प्रदेश
चालक की लापरवाही से पलटी तेज रफ्तार बस, 6 से ज्यादा यात्री घायल
जशपुर। बगीचा के ग्राम महनई के समीप साेमवार की शाम लगभग 5 बजे चालक की लापरवाही से तेज रफ्तार बस पलट गई. इस हादसे में 6 से ज्यादा लाेग घायल हुए हैं. घटना की सूचना मिलते ही सुलेसा पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां सभी का इलाज जारी है.
बताया जा रहा है कि बस बगीचा से कुसमी जा रही थी, जिसमें लगभग 50 यात्री सवार थे. बस बगीचा थाना क्षेत्र के चाैकी सुलेसा के ग्राम महनई के पास पलट गई. बताया जा रहा है कि बस चालक फाेन पर बात कर रहा था और लापरवाही पूर्वक गाड़ी काे चला रहा था, जिससे बस अनियंत्रित हाेकर पलट गई. इस हादसे में 6 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. सभी घायलाें काे बगीचा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया.
बस्तर पण्डुम: बस्तर के लोकगीत, राम की कथा और संस्कृति: बस्तर अब संस्कृति के रास्ते चलेगा विकास की ओर - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। बस्तर क्षेत्र की कला, संस्कृति और परंपराओं के उत्सव 'बस्तर पंडुम' में डॉ. कुमार विश्वास द्वारा "बस्तर के राम" कथा वाचन किया जाएगा। आगामी 3 अप्रैल को होने वाला यह आयोजन, बस्तर क्षेत्र में शांति और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के नए सोपान तय करेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने “बस्तर पंडुम 2025” को बस्तर की आत्मा से जुड़ा एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण बताते हुए कहा कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की अस्मिता, आस्था और आकांक्षाओं का उत्सव है। उन्होंने कहा कि ‘बस्तर के राम’ जैसे कार्यक्रम बस्तर की धरती को आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ते हैं और यह सिद्ध करते हैं कि विकास का सबसे सशक्त मार्ग संस्कृति और परंपरा से होकर जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि यह उत्सव बस्तर को वैश्विक सांस्कृतिक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा और हमारी जनजातीय परंपराएँ आने वाली पीढ़ियों के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।
उल्लेखनीय है कि दंडकारण्य क्षेत्र का रामायण काल में विशेष स्थान रहा है और श्री राम ने अपने वनवास काल का कुछ समय दंडकारण्य के जंगलों में व्यतीत किया था। डॉ. कुमार विश्वास बस्तर क्षेत्र के परिपेक्ष्य में श्री राम के महत्व पर अपनी राम कथा "बस्तर के राम" का वाचन करेंगे।
बस्तर पण्डुम आयोजन में डॉ. कुमार विश्वास की वाणी में जब राम कथा की गूंज बस्तर की वादियों में फैलेगी तो इसमें सिर्फ शब्द नहीं बल्कि एक भावना होगी शांति, एकता और पुनर्जागरण की। इस आयोजन के माध्यम से बस्तर क्षेत्र में श्री राम के प्रवास का स्मरण कर अपनी समृद्ध पौराणिक विरासत का अनुभव कर सकेंगे।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने "बस्तर के राम” के आयोजन पर कहा कि "बस्तर पण्डुम" और "बस्तर के राम” जैसे आयोजन बस्तर क्षेत्र को भारत और विश्व से जोड़ते एक सांस्कृतिक सेतु की तरह है, जो हमारे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बस्तर क्षेत्र के समेकित विकास के संकल्प का परिचायक है। बस्तर क्षेत्र आज गर्व से साक्षी बन रहा है कि हिंसा का अंत संभव है और शांति का मार्ग संस्कृति से होकर गुजरता है।
उल्लेखनीय है कि जनजातीय बाहुल्य बस्तर संभाग के स्थानीय कला, संस्कृति एवं जीवन शैली संरक्षण-संवर्धन एवं प्रोत्साहन के लिए राज्य शासन द्वारा “बस्तर पण्डुम 2025" का आयोजन किया जा रहा है जिसके उद्घाटन सत्र में शाम 6 बजे "बस्तर के राम" कार्यक्रम किया जाना निर्धारित है।
स्कूलों के खुलने के समय में बदलाव
रायपुर। राज्य सरकार ने स्कूलों के समय में बदलाव का आदेश जारी किया है। डीपीआई की तरफ से सभी संयुक्त संचालक और डीईओ को इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक 2 अप्रैल से एक पाली में संचालित होने वाले स्कूलों में कक्षाएं सुबह 7 बजे से 11 बजे तक कक्षाएं लगेगी।
वहीं जहां दो पालियों में स्कूल का संचालन होता है, वहां प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शालाएं सुबह 7 बजे से 11 बजे तक लगेगी, जबकि हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल 11 बजे से 3 बजे तक संचालित होगी। 2 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्कूल का इसी समय में संचालन होगा।

‘मैं आपको चिट्ठी भेजूंगा बेटा…’ मोहभट्ठा की आमसभा में प्रधानमंत्री मोदी का दिल छू लेने वाला क्षण, देखें वीडियो…
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मोहभट्ठा ग्राम में आयोजित आमसभा और लोकार्पण-शिलान्यास समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के दौरान एक ऐसा मानवीय और भावनात्मक पल आया, जिसे सभा में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति ने देखा और दिल से सराहा।
जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच से जनसभा को संबोधित कर रहे थे, तभी उनकी नजर एक बालिका पर पड़ी, जो उनकी पेंटिंग हाथ में उठाकर काफी देर से खड़ी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसकी भावना को समझा, और मंच से ही उन्होंने कहा "वहाँ एक बेटी पेंटिंग बना के लाई हैं, बेचारी कब से हाथ ऊपर रखे खड़ी हैं। मैं ज़रा सिक्योरिटी वालों से कहूंगा। उस बेटी को... पेंटिंग के पीछे बेटा नाम-पता लिख देना, मैं आपको चिट्ठी भेजूंगा। जरा इस पेंटिंग को कोई कलेक्ट करके मेरे तक पहुंचा दे। बहुत-बहुत धन्यवाद बेटा, बहुत धन्यवाद।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस आत्मीयता भरी पहल से वहां मौजूद जनता की तालियों की गड़गड़ाहट से सभास्थल गूंज उठा। यह घटना प्रधानमंत्री मोदी की सरलता और संवेदनशील स्वभाव को दर्शाती है, जिससे वे हमेशा जनता के दिलों में विशेष स्थान बनाए रखते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये बातें न सिर्फ उस बच्ची के चेहरे पर मुस्कान ले आईं, बल्कि वहाँ मौजूद हजारों लोगों के मन को भी छू गईं। इस दृश्य ने यह भी दर्शाया कि यदि बच्चे की प्रतिभा को सही समय पर सही व्यक्ति से सराहना मिले, तो उसके मन में आत्मविश्वास और प्रेरणा के दीप जलते है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह छोटा-सा लेकिन भावनाओं से भरा कदम, "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" जैसे अभियानों को और भी अधिक मानवीय अर्थ प्रदान करता है। यह प्रतिभा का सम्मान था - और वह सम्मान मिला देश के सर्वोच्च नेता के हाथों से।
एक बेटी की कला, एक प्रधानमंत्री की संवेदना – यही है नया भारत।
दंतेवाड़ा नक्सल एनकाउंटर : DRG की जवानों ने 25 लाख की ईनामी नक्सली रेणुका को मार गिराया
दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा-बीजापुर जिला के सरहदी नेलगोड़ा, एकेली और बेलनार इलाके में आज सुबह DRG के जवानों की नक्सलियों से मुठभेड़ हुई, जिसमें 25 लाख की ईनामी DKSZC मेंबर रेणुका उर्फ बानु को मार गिराया. इनकाउंटर से लौटते समय जवानों का हौसला हाफजाई करने DIG कमलोचन कश्यप पहुंचे थे.
DKSZCM (Dandakaranya Special Zonal Committee Member) नक्सली संगठन में एक बड़ी जिम्मेदारी का पद होता है, जो मुख्य रूप से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना के नक्सल ग्रस्त इलाकों में सक्रिय है.
यह स्पेशल जोनल कमेटी बड़े फैसले लेने वाली क्षमता रखती है, जो नक्सली गतिविधियों की योजना, रणनीति और संचालन की देखरेख करती है. इस कमेटी के सदस्य (DKSZCM) संगठन के अंदर महत्वपूर्ण पदों पर होते हैं, और उन्हें बड़े ऑपरेशनों की जिम्मेदारी दी जाती है.
अपार्टमेंट की पार्किंग में खड़ी गाड़ियों में लगी आग, 10 बाइक जलकर खाक
बिलासपुर। न्यायधानी के तोरवा क्षेत्र के वैशाली रीजेंसी अपार्टमेंट की पार्किंग में खड़ी गाड़ियों में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात भीषण आग लग गई. घटना में 10 बाइक पूरी तरह जलकर राख हो गईं. वहीं आग की चपेट में एक कार भी आई, जिसका एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. घटना की जानकारी होने पर अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की. वहीं घटना की सूचना तौर पर पुलिस में फायर ब्रिगेड को दी गई.
घटना रात करीब 2:30 बजे की बताई जा रही है. तेज लपटें उठती देख कॉलोनी के लोगों की नींद खुल गई. आग तेजी से फैल रही थी, लेकिन स्थानीय निवासियों ने तुरंत पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की. वहीं घटना की सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी अपार्टमेंट पहुंची लेकिन तब तक कई गाड़ियां जलकर खाक हो गई.
कैसे लगी आग ?
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, क्योंकि पार्किंग क्षेत्र में लगे होल्डर से चिंगारी निकलती देखी गई थी. घटना की सूचना मिलने पर तोरवा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी.
हिंदू नववर्ष पर सर्व हिन्दू समाज ने निकाली झांकी, झूमे अघोरी टोली के साथ जमकर झूमे मंत्री टंकराम वर्मा…
बलौदाबाजार। चैत्र प्रतिपदा के साथ ही हिंदू नववर्ष की शुरुआत हो गई. इस अवसर पर शहर में भव्य झांकी निकाली गई, कार्यक्रम में शामिल कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा अघोरी टोली के साथ जमकर नृत्य किया.
हिंदू नववर्ष पर नगर के सिविल लाइन स्थित माँ षष्ठी मंदिर से सर्व हिन्दू समाज ने पारंपरिक वेषभूषा मे रैली निकाली गई तथा नवदुर्गा की वेशभूषा में बच्चियों ने झांकी की प्रस्तुति दी. इस रैली का मुख्य आकर्षण हरियाणा से आए अघोरी टोली रही, जिन्होंने बाबा भूतनाथ को लेकर आकर्षक प्रस्तुति देकर लोगों की वाहवाही लूटी. वहीं अघोरी टोली के करतबों को देखने हजारों की संख्या में नगरवासी मौजूद रहे.
नववर्ष पर टंकराम वर्मा जमकर झूमे
सर्व हिन्दू समाज व सोनचंद वर्मा फाउंडेशन द्वारा दशहरा मैदान में नववर्ष पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने देश के विभिन्न राज्यों में नववर्ष मनाने को लेकर आकर्षित प्रस्तुति दी. इन सबके बीच बलौदाबाजार विधायक व प्रदेश के कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा भी स्वयं को नहीं रोक पाये और जमकर अघोरी टोली के साथ झूमकर नगरवासियों को हिन्दू नववर्ष की बधाई शुभकामनाएँ दी.

