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राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ कर रहे हैं आधुनिक आइसोलेशन वार्ड: महामारी के अभाव में इनका हो रहा है नवाचारपूर्ण वैकल्पिक उपयोग
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोविड-19 जैसी महामारियों से निपटने की तैयारी को मजबूत करने और आमजन तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से ठोस कदम उठाए हैं। इमरजेंसी कोविड रिस्पांस एंड हेल्थ सिस्टम प्रिपेयर्डनेस पैकेज (ईसीआरपी) के तहत प्रदेश के 571 स्वास्थ्य केंद्रों – जिसमें 62 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 385 उप-स्वास्थ्य केंद्र एवं 124 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं – में अतिरिक्त आइसोलेशन वार्ड स्वीकृत किए गए। इनमें से 422 भवनों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है और 141 वार्ड तेजी से निर्माणाधीन हैं। ये सभी आइसोलेशन वार्ड न केवल भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए तैयार रहेंगे, बल्कि वर्तमान में स्वास्थ्य व्यवस्था को व्यापक और सशक्त बनाने में योगदान कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि नाबार्ड पोषित योजना के अंतर्गत भी राज्य में व्यापक स्तर पर आइसोलेशन सुविधाओं का विकास हुआ है। इस योजना के तहत 25 जिला अस्पतालों में 20 बिस्तरों के और 170 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 10 बिस्तरों के आधुनिक आइसोलेशन वार्ड स्थापित किए गए हैं, जिनका निर्माण कोविड महामारी के दौरान मरीजों के पृथक उपचार के लिए किया गया था। वर्तमान में महामारी के अभाव में इन भवनों का नवाचारपूर्ण वैकल्पिक उपयोग किया जा रहा है। कहीं इन्हें चिकित्सा उपकरणों एवं दवाओं के सुरक्षित भंडारण के लिए स्टोर रूम के रूप में प्रयोग किया जा रहा है, तो कहीं इन्हें प्रशिक्षण केंद्र एवं बैठक कक्ष के रूप में उपयोग में लाया जा रहा है।आइसोलेशन भवनों ने स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यक्षमता को कई गुना बढ़ा दिया है। इनके बहुउद्देशीय उपयोग से स्वास्थ्य कर्मियों के कार्य संचालन में सुविधा मिली है और आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित तैयारियों की क्षमता भी सशक्त हुई है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आइसोलेशन वार्ड का भवन तकनीकी कारणों से अभी तक हैंडओवर नहीं हो सका है। जल्द ही आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण कर इसे भी स्वास्थ्य सेवाओं में सम्मिलित किया जाएगा।
इन सभी आइसोलेशन वार्डों को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर अल्प सूचना में ही इन्हें सक्रिय किया जा सके। राज्य सरकार की यह पहल छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़, सक्षम और भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मान्यता के नाम पर श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज से ली थी रिश्वत, स्पेशल कोर्ट ने आरोपियों को 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा
रायपुर। श्री रावतपुरा सरकार आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान (SRIMSR) को मान्यता दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने के मामले गिरफ्तार छह आरोपियों को सीबीआई के स्पेशल कोर्ट ने 5 दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया. आरोपियों में डॉ. मंजुप्पा सीएन, डॉ चैत्रा (एमएस), डॉ अशोक शैलके, रावतपुरा सरकार के निदेशक अतुल कुमार, सतीश और रविचंद्र शामिल हैं.
बता दें कि मेडिकल कॉलेजों में मान्यता दिलाने के एवज में मोटी वसूली करने के मामले में सीबीआई ने एक दिन पहले ही छत्तीसगढ़ समेत मध्यप्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, दिल्ली में 40 से अधिक ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की थी. गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों में से 3 मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से संबद्ध डॉक्टर हैं.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कॉलेज की मान्यता के नाम पर पहले भी 1 करोड़ 62 लाख रुपए की राशि की डील हुई थी. जिसकी शिकायत 2024 में की गई थी. इसके बाद अब 55 लाख रुपए की लेन-देन का मामला सामनें आया है. बेंगलुरु के दो डॉक्टरों के पास हवाला के जरिए पैसा पहुंचा था. रविंद्र और सतीश ने केवल पैसा हासिल किया था.
सीबीआई द्वारा अदालत के समक्ष पेश दस्तावेजों में बताया गया कि अध्यक्ष रविशंकर जी महाराज के कहने पर श्री रावतपुरा सरकार आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान (SRIMSR) आगामी आधिकारिक निरीक्षण के बारे में गोपनीय और अग्रिम जानकारी प्राप्त करने की साजिश में शामिल था. इसके लिए संस्थान के निदेशक अतुल कुमार तिवारी ने गीतांजलि विश्वविद्यालय, उदयपुर, राजस्थान के रजिस्ट्रार मयूर रावल के साथ मिलीभगत करके गैरकानूनी तरीके से ऐसी विशेषाधिकार प्राप्त जानकारी हासिल करने की कोशिश की.
यह भी आरोप लगाया गया है कि मयूर रावल ने गोपनीय निरीक्षण से संबंधित विवरण का खुलासा करने के बदले में 25-30 लाख रुपये की रिश्वत मांगी. 26 जून 2025 को रावल ने तिवारी को 30 जून 2025 को निर्धारित निरीक्षण की तैयारी करने के लिए सूचित किया था. इसके अलावा रावल ने तिवारी को नामित निरीक्षण दल के सदस्यों के नाम भी बता दिए, जिससे आधिकारिक गोपनीयता भंग हुई और इस तरह के निरीक्षणों को नियंत्रित करने वाले वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन हुआ.
