प्रदेश
हार्डकोर महिला नक्सली ने खैरागढ़ में किया सरेंडर
खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में आज पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है. लंबे समय से फरार चल रही 17 लाख रुपए की इनामी हार्डकोर महिला नक्सली कमला सोरी उर्फ उंगी उर्फ तरूणा (आयु 30 वर्ष) (Kamla Sodi surrender) ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 के तहत यह आत्मसमर्पण नक्सल उन्मूलन अभियान के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. कमला सोरी वर्ष 2011 से प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से जुड़ी रही. वह माड़ डिवीजन, बस्तर एमएमसी (मध्य प्रदेश–महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़) जोन की सक्रिय सदस्य थी और एमएमसी जोन प्रभारी रामदर की टीम की प्रमुख सदस्य के रूप में काम करती थी. इस दौरान उसने कई हिंसक वारदातों में भूमिका निभाई और पुलिस बलों पर हमले की योजनाओं में भी शामिल रही.
कमला सोरी मूल रूप से ग्राम अरलमपल्ली, थाना दोरनापाल, जिला सुकमा की निवासी है. वह छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र (गोंदिया जिला) और मध्य प्रदेश की सीमावर्ती पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय रही. तीनों राज्यों की पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर कुल 17 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शासन की विकासोन्मुखी नीतियों, ग्रामीण अंचलों में तेजी से चल रहे निर्माण कार्यों, सड़क और संचार सुविधाओं के विस्तार तथा सिविक एक्शन कार्यक्रमों के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में अब विश्वास का माहौल बन रहा है. सुरक्षा बलों द्वारा निरंतर संवाद और जनसंपर्क से नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. इसी मुहिम से प्रभावित होकर कमला सोरी ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया. आत्मसमर्पण के बाद कमला सोड़ी को छत्तीसगढ़ शासन की नीति के तहत ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि तत्काल प्रदान की गई. साथ ही पुनर्वास नीति-2025 के अंतर्गत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह आत्मसमर्पण शासन की नीतियों और सुरक्षा बलों की निरंतर कोशिशों का नतीजा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि कमला सोरी का यह कदम उन अन्य नक्सलियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा जो अभी भी जंगलों में सक्रिय हैं.
गलत सिग्नल पर चलाई गई ट्रेन, मेमू ट्रेन के मृत चालक के खिलाफ FIR दर्ज, कई स्तरों पर जांच शुरू
बिलासपुर। बिलासपुर के लाल खदान स्टेशन के पास हुए भीषण रेल हादसे की कई स्तरों पर जांच शुरू हो गई है. रेलवे ओर से रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) बृजेश कुमार मिश्रा जांच कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर बिलासपुर की तोरवा थाना पुलिस ने स्टेशन अधीक्षक की शिकायत पर पैसेंजर ट्रेन के मृत चालक के खिलाफ जुर्म दर्ज कर जांच शुरू की है.
बता दें, 4 नवंबर की शाम कोरबा से बिलासपुर आ रही मेमू ट्रेन ने लालखदान के पास खड़ी मालगाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी थी. इस हादसे में ट्रेन के चालक समेत 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 20 यात्री घायल हुए हैं.
मामले को लेकर रेलवे ने सुरक्षा आयुक्त (CRS) बृजेश कुमार मिश्रा को हादसे की जांच जिम्मेदारी सौंपी है. उन्होंने बुधवार से अपनी जांच शुरू कर दी है. अब 6 और 7 नवंबर को बिलासपुर DRM कार्यालय में पूछताछ होगी, जिसमें रेलवे के करीब 19 कर्मचारी और अधिकारी आवश्यक दस्तावेजों सहित तलब किए गए हैं. इनमें मेमू ट्रेन की सहायक लोको पायलट रश्मि राज, मालगाड़ी के गार्ड सुनील कुमार साहू, सहायक लोको पायलट पुनीत कुमार, मेमू ट्रेन के मैनेजर ए के दीक्षित, मालगाड़ी के मैनेजर शैलेश चंद्र, तीन स्टेशन मास्टर आशा रानी, ज्योत्स्ना रात्रे और निशा कुमारी, सेक्शन कंट्रोलर पूजा गिरी, CLI एस के आचार्य, CSM एस के निर्मलकर, सेक्शन इंजीनियर जे पी राठौर, जे के चौधरी, नरेंद्र साहू, बोधन गड़रिया, और कई अन्य तकनीकी कर्मचारी शामिल हैं.



जांच टीम ने गतौरा स्टेशन के सिग्नल पैनल रूम, रेल लाइन और दोनों प्रभावित ट्रेनों का निरीक्षण शुरू कर दिया है. CRS की टीम दुर्घटना स्थल पर सिग्नलिंग सिस्टम, ब्रेकिंग पॉइंट, और ट्रेन संचालन के सभी रिकॉर्ड का सूक्ष्म परीक्षण कर रही है.
CRS जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि रेड सिग्नल पार होने की वास्तविक वजह क्या थी? क्या यह सिग्नलिंग फेल्योर, संचालनिक लापरवाही, या मानव त्रुटि का परिणाम था. प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, ट्रेन के कंट्रोल पैनल लॉग और सिग्नल डेटा रिकॉर्डर (SDR) को जब्त कर लिया गया है.
रेलवे सूत्रों का कहना है कि जांच रिपोर्ट में सिग्नल की स्थिति, ड्राइवर और स्टेशन मास्टर के बीच संचार, कंट्रोल रूम से मिले आदेश, और मेमू ट्रेन के ब्लैक बॉक्स (डाटा रिकॉर्डर) की जांच को आधार बनाया जाएगा.
रेलवे बोर्ड ने CRS से तीन दिनों के भीतर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट तलब की है. इस रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा समीक्षा और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू होगी. रेल मंत्रालय ने साफ किया है कि इस जांच को “सर्वोच्च प्राथमिकता” दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
इधर रेलवे की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है, कि गलत सिग्नल वाली लाइन पर ट्रेन चलाई गई, इसलिए यह हादसा हुआ. मामले में पैसेंजर ट्रेन के मृत चालक विद्या सागर के खिलाफ स्टेशन अधीक्षक निखलेश विठालकर ने रिपोर्ट लिखाई है. हादसे में ट्रेन चालक की लापरवाही बताते हुए रिपोर्ट लिखाई गई है. जिस पर तोरवा थाना पुलिस ने ट्रेन चालक के खिलाफ बीएनएस की धारा 106 ए, 125 व रेलवे एक्ट की धारा 153, 154, 175 के तहत जुर्म दर्ज कर जांच शुरू की है.