बच्चों में हो धर्म के प्रति आस्था, संस्कार
कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने इस आयोजन के लिए आयोजन समिति को बधाई दी और कहा कि आज से सनातनी हिंदू नववर्ष का शुभारंभ हो गया है. सभी बच्चों में धर्म के प्रति आस्था हो, संस्कार हो, और हमारी संस्कृति को हम अपनाकर चले. वहीं अघोरी प्रस्तुति में स्वयं के नृत्य करने पर कहा कि वे कलाकार भी है, और यह उत्साह से हिन्दू नववर्ष का स्वागत कार्यक्रम है. जहाँ कला की बात आती है, तो वैसे ही आगे बढ़ जाते हैं.

कार्यक्रम में बड़ी हजारों की संख्या में नगरवासियों के साथ कलेक्टर दीपक सोनी, जिला पंचायत सीईओ दिव्या अग्रवाल, नगरपालिका अध्यक्ष अशोक जैन, चितावर जायसवाल, सहित जनप्रतिनिधि सहित अधिकारीगण व बलौदाबाजार सहित आसपास के नागरिक सपरिवार उपस्थित रहे.
पेंड्रा सड़क हादसा : मृतकों के परिजनों को मिलेगा 5 लाख का मुआवजा, मुख्यमंत्री श्री साय ने की घोषणा
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। पेंड्रा सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 8 ग्रमीण घायल हुए थे. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर गहरा दुख प्रकट किया. उन्होंने जिला प्रशासन को मृतकों के परिजनों को 5 लाख रूपये, गंभीर रूप से घायल 4 ग्रामीणों को 1 लाख रूपये और आंशिक रूप से घायल 4 ग्रामीणों को 50 हजार रूपये आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं.
सीएम साय ने आधिकारिक एक्स एकाउंट पर लिखा कि उनकी संतप्त परिजनों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं. वे ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करने और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं.

बता दें कि गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिले के कोटमी थाना चौकी अंतर्गत पुल पार कर रही महिला से टक्कर होने के बाद बोलेरो अनियंत्रित होकर पुल के नीचे जा गिरी थी. घटना में टक्कर से महिला की मौत हुई थी. वहीं कार सवार मृतक बाबूराम चौधरी और रमिता बाई की मौत हो गई. ये सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिलासपुर सभा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे.
डीजे की तेज आवाज से गिरा घर का छज्जा, 4 मासूम समेत 5 घायल…
बिलासपुर। मस्तूरी थाना क्षेत्र के मल्हार के केंवटपारा में रविवार रात एक बड़ा हादसा हो गया. यहां तेज आवाज और भारी बेस में डीजे बजने की वजह से एक घर का छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया. वहीं मौके पर मौजूद 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें 4 बच्चे शामिल हैं. सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्काल सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बिलासपुर रेफर किया गया है. फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई में जुट गई है.

जानकारी के अनुसार, बीते दिन हिन्दू नव वर्ष के अवसर पर शोभायात्रा निकाली गई थी, जो रात करीब 8:30 बजे केंवटपारा पहुंची. इसी दौरान तो डीजे की तेज आवाज की कंपन से वहां स्थित टुकेश केंवट के मकान का छज्जा अचानक गिर गया. इस दौरान शोभायात्रा देखने खड़े 4 मासूम समेत 5 लोग हादसे की चपेट में आ गए.
घायलों में चंद्रशेखर केंवट (25), प्रशांत केंवट (11), दीपक केंवट (15), दीपेश केंवट (14) और हेमंत कैवर्त (13) शामिल हैं. बताया जा रहा है, कि मकान का छज्जा पुराना और कमजोर था. डीजे की तेज आवाज से उठी कंपन के कारण वह गिर गया. फिलहाल पुलिस डीजे संचालक की तलाश में जुट गई है.
अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे दिव्यांगों को पुलिस ने उठाया, मरीन ड्राइव से तूता धरना स्थल किया शिफ्ट
रायपुर। मरीन ड्राइव पर अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे दिव्यांगजनों को पुलिस ने उठाया. प्रदेशभर से जुटे इन 60-70 दिव्यांगजनों को पुलिस ने तूता धरना स्थल शिफ्ट किया है.
अपनी छह सूत्रीय मांगों के प्रति शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए 26 मार्च को तमाम दिव्यांग मरीन ड्राइव से जय स्तंभ चौक तक पैदल मार्च निकालने के लिए एकत्रित हुए थे. पुलिस के रोके जाने के बाद से स्थल पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे. रविवार को इन दिव्यांगों ने अर्धनग्न प्रदर्शन भी किया था. प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव लोकेश वशिष्ठ भी शामिल हुए थे.
दिव्यांगजनों की छह सूत्रीय मांग
1. सभी जगह पर काम करने वाले फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर दिव्यांग जनों का राज्य मेडिकल बोर्ड से दिव्यांगता का भौतिक परीक्षण कराकर फर्जी दिव्यांग शासकीय कर्मियों को बर्खास्त किया जाए.
2. दिव्यांगजनों को प्रतिमाह 5 हजार रुपए मासिक पेंशन दिया जाए. बीपीएल की बाध्यता को खत्म किया जाए.
3. 18 वर्ष से अधिक के अविवाहित दिव्यांग युवती को महतारी वंदन योजना का लाभ दिया जाए.
4. दिव्यांगजन विशेष भर्ती अभियान चलाकर अति शीघ्र शासकीय पद निकलते हुए विज्ञापन जारी किया जाए.
5. शासकीय दिव्यांग कर्मियों को पदोन्नति में चार प्रतिशत आरक्षण दिया जाए.
6. बेरोजगार दिव्यांगों को बिना गारंटर लोन दिलाया जाए. कोरोना के पूर्व दिए गए सभी लोन माफ किया जाए.
