रायपुर। चार दिवसीय छठ महापर्व कल शनिवार अक्टूबर 25 को नहाय खाय के साथ प्रारंभ होगी। छठ महापर्व आयोजन समिति महादेवघाट, रायपुर के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि समिति के सदस्य और रायपुर नगर निगम के कर्मचारियों के द्वारा खारुन नदी, महादेव घाट की सफाई की जा रही है । आज में महादेव घाट की सफाई की गई और घाट का सौदर्यीकरण का काम किया गया । उन्होंने बताया कि छठ पूजा छत्तीसगढ़ में रायपुर, बिलासपुर, भिलाई-दुर्ग, कोरबा, बस्तर एवं अन्य शहरों में बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। रायपुर में छठ पूजा 50 से अधिक स्थानों जैसे खारुन नदी के महादेव घाट, व्यास तालाब और अन्य तालाबों के किनारे इस वर्ष भी छठ पूजा धूम-धाम से मनाया जायेगा । महापौर मीनल चौबे के द्वारा आज महादेव घाट का निरक्षण किया गया ।
उन्होंने बताया है कि चार दिवसीय छठ महापर्व शनिवार, अक्टूबर 25 को नहाय खाय के साथ प्रारंभ होगी। इस वर्ष अक्टूबर 25 से अक्टूबर 28 तक पूरे भारत सहित पूरे विश्व में छठ महापर्व हर्षोल्लास एवं परम्परा के साथ मनाया जायेगा । छठ महापर्व उत्तर भारतीय समाज का एक महत्वपूर्ण पर्व है जो इस वर्ष अक्टूबर 25 से प्रारम्भ होगी और अक्टूबर 28 को समाप्त होगी। खरना अक्टूबर 26 को होगा । संध्या अर्घ्य अक्टूबर 27 को होगा और उषा अर्घ्य अक्टूबर 28 को होगा ।
एक सांस्कृतिक कार्यक्रम 27 अक्टूबर को संध्या में महादेव घाट पर आयोजित किया जायेगा । अंतर्राष्ट्रीय लोक गायिका स्वाती मिश्रा (मुंबई) के द्वारा 27 अक्टूबर को संध्या में महादेव घाट पर छठ गीतों के प्रस्तुति दी जाएगी। लोकधारा के मशहूर कलाकार तिलक राजा साहू और केशरी साहू के द्वारा छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जाएगी । सोनाली एवं तरुण चोपड़ा टीम, प्रयागराज के द्वारा नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी जाएगी । कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति 27 अक्टूबर को संध्या 4 बजे से शुरू होगी । महादेव घाट पर 27 अक्टूबर को संध्या में महाआरती का आयोजन किया जायेगा । नवा रायपुर अटल नगर में झांझ तालाब के किनारे भी भव्यता के साथ छठ पूजा का आयोजन किया जायेगा। समिति जिला प्रशासन और नगर निगम के सहयोग से शहर के खारुन नदी के महादेव घाट सहित सभी घाटों कि सफाई किया जा रहा है ।
इस अवसर पर आयोजन प्रमुख राजेश कुमार सिंह, उप प्रमुख कन्हैया सिंह, सन्तोष सिंह, प्रचार-प्रसार सचिव ब्रजेश सिंह, सह सचिव राकेश सिंह, कोषाध्यक्ष सुनील सिंह, रवींद्र सिंह, मुक्तिनाथ पांडे, शशि सिंह, परमानंद सिंह, रामकुमार सिंह, सत्येन्द्र सिंह गौतम, अजय शर्मा, वेद नारायण सिंह कुशवाहा, जयंत सिंह, जय प्रकाश सिंह, अनिल सिंह, संजीव सिंह, रामविलास सिंह, सन्तोष सिंह, सरोज सिंह, मनोज सिंह, संजय सिंह, मदनलाल विश्वकर्मा एवं अन्य सदस्यों के द्वारा घाटों की सफाई में योगदान दिया जा रहा है.
