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"एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण कर शाला प्रवेश उत्सव का शुभारंभ
रायपुर। सांसद एवं पूर्व शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने शुक्रवार को राजधानी के प्रतिष्ठित नगर माता बिन्नी बाई सोनकर शासकीय अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के अंतर्गत पौधारोपण कर शाला प्रवेश उत्सव का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि, मां और प्रकृति, दोनों ही जीवन की जननी हैं। यह अभियान हमें यह स्मरण कराता है कि जड़ों से जुड़े रहकर ही हम ऊँचाइयों को छू सकते हैं। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जो समाज को भावनात्मक रूप से भी जोड़ता है। उन्होंने स्कूल में पढ़ने वाले करीब 1400 विद्यार्थियों से भी एक एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आह्वाहन किया।
शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर जब विद्यार्थियों को स्कूल बैग, किताबें, कॉपियाँ और गणवेश प्रदान किए गए, तो उनके नन्हें चेहरों पर शिक्षा की नई शुरुआत की चमक साफ झलक रही थी।








इस अवसर पर जिले में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों, कक्षा 10वीं और 12वीं के टॉपर्स को सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और सह-शैक्षणिक गतिविधियों में सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों के भविष्य को आकार देने की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी शिक्षकों की है, और उनमें भी वही निष्ठा, अनुशासन और समर्पण अपेक्षित है, जैसा हम विद्यार्थियों से अपेक्षा करते हैं।
उन्होंने सभी शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों को आयोजन में सहभागिता के लिए साधुवाद दिया और आह्वान किया कि,
आइए, हम सब मिलकर शिक्षा, पर्यावरण और संस्कार की इस पवित्र यात्रा को आगे बढ़ाएँ।
कार्यक्रम में नगर निगम सभापति सूर्यकांत राठौर, जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, जोन अध्यक्ष बद्री प्रसाद गुप्ता, पार्षद रवि सोनकर, अमित साहू, मंडल अध्यक्ष अभिषेक तिवारी, तुषार चोपड़ा समेत गणमान्यजन उपस्थित रहे।
सरकार की योजनाएं समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने ही हमारा संकल्प: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने आज विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत 334 हितग्राहियों को कुल 35 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक वितरित किए।
इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाएं समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का हमारा संकल्प है। आज जिन हितग्राहियों को सहायता प्रदान की गई है, वे स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला स्वसहायता समूहों, रामायण मंडलियों, जसगीत एवं देवी जागरण से जुड़े पंजीकृत संगठनों से संबंधित हैं।




उन्होंने आगे कहा कि यह सहायता केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता को सशक्त बनाने का माध्यम है। हमारी कोशिश है कि जनभागीदारी से जुड़ी संस्थाएं और अधिक प्रभावी ढंग से समाज के सेवा कार्यों में सहभागी बनें।
कार्यक्रम में नगर निगम सभापति सूर्यकांत राठौर एवं जिला पंचायत सदस्य सविता चंद्राकर विशेष रूप से उपस्थित रहीं। श्री अग्रवाल ने सभी हितग्राहियों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि वे इस सहयोग से प्रेरणा लेकर समाज सेवा एवं अपने क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता के पोस्टर का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया विमोचन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता के पोस्टर का विमोचन किया। यह प्रतियोगिता 1 जुलाई से 21 अगस्त 2025 तक आयोजित की जा रही है। इसका प्रमुख उद्देश्य स्वदेशी परंपराओं के पुनरुद्धार पर आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनमानस में जागरूकता का वातावरण तैयार करना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी चुनौती है, जिससे निपटने के लिए भावी पीढ़ियों को जागरूक और संवेदनशील बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्कूली और महाविद्यालयीन छात्र इस अभियान में सहभागी होकर न केवल अपनी रचनात्मक क्षमताओं का विकास करेंगे बल्कि पारंपरिक जीवन मूल्यों और पर्यावरणीय संतुलन को भी मजबूत करेंगे।
इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण गतिविधि संस्थान के प्रतिनिधि अक्षय अलकरी, मनोहर चंदेल, आनंद पांडे और डॉ. अनुज नारद सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
सोना तस्करी सिंडिकेट पर ED की बड़ी कार्रवाई, 3.76 करोड़ की संपत्तियां अटैच, मास्टरमाइंड विजय बैद गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोना तस्करी सिंडिकेट से जुड़े सदस्यों के खिलाफ शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की है। सचिन केदार और पुरुषोत्तम कवले की करीब 3.76 करोड़ रुपए की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की गई हैं, जिनमें बैंक खातों में जमा रकम, फ्लैट्स और जमीनें शामिल हैं। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के तहत की गई है।
कैसे हुआ खुलासा?
