प्रदेश
छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंघ ने आंदोलन किया स्थगित
रायपुर। छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंघ ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर शनिवार से शुरू किए गए “स्टेयरिंग छोड़ो, चक्का जाम आंदोलन” को अस्थायी रूप से आज स्थगित कर दिया है। महासंघ के अनुसार, यह फैसला कलेक्टर रायपुर की अध्यक्षता में हुई सार्थक चर्चा के बाद लिया गया।
ड्राइवर महासंघ के सदस्यों ने बताया कि आज (26 अक्टूबर 2025) कलेक्ट्रेट रायपुर सभाकक्ष में कलेक्टर की अध्यक्षता में उनकी मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। तय किया गया कि 6 या 7 नवंबर को शासन के उच्च अधिकारियों से प्रतिनिधि मंडल मिलेगा। तब तक आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है। महासंघ ने अपनी सभी मांगें लिखित रूप में कलेक्टर को सौंप दी हैं।

रायपुर पुलिस ने छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़फोड़ मामले की शुरू की जाँच
रायपुर। अंतागढ़ क्षेत्र में सक्रिय 21 नक्सलियों के आत्मसमर्पण का उप मुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा ने स्वागत करते हुए एक बार से दोहराया कि निर्धारित समय (मार्च 2026) तक नक्सलवाद समाप्त होगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आह्वान किया था. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्ग पर सेंट्रल टीम ने काम किया है. आर्म्ड फोर्स ने काम किया है.
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 21 नक्सलियों ने हथियारों के साथ पुनर्वास किया है. इनमें 13 महिलाएं और 8 पुरुष शामिल हैं. नक्सलियों से 3 AK 24, 2 इंसास, रायफल, लांचर सहित कुल 18 हथियारों के साथ भी मिले हैं . डीवीसीएम लेवल के 4 नक्सली है. मैं नक्सलियों के आत्मसमर्पण का स्वागत करता हूं. इन लोगों ने सैकड़ों जान को जाने से बचाया.
गृह मंत्री ने कहा कि हाल ही में 210 नक्सलियों ने 129 हथियारों के साथ पुनर्वास किया था. 21 लोगों के पुनर्वास करने से पश्चिम बस्तर रीजन में स्थिति स्पष्ट हो गई है. छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को मिलाकर ये स्थिति स्पष्ट हुई. यह पुनर्वास शब्द का उपयोग है. पुनर्वास करने के बाद हथियार आप छोड़े. बस्तर के साथ मिलकर काम करना चाहिए. इसके साथ उन्होंने दोहराया कि आर्म्ड फॉर्स पूरी ताकत के साथ अपना काम करेगी.
वहीं छत्तीसगढ़ महतारी के प्रतिमा को अज्ञात द्वारा तोड़ने पर विजय शर्मा ने कहा कि यह एक चिंतन का विषय है. पुलिस इस मामले में जांच कर रही है. वहीं इस मामले में कांग्रेस के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि इटली वालों भारत से क्या लेना-देना है. देख ले अपने आप को, फिर बात करें.
21 नक्सलियों के आत्मसमर्पण का गृह मंत्री विजय शर्मा ने किया स्वागत, कहा-
रायपुर। अंतागढ़ क्षेत्र में सक्रिय 21 नक्सलियों के आत्मसमर्पण का उप मुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा ने स्वागत करते हुए एक बार से दोहराया कि निर्धारित समय (मार्च 2026) तक नक्सलवाद समाप्त होगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आह्वान किया था. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्ग पर सेंट्रल टीम ने काम किया है. आर्म्ड फोर्स ने काम किया है.
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 21 नक्सलियों ने हथियारों के साथ पुनर्वास किया है. इनमें 13 महिलाएं और 8 पुरुष शामिल हैं. नक्सलियों से 3 AK 24, 2 इंसास, रायफल, लांचर सहित कुल 18 हथियारों के साथ भी मिले हैं . डीवीसीएम लेवल के 4 नक्सली है. मैं नक्सलियों के आत्मसमर्पण का स्वागत करता हूं. इन लोगों ने सैकड़ों जान को जाने से बचाया.
गृह मंत्री ने कहा कि हाल ही में 210 नक्सलियों ने 129 हथियारों के साथ पुनर्वास किया था. 21 लोगों के पुनर्वास करने से पश्चिम बस्तर रीजन में स्थिति स्पष्ट हो गई है. छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को मिलाकर ये स्थिति स्पष्ट हुई. यह पुनर्वास शब्द का उपयोग है. पुनर्वास करने के बाद हथियार आप छोड़े. बस्तर के साथ मिलकर काम करना चाहिए. इसके साथ उन्होंने दोहराया कि आर्म्ड फॉर्स पूरी ताकत के साथ अपना काम करेगी.
वहीं छत्तीसगढ़ महतारी के प्रतिमा को अज्ञात द्वारा तोड़ने पर विजय शर्मा ने कहा कि यह एक चिंतन का विषय है. पुलिस इस मामले में जांच कर रही है. वहीं इस मामले में कांग्रेस के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि इटली वालों भारत से क्या लेना-देना है. देख ले अपने आप को, फिर बात करें.
21 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, डिवीजन कमेटी सेक्रेटरी मुकेश के साथ 4 वीडीसीएम, 9 एसीएम और 8 पार्टी मेंबर शामिल…
कांकेर। कांकेर ज़िले में आज “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के तहत एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है, जब 21 माओवादी कैडरों ने 18 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया.
आत्मसमर्पण करने वाले सभी कैडर केशकाल डिवीजन (नॉर्थ सब ज़ोनल ब्यूरो) के कुएमारी / किसकोडो एरिया कमेटी से संबंधित हैं. इनमें डिवीजन कमेटी सेक्रेटरी मुकेश सहित 4 डीवीसीएम (डिवीजन वाइस कमेटी मेंबर), 9 एसीएम (एरिया कमेटी मेंबर) और 8 पार्टी सदस्य शामिल हैं.
इन 21 आत्मसमर्पित नक्सलियों में 13 महिला और 08 पुरुष कैडर शामिल हैं, जिन्होंने हिंसा और जनविरोधी विचारधारा का रास्ता छोड़कर शांति और प्रगति का मार्ग अपनाया है. इन माओवादियों ने जो हथियार जमा किए हैं, उनमें 3 एके-47 रायफलें, 4 एसएलआर रायफलें, 2 इंसास रायफलें, 6 .303 रायफलें, 2 सिंगल शॉट रायफलें, 1 बीजीएल हथियार शामिल है.