रायपुर। पंडवानी एक ऐसी विधा है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ को पूरी दुनिया में पहचान मिली है। हमारे पंडवानी कलाकारों ने न्यूयॉर्क, पेरिस और लंदन तक महाभारत की कथाओं पर आधारित प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध किया है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से न केवल छत्तीसगढ़ की परंपरा को जीवित रखा है, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा को वैश्विक मंचों तक पहुँचाया है। पंडवानी आज हमारी लोक चेतना, नारी सशक्तिकरण और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन चुकी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले के ग्राम मेड़ेसरा में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग रायपुर के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, साजा विधायक ईश्वर साहू, राज्य तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, पूर्व मंत्री रमशीला साहू एवं जागेश्वर साहू, पूर्व विधायक लाभचंद बाफना एवं डॉ. दयाराम साहू, जिला पंचायत दुर्ग की अध्यक्ष सरस्वती बंजारे तथा दुर्ग नगर निगम की महापौर अलका बाघमार भी उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज मुझे पंडवानी के पुरोधा स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन की स्मृति भी हो रही है। जब वे हाथ में तंबूरा लेकर प्रस्तुति देते थे, तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो जाते थे। पंडवानी गायन में महिला कलाकारों की विशेष सफलता उल्लेखनीय रही है। मुझे स्वर्गीय लक्ष्मी बंजारे जी का भी स्मरण हो रहा है। यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि हमारी धरती पर तीजन बाई जैसी विभूति हुईं, जिन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण तीनों सम्मान प्राप्त हुए हैं। जब वे तंबूरा लेकर आलाप भरती हैं, तो ऐसा लगता है मानो आकाश के देवी-देवता भी उन्हें सुन रहे हों।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मैंने अनेक अवसरों पर तीजन बाई की पंडवानी सुनी है। श्याम बेनेगल की भारत एक खोज में उनका पंडवानी गायन दृश्य मन को आनंद और उत्सुकता से भर देता है। पद्मश्री डॉ. उषा बारले जी हमारे बीच उपस्थित हैं, जिन्होंने अपने अद्भुत पंडवानी गायन से सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडवानी हमारी अमूल्य धरोहर है। आज इस महासम्मेलन के आयोजन के माध्यम से आप सभी ने इस धरोहर को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का अत्यंत सराहनीय कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि हम लोगों ने बचपन में रामलीला मंडलियों के माध्यम से रामायण की कथाएं और पंडवानी के माध्यम से महाभारत की कथाएं सुनीं। पीढ़ी दर पीढ़ी इन लोककलाकारों ने रामायण और महाभारत जैसी महान कथाओं को जन-जन तक पहुँचाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडवानी गायन इस मायने में भी अद्वितीय है कि इसमें स्त्री-पुरुष का कोई भेद नहीं है। तीजन बाई और डॉ. उषा बारले जैसी कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से यह साबित किया है कि यह विधा महिलाओं के कौशल और संवेदनशीलता की प्रतीक है। पंडवानी गायन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सामाजिक तासीर भी झलकती है – यहां मातृशक्ति की भागीदारी कला के क्षेत्र में भी अग्रणी है और उन्हें सदैव प्रोत्साहित किया जाता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरगुजा से लेकर बस्तर तक हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट संस्कृति है। हमारी सरकार छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। कलाकारों की पेंशन राशि में वृद्धि की गई है और अवसरों की संख्या भी बढ़ाई गई है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी की स्थापना का निर्णय लेकर हमने छत्तीसगढ़ी सिनेमा को सशक्त बनाने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि जब अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया था, तब उनके मन में विकास के साथ-साथ संस्कृति को सहेजने की भी गहरी मंशा थी। आज जब ऐसा सुंदर आयोजन देखता हूं, तो मन को सुकून मिलता है कि अटल जी की मंशा पूर्ण हुई है। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर को प्रदेश की रजत जयंती मनाई जाएगी, जो हमारी लोकसंस्कृति का महोत्सव होगा। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आगमन होगा। मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि वे राज्योत्सव में सम्मिलित होकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा विभाग शीघ्र ही 5000 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और निरंतरता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने नागरिक कल्याण महाविद्यालय नंदिनी में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने, अछोटी में बीएड महाविद्यालय खोलने, मेड़ेसरा को आदर्श ग्राम बनाने, समुदायिक भवन हेतु 20 लाख रुपये और क्षेत्र के सभी पंचायतों में सीसी रोड निर्माण की घोषणा की।
कार्यक्रम के अध्यक्ष उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर सभी पंडवानी कलाकारों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कला और संस्कृति के लिए देश और दुनिया में विशिष्ट पहचान रखता है। यह कलाकारों से परिपूर्ण राज्य है। उन्होंने 1 नवंबर को राज्योत्सव में सभी को रायपुर आमंत्रित किया।
कार्यक्रम की संयोजक पद्मश्री डॉ. उषा बारले ने स्वागत उद्बोधन देते हुए अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस और पंडवानी महासम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री साय सहित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, संभाग आयुक्त एस.एन. राठौर, आईजी आर.जी. गर्ग, कलेक्टर अभिजीत सिंह, एसएसपी विजय अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण, पंडवानी के लोककलाकार तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में जिले में आवारा और घूमने वाले पशुओं से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नई प्रक्रिया (SOP) लागू की गई है। यह पहल परिवहन विभाग के निर्देशों पर आधारित है। इसका उद्देश्य सड़कों पर दुर्घटनाएं कम करना, पशुओं की सुरक्षा करना और जनता की सुरक्षा मजबूत करना है।
