प्रदेश
पंडवानी गायिका तीजन बाई की तबीयत बिगड़ी, रायपुर एम्स में इलाज जारी
दुर्ग। सुप्रसिद्ध पंडवानी लोक गायिका और पद्मविभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई को तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद रायपुर एम्स में भर्ती कराया गया है. तीजन बाई को शुरुआत में ट्रॉमा एवं इमरजेंसी विभाग में लाया गया था, जिसके बाद उन्हें मेडिकल इंटेंसिव केयर यूनिट में स्थानांतरित किया गया है.
तीजन बाई की बहू वेणु देशमुख ने बताया कि रात करीब 11 बजे उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया. डॉक्टरों द्वारा किए गए संपूर्ण चेकअप और मेडिकल रिपोर्ट्स के बाद यह बात सामने आई है कि उनके फेफड़ों में पानी बढ़ गया है, और उन्हें निमोनिया की भी शिकायत है. इसके अलावा उनका ब्लड प्रेशर भी काफी लो है.
हालांकि, बहू ने राहत की खबर साझा करते हुए कहा कि तुरंत एम्बुलेंस से एम्स लाने और त्वरित इलाज मिलने के बाद अब उनकी स्थिति पहले से बेहतर है, और वे खतरे से बाहर हैं. इस बीच तीजन बाई का परिवार और उनके अनगिनत प्रशंसक उनके जल्द स्वस्थ होकर घर लौटने की दुआ कर रहे हैं. फिलहाल, डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.

इबोला संक्रमण को लेकर छत्तीसगढ़ में अलर्ट : रायपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू, ट्रैवल हिस्ट्री की भी जांच
रायपुर। वैश्विक स्तर पर इबोला वायरस के बढ़ती चिंता के बीच छत्तीसगढ़ भी अलर्ट मोड पर आ चुका है. रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य विभाग ने इबोला जांच काउंटर बनाया है. जहां बाहरी राज्यों और अंतराष्ट्रीय यात्रियों की अनिवार्य जांच शुरू कर दी गई है. स्कैनिंग मशीन से जांच के साथ ही ट्रैवल हिस्ट्री की भी जांच जारी है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके. अभी तक भारत में इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है. हालांकि एहतियाती तौर पर पूरी तरह सतर्क हैं.
रायपुर एयरपोर्ट पर सख्ती, यात्रियों की जांच अनिवार्य
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने इबोला संक्रमण को लेकर रायपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा के लिहाज से विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. यात्रियों की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य कर दी गई है. आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त कर दिया गया है. संदिग्ध लक्षण वाले यात्रियों को आइसोलेशन और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किया गया है.
अफ्रीका में WHO के अलर्ट के बाद बढ़ी सतर्कता
अफ्रिका के कांगो और युगांडा में फैले इबोला प्रक्रोप को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न’ घोषित है. इसी के बाद से दुनियार के देशों ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है.
अलर्ट मोड में केंद्र सरकार
केंद्र सरकार लगातार इबोला वायरस में खतरे को लेकर एतिहायत बरत रही है. केद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हाल ही में जानकारी दी थी कि फिलहाल भारत में इबोला का एक भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है. देशभर में एयरपोर्ट, बंदरगाह और सीमावर्ती क्षेत्रों पर स्क्रीनिंग और निगरानी बढ़ा दी गई है. NDC, ICMR और अन्य एजेंसियों को ट्रैकिंग, टेस्टिंग और सर्विलांस के लिए तैयार रहने को कहा गया है.
क्या है इबोला वायरस
इबोला एक बेहद गंभीर और जानलेवा वायरल बीमारी है, जिसकी मृत्यु दर काफी अधिक मानी जाती है. यह संक्रमण संक्रमित व्यक्ति या जानवर के खून और अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैलता है. इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, उल्टी और दस्त शामिल हैं. गंभीर स्थिति में मरीज को आंतरिक या बाहरी रक्तस्राव भी हो सकता है. इस बीमारी का ऊष्मायन काल आमतौर पर 2 से 21 दिनों के बीच होता है.