इंदौर, भोपाल, प्रयागराज के लिए मिलीं नई उड़ानें
रायपुर। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से इंदौर, भोपाल और प्रयागराज के लिए नई उड़ानें शुरू हो गई है. ये सभी उड़ानें इंडिगो ने शुरू की है. रविवार को इंदौर रायपुर के लिए शुरू हुई नई फ्लाइट से 60 यात्री रायपुर पहुंचे और 62 यात्री इंदौर के लिए रवाना हुए. यह फ्लाइट रोजाना संचालित की जाएगी. इस नई फ्लाइट के साथ प्रदेश के यात्रियों को इंदौर के लिए अब रोजाना दो उड़ानें उपलब्ध होंगी. भोपाल के लिए शुरू हुई नई उड़ान से 52 यात्री यहां आए तथा 55 यात्रियों ने भोपाल के लिए उड़ान भरी. यह फ्लाइट सप्ताह में चार दिन सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को संचालित की जाएगी. इसी तरह प्रयागराज के लिए शुरू हुई नई फ्लाइट से 45 यात्री यहां पहुंचे हैं तथा 42 यात्री प्रयागराज के लिए रवाना हुए. यह फ्लाइट सप्ताह में दो दिन शनिवार और रविवार को संचालित की जाएगी.
विशाखापट्टनम के लिए फ्लाइट आज से हुई शुरू
प्रदेश के हवाई यात्रियों को सोमवार 31 मार्च से स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से विशाखापट्टनम के लिए नई फ्लाइट मिलेगी. इंडिगो ने रायपुर-विशाखापट्टनम सेक्टर में यह फ्लाइट सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को संचालित करने का शेड्यूल जारी किया है. कंपनी इस सेक्टर में 78 सीटर एटीआर विमान की सेवाएं उपलब्ध कराएगी. शेड्यूल इंडिगो 6 ई 7295 रायपुर से 8.50 बजे, विशाखापट्टनम 10.20 बजे, 6 ई 7296 विशाखापट्टनम से 11 बजे, रायपुर 12.30 बजे.
मुख्यमंत्री ने ईद-उल-फितर की दी मुबारकबाद
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ईद-उल-फितर की मुबारकबाद देते हुए सभी प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और शांति की कामना की है। उन्होंने कहा कि ईद का त्यौहार इंसानियत, भाईचारे और सौहार्द्र का प्रतीक है। यह पर्व मिलजुलकर रहने, भेदभाव मिटाने और सौहार्द्र बढ़ाने का संदेश देता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा का फूलों से किया भव्य स्वागत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जयस्तंभ चौक, रायपुर में भगवान झूलेलाल की जयंती और चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) पर्व पर आयोजित शोभायात्रा का पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत किया। यह शोभायात्रा नगर भ्रमण के बाद जयस्तंभ चौक पहुंची, जहां मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धा और उल्लास के साथ शामिल होकर समूचे सिंधी समाज को पर्व की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने इस पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को भगवान झूलेलाल जयंती, चेट्रीचण्ड्र पर्व, हिंदू नववर्ष एवं नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान झूलेलाल केवल सिंधी समाज के आराध्य नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, साहस और सेवा भाव के प्रतीक हैं। चेट्रीचण्ड्र का यह पर्व नए वर्ष की उम्मीद, विश्वास और विजय की शुरुआत है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान झूलेलाल और मां भवानी से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि नवरात्रि के साथ प्रारंभ हो रहे इस शुभ समय में हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि समाज और देश के लिए मिलकर काम करें।”
मुख्यमंत्री ने सिंधी समाज के संघर्षों, परिश्रम और उपलब्धियों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि देश के विभाजन के बाद जब सिंधी समाज को अपना सबकुछ छोड़कर नए सिरे से जीवन शुरू करना पड़ा, तब भी आपने हार नहीं मानी। आपकी कर्मठता, एकजुटता और आत्मबल ने आपको देश के हर कोने में सम्मानजनक स्थान दिलाया है।
मुख्यमंत्री ने भारत रत्न लालकृष्ण आडवाणी का विशेष रूप से स्मरण करते हुए कहा कि आडवाणी जी जैसे महान नेता सिंधी समाज की प्रेरणा हैं, जिन्होंने उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री जैसे दायित्वों को निभाकर राष्ट्रनिर्माण में अविस्मरणीय योगदान दिया।



उन्होंने आगे कहा कि सिंधी समाज का योगदान व्यापार, संस्कृति, शिक्षा और राष्ट्रसेवा के हर क्षेत्र में अनुकरणीय है। आपकी एकजुटता और पारिवारिक मूल्य आज भी नई पीढ़ी को रास्ता दिखाते हैं।
इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक किरण देव, पुरंदर मिश्रा, सिंधी काउंसिल के अध्यक्ष ललित जयसिंघ, श्रीचंद सुंदरानी, संजय श्रीवास्तव, पार्षद अमर गिदवानी, फिल्म अभिनेत्री भाग्यश्री सहित अनेक गणमान्यजन, जनप्रतिनिधि और समाज के पदाधिकारी उपस्थित थे।
सिर से लेकर पांव तक इनके शरीर में लिखा होता है राम नाम… पीएम मोदी ने भी इन्हें याद किया
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दिवसीय दौरे पर आज छत्तीसगढ़ आए है. वे बिलासपुर के मोहभट्टा में आम सभा को संबोधित कर रहे है. इस सभा में पीएम मोदी ने उस समाज को भी याद किया जिनके पूरे शरीर में यानी सिर से लेकर पांव तक राम नाम लिखा होता है. तो चलिए आपको बताते है ये रामनामी समाज कौन है और ये ऐसे क्यों करते है.