बस्तर में शांति स्थापना की दिशा में सशक्त प्रयास
आईजी बस्तर सुंदरराज पी. ने कहा कि “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल बस्तर में शांति स्थापना की दिशा में एक सशक्त प्रयास है. माओवादी हिंसा से अलग होकर मुख्यधारा में शामिल हो रहे साथियों के इस कदम से बस्तर में स्थायी शांति की नींव और मजबूत होगी. आधिकारिक स्तर पर अन्य जानकारियाँ शीघ्र साझा की जाएंगी.
‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और माओवाद उन्मूलन के संकल्प का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। ‘मन की बात’ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और माओवाद उन्मूलन के संकल्प का उल्लेख होना प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अंबिकापुर के ‘गार्बेज कैफे’ और भारतीय नस्ल के श्वानों की उपलब्धि का विशेष उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे पूरे प्रदेश के लिए सम्मान बताया। मुख्यमंत्री ने आज राजधानी रायपुर के शांति नगर में ‘मन की बात’ के 127वें संस्करण का श्रवण किया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने छठ पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘मन की बात’ देशभर में हो रहे नवाचारी, प्रेरणादायी और जनहितकारी कार्यों को जोड़ने वाला एक विशेष मंच है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वालों प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ का उल्लेख होना प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंबिकापुर नगर निगम की अनूठी पहल ‘गार्बेज कैफे’ की सराहना की, जिसने प्लास्टिक मुक्त शहर की दिशा में एक मिसाल कायम की है। यहाँ प्लास्टिक कचरा देने वालों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है — यह पहल स्वच्छता, पुनर्चक्रण और सामाजिक संवेदना का अद्भुत उदाहरण बन चुकी है।अम्बिकापुर में शहर से प्लास्टिक कचरा साफ करने के लिए एक अनोखी पहल की गई है। अम्बिकापुर में गार्बेज कैफे चलाए जा रहे हैं। ये ऐसे कैफे हैं, जहाँ प्लास्टिक कचरा लेकर जाने पर भरपेट खाना खिलाया जाता है। अगर कोई व्यक्ति एक किलो प्लास्टिक लेकर जाए उसे दोपहर या रात का खाना मिलता है और कोई आधा किलो प्लास्टिक ले जाए तो नाश्ता मिल जाता है। ये कैफे अम्बिकापुर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन चलाता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने त्योहारों की बढ़ी रौनक, सामाजिक एकता के प्रतीक छठ पर्व और नए आत्मविश्वास से आगे बढ़ते भारत की भावना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि माओवादी गतिविधियों के सिमटते प्रभाव पर गर्व का अनुभव होता है। डबल इंजन की सरकार के मजबूत संकल्प से देश में शांति और सुरक्षा की दिशा में उल्लेखनीय परिणाम मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से अब मूलभूत सुविधाएं सुदूर गाँवों तक पहुँच रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया है। इस बार उन इलाकों में भी खुशियों के दीप जले हैं, जहाँ कभी माओवादी आतंक का अंधेरा छाया रहता था। उन्होंने कहा कि लोग उस माओवादी आतंक का जड़ से खात्मा चाहते हैं जिसने उनके बच्चों के भविष्य को संकट में डाल दिया था।
श्री साय ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों में भारतीय नस्ल के श्वानों को शामिल किए जाने के निर्णय की भी सराहना की। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित क्षेत्र में एक देशी श्वान ने 8 किलो विस्फोटक का पता लगाकर जवानों की जान बचाई। यह सिद्ध करता है कि भारतीय नस्ल के श्वान अधिक अनुकूल, दक्ष और विश्वसनीय हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रकृति संरक्षण पर भी विशेष जोर देते हुए सभी नागरिकों से पेड़ लगाने का आग्रह किया और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय नवाचारों को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर इसे उत्सव के रूप में मनाने का आह्वान किया। उन्होंने इसे राष्ट्रप्रेम की अमर अभिव्यक्ति बताते हुए प्रत्येक नागरिक से इसके गौरवगान में स्वस्फूर्त रूप से सहभागिता करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा के पुण्य स्मरण के साथ जनजातीय अधिकारों और स्वतंत्रता संग्राम में उनके सर्वोच्च योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस उन महान जननायकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिवस है, जिन्होंने देश की आज़ादी और सम्मान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की है कि वे अपने आसपास हो रहे नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को अवश्य साझा करें, ताकि अन्य लोग भी उनसे प्रेरणा लेकर समाजहित में योगदान दे सकें।
मुख्यमंत्री ने पुंगनूर नस्ल की गायों को खिलाया चारा
‘मन की बात’ कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुंगनूर नस्ल की गायों को चारा खिलाया और उनकी विशेषताओं की जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि आंध्र प्रदेश में पाई जाने वाली यह विशेष नस्ल अपनी अनूठी शारीरिक बनावट और विशिष्ट गुणों के कारण प्रसिद्ध है।
कार्यक्रम में विधायक पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।
रूपेश समेत 210 नक्सलियों के आत्मसमर्पण से माओवादियों में मचा भूचाल — केंद्रीय कमेटी ने बताया गद्दार, रूपेश ने किया पलटवार
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र में हाल ही में हुए अब तक के सबसे बड़े नक्सली आत्मसमर्पण ने पूरे संगठन को झकझोर कर रख दिया है। केंद्रीय कमेटी (CC) सदस्य रूपेश के नेतृत्व में 210 नक्सलियों ने डीजीपी समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया था। इस आत्मसमर्पण के बाद से नक्सल संगठन में गहरी फूट और आंतरिक कलह खुलकर सामने आने लगी है।
आत्मसमर्पण के कुछ ही दिनों बाद नक्सल संगठन की केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय ने प्रेस नोट जारी कर रूपेश और उसके साथियों को “संशोधनवादी, गद्दार और धोखेबाज” करार दिया। अभय ने कहा कि ये सभी संगठन के विचारधारा से भटक चुके हैं और दुश्मनों के हाथों बिक गए हैं।
हालांकि, रूपेश ने इस बयान पर तीखा जवाब देते हुए कहा कि “हम गद्दार नहीं हैं, बल्कि पार्टी के ही निर्णय के अनुसार सशस्त्र संघर्ष छोड़ने का फैसला किया गया था।” रूपेश के अनुसार, पोलित ब्यूरो सदस्य बसवराजू की मुठभेड़ में मौत से पहले माड़ क्षेत्र में सशस्त्र संघर्ष समाप्त कर जनता के बीच काम करने का निर्णय लिया गया था।
संगठन में दो फाड़
जानकारी के अनुसार, आत्मसमर्पण और शांति वार्ता के मुद्दे पर नक्सल संगठन दो हिस्सों में बंट गया है। एक गुट सरकार से बातचीत और सीजफायर का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा गुट इसे संगठन की विचारधारा के खिलाफ बता रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने के ऐलान के बाद से नक्सल संगठन की केंद्रीय और राज्य समितियों में हलचल तेज हो गई है। पिछले एक महीने में माओवादी संगठन ने आठ पत्र जारी किए हैं — जिनमें कुछ ने शांति वार्ता के पक्ष में और कुछ ने विरोध में बयान दिया है।