मुख्यमंत्री ने स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें किया नमन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वीर सावरकर केवल स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी ही नहीं बल्कि राष्ट्रचेतना, साहस और सामाजिक जागरण के प्रखर प्रतीक थे। उन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए अपना संपूर्ण जीवन संघर्ष और तपस्या में समर्पित किया। कठिन परिस्थितियों और यातनाओं के बावजूद उनका राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत संकल्प कभी डगमगाया नहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर ने समाज में व्याप्त छुआछूत और भेदभाव जैसी कुरीतियों के खिलाफ भी मुखर होकर आवाज उठाई और सामाजिक समरसता तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का सतत प्रयास किया। उनकी लेखनी, विचार और कर्म आज भी देशवासियों को राष्ट्रहित, आत्मगौरव और सामाजिक सद्भाव की प्रेरणा देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर अपने विचारों से आज भी हमारी युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। हमें उनके आदर्श पथ पर अग्रसर होते हुए एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।
इस अवसर पर वित्तमंत्री ओपी चौधरी, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा भी उपस्थित थे।
PM मोदी के 12 साल का जश्न मनाएगी भाजपा: गांव-गांव जाकर सरकार की उपलब्धियां बताएंगे, 5 जून विश्व पर्यावरण से 21 जून विश्व योग दिवस तक चलेगा कार्यक्रम
भोपाल। केंद्र में भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष पूरे होने पर मध्यप्रदेश भाजपा पूरे प्रदेश में एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। यह अभियान 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस से लेकर 21 जून को विश्व योग दिवस तक चलेगा।
हर मंडल में एक दिन बिताना होगा
प्रदेश भाजपा कार्यालय में 12 वर्ष को अभियान के रूप में मनाने की तैयारी को लेकर बैठक की गई। 8 से 14 जून तक विशेष जनसंपर्क अभियान चलेगा, जिसमें पार्टी पदाधिकारी-जनप्रतिनिधि गांव-गांव पहुंचकर भाजपा की उपलब्धियां गिनाएंगे। इस दौरान प्रदर्शनी, जनसंपर्क होंगे। प्राकृतिक खेती, योग व अन्य प्रकल्पों पर चर्चा करेंगे। अभियान के दौरान सांसद अपनी लोकसभा-विधानसभा व प्रत्येक विधायक को अपनी विधानसभा के हर मंडल में पूरा एक दिन बिताना होगा।
सार्वजनिक परिवहन से पहुंचेंगे
इस दौरान वीआईपी कल्चर यानि वाहनों के काफिलों के बजाय कार पूलिंग या सार्वजनिक परिवहन से जनता के बीच पहुंचना होगा। भाजपा प्रदेश कार्यालय की बैठक में मंत्री विश्वास सारंग मंत्री कृष्णा गौर विधायक रामेश्वर शर्मा विधायक सबनानी महापौर मल्टी राय सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रायपुर निगम में बवाल: भाजपा पार्षदों ने अपने ही जोन अध्यक्ष सचिन मेघानी के खिलाफ खोला मोर्चा, पद से नहीं हटाने पर दी तालाबंदी कर प्रदर्शन की चेतावनी
रायपुर। रायपुर नगर निगम ज़ोन-10 के 6 भाजपा पार्षदों ने अपनी ही पार्टी के ज़ोन अध्यक्ष सचिन मेघानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों ने एकजुट होकर महापौर मीनल चौबे समेत पार्टी नेताओं को एक लिखित शिकायत सौंपी है, जिसमें सचिन मेघानी को पद से तत्काल हटाने की मांग की गई है। पार्षदों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वे ज़ोन कार्यालय में तालाबंदी कर उग्र धरना-प्रदर्शन करेंगे।
पार्षदों का ज़ोन अध्यक्ष पर गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता पार्षदों ने ज़ोन अध्यक्ष सचिन मेघानी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षदों का कहना है कि मेघानी लगातार दूसरे वार्डों के मामलों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। इसके अलावा, उन पर अवैध निर्माण को संरक्षण देने और निगम के अधिकारियों पर कार्रवाई न करने का दबाव बनाने के भी आरोप हैं।

भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक
पार्षदों की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह बोरियाकला में एक अवैध अस्पताल पर होने वाली निगम की कार्रवाई को रुकवाना बताया जा रहा है। इस मुद्दे पर भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच करीब 2 घंटे तक एक बंद कमरे में बैठक हुई। चूंकि सचिन मेघानी को रायपुर के दिग्गज भाजपा नेता और सांसद बृजमोहन अग्रवाल का बेहद करीबी माना जाता है, इसलिए इस पूरे मामले ने शहर की सियासत में भारी गरमाहट ला दी है।

महापौर मीनल चौबे ने क्या कहा
महापौर मीनल चौबे ने कहा कि ज़ोन अध्यक्ष को हटाने के संबंध में पार्षदों का एक मांग पत्र मुझे प्राप्त हुआ है। इस पूरे मामले में विचार होगा कि क्या कर सकते हैं।
ज़ोन अध्यक्ष सचिन मेघानी ने दी सफाई
ज़ोन अध्यक्ष सचिन मेघानी ने सफाई देते हुए कहा कि मेरे खिलाफ किस तरह का पत्राचार हुआ है, फिलहाल मुझे इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं है। मैं इस विषय में भाजपा संगठन, जिलाध्यक्ष और महापौर से सीधा संवाद करूंगा। संगठन मुझसे जो भी स्पष्टीकरण या जानकारी मांगेगा, मैं उसे देने के लिए तैयार हूँ। ज़ोन के सभी सातों पार्षद आपस में एक परिवार की तरह हैं। मुझे लगता है कि विरोधी दल हमारे बीच मनमुटाव पैदा करने की कोशिश कर रहा है।

बस्तर में कांग्रेस को लगा झटका, महिला महामंत्री ने छोड़ा ‘हाथ’, भाजपा में शामिल हुईं 14 महिला कार्यकर्ता…
जगदलपुर। जगदलपुर में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. कांग्रेस की महिला महामंत्री कमल झज ने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा देने के बाद भाजपा का दामन थाम लिया, वहीं पूर्व महामंत्री अम्मा जी राव भी अपने समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हुईं.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में करीब 14 महिला कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की. इस दौरान सभी का भाजपा गमछा और फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया.