छत्तीसगढ़ में एक विशेष समुदाय है जिसे रामनामी समाज के नाम से जाना जाता है. यह समुदाय भगवान राम के प्रति अटूट भक्ति के लिए प्रसिद्ध है. माना जाता है कि इस संप्रदाय की स्थापना परशुराम ने की थी. रामनामी समाज के लोग भगवान राम को ही अपना सब कुछ मानते हैं, और उनकी आराधना ही इनके जीवन का मुख्य उद्देश्य है.
पूरे शरीर पर ‘राम नाम’ की छाप

इस समुदाय की सबसे अनोखी पहचान यह है कि वे अपने पूरे शरीर पर ‘राम’ नाम का टैटू गुदवाते हैं. यह सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि भगवान राम के प्रति गहरी आस्था और निष्ठा का प्रतीक है. इनके शरीर पर अंकित हर अक्षर राम के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा को दर्शाता है.
लाखों की संख्या में फैला समुदाय
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा और आसपास के क्षेत्रों में रामनामी समाज के लाखों अनुयायी रहते हैं. यहां के हर रामनामी व्यक्ति के लिए राम का नाम ही सबसे बड़ा आभूषण है. वे सिर से लेकर पांव तक अपने शरीर को ‘राम’ नाम से अंकित कराते हैं, जिससे उनका राम प्रेम साफ झलकता है.
सरकार आदिवासी समाज के विकास के लिए विशेष अभियान चला रही है: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
रायपुर। बुनियादी ढांचे के विकास और सतत आजीविका को बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, कार्यारंभ और लोकार्पण किया। आज नए वर्ष की शुभ शुरुआत और नवरात्र के पहले दिन उन्होंने माता महामाया की भूमि और माता कौशल्या के मायके के रूप में छत्तीसगढ़ के महत्व पर बल दिया। उन्होंने राज्य के लिए स्त्री देवत्व को समर्पित इन नौ दिनों के विशेष महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने नवरात्र के पहले दिन छत्तीसगढ़ में होने पर सौभाग्य व्यक्त किया और भक्त शिरोमणि माता कर्मा के सम्मान में हाल ही में जारी किए गए डाक टिकट पर सभी को बधाई दी। उन्होंने यह भी कहा कि नवरात्र उत्सव का समापन रामनवमी के उत्सव के साथ होगा, जो छत्तीसगढ़ में भगवान राम के प्रति अद्वितीय भक्ति विशेष रूप से रामनामी समाज का असाधारण समर्पण को उजागर करता है, जिसने अपना पूरा अस्तित्व भगवान राम के नाम पर समर्पित कर दिया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के लोगों को भगवान राम का मातृ परिवार बताते हुए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
इस पावन अवसर पर मोहभट्ट स्वयंभू शिवलिंग महादेव के आशीर्वाद से श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ में विकास को गति देने के अवसर पर प्रकाश डाला। उन्होंने 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास का उल्लेख किया, जिसमें गरीबों के लिए आवास, स्कूल, सड़क, रेलवे, बिजली और गैस पाइपलाइन शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए सुविधा बढ़ाना और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने इन विकास पहलों के माध्यम से हासिल की गई प्रगति के लिए सभी को बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने आश्रय प्रदान करने के सांस्कृतिक महत्व पर बल देते हुए इसे महान पुण्य बताया। उन्होंने कहा कि घर का मालिक होने का किसी का सपना पूरा होने की खुशी अद्वितीय है। नवरात्र और नव वर्ष के शुभ अवसर पर उन्होंने इस बात पर बल दिया कि छत्तीसगढ़ में तीन लाख गरीब परिवार अपने नए घरों में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने इन परिवारों को नई शुरुआत के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इन घरों के निर्माण का श्रेय अपने नेतृत्व में दिखाए गए भरोसे को दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लाखों परिवारों के लिए पक्के घर का सपना पहले नौकरशाही की फाइलों में खो गया था। उन्होंने इस सपने को पूरा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को याद किया। उन्होंने कहा कि विष्णु देव के नेतृत्व में, पहला कैबिनेट निर्णय 18 लाख मकानों के निर्माण का था, जिनमें से तीन लाख पूरे हो चुके हैं। उन्होंने खुशी ज़ाहिर की कि इनमें से कई घर आदिवासी इलाकों में हैं, जो बस्तर और सरगुजा के परिवारों को लाभान्वित कर रहे हैं। उन्होंने उन परिवारों के लिए इन घरों के परिवर्तनकारी प्रभाव को स्वीकार किया, जिन्होंने अस्थायी आश्रयों में पीढ़ियों तक कठिनाई झेली है। प्रधानमंत्री ने इसे ऐसे लोगों के लिए महत्वपूर्ण उपहार बताया।
श्री मोदी ने कहा, " सरकार ने इन घरों के निर्माण में सहायता प्रदान की, लेकिन लाभार्थियों ने खुद ही तय किया कि उनके सपनों का घर कैसे बनाया जाएगा", उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ये घर सिर्फ चार दीवारें नहीं हैं, बल्कि जीवन में बदलाव हैं। उन्होंने इन घरों को शौचालय, बिजली, उज्ज्वला गैस कनेक्शन और पाइप्ड पानी जैसी आवश्यक सुविधाओं से लैस करने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यक्रम में महिलाओं की महत्वपूर्ण उपस्थिति पर ध्यान दिया और कहा कि इनमें से अधिकांश घर महिलाओं के स्वामित्व में हैं। उन्होंने उन हजारों महिलाओं द्वारा हासिल की गई उपलब्धि को स्वीकार किया, जिन्होंने पहली बार अपने नाम पर संपत्ति पंजीकृत कराई है। उन्होंने इन महिलाओं के चेहरों पर झलकती खुशी और आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त किया और इसे अपनी सबसे बड़ी संपत्ति बताया।
प्रधानमंत्री ने लाखों घरों के निर्माण के व्यापक प्रभाव पर बल दिया। इसने न केवल गांवों में स्थानीय कारीगरों, राजमिस्त्रियों और मजदूरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए, बल्कि इन घरों के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री स्थानीय स्तर पर प्राप्त की जाती है, जिससे छोटे दुकानदारों और परिवहन ऑपरेटरों को लाभ होता है। उन्होंने कहा कि इन आवास परियोजनाओं ने छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं, जिससे कई लोगों की आजीविका में योगदान मिला है।