डॉ. सिंह ने सभी संबंधित विभागों — नगर निगम, पुलिस, पंचायत और ग्रामीण विकास, पशुपालन, कृषि, लोक निर्माण (PWD), एनएचएआई और राजस्व विभाग — को मिलकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर जहां आवारा पशुओं के कारण दुर्घटनाओं का खतरा ज्यादा है, वहां ऐसे स्थानों की पहचान कर निगरानी रखी जाए।
सड़क बनाने और रखरखाव से जुड़े सभी विभागों, खासकर टोल ठेकेदारों और एनएचएआई/PWD को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सड़कों पर पशु न घूमें, इसके लिए आवश्यक फेंसिंग, गेट और सुरक्षा प्रबंध किए जाएं।
एसओपी के अनुसार, हर ग्राम पंचायत और नगर निकाय स्तर पर एक निगरानी दल बनाया जाएगा। ये दल सड़क पर घूमने वाले पशुओं को पकड़कर उन्हें गोठान या पंजीकृत आश्रय स्थलों में रखेंगे। कलेक्टर की अध्यक्षता में एक समिति इस काम की साप्ताहिक समीक्षा करेगी और निगरानी दलों को तीन दिनों के भीतर बनाकर काम शुरू करने को कहा गया है।
आवारा पशुओं से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए दो टोल फ्री नंबर जारी किए गए हैं —
???? 1033 (राष्ट्रीय राजमार्ग)
???? 1100 (शहरी क्षेत्र)
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि “यह केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का अभियान है। प्रशासन का उद्देश्य है कि आवारा पशुओं को सुरक्षित ठिकाना मिले और लोगों को सुरक्षित सड़कें मिलें।” उन्होंने धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से इस अभियान में भाग लेने की अपील की।एक महीने तक दिन और रात दोनों समय विशेष अभियान चलाया जाएगा। सभी विभागों को मिलकर काम करने और रोजाना प्रगति रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय में देने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्राम पंचायत और नगर निकाय स्तर पर बने निगरानी दलों में लोक निर्माण, पुलिस, पशुपालन, पंचायत, कृषि, राजस्व विभाग के अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल रहेंगे। ये दल नियमित रूप से निरीक्षण कर अपने क्षेत्र की रिपोर्ट तैयार करेंगे।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि “इस प्रक्रिया से सड़कों पर सुरक्षा बढ़ेगी, दुर्घटनाएं घटेंगी और पशुओं की भी सुरक्षा होगी। प्रशासन चाहता है कि हर नागरिक को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित माहौल मिले।”
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने, बस्तर संभाग के जनजातीय बहुल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं की खेल प्रतिभा को पहचानने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से ‘बस्तर ओलंपिक 2025’ का आयोजन किया जा रहा है। जिसका नारायणपुर के सुदूर वनांचल ग्राम कच्चापाल में शुभारंभ आज उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर ईरकभट्टी और कच्चापाल की ग्रामीण महिलाओं के मध्य रस्साकसी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें ईरकभट्टी के महिलाओं ने बाजी मारी। उपमुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर सभी का उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने खिलाड़ियों में उत्साह को देखते हुए सभी को बस्तर ओलंपिक 2025 की टीशर्ट का वितरण किया। यह प्रतियोगिता विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर तीन चरणों में आयोजित होगी। बस्तर ओलंपिक 2025 में बस्तर संभाग में 03 लाख 80 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग ले रहे हैं, जिसमें नारायणपुर में 47 हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल हैं।
इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेल नहीं है यह बस्तर की समरसता, बंधुत्व, विश्वास और एकता का प्रतीक भी है। यह ओलंपिक बस्तर के युवाओं को अपनी नैसर्गिक प्रतिभा के प्रदर्शन का एक मंच प्रदान करने के साथ उनमें आत्मविश्वास जगाने और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का एक माध्यम भी है। हमें पूरा भरोसा है कि इस ओलंपिक के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी प्रदेश को मिलेंगे जो प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में बस्तर का नाम ऊंचा करेंगे।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मंडावी, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, एसपी रॉबिंसन गुड़िया, एसडीएम ओरछा डॉ. सुमित गर्ग, जनपद उपाध्यक्ष ओरछा मंगडूराम नूरेटी सरपंच कच्चापाल रजमा नूरेटी, जनपद सदस्य जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन 25 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक विकासखंड स्तर, जिला स्तर एवं संभाग पर किया जाएगा। जिसमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकसी, हॉकी और वेटलिफ्टिंग जैसी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जहां जूनियर वर्ग (14 से 17 वर्ष) और सीनियर वर्ग (17 वर्ष से अधिक) के साथ दिव्यांग खिलाड़ी और आत्मसमर्पित नक्सली भी सीधे संभाग स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे।
जांजगीर-चांपा। कृषि विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर का किसानों से पैसा लेते वीडियो वायरल हुआ है. पीएम किसान सम्मान निधि की केवाईसी पूरा करने के नाम पर पैसा वसूल रहे कंप्यूटर ऑपरेटर की पहचान नितेश किशोर के तौर पर हुई है.
बम्हनीहडीह ब्लॉक क्षेत्र के किसान कंप्यूटर ऑपरेटर की वसूली से त्रस्त हैं. ऐसे ही परेशान एक शख्स ने नितेश किशोर का केवाईसी के नाम पर किसान से पैसा वसूलते वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में पोस्ट कर दिया. वीडियो में ऑपरेटर किसान से 4 हजार रुपए लेते नजर आ रहा है. ऑपरेटर ने किसान से 7 हजार रुपए की मांग की थी. वीडियो में नीतीश किशोर अधिकारी को भी पैसा देने की बात कर रहा है.
जगदलपुर। बस्तर संभाग प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों का सरकार लाल कालिन पर मुख्यधारा में स्वागत कर रही है. लेकिन जो नक्सली नहीं आएंगे, उनके खिलाफ आर्म्ड फोर्सेज कार्रवाई करेंगे.
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि एक मिनट के लिए भी किसी को भी विश्राम करने का समय नहीं है. नक्सलियों के खिलाफ फिर से ऑपरेशन लॉन्च किए जाएंगे. जवानों के भुजाओं की ताकत के आधार पर ही निर्णय हो रहा है.