प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने इस अवसर पर कहा कि भाजपा की नीतियों और सरकार की योजनाओं – सबका साथ सबका विकास – से प्रभावित होकर लोग लगातार पार्टी से जुड़ रहे हैं. उन्होंने इसे संगठन की मजबूती और भाजपा के बढ़ते जनाधार का संकेत बताया.
छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच बदला मौसम, रायपुर में आज भी हीटवेव अलर्ट
रायपुर। इस भंयकर गर्मी में लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. छत्तीसगढ़ में नौतपा के दूसरे दिन मध्य इलाकों में ग्रीष्म लहर चली. भीषण गर्मी की वजह से लोग परेशान हुए. बुधवार को राजधानी रायपुर समेत कुछ इलाकों में मौसम का मिजाज बदला. तेज अंधड़ के साथ बारिश हुई तो कहीं बारिश के साथ ओले भी गिरे. कुछ जगहों में तेज हवा चलने के बाद सिर्फ बूंदाबांदी हुई तो कहीं सूखे का नजारा देखने को मिला.
मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी से आ रही हल्की नमी के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिला. इससे अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज हुई. आगामी 2 दिनों में छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है, इस बीच एक-दो हिस्सों में ग्रीष्म लहर चलने के आसार हैं. इसके बाद 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है.
रायपुर में आज भी हीटवेव का अलर्ट
मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर में 28 मई को हीटवेव चलने की संभावना जताई गई है. अधिकतम तापमान करीब 45 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.
रायपुर परिक्षेत्र के PWD कार्यों की समीक्षा, सचिव मुकेश बंसल बोले- परियोजनाओं में गुणवत्ता और समय-सीमा से नहीं होगा समझौता, अधिकारियों को दिए जरूरी दिशा-निर्देश
रायपुर। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज रायपुर परिक्षेत्र के दोनों मंडलों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर में पीडब्लूडी मुख्यालय निर्माण भवन में आयोजित बैठक में अधिकारियों से दोनों मंडलों में स्वीकृत, निर्माणाधीन और निविदा प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बरसात के पहले सभी सड़कों की मरम्मत कर उन्हें गड्डामुक्त करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता पी.एम. कश्यप और टी.आर. कुंजाम भी बैठक में मौजूद थे।
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में अधिकारियों को चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 और पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत कार्यों की प्राथमिकता सूची तैयार कर 10 जून तक भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने 31 जुलाई तक इन सभी कार्यो के प्राक्कलन भी भेजने को कहा। उन्होंने शासकीय राशि के सदुपयोग और निर्माण कार्यों से ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को लाभान्वित करने विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की पूर्ण उपयोगिता (Functionality) व टिकाऊपन (Sustainability) सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर निर्माण कार्य में निर्माण और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा।
विभागीय सचिव ने अनुविभागीय अधिकारियों से लेकर प्रमुख अभियंता तक सभी अधिकारियों को प्रत्येक मंगलवार को दिनभर मुख्यालय में ही रहने के निर्देश दिए। उन्होंने रायपुर परिक्षेत्र में भवन और सड़क निर्माण के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को भविष्य की जरुरतों के अनुरूप सभी सड़क खंडों पर फ्लाई-ओवर्स की समग्र योजनाओं के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क चौड़ीकरण की परियोजनाओं में पुल-पुलियों तथा राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा पड़ने पर उनके भी चौड़ीकरण की कार्ययोजना के साथ काम करने को कहा।
श्री बंसल ने कहा कि गुणवत्ता और समय-सीमा में काम सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभागीय अधिकारी अपने सुव्यवस्थित और समयबद्ध कार्यों से नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच विभाग की अच्छी छवि बनाएं। सभी कार्यों को पूरी जवाबदेही, सक्रियता और गंभीरता से अंजाम दें। उन्होंने रायपुर और नवा रायपुर में कार्यों की सहूलियत और विभाग के कार्यों में प्रशासनिक कसावट के लिए रायपुर मंडल क्रमांक-1 के चारों संभागों को पुनर्गठित कर कार्यक्षेत्रों का नए सिरे से विभाजन करने को कहा।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को शहर के बीच बनने वाली सड़कों के निर्माण के पहले संबधित नगरीय निकाय से समन्वय कर भविष्य के लिए नालियों, अंडरग्राउंड केबल फिटिंग, पाइपलाइन इत्यादि के लिए अग्रिम प्रावधान करने को कहा, ताकि सड़कों की बार-बार खुदाई की जरूरत न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र के सड़कों की स्थिति की पूरी जानकारी रखते हुए परफार्मेंस गारंटी वाली सड़कों में सुधार की जरूरत पर संबंधित ठेकेदारों से तत्काल मरम्मत कराने को कहा।