यह भी आरोप लगाया गया है कि मयूर रावल द्वारा सूचित एनएमसी द्वारा नामित 4 मूल्यांकनकर्ताओं वाली निरीक्षण टीम 30 जून 2025 को एसआरआईएमएसआर, रायपुर में निरीक्षण के लिए पहुंची. निरीक्षण दल के सभी 4 सदस्यों ने एसआरआईएमएसआर के निदेशक अतुल कुमार तिवारी के साथ साजिश रची और एक अनुकूल निरीक्षण रिपोर्ट जारी करने के लिए रिश्वत लेने पर सहमत हुए.
निरीक्षण दल के सदस्यों में शामिल कर्नाटक के मंड्या स्थित मंड्या इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के ऑर्थोपेडिक्स डिपार्टमेंड की हेड और प्रोफेसर डॉ. मंजुप्पा सीएन ने सतीश को बताया कि हवाला ऑपरेटर से उसे फोन आएगा कि रकम कैसे एकत्र की जानी है. इसके साथ डॉ. मंजुप्पा ने निरीक्षण दल की एक अन्य सदस्य डॉ. चैत्रा से भी बातकर बताया कि उसका हिस्सा सतीश द्वारा उसके निवास पर पहुंचाया जाएगा या कोई इसे सतीश से एकत्र कर सकता है. यह लेन-देन 30 जून को ही होने की संभावना थी.
मामला दर्ज होने के बाद सीबीआई ने बैंगलोर में जाल बिछाया और 55 लाख रुपए की रिश्वत की रकम बरामद की गई. रिश्वत की कुल रकम में से 16.62 लाख रुपए आरोपी डॉ. चैत्रा के पति रविचंद्र से और 38.38 रुपए आरोपी डॉ. मंजुप्पा के सहयोगी सतीश से बरामद किए गए.
जांच के दौरान आरोपी डॉ. मंजुप्पा सीएन, डॉ. चैत्रा एमएस, डॉ. अशोक शेलके और एसआरआईएमएसआर के डायरेक्टर अतुल कुमार तिवारी को एक जुलाई को रायपुर से गिरफ्तार किया गया है. वहीं रविचंद्र और सतीश को बैंगलोर से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया है. सीबीआई के वकील ने विशेष अदालत को बताया कि विभिन्न स्थानों पर तलाशी ली गई है, और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं.
राज्य की आर्थिक मजबूती और वित्तीय अनुशासन को लेकर सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में प्रदेश की आर्थिक स्थिति और वित्तीय प्रबंधन की गहन समीक्षा की। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बजट प्रबंधन, राजस्व संग्रहण, व्यय नियंत्रण, वित्तीय अनुशासन और ई-गवर्नेंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों से राज्य की जीएसडीपी, पूंजीगत व्यय और योजनाओं की वित्तीय प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि वित्तीय संसाधनों का उपयोग पारदर्शिता और दक्षता के साथ किया जाए, ताकि जनकल्याणकारी योजनाएं निर्बाध रूप से संचालित हो सकें।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य की प्रगति उसकी वित्तीय स्थिरता पर निर्भर करती है। जितनी सशक्त वित्तीय व्यवस्था होगी, उतनी ही तेजी से हम विकास की दिशा में आगे बढ़ पाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया है, जिससे राज्य की जीएसडीपी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
बैठक में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विभाग की वर्तमान वित्तीय स्थिति, राजस्व प्राप्तियों, व्यय नियंत्रण और आगामी रणनीतियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप योजनाओं को समयबद्ध रूप से वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं और विभाग वित्तीय पारदर्शिता व सुशासन की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में विभाग के द्वारा अपनाए गए नवाचारों से राज्य की आर्थिक आधारशिला और अधिक मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि शासन की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और राज्य वित्तीय सुशासन के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को छुए।
बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश कुमार बंसल और राहुल भगत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
करोड़ों के बोगस बिलिंग मामले में EOW ने छत्तीसगढ़ में मारा छापा, कोयला कारोबारी को किया गिरफ्तार, पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
गौरेला पेण्ड्रा मरवाही। मध्यप्रदेश में फर्जी बिल से करोड़ों की जीएसटी चोरी के मामले में भोपाल की EOW टीम ने छत्तीसगढ़ के गौरेला पेण्ड्रा मरवाही में छापेमार कार्रवाई की है. EOW ने कोयला कारोबारी शेख जफर को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा कि भोपाल EOW में दर्ज जीएसटी फर्जीवाड़ा मामले में यह कार्रवाई हुई है. बता दें कि 25 जून को ईओडब्ल्यू ने फर्जी कंपनी बनाकर जीएसटी क्लेम के नाम पर 34 करोड़ से ज्यादा का घोटाला करने वाले मास्टरमाइंड जबलपुर निवासी विनोद कुमार सहाय को झारखंड के रांची से गिरफ्तार किया था. शेख जफर भी विनोद सहाय के लिए काम करता था.