बता दें कि उप मुख्यमंत्री शर्मा बीजापुर और सुकमा के दौरे पर पहुंचे थे. जहां उन्होंने आत्म समर्पण करने वाले माओवादियों से मुलाकात की. साथ ही शासन द्वारा किए जा रहे पुनर्वास करने वाले माओवादियों के लिए रोजगारमुखी कार्यों को भी देखा. इस दौरान जगदलपुर में मीडिया से चर्चा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने उक्त बयान दिया.
रायपुर। छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंघ ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर शनिवार से “स्टेयरिंग छोड़ो, चक्का जाम आंदोलन” की घोषणा कर दी है. महासंघ ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी और प्रदेशभर में कोई भी यात्री या मालवाहक वाहन सड़कों पर नहीं उतरेंगे. संगठन के सदस्यों ने पहले चक्काजाम करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की समझाइश के बाद वे सड़क किनारे धरना देने लगे.
गरियाबंद में भी ड्राइवरों का अनिश्चितकालीन हड़ताल
गरियाबंद में भी आज सुबह छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन के अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है. नेशनल हाईवे 130 सी डोहेल के पास बड़ी संख्या में ड्राइवर एकजुट हुए हैं. ड्राइवर संघ के पदाधिकारी क्षेत्रमोहन ने बताया कि वह सरकार से शांतिपूर्ण तरीके से अपना अधिकार मांग रहे हैं. यह अधिकार हमारे ड्राइवर भाइयों के लिए है.
क्या है प्रमुख मांगें ?
ड्राइवरों की मुख्य मांगों में प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू करने, ड्राइवर आयोग और ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड के गठन, कमर्शियल लाइसेंस पर बीमा की व्यवस्था, दुर्घटना में मृत्यु होने पर 10 लाख रुपये और अपंगता की स्थिति में 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की मांग शामिल है.
इसके अलावा चालक हेल्थ कार्ड, 55 वर्ष की आयु पूरी होने पर पेंशन, ड्राइवरों के बच्चों को शिक्षा और नौकरी में आरक्षण, राज्य के सभी जिलों में ड्राइवर स्मारक निर्माण और ड्राइवरों के साथ मारपीट या लूट की घटना पर पांच वर्ष तक के कठोर दंड का प्रावधान करने जैसी मांगें भी रखी गई हैं.
प्रदेशभर में लगभग 60 हजार ड्राइवरों का हड़ताल को समर्थन
ड्राइवरों का कहना है कि लंबे समय मांग पत्र सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक किसी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई. इस कारण मजबूर होकर उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा है. अब उनकी मांगे पूरी नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. ड्राइवर महासंघ ने दावा किया है कि प्रदेशभर में करीब 50 से 60 हजार ड्राइवर संगठन से जुड़े हुए हैं और सभी ने एकजुट होकर इस हड़ताल का समर्थन किया है. राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल सकता है, जिससे परिवहन और आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है.
सूरजपुर। धान खरीदी शुरू होने से सेवा सहकारी कर्मचारी संघ ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का अल्टीमेटम दिया है. संघ की ओर से इस संबंध में सूरजपुर कलेक्टर और उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं को ज्ञापन सौंपा गया है.
संघ की ओर से शुक्रवार को सभी 33 जिला मुख्यालय पर रैली निकालने से साथ तमाम मंत्रियों के नाम से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया. इसके बाद मंगलवार 28 अक्टूबर को एक दिवसीय प्रदेश स्तरीय महाहुंकार ज्ञापन रैली निकालकर मंत्रियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा. इसके बाद 3 नवंबर से 11 नवंबर तक संभाग स्तरीय अनिश्चितकालीन आंदोलन और फिर 12 नवंबर से सरकार के निर्णय तक अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान किया गया है.
छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ की ओर से सौंपे गए खाद्य विभाग से 2 सूत्रीय मांगों में समर्थन मूल्य धान खरीदी वर्ष 2023-24 एवं वर्ष 2024-25 में धान परिदान पश्चात हुई संपूर्ण सूखत मानकर राशि समितियों को देते हुए धान खरीदी वर्ष 2024-25 में परिवहन पश्चात संपूर्ण सूखत समिति को दे, अथवा प्रत्येक सप्ताह संपूर्ण परिवहन हो. इसके अलावा वर्ष 2024-25 में शून्य शार्टेज प्रोत्साहन का भी प्रावधान कर विभिन्न प्रदत्त कमीशन, प्रशांगिक, सुरक्षा व्यय में बढ़ोतरी की जाए.
इसके अलावा मध्य प्रदेश सरकार की भांति शासकीय उचित मूल्य दुकानदारों के विक्रेताओं को प्रतिमाह 3000 रुपए दी जाए. छत्तीसगढ़ शासन के कलेक्टर द्वारा नामित प्रशासनिक धान खरीदी अधिकारी प्रभारी को खरीदी से सम्पूर्ण धान परिवहन मिलान अंतिम तक सूखत की जिम्मेदारी लिखित में जारी किया जाए. वहीं दूसरी मांग में आउट सोर्सिंग द्वारा कम्प्यूटर ऑपरेटर के नियोजन को विलापित कर विभाग तय करते हुए नियमितिकरण किया जाए.
इसके साथ सहकारिता विभाग से जुड़े दो सूत्रीय लंबित मांगों में प्रदेश के 2058 सहकारी समितियों में कार्यरत कर्मचारियों को वेतनमान देने प्रति वर्ष प्रत्येक समितियों को 3-3 लाख रुपए प्रबंधकीय अनुदान राशि मध्यप्रदेश सरकार की भांति दी जाए.
