कों के मामले में हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच में आज हुई सुनवाई के दौरान शासन की ओर से स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा सकी। शासन की ओर से बताया गया कि रतनपुर-सेंदरी रोड का काम लगभग पूरा हो गया है। रायपुर रोड 70 प्रतिशत बना ली गई है। इसे अगले 15 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन कोर्ट के निर्देशानुसार शपथपत्र नहीं दिया गया।
सुनवाई के दौरान लोक निर्माण विभाग की ओर से बताया गया कि तुर्काडीह, सेंदरी, रानीगांव, मेलनाडीह और बेलतरा में पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए फुट ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं। पहले की अनुमानित लागत 17.95 करोड़ थी, जो अब घटकर 11.38 करोड़ हो गई है। निर्माण स्थल की संयुक्त जांच हो चुकी है। टेंडर प्रक्रिया होते ही निर्माण कार्य शुरू होगा। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि बिलासपुर की पेंड्रीडीह बाईपास से नेहरू चौक तक की सड़क का निर्माण कार्य अप्रैल में स्वीकृत हो चुका है, लेकिन आज तक कोई प्रगति नहीं हुई।
कोर्ट ने कहा – लोक निर्माण विभाग का मौन रहना चिंताजनक
बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे एनएच 90 की बदहाली को लेकर कोर्ट ने पूछा कि बिलासपुर- रायपुर नेशनल हाईवे की सड़क कब तक सुधरेगी। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि स्थिति को सुधारने के लिए ठोस कदम नहीं उठाना और लोक निर्माण विभाग का मौन रहना चिंताजनक है। हाईकोर्ट ने कहा कि बार-बार दिए जा रहे शपथ पत्रों से उद्देश्य पूरे नहीं हो रहे हैं। रतनपुर केंदा मार्ग की बदहाली के मामले में हाईकोर्ट ने पीडब्ल्यूडी सेेकेट्ररी को शपथ पत्र प्रस्तुत करने कहा है। इसी तरह रायपुर बिलासपुर मुख्य सड़क पर पावर प्लांटों की राख फैलने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और मुख्य सचिव से जवाब मांगा।
अमित बघेल को रायपुर पुलिस ने किया भगोड़ा घोषित, पांच हजार का रखा इनाम
रायपुर। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल को रायपुर पुलिस ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। उस पर 5,000 रुपए इनाम की घोषणा भी की है। बता दें कि विवादित टिप्पणी मामले में अमित बघेल के विरुद्ध सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज किया गया है। उनकी तलाश में पुलिस ने कई ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की थी।
रायपुर SSP ने की है सामाजिक सौहार्द्र बनाए रखने की अपील
रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने एक वीडियो संदेश जारी कर जनता से शांति एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने अपने वीडियो संदेश में कहा है कि “थाना कोतवाली और थाना देवेंद्रनगर में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अमित बघेल व अन्य के विरुद्ध पंजीबद्ध अपराध की विवेचना जारी है। सर्व समाज के लोगों से अपील है कि एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर सामाजिक सौहार्द्र को न बिगाड़ें। कृपया पुलिस पर भरोसा रखें और शांति व्यवस्था बनाए रखें।”
रायपुर में एक लाख से ज्यादा फर्जी मतदाता, मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण बेहद आवश्यक: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि लोकतंत्र की सशक्तता और पारदर्शिता के लिए आवश्यक है कि कोई भी वैध मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे और कोई भी फर्जी मतदाता मतदाता सूची में शामिल न हो। इसके लिए मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अत्यंत आवश्यक है।






श्री अग्रवाल ने सोमवार को रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के पुरानी बस्ती, लाखे नगर, भाटागांव, सदर बाजार और सिविल लाइन मंडल के ब्लॉक लेवल एजेंट्स (BLA) एवं पार्टी कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। उन्होंने कहा कि यह समय मतदाता सूची को शुद्ध करने का है और प्रत्येक कार्यकर्ता को इस कार्य में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।


उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि
- जिन मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर हैं, उनके नाम केवल एक वैध पते पर रहें।
- जो मतदाता अब अन्य स्थानों पर निवास करने लगे हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम सूची से हटाए जाएं।
- वहीं, जिन पात्र नागरिकों के नाम अभी तक सूची में नहीं हैं, उनके नाम जोड़े जाएं।
सांसद अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ब्लॉक लेवल अधिकारियों को पूर्ण सहयोग दें ताकि राजधानी रायपुर में मतदाता सूची का शुद्धिकरण कार्य पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सके।