रेलवे प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 5-5 लाख रुपये और सामान्य रूप से घायलों को 1-1 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है. दुर्घटना में जान गंवाने वालों में मेमू ट्रेन के लोको पायलट विद्या सागर भी शामिल हैं, जबकि सहायक लोको पायलट रश्मि राज, ट्रेन प्रबंधक अशोक कुमार दीक्षित, और मालगाड़ी के गार्ड शैलेश चंद्र अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे को लेकर अंबिकापुर में तैयारियां शुरू
अंबिकापुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 20 नवंबर को छत्तीसगढ़ प्रवास पर आएंगी। जहां अंबिकापुर में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर होने वाले आयोजनों में वे शामिल होंगी। राष्ट्रपति के आगमन की तैयारियां शुरू हो गई है। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी के ऐलान के बाद भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को देशभर में जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाई जाती है। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में इस साल जनजातीय गौरव दिवस बड़े स्तर पर मनाया जाएगा।
इस अवसर पर 19 और 20 नवंबर को अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में भव्य दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति रहेगी। वे इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी और प्रदेश के जनजातीय समुदायों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर 3 नवंबर को नवा रायपुर में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई।
बैठक में प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, संयुक्त सचिव बी.एस. राजपूत, अपर संचालक संजय गौड़, नोडल अधिकारी गायत्री नेताम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सरगुजा संभाग के सभी जिलों के सहायक आयुक्त भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस बैठक में शामिल हुए।
भारतीय महिला टीम के वर्ल्ड चैंपियन बनने पर CM साय का बड़ा ऐलान: राज्य सरकार आकांक्षा सत्यवंशी को देगी 10 लाख की सम्मान राशि, कहा- छत्तीसगढ़ की बेटी ने विश्व स्तर पर बढ़ाया प्रदेश का गौरव
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक विश्व कप विजय पर देशवासियों को बधाई और शुभ कामनाएँ देते हुए कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की यह अभूतपूर्व उपलब्धि हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है, जिसने विश्व पटल पर देश का मान बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस गौरवपूर्ण सफलता में छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी ने फिजियोथैरेपिस्ट एवं स्पोर्ट्स साइंस विशेषज्ञ के रूप में खिलाड़ियों की फिटनेस और रिकवरी में अतुलनीय योगदान देकर न केवल भारतीय टीम को सशक्त बनाया है, बल्कि देश का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर उज्ज्वल किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आकांक्षा सत्यवंशी ने अपने समर्पण, सेवा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह सिद्ध किया है कि छत्तीसगढ़ की बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में देश का गौरव बन सकती हैं। उनके उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करते हुए राज्य सरकार द्वारा ₹10 लाख की सम्मान राशि प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आकांक्षा सत्यवंशी की यह सफलता छत्तीसगढ़ की सभी बेटियों और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। यह उनकी मेहनत, निष्ठा और संकल्प का परिणाम है, जिसने पूरे राज्य को गौरवान्वित किया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खेल के क्षेत्र में नई पीढ़ी को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि छत्तीसगढ़ से और भी ऐसी प्रतिभाएँ निकलें जो देश का नाम विश्व में रोशन करें।
राज्य अलंकरण समारोह : उपराष्ट्रपति के हाथों महासमुंद की बेटी को मिला रानी वीरांगना अवंती बाई लोधी सम्मान
रायपुर। उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के राज्य अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ के 34 अलंकरण से विभिन्न क्षेत्रों से उत्कृष्ट योगदान देने वाले 37 विभूतियों एवं 4 संस्थाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अलंकरण समारोह के अति विशिष्ट अतिथि तथा विशिष्टि अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण उपस्थित थे।



राज्य अलंकरण समारोह में उप राष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन एवं मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद वीरनारायण सिंह पुरस्कार हिरेश सिन्हा जिला कांकेर को प्रदान किया। यति यतनलाल सम्मान भारतीय कुष्ठ निवारक संघ, कात्रे नगर सोठी जिला जांजगीर-चांपा, गुण्डाधूर सम्मान ज्ञानेश्वरी यादव राजनांदगांव, मिनीमाता सम्मान ललेश्वरी साहू दुर्ग, गुरूघासीदास सम्मान संयुक्त रूप से भुवनदास जांगड़े बेमेतरा एवं शशि गायकवाड़ बलौदाबाजार-भाटापारा, ठाकुर प्यारेलाल सिंह पुरस्कार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति डोमा जिला धमतरी, हबीब तनवीर सम्मान डॉ. कुंज बिहारी शर्मा जिला रायपुर, महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान चांदनी साहू जिला बिलासपुर को प्रदान किया गया।
इसी प्रकार पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान राजेश अग्रवाल जिला रायपुर, पंडित सुंदरलाल शर्मा सम्मान डॉ. चिंतरंजन कर जिला रायपुर, चक्रधर सम्मान पंडित कीर्ति माधव लाल व्यास जिला दुर्ग, दाऊ मंदराजी सम्मान रिखी क्षत्रिय जिला दुर्ग, डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार संयुक्त रूप से थनेन्द्र कुमार साहू जिला धमतरी एवं वामन कुमार टिकरिहा जिला बलौदाबाजार, महाराजा अग्रसेन सम्मान राजेन्द्र अग्रवाल राजू जिला बिलासपुर, चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार प्रिंट मीडिया हिन्दी डॉ. संदीप कुमार तिवारी रायपुर एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हिन्दी का पुरस्कार संयुक्त रूप से डॉ. सोमेश कुमार पटेल एवं अभिषेक शुक्ला रायपुर, मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार प्रिंट मीडिया अंग्रेजी भावना पाण्डेय जिला दुर्ग, दानवीर भामाशाह सम्मान नीरज कुमार बाजपेयी जिला राजनांदगांव, धन्वन्तरि सम्मान डॉ. अजय कृष्ण कुलश्रेष्ठ, बिलासादेवी केंवट मत्स्य विकास पुरस्कार सुखदेव दास जिला रायपुर को प्रदान किया गया।