इसके साथ काण्डे कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, सेवानियम 2018 संशोधन में भविष्य निधि, मंहगाई भत्ता, ईएसआईसी सुविधा, संस्था के दैनिक – संविदा कर्मचारियों को समिति के सीधी भर्ती में प्राथमिकता – बोनस अंक अनवार्य कर शीघ्र लागू करते हुए बैंक केडर समिति प्रबंधक पद, तृतीय, चतुर्थ श्रेणी के बैंकों के खाली पदों पर समितियों के सहायक कर्मचारियों को 50 प्रतिशत विभागीय भर्ती करते हुए उम्र एवं योग्यता में शिथिलता दी जाए.
रायपुर। राजधानी रायपुर का स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट यात्रियों को सुविधा देने के मामले में 8वें स्थान पर है। एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी सर्वे (ASQ) 2025 की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) की रिपोर्ट में देश के टॉप-10 एयरपोर्ट्स में रायपुर एयरपोर्ट ने 8वां स्थान हासिल किया है।
पिछले साल भी इसी अवधि में रायपुर एयरपोर्ट 8वें स्थान पर था। सर्वे में यात्रियों से 33 बिंदुओं पर फीडबैक लिया जाता है, जिसमें टर्मिनल, साफ-सफाई, पानी, बैठने की व्यवस्था, फूड स्टॉल, यात्री सुविधाएं और कर्मचारियों का व्यवहार शामिल हैं। सर्वे में तकनीकी और आधारभूत सुविधाओं का भी मूल्यांकन किया जाता है, जैसे कनेक्टिविटी, इन्फ्रास्ट्रक्चर, साइनबोर्ड, टर्मिनल भवन में चलने की दूरी, चेकिंग काउंटर, पार्किंग क्षेत्र, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य सुविधाएं। रायपुर एयरपोर्ट से हर हफ्ते औसतन 20-25 हजार यात्री आते और जाते हैं।
यह सर्वे एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल (ACI) द्वारा कराया जाता है और उन एयरपोर्ट्स पर लागू होता है, जहां सालाना यात्रियों की संख्या 18 लाख से अधिक होती है। एशिया-पैसफिक क्षेत्र के 18 देशों के 98 एयरपोर्ट्स में यह मूल्यांकन किया जाता है, जिसमें भारत के 16 प्रमुख एयरपोर्ट्स शामिल हैं। रायपुर एयरपोर्ट इस रैंकिंग में 72वां स्थान रहा।
बिलासपुर। दिवाली की छुट्टियों के बीच चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा बिलासपुर संभाग के जिलों के कोर्ट का अचानक निरीक्षण करने पहुंच गए। शुक्रवार (24 अक्टूबर) को इस दौरान उन्होंने रायगढ़, खरसिया, सक्ती और जांजगीर-चांपा में अदालतों में व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
साथ ही न्यायिक अफसरों की बैठक लेकर पुराने और लंबित केस का तुरंत निराकरण करने सहित कई आवश्यक दिशा- निर्देश दिए। चीफ जस्टिस सिन्हा ने रायगढ़ में वकीलों से मुलाकात करने के बाद जिला कोर्ट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पिछले निरीक्षण की कमियों दूर करने पर संतुष्टि जताई। उन्होंने रायगढ़ के वकीलों से चर्चा कर कोर्ट की गतिविधियों की जानकारी ली। फिर न्यायिक अधिकारियों की बैठक लेकर पुराने और लंबित मामलों की प्राथमिकता के साथ सुनवाई करने के निर्देश दिए।
चीफ जस्टिस ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सालों से लंबित और पुराने प्रकरणों को नियमानुसार और प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि जिला न्यायाधीश ऐसे केस में प्राथमिकता तय करें कि किन-किन मामलों में तुरंत सुनवाई की जरूरत है। निरीक्षण के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार सहित अन्य न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। पूर्व निरीक्षण में पाई गई कमियों के निराकरण पर चीफ जस्टिस सिन्हा ने संतोष जताया। इस दौरान रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव, संयुक्त रजिस्ट्रार कम पीपीएस एमवीएलएन सुब्रहमन्यम और प्रोटोकॉल ऑफिसर आरएस. नेगी भी उपस्थित रहे।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में 29 अक्टूबर से नया रोस्टर लागू किया जा रहा है। इस नए रोस्टर के तहत अब चार डिवीजन बेंच और 16 सिंगल बेंच में मामलों की सुनवाई होगी। नया रोस्टर मुख्य न्यायाधीश की स्वीकृति से जारी किया गया है और यह 29 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होगा।
रोस्टर के अनुसार, पहली डिवीजन बेंच में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, जस्टिस बिभुदत्त गुरु डिवीजन बेंच के सभी मैटर्स (संविधान की धारा 323 ए व 323 बी को छोड़कर) जनहित याचिकाएं, बंदी प्रत्यक्षीकरण के मामले, रिट पिटीशन क्रिमिनल मामले, अवमानना याचिका, क्रिमिनल अपील 2020 तक और धारा 482 के तहत दिए गए आवेदन पर सुनवाई करेंगे।
जस्टिस संजय अग्रवाल और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की डिवीजन बेंच उन मामलों को सुनेगी जिन्हें किसी अन्य डीबी में नहीं भेजा गया है। वैवाहिक मामलों में प्रथम अपील भी सुनी जाएंगी। तीसरी डीबी में जस्टिस संजय श्याम अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल कमर्शियल अपील, 2016 तक की इक्विटल (सजा के खिलाफ) अपील और एप्लीकेशन फॉर लीव टू अपील सेक्शन 378 सीआरपीसी पर सुनवाई करेंगे।
जस्टिस रजनी दुबे, जस्टिस एके प्रसाद की चौथी डीबी सभी सिविल मामले जो किसी अन्य डीबी में न भेजे गए हों, उन पर सुनवाई करेगी। इसके साथ कंपनी अपील, टैक्स मामले, वर्ष 2015 तक की इक्विटल अपील और अन्य सभी रिट मामलों की सुनवाई की जाएगी। इसके साथ ही 16 एकल पीठों में सुनवाई निर्धारित की गई हैं, उनमें चीफ जस्टिस की स्पेशल सिंगल बेंच समेत अन्य जजों की सिंगल बेंच भी शामिल हैं।
रायगढ़। जिले में वन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। कुरमापानी और गोर्रा के बीच अवैध रूप से कीमती लकड़ी की तस्करी करते हुए एक 18 चक्का ट्रक और एक स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया गया है। इस कार्रवाई में लाखों रुपये की लकड़ी बरामद हुई है। टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके अन्य साथी मौके से फरार हो गए। जब्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग 45 लाख रुपये आंकी गई है।
