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इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट: मुख्यमंत्री साय की बड़ी घोषणा, मंडी शुल्क को सालभर के लिए किया शून्य…
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के निजी रिसॉर्ट में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने चावल निर्यातकों को बड़ी सौगात दी है। मंडी शुल्क में छूट की अवधि एक साल बढ़ाई है। इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट के दौरान सीएम साय ने की घोषणा से चावल निर्यातकों और किसान दोनों के लिए बड़ी सौगात है। साथ ही कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के क्षेत्रीय कार्यालय का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और दंतेवाड़ा में ऑर्गेनिक चावल की खेती हो रही है, जिसे और प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है।

छतीसगढ़ से चावल के एक्सपोर्ट को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट का यह दूसरा संस्करण अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस आयोजन में 12 देशों के बायर्स तथा 6 देशों के एम्बेसी प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति से छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने में मदद मिलेगी। उन्होंने छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर सभी विदेशी मेहमानों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने छत्तीसगढ़ को सोच-समझकर “धान का कटोरा” कहा था और आज प्रदेश इस नाम की सार्थकता सिद्ध कर रहा है। चावल छत्तीसगढ़ के खानपान का अभिन्न हिस्सा रहा है और यहां हजारों किस्मों की धान की प्रजातियां उगाई जाती हैं। सरगुजा अंचल के सुगंधित जीराफूल और दुबराज जैसे चावलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इनकी खुशबू दूर से ही पहचान में आ जाती है। छतीसगढ़ से चावल के एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। चावल निर्यातक लंबे समय से मंडी शुल्क में छूट की मांग कर रहे थे। पिछले साल भी सरकार ने दी थी, छूट दिसंबर 2025 में मंडी शुल्क में छूट की अवधि खत्म हो रही थी।

छत्तीसगढ़ से 90 देशों को करीब एक लाख टन चावल का किया जा रहा है निर्यात
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे चावल के प्रसंस्करण और निर्यात को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से वर्तमान में लगभग 90 देशों को करीब एक लाख टन चावल का निर्यात किया जा रहा है। सरकार निर्यातकों के सहयोग के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। पिछले वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी और इस वर्ष भी खरीदी में वृद्धि की संभावना है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र व राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी भी साझा की।
मुख्यमंत्री ने चावल पर केन्द्रित प्रदर्शनी का किया अवलोकन
इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने चावल पर केन्द्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न किस्मों के चावल, क्षेत्र विशेष में उत्पादित प्रजातियों, चावल उत्पादन में हो रहे नवाचारों तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने शासकीय स्टालों का भी निरीक्षण कर चावल के उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देने से जुड़े कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे नवाचारों से चावल की पैदावार में वृद्धि होगी, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, एपिडा के चेयरमेन अभिषेक देव, छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कांति लाल, राम गर्ग, देश भर से आये मिलर्स, चावल व्यवसायी एवं स्टेक होल्डर्स उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री कॉस्मो ट्रेड एंड बिल्ड फेयर एक्सपो 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विगत दिवस राजधानी रायपुर में रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर द्वारा आयोजित कॉस्मो ट्रेड एंड बिल्ड फेयर एक्सपो 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। व्यापार जगत की बेहतरी और ग्राहकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जीएसटी दरों में कटौती की गई, जिसका सीधा लाभ जनता को मिल रहा है। जीएसटी रिफॉर्म्स से कई वस्तुओं की कीमत में कमी आई है। जीएसटी की प्रक्रिया को काफी सुगम बनाया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति को देश-विदेश में सराहा जा रहा है। लगभग आठ लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हमें प्राप्त हो चुके हैं। हर सेक्टर में हमें ये निवेश प्रस्ताव मिले हैं जिनपर धरातल पर कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। प्रदेश में रोजगार सृजन पर हमारा विशेष फोकस है। नई उद्योग नीति में एक हजार से अधिक रोजगार प्रदान करने वाले उद्यमियों को विशेष इंसेंटिव प्रदान करने के प्रावधान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में रोटरी क्लब और उद्यमियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। रोटरी क्लब उद्यम के साथ ही परोपकार का भी कार्य करता है। क्लब द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्य बहुत प्रशंसनीय हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि यह एक्सपो मध्य भारत का सबसे बड़ा एक्सपो है, जिसमें 300 से अधिक स्टॉल हैं। इस विशाल आयोजन का लाभ निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को मिलेगा।
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ को लगभग 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि रोटरी क्लब द्वारा आयोजित इस एक्सपो का यह 16वां वर्ष है। रोटरी क्लब सेवा से जुड़ी एक संस्था है। रोटरी क्लब द्वारा पोलियो निर्मूलन के कार्य में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में मोबाइल आई क्लीनिक की एम्बुलेंस का लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न सेक्टर्स में विशिष्ट योगदान दे रही 25 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया और इन महिला उद्यमियों पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, राम गर्ग सहित रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर के सदस्यगण व बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
प्रवासी भारतीय दिवस पर रायपुर में पुस्तकों का विमोचन, प्रवासी छत्तीसगढ़ियों का सम्मान
रायपुर। भारतीय प्रवासी दिवस पर शंकर नगर स्थित विधानसभा अध्यक्ष निवास में विमोचन व सम्मान समारोह आयोजित किया गया. इसमें प्रवासी भारतीयों पर लिखी दो पुस्तकों का विमोचन और 10 प्रवासियों का सम्मान किया गया. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, साहित्य अकादमी अध्यक्ष शशांक शर्मा की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में प्रवासी छत्तीसगढ़ी के इतिहास और वर्तमान स्थिति पर चर्चा हुई.