इसी तरह डॉ. भंवरसिंह पोर्ते आदिवासी सेवा सम्मान जंगो रायतार विद्या केतुल शिक्षण संस्था ग्राम दमकसा जिला कांकेर, रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार संयुक्त रूप से मिथलेश कुमार आदिल एवं अग्रसर टीम जिला दुर्ग तथा एनटीपीसी लिमि. लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट पुसौर जिला रायगढ़ , पंडित लखनलाल मिश्र सम्मान योगेश कुमार साहू जिला कांकेर, छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान मनीष तिवारी जिला रायपुर, देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार रोहित कुमार कोसरिया जिला महासमुंद, किशोर साहू सम्मान सुनील सोनी जिला रायपुर, लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान राकेश तिवारी जिला रायपुर, लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार डॉ. विनोद कुमार वर्मा जिला बिलासपुर, किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण अनुराग बसु मुम्बई को प्रदान किया गया।
बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान संयुक्त रूप से खेमचंद जैन राजनांदगांव, डॉ. सुरेश मणि त्रिपाठी, डॉ. भूपेन्द्र करवंदे एवं भरतलाल सोनी रायपुर को, वीरांगन अवंतिबाई लोधी स्मृति पुरस्कार प्रेमशीला बघेल महासमुंद को, माता बहादुर कलारिन सम्मान शिल्पा पाण्डेय सृष्टि जिला सरगुजा को, पंडित माधव राव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान अवधेश कुमार नई दिल्ली तथा संस्कृत भाषा सम्मान डॉ. दादू भाई त्रिपाठी जिला रायपुर को प्रदान किया गया।
लखपति दीदी सम्मेलन में उपराष्ट्रपति ने की महिलाओं के नेतृत्व की सराहना, कहा– “लोकतंत्र केवल संसद में नहीं, गांव-गांव में बसता है”
रायपुर। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में “लखपति दीदी सम्मेलन” में भाग लिया। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने ‘लखपति दीदी’ पहल की सराहना की तथा इसे भारत की महिलाओं की शक्ति और दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि यह पहल उन महिलाओं - दीदियों - के संकल्प को दर्शाती है जो चुनौतियों को अवसरों में बदल रही हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि “लखपति दीदी” शब्द केवल आय का नहीं, बल्कि स्वतंत्रता, सम्मान और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि देशभर में महिलाओं के नेतृत्व में हजारों स्वयं सहायता समूह इस बात को दर्शा रहे हैं कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और एकजुटता कैसे जीवन को बदल सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन महिलाओं की उपलब्धियां देश की उन बहनों की परिवर्तनकारी शक्ति को रेखांकित करती हैं, जो ग्रामीण भारत की रीढ़ हैं।
सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए, उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का सपना महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की दिशा में एक असाधारण कदम है - एक ऐसा आंदोलन, जिसकी छत्तीसगढ़ में स्पष्ट अभिव्यक्ति हुई है।
उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ एवं पूरे देश में महिलाओं के बढ़ते नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने ‘लखपति दीदी’ पहल को एक ऐसा जीवंत आंदोलन बताया, जिसने देशभर में दो करोड़ से अधिक महिलाओं और छत्तीसगढ़ में पांच लाख महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों एवं आय-सृजन की गतिविधियों के जरिए वित्तीय आजादी हासिल करने में सक्षम बनाया है।
उन्होंने राज्य सरकार और राजनांदगांव जिला प्रशासन के समर्पित प्रयासों की सराहना की, जिससे 9,663 स्वयं सहायता समूहों के जरिए एक लाख से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया है और 700 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला सम्मान योजना के तहत राज्य द्वारा 20 किश्तों में कुल 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के सीधे हस्तांतरण ने महिला लाभार्थियों को सशक्त बनाया है।
सी.पी. राधाकृष्णन ने महिला सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में राजनांदगांव की अनूठी स्थिति पर प्रकाश डाला और कहा कि 1,000 से अधिक महिलाएं स्थानीय स्वशासन में पंच, सरपंच, जनपद और जिला पंचायत सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इस तथ्य को रेखांकित किया कि लोकतंत्र केवल संसद तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्राम सभाओं, पंचायतों और स्वयं सहायता समूहों में भी बसता है, जहां नागरिक मिलकर चर्चा करते हैं, निर्णय लेते हैं और विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी आंदोलन भागीदारी, पारदर्शिता और स्थानीय सशक्तिकरण को सुनिश्चित करके लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल ने इस धारणा को बदल दिया है कि महिलाओं को केवल घर तक ही सीमित रहना चाहिए। आज, वे प्रशासक के रूप में उभर रही हैं, आर्थिक आजादी हासिल कर रही हैं और भावी नेताओं को प्रेरित कर रही हैं।
उपराष्ट्रपति ने सरकारी सहायता से सभी बाधाओं पर विजय पाने के लिए लखपति दीदियों के साहस और दृढ़ संकल्प की सराहना की तथा आशा व्यक्त की कि वे शीघ्र ही करोड़पति दीदी बन जायेंगी।
छत्तीसगढ़ में हुई प्रगति को याद करते हुए, उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब इस राज्य को पानी, बिजली और विकास के अभाव का सामना करना पड़ता था, लेकिन आज यह राज्य पूरे देश के लिए बिजली का उत्पादन करता है और इसने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किया है।
उन्होंने इस क्षेत्र से नक्सल समस्या को समाप्त करने के सफल प्रयासों की भी सराहना की और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के सहयोगात्मक दृष्टिकोण को दिया।
उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि धन का सृजन करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि उसका वितरण। उन्होंने आगे कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारें प्रभावी ढंग से इन लक्ष्यों को हासिल करने में लगी हैं, जिससे नक्सलवाद जैसी चुनौतियों को कम करने में मदद मिली है।
हाल ही में विश्व कप में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जीत का उल्लेख करते हुए, सी.पी. राधाकृष्णन ने छत्तीसगढ़ की महिलाओं द्वारा किए जा रहे सामाजिक परिवर्तन के साथ एक प्रेरक तुलना की। उन्होंने उनके साहस, दृढ़ता और राष्ट्र की प्रगति में उनके योगदान की सराहना की।
सी.पी. राधाकृष्णन ने इस बात का भी स्मरण किया कि 1 नवम्बर 2000 को छत्तीसगढ़ के निर्माण से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना पूरा हुआ तथा उन्होंने एक सांसद के रूप में इस विधेयक का समर्थन करने पर गर्व व्यक्त किया।