ईडी की जांच डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की शिकायत पर आधारित है, जो कस्टम्स एक्ट 1962 की धारा 135 के तहत दर्ज की गई थी। इस मामले में डीआरआई ने सोने की तस्करी करने वाले कैरियर्स को पकड़ा था। बरामद सोना विदेश से लाया जा रहा था, जिसे भारत में अवैध तरीके से लाकर रायपुर में खपत के लिए भेजा गया था।
ईडी के अनुसार, इस तस्करी का मास्टरमाइंड विजय बैद उर्फ विक्की था, जो कोलकाता से रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, नागपुर और मुंबई तक सोने की तस्करी करता था। यह सोना भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के जरिए भारत लाया गया था और रायपुर में नामचीन ज्वैलर्स को बेचा गया। इस मामले में जिन-जिन ज्वैलर्स को सोना बेचा गया, उनमें सुनील कुमार जैन (सहेली ज्वेलर्स), प्रकाश सांखला (नवकार ज्वेलर्स), सुमीत ज्वेलर्स, पुरुषोत्तम कवले (सागर ज्वेलर्स) और धीरज बैद शामिल हैं।
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में तस्करी किए गए विदेशी सोना और चांदी की कुल अवैध संपत्ति 260.97 करोड़ रुपए के आसपास है। अब तक ईडी ने 64.14 करोड़ रुपए की संपत्तियों को जब्त या अटैच किया है। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा देशभर में तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों पर लगातार शिकंजा कसने का सिलसिला जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जीएसटी कलेक्शन के संदर्भ में राज्य स्तर पर नियमित समीक्षा और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रियाओं ने दिए सकारात्मक परिणाम - वित्त मंत्री ओपी चौधरी
रायपुर। देशभर में जीएसटी राजस्व संग्रहण को और अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और प्रभावी बनाने के लिए गठित मंत्रियों के समूह (GoM) की महत्वपूर्ण बैठक आज राजधानी दिल्ली में आयोजित हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने राज्य के अनुभव साझा किए और बोगस व्यवसायियों पर सख्त कार्रवाई, पंजीयन प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक के प्रयोग तथा फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट पर रोकथाम के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। इस समूह का संयोजन गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद पी. सावंत कर रहे हैं।
बैठक में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बतौर सदस्य भागीदारी की और राज्य के अनुभव एवं नीतिगत सुझाव साझा किए। बैठक का मुख्य उद्देश्य राजस्व संग्रहण में आ रही चुनौतियों का आकलन कर व्यापक समाधान तलाशना था।
बैठक के दौरान देश के विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों में जीएसटी के राजस्व पर पड़ने वाले आर्थिक व अन्य कारकों का विस्तार से विश्लेषण किया। इस अवसर पर श्री चौधरी ने छत्तीसगढ़ में एंटी इवेजन और अनुपालन के क्षेत्र में की गई पहलों की जानकारी दी।
ओ.पी. चौधरी ने बताया कि कर अपवंचन रोकने और वास्तविक करदाताओं को सहूलियत देने के लिए छत्तीसगढ़ में डाटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल्स का सघन उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव हुई है।
बैठक में बीफा, जीएसटी प्राइम और ई-वे बिल पोर्टल जैसी अत्याधुनिक प्रणालियों के प्रजेंटेशन भी हुए। श्री चौधरी ने सुझाव दिया कि इन नवाचारों को पूरे देश में समान रूप से लागू करने से बोगस व्यवसायियों की पहचान और कार्यवाही में तेजी लाई जा सकेगी।
छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ने विशेष रूप से फर्जी बिलों पर नियंत्रण, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट की रोकथाम, तथा पंजीकरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए केंद्रीयकृत डिजिटल तंत्र के विकास पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन उपायों से न केवल राजस्व बढ़ेगा बल्कि करदाताओं में विश्वास भी बढ़ेगा।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बैठक में यह भी रेखांकित किया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जीएसटी कलेक्शन के संदर्भ में राज्य स्तर पर नियमित समीक्षा और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रियाओं ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का अनुभव अन्य राज्यों के लिए उपयोगी मॉडल बन सकता है।
बैठक में वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि सभी राज्यों को मिलकर साझा प्रयास करने चाहिए ताकि जीएसटी राजस्व संग्रहण में स्थायित्व एवं वृद्धि सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मंत्रियों के समूह द्वारा सुझाए गए उपायों को जीएसटी परिषद शीघ्र लागू करेगी। उन्होंने कहा कि यह बैठक जीएसटी परिषद के समक्ष व्यापक सुधारात्मक प्रस्ताव रखने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी, जिससे भारत में कर प्रशासन और राजस्व संग्रहण को नई दिशा मिलेगी।
बड़ी संख्या में इस विभाग में हुए तबादले, देखिये पूरी लिस्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों तबादलों का दौर जारी हैं। हर विभाग में इन दिनों खूब तबादले हो रहे हैं। राज्य सरकार ने लोक निर्माण विभाग में भी तबादले के आदेश जारी हुए हैं।
देखिये पूरी लिस्ट..