बैठक में जिला भाजपा अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, ब्रजेश पांडे, कुंजन प्रजापति, मंडल अध्यक्ष केदार धनगर, सचिन सिंघल, अभिषेक तिवारी, सुनील कुकरेजा, संतोष सोनी, पार्षदगण, बीएलए, तथा पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सरदार पटेल की 150वीं जयंती वर्ष पर आयोजित भारत पर्व में शामिल हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में आयोजित भारत पर्व में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत पर्व हमारे देश की विविधता में एकता का प्रतीक है। यहां भारत के हर राज्य की संस्कृति, परंपरा और गौरव एक साथ देखने को मिलते हैं। कार्यक्रम में दिल्ली के उप राज्यपाल वी के सक्सेना और छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री श्री साय ने लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन करते हुए कहा कि भारत पर्व उनकी 150वीं जयंती वर्ष पर आयोजित हो रहा है, जिसका समापन धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती — राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस — पर होगा। उन्होंने कहा कि यह पर्व भारत के सांस्कृतिक और भावनात्मक एकीकरण का सशक्त प्रतीक है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की भव्यता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह प्रतिमा भारत की एकता की पहचान है। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रतिमा के निर्माण का निर्णय लिया, तब देश के हर गांव से लोहा मंगवाया गया था — यह सच्चे अर्थों में एक भारत का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह सरदार पटेल ने रियासतों को जोड़कर एक भारत बनाया, उसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके सपनों के भारत को सशक्त करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का निर्णय लेकर सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत में सनातन संस्कृति के वैभव को पुनः स्थापित किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सरदार पटेल के परिजनों के साथ राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया, और जब पूरे देश ने यह दृश्य देखा तो सभी भावविभोर हो उठे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि आज देश की विरासत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे दूरदर्शी नेतृत्व के हाथों में है, जो सरदार पटेल की सोच और आदर्शों को आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि हाल ही में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की झांकी ने एकता परेड में हिस्सा लिया और पूरे देश को राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर देशभर में हुए आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय का वंदे मातरम् और सरदार पटेल की एकता की भावना — यही हमारी राष्ट्रीय पहचान है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरदार पटेल ने सिविल सेवा ढांचे का भारतीयकरण किया, और आज भी हमारे प्रशासनिक तंत्र में उनकी दूरदृष्टि और सोच झलकती है।
भारत पर्व के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रस्तुति देने आए छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक दल के कलाकारों से भी मुलाकात की और उन्हें शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
रायपुर में होगा राज्य स्तरीय आवास मेला : दो हजार करोड़ की नई आवासीय योजनाओं का होगा शुभारंभ, कम कीमत पर आवास उपलब्ध कराने गृह निर्माण मंडल की विशेष पहल
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रजत जयंती वर्ष मना रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा प्रदेशवासियों को सुलभ और किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा राजधानी रायपुर के बी.टी.आई. ग्राउंड, शंकर नगर में 23 से 25 नवम्बर 2025 तक राज्य स्तरीय आवास मेला आयोजित किया जाएगा।
इस मेले में प्रदेशभर की आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की विस्तृत जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध होगी। साथ ही, आवासीय योजनाओं की स्पॉट बुकिंग सुविधा, बैंक ऋण सहायता तथा पंजीकरणकर्ताओं के लिए आकर्षक उपहार जैसी विशेष व्यवस्थाएँ भी की जाएँगी।
इस दौरान हाउसिंग बोर्ड द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगभग 2000 करोड़ रुपए की नई आवासीय योजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा। इन योजनाओं में लगभग 70 प्रतिशत आवासीय संपत्तियाँ समाज के कमजोर आय वर्ग के लोगों के लिए आरक्षित रहेंगी।