हाल ही में पोलित ब्यूरो सदस्य भूपति उर्फ सोनू ने केंद्र और राज्य सरकारों को शांति वार्ता और युद्ध विराम (Ceasefire) का प्रस्ताव भेजा था। माड़ डिविजन समेत कई डिविजनल प्रवक्ताओं ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया, जो विरोध करने वालों से अधिक थे।
लेकिन नारायणपुर जिले के माड़ क्षेत्र में भूपति के मुठभेड़ में मारे जाने से दो दिन पहले, केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता विकल्प और अभय ने संयुक्त पत्र जारी कर सोनू के प्रस्ताव को उनकी “निजी राय” बताया। उन्होंने सोनू को संगठन की सभी जिम्मेदारियों से बर्खास्त करने की घोषणा की थी और कहा कि “अगर सोनू आत्मसमर्पण करना चाहता है तो करे, लेकिन संगठन के हथियार दुश्मनों को सौंपने का अधिकार उसे नहीं है।”
संगठन में जारी टकराव
22 सितंबर को भूपति द्वारा जारी शांति वार्ता प्रस्ताव के बाद से नक्सल संगठन के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ चुके हैं। एक ओर रूपेश और उनके साथियों जैसे नक्सली अब हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय नेतृत्व अब भी सशस्त्र संघर्ष को जारी रखने पर अड़ा हुआ है।विश्लेषकों के मुताबिक, यह घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि लंबे समय से अंदरूनी मतभेदों और नेतृत्व संकट से जूझ रहे नक्सली संगठन में अब विभाजन स्पष्ट हो चुका है।
कई जिलों के लिए जारी हुआ बारिश का अलर्ट, चक्रवात का छत्तीसगढ़ में भी दिखेगा असर
रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण छत्तीसगढ़ में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। प्रदेश के कई जिलों में 27 से 30 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने बस्तर संभाग के जिलों में ऑरेंज अलर्ट और प्रदेश के अन्य हिस्सों में यलो अलर्ट जारी किया है। बारिश के चलते धान की खड़ी और कटी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना नया मौसम तंत्र (Low Pressure System) राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश लेकर आ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार से प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश शुरू होगी, जो अगले चार दिनों तक जारी रह सकती है।
बस्तर संभाग के जिलों में अधिक प्रभाव
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि आगामी दिनों में बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर और कोंडागांव जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। 29 अक्टूबर को बीजापुर और दंतेवाड़ा जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में भारी बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। वहीं, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, सुकमा, रायपुर, बलौदाबाजार, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, जशपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में यलो अलर्ट घोषित किया गया है।
रायपुर में उमस के बाद हल्की बारिश की संभावना
शनिवार को रायपुर में पूरे दिन बादल छाए रहे, जिससे उमस और बढ़ गई थी। वहीं रविवार को भी राजधानी में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और शाम तक हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में तापमान में गिरावट के साथ ठंडी हवाएं चलने लगेंगी।
बिजली गिरने का अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है। इसलिए लोगों को खेतों या खुले मैदानों में लंबे समय तक रुकने से बचने की सलाह दी गई है। गरियाबंद, धमतरी, जशपुर और रायगढ़ जैसे जिलों में बिजली गिरने के मामलों की आशंका के चलते प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।
कृषि पर पड़ेगा असर
अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में होने वाली इस बारिश से किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। कई इलाकों में धान की कटाई का काम चल रहा है, जबकि कुछ जगहों पर फसल कटने के बाद खेतों में रखी हुई है। यदि भारी बारिश होती है, तो इन कटी हुई फसलों के भीगने और खराब होने का खतरा बढ़ जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में धान की बालियां अभी पकी नहीं हैं, वहां लगातार नमी से उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।
सार्वजनिक रास्ते पर अवैध कब्जा, हाईकोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान
बिलासपुर। न्यायधानी के दयालबंद में सार्वजनिक आवागमन के रास्ते को कुछ लोगों ने बंद कर दिया है। इस मामले में हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। कोर्ट ने कहा कि अतिक्रमणकारी राज्य को सीधी चुनौती दे रहे हैं। कोर्ट ने बिलासपुर कलेक्टर को व्यक्तिगत शपथपत्र प्रस्तुत कर बताने के निर्देश दिए कि उन व्यक्तियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने क्या कार्रवाई की, जिन्होंने दीवार खड़ी करके फुटपाथ को अवरुद्ध किया। मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर 2025 को होगी।
बता दें कि दयालबंद पुल के नीचे रहने वाले 15 परिवारों के लिए इस्तेमाल होने वाले चिह्नित फुटपाथ को कुछ लोगों ने अवरुद्ध कर दिया है। इन लोगों ने पहले उक्त स्थल से लगी जमीन को खरीदने की कोशिश की थी, जिसमें विफल होने पर उन्होंने अब वहां एक लोहे का गेट और दीवार खड़ी कर दी है, जिस पर एक धमकी भरा नोट भी चिपका है कि उस रास्ते से गुजरने वालों को ”उचित उपचार” दिया जाएगा।
इस मामले में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, जस्टिस बिभू दत्ता गुरु की खंडपीठ ने आरोपियों के रवैए और धमकी देने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। कोर्ट ने टिप्पणी की कि दीवार पर लिखा संदेश वस्तुतः राज्य के अधिकार के लिए एक सीधी चुनौती है, क्योंकि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं है।
रायपुर से दिल्ली के लिए अब दो नई उड़ानें शुरू
रायपुर। विमानन कंपनियों का नया शेड्यूल लागू होने के साथ ही स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से दिल्ली के लिए दो नई उड़ानें मिलेंगी. वहीं, रायपुर को प्रयागराज को जोड़ने वाली फ्लाइट को इंडिगो ने हटा दिया है. रायपुर एयरपोर्ट को प्रयागराज से जोड़ने के लिए इंडिगो ने सबसे पहले 28 जून 2019 को फ्लाइट शुरू की थी. इस फ्लाइट को कंपनी ने 29 अक्टूबर 2023 को अचानक बंद कर दिया. इसके बाद फिर 16 अगस्त 2024 को स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से प्रयागराज के लिए सीधी फ्लाइट की शुरुआत की गई. कंपनी ने नए उड़ान शेड्यूल में इस फ्लाइट को हटा दिया है.