प्रवासी छत्तीसगढ़िया बंधुत्व मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में दौरान रोजी-रोटी की तलाश में असम पहुंचे छत्तीसगढ़ के लोगों की चर्चा हुई, कि किस तरह से उन्होंने अपनी परंपरा-संस्कृति को सहेजे हैं.
गर्व है छत्तीसगढ़िया देश में नहीं विदेश में बना रहे बड़ा नाम – रमन सिंह
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि हमें गर्व है कि आज छत्तीसगढ़ की धरती से निकलकर छत्तीसगढ़िया देश ही नहीं देश के बाहर भी बड़ा नाम बना रहे हैं. मैंने अपनी विदेश यात्राओं के दौरान इसे बखूबी देखा भी है. लेकिन जो काम अशोक तिवारी और उनकी संस्था कर रही है, वह बड़ा काम है. सैकड़ों साल पहले अलग-अलग देशों में जाकर बस छत्तीसगढ़ियों का डेटा तैयार करना, उन्हें जोड़ना और इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करना. मैं इसके लिए उन्हें बहुत बधाई देता हूँ. मैं यह भी कहता हूँ, इसमें जो भी मदद की आवश्यकता है, वो मैं करूंगा.
मेरे पूर्वज भी काम की तलाश में गए बाहर- चरण दास महंत
कार्यक्रम में मौजूद पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने बताया कि मेरे पूर्वज भी छत्तीसगढ़ के बाहर काम की तलाश में गए थे. मेरे परदादा तो असम गए और वहीं बस गए थे. बाद में दादा भी गए और वहीं के होके रह गए. हालांकि, वे असम में कहाँ रहे और बाद कि स्थिति क्या रही इसकी जानकारी नहीं है. ऐसे ही लाखों लोग छत्तीसगढ़ से निकलकर आज देश के कई राज्यों और दूसरे देशों में भी हैं.
अमेरिका में मिले जांजगीर क्षेत्र के लोग
अमेरिका सहित कुछ अन्य देशों की यात्रा में जब गया तो मुझे छत्तीसगढ़ के अपने लोग मिले. अमेरिका में मेरे अपने जांजगीर क्षेत्र के लोग मिले. वास्तव में अशोक तिवारी इस दिशा में जो कार्य कर रहे हैं वह बहुत ही सराहनीय है. सरकार को इस पर काम करने की जरूरत है. मैं भी अपनी ओर से पूरी मदद करूंगा. हमें इस पर अभी व्यापक शोध की जरूरत है.
8 सालों से प्रवासी छत्तीसगढ़ियों के बीच जा रहे अशोक तिवारी
मंच के अध्यक्ष अशोक तिवारी पिछले 8 साल से असम में प्रवासी छत्तीसगढ़ी लोगों के बीच जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से प्रवासन का इतिहास लगभग 150 वर्ष पुराना है. ब्रिटिश शासन के दौरान बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़िया लोग चाय बागानों में काम करने ले जाए गए. असम में रहने वाली सातवीं-आठवीं पीढ़ी आज भी छत्तीसगढ़ी भाषा, संस्कृति और परंपराओं को संजोए हुए है. वहां वे अपने विविध त्योहारों का आयोजन भी करते हैं.