हाल ही में सम्पन्न राज्योत्सव-2025 के दौरान गृह निर्माण मंडल ने नवा रायपुर स्थित मेला स्थल पर अपनी विभिन्न योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई थी, जिसे नागरिकों का भरपूर प्रतिसाद मिला। हजारों आगंतुकों ने हाउसिंग बोर्ड के स्टॉल का भ्रमण कर संपत्तियों में गहरी रुचि दिखाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी स्टॉल का अवलोकन कर हाउसिंग बोर्ड के कार्यों की सराहना की थी।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य हर परिवार को अपना पक्का घर उपलब्ध कराना है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा आयोजित यह राज्य स्तरीय आवास मेला प्रदेशवासियों के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि वर्ष 2027 तक प्रत्येक परिवार के पास अपना पक्का छत हो।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि राज्योत्सव में जनता से मिला उत्साहजनक प्रतिसाद इस बात का प्रमाण है कि लोगों का हाउसिंग बोर्ड की योजनाओं पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है। राज्य स्तरीय आवास मेले के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को एक ही मंच पर सभी योजनाओं की जानकारी, आवेदन और बुकिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में हाउसिंग बोर्ड ने कई जनहितैषी योजनाएँ प्रारंभ की हैं, जिनमें वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जिसके अंतर्गत भवन मूल्य में 30 प्रतिशत तक की छूट देकर आमजन को किफायती दरों पर पक्का मकान उपलब्ध कराया गया है।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का यह राज्य स्तरीय आवास मेला प्रदेश की आवासीय विकास यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ेगा। छत्तीसगढ़ स्थापना के रजत जयंती वर्ष में यह आयोजन “सबके लिए आवास” के लक्ष्य की दिशा में एक सार्थक और ऐतिहासिक पहल सिद्ध होगा।
"प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। गृह निर्माण मंडल द्वारा दो हजार करोड़ रुपए की नई आवासीय योजनाओं का शुभारंभ प्रदेश की आवासीय विकास यात्रा में नया अध्याय जोड़ेगा और समाज के कमजोर वर्गों से लेकर मध्यम आय वर्ग तक के परिवारों को किफायती दरों पर सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराएगा। राज्य स्तरीय आवास मेला केवल घरों का नहीं, बल्कि सपनों को आकार देने का उत्सव है - जहाँ हर परिवार अपने भविष्य की नई नींव रखेगा। -
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र तोमर को पुलिस ने कोर्ट में किया पेश: 4 दिन की रिमांड मंजूर, पूछताछ में खुलेंगे कई राज
रायपुर। राजधानी रायपुर के कुख्यात सूदखोर और हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र तोमर को पुलिस ने 8 नवंबर को ग्वालियर से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे रायपुर लाया गया, जहां 9 नवंबर को भाठागांव इलाके में पुलिस ने सुरक्षा के बीच उसका जुलूस निकालते हुए स्पेशल कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने उस समय वीरेंद्र को 24 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेजा था.
4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया वीरेंद्र तोमर
रिमांड अवधि पूरी होने पर आज पुलिस ने एक बार फिर वीरेंद्र तोमर को कोर्ट में पेश किया। पेशी के दौरान पुलिस ने अदालत से आगे की जांच के लिए रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग की। मामले की गंभीरता और जांच की आवश्यकता को देखते हुए कोर्ट ने पुलिस की अर्जी को मंजूर कर लिया। अब वीरेंद्र तोमर को 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है.
अगली पेशी 14 नवंबर को निर्धारित की गई है। इस दौरान पुलिस को उम्मीद है कि वीरेंद्र से पूछताछ में सूदखोरी के नेटवर्क, अवैध वसूली के मामलों और उससे जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।
बड़ा भाई ग्वालियर से गिरफ्तार, फरार छोटे भाई की तलाश जारी
रायपुर पुलिस के मुताबिक आरोपी वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी के खिलाफ थाना तेलीबांधा और पुरानी बस्ती में मारपीट, अवैध संपत्ति, आर्म्स एक्ट और करोड़ों रुपये की अवैध वसूली से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। आरोपी के पास से अवैध वसूली से संबंधित करोड़ों रुपये के हिसाब-किताब के दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि रूबी तोमर “विस्टों फाइनेंस” नामक ग्रुप बनाकर उगाही करता था। इससे पहले की गई तलाशी में आरोपी के घर से अवैध हथियार भी जब्त किए गए थे।
6 माह से था फरार
पुलिस के अनुसार वीरेंद्र सिंह तोमर और रोहित सिंह तोमर दोनों जून महीने से फरार थे। पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए राजस्थान, हरियाणा और ग्वालियर में लगातार छापेमारी की। आरोपी मोबाइल डिवाइस का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे और बार-बार ठिकाने बदल रहे थे, जिससे पुलिस को लोकेट करने में दिक्कत हो रही थी। आखिरकार, रायपुर पुलिस की विशेष टीम ने ग्वालियर में रूबी तोमर को ट्रैक कर उसकी रेकी की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
छत्तीसगढ़ सचिवालय सेवा के 5 सहायक अनुभाग अधिकारी बने अनुभाग अधिकारी…
रायपुर। छत्तीसगढ़ सचिवालय सेवा के सहायक अनुभाग अधिकारियों को अनुभाग अधिकारी के पद पर पदोन्नत किया गया है. आदेश सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है.
आदेश में आशीष कुमार अग्रवाल को महिला एवं बाल विकास विभाग, शबीहा परवीन खान को खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, ज्योति पटेल वित्त विभाग, स्नेहा यादव को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और मुकेश शाकार को सामान्य प्रशासन विभाग में पदस्थ किया गया है.