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने नई सड़कों के प्रस्ताव तैयार करते समय अगले दस वर्षों के ट्रैफिक, आबादी की जरूरत और आसपास संभावित विकास परियोजनाओं को ध्यान में रखने को कहा। उन्होंने भवनों में अच्छी गुणवत्ता की निर्माण सामग्री, खिड़की, दरवाजे, टाइल्स, पेंट, पुट्टी, सेनिटरी फिटिंग, नल, इलेक्ट्रिक फिटिंग इत्यादि का उपयोग करते हुए सभी भवनों में दिव्यांगों के लिए रैंप और रेलिंग के भी प्रावधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने भवन के साथ ही पूरे परिसर में समुचित पहुंच मार्ग, हरियाली, साफ-सफाई और बाउंड्री-वॉल की कार्ययोजना पर जोर दिया, ताकि भवनों की ज्यादा से ज्यादा उपयोगिता सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने शहर की सभी सड़कों के किनारे और डिवाइडर्स पर झाड़ियों, घास-फूस व कचरों को हटाकर अच्छी साफ-सफाई रखने को कहा। उन्होंने रायपुर नगर निगम के साथ मिलकर सड़क के दोनों किनारों की नालियों की सफाई कराने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के पानी के कारण सड़कों पर जल का जमाव न हो। उन्होंने लोक निर्माण विभाग की संपत्तियों, पोल्स व डिवाइडर्स पर अनाधिकृत विज्ञापन, बैनर, पोस्टर, होर्डिंग और फ्लेक्स लगाने वालों पर संपत्ति विरूपण की कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। रायपुर परिक्षेत्र के दोनों मंडलों के अधीक्षण अभियंता, सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता तथा अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
IFS में चयनित अजय गुप्ता ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की मुलाकात, CM ने दी बधाई, बोले- प्रतिभा संसाधनों की नहीं होती मोहताज
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भारतीय वन सेवा (IFS) के लिए चयनित रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव निवासी अजय गुप्ता ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने अजय को भारतीय वन सेवा में चयनित होने पर बधाई देते हुए इसे पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर वनांचल क्षेत्र के लिए गौरव और प्रेरणा का क्षण बताया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अजय गुप्ता ने केवल अपने माता-पिता का ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत प्रेरणादायी है कि एक ऐसा युवा, जिसने बचपन में जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रह कर परिवार का हाथ बंटाया, आज उन्हीं जंगलों के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी निभाने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि बताती है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि अवसर और संकल्प मिल जाए तो दूरस्थ अंचलों के युवा भी देश की सर्वोच्च सेवाओं में अपनी जगह बना सकते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की ‘लघु वनोपज संघ छात्रवृत्ति’ तथा ‘पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति’ जैसी योजनाओं ने अजय जैसे प्रतिभाशाली युवाओं की राह आसान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अजय की सफलता वनांचल समाज के सपनों, संघर्ष और आत्मविश्वास की जीत है तथा यह हजारों युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस देगी।
उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव में साधारण परिवेश में पले-बढ़े अजय गुप्ता का बचपन जंगलों, वनोपज संग्रहण और खेती-किसानी के बीच बीता। छुट्टियों के दौरान वे अपने माता-पिता के साथ जंगलों में जाकर तेंदूपत्ता और महुआ एकत्रित करते थे। आर्थिक अभावों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाया और 10वीं में 92.66 प्रतिशत तथा 12वीं में 91.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी मेधा का परिचय दिया।
उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर अजय को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर में प्रवेश मिला, जहां अध्ययन के दौरान उन्हें तीन वर्षों तक छात्रवृत्ति का लाभ मिला। अजय ने कठिन परिस्थितियों के बीच अध्ययन जारी रखते हुए भारतीय वन सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 91वीं रैंक प्राप्त की और अपने सपनों को साकार किया।
अजय गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक जीवन में उनके सपने सीमित थे और लगता था कि दुनिया गांव तक ही सीमित है, लेकिन उच्च शिक्षा और नए अनुभवों ने उनके सोचने का दायरा विस्तृत किया। उन्होंने कहा कि जंगल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है और बचपन से प्रकृति के साथ बने इसी जुड़ाव ने उन्हें वन सेवा में जाने की प्रेरणा दी। उनका मानना है कि जंगल ने उन्हें केवल आजीविका ही नहीं, बल्कि जीवन की दिशा भी दी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अजय की सफलता प्रदेश के उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। उन्होंने कहा कि सही अवसर, मार्गदर्शन, मेहनत और शासन के सहयोग से गांवों और वनांचल क्षेत्रों के युवा भी देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंच सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अजय गुप्ता जैसे युवा आने वाली पीढ़ियों को संघर्ष, आत्मविश्वास और संकल्प की शक्ति का संदेश देंगे तथा छत्तीसगढ़ के युवाओं को नई दिशा और नई प्रेरणा प्रदान करेंगे।
CM साय की घोषणा पर हुआ अमल, जिला पंचायतों को भी मिलेगा गौण खनिज निधि में हिस्सा, आदेश जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए जिला पंचायतों को भी गौण खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी राजस्व राशि में हिस्सा देने का आदेश जारी कर दिया है। राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन कुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जिला पंचायतों को भी गौण खनिज निधि का हिस्सा दिए जाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने मंच से ही इस मांग को स्वीकार करते हुए घोषणा की थी, जिसका अब राज्य शासन द्वारा पालन कर दिया गया है।