उन्होंने कहा कि अब छत्तीसगढ़ से बाहर जाने वाले लोग केवल मजदूर नहीं हैं. पढ़े-लिखे और दक्ष युवा अमेरिका, यूरोप और एशिया में तकनीक, शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. 2017 के बाद से छत्तीसगढ़ में प्रवासी समाज को संगठित रूप से समझने और जोड़ने की शुरुआत हुई, जो अब एक सतत प्रक्रिया बन चुकी है. यह आयोजन प्रवासी नागरिकों से जोड़ने का माध्यम बना है.
प्रवासी मित्र सम्मान से किया गया सम्मानित
छत्तीसगढ़िया आज देश के विभिन्न राज्यों में ही नहीं, बल्कि अमेरिका, यूरोप, चीन, ब्रिटेन, अर्जेन्टीना जैसे अनेक देशों में बस गए हैं. प्रवासी छत्तीसगढ़ियां वहां अपनी भूमिका चिकित्सा, शिक्षा, राजनीति, उद्योग-व्यापार में बखूबी निभा रहे हैं. यही नहीं वे वहां के संस्कृति को शिरोधार्य करने के साथ-साथ अपनी छत्तीसगढ़ियां संस्कृति को भी सहेजे हुए हैं.
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की संस्कृति को सहेज कर रखने वाले अमेरिका के हर नारायण शुक्ला, असम के रोहित साहू, रूपा सिंह, मिलन सतनामी व कृष्णा साहू, झारखंड के पुरंदर सिंह व भरत वर्मा, अर्जेंटीना के राउल ऋषि वर्मा, महाराष्ट्र के विवेक सारखा का सम्मान किया गया.
रायपुर रेल मंडल में ब्लॉक के चलते 11–12 जनवरी को कई मेमू व पैसेंजर ट्रेनें प्रभावित
रायपुर। रेल यात्रियों की एक बार फिर से मुश्किलें बढ़ गई हैं. अगर आप भी आने वाले दिनों में ट्रेन से सफर करने वाले हैं तो यह खबर आपके काम की साबित हो सकती है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के रायपुर रेल मंडल अंतर्गत हथबंद-तिल्दा नेवरा सेक्शन में रोड अंडरब्रिज निर्माण होना है, जिसके लिए गर्डर डी-लॉन्चिंग का काम किया जाना है. विकास कार्य के चलते रेलवे ने 11 और 12 जनवरी को ट्रैफिक कम पावर ब्लॉक लेने का फैसला किया है, जिसके कारण रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और इतवारी के बीच चलने वाली कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनें प्रभावित रहेंगी.
ये गाड़ियां रहेंगी रद्द
11 जनवरी
गाड़ी संख्या 68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर.
गाड़ी संख्या 68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर .
गाड़ी संख्या 68733 गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर.
गाड़ी संख्या 68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर.
गाड़ी संख्या 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर.
गाड़ी संख्या 58205 रायपुर-इतवारी पैसेंजर.
12 जनवरी
गाड़ी संख्या 58206 इतवारी-रायपुर पैसेंजर.
गाड़ी संख्या 58202 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर .
बीच में समाप्त होने वाली गाड़ियां
झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू (68862): 11 जनवरी को झारसुगुड़ा से चलने वाली यह ट्रेन बिलासपुर में ही समाप्त हो जाएगी. यह बिलासपुर और गोंदिया के बीच रद्द रहेगी. गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू (68861): 11 जनवरी को यह गाड़ी गोंदिया के स्थान पर बिलासपुर से ही झारसुगुड़ा के लिए रवाना होगी.