जिले में धान खरीदी की तैयारियों को लेकर अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा ने बैठक लेकर की समीक्षा
रायपुर। आगामी 15 नवम्बर से प्रारंभ हो रही धान खरीदी की तैयारियों को लेकर आज रेडक्रॉस सभाकक्ष कलेक्ट्रेट में अपर मुख्य सचिव एवं जिले की प्रभारी सचिव ऋचा शर्मा ने समीक्षा बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि उपार्जन केन्द्रों में सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण हों ताकि कृषकों को धान विक्रय में किसी प्रकार की समस्या न हो। किसानों को सुगमता से धान विक्रय की सुविधा मिले और भुगतान जल्द किया जाए।
प्रभारी सचिव श्रीमती शर्मा ने कहा कि कोचियों एवं अवैध धान विक्रय-परिवहन पर निगरानी रखे एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खरीदी में धान की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाए तथा तेजी से धान का उठाव सुनिश्चित हो। उन्होंने निर्देश दिए कि स्टेकिंग धान की किस्म के अनुसार सही तरीके से की जाए।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सभी उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर चस्पा किए जाने के निर्देश दिए, ताकि कृषक किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल दे सकें और उसका निराकरण समयबद्ध रूप से किया जा सके।
बैठक में अपर कलेक्टर नम्रता जैन (आईएएस) ने जानकारी दी कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए जिले में कुल 1,34,037 किसान पंजीकृत हैं और 1,26,921 हेक्टेयर क्षेत्र में धान का रकबा है। जिले में 139 उपार्जन केंद्र है। जिला स्तरीय कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित किया गया है, जिसमें जिला एवं ब्लॉक स्तरीय दल एवं उड़नदस्ता का गठन किया गया है।
अवैध धान परिवहन रोकने के लिए 5 चेक पोस्ट बनाए गए हैं तथा 43 कर्मियों की तैनाती उड़नदस्ते में की गई है। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील केंद्रों का चिन्हांकन कर प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही तहसीलदार की अध्यक्षता में गुणवत्ता जांच दल का गठन एवं बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
बैठक में एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह, सीईओ जिला पंचायत कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर, जिला कोऑपरेटिव बैंक सीईओ आपेक्षा व्यास, डीएमओ जसबीर सिंह बघेल, नान डीएम विनोद बुधिया सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बिलासपुर में ACB की बड़ी कार्रवाई: नायब तहसीलदार 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
बिलासपुर। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ACB) ने शनिवार को सीपत तहसील में एक बड़ी कार्रवाई अंजाम दी. यहां के नायब तहसीलदार देश कुमार कुर्रे को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया. अधिकारी किसान की जमीन की फौती दर्ज करने और नामांतरण के लिए अवैध रकम मांग रहा था.
शिकायत के बाद बिछाया गया ट्रैप
डीएसपी एसीबी बिलासपुर अजितेश सिंह ने बताया कि ग्राम बिटकुला निवासी प्रवीण पाटनवार ने 30 अक्टूबर को शिकायत की थी कि उसकी दिवंगत मां के नाम पर 21 एकड़ कृषि भूमि है. फौती दर्ज कर रिकॉर्ड में उसका और उसके भाई-बहनों का नाम जोड़ने के बदले नायब तहसीलदार कुर्रे ने 1.50 लाख रुपए की मांग की थी.
शिकायत की जांच में आरोप सही पाए गए. सत्यापन के दौरान आरोपी ने 1.20 लाख रुपए में सौदा तय कर लिया, जिसके बाद एसीबी ने ट्रैप की तैयारी की.
कैफे में ली रिश्वत और वहीं हो गया गिरफ्तार
10 नवंबर को आवेदक को 50 हजार रुपए की पहली किस्त देकर भेजा गया. आरोपी ने यह रकम NTPC सीपत स्थित कॉफी हाउस में ली. जैसे ही उसने पैसे स्वीकार किए, पहले से घात लगाए एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया. रिश्वत की पूरी राशि आरोपी से बरामद कर ली गई है. अचानक हुई कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया.
धारा 7 के तहत मामला दर्ज, अभियान जारी
एसीबी ने आरोपी नायब तहसीलदार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है. डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया कि रिश्वतखोरी के खिलाफ यह मुहिम लगातार जारी रहेगी. उन्होंने रिश्वत मांगने से जुड़े मामलों की शिकायत के लिए मोबाइल नंबर 9926111932 और फोन नंबर 07752-250362 पर संपर्क करने की अपील की.