अपने संबोधन का समापन करते हुए, उपराष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ और राजनांदगांव सशक्तिकरण, लोकतंत्र और संस्कृति के क्षेत्र में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते रहेंगे।
राजनंदगांव में आयोजित लखपति दीदी सम्मेलन के दौरान, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के समक्ष महिला समूहों द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक पहलों का प्रदर्शन किया गया। इनमें दिव्यांगजनों द्वारा स्वयं बनाए गए सहायक उपकरण भी शामिल थे। सी. पी. राधाकृष्णन ने इन रचनात्मक पहलों के जरिए जन कल्याण, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन और सामुदायिक विकास में महिलाओं के नेतृत्व की सराहना की।
सी. पी. राधाकृष्णन ने राजनंदगांव स्थित उदयाचल स्वास्थ्य एवं अनुसंधान संस्थान में एक नए पांच-मंजिला भवन का भी उद्घाटन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ को मोतियाबिंद मुक्त बनाने में इस संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका और तपेदिक से निपटने एवं वृक्षारोपण अभियानों को बढ़ावा देने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता की सराहना की।
उपराष्ट्रपति ने मोतियाबिंद-मुक्त भारत की दिशा में हुई राष्ट्रीय प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान की उल्लेखनीय उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी बताया कि आयुष्मान भारत, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और प्रधानमंत्री-आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन जैसी पहल देशभर में स्वास्थ्य सेवा की सुलभता के मामले में व्यापक बदलाव ला रही हैं।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका; मुख्यमंत्री विष्णु देव साय; छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनंदगांव में आयोजित दोनों कार्यक्रमों में उपस्थित थे।
इससे पहले उपराष्ट्रपति ने नवा रायपुर में भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (एसकेएटी) द्वारा आयोजित शानदार एयर शो का भी अवलोकन किया। यह शो राज्य के गठन की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव समारोह का एक हिस्सा था। कौशल और सटीकता के इस अद्भुत प्रदर्शन ने देशभक्ति का माहौल बनाया और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
बिलासपुर रेल हादसा : कमिश्नर ऑफ सेफ्टी ने घटना स्थल पहुंचकर शुरू की हादसे की जांच, तीन दिन में रेलवे बोर्ड को सौंपेंगे रिपोर्ट
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेल हादसे में अब तक 11 यात्रियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। रेलवे ने घटना की जांच शुरू कर दी है। दक्षिण पूर्वी रेलवे सर्किल के कमिश्नर ऑफ सेफ्टी बीके मिश्रा घटना की जांच कर तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंपेंगे।
कमिश्नर ऑफ सेफ्टी ने सहयोगी अफसरों के साथ आज गतौरा स्टेशन के पास घटना स्थल पहुंचकर ट्रैक और क्षतिग्रस्त ट्रेन की जांच की। जानकारी के मुताबिक, कमिश्नर ऑफ सेफ्टी बीके मिश्रा तीन दिनों तक बिलासपुर में रहकर ट्रेन हादसे की सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करेंगे। स्टेशन मास्टर, प्वाइंट्स मैन, की मैन, गार्ड शैलेश चंद्र, सेक्शन इंजीनियर, सिग्नल और इंजीनियरिंग सहित संबंधित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज करेंगे। इसके बाद कमिश्नर ऑफ सेफ्टी बीके मिश्रा अपनी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंपेंगे।
प्राथमिक तौर पर ट्रेन क्रू मेंबर को माना जा रहा हादसे का जिम्मेदार
रेल हादसे की सुपरवाइजरी जांच रिपोर्ट भी सामने आई है। इस हादसे के लिए प्राथमिक तौर पर ट्रेन क्रू मेंबर को जिम्मेदार माना जा रहा है। CRS टीम की जांच के बाद मामले की पुष्टि होगी। आज CRS ने घटना स्थल का मुआयना किया है। वहीं अस्पताल पहुंचकर घायलों से भी मुलाकात की है।
तोरवा पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
वहीं बिलासपुर रेल हादसे में पुलिस ने FIR दर्ज कर लिया है। रेलवे से आए मेमो के आधार पर अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने गैर जमानती धाराओं में मामला दर्ज किया है। धारा106(1), 125(ए), 153, 154, 175 व रेल्वे एक्ट के तहत तोरवा थाने में अपराध दर्ज किया गया है।
उपराष्ट्रपति रजत महोत्सव के समापन में हुए शामिल, बोले, ‘छत्तीसगढ़ में विकास और विश्वास ने भय और हिंसा का स्थान लिया’, नक्सलवाद को समाप्त करने के प्रयास को सराहा
रायपुर। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन आज नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। यह आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसमें राज्य की विकास, प्रगति और सांस्कृतिक समृद्धि की प्रेरक यात्रा का जश्न मनाया गया।
उपराष्ट्रपति ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए, इस ऐतिहासिक रजत जयंती समारोह में छत्तीसगढ़ के लोगों के साथ शामिल होने पर अपार प्रसन्नता व्यक्त की जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। इस पाँच दिवसीय महोत्सव में लोगों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और इसके प्रभावशाली सामाजिक-आर्थिक बदलाव की झलक देखी।
उपराष्ट्रपति ने 1 नवम्बर 2000 को राज्य के निर्माण में स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के दूरदर्शी नेतृत्व को गर्व से याद किया और एक पूर्व लोकसभा सांसद के रूप में अपने जुड़ाव को व्यक्तिगत तौर पर प्रकट किया, जब उन्होंने राज्य पुनर्गठन विधेयक का समर्थन किया था। उन्होंने छत्तीसगढ़ की असाधारण 25 साल की यात्रा की सराहना की - भारत के सबसे युवा राज्यों में से एक होने से लेकर सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में प्रगति के एक मॉडल के रूप में उभरने तक।
सी.पी. राधाकृष्णन ने नक्सलवाद के खतरे को खत्म करने में राज्य की सफलता की सराहना की और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ नेतृत्व के साथ-साथ राज्य सरकार, सुरक्षा बलों और स्थानीय समुदायों के समर्पित प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि विकास और विश्वास ने छत्तीसगढ़ में भय और हिंसा का स्थान ले लिया है।
उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ की सफलता की नींव रखने वाले लोगों - किसानों, जनजातीय समुदायों, उद्यमियों, शिक्षकों और युवाओं - की सराहना की। उन्होंने राज्य की अनुकरणीय सार्वजनिक वितरण प्रणाली की विशेष रूप से सराहना की, जो 72 लाख से अधिक लाभार्थियों को निःशुल्क खाद्यान्न प्रदान करती है, और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को बधाई दी।