शनिवार को रायपुर से प्रयागराज के लिए आखिरी उड़ान का संचालन किया गया. इंडिगो की यह फ्लाइट रोजाना सुबह 9.05 बजे रायपुर से उड़ान भरकर 10.25 बजे प्रयागराज पहुंचती थी. प्रयागराज से फ्लाइट के सुबह 10.50 बजे उड़ान भरने के बाद रायपुर पहुंचने का समय 12.20 बजे निर्धारित था. रायपुर को प्रयागराज से जोड़ने के लिए यह एकमात्र फ्लाइट थी. जिसमें कंपनी 72 सीटर एटीआर विमान का संचालन करती थी. सूत्रों का कहना है कि लगभग 80 प्रतिशत बुकिंग के साथ यह फ्लाइट संचालित की जा रही थी.
दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के हवाई यात्रियों के लिए दिल्ली-रायपुर-दिल्ली सेक्टर में एयर इंडिया की नई फ्लाइट 26 अक्टूबर से शुरु हो रही है. इस नई उड़ान के साथ ही दिल्ली के लिए एयर इंडिया की तीन फ्लाइट रोजाना उपलब्ध होगी. फिलहाल एयर इंडिया की दो उड़ानें सुबह-शाम संचालित की जा रही हैं. प्रस्तावित शेड्यूल के तहत एयर इंडिया की फ्लाइट 2635 दिल्ली से दोपहर 12.10 बजे उड़ान भरेगी. उसके रायपुर एयरपोर्ट पहुंचने का समय दोपहर 2.05 बजे है. रायपुर से फ्लाइट 2636 दोपहर 2.35 बजे रवाना होकर शाम 4.45 बजे दिल्ली पहुंचेगी.
दिल्ली-रायपुर सेक्टर में रोजाना 8 उड़ानें 26 अक्टूबर से दिल्ली-रायपुर-दिल्ली सेक्टर में रोजाना आठ उड़ानों का विकल्प उपलब्ध होगा. 26 अक्टूबर से ही इंडिगो की एक नई फ्लाइट दिल्ली-रायपुर-दिल्ली सेक्टर में संचालित होगी. फिलहाल इंडिगो की रोजाना 4 उड़ानें संचालित की जाती हैं. उड़ान संख्या 6ई2120 दिल्ली से सुबह 10.15 बजे रवाना होगी और दोपहर 12.15 बजे रायपुर पहुंचेगी. वापसी में उड़ान संख्या 6ई6640 रायपुर से दोपहर 12.45 बजे उड़ान भरेगी और दोपहर 2.45 बजे दिल्ली पहुंचेगी. एक नई उड़ान शुरू होने से रायपुर-दिल्ली सेक्टर में इंडिगो की कुल पांच उड़ानें हो जाएंगी.
रायपुर एयरपोर्ट से अब हर दिन 25 उड़ानें
रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट को देश के प्रमुख एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए रोजाना कुल 24 उड़ानें संचालित की जा रही हैं. 26 अक्टूबर से एयर इंडिया व इंडिगो की दो नई उड़ानें शुरू होने पर उड़ानों की संख्या बढ़कर 25 हो जाएगी. नए उड़ान शेड्यूल से कुछ फ्लाइटों की आवाजाही के समय में आंशिक परिवर्तन भी हो सकता है.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय क्रिटिकॉन रायपुर-2025 कॉन्फ्रेंस में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सस्ती और गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वे आज राजधानी के नवा रायपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित क्रिटिकल केयर पर आधारित राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘क्रिटिकॉन रायपुर-2025’ में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि क्रिटिकॉन रायपुर-2025 चिकित्सा विज्ञान, विशेषकर क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्टता का मंच है। यह देश और विदेश के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं को एक साथ लाकर इस क्षेत्र में नई दिशाएं तय करने का अवसर देता है। क्रिटिकल केयर मेडिसिन जीवन रक्षा की रीढ़ है, जो गंभीर परिस्थितियों में मरीजों को नया जीवन देती है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अस्पतालों, क्रिटिकल केयर इकाइयों और मेडिकल सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर में मेडिसिटी और फार्मा हब का निर्माण किया जा रहा है, साथ ही प्रदेश के अन्य शहरों में भी लगातार नए अस्पतालों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि ये कदम छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सुविधा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने रामकृष्ण केयर ग्रुप की पूरी टीम को इस राष्ट्रीय आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देशभर में एक चिकित्सा उत्कृष्टता केंद्र के रूप में उभर रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि क्रिटिकल केयर जैसे अति महत्वपूर्ण विषय पर कॉन्फ्रेंस की मेजबानी रायपुर को मिलना गौरव की बात है। दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में विशेषज्ञों के विचार-विमर्श से निश्चित रूप से ऐसे उत्कृष्ट नवाचार सामने आएंगे, जो मानव स्वास्थ्य उपचार के लिए वरदान साबित होंगे। डॉ. सिंह ने कहा कि आज चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी के उपयोग से इलाज की नई संभावनाएं खुल रही हैं। यही नई तकनीक नए भारत की नई कहानी लिख रही है। उन्होंने चिकित्सकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जब घर में कोई आपात स्थिति होती है और मरीज को सही समय पर हॉस्पिटल पहुँचाया जाता है, तब परिवार के भय को मिटाने में क्रिटिकल केयर डॉक्टरों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि आज समय की आवश्यकता है कि हर जिले और प्रत्येक बड़े अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट्स स्थापित हों। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। आयुष्मान योजना के माध्यम से 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार आम लोगों के लिए बड़ी राहत है।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएँ प्रदान करने वाले देश-विदेश और प्रदेश के डॉक्टरों का मंच से सम्मान भी किया गया।
इस अवसर पर रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के संचालक डॉ. संदीप दवे, केयर ग्रुप के सीईओ वरुण खन्ना, तथा देश-विदेश और राज्य भर से आए 1300 से अधिक डॉक्टर उपस्थित थे।
चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित, सोमवार को होगा निर्णय