खनिज साधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार गौण खनिजों से प्राप्त कुल राजस्व का 33 प्रतिशत हिस्सा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को पूर्ववत दिया जाएगा, जबकि शेष 67 प्रतिशत राशि का वितरण ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और जिला पंचायतों के बीच निर्धारित स्लैब के अनुसार किया जाएगा।
जारी आदेश के तहत 7.50 लाख रुपये तक की राशि पूरी तरह ग्राम पंचायत को मिलेगी। 7.50 लाख से 10 लाख रुपये तक की राशि में 80 प्रतिशत ग्राम पंचायत, 10 प्रतिशत जनपद पंचायत और 10 प्रतिशत जिला पंचायत को दिया जाएगा। 10 लाख से 25 लाख रुपये तक की राशि में ग्राम पंचायत को 70 प्रतिशत तथा जनपद और जिला पंचायत को 15-15 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। इसी तरह 25 लाख से 50 लाख रुपये तक की राशि में ग्राम पंचायत को 60 प्रतिशत और जनपद व जिला पंचायत को 20-20 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा। 50 लाख रुपये से अधिक की राशि में ग्राम पंचायत को 50 प्रतिशत तथा जनपद और जिला पंचायत को 25-25 प्रतिशत राशि मिलेगी।
राज्य शासन ने निधि के उपयोग के दायरे का भी विस्तार किया है। अब इस राशि का उपयोग स्कूलों और अस्पतालों में रनिंग वाटर सुविधा, सामुदायिक शौचालय, मुक्तिधाम निर्माण, पहुंच मार्ग तथा वाचनालय निर्माण जैसे कार्यों में किया जा सकेगा। जिला पंचायतों को मिलने वाली राशि का उपयोग उन क्षेत्रों के विकास कार्यों में किया जाएगा जहां खनन गतिविधियों का प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और गांवों में विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायतों को गौण खनिज निधि में हिस्सेदारी मिलने से स्थानीय विकास योजनाओं को मजबूती मिलेगी और त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।
मुख्यमंत्री की घोषणा का पालन होने पर जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन कुमार अग्रवाल सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रसन्नता जताई है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से पंचायतों के कामकाज और संचालन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी।
छत्तीसगढ़ में ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारी, राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भारत सरकार की नवीन ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ को प्रभावी, व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण तरीके से लागू करने की दिशा में आज न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस रायपुर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राईस मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों, भारतीय खाद्य निगम (FCI), मार्कफेड तथा प्रदेशभर के राईस मिलर्स ने भाग लिया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने कहा कि भारत सरकार आगामी खरीफ विपणन वर्ष में ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ को प्राथमिकता के साथ लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य के राईस मिलों को निर्धारित मानकों के अनुरूप तकनीकी रूप से उन्नत (अपग्रेड) करना आवश्यक होगा, ताकि गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि मिलर्स द्वारा कार्यशाला में रखे गए सुझावों एवं व्यवहारिक समस्याओं का परीक्षण कर आवश्यक प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे जाएंगे।
कार्यशाला में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 से लागू की जाने वाली ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ के विभिन्न प्रावधानों, गुणवत्ता मानकों, भंडारण व्यवस्था, अनुबंध प्रक्रिया, लागत एवं क्रियान्वयन संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से 10 प्रतिशत अरवा ब्रोकन चावल एवं 5 प्रतिशत उसना ब्रोकन चावल के निर्धारित गुणवत्ता मानकों की विस्तृत जानकारी भी साझा की गई, ताकि योजना के अनुरूप मिलिंग प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सके।
बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ राईस मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने व्यवहारिक चुनौतियों एवं उद्योग से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से रखा। मिलर्स ने प्रदेश में उन्नत धान किस्मों की खेती को बढ़ावा देने, भारतीय खाद्य निगम में रैक मूवमेंट को तेज करने तथा मिलिंग लागत में वृद्धि जैसे विषयों पर ध्यान आकृष्ट किया। साथ ही स्कीम के सफल क्रियान्वयन के लिए तकनीकी एवं आधारभूत सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राईस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष कान्ति लाल बोथरा, महामंत्री विष्णु बिंदल, कोषाध्यक्ष रमेश अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी एवं प्रदेशभर से आए राईस मिलर्स उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने योजना लागू करने से पहले इस प्रकार की कार्यशाला आयोजित करने के लिए खाद्य विभाग और खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले का आभार व्यक्त करते हुए ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ के सफल क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर मार्कफेड के एमडी जितेन्द्र शुक्ला, भारतीय खाद्य निगम के जीएम दीपक शर्मा सहित खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं राईस मिलर्स एसोसिएशन के लगभग 60 से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।