वॉटर वुमन शिप्रा पाठक का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया सम्मान
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली "वॉटर वुमन" के नाम से विख्यात शिप्रा पाठक ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने शिप्रा पाठक के पर्यावरण संरक्षण और विशेष रूप से सिंदूर पौधरोपण को जन-जन तक पहुंचाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने शिप्रा पाठक को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि शिप्रा पाठक ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए किए गए कार्यों के लिए व्यापक स्तर पर पहचान प्राप्त की है। उनके नेतृत्व में पौधरोपण अभियान ने न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया है, बल्कि आम लोगों को पेड़ लगाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित भी किया है।इस अवसर पर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के प्रोफेसर हरिशंकर सिंह भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिप्रा पाठक के पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्य समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और ऐसे प्रयासों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
राज्य के संसाधनों का उपयोग स्थानीय युवाओं को रोज़गार, क्षेत्रीय विकास और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर किया जाए: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ केवल धान का कटोरा ही नहीं, बल्कि खनिज संपदा का भी धनी प्रदेश है। जो देश की ऊर्जा व औद्योगिक आवश्यकताओं की रीढ़ है। यह कहना है रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का जिन्होंने हैदराबाद में कोयला तथा खान मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक में भाग लिया। इस बैठक में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी तथा केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे समेत समिति सदस्य और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
बैठक के पहले सत्र में “खनन से आगे: खदान बंदी एवं पुनः उपयोग” और दूसरे सत्र में “भारत में खनिज अन्वेषण” विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं और संभावनाओं को पूरे तथ्यात्मक रूप में सामने रखा।




बंद खदानों की सुरक्षा व पुनः उपयोग की उठाई मांग
श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कई खदानें बंद पड़ी हैं, जो जन-जीवन के लिए खतरा बनी हुई हैं। उन्होंने मांग की कि:
- परित्यक्त खदानों की घेराबंदी कर उन्हें फ्लाई ऐश व ओवरबर्डन से भरा जाए ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
- एनटीपीसी संयंत्रों से उत्पन्न फ्लाई ऐश को एसईसीएल की बंद खदानों में भरने की व्यवस्था की जाए और प्रति टन दर पर भुगतान सुनिश्चित हो। इसके लिए एनओसी तत्काल प्रभाव से जारी की जाए।
- दुर्ग जिले के धमदा में हाल ही में हुई दुखद दुर्घटना, जिसमें बस खदान में गिर गई थी, यह बताती है कि बंद खदानों की उपेक्षा जानलेवा हो सकती है।
- फ्लाई ऐश से भरी गई भूमि को किसानों को लीज पर देकर कृषि उपयोग हेतु उपलब्ध कराया जाए।
खनिज चोरी और निगरानी प्रणाली पर चिंता
श्री अग्रवाल ने कोयले की चोरी को गंभीर समस्या बताया और हर खदान में डेटा निगरानी प्रणाली स्थापित करने की आवश्यकता जताई। साथ ही सभी वजन पुलों को किसी अधिकृत निकाय के अधीन संचालित किए जाने की मांग की।
खनन क्षेत्र के सतत विकास हेतु सुझाव
- खनन क्षेत्रों में वृक्षारोपण को अनिवार्य किया जाए ताकि वनों की क्षति की भरपाई हो सके।
- हर खदान क्षेत्र में स्कूल, आईटीआई, कोचिंग सेंटर, अस्पताल, एवं जल शोधन संयंत्र जैसी बुनियादी सुविधाएं होनी चाहिए।
- कोयला सलाहकार समिति के सदस्यों को पेट्रोलियम क्षेत्र की तर्ज पर सीएसआर फंड का लाभ दिया जाए, जिससे वे क्षेत्रीय विकास में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकें।
खनिज अन्वेषण में छत्तीसगढ़ को प्राथमिकता देने की मांग