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर शनिवार को भी कोई फैसला नहीं हो सका। रायपुर की ED स्पेशल कोर्ट ने इस मामले में अपना निर्णय सोमवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया है। चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वे रायपुर जेल में बंद हैं। वहीं, कोयला घोटाले से जुड़े मामले में EOW अधिकारियों पर फर्जी दस्तावेज बनाने और बयानों में छेड़छाड़ करने के आरोपों को लेकर रायपुर कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में अब 4 नवंबर को अधिकारियों की ओर से लगाई गई आपत्ति पर सुनवाई होगी। कांग्रेस नेता गिरीश देवांगन ने EOW पर झूठे सबूत तैयार करने का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की है।
चैतन्य बघेल को शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोपी बनाया है। आरोप है कि शराब घोटाले की रकम से चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपए मिले, जिसे उन्होंने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश करके वाइट करने की कोशिश की। ED का दावा है कि चैतन्य बघेल ने ब्लैक मनी को वाइट करने के लिए फर्जी निवेश दिखाया और सिंडिकेट के साथ मिलकर लगभग 1000 करोड़ रुपए की हेराफेरी की। ED की जांच में सामने आया कि चैतन्य बघेल के “विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट” (बघेल डेवलपर्स) में शराब घोटाले का पैसा निवेश किया गया। प्रोजेक्ट से जुड़े अकाउंटेंट के ठिकानों पर ED ने छापेमारी कर रिकॉर्ड जब्त किया था। कंसल्टेंट राजेन्द्र जैन ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में वास्तविक खर्च 13-15 करोड़ रुपए था, जबकि रिकॉर्ड में केवल 7.14 करोड़ दिखाए गए। जब्त डिजिटल डिवाइसेस से यह भी पता चला कि बघेल की कंपनी ने एक ठेकेदार को 4.2 करोड़ रुपए नकद भुगतान किया, जो रिकॉर्ड में दर्ज नहीं था।
ED ने अपनी जांच में यह भी पाया कि त्रिलोक सिंह ढिल्लो ने 19 फ्लैट खरीदने के लिए 5 करोड़ रुपए बघेल डेवलपर्स को ट्रांसफर किए। फ्लैट उनके कर्मचारियों के नाम पर खरीदे गए, लेकिन पेमेंट त्रिलोक ढिल्लो ने किया। कर्मचारियों से पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि फ्लैट उनके नाम पर थे, लेकिन पैसा ढिल्लो ने दिया। यह पूरा ट्रांजेक्शन 19 अक्टूबर 2020 को एक ही दिन हुआ। ED का दावा है कि यह लेन-देन पहले से नियोजित था, ताकि ब्लैक मनी को छिपाकर चैतन्य तक पहुंचाया जा सके। इसके अलावा, भिलाई के एक ज्वेलर्स ने चैतन्य बघेल को 5 करोड़ रुपए उधार दिए, जो बाद में बघेल की दो कंपनियों में लोन के रूप में ट्रांसफर हो गए। ज्वेलर्स ने बघेल की कंपनी से 6 प्लॉट खरीदे, जिसकी कीमत 80 लाख रुपए थी। ED के अनुसार, यह पैसा शराब घोटाले से आया था और बैंक के माध्यम से ट्रांसफर करके कानूनी दिखाया गया।
ED ने बताया कि चैतन्य बघेल ने घोटाले के पैसे को पाने के लिए विभिन्न व्यक्तियों और कंपनियों का इस्तेमाल किया ताकि एजेंसियां ट्रैक न कर सकें। जैसे कि ढिल्लन सिटी मॉल में पैसा आया, फिर ढिल्लन ड्रिंक्स से कर्मचारियों को ट्रांसफर किया गया, और फिर वही पैसा बघेल डेवलपर्स के पास गया। ED का दावा है कि इस तरह चैतन्य बघेल के पास कुल 16.70 करोड़ रुपए अवैध तरीके से पहुंचे। ED के वकील सौरभ पाण्डेय ने बताया कि शराब घोटाले की जांच में कई एविडेंस मिले हैं, जिसमें स्पष्ट है कि चैतन्य बघेल ने पैसों की लेयरिंग की और लगभग 1000 करोड़ रुपए का लेन-देन किया गया। पप्पू बंसल के बयान में यह खुलासा हुआ कि शराब घोटाले के पैसे को चैनलाइज्ड तरीके से चैतन्य तक पहुंचाया गया।
ED के अनुसार, शराब घोटाले का पैसा अनवर ढेबर के जरिए दीपेंद्र चावड़ा, फिर केके श्रीवास्तव और कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के माध्यम से चैतन्य बघेल तक गया। जांच में मोबाइल चैट और रिकॉर्डिंग के जरिए यह भी पता चला कि आरोपी और अन्य लोगों के बीच कनेक्शन था। चैतन्य बघेल के खिलाफ ED की कार्रवाई में ब्लैक मनी वाइट करने, फर्जी निवेश दिखाने, कैश भुगतान छिपाने और सिंडिकेट के माध्यम से बड़ी रकम हेराफेरी करने के आरोप शामिल हैं। कोर्ट ने जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है और अगले सोमवार को सुनवाई होगी। इस पूरे मामले में रायपुर की ED स्पेशल कोर्ट की कार्रवाई और EOW के अधिकारियों के खिलाफ आरोपों ने राजनीतिक और कानूनी चर्चा को तेज कर दिया है। शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग केस में यह मामला राज्य की राजनीति और प्रशासनिक जांच दोनों के लिए अहम माना जा रहा है।
पुराने लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए: मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा
रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने आज जिला न्यायालय रायपुर और परिवार न्यायालय का निरीक्षण किया। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक लेकर पुराने लंबित प्रकरणों की जानकारी ली गई तथा इनके त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक सुझाव व दिशा निर्देश दियेे। उन्होंने कहा कि इन प्रकरणों का नियमानुसार व प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाए। मुख्य न्यायाधीश श्री सिन्हा इस मौके पर अधिवक्ताओं से मुलाकात की।