एसीबी बिलासपुर की यह कार्रवाई पिछले डेढ़ साल में की गई 37वीं सफल ट्रैप कार्रवाई है.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुजरात के NAMTECH कॉलेज का किया दौरा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज गुजरात के गांधीनगर स्थित NAMTECH (New A Maker’s Institute of Technology) का भ्रमण किया। यह संस्थान मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी की पढ़ाई को नवीन और आधुनिक तरीके से सिखाने के लिए जाना जाता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुजरात महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पवित्र भूमि है, जिसने पूरे देश को विकास, आत्मनिर्भरता और नवाचार का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ में भी ऐसे संस्थान स्थापित हों, जहाँ युवाओं को आधुनिक तकनीक और औद्योगिक प्रशिक्षण का अवसर मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को स्वरोजगार, तकनीकी ज्ञान और उद्योगों से जोड़ने की दिशा में तेज़ी से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कॉलेज पहुंचकर वहाँ की शिक्षण पद्धति, आधुनिक प्रयोगशालाएँ और तकनीकी सुविधाएँ ध्यानपूर्वक देखीं। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और यह जाना कि वे किस प्रकार प्रोजेक्ट्स और मशीनों पर कार्य करते हुए व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके अनुभवों और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि अब राज्य के आईटीआई कॉलेजों को इस तरह विकसित करने की योजना है, जिससे युवाओं को स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन जैसी नई तकनीकों की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में आधुनिक मशीनें और डिजिटल प्रशिक्षण सुविधाएँ शुरू की जाएंगी, ताकि छात्र पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक कार्य कौशल भी विकसित कर सकें।
NAMTECH कॉलेज के प्रबंधन ने मुख्यमंत्री श्री साय को अवगत कराया कि गुजरात में उन्होंने एक ऐसा मॉडल अपनाया है, जिसके अंतर्गत कॉलेजों को आपस में जोड़कर शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। वहाँ के छात्र अब नई तकनीक सीखकर सीधे उद्योगों में काम करने में सक्षम हो रहे हैं। कॉलेज प्रबंधन ने यह भी बताया कि वे छत्तीसगढ़ में भी इसी प्रकार सहयोग करने के इच्छुक हैं, ताकि राज्य के आईटीआई कॉलेज भी आधुनिक बन सकें। योजना है कि कुछ कॉलेजों को जोड़कर एक नेटवर्क मॉडल तैयार किया जाए, जहाँ एक कॉलेज नई तकनीक में दक्ष हो और वही ज्ञान अन्य कॉलेजों तक पहुँचाए। यह नया मॉडल छत्तीसगढ़ में लागू होने से हर वर्ष लगभग 10,000 से अधिक युवाओं को नई तकनीक और आधुनिक उद्योगों से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जा सकेगा। इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त होगा। वे मशीनों, ऑटोमेशन और नई इंजीनियरिंग विधियों की गहराई से समझ विकसित कर सकेंगे। इस प्रकार उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और वे देश के बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स में कार्य करने के लिए तैयार हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा, “युवा छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताक़त हैं। छत्तीसगढ़ अब ऐसे युवाओं को तैयार कर रहा है, जो नई सोच और आधुनिक तकनीक के साथ विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ेंगे।”
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव एस. भारतीदासन तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
बंदूक की गूंज से फलों और फूलों की महक तक का सफर, बस्तर में साग-सब्जी, फलों की खेती से चमत्कारिक बदलाव
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की नक्सल उन्मूलन की नीतियों और किसानों की आय बढ़ाने वाली योजनाओं ने बस्तर में विकास की नई इबारत लिख दी है। बस्तर के किसानों ने पारंपरिक धान, सरसों की खेती के साथ-साथ अब साग-सब्जी, फल, फूल की खेती से भी फायदा लेना शुरू कर दिया है। अब बस्तर में गोलियों की गूंज की जगह फलों और फूलों की खुशनुमा महक बिखर रही है। बस्तर में यह बदलाव कोई संयोग नहीं, बल्कि मेहनत, नवाचार और दूरदर्शिता का परिणाम है। वर्ष 2001-02 में सब्जियों की खेती महज 1,839 हेक्टेयर में सिमटी थी और उत्पादन केवल 18,543 मीट्रिक टन था। आज वही इसमें लगातार वृद्धि हुई है जिसका परिणाम है की अब सब्जियों का रकबा 12,340 हेक्टेयर चुका है और उत्पादन 1.90 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुका है।