श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि उनकी सरकार छत्तीसगढ़ के लोगों से किए गए हर वादे को पूरा कर रही है। श्री मोदी ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों की बड़ी संख्या पर प्रकाश डाला। उन्होंने सरकारी गारंटियों के तेजी से कार्यान्वयन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाओं से किए गए वादों को पूरा किया गया है, जिसमें धान किसानों को दो साल का लंबित बोनस वितरित करना और बढ़ी हुई एमएसपी दरों पर धान की खरीद शामिल है। इन उपायों से लाखों किसान परिवारों को हजारों करोड़ रुपये मिले हैं। प्रधानमंत्री ने भर्ती परीक्षा घोटालों के लिए पिछली सरकार की आलोचना की तथा उनकी सरकार की पारदर्शी जांच और परीक्षाओं के निष्पक्ष संचालन पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इन ईमानदार प्रयासों ने जनता के बढ़ते समर्थन के साथ विश्वास को मजबूत किया है, जो छत्तीसगढ़ में विधानसभा, लोकसभा और अब नगर निगम चुनावों में उनकी जीत से स्पष्ट है। उन्होंने अपनी सरकार की पहलों के लिए लोगों के जबरदस्त समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।
श्री मोदी ने कहा कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ है। इसे राज्य के रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाना संयोग है क्योंकि इस वर्ष अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी भी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार 2025 को "अटल निर्माण वर्ष" के रूप में मना रही है। उन्होंने प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए कहा, "हमने इसे बनाया है, और हम इसे विकसित करेंगे।" उन्होंने जोर देकर कहा कि आज उद्घाटन और लॉन्च की गई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं इस संकल्प का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को अलग राज्य के रूप में बनाना पड़ा क्योंकि विकास का लाभ इस क्षेत्र तक नहीं पहुंच रहा था। श्री मोदी ने विकास करने में विफलता और शुरू की गई परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के लिए पिछली सरकार की आलोचना की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि उनकी सरकार ने लोगों की भलाई को प्राथमिकता दी है, उनके जीवन, सुविधाओं और उनके बच्चों के लिए अवसरों को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के हर गाँव में विकास योजनाओं को लाने के प्रयासों पर प्रकाश डाला।
सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में प्रगति को रेखांकित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि वहां पहली बार गुणवत्तापूर्ण सड़कें पहुँच रही हैं। श्री मोदी ने कई क्षेत्रों में रेल सेवाओं की शुरूआत का उल्लेख किया, जिसमें कार्यक्रम में पहले एक नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाना भी शामिल है। उन्होंने पहले वंचित क्षेत्रों में बिजली, पाइप से पानी और मोबाइल टावरों के आगमन पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने नए स्कूलों, कॉलेजों और अस्पतालों के निर्माण की जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये पहल छत्तीसगढ़ के परिदृश्य को बदल रही हैं।
छत्तीसगढ़ के पूर्ण विद्युतीकृत रेल नेटवर्क वाले राज्यों में से एक बनने की उपलब्धि की जानकारी देते हुए, प्रधानमंत्री ने इसे महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में वर्तमान में लगभग 40,000 करोड़ रुपये मूल्य की रेल परियोजनाएं चल रही हैं, जिसमें इस वर्ष के बजट में विभिन्न क्षेत्रों और पड़ोसी राज्यों में रेल संपर्क में सुधार के लिए 7,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकास के लिए बजटीय समर्थन और ईमानदार इरादों दोनों की आवश्यकता होती है। श्री मोदी ने भ्रष्टाचार और अक्षमता के लिए पिछली सरकार की आलोचना की, जिसने आदिवासी क्षेत्रों में प्रगति में बाधा डाली। उन्होंने कोयले का उदाहरण देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रचुर भंडार के बावजूद, पिछली सरकारों द्वारा बिजली संयंत्रों की उपेक्षा के कारण राज्य को बिजली की कमी का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के तहत, इन मुद्दों को हल करने और राज्य के लिए विश्वसनीय बिजली सुनिश्चित करने के लिए नए बिजली संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने सौर ऊर्जा पर सरकार के फोकस और ‘पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना’ की शुरुआत का जिक्र करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य बिजली के बिलों को खत्म करना और घरों को बिजली का उत्पादन करके आय अर्जित करने में सक्षम बनाना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सौर पैनल लगाने के लिए प्रति घर 78,000 रुपये की सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में दो लाख से अधिक परिवार पहले ही इस योजना के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। उन्होंने अन्य लोगों को भी महत्वपूर्ण लाभ के लिए इसमें शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़, भू-आबद्ध राज्य है, जिसमें गैस पाइपलाइन पहुंचाने की चुनौती है। इसका समाधान करने के लिए सरकार के प्रयासों पर जोर देते हुए, श्री मोदी ने गैस अवसंरचना में आवश्यक निवेश की उपेक्षा करने के लिए पिछली सरकार की आलोचना की और क्षेत्र में गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए किए जा रहे कार्य की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ये पाइपलाइन पेट्रोलियम उत्पादों के लिए ट्रक परिवहन पर निर्भरता कम करेंगी, उपभोक्ताओं के लिए लागत कम करेंगी और सीएनजी वाहनों का उपयोग संभव करेंगी। उन्होंने कहा कि पाइप्ड कुकिंग गैस से घरों को लाभ होगा, जिसका लक्ष्य दो लाख से अधिक घरों तक रसोई गैस पहुंचाना है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि गैस की उपलब्धता छत्तीसगढ़ में नए उद्योगों की स्थापना को सुगम बनाएगी, जिससे रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध होंगे।