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा राज्य के समस्त जिला न्यायालयों का निरंतर निरीक्षण कर न्यायिक व्यवस्थाओं में सुधार व विकास हेतु निरंतर प्रयासरत् हैं, जिसके फलस्वरूप न्यायिक व्यवस्था में आमूलचूल सकारात्मक परिवर्तन भी हो रहे हैं तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण भी हो रहा है। विदित्त हो कि मुख्य न्यायाधीश द्वारा पूर्व में भी जिला रायपुर का निरीक्षण किया जा चुका है। पूर्व निरीक्षण में पायी गयी कमियों के निराकरण पर उनके द्वारा संतोष व्यक्त किया गया। निरीक्षण के दौरान जिला न्यायालय, रायपुर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलराम प्रसाद वर्मा व अन्य न्यायिक अधिकारीगण के साथ ही जिले के अन्य प्रशासनिक अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में उच्च न्यायालय में दीपावली पर्व के अवकाश चल रहे हैं। अवकाश के दौरान भी मुख्य न्यायाधीश द्वारा विभिन्न जरूरी प्रकरणों पर सुनवाई की जा रही है तथा सुदृढ व सुचारू न्यायालयीन व्यवस्था हेतु विभिन्न न्यायालयों का आकस्मिक निरीक्षण भी किया जा रहा है। औचक निरीक्षण में मुख्य न्यायाधीश श्री सिन्हा के साथ रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव, संयुक्त रजिस्ट्रार कम पीपीएस एम.वी.एल.एन सुब्रहमन्यम एवं प्रोटोकॉल ऑफिसर आर. एस. नेगी भी उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दो दिवसीय दौरा अब एक दिन का, इन कार्यक्रमों के शेड्यूल में हुआ बदलाव
रायपुर। छत्तीसगढ़ के 25वें स्थापना दिवस (राज्योत्सव) समारोह में शामिल होने आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे में बड़ा बदलाव किया गया है। पहले जहां प्रधानमंत्री का दो दिवसीय प्रवास निर्धारित था, अब यह कार्यक्रम केवल एक दिन का होगा। प्रधानमंत्री मोदी 1 नवंबर को रायपुर पहुंचेंगे और उसी दिन सभी निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी को 31 अक्टूबर की शाम रायपुर पहुंचना था, लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव में व्यस्तता के कारण अब वे सीधे 1 नवंबर को ही छत्तीसगढ़ आएंगे। हालांकि, प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में से किसी को रद्द नहीं किया गया है, बल्कि सभी कार्यक्रमों को एक ही दिन में समायोजित किया गया है।
ब्रह्मकुमारीज भवन के लोकार्पण समारोह में भी बदलाव
प्रधानमंत्री मोदी के संशोधित कार्यक्रम के तहत ब्रह्मकुमारीज संस्था के नए भवन के लोकार्पण समारोह की तारीख भी बदल दी गई है। पहले यह कार्यक्रम 31 अक्टूबर को प्रस्तावित था, लेकिन अब इसे 1 नवंबर को ही आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री मोदी आध्यात्मिक और सामाजिक उत्थान से जुड़ी परियोजनाओं की जानकारी भी प्राप्त करेंगे।
नवा रायपुर में विधानसभा भवन का लोकार्पण
प्रधानमंत्री मोदी के दौरे का मुख्य आकर्षण होगा नवा रायपुर में बने नए विधानसभा भवन का लोकार्पण। यह भवन छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक और विधायी पहचान का नया प्रतीक माना जा रहा है। राज्य गठन की रजत जयंती वर्ष में इस भवन का शुभारंभ होना पूरे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक क्षण होगा।
प्रधानमंत्री मोदी इस मौके पर राज्य की उपलब्धियों, विकास कार्यों और नई योजनाओं पर आधारित एक प्रदर्शनी का भी उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वे राज्योत्सव 2025 के शुभारंभ समारोह में शामिल होंगे, जहां प्रदेश के विकास, जनकल्याण योजनाओं और सांस्कृतिक धरोहरों को प्रदर्शित किया जाएगा।
रूपसिंह मंडावी बने राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष पद पर नई नियुक्ति की घोषणा की है। राज्य सरकार ने बस्तर जिले के ग्राम फरसागुड़ा निवासी रूपसिंह मंडावी को आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस संबंध में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग ने आदेश जारी किया है।
बता दें कि रूपसिंह मंडावी बस्तर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष है और क्षेत्र के एक जाने-माने जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता माने जाते हैं। आदिवासी समुदाय के उत्थान, शिक्षा, स्वावलंबन और परंपरागत संस्कृति के संरक्षण के लिए वे लंबे समय से कार्य कर रहे हैं।
देखें आदेश

केदार जैन व मनीष मिश्रा बने टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
रायपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षकों के लिए गर्व और सम्मान की खबर सामने आई है। राज्य के दो वरिष्ठ शिक्षक नेता — छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष केदार जैन और छत्तीसगढ़ समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष मनीष मिश्रा — को टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (Teacher Federation of India) का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चुना गया है। यह नियुक्ति न केवल दोनों नेताओं के संघर्षशील नेतृत्व की पहचान है, बल्कि छत्तीसगढ़ के शिक्षक समुदाय के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व का सुनहरा अवसर भी लेकर आई है। छत्तीसगढ़ के शिक्षक नेता केदार जैन और मनीष मिश्रादोनों लंबे समय से शिक्षक हितों के मुद्दों पर संघर्ष कर रहे हैं। यह उपलब्धि प्रदेश के शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व का अवसर देगी, जिससे TET अनिवार्यता, क्रमोन्नत वेतनमान और सेवा शर्तों जैसे मुद्दों पर रणनीतिक समाधान संभव हो सकेगा।
शिक्षक हितों के मजबूत पैरोकार
केदार जैन और मनीष मिश्रा लंबे समय से शिक्षक हितों के मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। चाहे शिक्षकों की क्रमोन्नति वेतनमान की मांग हो, संविलियन के बाद सेवा शर्तों की समानता का प्रश्न हो या फिर वेतन विसंगति का मामला — दोनों नेताओं ने निरंतर आवाज़ उठाई है। उनकी सक्रियता और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राष्ट्रीय मंच पर पहुंचेगा छत्तीसगढ़ का शिक्षक समुदाय