बस्तर विश्व पटल पर एक ऐसा नाम जो कभी नक्सल की काली छाया और पिछड़ेपन की गहरी खाई में डूबा माना जाता था, आज वह बस्तर कृषि के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक परिवर्तन का साक्षी बन रहा है। छत्तीसगढ़ के इस आदिवासी बहुल इलाके में अब पारम्परिक खेती के स्थान पर टमाटर और मिर्च की खेती न केवल आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही है, बल्कि पड़ोसी राज्यों के बाजारों तक अपनी पहुंच भी बना रही है। अब बस्तर की मिट्टी में ड्रैगन फ्रूट की लालिमा, अमरूद की मिठास, चकोतरा की ताजगी, पपीते का रस और मिर्च की तीखापन खेतों में लहलहा रहे हैं। वे फल एवं मसाले जो कभी यहां उत्पादित नहीं हुए अनुकूल वातावरण और वैज्ञानिक सलाह से विकास की नई गाथा लिख रहे हैं।



बस्तर में फलों की बगिया 643 हेक्टेयर से बढ़कर 14,420 हेक्टेयर तक पहुंच गई है एवं उत्पादन 4,457 मीट्रिक टन से बढ़कर 64,712 मीट्रिक टन हो गया। यहां के किसानों द्वारा राज्य निर्माण के पूर्व कभी व्यापारिक स्तर पर फूलों की खेती नहीं की गयी थी आज वहां 207 हेक्टेयर में 13 सौ मीट्रिक टन फूलों का उत्पादन हो रहा है। इसी प्रकार मसाले इस क्षेत्र में सीमित मात्रा में उत्पादित होते थे अब 11 सौ हेक्टेयर से 9,327 मीट्रिक टन मसालों का उत्पादन यहां हो रहा है। औषधीय एवं सुगंधित पौधे जो कभी सीमित मात्रा में होते थे उनका भी किसानों द्वारा 66 सौ मीट्रिक टन से अधिक का उत्पादन किया जा रहा है।
इस हरित क्रांति में शासन की योजनाओं एवं आधुनिक तकनीक से आमूल चूल परिवर्तन दिखाई दिए हैं। एक ओर जहां किसानों को रियायती दरों पर आदान समाग्री प्राप्त हुई है वहीं शेडनेट योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजना, राष्ट्रीय बागबानी मिशन से किसानों का उद्यानिकी फसलों की ओर रुझान बढ़ा है। जिसका मुख्य कारण लगातार तकनीकी मार्गदर्शन और सहायतासे है। जिससे किसानों ने लाभ लेकर जिले में 3.80 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में शेडनेट हाउस लगाए गए हैं, करीब 19 हजार वर्गमीटर में पॉली हाउस, शेडनेट द्वारा 1.47 लाख वर्गमीटर में हाईब्रिड बीज भी तैयार किए जा रहे हैं जिनके लिए उन्हें शासन द्वारा अनुदान भी प्राप्त हुआ है। जगदलपुर के आसना में प्लग टाइप वेजिटेबल सीडलिंग यूनिट भी स्थापित है जो रोग-मुक्त पौधे न्यूनतम कीमत पर किसानों को मुहैय्या करवा रहे हैं।
सिंचाई के क्षेत्र में भी लगभग 3.5 हजार हेक्टेयर में ड्रिप इरिगेशन सिस्टम बिछाकर पानी की हर बूंद को सोना बनाया जा रहा है। ऑयल पाम योजना के तहत 735 हेक्टेयर में 499 किसानों द्वारा आधुनिक तरीकों से पाम की खेती की जा रही है वहीं बास्तानार में 58.64 हेक्टेयर में विशेष रूप से कॉफी एवं 20 हेक्टेयर में ड्रैगन फ्रूट की कृषि की जा रही है।
बस्तर की यह यात्रा आंकड़ों से कहीं आगे है, यह उन सैकड़ों किसानों की मुस्कान है, जो कभी बादलों के रहम पर जीते थे और आज तकनीक, प्रशिक्षण और सरकार की योजनाओं के सहारे अपने सपने बुन रहे हैं। माओवादियों की बंदूकें अब खामोश हैं, और खेतों में नई फसलें गुनगुना रही है। बस्तर के लोग अब आजीविका के समुचित साधनों के जरिए जीवन-यापन को बेहतर करने सहित खिलखिला रह रहे हैं।
कंस्ट्रक्शन के लिए खोदे गए गड्ढे में डूबने से दो बच्चों की मौत, आक्रोशित लोगों ने किया चक्काजाम
रायपुर। राजधानी रायपुर के हीरापुर-जरवाय रोड पर एक दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां कंस्ट्रक्शन के लिए खोदे गए गड्ढे में दो बच्चे डूब गए, जिससे दोनों की मौत हो गई। यह घटना कबीर नगर थाना क्षेत्र की है।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा देर रात हुआ। मृत बच्चों की उम्र 8 और 10 साल थी। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से गड्ढे में भरे पानी से बच्चों के शव बरामद किए गए। मृतकों की पहचान आलोक और सत्यम के रूप में हुई है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, गड्ढा निर्माण कार्य के लिए खोदा गया था और उसमें पानी भर जाने के कारण यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। आज सुबह उन्होंने रिंग रोड के पास चक्काजाम कर दिया और हादसे के लिए जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने उन्हें समझाकर शांत कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