टेक्नोलॉजी आधारित पारदर्शी सार्वजनिक वितरण प्रणाली से गरीबों को मिलेगा अधिक लाभ – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा SARTHAK-PDS फेज-2 के लिए 25,530 करोड़ रुपये की मंजूरी का स्वागत करते हुए इसे गरीब कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय बताया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह निर्णय सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को तकनीक आधारित, अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार गरीबों तक योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। SARTHAK-PDS फेज-2 के माध्यम से एआई-इनेबल्ड लाभार्थी रजिस्ट्री, जीपीएस ट्रैकिंग, क्यूआर कोड टैगिंग, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और आधुनिक सप्लाई चेन प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं से राशन वितरण प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी। इससे पात्र हितग्राहियों तक सस्ते अनाज और खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय केवल तकनीकी उन्नयन तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यों को राशन परिवहन, हैंडलिंग तथा उचित मूल्य दुकानों के संचालन में बढ़ती लागत के लिए आर्थिक सहयोग देकर वितरण व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाएगा। राशन दुकानों के डीलरों के पारिश्रमिक में वृद्धि का प्रावधान जमीनी स्तर पर व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2031 तक संचालित होने वाली यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के करोड़ों हितग्राहियों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि AI, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे नवाचारों के उपयोग से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनविश्वास को नई मजबूती मिलेगी तथा अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को और बल मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय केवल राशन वितरण को आधुनिक बनाने का नहीं, बल्कि गरीबों के जीवन में भरोसा, सुविधा और सुशासन को और मजबूत करने का निर्णय है। उन्होंने गरीब कल्याण को समर्पित इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 230 हितग्राहियों को बांटे 23 लाख रुपये के अनुदान चेक
रायपुर। क्षेत्र के चहुंमुखी विकास, जन-सरोकार और स्थानीय संस्कृति के संवर्धन को गति देते हुए लोकप्रिय सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आज एक गरिमामय कार्यक्रम में 230 हितग्राहियों को संस्थागत अनुदान राशि के तहत करीब 23 लाख रुपये के चेक वितरित किए। यह राशि सीधे तौर पर जरूरतमंदों, विद्यार्थियों, मरीजों और समाज को दिशा देने वाली विभिन्न मंडलियों एवं महिला समूहों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रदान की गई है।

शिक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने व्यक्तिगत हितग्राहियों को सहायता राशि के चेक सौंपते हुए कहा कि शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है। पैसों के अभाव में किसी भी होनहार छात्र की पढ़ाई और किसी गरीब का इलाज नहीं रुकना चाहिए। इस अनुदान राशि का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर उच्च शिक्षा, स्कूली शिक्षा और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पीड़ितों को प्रदान किया गया है, ताकि समाज का अंतिम व्यक्ति भी गरिमापूर्ण जीवन जी सके।
संस्कृति और आस्था का सम्मान: मंडलियों को मिला संबल
हमारी सनातन संस्कृति, लोक कला और आस्था को जीवंत रखने के लिए सांसद जी ने विशेष पहल की है। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की रामायण मंडलियों, भजन मंडलियों, जसगीत मंडलियों को वाद्य यंत्र, मंच संचालन और सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार के लिए अनुदान राशि के चेक सौंपे गए।
श्री अग्रवाल ने कहा, "हमारी भजन और जसगीत मंडलियां गांवों और शहरों में संस्कारों को जीवित रखने का काम कर रही हैं। इन्हें मजबूत करना हमारी गौरवशाली संस्कृति को मजबूत करना है।"
स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प
महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के संकल्प को दोहराते हुए महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) को भी अनुदान राशि प्रदान की गई। इस राशि से महिलाएं अपने स्थानीय व्यवसायों, कुटीर उद्योगों और स्वरोजगार की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकेंगी।
श्री अग्रवाल ने कहा कि, "जनता की सेवा ही मेरा सर्वोपरि धर्म है। 23 लाख करोड़ रुपये की यह अनुदान राशि केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि हमारे क्षेत्र के बच्चों के सुनहरे भविष्य, बीमारों के उत्तम स्वास्थ्य, हमारी माताओं-बहनों के स्वावलंबन और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का एक विनम्र प्रयास है। विकास का यह रथ रुकने वाला नहीं है।"
मुख्य सचिव ने समग्र शिक्षा अभियान 2026 के बजट प्लान की बैठक ली- दिया गुणवत्ता और नवाचार पर विशेष जोर
रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी में छत्तीसगढ़ समग्र शिक्षा कार्यकारिणी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वार्षिक कार्य योजना और बजट वर्ष 2026-27 का प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। इसी तरह से समग्र शिक्षा अंतर्गत स्वीकृत नवीन कार्यों का युक्तियुक्तकरण उपरांत स्थल परिवर्तन एवं विविध बिन्दुओं के प्रस्तावों पर चर्चा के उपरांत अनुमोदित किये गये। स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत विविध निर्माण कार्यों को शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से कराये जाने वाले कार्यों के प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