ईओडब्ल्यू की पूछताछ में कारोबारी शेख जफर ने बड़ा खुलासा किया है. उसने बताया कि विनोद सहाय की फर्मों से वह सिर्फ कोयले का व्यवसाय करता था. शेख जफर के नाम पर अम्बर कोल डिपो एवं अनम ट्रेडर्स है, जो रानीताल जबलपुर के पते पर रजिस्टर्ड है. अनम ट्रेडर्स ने अभिजीत ट्रेडर्स से व्यवसाय किया. अम्बर कोल ने मेसर्स मां रेवा ट्रेडर्स एवं नमामि ट्रेडर्स से व्यवसाय किया है. इसके अतिरिक्त शेख जफर की कंपनियों ने विनोद सहाय की कंपनी जगदम्बा कोल केरियर और महामाया ट्रेडर्स से भी व्यवसाय किया है.
शेख जफर ने बताया कि विनोद सहाय की फर्म जेएमकेडी कोल से वह भटिया कोल, बिलासपुर, खालसा कोल, बिलासपुर, आर्यान कोल वॉश्री, जैन कोल, वॉशरी अनूपपुर, हरिजिका कोल, रायगढ, प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड चापा, नेशनल फर्म के प्रोपराइटर अक्कू जेठानी, एमएसपी पॉवर प्लांट रायगढ, बीएस सिंघल पॉवर प्लांट रायगढ़ को फर्जी बिल देता था. उक्त बिल देने के लिए राजा सरावगी बुढार, अशोक चतुर्वेदी बुढार, राजेश कोटवानी बिलासपुर से कोयला लेना दिखाता था. उक्त कोल का पूरा काम उनके माध्यम से होता था.
जानकारी के मुताबिक, शेख जफर का मरवाही के पास रूमगा मटियाढांड में कोयला डंपिंग यार्ड है. वह चोरी के कोयले को छत्तीसगढ़ से मध्यप्रदेश और मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ में खपाने का काम करता था. साथ ही फर्जी बिलिंग कर जीएसटी की भारी हेराफेरी की.
मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में फैला है पूरा नेटवर्क
EOW की जांच में पता चला है कि इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए विनोद सहाय ने 23 फर्जी फर्मों और 150 से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल किया है. यह पूरा नेटवर्क मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के कई शहरों में फैला हुआ है. जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी विनोद सहाय जबलपुर जिले के ग्राम टिबरी का मूल निवासी है. उसने वर्ष 2009 से फर्जी आईडी और नामों जैसे नीलू सोनकर और एनके खरे का उपयोग करते हुए फर्जी फर्में खड़ी कीं. इन कंपनियों के नाम पर बोगस बिल बनाकर खरीदार कंपनियों को फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (फेक आईटीसी) दिलाया गया. 512 करोड़ रुपए की इनवॉयसिंग के नाम पर न कोई माल खरीदा गया न ही बेचा गया. न कोई स्टॉक मिला, न गोदाम, न ही परिवहन दस्तावेज मिले. ये लेन-देन केवल कागजों पर दर्शाए गए थे.
लोन दिलाने के नाम पर लोगों से लिए दस्तावेज
आरोपी विनोद कुमार सहाय ने 2019-20 में फर्जीवाड़ा शुरू किया. खुद को एनके खरे बताकर लोन दिलाने के बहाने लोगों से दस्तावेज लिए. जीएसटी रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैन, आधार, फोटो, बैंक और जमीन से जुड़े कागज लेकर फर्जी फर्में बनाई. लॉगिन आईडी, पासवर्ड और मोबाइल अपने पास रखे, ईमेल खुद का डाला. फर्म केवल कागजों पर थीं. फर्जी बिक्री दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट जनरेट किया और उसका लाभ अन्य व्यापारियों को दिलाया.
एक दर्जन से ज्यादा बना रखी थी फर्जी फर्म
विनोद सहाय ने मां नर्मदा ट्रेडर्स, नमामि ट्रेडर्स, मां रेवा ट्रेडर्स, अभिजीत ट्रेडर्स, केडी सेल्स कॉरपोरेशन, माइक एंटरप्राइजेज, दिलीप ट्रेडर्स, अंकिता स्टील एंड कोल , जगदंबा कोल कैरियर, कोराज टेक्निक्स, महामाया ट्रेडर्स, अंबर कोल डिपो, अनम ट्रेडर्स के नाम पर करीब एक दर्जन से ज्यादा फर्जी कंपनी बनाई थी. उनके द्वारा सामान सप्लाई के नाम पर जीएसटी भरना बताकर 34 करोड़ की जीएसटी क्लेम की गई.
कई फर्जी कंपनी का डायरेक्टर था विनोद सहाय
आरोपी विनोद कुमार सहाय ने आधा दर्जन ऐसी फर्जी फर्म भी बनाकर रखी थी, जिसमें वह खुद डायरेक्टर था. इनमें सिटरोन मिनिरल्स प्राइवेट लिमिटेड, गेरीसन कॉल प्राइवेट लिमिटेड, आर्या कोल ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड, वी के मिनिरल्स प्राइवेट लिमिटेड और जेएमएसडी प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियां शामिल हैं. इन्हीं फर्जी कंपनियों के जरिए वह जीएसटी भरने की बात कर सरकार को चूना लगा रहा था.