जानकारी के मुताबिक, रायगढ़ वनमंडल के सर्किल के कुर्मापाली से गोर्रा के बीच नहर के पास एक ट्रक में अवैध रूप से खैर और तेंदू की लकड़ी लोड की गई थी। छुईपारा निवासी महेंद्र यादव (26 वर्ष) को वन अमले ने मौके से हिरासत में लिया। इसके बाद ट्रक में लदी लकड़ियों को उर्दना काष्ठागार भेजा गया। इसी दौरान सूचना मिली कि तस्कर कोतरा रोड ओवरब्रिज के पास स्कॉर्पियो वाहन में मौजूद हैं, लेकिन वन विभाग की टीम को देखकर वे वाहन छोड़कर फरार हो गए। वन अमले ने स्कॉर्पियो को भी जब्त कर डीपो भेज दिया। स्कार्पियो वाहन का नंबर प्लेट हरियाणा पासिंग बताया जा रहा है।
मामले में एसडीओ फॉरेस्ट ने बताया कि विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि पाली से गोर्रा मार्ग पर अवैध लकड़ी की लोडिंग की जा रही है। सूचना के आधार पर मौके पर दबिश दी गई, जहां से ट्रक और स्कॉर्पियो वाहन को जब्त किया गया। उन्होंने बताया कि जब्त लकड़ियों का घनमीटर मापने के बाद ही कुल मात्रा और मूल्य का सटीक आंकड़ा सामने आएगा।
वन विभाग ने आरटीओ को पत्र लिखकर वाहनों के मालिकों की जानकारी मांगी है। अधिकारी ने बताया कि अवैध लकड़ी तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल वन विभाग की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी है।
बीजापुर। उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा आज बीजापुर जिले के अत्यंत सुदूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र ग्राम नंबी पहुंचे। उन्होंने यहां नंबी चौक से नंबी जलप्रपात पर्यटन स्थल तक 94.48 लाख रुपये की लागत से बनने वाली डब्ल्यूबीएम सड़क का भूमिपूजन किया। यह सड़क गांव से नंबी जलप्रपात तक सीधे जाएगी। जिससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने मोटर सायकिल पर सवार होकर रोड निर्माण हेतु सड़क का भी निरीक्षण किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि बस्तर अब एक नई दिशा में बढ़ रहा है, जहां पर्यटन क्षेत्र के विकास के द्वारा कभी नक्सल आतंक से पीड़ित गांव अब पर्यटन हब के रूप में विकसित हो रहा है। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों के साथ जनचौपाल लगाकर सीधे संवाद किया। उन्होंने शासन की योजनाओं जैसे महतारी वंदन योजना, धान खरीदी, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि आदि के बारे में जानकारी देते हुए ग्रामीणों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अधिकारियों को युवाओं को सीएससी सेंटर संचालन के लिए प्रशिक्षण दिलाने और किसानों के विशेष शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों की मांग अनुरूप नंबी गांव में 20 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण की स्वीकृति भी प्रदान की।
उन्होंने नंबी जलधारा पर्यटन समिति के द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन के साथ मिलकर किये जा रहे कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर नंबी जलधारा समिति के अध्यक्ष गजेंद्र ने बताया कि स्थानीय ग्राम के 24 युवा सदस्यों द्वारा नंबी जलप्रपात का संचालन एवं देखरेख किया जा रहा है। पिछले चार महीनों में जलप्रपात को देखने 20 हजार से अधिक पर्यटक आये हैं। जिससे समिति के युवाओं को चार लाख रुपए से अधिक की आमदनी हुई है। यहां ना सिर्फ राज्य के स्थानीय पर्यटक अपितु जर्मनी एवं अन्य देशों से भी विदेशी पर्यटक भी अब पहुंच रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए युवाओं को प्रोत्साहित किया।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि दो वर्ष पूर्व नंबी में सुरक्षा कैंप स्थापित हुआ। जिसके बाद से अब तक गांव में बिजली, पानी और स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच चुकी हैं। बीजापुर अब विकास की राह पर अग्रसर है। सरकार की पुनर्वास नीति के चलते बड़ी संख्या में लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं। वह दिन दूर नहीं जब बस्तर पूरी तरह हिंसा मुक्त होगा।
नक्सली हथियार छोड़ दें, सरकार लाल कालीन बिछाकर स्वागत करेगी – गृहमंत्री विजय शर्मा
आगे बीते दिनों बस्तर व महाराष्ट्र में सरेंडर किए गए नक्सलियों को उनके साथियों द्वारा गद्दार कहे जाने सवाल पर गृहमंत्री शर्मा ने कहा कि वो लोग गद्दार है,जो हथियार लेंके देश के पीठ में छुरा भोंकने का काम करते हैं, जो लोगों को गला रेतकर मारते हैं,वो लोग गद्दार है, ये समझदार है, जिन्होंने अपने साथ-साथ सैकड़ो लोगों की जान बचाई है और सरकार की स्पष्ट मंशा है, हथियार आप छोड़ दीजिए बाकी सरकार कोई दिक्कत नहीं है। देश के लिए जनता के लिए जी के सेवा करो यह बात उनको समझना पड़ेगा अगर ऐसा करते हैं तो सरकार लाल कालीन बिछा उनका स्वागत करेगी। और पुर्नवास की पूरी व्यवस्था करेगी और आगे जनता के बीच वो काम कर पायंगे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य शासन के वित्त विभाग ने आज 5000 शिक्षकों के पदों पर भर्ती की सहमति प्रदान कर दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री श्री साय की उस घोषणा के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे को मज़बूत बनाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य की प्रगति की नींव होती है, और छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चे तक ज्ञान और अवसर दोनों पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह भर्ती न केवल शिक्षण व्यवस्था को गति देगी बल्कि युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी सृजित करेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने वित्त विभाग द्वारा दी गई सहमति को ‘नए छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम’ बताया। 5000 पदों हेतु शिक्षा विभाग शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षण की निरंतरता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