बैठक में मुख्य सचिव विकासशील ने 2026-27 के वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट प्लान को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंनें शिक्षा की गुणवत्ता, पहुंच और समावेशी विकास पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि बजट प्लान में केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि लर्निंग आउटकम सुधारने वाले नवाचारों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए स्कूलों में संसाधन, शिक्षक और तकनीक तीनों मजबूत करने होंगे।
छात्रों के ड्राप आउट को राकने करें प्रयास
मुख्य सचिव ने कहा कि स्कूलों में छात्रों के ड्राप आउट की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जाये। माध्यमिक-उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम और आईसीटी लैब स्थापित होंगी। सभी स्कूलों में हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था होगी। ड्रॉपआउट रोकथाम कक्षा 1, 8 और 10 में ड्रॉपआउट दर शून्य करने के लिए विशेष ट्रैकिंग सिस्टम बनेगा। शाला त्यागी बच्चों को मुख्यधारा में लाने हेतु ब्रिज कोर्स चलेंगे।
शिक्षक प्रशिक्षण
राष्ट्रीय शिक्षा नीति अनुसार सभी शिक्षकों का फेज-वाइज प्रशिक्षण दिया जाये। गणित-विज्ञान-अंग्रेजी के लिए विशेष मास्टर ट्रेनर पूल तैयार होगा। बुनियादी सुविधा जरूरत वाले स्कूलों में अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, बालिका शौचालय, पेयजल, बिजली और बाउंड्रीवॉल के काम प्राथमिकता से होंगे।
समावेशी शिक्षा
दिव्यांग बच्चों के लिए संसाधन कक्ष, थेरेपी यूनिट और विशेष टीएलएम का प्रावधान बजट में रखा जाएगा। कौशल विकासरू कक्षा 9 से 12 तक वोकेशनल एजुकेशन को मजबूत किया जाएगा। कृषि, आईटी, हेल्थकेयर और टूरिज्म जैसे ट्रेड में स्थानीय जरूरत के अनुसार कोर्स चलेंगे।
रायपुर नगर निगम MIC बैठक: पेयजल संकट, गार्बेज डिपो और महादेव घाट जीर्णोद्धार समेत 18 एजेंडों पर हुई चर्चा, कई प्रस्तावों को मिली मंजूरी
रायपुर। आज राजधानी में रायपुर नगर निगम मेयर इन काउंसिल (MIC) की बैठक संपन्न हुई, जिसमें शहर विकास, पेयजल व्यवस्था, निर्माण कार्यों और जनसुविधाओं से जुड़े कुल 18 एजेंडों पर चर्चा कर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। महापौर मीनल चौबे ने बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि जर्जर हो चुकी पुरानी नगर निगम बिल्डिंग के पुनर्विकास को लेकर निगम गंभीरता से काम शुरू करने जा रहा है। इसके लिए कमर्शियल मॉडल पर परियोजना विकसित करने की तैयारी की जा रही है। शहर में लगातार गहराते पेयजल संकट पर चर्चा को लेकर भी मीनल चौबे ने जानकारी साझा की।
महापौर ने मीनल चौबे कहा कि पुरानी निगम भवन की स्थिति काफी खराब हो चुकी है, इसलिए उस स्थल के बेहतर उपयोग और पुनर्विकास पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि परियोजना को पीपीपी मॉडल (PPP Model) के तहत विकसित करने की योजना है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों और आम जनता से चर्चा के बाद अंतिम स्वरूप तय किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नवीन मार्केट क्षेत्र के विकास को लेकर भी निगम काम करेगा। हालांकि पुरानी निगम बिल्डिंग में निर्माण को लेकर ज्यादा तकनीकी दिक्कतें नहीं हैं, लेकिन नवीन मार्केट क्षेत्र में कुछ चुनौतियां हैं, जिन पर विचार-विमर्श कर आगे निर्णय लिया जाएगा। बैठक में प्राथमिकता वाले निर्माण कार्यों के लिए संकल्प सोसायटी के माध्यम से करीब 10 लाख रुपये की स्वीकृति भी दी गई। इसके अलावा खेल एवं कल्याण विभाग से जुड़े प्रस्तावों पर भी राशि मंजूर की गई।
गार्बेज डिपो परियोजना को लेकर भी हुई चर्चा
आमानाका क्षेत्र में प्रस्तावित गार्बेज डिपो परियोजना को लेकर भी MIC की बैठक में चर्चा हुई। महापौर मीनल चौबे ने बताया कि इस संबंध में पहले से एमओयू किया जा चुका है, जिसकी अवधि 31 अक्टूबर 2026 तक है। अब इस विषय को MIC में लाया गया है और नियमानुसार नगर निगम आगे अनुमति प्रदान करेगा।
बैठक में महादेव घाट के जीर्णोद्धार प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। वहीं शहीद आकाश राव गिरपुंजे के परिवार से जुड़े विषय पर भी चर्चा हुई। महापौर ने कहा कि शहीदों से बढ़कर कुछ नहीं होता और निगम परिवार की भावनाओं का पूरा सम्मान करेगा। उन्होंने बताया कि शहीद आकाश राव गिरपुंजे की प्रतिमा लाखे नगर चौक में स्थापित करने का प्रस्ताव भी सामने आया है।
शहर में लगातार गहराते पेयजल संकट को लेकर मेयर ने कही ये बात
शहर में लगातार गहराते पेयजल संकट को लेकर भी MIC बैठक में गंभीर चर्चा हुई। महापौर मीनल चौबे ने कहा कि पानी की समस्या केवल दो-चार दिनों की नहीं है, बल्कि भूजल स्तर लगातार नीचे जाने से हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं। नगर निगम इस मुद्दे पर लगातार समीक्षा बैठकें कर रहा है और व्यवहारिक प्रस्तावों को MIC की स्वीकृति के बाद लागू किया जा रहा है।
महापौर ने कहा कि शहर का बड़ा हिस्सा अब भी पेयजल के लिए भूजल पर निर्भर है, इसलिए समस्या का समाधान तुरंत संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि निगम लगातार जल संकट को लेकर बैठकें कर रहा है और हर स्तर पर समाधान तलाशने का प्रयास जारी है।