आदिवासी समाज ने वन अधिकार नियमों में बदलाव का किया कड़ा विरोध, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
गरियाबंद। गरियाबंद में आज आदिवासी समाज ने वन अधिकार नियमों में बदलाव का कड़ा विरोध किया। आदिवासी विकास परिषद, ग्राम सभा फेडरेशन, एकता परिषद के बैनर तले जिला पंचायत सदस्य सदस्य लोकेश्वरी नेताम और संजय नेताम के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में आदिवासियों ने गरियाबंद में रैली निकाली। मजरकट्टा स्थित परिषद भवन से कलेक्टोरेट तक 5 किमी आदिवासियों ने बरसते पानी में पैदल यात्रा किया। कलेक्टोरेट पहुंच मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप वन अधिकार से जुड़े नियमों में हुए परिवर्तन को हटाते हुए यथावत रखने की मांग किया है।

कानून से छेड़ छाड़ बर्दाश्त नहीं करेगा वनवासी
आदिवासी नेता लोकेश्वरी नेताम और संजय नेताम ने कहा कि नए प्रावधान कर केवल वन के हित को ध्यान में रखा गया। वन क्षेत्र में रहने वाले मूलनिवासी की चिंता वन विभाग के अफसर नहीं कर सकते। वन अधिकार कानून में आदिवासी और वनवासियों के जिस हित का ध्यान रखा गया था, उसे अब छेड़छाड़ किया गया है। हम सवाल पूछते हैं कि कानून में छेड़छाड़ का अधिकार किसने दिया? अधिकारियों के लिए न्यायालय के अलावा जंगी लड़ाई लड़ने हम तैयार हैं। सप्ताह भर के भीतर हमारी मांगे नहीं मानी गई, तो सड़क की लड़ाई लड़ेंगे, जिसकी जिम्मेदार सरकार होगी।

इसलिए हो रहा विरोध
15 मई 2025 को वन मंत्रालय ने एक आदेश पारित किया है, जिसमें वन अधिकार मान्यता देने अथवा सामुदायिक वन संसाधन के उपयोग से जुड़े फैसले लेने का अधिकार वन विभाग को होगा। जबकि इससे पहले 2006 में पारित वन अधिकार कानून के मुताबिक, इसकी सुनवाई का अधिकार ग्राम सभा में आदिवासी विकास विभाग की देखरेख में होने का प्रावधान किया गया था।
नहीं रहे छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त, इलाज के दौरान एम्स में ली अंतिम सांसें
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त नहीं रहे। उन्होंने दिल्ली के AIIMS में अंतिम सांसें ली। रिटायर्ड IAS शेखर दत्त छत्तीसगढ़ के चौथे राज्यपाल रहे थे। इसके अलावे अपने प्रशासनिक कार्यकाल में वो रक्षा सचिव और डिप्टी नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर रह चुके थे। वो छत्तीसगढ़ में साल 23 जनवरी 2010 से 18 जून 2014 तक राज्यपाल रहे।
शेखर दत्त 1969 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के IAS अफसर रहे थे। वो भारतीय थल सेना में शार्ट सर्विस कमीशन अधिकारी रहे। 1971 के भारत-पाक युद्ध में शौर्य केलिए उन्हें सेना पदक से भी सम्मानित किया गया था। पूर्व आईएएस शेख दत्त मध्यप्रदेश में आदिम जाति, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, स्कूल शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव रहे थे।
वो काफी वक्त तक केंद्र में भी प्रतिनियुक्ति पर रहे। भारतीय खेल प्राधिकरण के महानिदेश के रुप में दत्त ने 2003 में हैदराबाद में आयोजित हुए प्रथम एफ्रो एशियाई खेलों की मेजबानी में भूमिका निभायी। 2007 में वो रिटायर हो गये, लेकिन फिर उन्हें दो साल केलिए राष्ट्रीय सुरक्षा उप सलाहकार नियुक्त किया गया।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल को केंद्र में नई जिम्मेदारी, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की हिन्दी सलाहकार समिति में बनाया गया सदस्य
नई दिल्ली/रायपुर। सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल को भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की हिन्दी सलाहकार समिति में सदस्य के रूप में नई जिम्मेदारी प्रदान की गई है।
नई जिम्मेदारी मिलने के पश्चात श्री अग्रवाल ने कहा कि, हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा है। हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार, संवर्धन और राजकीय कार्यों में अधिकाधिक उपयोग को लेकर मैं प्रतिबद्ध हूं। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभाग की हिन्दी सलाहकार समिति में सदस्य के रूप में जुड़ना मेरे लिए गौरव का विषय है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह एवं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने मुझे यह दायित्व सौंपा।
उल्लेखनीय है कि हिन्दी सलाहकार समिति का कार्य मंत्रालय की योजनाओं, कार्यक्रमों और दस्तावेजों में राजभाषा हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग को सुनिश्चित करना तथा भाषा से संबंधित सुझाव देना होता है।

बालको अस्पताल को मिला प्रतिष्ठित NABH मान्यता, गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि
कोरबा। बालको अस्पताल को प्रतिष्ठित एनएबीएच (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स) की मान्यता प्राप्त हुई। यह उपलब्धि रोगी-केंद्रित सेवा और गुणवत्ता युक्त डायग्नोस्टिक सेवाएं प्रदान करने के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को और भी मजबूत बनाती है। एनएबीएच मान्यता देश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता का प्रतीक मानी जाती है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि बालको अस्पताल प्रयोगशाला परीक्षणों में सर्वोच्च राष्ट्रीय मानकों का पालन करता है और मरीजों को सटीक, सुरक्षित तथा रोगी-केंद्रित सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। एनएबीएच मान्यता प्राप्त करना अस्पताल की गुणवत्ता, दक्षता और निरंतर सुधार की सोच को दर्शाता है।
चिकित्सक दिवस के अवसर पर बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने अस्पताल के चिकित्सकों को उनके उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया। साथ ही एनएबीएच उपलब्धि के लिए सीईओ राजेश कुमार ने बालको अस्पताल की टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि बालको अस्पताल के माध्यम से कोरबा जिले में अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों की शुरुआत होने पर गर्व है। हम क्षेत्र में नवीनतम चिकित्सा तकनीकों, उपकरण और सभी तक उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और आधुनिक सुविधाओं को बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं। राजेश कुमार ने कहा कि बालको अस्पताल के जरिए क्षेत्र के जरूरतमंदों को हरसंभव चिकित्सा सुविधाएं देने के प्रति बालको प्रबंधन कटिबद्ध है।
बालको के मुख्य चिकित्सा अधिकारी विवेक सिन्हा ने कहा कि यह उपलब्धि हमारी टीम के निरंतर प्रयास, सेवा भावना और गुणवत्ता के प्रति समर्पण का परिणाम है। हम अपने मरीजों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के अपने संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करेंगे। उन्होंने कहा कि हम चिकित्सा नवाचार की सीमाओं को आगे बढ़ाने और बालको अस्पताल में अपने रोगियों की देखभाल में विश्वास करते हैं। हम अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण के माध्यम से मरीजों की देखभाल और उपचार को उत्कृष्ट तरीके से कर पाएंगे। 125 आधुनिक बेड से युक्त बालको अस्पताल कंपनी के कर्मचारियों एवं उनके परिवारजन और विभिन्न जिलों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए कटिबद्ध है।
विशेषज्ञ की टीम है जिसमें सामान्य चिकित्सक, नेत्र रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, एनेस्थेसियोलॉजिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, दंत चिकित्सक, स्त्री रोग विशेषज्ञ और आर्थोपेडिक सर्जन के साथ 09 विजिटिंग कंसल्टेंट शामिल हैं। इसके साथ ही अस्पताल को 24 चिकित्सक विशेषज्ञ, 69 नर्स और 126 स्टाफ सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। नियमित जांच शिविर, जागरूकता शिविर आयोजित करने के साथ ही आयुष्मान भारत और सरकार द्वारा निर्धारित समस्त टीकाकरण कार्यक्रमों का अनुसरण बालको अस्पताल में किया जाता है।
इंद्रावती टाइगर रिजर्व में मुठभेड़ मामला : आम आदमी पार्टी ने आदिवासी को नक्सली बताकर फर्जी एनकाउंटर का लगाया आरोप, कहा – मामले की हो न्यायिक जांच
रायपुर। इंद्रावती टाइगर रिजर्व में नक्सल मुठभेड़ में ग्रामीण महेश कुंजाम के एनकाउंटर मामले में सियासत तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी ने जांच समिति की रिपोर्ट पेश करते हुए घटना की जानकारी दी. जांच समिति की अध्यक्ष प्रियंका शुक्ला ने रायपुर प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि महेश कुंजाम एक आदिवासी किसान था, जिसे पुलिस वालों ने एक लाख का इनामी नक्सली घोषित कर फर्जी एनकाउंटर किया.
सुमित्रा में बताया कि दिनांक 06/06/2025 को जब महेश अपने भैसा को ढूंढने के लिए गांव में पास के जंगल तरफ गया था, लेकिन वापस नहीं आया, जिस पर गांव वालो ने सब जगह ढूंढा लेकिन नहीं मिला।
दिनांक 07/06/2025 को भी ढूंढा गया लेकिन नहीं मिला, उसी दिन पटनम से लौट रहे एक व्यक्ति मेटा शैलेष नामक युवक की गांव वालो से मुलाकात हुई, और शैलेष ने बताया कि किसी व्यक्ति को पुलिस वालो ने हाथ बांधकर रखे देखा था।
इसके बाद गांव वाले 08 जून को बीजापुर थाने आए, तब वहा पर पूछताछ करने से फोटो दिखाया गया, जिसमें पुष्टि हुई कि महेश को मार दिया गया है, और उसको नक्सली बताया गया है। इसके बाद वही पर महेश की बॉडी परिजनों और गांव वालो को दे दी गई।