बैठक के दूसरे सत्र में उन्होंने छत्तीसगढ़ में खनिज अन्वेषण की दिशा में गंभीर प्रयासों की आवश्यकता जताई। श्री अग्रवाल ने बताया कि, गरियाबंद जिले के पायलीखंड क्षेत्र को दुनिया की सबसे समृद्ध हीरा खदानों में माना जाता है। जशपुर जिले के तुमला गांव में भी हीरे के भंडार मौजूद हैं। राज्य में प्राकृतिक हीरे, अलेक्जेंड्राइट, गार्नेट, बेरिल, क्वार्ट्ज़, एमेथिस्ट जैसे बहुमूल्य रत्न पाए जाते हैं। साथ ही राज्य में लीथियम और अन्य खनिज भंडार की प्रबल संभावना है।
उन्होंने कहा कि राज्य के संसाधनों का उपयोग स्थानीय युवाओं को रोज़गार, क्षेत्रीय विकास और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर किया जाए। वह भी विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए।
उन्होंने मांग की कि छत्तीसगढ़ में माइनिंग ब्यूरो की स्थापना की जाए और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) एवं राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (NMDC) के क्षेत्रीय कार्यालय खोले जाएं ताकि राज्य की खनिज संभावनाओं का दोहन वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से हो सके।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बंद पड़ी खदानों को सुरक्षित और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से पुनः उपयोग लायक बनाया जाएगा। राज्य सरकार को भी इस दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए पत्र लिखा जाएगा।
आंगनबाड़ी केंद्र जा रहे बच्चों पर मधुमक्खियों का हमला, 4 बच्चे घायल, अस्पताल पहुंचे SDM
भानुप्रतापपुर। छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर जिले में आंगनबाड़ी जा रहे बच्चों पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया. घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई. मधुमक्खियों के हमले में 4 बच्चे घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है. जानकारी मिलते ही एसडीएम, थाना प्रभारी और तहसीलदार अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हाल-चाल जाना.
जानकारी के मुताबिक, ग्राम खोरा में शुक्रवार को आंगनबाड़ी जा रहे बच्चों पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया. घायल बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भानुप्रतापपुर रेफर किया गया. घटना की सूचना के बाद एसडीएम गंगाधर वाहिले, थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख और तहसीलदार सुरेंद्र उर्वशा अस्पताल पहुंचे. उन्होंने घायल बच्चों का हाल-चाल जाना, साथ ही चिकित्सकों को उचित इलाज के निर्देश दिए.
बता दें कि भानुप्रतापुर जिले के घोठा ग्राम पंचायत अंतर्गत मोहगांव प्राथमिक शाला में गुरुवार को जहरीला सांप निकल आया था. क्लास रूम में बच्चों ने सांप निकलते ही शोर मचाना शुरू कर दिया, जिससे शिक्षक एयर आसपास मौजूद ग्रामीण वहां पहुंचे. जिसके बाद सावधानी से सांप को कक्षा से बाहर निकाला गया.
खड़गे के दौरे को लेकर कांग्रेस मुख्यालय में तैयारियों की समीक्षा के लिए बैठक हुई आयोजित
रायपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 7 जुलाई को छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रहे हैं. उनके दौरे को लेकर तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं. इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. बैठक में खड़गे की प्रस्तावित सभा की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई.
प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में यह बैठक हुई. बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे मौजूद रहे. वहीं सह प्रभारी, प्रदेश प्रभारी महामंत्री, पूर्व मंत्री, विधायक और रायपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष भी शामिल हुए. इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दौरे और सभा को लेकर चर्चा की जा रही है.
सभा को सफल बनाने के लिए गठित विभिन्न समितियों की आज दिनभर बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें अब तक की तैयारियों की समीक्षा और आगे की रणनीति को लेकर निर्देश दिए जाएंगे.