जगदलपुर में मतदाता सूची पुनरीक्षण बना सियासी विवाद, 22 हजार नाम C कैटेगरी में डालने पर घमासान
जगदलपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची की पड़ताल ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। प्रशासनिक जांच में 22 हजार मतदाताओं के नाम C कैटेगरी में डाले गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि C कैटेगरी में शामिल मतदाताओं में से 17 हजार 93 सिर्फ शहरी इलाकों से हैं। इन मतदाताओं पर आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान उन्होंने वर्ष 2003 की मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। जिला निर्वाचन कार्यालय ने ऐसे मतदाताओं को नोटिस जारी कर 2003 की मतदाता सूची से जुड़े प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा है। हालांकि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार मतदाता अन्य वैकल्पिक दस्तावेज भी प्रस्तुत कर सकते हैं। इधर, कांग्रेस ने SIR की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि मतदाताओं को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है और निर्धारित दस्तावेज देने के बावजूद BLO द्वारा दस्तावेजों को खारिज किया जा रहा है। वहीं भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए SIR प्रक्रिया को पारदर्शी बताया है। भाजपा संगठन शहर के 48 वार्डों में मतदाता सत्यापन में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और इसे लोकतंत्र को मजबूत करने की कवायद बता रहा है। मतदाता सूची के इस विशेष पुनरीक्षण ने जहां प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है, वहीं राजनीतिक दलों के बीच भी टकराव तेज हो गया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
11 जनवरी से आम आदमी पार्टी की ब्लॉक स्तरीय ‘छत्तीसगढ़ बचाओ यात्रा’, संगठन विस्तार और जनआंदोलन का लक्ष्य
रायपुर। छत्तीसगढ़ को बचाने आम आदमी पार्टी ने 11 जनवरी से ब्लॉक स्तरीय छत्तीसगढ़ बचाओ यात्रा का ऐलान किया है। आप के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने बताया कि पिछले 2 महीनों के दौरान पार्टी की लगातार मैराथन बैठक हुई। पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव संदीप पाठक व सहप्रभारी मुकेश अहलावत के मार्गदर्शन पर पार्टी के संगठनात्मक संरचना के अनुरूप पूरे प्रदेश में 450 ब्लॉक अध्यक्ष की नियुक्ति की गई है। इनके माध्यम से छत्तीसगढ़ के 11664 ग्राम पंचायतों व 20363 गांवों में हम छत्तीसगढ़ बचाओ यात्रा निकालेंगे।
उन्होंने कहा, संसाधन सीमित है, लेकिन हमारे पदाधिकारी इस लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहे है। इस यात्रा के बाद आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ एक नए रूप में प्रदेश की जनता के सामने खड़ी नजर आएगी। प्रदेश में इस यात्रा की तैयारी को लेकर लोकसभा व जिला स्तर पर महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठकें की गई है। विधानसभा स्तर एवं बूथ स्तर पर संगठन को और अधिक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और आगामी निकाय चुनावों को देखते हुए रणनीतिक योजना पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई है।
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम ने बताया, सभी बैठकों का मुख्य उद्देश्य संगठन निर्माण व जमीनी स्तर पर पार्टी को सशक्त बनाना एवं जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सरकार के सामने रखना था। यात्रा को देखते हुए नियुक्तियों में बिल्कुल भी देरी नहीं की जा रही है। हर दिन प्रदेश में लोकसभा, विधानसभा, जिला सहित ब्लॉक स्तर में नई नियुक्तियां तत्काल हो रही है। उन्होंने बताया कि आगामी 11 जनवरी से प्रदेश में ब्लॉक स्तर पर “छत्तीसगढ़ बचाओ यात्रा” निकाली जा रही है। इस दौरान ब्लॉक स्तर एवं जिला स्तर की रणनीति के अनुसार अधिक से अधिक लोगों से जुड़ने, जनसंपर्क को मजबूत करने तथा यात्रा को जन-आंदोलन का स्वरूप देने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।
उन्होंने कहा, नये साथियों के जुड़ने से संगठन को नई ऊर्जा, उत्साह एवं मजबूती प्राप्त होगी। आम आदमी पार्टी जनहित के मुद्दों, पारदर्शिता, ईमानदार राजनीति एवं जनसेवा के अपने मूल सिद्धांतों के साथ जनता के बीच और अधिक सशक्त रूप से पहुंचेगी। आगामी चुनावों में एक मजबूत और विश्वसनीय विकल्प के रूप में उभरेगी।
कोपरा जलाशय में पहला बर्ड वॉक आयोजित, छत्तीसगढ़ के पहले रामसर साइट पर दिखी जैव विविधता की भव्य झलक
तखतपुर। छत्तीसगढ़ के पहले और देश के 95वें रामसर साइट के रूप में घोषित कोपरा जलाशय में शुक्रवार को भव्य बर्ड वॉचिंग और संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया. 9 जनवरी 2026 को आयोजित यह पहला बर्ड वॉक कार्यक्रम प्रकृति प्रेमियों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहा. उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने 12 दिसंबर 2025 को कोपरा जलाशय को रामसर साइट घोषित किया था.
सुबह 7 बजे से 9 बजे तक आयोजित बर्ड वॉक में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए 97 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर मनोज कुमार पाण्डेय ने किया. उन्होंने प्रतिभागियों से परिचय प्राप्त कर रामसर साइट घोषित होने पर सभी को शुभकामनाएं दीं. इस दौरान कोपरा जलाशय से जुड़े ग्रामीणों को भी पक्षियों की प्रजातियों और उनके संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई.