सी.पी. राधाकृष्णन ने राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए आदिवासी समुदायों को सम्मान दिया। उन्होंने आदिवासी समुदायों की बुद्धिमत्ता, संस्कृति और सतत जीवन शैली की सराहना की, जो आज के पारिस्थितिक और सामाजिक संदर्भ में गहरी प्रासंगिकता रखती है।
उपराष्ट्रपति ने राज्य में उल्लेखनीय बुनियादी ढांचे के विकास पर भी प्रकाश डाला, जिसमें व्यापक सड़क, रेल, एक्सप्रेसवे और हवाई अड्डे की कनेक्टिविटी शामिल है, जिसने सुदूरवर्ती जिलों को राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा है। उन्होंने नवा रायपुर की भारत के पहले ग्रीनफील्ड शहर के रूप में प्रशंसा की, जो आईटी हब, फार्मा हब, एआई डेटा सेंटर पार्क और उन्नत स्वास्थ्य सेवा के लिए एक विश्वस्तरीय मेडिसिटी जैसी नई-पुरानी पहलों के माध्यम से एक वैश्विक क्षमता केन्द्र बनने के लिए तैयार है।
उन्होंने "अंजोर विज़न @2047" के अंतर्गत सेमीकंडक्टर निर्माण और डिजिटल शासन सुधारों सहित उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने वाले छत्तीसगढ़ के प्रयासों को रेखांकित किया, जिसका उद्देश्य आर्थिक विस्तार, मानव विकास और स्थायी शासन को बढ़ावा देना है, जो एक विकसित भारत की राष्ट्रीय कल्पना के अनुरूप है।
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परम्पराओं की प्रशंसा करते हुए, उपराष्ट्रपति ने क्षेत्र के पारंपरिक नृत्यों जैसे पंथी और कर्मा, और इसकी समृद्ध आदिवासी कलाओं और शिल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विविधता में एकता की भारतीय भावना का प्रतीक है, जहाँ सांस्कृतिक संरक्षण और आधुनिकीकरण साथ-साथ चलते हैं।
वास्तविक प्रगति पर ज़ोर देते हुए, सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि "प्रगति केवल सकल घरेलू उत्पाद से नहीं, बल्कि लोगों के चेहरों पर मुस्कान, शासन में उनके विश्वास और हर बच्चे की आँखों में चमकती आशा से भी मापी जाती है।"
अपने संबोधन के समापन पर, उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ के युवाओं से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित प्रौद्योगिकियों और वैश्विक बाज़ारों में उभरते अवसरों का लाभ उठाने और साहस, रचनात्मकता और करुणा के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि रजत महोत्सव को केवल अतीत के उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक प्रतिज्ञा के रूप में देखा जाना चाहिए - एक विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से एक विकसित भारत के निर्माण, लोकतंत्र को मजबूत करने, संस्कृति का सम्मान करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उज्जवल कल छोड़ने की प्रतिज्ञा।
छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका; मुख्यमंत्री विष्णु देव साय; छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह; और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
गौठान में 14 मवेशियों की मौत मामले में FIR दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
जांजगीर-चांपा। जिले के सलखन गांव के गौठान में 14 मवेशियों की मौत मामले में जांजगीर चांपा पुलिस ने संज्ञान लिया है। जिले में पहली बार गौठान में मवेशियों की मौत पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और धारा 325 के तहत FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जांजगीर चांपा जिले के गौठान में लगातार मवेशियों की मौत हो रही है, लेकिन इस मामले में जिला प्रशासन चुप्पी साध रखी है। मवेशियों को बेमौत मरने के लिए गौठान में किसने डाला, इसका भी जवाब देने वाला कोई नहीं है, जिसके कारण लगातार मवेशी काल के गाल में समा रहे हैं. ताजा मामला शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के सलखन गांव का है, जहां अलग-अलग दिनों में 14 मवेशियों की मौत हुई है। 6 अक्टूबर को किसी ने पुलिस अधीक्षक को सलखन गांव के गौठान के अंदर कई मवेशियों के मृत होने की सूचना दी थी, जिस पर पुलिस अधीक्षक ने सहायक उप निरीक्षक के माध्यम से मौका मुआयाना कराया, जिसमें 14 मवेशियों की मौत होने की पुष्टि हुई।
पुलिस अधीक्षक ने इस मामले को यहीं नहीं छोडा बल्कि मृत मवेशियों का पोष्टमार्टम भी कराया और गौठान का निरीक्षण के निर्देश दिए। जांच में पाया गया कि गौठान को चारों ओर से झटका तार से घेरा गया था। गौठान के अंदर ही एक तालाब है, तालाब के मेढ़ के ऊपर और नीचे मवेशी मृत पाए गए हैं, जिसमें 7 मवेशी बैल और 7 मवेशी गाय हैं, जिनकी डाॅक्टरी परीक्षण के बाद दफन भी कराया गया।
गौठान संरक्षक की बड़ी लापरवाही आई है सामने
चांपा एसडीओपी यदुमणि सिदार ने बताया, 14 मवेशियों की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का स्पष्ट मत नहीं आ पाया है, लेकिन इस मामले में गौठान संरक्षक की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने धारा 11(1) (क ) पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और धारा 325 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस नेता बनाएंगे नई राष्ट्रीय पार्टी, बृहस्पत सिंह बोले – पार्टी ज्वाइन करने कांग्रेस से ज्यादा BJP के नेता कर रहे संपर्क
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह ने नई राष्ट्रीय पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने कहा कि आदिवासी नेताओं को लेकर पार्टी बनाएंगे. इसके लिए कई राज्यों के आदिवासी नेताओं से सहमति ली गई है. कांग्रेस से ज्यादा BJP के नेता पार्टी ज्वाइन करने संपर्क कर रहे हैं.
कांग्रेस के पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह ने कहा, बीजेपी, कांग्रेस राज्य और देश हित के लिए नहीं है. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस कुछ लोगों के घर की पार्टी हो गई है. कांग्रेस चार भागों में बटी हुई है और अपने अपनों से लड़ रहे हैं. पिछले चुनाव में 22 विधायकों का टिकट काट दी गई थी. कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा.
कई राज्यों के नेताओं के साथ हो चुकी है बैठक
उन्होंने कहा, मध्यप्रदेश, ओडिशा, बिहार, झारखंड, तेलंगाना और उत्तरप्रदेश के नेताओं के साथ हमारी बैठक हो चुकी है. लगातार बड़े-बड़े नेता और अधिकारी पार्टी ज्वाइन करने के लिए कॉल कर रहे हैं. कांग्रेस से ज्यादा BJP के नेता सम्पर्क कर रहे हैं. ग्राउंड में मेहनत हम करते हैं और टिकट के टाइम दूसरे को दे मौका दिया जाता है, इसका भारी आक्रोश है.