7 जुलाई को खड़गे का छत्तीसगढ़ दौरा
बता दें कि बीते दिनों छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने राजीव भवन में बैठक ली थी. इस दौरान उन्होंने मैराथॉन बैठकों के बाद घोषणा की थी कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे 7 जुलाई को छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे. इस दौरान विशाल रूप में किसान-जवान-संविधान सभा आयोजित की जाएगी.
मानसून के आगमन के साथ बोर खनन पर लगा प्रतिबंध हटा, कलेक्टर ने जारी किया आदेश…
रायपुर। प्रदेश में मानसून के आगमन के साथ ही रायपुर जिले में पिछले तकरीबन तीन माह से बोरिंग खुदाई पर लगाया गया प्रतिबंध हटा लिया गया है. गर्मी की शुरुआत यानी 1 अप्रैल से रायपुर में बोर उत्खनन पर प्रतिबंध लगाया गया था, जिसकी वजह से बहुत जरूरी होने पर बोर खनन के लिए कलेक्टर की अनुमति लेनी पड़ रही थी.
बिना अनुमति के बोर उत्खनन पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है. इस वजह से राजधानी समेत पूरे जिले में प्राइवेट बोर खुदाई बंद हो गई थी. चोरी-छिपे खुदाई भी कार्रवाई के डर से नहीं के बराबर थी. रही-सही कसर प्रतिबंध अवधि के दौरान सूचना मिलने पर कई जगह अवैध बोर उत्खनन पर कार्रवाई कर प्रशासन-पुलिस ने पूरी कर दी थी.
अब मानसून के आगमन के साथ रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने छत्तीसगढ़ पेयजल संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत लागू प्रतिबंध को हटाने के आदेश 1 जुलाई को जारी किए हैं. इसके बाद अब लोग निर्धारित नियमों का पालन करते हुए बोरिंग करा सकेंगे. हालांकि, प्रशासन ने यह अपील भी की है कि अगर आपके पास जलस्त्रोत उपलब्ध है, तो बोर करवाने से बचना चाहिए. क्योंकि सीमित क्षेत्र में भूजल के अत्यधिक दोहन के गर्मी से पहले ही संकट पैदा होने लगा है.
भूस्खलन से किरंदुल-विशाखापत्तनम रेल लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही ठप, तीन दिन से जगदलपुर में खड़ी ट्रेनें-मालगाड़ियां…
जगदलपुर। ओडिशा के कोरापुट जिले के पास मल्लीगुड़ा और जराटी स्टेशनों के बीच हुए भूस्खलन ने किरंदुल-विशाखापत्तनम रेल लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही को ठप कर दिया है. बुधवार से ही जगदलपुर से चलने वाली यात्री और मालगाड़ियां प्लेटफॉर्म पर ही खड़ी हैं.
भूस्खलन की वजह से पटरी पर पड़े मलबे को हटाने के लिए रेलवे करीब 300 श्रमिकों और 13 आधुनिक मशीनों की मदद से लगातार काम में जुटा है. वाल्टेयर मंडल के डीआरएम ललित बोहरा और रायगड़ा मंडल के डीआरएम अमिताभ सिंघल मौके पर निगरानी कर रहे हैं. दो दिन से जारी इस अभियान में बारिश के कारण दिक्कतें आ रही हैं, जिससे काम की रफ्तार धीमी पड़ गई है.
बताया गया है कि पहाड़ी से एक बड़ा बोल्डर और मलबा खिसककर सीधे ट्रैक पर आ गिरा है, जिससे पटरी पूरी तरह जाम हो गई. सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने एहतियातन 10 यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया है. साथ ही जगदलपुर से पुरी जाने वाली रथयात्रा स्पेशल ट्रेन को अब कोरापुट से रवाना किया जाएगा.
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले संबंधित हेल्पलाइन या वेबसाइट से अपडेट जरूर लें. वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक के. संदीप ने कहा है कि स्थिति की नियमित निगरानी हो रही है, लेकिन सेवा कब तक शुरू होगी इसका स्पष्ट अनुमान अभी नहीं दिया जा सकता.