इस पूरे मामले गांव वालो से, परिवार वालों से, स्कूल वालो से बातचीत जांच में यह तथ्य सामने आया और सबने एक ही सुर में यह बात बार बार दोहराई कि महेश कुड़ियाम नक्सली न था, और न कभी पहल भी शामिल हुआ। महेश के बारे में सबका यही कहना है कि वो एक आम जीवन जीने वाला आदिवासी किसान था,और उस दिन भी वो अपने रोज का काम करते में भैसा ढूंढने गया था और फिर वापस नहीं आया। महेश 2023 से रसोइए का काम स्कूल में कर रहा था , लोगो में महेश को ईमानदार और अच्छा काम करने वाला बताया है।
इसके अलावा हमारे द्वारा महेश और उसके पत्नी के समस्त दस्तावेज जिसमें आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक अकाउंट, आदि दस्तावेज देखने से भी प्राथमिकता से देखने से यह दर्शित हो रहा है कि वो एक आम जीवन गांव में व्यतीत कर रहा था, और उसके खाते में हर माह वेतन भी आया है। महेश के सात बच्चे में सबसे बड़ा बच्चा 12 वर्ष के आस पास का है और सबसे छोटा बच्चा 6 माह का है, प्रत्येक बच्चों में 2 साल, एक साल के आस पास का अंतर है, ऐसे में जिसके 07 बच्चे है, उसका एक लाख का इनामी माओवादी कहलाना समझ से परे है।
आम आदमी पार्टी की मांग:
1. ऐसे में सरकार को चाहिए कि मामले में संज्ञान लेकर कार्यवाही करे, क्योंकि यही वो जिला है जहां सारकेगुडा और एड्समेटा गांव में हुआ फर्जी एनकाउंटर का घटना भी हम सबके सामने है, उस घटना का तो रिटायर्ड जस्टिस वी के अग्रवाल जी के नेतृत्व में हुई थी और वो जांच रिपोर्ट भी आज सबके सामने है, जिसमें यह बात निकलकर आई कि सारकेगुडा और एड्समेटा मुठभेड़ फर्जी थी, उसमें समस्त आम आदिवासी किसान नागरिक मारे गए थे, उसमें कोई भी नक्सली नहीं था।
2. उक्त सारकेगुडा एवं एड्समेटा की घटना से सबक लेकर और अपनी पूर्व की रमन सरकार से ही सीख लेकर , वर्तमान की विष्णुदेव साय की सरकार को चाहिए कि मामले में न्यायिक जांच आयोग का गठन करें।
3. ईरपागुट्टा मामले में भी एक न्यायिक जांच आयोग का गठन करा जाए, ताकि निष्पक्ष जांच कार्यवाही हो सके।
4. पीड़ित परिवार को 1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए
5. मृतक महेश के समस्त बच्चों की पढ़ाई और परवरिश की जिम्मेदारी सरकार ली जाये।
6. महेश की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए।
7. सलवा जुडूम के बाद गांव वालो को उनके घर छोड़ने पड़े, ऐसे में उन गांव वालो को वापस बसाने की बात सरकार में कही थी, लेकिन हसदेव , रायगढ़ से लेकर बस्तर तक आदिवासी ही केंद्र में है, उनकी ही जमीन से उन्हें उजाड़ें जाने का अभियान चलाया जा रहा है, ठीक वैसे ही बस्तर में भी आदिवासी को बसाने की बात छोड़कर, यहां भी अदानी जैसे पूंजीपति को जल जंगल जमीन बेचा जा रहा है, इसको रुकना चाहिए.
9. इर्पागुट्टा मामले में जांच दल के तरफ से अध्यक्षता कर रही प्रियंका शुक्ला, मिथिलेश बघेल, अनिल दुर्गम, सतीश मंडावी ने पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर से मिलने का प्रयास किया, और पुलिस अधीक्षक,बीजापुर एवं बस्तर आई जी के नाम से लिखित ज्ञापन भी दिया गया, ज्ञापन के दौरान मिथिलेश बघेल, तरुणा बेदरकर,विवेक शर्मा शामिल रहे।
उक्त जांच दल में जांच समिति की अध्यक्षा एवं अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला (प्रदेश उपाध्यक्ष), मिथिलेश बघेल (प्रदेश अध्यक्ष महिला विंग) के. ज्योति (प्रदेश सचिव), विजय कुमार झा(प्रदेश अध्यक्ष कर्मचारी विंग), अज़ीम खान( रायपुर लोकसभा अध्यक्ष ),मिहिर कुर्मी (प्रदेश मीडिया प्रभारी ), नरेंद्र ठाकुर उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ में जीएसटी कलेक्शन में ऐतिहासिक बढ़त: 18% वृद्धि दर के साथ देश में अव्वल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय स्थित महानदी भवन में वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभाग के कार्यों एवं राजस्व संग्रहण की विस्तार से जानकारी प्राप्त की और कर संग्रहण बढ़ाने के उपायों पर कार्य करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कर की राशि का उपयोग देश और प्रदेश के विकास कार्यों में होता है, इसलिए सभी को ईमानदारी पूर्वक कर अदा करना चाहिए। श्री साय ने कहा कि जो लोग कर (जीएसटी) की चोरी करते हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा उनसे कर की वसूली सुनिश्चित की जाए। बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य को जीएसटी एवं वैट से कुल 23,448 करोड़ रुपये का कर राजस्व प्राप्त हुआ, जो राज्य के कुल कर राजस्व का 38% है। छत्तीसगढ़ ने 18% की जीएसटी वृद्धि दर हासिल की है, जो देश में सर्वाधिक है।