पशु ट्राली में सीएम और मंत्री का कटआउट ढोने के मामले में कमिश्नर ने लिया बड़ा एक्शन, निगम के 2 सब इंजीनियर सहित 3 सस्पेंड
कोरबा। कोरबा में राज्योत्सव की तैयारी के दौरान पशु ट्राली में मुख्यमंत्री और मंत्रियों के साथ ही मेयर का कटआउट ढोने के मामले में निगम कमिश्नर ने बड़ा एक्शन लिया है। कारण बताओं नोटिस जारी करने के बाद संतोषप्रद जवाब नही मिलने पर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने 2 सब इंजीनियर और एक स्वच्छता निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आपको बता दे राज्योत्सव कार्यक्रम की तैयारी के दौरान हुए इस घटनाक्रम के बाद राजनीति गरमा गयी थी।
गौतरलब है कि कोरबा में 2 नवंबर से आयोजित राज्योत्सव की तैयारी के लिए नगर निगम के अधिकारियों ने बड़ी चूक कर दी थी। कार्यक्रम की तैयारी के दौरान निगम के जवाबदार अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के साथ ही सरकार के मंत्रियों और मेयर के कटआउट को पशु ट्राली में ढोकर सभा स्थल तक पहुंचाया गया था। सोशल मीडिया में जब ये फोटो वायरल हुआ, तो निगम के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। महापौर संजूदेवी राजपूत ने निगम के अफसरों के इस कृत्य पर जमकर नाराजगी जतायी थी।
जिसके बाद निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने इस मामले में एक्शन लेते हुए लापरवाही बताते हुए निगम के उप अभियंता अश्विनी दास, स्वच्छता निरीक्षक रविंद्र थवाइत और उप अभियंता अभय मिंज को नोटिस जारी कर 48 घंटे में जवाब मांगा गया है। नोटिस के बाद संतोषप्रद जवाब नही मिलने के बाद आज निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने दोनों उप अभियंता सहित स्वच्छता निरीक्षक को इस गंभीर लापरवाही का दोषी पाया। जिसके बाद उन्होने तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
अब छत्तीसगढ़ के इस कलेक्टर को हटाने की मांग पर अड़े BJP नेता, सांसद बघेल ने CM और प्रदेश अध्यक्ष से की शिकायत, हाईकमान को विवाद बढ़ने का सताने लगा डर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राज्य गठन का 25वां वर्षगांठ रजत महोत्सव धूमधाम से संपन्न हो गया। लेकिन इसी राज्योत्सव के दौरान बेमेतरा जिले के कलेक्टर को हटाने की मांग बीजेपी नेताओें ने बुलंद कर दी है। आरोप है कि राज्योत्सव कार्यक्रम स्थल पर बैठक व्यवस्था को लेकर कलेक्टर रणवीर शर्मा ने बीजेपी नेताओं को पीछे बैठने की बात कहते हुए फटकार लगा दी थी। इस बात से नाराज बीजेपी विधायक दीपेश साहू और समर्थकों ने कलेक्टर को हटाने की मांग को लेकर अड़ गये है। उधर इस घटना के बाद अब हाईकमान को कलेक्टर से हुआ ये विवाद बढ़ने का डर सताने लगा है।
छत्तीसगढ़ में ब्यूरोक्रेसी और रोजनेताओं के बीच टकराहट खत्म होने का नाम ही नही ले रहा है। पर्वू गृहमंत्री ननकीराम कंवर का कोरबा कलेक्टर को हटाने की मांग को लेकर राजधानी में हुआ बवाल अभी शांत ही हुआ था, बेमेतरा में नये विवाद ने जन्म ले लिया है। बताया जा रहा है कि बेमेतरा शहर के बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित राज्योत्सव का पहला ही दिन विवादों से घिरा रहा। विवाद की वजह राज्योत्सव स्थल पर बैठक व्यवस्था रही। यहां आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम को देखने के लिए नगर पालिका के पार्षद मंच के सामने ही सोफा पर बैठे हुए थे।
आरोप है कि ये बात कलेक्टर रणवीर शर्मा को नागवार गुजरी और उन्होने बीजेपी पार्षदों को पीछे जाकर बैठने की बात कहते हुए फटकार लगा दी। बस फिर क्या था कलेक्टर के इस व्यवहार से क्षुब्द्ध पार्षदों ने तुरंत आपत्ति जताते हुए विरोध शुरू कर दिया। यहां देर रात कलेक्टर रणबीर शर्मा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच बहस हुई। इस दौरान विधायक दीपेश साहू के सामने ही कलेक्टर के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की गयी। बताया जा रहा है कि कलेक्टर और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच विवाद शांत नही होने पर विधायक दीपेश साहू समेत अन्य भाजपा कार्यकर्ता कार्यक्रम को छोड़कर चले गए।
इस विवाद के बाद सांसद विजय बघेल की उपस्थिति में देर रात ही विश्राम गृह में आपात बैठक आयोजित किया गया। इस बैठक में विधायक दीपेश साहू समेत पार्टी के पदाधिकारी मौजूदगी में कलेक्टर रणवीर शर्मा को तत्काल बेमेतरा से हटाने की मांग की गयी। पार्टी सूत्रों की माने तो इस फैसले के बाद सांसद विजय बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव सहित संगठन महामंत्री पवन साय से फोन पर बात कर इस घटना से अवगत कराया गया। साथ ही कलेक्टर को समय रहते जिले से हटाने की मांग रखी गयी।
कलेक्टर ने कहा….पार्षद झूठे आरोप लगा रहे हैं
वहीं इस पूरे घटनाक्रम पर कलेक्टर रणवीर शर्मा ने भी अपना पक्ष रखा है। उन्होने इन सारे आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कोई घटना ही नहीं हुई है। पार्षदों को उठाकर महिला अधिकारियों को सोफे पर बैठाने की कोई घटना नहीं हुई है। पार्षद झूठे आरोप लगा रहे हैं।
राजनेताओं को विवाद बढ़ने का सताने लगा डर
बेमेतरा में हुए इस घटना के बाद जिस तरह से बीजेपी नेताओं ने कलेक्टर रणवीर शर्मा के खिलाफ आवाज बुलंद की है, उसने एक बार फिर सूबे की राजनीति को गरमा दी है। बेमेतरा जिले में भाजपा नेताओं ने कलेक्टर को नहीं हटाए जाने तक किसी भी शासकीय कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ता व जनप्रतिनिधियों के शामिल नही होने का एलान कर दिया है।ऐसे में बीजेपी के बड़े नेताओं को डर है कि इससे पहले ननकीराम कंवर ने कलेक्टर को हटाने की मांग को लेकर जिस तरह से रायपुर में बवाल किया था, वैसी घटना दोबारा न हो जाये। क्योंकि ऐसा होता है तो इससे पार्टी और सरकार के इमेज पर गहरा असर पड़ेगा। खैर देखने वाली बात होगी कि इस पूरे मामले में सरकार क्या फैसला लेती है, ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।