कार्यक्रम में देश-प्रदेश के जाने-माने विशेषज्ञों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की. दिल्ली से आए ‘पॉन्ड मैन ऑफ इंडिया’ रामवीर तंवर, ‘वॉटर मैन ऑफ छत्तीसगढ़’ वीरेंद्र सिंह और वरिष्ठ वैज्ञानिक नीतू हरमुख सहित कई वरिष्ठ प्रकृति प्रेमी और पक्षी विशेषज्ञ शामिल हुए.

बर्ड वॉचिंग के दौरान प्रतिभागियों ने 82 प्रजातियों के स्थानीय, दुर्लभ और प्रवासी पक्षियों का अवलोकन किया. इनमें रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, यूरेशियन कूट, गडवाल और ओपन बिल स्टॉर्क प्रमुख रहे. यह अनुभव सभी प्रकृति प्रेमियों के लिए यादगार रहा.
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू, तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर बिलासपुर पूजा विधानी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही.
केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने अपने संबोधन में कहा कि कोपरा जलाशय का छत्तीसगढ़ का पहला रामसर साइट बनना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है. यह राज्य की प्राकृतिक संपदा और जैव विविधता की समृद्धि को दर्शाता है. इस अवसर पर उन्होंने कोपरा जलाशय के आधिकारिक लोगो का विमोचन भी किया. लोगो में प्रवासी पक्षी बार-हेडेड गूज को दर्शाया गया है, जबकि ‘हमर कोपरा, हमर गौरव’ संदेश स्थानीय सहभागिता और संरक्षण भावना को प्रतिबिंबित करता है.
संगोष्ठी के दौरान रामवीर तंवर ने जलाशयों के संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डाला. वहीं वीरेंद्र सिंह ने कहा कि जलाशयों की स्वच्छता केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है.
कार्यक्रम के बाद केंद्रीय मंत्री, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ वन अधिकारियों ने स्मृति वन के विकास को लेकर चर्चा की. भविष्य में स्मृति वाटिका को और विकसित कर पर्यावरणीय दृष्टि से आदर्श स्थल बनाने की योजना पर सहमति बनी.
कार्यक्रम को सफल बनाने में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों की अहम भूमिका रही. वन मंडलाधिकारी नीरज द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया.
गौरतलब है कि रामसर साइट अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि होती है, जिसे 1971 के रामसर कन्वेंशन के तहत संरक्षण प्रदान किया जाता है. भारत इस संधि में वर्ष 1981 में शामिल हुआ था और देश की पहली रामसर साइट चिल्का झील है.
पूर्व मुख्य सचिव अमिताभ जैन बने मुख्य सूचना आयुक्त, दो सूचना आयुक्त भी नियुक्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य सूचना आयोग में अहम नियुक्तियां की हैं। पूर्व मुख्य सचिव अमिताभ जैन को मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्त किया है।
देखिये आदेश की कॉपी-


स्काउट-गाइड अध्यक्ष विवाद : नाराज सांसद को मनाने की कोशिशें शुरू, बृजमोहन से मिले डिप्टी सीएम विजय शर्मा, आधे घंटे तक की चर्चा
रायपुर। स्काउट्स एंड गाइड्स अध्यक्ष पद से हटाने पर नाराज सांसद बृजमोहन अग्रवाल को मनाने की कोशिशें शुरू हो गई है। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने शुक्रवार को बृजमोहन से मुलाकात की है और करीब आधे घंटे तक चर्चा की। इसके बाद डिप्टी सीएम विजय शर्मा सांसद बृजमोहन अग्रवाल के साथ दामाखेड़ा भी गए और वहां संत समागम के आयोजन की तैयारियों को लेकर बैठक में शामिल हुए।
सीईओ के तबादले पर हाईकोर्ट की रोक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नोटिस जारी
बिलासपुर। दुर्ग जिले के जनपद पंचायत पाटन में पदस्थ जागेंद्र कुमार का स्थानांतरण छत्तीसगढ़ शासन के आदेश दिनांक 16 दिसंबर 2025 के तहत प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी के पद पर जिला पंचायत राजनांदगांव किए जाने के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के स्थानांतरण आदेश पर रोक लगाते हुए उत्तरवादीगणों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
उल्लेखनीय है कि जागेंद्र कुमार की नियुक्ति मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत के पद पर फरवरी 2022 में हुई थी। वर्ष 2023 में उनका स्थानांतरण जनपद पंचायत सक्ती से जनपद पंचायत बेरला, जिला बेमेतरा किया गया। इसके बाद अक्टूबर 2024 में उनका स्थानांतरण जनपद पंचायत बेरला, जिला बेमेतरा से जनपद पंचायत पाटन, जिला दुर्ग किया गया, जिसके तहत जागेंद्र कुमार ने 27 नवंबर 2024 को जनपद पंचायत पाटन जिला दुर्ग में कार्यभार ग्रहण किया।