रद्द की गई प्रमुख ट्रेनें
- राउरकेला-जगदलपुर इंटरसिटी
- जगदलपुर-राउरकेला इंटरसिटी
- जगदलपुर-भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस
- विशाखापत्तनम-किरंदुल पैसेंजर
- किरंदुल-विशाखापत्तनम पैसेंजर
- हावड़ा-जगदलपुर समलेश्वरी
- जगदलपुर-हावड़ा समलेश्वरी
- विशाखापत्तनम-किरंदुल एक्सप्रेस
- किरंदुल-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस
- जगदलपुर-पुरी रथयात्रा स्पेशल
भूस्खलन की वजह से हो चुके हैं हादसे
किरंदुल से विशाखापत्तनम तक फैली यह रेल लाइन पहाड़ी और घाटी इलाकों से होकर गुजरती है. यही वजह है कि यहां बारिश के मौसम में भूस्खलन की घटनाएं आम हैं. रूट पर हुए हादसे –
- जनवरी 2017 कुनेरू स्टेशन पर हादसा, हीराखंड एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त, 39 यात्रियों की जान गई, 50 लोग घायल हुए थे.
- अक्टूबर 2017 चिमीड़िपल्ली के पास चट्टान गिरने से ट्रैक महीनों बंद रहा.
- अगस्त 2022 शिखरपाई के पास बोल्डर गिरने से ट्रेनों की रफ्तार थमी.
- सितंबर 2023 मनाबर-जरा टी खंड में मलबा आने से संचालन रोकना पड़ा. 17 दिन बाद बहल हुआ मार्ग.
- 1967 में जापानी तकनीक से बनी इस KK लाइन पर अब तक दर्जनभर बार भूस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे हर बार रेलवे सेवा बाधित हुई है.
- 2 जुलाई 2025 वर्तमान मल्लीगुड़ा-जरती खंड में भूस्खलन ने फिर ट्रैक बंद करवा दिया. आज तीसरा दिन है. अभी भी स्पष्ट नहीं कि कब बहाल होगा मार्ग.
पुलिस विभाग में बड़ी संख्या में तबादला, 5 ASI, 25 हेड कांस्टेबल समेत 161 पुलिसकर्मी इधर से उधर, देखें लिस्ट
बलरामपुर। जिले के पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है. 161 पुलिसकर्मियों को इधर से उधर किया गया है. पुलिस अधीक्षक वैभव बेंकर ने प्रशासनिक दृष्टिकोण के कारण ट्रांसफर का आदेश जारी किया है. इस लिस्ट में 5 ASI, 25 हेड कांस्टेबल समेत कई आरक्षकों के नाम शामिल हैं.
देखें लिस्ट :





रायपुर निगम में अब जारी होगा ई-नोटिस और ई-चालान, निर्माण कार्य सहित तमाम कार्यों के लिए होगा उपयोग…
रायपुर। रायपुर में अब नगर निगम से संबंधित कार्यों को और अधिक सुलभ, सहज और सुविधायुक्त बनाने के साथ कार्य में तीव्रता के लिए ई-चालान और ई-नोटिस जारी किया जाएगा. निगम आयुक्त ने निर्माण सहित समस्त कार्यों के लिए पक्षकारों को ई-नोटिस एवं ई-चालान जारी करने के निर्देश दिए गए हैं.
आयुक्त विश्वदीप ने निर्देशित किया कि ई-चालान की व्यवस्था प्रभावी तरीके से की जाए. आयुक्त ने नगर निवेशक को निर्देशित किया कि निगम मुख्यालय नगर निवेश विभाग द्वारा नक्शा स्वीकृति से लेकर दी जाने वाली सभी स्वीकृति एवं नोटिस को ऑनलाइन करवाने की व्यवस्था करवाएं. इस आधार पर उन सम्बंधित सभी निर्माण कार्यों की ऑनलाइन समीक्षा की जा सकेगी. इससे निर्माण कार्यों की प्रगति के संदर्भ में नगर निगम के अभियंताओं सहित आर्किटेक्ट द्वारा भी आवश्यक ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा सकेगी.
आयुक्त ने अधोसंरचना मद संधारण मद, विधायक निधि, विविध निधियों के विकास कार्यो को सतत मॉनिटरिंग कर समयसीमा में गुणवत्ता सहित पूर्ण करवाने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ आयुक्त ने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन निदान 1100, जनप्रतिनिधियों से प्राप्त आमजनों के जनसमस्याओं से सम्बंधित प्राप्त सभी आवेदनों को गंभीरता से लेकर उनका निदान त्वरित रूप से करने के निर्देश दिए हैं.