छत्तीसगढ़ में लंबे समय से शिक्षक संगठन राज्य सरकार से कई मुद्दों पर संघर्ष कर रहे हैं। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया जैसी राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त संस्था से अब जुड़ने के बाद प्रदेश के शिक्षकों को अपनी बात राष्ट्रीय स्तर पर रखने का अवसर मिलेगा। विशेषकर सुप्रीम कोर्ट के TET अनिवार्यता संबंधी आदेश और क्रमोन्नत वेतनमान जैसे मुद्दों पर अब राष्ट्रीय रणनीति के माध्यम से शिक्षकों को राहत दिलाने के प्रयास किए जा सकेंगे।
मनीष मिश्रा ने कहा कि यह पद सम्मान से अधिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। आने वाले समय में हम प्रदेश के सभी संवर्ग के शिक्षकों की समस्याओं को राष्ट्रीय फोरम तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। वहीं केदार जैन ने कहा कि यह अवसर छत्तीसगढ़ के शिक्षकों के संघर्ष और एकजुटता की जीत है।
संगठनों में खुशी की लहर
इस उपलब्धि के बाद पूरे प्रदेश में शिक्षकों के बीच उत्साह का माहौल है। संयुक्त शिक्षक संघ और समग्र शिक्षक फेडरेशन से जुड़े सैकड़ों पदाधिकारियों और सदस्यों ने दोनों नेताओं को बधाई दी है।बधाई देने वालों में ममता खालसा, माया सिंह, ओमप्रकाश बघेल, अर्जुन रत्नाकर, गिरिजाशंकर शुक्ला, नरोत्तम चौधरी, रूपानंद पटेल, ताराचंद जयसवाल, सुभाष शर्मा, विजय रॉय, सोहन यादव, शहादत अली, हरीश सिन्हा, अमित दुबे, कमलेश गावड़े, यशवंत देवांगन, बसंत जायसवाल, गोपेश साहू, स्नेहलता पाठक, संतोष तांडे, सचिन त्रिपाठी, प्रदीप साहू, राजकमल पटेल, शैलेंद्र तिवारी, विजय धृतलहरे, अमित महोबे, नित्यानंद यादव, विकास सिंह, मोहन लहरी, नंदलाल देवांगन, नीलेश रामटेके, संजय महाडिक, लक्ष्मी कांत जडेजा, चोखे लाल पटेल, पूरण सिंह देहारी, केडी वैष्णव, श्यामाचरण डड़सेना, अशोक गोटे, मोह. तबरेज खान सहित बड़ी संख्या में शिक्षक नेता शामिल हैं।
शिक्षक एकता को मिलेगा नया बल
विशेषज्ञों का मानना है कि इस उपलब्धि से छत्तीसगढ़ के शिक्षकों की एकता और प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त होगा। अब राज्य के मुद्दे — जैसे संविलियन के बाद सेवा लाभों की समानता, पदोन्नति की प्रक्रिया, और वेतनमान का निर्धारण — टीएफआई के माध्यम से केंद्र और अन्य राज्यों के मंचों तक पहुंच सकेंगे।
चार दिवसीय छठ महापर्व आज से शुरू
रायपुर। चार दिवसीय छठ महापर्व कल शनिवार अक्टूबर 25 को नहाय खाय के साथ प्रारंभ होगी। छठ महापर्व आयोजन समिति महादेवघाट, रायपुर के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि समिति के सदस्य और रायपुर नगर निगम के कर्मचारियों के द्वारा खारुन नदी, महादेव घाट की सफाई की जा रही है । आज में महादेव घाट की सफाई की गई और घाट का सौदर्यीकरण का काम किया गया । उन्होंने बताया कि छठ पूजा छत्तीसगढ़ में रायपुर, बिलासपुर, भिलाई-दुर्ग, कोरबा, बस्तर एवं अन्य शहरों में बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। रायपुर में छठ पूजा 50 से अधिक स्थानों जैसे खारुन नदी के महादेव घाट, व्यास तालाब और अन्य तालाबों के किनारे इस वर्ष भी छठ पूजा धूम-धाम से मनाया जायेगा । महापौर मीनल चौबे के द्वारा आज महादेव घाट का निरक्षण किया गया ।
उन्होंने बताया है कि चार दिवसीय छठ महापर्व शनिवार, अक्टूबर 25 को नहाय खाय के साथ प्रारंभ होगी। इस वर्ष अक्टूबर 25 से अक्टूबर 28 तक पूरे भारत सहित पूरे विश्व में छठ महापर्व हर्षोल्लास एवं परम्परा के साथ मनाया जायेगा । छठ महापर्व उत्तर भारतीय समाज का एक महत्वपूर्ण पर्व है जो इस वर्ष अक्टूबर 25 से प्रारम्भ होगी और अक्टूबर 28 को समाप्त होगी। खरना अक्टूबर 26 को होगा । संध्या अर्घ्य अक्टूबर 27 को होगा और उषा अर्घ्य अक्टूबर 28 को होगा ।
एक सांस्कृतिक कार्यक्रम 27 अक्टूबर को संध्या में महादेव घाट पर आयोजित किया जायेगा । अंतर्राष्ट्रीय लोक गायिका स्वाती मिश्रा (मुंबई) के द्वारा 27 अक्टूबर को संध्या में महादेव घाट पर छठ गीतों के प्रस्तुति दी जाएगी। लोकधारा के मशहूर कलाकार तिलक राजा साहू और केशरी साहू के द्वारा छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जाएगी । सोनाली एवं तरुण चोपड़ा टीम, प्रयागराज के द्वारा नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी जाएगी । कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति 27 अक्टूबर को संध्या 4 बजे से शुरू होगी । महादेव घाट पर 27 अक्टूबर को संध्या में महाआरती का आयोजन किया जायेगा । नवा रायपुर अटल नगर में झांझ तालाब के किनारे भी भव्यता के साथ छठ पूजा का आयोजन किया जायेगा। समिति जिला प्रशासन और नगर निगम के सहयोग से शहर के खारुन नदी के महादेव घाट सहित सभी घाटों कि सफाई किया जा रहा है ।
इस अवसर पर आयोजन प्रमुख राजेश कुमार सिंह, उप प्रमुख कन्हैया सिंह, सन्तोष सिंह, प्रचार-प्रसार सचिव ब्रजेश सिंह, सह सचिव राकेश सिंह, कोषाध्यक्ष सुनील सिंह, रवींद्र सिंह, मुक्तिनाथ पांडे, शशि सिंह, परमानंद सिंह, रामकुमार सिंह, सत्येन्द्र सिंह गौतम, अजय शर्मा, वेद नारायण सिंह कुशवाहा, जयंत सिंह, जय प्रकाश सिंह, अनिल सिंह, संजीव सिंह, रामविलास सिंह, सन्तोष सिंह, सरोज सिंह, मनोज सिंह, संजय सिंह, मदनलाल विश्वकर्मा एवं अन्य सदस्यों के द्वारा घाटों की सफाई में योगदान दिया जा रहा है.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह में हुए शामिल