प्रधानमंत्री ने दशकों से चली आ रही पिछली सरकारों की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि इन नीतियों की वजह से छत्तीसगढ़ और दूसरे राज्यों में नक्सलवाद को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद उन इलाकों में पनपा है जहां विकास और संसाधन नहीं हैं और इन मुद्दों से निपटने के बजाय ऐसे जिलों को पिछड़ा घोषित कर दिया गया था जिससे उनकी जिम्मेदारी से बचा जा सके। उन्होंने पिछली सरकार के शासन में छत्तीसगढ़ के कई जिलों में सबसे वंचित आदिवासी परिवारों की उपेक्षा पर प्रकाश डाला। इसके विपरीत, उन्होंने गरीब आदिवासी समुदायों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी सरकार के प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने शौचालय उपलब्ध कराने के लिए स्वच्छ भारत अभियान, 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की पेशकश करने वाली आयुष्मान भारत योजना और 80% छूट पर दवाइयां उपलब्ध कराने वाले पीएम जन औषधि केंद्रों की स्थापना जैसी पहलों का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने उन लोगों की आलोचना की जो आदिवासी समुदाय की उपेक्षा करते हुए सामाजिक न्याय का झूठा दावा करते हैं। उन्होंने आदिवासी समाज के विकास के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता पर बल दिया। उन्होंने "धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान" की शुरूआत का जिक्र किया, जिसके तहत आदिवासी क्षेत्रों में लगभग 80,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ के लगभग 7,000 आदिवासी गांवों को लाभ मिल रहा है। विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों के सामने आने वाली अनूठी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, श्री मोदी ने इन समुदायों के लिए अपनी तरह की पहली पहल "पीएम जनमन योजना" की शुरूआत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत, छत्तीसगढ़ के 18 जिलों में 2,000 से अधिक बस्तियों का विकास किया जा रहा है। उन्होंने देश भर में आदिवासी बस्तियों के लिए 5,000 किलोमीटर सड़कों की मंजूरी का जिक्र किया, जिसमें से लगभग आधी - 2,500 किलोमीटर - पीएम जनमन योजना के तहत छत्तीसगढ़ में बनाई जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल के तहत कई लाभार्थियों को स्थायी घर मिले हैं।
केंद्र और राज्य सरकारों के तहत छत्तीसगढ़ में तेजी से हो रहे बदलाव का जिक्र करते हुए, श्री मोदी ने सुकमा जिले के स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाण पत्र मिलने और दंतेवाड़ा में कई वर्षों के बाद स्वास्थ्य केंद्र को फिर से खोलने जैसी उपलब्धियों से आए नए आत्मविश्वास पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ये प्रयास नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति के नए युग की शुरुआत कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने दिसंबर 2024 में अपने "मन की बात" कार्यक्रम के दौरान चर्चा किए गए बस्तर ओलिम्पिक की जानकारी दी। छत्तीसगढ़ में सकारात्मक बदलावों के सबूत के रूप में, उन्होंने इस आयोजन में हजारों युवाओं की उत्साही भागीदारी का जिक्र किया, जो राज्य की प्रगति को दर्शाता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के बारे में आशा व्यक्त की और राज्य द्वारा नई शिक्षा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन की प्रशंसा की। उन्होंने देश भर में 12,000 से अधिक आधुनिक पीएम श्री स्कूलों की स्थापना की जानकारी दी जिनमें छत्तीसगढ़ में लगभग 350 शामिल हैं। ये अन्य स्कूलों के लिए मॉडल के रूप में काम करेंगे और राज्य की शिक्षा प्रणाली को आगे बढ़ाएंगे।
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में एकलव्य मॉडल स्कूलों द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्कूलों को फिर से खोलने की सराहना की। उन्होंने राज्य में विद्या समीक्षा केंद्र का भी उद्घाटन किया और इसे देश की शिक्षा प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस पहल से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी और कक्षाओं में शिक्षकों और विद्यार्थियों को वास्तविक समय में सहायता मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एक और वादे को पूरा करने का जिक्र किया, जो हिंदी में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई को सक्षम बनाता है। श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि यह पहल गांवों, वंचितों और आदिवासी परिवारों के युवाओं के लिए भाषा की बाधाओं को दूर करेगी और उन्हें अपने सपनों को हासिल करने में मदद करेगी। उन्होंने पिछले वर्षों में डॉ. रमन सिंह द्वारा रखी गई मजबूत नींव को स्वीकार किया और इसे और मजबूत करने के लिए वर्तमान सरकार के प्रयासों को दोहराया। उन्होंने अगले 25 वर्षों में इस नींव पर विकास की भव्य संरचना बनाने की कल्पना की।
छत्तीसगढ़ के संसाधनों, सपनों और संभावनाओं की प्रचुरता का जिक्र करते हुए उन्होंने राज्य की 50वीं वर्षगांठ तक देश के अग्रणी राज्यों में से एक बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया। प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी कि विकास का लाभ छत्तीसगढ़ के प्रत्येक परिवार तक पहुंचे।
इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री देश भर में बिजली क्षेत्र में सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके अनुरूप, सस्ती और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराने और छत्तीसगढ़ को बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बिलासपुर जिले में स्थित एनटीपीसी के सीपत सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट स्टेज- III (1x800MW) की आधारशिला रखी, जिसकी लागत 9,790 करोड़ रुपये से अधिक है। यह पिट हेड प्रोजेक्ट उच्च बिजली उत्पादन दक्षता के साथ अत्याधुनिक अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीजीसीएल) की 15,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पहली सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2X660MW) के कार्य की शुरुआत की। उन्होंने पश्चिमी क्षेत्र विस्तार योजना (डब्ल्यूआरईएस) के तहत 560 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पावरग्रिड की तीन पावर ट्रांसमिशन परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित किया।