नसबंदी के दौरान दो महिलाओं की मौत, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नसबंदी ऑपरेशन के दौरान दो महिलाओं की मौत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि यह हादसा सर्जरी के दौरान दी गई किसी दवा के रिएक्शन से हुआ। घटना के बाद मृतकों के लिए उपयोग की गई दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
पहले मामले में बजरंग नगर (दुर्ग) निवासी पूजा यादव (27 वर्ष) नसबंदी ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल पहुंची थी। ऑपरेशन के दौरान उसे अचानक झटके आने लगे और शरीर में अकड़न महसूस हुई। हालत बिगड़ने पर उसे आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
दूसरे मामले में सिकोला भाटा निवासी किरण यादव (30 वर्ष) ने उसी दिन सुबह सिज़ेरियन ऑपरेशन के जरिए बच्चे को जन्म दिया था। इसके बाद जब उसकी नसबंदी की जा रही थी, तभी उसे भी झटके आने लगे और शाम तक उसने भी दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि किरण पूरी तरह स्वस्थ थी और अचानक उसकी तबीयत बिगड़ना सभी के लिए सदमे जैसा था। पूजा यादव के दो छोटे बच्चे हैं, जबकि किरण यादव का नवजात शिशु है।
नौ सर्जरी हुई, दो महिलाओं की मौत
जानकारी के अनुसार, शनिवार को मदर-चाइल्ड यूनिट में कुल नौ सर्जरी की गईं। इनमें पूजा की केवल नसबंदी थी, जबकि किरण की सिजेरियन के साथ नसबंदी की गई।
डॉक्टर का बयान
मामले में सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज का बयान सामने आया है। डॉक्टर के अनुसार पूजा यादव को नसबंदी के दौरान बुपिवेकैन 3 एमएल, मिडान 1 एमजी, और 2 आरएल (रिंगर लैक्टेट) दिया गया था। वहीं किरण यादव को बुपिवेकैन 2.2 एमएल, ऑक्सीटोसिन 10 आईयू, 2 आरएल और 1 डीएनएस दिया गया था। आशंका है कि इन दवाओं में से किसी एक के रिएक्शन से दोनों की तबीयत बिगड़ी। सिविल सर्जन डॉ. मिंज ने बताया कि सर्जरी के दौरान दोनों महिलाओं को झटके और अकड़न की शिकायत हुई थी। उन्हें तत्काल आईसीयू में भर्ती कर उपचार दिया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद उपयोग की गई दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि सटीक कारण का पता लगाया जा सके।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गांधीनगर में गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल से की सौजन्य भेंट
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज गांधीनगर स्थित मुख्यमंत्री आवास में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों ने परस्पर सहयोग एवं विकास के अनुभव साझा किए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में राज्यों की साझी भागीदारी और आपसी अनुभवों का आदान-प्रदान अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें अपने-अपने क्षेत्रों में नवाचार और सुशासन के माध्यम से भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस योगदान दे रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को बस्तर की लोककला और छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक गौरव पर आधारित बस्तर आर्ट तथा “बस्तर दशहरा” की कॉफी टेबल बुक भेंट की। इस पर मुख्यमंत्री श्री पटेल ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति की सराहना करते हुए राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर संचालित विकासात्मक और जनकल्याणकारी कार्यों के लिए मुख्यमंत्री श्री साय को शुभकामनाएँ दीं।
दोनों मुख्यमंत्रियों ने भविष्य में गुजरात और छत्तीसगढ़ के बीच विभिन्न क्षेत्रों में परस्पर सहयोग को और सशक्त करने पर सहमति व्यक्त की।
केंद्रीय गृहमंत्री के घुसपैठिया कॉरिडर वाले बयान पर अखिलेश यादव का पलटवार, कहा- अपने ही सरकार पर लगा रहे आरोप
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोमवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला बोला. बिहार में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आरोप लगाया था कि विपक्ष की वोट बैंक की राजनीति ने उन्हें घुसपैठिया कॉरिडोर बनाने की कोशिश करने पर मजबूर किया है. इस बयान पर अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि वह नासमझी की बात क्यों कर रहे हैं. सवाल करते हुए कहा कि 11 साल से दिल्ली में किसकी सरकार है? वे अपने ही सरकार पर आरोप लगा रहे हैं. अगर घुसपैठिए आ रहे हैं तो उनके पास सूची तो होगी न.