किंतु 16 दिसंबर 2025 को इसका स्थानांतरण मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पाटन, जिला दुर्ग से प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी, जिला पंचायत राजनांदगांव किए जाने से परिवेदित होकर हाईकोर्ट अधिवक्ता मशीन सिद्दीकी और नरेंद्र मेहेर के माध्यम से याचिका प्रस्तुत की गई, जिसकी सुनवाई न्यायमूर्ति पी. पी. साहू जी के यहां हुई। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी द्वारा यह आधार लिया गया कि याचिकाकर्ता का मूल पद मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत है, लेकिन उपरोक्त स्थानांतरण आदेश के तहत उनका स्थानांतरण प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी के पद पर जिला पंचायत राजनांदगांव किया गया है, जो कि प्रतिनियुक्ति का पद है तथा प्रतिनियुक्ति के लिए याचिकाकर्ता की सहमति नहीं ली गई है, जो कि विधि विरुद्ध है। और याचिकाकर्ता की पदस्थापना वर्तमान जनपद पंचायत पाटन में 27 नवंबर 2024 को हुई है और वर्तमान में इस जनपद पंचायत में केवल एक वर्ष एक माह ही हुआ है, जो कि स्थानांतरण नीति वर्ष 2025 की कंडिका 3.9 का उल्लंघन है, क्योंकि इसमें स्पष्ट लिखा गया है कि दिनांक 1 जून 2025 की स्थिति में एक वर्ष से कम अवधि में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी द्वारा अन्य आधार यह भी लिया गया कि याचिकाकर्ता वर्तमान में सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पद पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य कर रहे हैं, जिसके कारण छत्तीसगढ़ राज्य में निर्वाचन नामावलियों के कार्य में लगे अधिकारियों, कर्मचारियों के स्थानांतरण पर प्रतिबंध लगाया गया है।
उपरोक्त आधारों पर न्यायालय ने याचिकाकर्ता के स्थानांतरण आदेश पर रोक लगाते हुए उत्तरवादी पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव और मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भारत स्काउट एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन ने की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में पूर्व राज्यसभा सांसद एवं भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए श्री जैन का स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पहली बार आयोजित हो रहे पाँच दिवसीय राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी आयोजन के लिए डॉ. अनिल जैन को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और इसे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए गौरव का विषय बताया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. अनिल जैन के सक्षम नेतृत्व में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स का राष्ट्रीय स्तर का आयोजन छत्तीसगढ़ में आयोजित होना राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह जंबूरी युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा भाव को सुदृढ़ करने का एक प्रभावी मंच बनेगी। देश के विभिन्न राज्यों से आए रोवर-रेंजरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, सामाजिक और युवा शक्ति का राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त प्रदर्शन होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह जंबूरी न केवल युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करेगी, बल्कि “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की भावना को भी मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित करती रहेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
विधायक की गिरफ्तारी पर सीएम साय का सख्त संदेश, बोले—भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
रायपुर। किसान से धोखाधड़ी मामले में जैजैपुर के कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को पुलिस ने जेल भेज दिया है। इस मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, हमारी सरकार करप्शन के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। जो भी गड़बड़ी करेगा उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। कानून सबके लिए बराबर है।
छत्तीसगढ़ में पहली बार रोवर रेंजर जंबूरी के आयोजन पर सीएम साय ने कहा, पिछले दो वर्षों में राष्ट्रीय स्तर के इवेंट हुए हैं। बड़ा कार्यक्रम जम्बूरी भी हो रहा है, जिसमें देशभर से 15 हजार से ज्यादा लोग शामिल हो रहे हैं। रोवर-रेंजर के कैडेट भी पधारे हैं। छत्तीसगढ़ की धरती में सभी का स्वागत है। इससे छत्तीसगढ़ का मान और सम्मान बढ़ेगा।