भारत के शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्यों, वायु प्रदूषण को कम करने और स्वच्छ ऊर्जा समाधान प्रदान करने के अनुरूप, प्रधानमंत्री ने कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) परियोजना की आधारशिला रखी। इसमें 200 किलोमीटर से अधिक उच्च दाब पाइपलाइन और 800 किलोमीटर से अधिक एमडीपीई (मीडियम डेंसिटी पॉलीइथिलीन) पाइपलाइन और 1,285 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई सीएनजी डिस्पेंसिंग आउटलेट शामिल हैं। उन्होंने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की 540 किलोमीटर लंबी विशाख-रायपुर पाइपलाइन (वीआरपीएल) परियोजना की भी आधारशिला रखी, जिसकी लागत 2210 करोड़ रुपये से अधिक है। इस बहुउत्पाद (पेट्रोल, डीजल, केरोसिन) पाइपलाइन की क्षमता 3 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष से अधिक होगी।
क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, प्रधानमंत्री ने 108 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली सात रेल परियोजनाओं की आधारशिला रखी और 2,690 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 111 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली तीन रेल परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित की। उन्होंने मंदिर हसौद के माध्यम से अभनपुर-रायपुर खंड में मेमू ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाई। वह छत्तीसगढ़ में भारतीय रेलवे के रेल नेटवर्क के 100% विद्युतीकरण को भी समर्पित करेंगे। ये परियोजनाएँ भीड़भाड़ को कम करेंगी, कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी और पूरे क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी।
क्षेत्र में सड़क के बुनियादी ढांचे को बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री ने एनएच-930 (37 किमी) के झलमला से शेरपार खंड और एनएच-43 (75 किमी) के अंबिकापुर-पत्थलगांव खंड को पेव्ड शोल्डर के साथ 2 लेन में उन्नत करने के लिए राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने एनएच-130डी (47.5 किमी) के कोंडागांव-नारायणपुर खंड को पेव्ड शोल्डर के साथ 2 लेन में उन्नत करने की आधारशिला भी रखी। 1,270 करोड़ रुपये से अधिक की ये परियोजनाएं आदिवासी और औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच में काफी सुधार करेंगी जिससे क्षेत्र का समग्र विकास होगा।
सभी के लिए शिक्षा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री ने दो प्रमुख शैक्षिक पहल - राज्य के 29 जिलों में 130 पीएम श्री स्कूल और रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) - राष्ट्र को समर्पित की। रायपुर में वीएसके विभिन्न शिक्षा संबंधी सरकारी योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी और डेटा विश्लेषण को सक्षम करेगा।
ग्रामीण परिवारों के लिए उचित आवास तक पहुंच सुनिश्चित करने और उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार लाने की प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए, प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत 3 लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश हुआ और प्रधानमंत्री ने इस योजना के तहत कुछ लाभार्थियों को चाबियाँ सौंपी।
छत्तीसगढ़ की बुनाई, संस्कृति और जीवंत परंपराओं का प्रतीक – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया गया कोसा सिल्क से बना हस्तनिर्मित शॉल
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में आयोजित आमसभा और विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में कोसा सिल्क से निर्मित एक विशेष हस्तनिर्मित शॉल भेंट किया, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध बुनाई परंपरा और जनजातीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह शॉल न केवल कपड़े का एक सुंदर नमूना है, बल्कि छत्तीसगढ़ की कला, संगीत और जनजातीय अस्मिता का जीवंत दस्तावेज भी है। यह शॉल पूरी तरह हस्तनिर्मित है और इसमें राज्य की स्थानीय बुनकर परंपरा की गहराई को दर्शाया गया है। इस शॉल पर बांस से निर्मित पारंपरिक वाद्ययंत्र ‘टोड़ी’ और बस्तर के प्रसिद्ध ‘बाइसन हॉर्न माड़िया नृत्य’ को कढ़ाई के माध्यम से दर्शाया गया है। टोड़ी वाद्ययंत्र छत्तीसगढ़ की जनजातीय जीवनशैली में संगीत का अभिन्न हिस्सा है। वहीं माड़िया जनजाति का यह नृत्य शौर्य, ऊर्जा और सामूहिक एकता की अभिव्यक्ति है। यह शॉल केवल वस्त्र नहीं, बल्कि जनजातीय गर्व, सांस्कृतिक विविधता और शिल्प कौशल की अभिव्यक्ति है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया गया यह कोसा शॉल छत्तीसगढ़ की हुनरमंद बुनकर महिलाओं, जनजातीय समुदायों, और लोक परंपराओं की महत्ता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का एक भावनात्मक और सशक्त प्रयास है। यह भेंट भारत की विविधता में एकता, और लोककला के माध्यम से जुड़ाव का प्रतीक है।
अवैध रेत उत्खनन पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई, छापा मारकर एक चैन माउंटेन मशीन और 3 हाइवा किया जब्त
आरंग। महानदी से हो रहे अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए सख्ती दिखाई है। रविवार को ग्राम कागदेही में रेत के अवैध उत्खनन की शिकायत मिलने पर प्रशासन हरकत में आया और मौके पर छापा मारकर एक चैन माउंटेन मशीन और तीन हाइवा वाहनों को जब्त कर लिया।
संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
बता दें कि आरंग एसडीएम पुष्पेंद्र शर्मा के मार्गदर्शन में तहसीलदार सीता शुक्ला के नेतृत्व में राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि कागदेही में अवैध रूप से रैंप बनाकर महासमुंद जिले से रेत का परिवहन किया जा रहा था, जिसकी शिकायत मिलने पर प्रशासन ने तत्काल कदम उठाया।