राज्य शासन ने पिछले कुछ महीनों में शिक्षा सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। विद्यालय भवनों के निर्माण, डिजिटल शिक्षा सामग्री के प्रसार, और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश में शिक्षकों की कमी लंबे समय से एक प्रमुख चुनौती रही है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सीमित थी। नई भर्ती से इन क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे बच्चों को अब अपने ही गाँव और क्षेत्र में बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह पहल प्रदेश में शिक्षण के स्तर को राष्ट्रीय औसत के बराबर लाने में सहायक सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा को सर्वांगीण विकास का आधार मानते हुए लगातार निवेश कर रही है। स्कूल इन्फ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण से लेकर छात्रवृत्ति, मध्याह्न भोजन और छात्र हितैषी योजनाओं तक, सरकार का फोकस हर स्तर पर शिक्षा के दायरे को व्यापक बनाना है। शिक्षकों की यह नई भर्ती उसी दीर्घकालिक दृष्टि का हिस्सा है, जो ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विज़न को साकार करने की दिशा में अग्रसर है। इस निर्णय से जहाँ शिक्षा प्रणाली को नई ऊर्जा मिलेगी, वहीं हजारों युवाओं के सपनों को साकार करने का मार्ग भी खुलेगा। यह पहल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ‘शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।
"मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप शिक्षा को राज्य की शीर्ष प्राथमिकता बनाया गया है। वित्त विभाग द्वारा 5000 शिक्षकों के पदों की भर्ती की सहमति देना इसी संकल्प का हिस्सा है। शिक्षा में किया गया प्रत्येक निवेश प्रदेश के भविष्य में किया गया निवेश है। इस निर्णय से स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी होगी, ग्रामीण व आदिवासी अंचलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ेगी और हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए शिक्षा जैसे मूलभूत क्षेत्र को संसाधन उपलब्ध कराना हमारी सरकार की जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता दोनों है।"
- वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी
"शिक्षा राज्य के विकास की सबसे सशक्त आधारशिला है। हमारी सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और हर विद्यालय में योग्य शिक्षक उपलब्ध हों। वित्त विभाग द्वारा 5000 शिक्षकों के पदों पर भर्ती की सहमति उसी दिशा में एक बड़ा कदम है। यह निर्णय न केवल शिक्षा के क्षेत्र को सशक्त करेगा, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा।"
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की एक और महत्वपूर्ण घोषणा को राज्य सरकार ने मूर्त रूप दे दिया है। राज्य बजट में शामिल 9 नवीन नर्सिंग महाविद्यालयों के भवन निर्माण कार्य के लिए 78 करोड़ 15 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा को नई दिशा देगा और स्वास्थ्य क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद करेगा।
प्रत्येक नर्सिंग महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए 8 करोड़ 68 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। ये नवीन नर्सिंग कॉलेज दंतेवाड़ा, बैकुंठपुर, बीजापुर, बलरामपुर, जशपुर, रायगढ़, धमतरी, जांजगीर-चांपा और नवा रायपुर (अटल नगर) में स्थापित किए जाएंगे। इन संस्थानों की स्थापना से प्रदेश के दूरस्थ और जनजातीय अंचलों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता और सुदृढ़ होगी।
"हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के हर युवा को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा मिले और हर जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कुशल मानव संसाधन भी तैयार हो। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदेश के स्वास्थ्य शिक्षा क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगी। यह पहल न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाएगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर भी बढ़ाएगी।"
-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
"मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य शिक्षा को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक निर्णय लिया है। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण की स्वीकृति से प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा के साथ ही रोजगार और आत्मनिर्भरता के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। यह पहल छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने में मदद करेगी।"
- स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल
"मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए 78 करोड़ 15 लाख रुपए की स्वीकृति इस बात का प्रतीक है कि सरकार प्रदेश के युवाओं के लिए अवसर सृजन और सेवा क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।"
गरियाबंद। धान खरीदी की तैयारियों के बीच गरियाबंद जिले में सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने आज अपनी 4 सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. जिले की 67 समितियों के करीब 400 कर्मचारियों ने काम बंद कर गांधी मैदान से विशाल रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. कर्मचारियों ने खरीदी प्रक्रिया में देरी का ठीकरा उनके सिर पर फोड़ने का विरोध किया और आउटसोर्सिंग के जरिए कंप्यूटर ऑपरेटर भर्ती पर आपत्ति जताई.