राज्योत्सव पर वायु सेना की टीम का रोमांचक एयर शो, सेंध जलाशय के ऊपर आसमां में गूंजा 'जय जोहार' और 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया'
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर आज नवा रायपुर के सेंध जलाशय के ऊपर भारतीय वायु सेना की प्रतिष्ठित एरोबेटिक “सूर्यकिरण” की टीम ने रोमांचक एयर शो का प्रदर्शन किया। देश के उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के साथ हजारों लोगों ने अद्भूत और रोमांचक एयर शो का आनंद लिया। आज प्रदेशवासियों के लिए वायु सेना का एयर शो कमाल का अनुभव रहा। सेंध जलाशय के ऊपर वायु सेना के फाइटर प्लेन्स ने एक के बाद एक कई हवाई करतब दिखाए। आसमान में पंछियों के झुंड की तरह बिल्कुल क्रम से उड़ने वाले फाइटर प्लेन्स के माध्यम से वायु सेना के जाबांजों ने अपने नियंत्रण और शौर्य का अद्भुत प्रदर्शन किया। विमानों के माध्यम से जब आकाश में तिरंगा लहराया तो सेंध जलाशय भारत माता की जय के नारे से गूंज उठा।


एयर शो के दौरान “सूर्यकिरण” टीम के लीडर ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी ने आसमान से छत्तीसगढ़वासियों को रजत महोत्सव की बधाई दी। वहीं छत्तीसगढ़ निवासी भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर गौरव पटेल ने सेंध जलाशय के ऊपर अपने कॉकपिट से ‘जय जोहार’ और ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ कहकर दर्शकों का अभिवादन किया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब और सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित विभिन्न निगमों, मंडलों और आयोगों के पदाधिकारी भी एयर शो देखने पहुंचे थे।


“सूर्यकिरण” टीम ने अनुशासन, परस्पर विश्वास, सटीकता और उत्साह के साथ एक घंटे तक वायु सेना के विमानों के साथ कलाबाजी दिखाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। नवा रायपुर के सेंध जलाशय में मौजूद हजारों दर्शक पायलटों के हैरतअंगेज साहस और करतबों को देखकर मंत्रमुग्ध होते रहे। विंग कमांडर ए.व्ही. सिंह के नेतृत्व में वन-एफ-9 और वन-एफ-8 हेलीकॉप्टर यूनिट ने वी-17 और वी-5 हेलीकॉप्टरों से स्लीपरी और स्काई-ऑपरेशन के करतब दिखाए। ‘आदिदेव’ नाम के इन हेलीकॉप्टरों से केवल 15 मीटर ऊंचाई पर स्थिर रहकर 14 गरूड़ कमांडोज रस्सी के सहारे नीचे उतरे। वहीं स्काई-ऑपरेशन के दौरान आठ गरूड़ कमांडोज रस्सी पर लटककर हेलीकॉप्टर से दर्शकों के सामने से आकाश में उड़ते हुए गुजरे। इन दोनों ऑपरेशनों को लड़ाई और आपदा के दौरान जनसामान्य को बचाने के लिए किया जाता है।




एयर शो में “सूर्यकिरण” की टीम के नौ हॉक-मार्क-123 फाइटर विमानों ने आसमान में हार्ट, डायमंड, लूप, ग्रोवर, डान लाइट, कॉम्बैट तेजस जैसे शानदार फार्मेशन बनाकर लोगों को रोमांचित किया। नीले आसमान में उड़ते लाल-सफेद जेट विमानों द्वारा तिरंगे की आकर्षक ट्रेल छोड़ने पर सेंध जलाशय परिसर तालियों और जय-हिंद के नारों से गूंज उठा। हज़ारों की संख्या में मौजूद नागरिक, युवा और बच्चे लगातार विमानों की कलाबाजियों को अपने कैमरों और मोबाइलों में कैद करते रहे।




वायु सेना के जाबांज फाइटर पायलटों ने आसमान में दिल की आकृति बनाकर 25वें राज्योत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने तिरंगे के तीन रंगों से डीएनए की आकृति बनाकर तिरंगे के प्रति अपना सम्मान प्रस्तुत किया। उन्होंने 360° में फाइटर जेट उड़ाते हुए उल्टा जेट भी उड़ाया। तेजस और युवाओं को समर्पित अंग्रेजी अक्षर ‘वाई’ की आकृति बनाने के साथ ही कई करतब दिखाए। टीम का प्रदर्शन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि युवाओं में देशप्रेम, साहस और भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा की प्रेरणा जगाने का संदेश भी देता है।


एयर शो में छत्तीसगढ़ के स्क्वाड्रन लीडर श्री गौरव पटेल का शामिल होना राज्यवासियों के लिए गर्व और भावनात्मक जुड़ाव का पल था। आसमान में अपने विमान को तेज गति से उड़ाते हुए श्री पटेल ने अपने कॉकपिट से ‘जय जोहार’ और ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ का जय घोष किया। फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू ने अपनी लाइव कमेंट्री के दौरान एयर शो के रोमांचक वर्णन के साथ ही पायलटों के अनुशासन, समर्पण, प्रशिक्षण और जोखिम प्रबंधन की बारीकियों की जानकारी दी।
‘सूर्यकिरण’ एशिया की एकमात्र नौ लड़ाकू विमानों वाली एरोबैटिक टीम, 1996 में हुई थी स्थापना
भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (Surya Kiran Aerobatic Team) एशिया की एकमात्र नौ लड़ाकू विमानों वाली एरोबैटिक टीम है। यह विशिष्ट टीम भारत में ही निर्मित एचएएल (HAL) लाइसेंस प्राप्त हॉक एमके-132 (Mk-132) विमान उड़ाती है। इन विमानों के ज़रिए भारतीय वायु सेना की सटीकता, पेशेवर उत्कृष्टता और कौशल का अद्भुत प्रदर्शन करती है, जिसमें रोमांचक हवाई करतब और बेहद सटीक फॉर्मेशन शामिल होते हैं। सूर्यकिरण टीम को उसका मिशन विशेष बनाता है। देश के युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होकर देशसेवा के लिए प्रेरित करना इनका मिशन है।
सूर्यकिरण टीम की स्थापना वर्ष 1996 में की गई थी। तब से यह टीम एशिया की एकमात्र नौ-विमानों वाली एरोबैटिक टीम होने का गौरव रखती है और दुनिया की कुछ चुनिंदा शीर्ष एरोबैटिक टीमों में शामिल है। यह असाधारण टीम अब तक भारत भर में 700 से अधिक प्रदर्शन कर चुकी है। साथ ही चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय एयर शोज़ में भी किया है। टीम मंं कुल 13 पायलट, 3 इंजीनियरिंग अधिकारी, 1 उद्घोषक (कमेन्टेटर) और 1 चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं।