बैठक में वित्त एवं वाणिज्यिक कर (जीएसटी) मंत्री ओ.पी. चौधरी ने विभागीय जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने जीएसटी संग्रहण हेतु विभाग द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और कहा कि आगे भी नियमों के अनुरूप संग्रहण बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ कर अपवंचन के मामलों एवं उनसे निपटने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने फर्जी बिल, दोहरी बहीखाता प्रणाली और गलत टैक्स दरों का उपयोग कर अनुचित लाभ लेने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग की नवाचारी पहलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि जीएसटी पंजीकरण की औसत समय सीमा को 13 दिन से घटाकर 2 दिन कर दिया गया है।
बैठक में अधिकारियों ने जीएसटी विभाग द्वारा हाल ही में की गई बड़ी कार्रवाइयों एवं कर चोरी की राशि की वसूली की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा की गई कार्रवाइयों से शासन के कर राजस्व में निरंतर वृद्धि हो रही है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी 33 जिलों में जीएसटी कार्यालय स्थापित किए गए हैं, जिससे कर संग्रहण एवं जीएसटी से जुड़ी सेवाओं का कार्य पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ संपादित किया जा रहा है।
बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत तथा आयुक्त वाणिज्यिक कर पुष्पेंद्र मीणा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर रायपुर के आसमान में होगा भारतीय वायुसेना का प्रदर्शन, सांसद बृजमोहन अग्रवाल की पहल पर रक्षा मंत्री ने दी सूर्य किरण एरोबेटिक डिस्प्ले की स्वीकृति
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस (1 नवंबर 2025) के अवसर पर इस वर्ष राजधानी रायपुर में एक विशेष आयोजन होने जा रहा है। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल की पहल पर भारतीय वायुसेना की सूर्य किरण एरोबेटिक टीम द्वारा राजधानी में एक भव्य एरोबेटिक डिस्प्ले किया जाएगा। यह आयोजन छत्तीसगढ़ के युवाओं और नागरिकों में देशभक्ति, प्रेरणा और गर्व का भाव जगाने वाला होगा।
इस आयोजन की स्वीकृति रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा दी गई है। उन्होंने बताया कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा किए गए आग्रह पर भारतीय वायुसेना की 'सूर्य किरण' टीम को रायपुर में प्रदर्शन हेतु प्रस्तावित समय पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए भारतीय वायुसेना की टीम द्वारा निर्धारित अभ्यास एवं सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए संपूर्ण कार्यक्रम आयोजित होगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि, "छत्तीसगढ़ राज्य का स्थापना दिवस हमारे लिए गर्व और आत्मसम्मान का दिन है। इस दिन राजधानी में भारतीय वायुसेना की सूर्य किरण टीम का प्रदर्शन प्रदेशवासियों के लिए एक अविस्मरणीय क्षण होगा। यह आयोजन युवाओं में राष्ट्रीय चेतना, अनुशासन और देशभक्ति को और मजबूत करेगा। मैं इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।"
राज्य के स्थापना दिवस पर राजधानी रायपुर में इस प्रकार की प्रेरणादायी और गौरवशाली सैन्य प्रस्तुति आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम के आयोजन की तैयारी राज्य प्रशासन, वायुसेना और रक्षा मंत्रालय के समन्वय से की जाएगी।

पदों में कटौती स्वीकार नहीं, शिक्षक साझा मंच ने तहसील कार्यकाल में सौंपा ज्ञापन, क्रमोन्नति का जनरल आर्डर जारी करने, पूर्व सेवा अवधि पर पेंशन एवं 2008 के सेटअप पर युक्तियुक्तकरण की मांग
जांजगीर। शिक्षक साझा मंच ब्लॉक बम्हनीडीह द्वारा तहसील कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन कर एवं रैली निकालकर क्रमोन्नति, पेंशन, युक्तियुक्तकरण सहित शिक्षक एल.बी. संवर्ग की मांगों के निराकरण हेतु मुख्यमंत्री, शिक्षा सचिव, संचालक लोक शिक्षण संचालनालय के नाम तहसीलदार बम्हनीडीह के माध्यम से ज्ञापन सौंपा.
सौंपे गए ज्ञापन में मांग शामिल है जिसमें उच्च न्यायालय बिलासपुर, WA 261/2023 डबल बेंच के दिनांक 28/02/2024 को पारित निर्णय अनुसार सोना साहू, शिक्षक पंचायत/शिक्षक एल.बी. को पंचायत व शिक्षा विभाग की पूर्व सेवा अवधि की गणना कर एरियर्स सहित क्रमोन्नत वेतनमान भुगतान किया गया है, इसी तर्ज पर, प्रदेश के सभी पात्र शिक्षक एल.बी. संवर्ग के लिए एरियर्स सहित क्रमोन्नत वेतनमान भुगतान हेतु जनरल आर्डर जारी किया जाए।शिक्षक एल.बी. संवर्ग को प्रथम नियुक्ति तिथि से पूर्व सेवा की गणना कर पेंशन व अन्य लाभ प्रदान किए जाएं।
पदोन्नति में बीएड प्रशिक्षण की अनिवार्यता:
पदोन्नति में बीएड प्रशिक्षण की अनिवार्यता को शिथिल किया जाए। पूर्व की भांति शिक्षक से व्याख्याता एवं व्याख्याता से प्राचार्य पदोन्नति के लिए बीएड प्रशिक्षण की अनिवार्यता शिथिल कर, डी.एड. प्रशिक्षित शिक्षक संवर्ग को भी पदोन्नति हेतु अवसर प्रदान किया जाए। साथ ही, प्राचार्य के सीधी भर्ती के 10% पदों को विभागीय परीक्षा लेकर तत्काल भरा जाए।
वर्तमान में हुए युक्तियुक्तकरण में व्यापक विसंगतियां हैं, अतः दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए। इन व्यापक विसंगतियों को देखते हुए, दिनांक 02/08/2024 को जारी नियम के तहत हुए विद्यालय एवं शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण को तत्काल निरस्त किया जाए। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया सेटअप 2008 के विपरीत है। विद्यालयों में 31/03/2008 में वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत पद के अनुरूप युक्तियुक्तकरण किया जाए।
धरना प्रदर्शन को शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष धन्यकुमार पांडेय, जिला पदाधिकारी राजेंद्र जायसवाल, कुमार सिंह राज, प्रदीप श्रीवास, ने समर्थन दिया। आज धरना प्रदर्शन में शिक्षक साझा मंच ब्लॉक बम्हनीडीह से प्रदेश उपसंचालक बसंत चतुर्वेदी, छबि पटेल, जिला संचालक रविन्द्र राठौर, ब्लॉक संचालक उमेश तेम्बुलकर, ब्लॉक संचालक संजय चौहान, शैलेष दुबे, राजीव नयन शुक्ला, गोपाल जायसवाल, रामकृपाल डडसेना, विकेश केशरवानी, शिव पटेल, पूर्णिमा तिवारी, सरला प्रधान, हृदय राठौर, नवधा चंद्रा, उत्तम साहू, जगेंद्र वस्त्रकार, कौशल साहू, सनत सिदार, संतोष कुमार देवांगन, गायत्री वस्त्रकार, कुमारी बाई यादव, सरला फ्रैंकलिन, माधुरी देवांगन, ललिता डड़सेना जीवन लाल यादव, पूर्णेंद यादव दिलीप पांडे, सनत कुमार सिदार, दिलेश्वर आजाद, शिव नारायण जायसवाल, शरद चतुर्वेदी, कौशल साहू, फागुलाल राठौर, छोटे लाल श्रीवास, सरोज कुमार बंजारे, रवि कुंभकार, खिलेश कटकवार, शिव कुमार कंवर, श्याम सुंदर उराँव, अंब्रोस खलको, धनीराम पटेल, पुनाराम देवांगन, घनश्याम डडसेना, चंद्र कुमार चंद्रा, शहीदुल हक कादरी, गिरवर सिंह कवर, बुदेश कुमार पटेल,भुवन लाल बंजारे, सीमा पटेल, रामकुमार केवट, सत्यनारायण धीवर, जीपी सूर्यवंशी, जीवन लाल राठौर, भुवनेश्वर सिंह कवर, गंगाराम पटेल, गोपाल प्रसाद सूर्यवंशी, हेम प्रकाश तिवारी, योगेश कुमार सोनी, संजय यादव अनिल कुमार राठौर, पीतांबर साहू, रवीन्द्र कुमार दुबे, गोपाल जयसवाल, दुगेश चंद्रा, सम्मेसिंह कंवर, दीपक कुमार सिदार. संतोष कुमार साहू, विनोद कुमार राठौर, ललित राम मनहर, कन्हैया लाल देवांगन, शिला राम सांवरा, धनेश्वर प्रसाद देवांगन, पुष्पा शामिल थे।
बीईओ कार्यालय पहुंचकर किया स्वागत

सर्व शैक्षिक संगठन ब्लॉक बम्हनीडीह में शामिल छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, शालेय शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ लिपिक संघ, संयुक्त शिक्षक संघ, सीएसी संघ, छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के पदाधिकारीशामिल थे , जिसमें प्रमुख रूप से धन्यकुमार पांडेय, बसंत चतुर्वेदी, रविन्द्र राठौर, गोकुल जायसवाल, छबि पटेल, शैलेष दुबे, कैशलेश सिंह क्षत्रीय, उमेश तेम्बुलकर, संजय चौहान, विकेश केशरवानी, उत्तम साहू, नवधा चंद्रा, राजेश सिंह कंवर, लखन कश्यप, गुरु प्रसाद भतपरे, छोटे लाल श्रीवास, खमेलाल धीवर, विनय सिंह बैस, दीनदयाल देवांगन, डी पी राठौर, ने रत्ना थवाईत मेडम को बीईओ का प्रभार मिलने पर बीईओ कार्यालय पहुंचकर स्वागत करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
भाजपा सांसद-विधायकों का प्रशिक्षण शिविर, ओपी चौधरी के साथ पवन साय ने मैनपाट में तैयारियों का लिया जायजा
रायपुर। सरगुजा के मैनपाट में भाजपा के सांसदों और विधायकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर कार्यक्रम होने वाला है. यह कार्यक्रम 7 से 9 जुलाई तक चलेगा, जिसमें शामिल होने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री अमित शाह दिल्ली से पहुंचेंगे. कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं. मंगलवार को वित्तमंत्री ओपी चौधरी और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने तैयारियों का जायजा लेने मैनपाट पहुंचे.

भाजपा के प्रशिक्षण शिविर के लिए सभी सांसद और विधायक 6 जुलाई को मैनपाट पहुंचेंगे. कार्यक्रम का शुभारंभ 7 जुलाई को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे. वहीं समापन 9 जुलाई को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संबोधन के साथ होगा. प्रशिक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, धर्मेंद्र प्रधान, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव समेत कई वरिष्ठ नेता मार्गदर्शन देंगे.
मंत्री ओपी और संगठन महामंत्री पवन साय पहुंचे मैनपाट