गोवा दौरे से लौटे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, गोवा प्रवास के दौरान पिछले 25 वर्षों से जनजातीय समाज के कला और संस्कृति को सहेजने के लिए आदि लोकउत्सव का आयोजन होता रहा है। इस बार हमारा सौभाग्य है कि इस आयोजन के शुभारंभ में गोवा सरकार ने आमंत्रित किया। आने वाले तीन दिनों तक आयोजन चलेगा। इस आयोजन में पूरे देशभर से जन जातीय समाज के लोग शामिल होंगे।
मनरेगा तकनीकी सहायकों के तबादले पर हाईकोर्ट की रोक, राज्य शासन को नोटिस जारी
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत कार्यरत तकनीकी सहायकों के तबादले से जुड़े मामले में राज्य शासन को नोटिस जारी करते हुए अंतरिम राहत प्रदान की है। न्यायालय ने संबंधित तबादला आदेश के प्रभाव एवं क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।
प्रकरण के अनुसार, टिकमचंद कौशिक एवं सूर्यबली सिंह, जो कि जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत तकनीकी सहायक के पद पर कार्यरत हैं, उनका तबादला कलेक्टर सह कार्यक्रम समन्वयक द्वारा 4 दिसंबर 2025 को किया गया था। उक्त आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में पृथक-पृथक रिट याचिकाएं प्रस्तुत की गईं।
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्रीकांत कौशिक द्वारा यह दलील दी गई कि राज्य शासन द्वारा कलेक्टर एवं संभागायुक्त को तकनीकी सहायकों के स्थानांतरण के लिए प्रदान किया गया अधिकार 16 मई 2023 को वापस ले लिया गया है, इसके बावजूद बिना किसी वैधानिक अधिकार के 4 दिसंबर 2025 को स्थानांतरण आदेश जारी किया गया, जो प्रथम दृष्टया अवैध एवं अधिकार क्षेत्र से परे है।
सुनवाई के उपरांत न्यायालय ने प्रकरण में राज्य शासन सहित संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया। राज्य शासन की ओर से पैनल अधिवक्ता ने प्रतिवादियों क्रमांक 1 से 4 तथा अन्य अधिकारियों की ओर से नोटिस स्वीकार किया, जबकि शेष प्रतिवादियों को नियमानुसार नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू ने यह निर्देश पारित किया कि याचिकाकर्ताओं से संबंधित 4 दिसंबर 2025 के तबादला आदेश के प्रभाव एवं क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक रहेगी। प्रकरण को मार्च 2026 में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यह आदेश मनरेगा के तहत कार्यरत तकनीकी सहायकों एवं मनरेगा में कार्यरत सभी कर्मचारियों के मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बिना वैधानिक अधिकार के पारित प्रशासनिक आदेशों पर न्यायालय सख्त रुख अपनाने को तैयार है।
CSPDCL ने संविदा कर्मियों की हड़ताल पर लगाई रोक, प्रदर्शन करने पर होगी कड़ी कार्रवाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने संविदा लाइन कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल पर रोक लगा दी है. छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ द्वारा 12 से 14 जनवरी 2026 तक तीन दिवसीय सांकेतिक काम बंद हड़ताल की घोषणा की गई थी, जिसे कंपनी प्रबंधन ने प्रतिबंधित कर दिया है.
पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) राजेंद्र प्रसाद ने इस संबंध में पत्र जारी किया है. पत्र में कहा गया है कि संविदा कर्मचारी अपनी सेवा शर्तों के अनुसार छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 से शासित हैं और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1968 के अंतर्गत नियंत्रित होते हैं. इन नियमों के तहत कर्मचारियों के लिए प्रदर्शन, हड़ताल तथा स्वीकृति से पहले अवकाश पर जाना प्रतिबंधित है और इसे कदाचरण की श्रेणी में माना जाता है.
प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि विद्युत सेवा अत्यावश्यक सेवाओं की श्रेणी में आती है, ऐसे में कार्य की निरंतरता बनाए रखना और अपने कार्यक्षेत्र में शांति व सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है.
कंपनी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि प्रस्तावित सांकेतिक हड़ताल की तिथि पर किसी भी प्रकार की हड़ताल या कार्य बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
कथावाचक युवराज पांडेय पर हमले को लेकर सरकार पर सवाल, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने उठाई सुरक्षा की मांग
भिलाई। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कथा वाचक युवराज पांडेय पर बीते दिनों हुए हमले को लेकर भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले कथा वाचकों को चार्टर्ड प्लेन और वीआईपी सुरक्षा मुहैया कराई जाती है, जबकि छत्तीसगढ़ के अपने संतों और कथा वाचकों को असुरक्षित छोड़ दिया गया है.
विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि युवराज पांडेय प्रदेश के प्रसिद्ध कथा वाचक हैं, जिनके लाखों अनुयायी हैं. उनकी कथाओं में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने मांग की कि प्रदेश के स्थानीय संतों और कथा वाचकों को भी उचित सुरक्षा दी जानी चाहिए.
गौरतलब है कि गरियाबंद निवासी प्रसिद्ध कथावाचक युवराज पांडेय की कथा आगामी फरवरी माह में भिलाई के कैम्प क्षेत्र में आयोजित होने वाली है. इससे पहले उन पर हुए हमले की घटना को लेकर यह बयान सामने आया है. विधायक ने इस घटना को गंभीर बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की जरूरत जताई है.
छत्तीसगढ़ पुलिस कल्याण समिति व परामर्शदात्री परिषद की बैठक, पुलिसकर्मियों के हितों पर हुई चर्चा
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस कल्याण समिति एवं परामर्शदात्री परिषद की आज नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में बैठक हुई. पुलिस महानिदेशक (भापुसे) अरुण देव गौतम की अध्यक्षता में हुई बैठक में पुलिस मुख्यालय में पदस्थ भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों उपस्थित रहे.
परामर्शदात्री परिषद की बैठक में पूर्व बैठकों के लिए गए निर्णयों की समीक्षा की गई. साथ ही वर्तमान में संचालित कल्याणकारी योजनाओं एवं गतिविधियों की प्रगति पर विचार–विमर्श करते हुए, पुलिसकर्मियों के हित में भविष्य की कार्ययोजनाओं एवं प्राप्त नवीन सुझावों पर विस्तृत चर्चा की गई.
बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) (भापुसे) एसआरपी कल्लूरी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (योजना–प्रबंधन) (भापुसे) प्रदीप गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (वित्त/सतर्कता/अभियान/छत्तीसगढ़) (भापुसे) विवेकानंद, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण/चयन) (भापुसे) दीपांशु काबरा तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तचर) (भापुसे) अमित कुमार प्रमुख रूप से सम्मिलित रहे.
बैठक का संचालन पुलिस उप महानिरीक्षक (प्रशासन) (भापुसे) पायल माथुर ने और प्रस्तुतिकरण सहायक पुलिस महानिदेशक (लेखा/कल्याण) अनुराग सिंह सिसोदिया ने किया. कार्यक्रम के अंत में पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) (भापुसे) डीबी नारायण मीणा, द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया.
केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति के व्यवहार पर बवाल, साहित्यकारों ने राष्ट्रपति-राज्यपाल से की कार्रवाई की मांग
बिलासपुर। गुरु घासी दास केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति के कथित अमर्यादित व्यवहार को लेकर शहर के प्रबुद्ध वर्ग में आक्रोश है. साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान अतिथि कथाकार के अपमान का मामला राजभवन तक पहुंच गया है. लेखक, साहित्यकार और प्रबुद्ध नागरिक एकजुट होकर कुलपति के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रपति-राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है.
दरअसल, 7 जनवरी को गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में ‘समकालीन हिंदी कहानी’ विषय पर एक साहित्यिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था. कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति ने मंच से ही आमंत्रित अतिथि कथालेखक के साथ अपमानजनक व्यवहार करते हुए उन्हें भरी सभा में जाने के लिए कह दिया. इस व्यवहार से पूरा प्रबुद्ध वर्ग आहत महसूस कर रहा है.
घटना के विरोध में बिलासपुर के लेखकों, संस्कृतिकर्मियों और जनसंस्कृति मंच के सदस्यों ने एकजुट होकर राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में कहा गया है कि कुलपति का यह व्यवहार न केवल कथाकार का अपमान है, बल्कि विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान की गरिमा के भी खिलाफ है.

प्रबुद्धवर्ग का कहना है कि जहां विश्वविद्यालयों में विचारों की स्वतंत्रता और स्वस्थ होना चाहिए, वहां इस तरह का तानाशाही और अभद्र आचरण बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. साहित्यकारों का आरोप है कि इस घटना से विश्वविद्यालय की छवि राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल हुई है. साहित्यप्रेमियों ने इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजकर कुलपति के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की की मांग की है.