आयुक्त ने शौचालयों, तालाबों, प्रमुख मार्गों, बाजारों की अच्छी सफाई व्यवस्था कायम करने के निर्देश दिये हैं. आयुक्त ने सभी जोन कमिश्नरों और जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रतिदिन निरीक्षण कर अच्छी सफाई व्यवस्था करने के की चेतावनी दी गई है, अन्यथा की स्थिति में जवाबदेही तय कर सम्बंधित अधिकारियों पर नियमानुसार प्रक्रिया के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी ग
आयुक्त विश्वदीप ने कहा कि मुख्य मार्गों, बाजारों, शौचालयों में कहीं भी गंदगी और कचरा बिखरा हुआ नहीं दिखना चाहिए. यह मॉनिटरिंग करते हुए जोन कमिश्नर एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी प्राथमिकता के साथ करवा लें. आयुक्त ने सभी जोन कमिश्नरों को जोनवार जलभराव के क्षेत्रों की जानकारी देने के निर्देश दिS एवं जलभराव की समस्या ना हो, इस के लिए आवश्यक कार्रवाई करने निर्देशित किया.
आयुक्त ने नगर निवेशक को निर्देश दिया कि मुख्य बाजारों में दुकानों के बाहर सडक पर सामान निकालकर रखने वाले दुकानदारों की दुकानों से सम्बंधित मुख्य सड़क मार्गों और जन असुविधा की वीडियोग्राफी करवाकर ई चालान की कार्रवाई संबंधितों पर लगातार करें.
नगर पालिक निगम आयुक्त विश्वदीप ने नगर निगम मुख्यालय महात्मा गाँधी सदन के तृतीय तल सभाकक्ष में समय सीमा बैठक लेकर अधिकारियों को विभिन्न कार्यों के संदर्भ में आवश्यक निर्देश दिए. बैठक में अपर आयुक्त राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, यूएस अग्रवाल, पंकज शर्मा, विनोद पाण्डेय, कृष्णा खटीक, अधीक्षण अभियंतादव्य, उपायुक्तगणों, जोन कमिश्नरों, नगर निवेशक, स्वास्थ्य अधिकारी, कार्यपालन अभियंताओं, विभागों के प्रभारी अधिकारियों, जोन स्वास्थ्य अधिकारियों की उपस्थिति रही.
सीएम साय ने प्राइवेट स्कूलों को बारकोड स्कैनिंग के लिए 7 दिवस की दी मोहलत
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के छात्रों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि कक्षा पहली से दसवीं तक के सभी विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें वितरित की जा रही हैं। यह जिम्मेदारी पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा पूरी गंभीरता से निभाई जा रही है।
श्री पाण्डेय ने बताया कि पिछले शिक्षा सत्र में सामने आई कुछ अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष प्रत्येक पुस्तक पर दो बारकोड लगाए गए हैं। एक प्रिंटर की पहचान के लिए और दूसरा पुस्तक के गंतव्य विद्यालय की पहचान के लिए।
इस वर्ष कुल 2 करोड़ 41 लाख किताबें मुद्रित की गईं, जो 17-18 जून 2025 तक सभी डिपो में पहुँचा दी गईं। शासकीय विद्यालयों की कक्षा 9वीं, 10वीं की पुस्तकें स्कूलों तक पहुंचा दी गई है तथा स्कूलों में बारकोड स्कैनिंग का कार्य भी 90 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। इसी तरह आत्मानंद विद्यालयों में भी पुस्तकों का वितरण तेजी से किया जा रहा है और 60 प्रतिशत किताबें पहुँच चुकी हैं, शेष कुछ ही दिनों में पहुँचा दी जाएंगी।
प्राइवेट विद्यालयों को इस बार बारकोड स्कैनिंग के पश्चात ही पुस्तकें डिपो से प्रदान की जा रही हैं, जबकि पूर्व में जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से यह प्रक्रिया की जाती थी। हालांकि, बीते तीन दिनों में डिपो में स्थान की कमी और स्कैनिंग प्रक्रिया में तकनीकी दक्षता की कमी के कारण समस्याएं उत्पन्न हुईं।
इस संबंध में जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को अवगत कराया गया और बताया गया कि 1100 से अधिक सरस्वती शिक्षा मंदिर सहित बड़ी संख्या में प्राइवेट विद्यालयों को पुस्तकें मिलनी हैं, तब मुख्यमंत्री ने शीघ्र निर्णय लेते हुए निर्देशित किया कि सभी प्राइवेट विद्यालय अपनी आवश्यकता अनुसार जिलेवार किताबें डिपो से प्राप्त करें तथा 7 दिवस के भीतर अपने विद्यालय में बारकोड स्कैनिंग पूर्ण करें।