सूर्यकिरण टीम भारतीय वायुसेना की उस भावना को दर्शाती है जो उत्कृष्टता, अनुशासन और टीमवर्क पर आधारित है। टीम के सभी पायलट अत्यंत कठिन प्रशिक्षण से गुजरते हैं, जिसमें जटिल एरोबैटिक मूवमेंट्स का महीनों तक अभ्यास किया जाता है। उनका बेदाग़ तालमेल और नियंत्रण ही क्लोज़ फॉर्मेशन फ्लाइंग की नींव है जहाँ नौ विमान मानो एक ही आत्मा से संचालित प्रतीत होते हैं।
PCC चीफ बैज ने अस्पताल पहुंचकर रेल हादसे के घायलों का जाना हाल-चाल
बिलासपुर। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज आज बिलासपुर के रेलवे अस्पताल पहुंचे, जहां रेल हादसे के घायलों से मुलाकात कर हाल-चाल जाना. इलाज को लेकर डॉक्टरों से बातचीत की. साथ ही अफसरों से घटना के बारे में जानकारी ली.
बैज ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा, रेल हादसे के जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. केंद्र और प्रदेश दोनों सरकार फेल है. अगर दोनों सरकारें ठीक से ध्यान देती तो ऐसा हादसा नहीं होता. रेल हादसे में हुई मौतों के लिए केंद्र व राज्य सरकार जिम्मेदार है.
मृतक परिवारों को 1-1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख देने की मांग
दीपक बैज ने डिप्टी सीएम अरुण साव के बयान पर भी पलटवार किया. उन्होंने कहा, हम राजनीति करने नहीं आए हैं. 11 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन है. कोयला गाड़ी को प्राथमिकता दी जा रही है, यात्री ट्रेनों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है. छत्तीसगढ़ से सबसे ज्यादा आय देने वाला रेलवे जोन है. एक जान की कीमत 10 लाख रुपए दिया जा रहा है. मृतक परिवारों को 1-1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख रुपए दिया जाना चाहिए.
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने ‘सूर्यकिरण’ की सफलता पर जनता, रक्षा मंत्री और उपराष्ट्रपति का जताया आभार
रायपुर। राजधानी में सम्पन्न हुआ ‘सूर्यकिरण’ कार्यक्रम अपनी भव्यता और ऐतिहासिक सफलता के साथ छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ गया। देश की सैन्य शक्ति, अनुशासन और जनसहभागिता के इस अद्भुत संगम को देखने हजारों नागरिक उमड़े।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यक्रम की सफलता पर सभी आयोजकों, सैनिक बलों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।






उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को कार्यक्रम के आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। जिनके मार्गदर्शन और सहयोग इस आयोजन की सफलता का प्रमुख आधार रहा। सांसद अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने स्वयं रक्षा मंत्री को आमंत्रण पत्र लिखकर इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए अनुरोध किया था, जिसे रक्षा मंत्री ने अपनी स्वीकृति प्रदान की थी।
सांसद अग्रवाल ने उपराष्ट्रपति महोदय का भी हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया जिन्होंने ‘सूर्यकिरण’ रजत जयंती समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर इस आयोजन की गरिमा को कई गुना बढ़ाया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने देशभक्ति, संगठन और नवयुवाओं की राष्ट्रसेवा भावना को नई दिशा दी है।
सांसद ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भी इसी उत्साह से ‘सूर्यकिरण’ कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की पहचान और भारत की एकता का प्रतीक बना रहेगा।
छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी ठंड, तीन दिन बाद 3 डिग्री तक तापमान गिरने की संभावना
रायपुर। वातावरण में मौजूद नमी में कमी होने की वजह से रात में ठंड की वापसी होने लगी है. आने वाले तीन दिनों में तापमान में गिरावट आने की संभावना है. पिछले चौबीस घंटे में रायपुर का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है. प्रदेश में मौसम अब सामान्य होने लगा है जिससे नवंबर की ठंड महसूस होने लगी है. रात में मौसम ठंडकता लिए हुए मगर दिन की धूप अभी भी परेशान करने वाली है.
पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में सबसे ज्यादा ठंड अंबिकापुर में पड़ी, यहां रात का पारा 12.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. वहीं सबसे ज्यादा तापमान जगदलपुर में 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है.
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है. इसके बाद 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हो सकती है. उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में मौसम शुष्क बना रहेगा। अगले तीन दिनों तक दक्षिण छत्तीसगढ़ में मौसम शुष्क बने रहने के आसार हैं.
रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ?
राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्य तौर पर साफ रहने की संभावना जताई गई है. इस दौरान तापमान 21 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने के अनुमान हैं. सी होने लगी है. आने तीन दिनों में तापमान और गिरावट आने की संभावना है.
राज्य अलंकरण सम्मान की घोषणा, उप राष्ट्रपति के हाथों इन 34 हस्तियों को किया जाएगा सम्मानित, देखें लिस्ट…
रायपुर। नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव 2025 के अंतिम दिन राज्य अलंकरण समारोह होगा. इस साल 34 राज्य अलंकरण दिया जाएगा. संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने बुधवार को मीडिया से चर्चा में राज्य अलंकरण से सम्मानित होने वाले लोगों की लिस्ट भी जारी की है.