अखिलेश ने कहा – पीडीए परिवार हर पद पर होता है अपमानित
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि कौन कहां पैदा होता है, यह किसी के हाथ में नहीं है. वह यादव परिवार में पैदा हुए तो वह यादव हैं. राष्ट्रीय पार्टी भी अब रीजनल पार्टी का नैरेटिव सेट करने में लगी है. जातिगत जनगणना की लड़ाई पहले भी थी और आज भी चल रही है.
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस जातिगत जनगणना की मांग कर रही है, बीजेपी भी दबी जुबान से यही कह रही है. बड़ी संख्या में समाज के लोगों का मानना है कि जातिगत जनगणना होनी चाहिए. यादव समाज और पीडीए समाज (P-पिछड़ा, D-दलित, A-अल्पसंख्यक) का एक ही दुख है. पीडीए परिवार का व्यक्ति किसी भी पद पर बैठे, चाहे वो राष्ट्रपति ही क्यों न बन जाए, उसे अपमानित होना पड़ता है.
डंबल इंजन वाली सरकार पर अखिलेश का हमला
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को रिमोट कंट्रोल बताया और कहा कि वाईफाई टेक्नोलॉजी वायरलेस है, जहां लाभ की जगह होती है, भाजपा वहां रिमोट जरूर रखती है. छत्तीसगढ़ में धन दौलत बहुत है, तो रिमोट होना लाजमी है. ओडिशा में भी डबल इंजन की सरकार है, जहां एक इंजन से शराब और दूसरे इंजन से गांजे की सप्लाई हो रही है.
बुलेट से नहीं हो सकता इलाज : अखिलेश यादव
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर अखिलेश ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी ओर गरीबों को घर देने का वादा किया गया था. उन्हें मुख्यधारा में लाने बेसिक सुविधाएं देनी चाहिए. अब तक कई जानें चली गईं. बुनियादी चीजों के बारे में भी सोचना होगा. बुलेट से इलाज नहीं हो सकता.
आयोध्या की जनता का दिल क्यों नहीं चोरी कर पाई भाजपा : अखिलेश
गृहमंत्री विजय शर्मा के बयान पर पलटवार करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा अयोध्या की जनता का दिल चोरी क्यों नहीं कर पाई. यह बताएं कि अयोध्या से कौन हारा ? वहां भाजपा ने गरीब और किसानों की जमीन ले ली इसलिए भगवान श्रीराम ने आशीर्वाद नहीं दिया. दिल चोरी की बात कर रहे, लेकिन आशीर्वाद नहीं मिला. दरअसल, विजय शर्मा ने एसआईआर को लेकर दिए बयान में कहा था कि BJP ने दिल चुराया है, जनता BJP को दिल से पसंद करती है. दिल चुराने के लिए परिश्रम लगता है, 24 घंटे काम करना पड़ता है. हम रोज कमाते-खाते हैं, हर दिन जनता के लिए परिश्रम करते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा का कोई फिक्स वोट बैंक नहीं है.
सूदखोर वीरेंद्र तोमर की रिमांड खत्म, आज फिर कोर्ट में किया जाएगा पेश
रायपुर। सूदखोर वीरेंद्र तोमर की मध्यप्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने राजधानी रायपुर में जुलूस निकाला. आज यानी सोमवार को 24 घंटे की पुलिस रिमांड खत्म होने पर फिर से वीरेंद्र तोमर को अदालत में पेश किया जाएगा. रायपुर एसएसपी लाल उमेद सिंह ने बताया कि रेगुलर कोर्ट से एक सप्ताह की रिमांड मांगी जाएगी.
सूदखोर वीरेंद्र तोमर की पुलिस कस्टडी को लेकर रायपुर एसएसपी ने कहा कि रविवार को रेगुलर कोर्ट कल नही लगी लगी थी. इसलिए हमें एक दिन का रिमांड मिला. आज (10 नवंबर) रेगुलर कोर्ट लगेगी, जहां आरोपी वीरेंद्र तोमर को फिर से पेश किया जाएगा और एक सप्ताह का रिमांड मांगी जाएगी. रिमांड मिलने के बाद उससे आगे पूछताछ की जाएगी.