प्रदर्शन के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन सतर्क रहा और कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. संघ के प्रतिनिधि मंडल ने एसडीएम हितेश्वरी वाघे को ज्ञापन सौंपा.
संघ की मुख्य मांगें
छत्तीसगढ़ में 15 नवम्बर से धान खरीदी शुरू होने जा रही है. इससे पहले सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने सुखत की भरपाई, उठाव में देरी पर जवाबदारी तय करने, आउटसोर्सिंग भर्ती पर रोक लगाने, वेतन में कटौती खत्म करने, सेवा नियमों में संशोधन और मध्यप्रदेश सरकार की तर्ज पर 3 लाख रुपये का प्रबंधकीय अनुदान देने की मांग रखी है.
संघ के पदाधिकारियों ऋषिकांत मोहरे और दिनेश चंद्राकर ने बताया कि उठाव में देरी होने से कर्मचारियों को न केवल नुकसान की भरपाई करनी पड़ती है, बल्कि कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ता है.
आंदोलन का अगला चरण तय
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो धान खरीदी प्रभावित हो सकती है. उन्होंने चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तय की है, जिसके तहत 12 नवम्बर को जिला और संभाग स्तर पर रैली व प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे जाएंगे. यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं करती.
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में डिजिटल सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में आज सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के “राज्य कार्यालय सह प्रशिक्षण केंद्र” भवन का भूमि पूजन समारोह सेक्टर-24, नवा रायपुर अटल नगर में विधिवत संपन्न हुआ।
यह भवन छत्तीसगढ़ में सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) के स्थायी राज्य कार्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा, जो राज्य में डिजिटल सशक्तिकरण, प्रशिक्षण और सेवा समन्वय का प्रमुख केंद्र बनेगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के प्रबंध संचालक संजय कुमार राकेश एवं विशिष्ट अतिथि संतोष कुमार आर्या, कार्यपालन अभियंता उपस्थित रहे। इस अवसर पर अन्य गणमान्य अतिथि, राज्य टीम के अधिकारी, जिला समन्वयक एवं विभिन्न जिलों के वीएलई प्रतिनिधि भी सम्मिलित हुए।
समारोह का शुभारंभ पारंपरिक विधि से दीप प्रज्वलन एवं भूमि पूजन के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपने विचार व्यक्त किए।
मुख्य अतिथि संजय कुमार राकेश ने अपने उद्बोधन में कहा कि “यह नया सीएससी राज्य कार्यालय छत्तीसगढ़ में डिजिटल सेवाओं के प्रसार का केंद्र बनेगा। इससे न केवल वीएलई नेटवर्क को मजबूती मिलेगी, बल्कि नागरिकों तक सरकारी योजनाओं की पहुँच और भी सरल एवं प्रभावी होगी।”
यह नया भवन सीएससी के राज्य स्तरीय मुख्यालय के रूप में कार्य करेगा, जहाँ से आधार नामांकन, जी2सी सेवाएँ, वित्तीय समावेशन, डिजिटल साक्षरता एवं परियोजना मॉनिटरिंग जैसे प्रमुख कार्यक्रमों का संचालन किया जाएगा। इससे राज्य में प्रशिक्षण और सेवा विस्तार की प्रक्रिया और अधिक संगठित व सशक्त होगी।
कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन सीएससी राज्य प्रमुख जयनारायण पटेल द्वारा किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “सीएससी, डिजिटल इंडिया मिशन की रीढ़ है और यह भवन उस मिशन को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करेगा।” समारोह का समापन आभार प्रदर्शन मोहम्मद रियाज द्वारा किया गया।
रायपुर। राज्य सरकार ने 7आईपीएस अफसरों का तबादला आदेश जारी किया है. आदेश के मुताबिक आईपीएस पंकज चंद्रा को कोंडागांव, प्रफुल्ल ठाकुर को सक्ती, रत्ना सिंह को एमसीबी और अंकिता शर्मा को राजनांदगांव एसपी बनाया गया है.