मुख्यमंत्री के इस निर्णय की सराहना करते हुए अध्यक्ष श्री पाण्डेय ने कहा कि यह शिक्षा के प्रति उनकी संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाता है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि सभी बच्चों की पढ़ाई समय पर शुरू हो सके और कोई भी छात्र पुस्तक के अभाव में पीछे न रह जाए। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल एक बार फिर यह साबित करती है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित और सजगता से कार्य कर रहा है।
IFS मयंक अग्रवाल को सुशासन एवं अभिसरण विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया
रायपुर। भारतीय वन सेवा के 2016 बैच के आईएफएस अधिकारी मयंक अग्रवाल को प्रतिनियुक्ति पर लेते हुए उन्हें सुशासन एवं अभिसरण विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है. इसके साथ-साथ उन्हें चिप्स का चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
वन महकमे में हुए हालिया तबादले में ही मयंक अग्रवाल को कोरबा वन मंडल में वनमंडलाधिकारी बनाया गया था. इससे पहले वह बलौदाबाजार और गरियाबंद में वन मंडलाधिकारी के रूप में काम कर चुके हैं. राज्य शासन ने वन विभाग से उनकी सेवाएं लेते हुए सामान्य प्रशासन विभाग को सौंप दिया है. राज्य शासन ने आज इस आशय का आदेश जारी किया है.

युवाओं के भविष्य से कोई खिलवाड़ नहीं होने देंगे: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। आबकारी आरक्षक परीक्षा 2025 में गड़बड़ी पर रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) की अध्यक्ष रेणु पिल्लई को पत्र लिखकर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।
यह मामला आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 2025 से जुड़ा है, जिसके लिए 4 जून से 27 जून तक ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया चलाई गई थी और परीक्षा का आयोजन 27 जुलाई को 200 पदों के लिए प्रस्तावित है। परंतु प्रदेशभर से बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी सामने आए हैं जिन्होंने समय सीमा के भीतर परीक्षा शुल्क का सफलतापूर्वक भुगतान तो कर दिया, लेकिन व्यापम की तकनीकी विफलता यानी सर्वर की त्रुटि के चलते उनका फॉर्म अंतिम रूप से सबमिट नहीं हो सका।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन अभ्यर्थियों की शिकायतों को व्यापम कार्यालय द्वारा न तो स्वीकार किया जा रहा है और न ही कोई अधिकारी उनकी सुनवाई कर रहा है। इससे आहत अभ्यर्थियों ने सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल से संपर्क कर न्याय की गुहार लगाई।
श्री अग्रवाल ने इस पूरे घटनाक्रम को छत्तीसगढ़ में "सुशासन तिहार" की भावना और नागरिक-केन्द्रित शासन व्यवस्था के विरुद्ध बताया है। उन्होंने व्यापम अध्यक्ष से स्पष्ट रूप से कहा है कि, जो अभ्यर्थी शुल्क का भुगतान कर चुके हैं, उन्हें परीक्षा से वंचित करना न्यायसंगत नहीं है। ऐसे अभ्यर्थियों को एक या दो दिन का अतिरिक्त अवसर देकर फॉर्म ऑफलाइन या ऑनलाइन पूरा करने की सुविधा तत्काल दी जाए।
साथ ही उन्होंने व्यापम को यह भी निर्देशित किया है कि, एक भी पात्र अभ्यर्थी को परीक्षा से वंचित न होने दिया जाए। श्री अग्रवाल ने व्यापम अध्यक्ष से यह अपेक्षा भी जताई है कि इस विषय में आवश्यक कार्यवाही कर सात दिवस के भीतर उन्हें पूर्ण विवरण सहित रिपोर्ट प्रेषित की जाए।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस बात पर बल दिया कि बेरोजगार युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का अन्याय न हो, यह सरकार और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आशा जताई है कि व्यापम इस मामले में शीघ्र, पारदर्शी और संवेदनशील कार्रवाई करेगा।