भीषण गर्मी के मद्देनजर CM साय की प्रदेशवासियों से बड़ी अपील: कहा- सतर्कता बरतें और जरूरतमंदों का बनें सहारा, पशु-पक्षियों के प्रति भी दायित्व निभाने की अपील
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सहित देश के अनेक हिस्सों में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के मद्देनजर प्रदेशवासियों से सतर्कता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ इस चुनौतीपूर्ण समय का सामना करने की अपील की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि अत्यधिक गर्मी के इस दौर में प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से पर्याप्त पानी पीने, बाहर निकलते समय पानी साथ रखने तथा अनावश्यक रूप से तेज धूप में जाने से बचने का आग्रह करते हुए कहा कि छोटी-सी सावधानी स्वयं और परिवार को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो घर, दुकान, कार्यालय अथवा सार्वजनिक स्थानों के आसपास राहगीरों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था अवश्य की जाए, क्योंकि संवेदना का यह छोटा प्रयास किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए राहत और संबल बन सकता है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों, बुज़ुर्गों, श्रमिक साथियों तथा खुले में कार्य करने वाले लोगों का ध्यान रखने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ती दिखाई दे, तो उसे तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाकर पानी, ओआरएस अथवा अन्य तरल पदार्थ उपलब्ध कराए जाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता भी सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशील होने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि घर, आंगन, छत, दुकान अथवा आसपास पानी का एक छोटा पात्र रखने जैसी छोटी पहल इस भीषण गर्मी में किसी जीव के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह समय सेवा, संवेदना, सजगता और सामाजिक सहयोग की भावना को मजबूत करने का है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि सभी एक-दूसरे का संबल बनें और मानवता के इस दायित्व को मिलकर निभाएं।
छत्तीसगढ़ में खाली और अनुपयोगी सरकारी जमीनों का होगा रिडेवलपमेंट, तैयार होगा डिजिटल लैंड बैंक, मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में शासकीय विभागों, निगम-मंडलों, कंपनियों और बोर्डों के स्वामित्व वाली अनुपयोगी व खाली जमीनों के व्यवस्थित विकास और सदुपयोग के लिए एक व्यापक रिडेव्हलपमेंट कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर आज मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला कलेक्टरों से चिन्हित की गई भूमियों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि वर्तमान में अनुपयोगी पड़ी सरकारी जमीनों से न तो शासन को कोई आय हो रही है और न ही जनता को इसका लाभ मिल रहा है। इस रिडेव्हलपमेंट योजना से जहां शहरों को एक नियोजित विकास मिलेगा, वहीं शासकीय परिसंपत्तियों का मूल्य भी कई गुना बढ़ जाएगा।
डिजिटल लैंड बैंक और जीआईएस मैपिंग से होगी निगरानी
बैठक में निर्णय लिया गया कि वर्षों से खाली पड़ी या अतिक्रमण की आशंका वाली सरकारी जमीनों को चिन्हित कर उनका व्यावसायिक व जनहित में बेहतर उपयोग किया जाएगा। शासकीय विभागों के अंतर्गत आने वाली सभी खाली जमीनों का एक केंद्रीय डिजिटल लैंड बैंक तैयार किया जाएगा। मैपिंग के जरिए हर प्लॉट की सटीक लोकेशन, रकबा (क्षेत्रफल) और वर्तमान स्थिति का डेटा जीआईएस (GIS) मैपिंग ऑनलाइन दर्ज होगा। शहरों में प्राइम लोकेशन पर स्थित खाली जमीनों पर आवासीय योजनाएं, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, पार्किंग और नए सरकारी कार्यालय बनाए जाएंगे। बड़ी जमीनों के विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे शासन को राजस्व भी मिलेगा। बड़ी जमीनों के विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे शासन को राजस्व भी मिलेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों का विकास
ग्रामीण इलाकों की जमीनों पर कृषि, उद्यानिकी, आधुनिक वेयरहाउस या कौशल विकास केंद्र (Skill Development Centers) प्रस्तावित किए जाएंगे। बड़ी जमीनों के सुनियोजित विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे शासन को अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी।
जर्जर भवनों को ढहाकर होगा नवनिर्माण, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
योजना के तहत ऐसे शासकीय भवनों और परिसरों को चिन्हित किया जाएगा जो पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं और जिनकी मरम्मत करना वित्तीय दृष्टि से फायदेमंद नहीं है। ऐसी जगहों पर पुरानी संरचनाओं को हटाकर शहरी आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य सरकारी विभागों या उनके उपक्रमों के लिए नए और आधुनिक निर्माण किए जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से चिन्हित जमीनों पर तत्काल फेंसिंग (घेराबंदी) की जाएगी और शासकीय स्वामित्व का बोर्ड लगाया जाएगा। इन जमीनों पर अवैध कब्जे रोकने के लिए राजस्व और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से निगरानी रखेंगे।
इस महत्वपूर्ण बैठक में विधि विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, आयुक्त छत्तीसगढ गृह एवं अधोसंरचना विकास मंडल अवनीश शरण, एनआरडीए के सीईओ श्री चंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा सभी संभागायुक्त व कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।