रायपुर। पंडवानी एक ऐसी विधा है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ को पूरी दुनिया में पहचान मिली है। हमारे पंडवानी कलाकारों ने न्यूयॉर्क, पेरिस और लंदन तक महाभारत की कथाओं पर आधारित प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध किया है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से न केवल छत्तीसगढ़ की परंपरा को जीवित रखा है, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा को वैश्विक मंचों तक पहुँचाया है। पंडवानी आज हमारी लोक चेतना, नारी सशक्तिकरण और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन चुकी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले के ग्राम मेड़ेसरा में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग रायपुर के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, साजा विधायक ईश्वर साहू, राज्य तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, पूर्व मंत्री रमशीला साहू एवं जागेश्वर साहू, पूर्व विधायक लाभचंद बाफना एवं डॉ. दयाराम साहू, जिला पंचायत दुर्ग की अध्यक्ष सरस्वती बंजारे तथा दुर्ग नगर निगम की महापौर अलका बाघमार भी उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज मुझे पंडवानी के पुरोधा स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन की स्मृति भी हो रही है। जब वे हाथ में तंबूरा लेकर प्रस्तुति देते थे, तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो जाते थे। पंडवानी गायन में महिला कलाकारों की विशेष सफलता उल्लेखनीय रही है। मुझे स्वर्गीय लक्ष्मी बंजारे जी का भी स्मरण हो रहा है। यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि हमारी धरती पर तीजन बाई जैसी विभूति हुईं, जिन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण तीनों सम्मान प्राप्त हुए हैं। जब वे तंबूरा लेकर आलाप भरती हैं, तो ऐसा लगता है मानो आकाश के देवी-देवता भी उन्हें सुन रहे हों।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मैंने अनेक अवसरों पर तीजन बाई की पंडवानी सुनी है। श्याम बेनेगल की भारत एक खोज में उनका पंडवानी गायन दृश्य मन को आनंद और उत्सुकता से भर देता है। पद्मश्री डॉ. उषा बारले जी हमारे बीच उपस्थित हैं, जिन्होंने अपने अद्भुत पंडवानी गायन से सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडवानी हमारी अमूल्य धरोहर है। आज इस महासम्मेलन के आयोजन के माध्यम से आप सभी ने इस धरोहर को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का अत्यंत सराहनीय कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि हम लोगों ने बचपन में रामलीला मंडलियों के माध्यम से रामायण की कथाएं और पंडवानी के माध्यम से महाभारत की कथाएं सुनीं। पीढ़ी दर पीढ़ी इन लोककलाकारों ने रामायण और महाभारत जैसी महान कथाओं को जन-जन तक पहुँचाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडवानी गायन इस मायने में भी अद्वितीय है कि इसमें स्त्री-पुरुष का कोई भेद नहीं है। तीजन बाई और डॉ. उषा बारले जैसी कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से यह साबित किया है कि यह विधा महिलाओं के कौशल और संवेदनशीलता की प्रतीक है। पंडवानी गायन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सामाजिक तासीर भी झलकती है – यहां मातृशक्ति की भागीदारी कला के क्षेत्र में भी अग्रणी है और उन्हें सदैव प्रोत्साहित किया जाता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरगुजा से लेकर बस्तर तक हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट संस्कृति है। हमारी सरकार छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। कलाकारों की पेंशन राशि में वृद्धि की गई है और अवसरों की संख्या भी बढ़ाई गई है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी की स्थापना का निर्णय लेकर हमने छत्तीसगढ़ी सिनेमा को सशक्त बनाने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि जब अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया था, तब उनके मन में विकास के साथ-साथ संस्कृति को सहेजने की भी गहरी मंशा थी। आज जब ऐसा सुंदर आयोजन देखता हूं, तो मन को सुकून मिलता है कि अटल जी की मंशा पूर्ण हुई है। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर को प्रदेश की रजत जयंती मनाई जाएगी, जो हमारी लोकसंस्कृति का महोत्सव होगा। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आगमन होगा। मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि वे राज्योत्सव में सम्मिलित होकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा विभाग शीघ्र ही 5000 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और निरंतरता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने नागरिक कल्याण महाविद्यालय नंदिनी में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने, अछोटी में बीएड महाविद्यालय खोलने, मेड़ेसरा को आदर्श ग्राम बनाने, समुदायिक भवन हेतु 20 लाख रुपये और क्षेत्र के सभी पंचायतों में सीसी रोड निर्माण की घोषणा की।
कार्यक्रम के अध्यक्ष उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर सभी पंडवानी कलाकारों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कला और संस्कृति के लिए देश और दुनिया में विशिष्ट पहचान रखता है। यह कलाकारों से परिपूर्ण राज्य है। उन्होंने 1 नवंबर को राज्योत्सव में सभी को रायपुर आमंत्रित किया।
कार्यक्रम की संयोजक पद्मश्री डॉ. उषा बारले ने स्वागत उद्बोधन देते हुए अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस और पंडवानी महासम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री साय सहित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, संभाग आयुक्त एस.एन. राठौर, आईजी आर.जी. गर्ग, कलेक्टर अभिजीत सिंह, एसएसपी विजय अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण, पंडवानी के लोककलाकार तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।