प्रदेश
आर्थिक नाकेबंदी कर रही कांग्रेस से मंत्री ओपी चौधरी ने पूछे पांच सवाल, पहला- क्या भूपेश बघेल के शासनकाल में नहीं हुई थी जनसुनवाई?…
रायपुर। चैतन्य बघेल के खिलाफ ईडी की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने आज प्रदेशव्यापी आर्थिक नाकेबंदी की. इस कदम पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कांग्रेस शासनकाल के दौरान लिए गए निर्णयों पर पांच सवाल कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है.
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने एक्स पर किए अपने पोस्ट के माध्यम से कांग्रेस से सवाल किया कि क्या भूपेश बघेल के शासनकाल में 16 अक्टूबर 2019 को जनसुनवाई नहीं कराई गई थी? क्या 31 मार्च 2021 को गारे पेलमा सेक्टर-2 के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति की सिफारिश तत्कालीन कांग्रेस की सरकार ने नहीं की थी? क्या 19 अप्रैल 2022 को, कांग्रेस के भूपेश बघेल की सरकार रहते हुए फॉरेस्ट क्लीयरेंस (स्टेज वन) की स्वीकृति की सिफारिश नहीं की गई थी?
चौथा सवाल कि क्या 23 जनवरी 2023 को, ‘फॉरेस्ट क्लीयरेंस’ (स्टेज 2) की सिफारिश भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार रहते हुए नहीं की गई थी? और अंतिम सवाल कि क्या महाराष्ट्र में MAHAGENCO महाराष्ट्र स्टेट पावर जनरेशन कंपनी के द्वारा अडानी ग्रुप को एमडीओ बनाया गया था तब उस समय कांग्रेस के समर्थन वाली सरकार वहां नहीं थी?
छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में भीषण बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों के लिए प्रदेश के 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी में बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, कोरबा समेत प्रदेश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार, वर्तमान में मानसून द्रोणिका (ट्रफ लाइन) पूर्व-दक्षिणपूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है। साथ ही एक ऊपरी हवा का चक्रवात दक्षिण उड़ीसा और उसके आसपास 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके अलावा 13 डिग्री उत्तर अक्षांश पर उत्तर मध्य कर्नाटक से दक्षिण आंध्र प्रदेश तक एक पूर्व-पश्चिम द्रोणिका भी मौजूद है, जिससे वर्षा की गतिविधियां और तेज होने की आशंका है।
22 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। गरज-चमक और वज्रपात के भी आसार हैं, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 24 जुलाई तक एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जो आगामी दिनों में वर्षा को और अधिक सक्रिय बना सकता है। खासकर दक्षिण छत्तीसगढ़ के कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा में तेज बारिश और वज्रपात का विशेष खतरा बना रहेगा।
इन जिलों में है गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना:
सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, महासमुंद, बलौदा बाजार, रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव और दुर्ग।
राजधानी रायपुर का मौसम:
आज रायपुर में बादल छाए रहेंगे और एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
मौसम विभाग की अपील:
मौसम विभाग ने लोगों को गरज-चमक और वज्रपात के समय खुले स्थानों से दूर रहने, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का कम इस्तेमाल करने की सलाह दी है। किसान, ग्रामीण क्षेत्र के लोग और यात्री विशेष सतर्कता बरतें।
ननकीराम कंवर ने जीएसटी विभाग में हुए भर्ती परीक्षा पर उठाये सवाल, प्रधानंत्री को पत्र लिखकर की सीबीआई जांच की मांग
कोरबा। बीजेपी के सीनियर आदिवासी नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने एक बार फिर भर्ती परीक्षा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये है। ननकीराम कंवर ने छत्तीसगढ़ में हुए जीएसटी विभाग में 350 पदों के लिए हुए भर्ती प्रक्रिया में धांधली और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस भर्ती प्रक्रिया की सीबीआई से जांच की मांग की है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में पीएससी घोटाला को उजागर करने वाले पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने कांग्रेस सरकार में हुए एक और परीक्षा में धांधली का आरोप लगाया है। ननकीराम कंवर ने आरोप लगााया है कि जीएसटी विभाग में 2021 और 2022 में आयोजित वाणिज्यिक कर निरीक्षक के लिए 350 पदों पर परीक्षा ली गयी थी। उन्होने आरोप लगाया है कि इस परीक्षा के ठीक 2 दिन पहले चयनित अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र मुहैय्या करा दिया गया था।
ननकीराम कंवर ने आरोप लगाया है कि जीएसटी में होने वाली भर्ती की परीक्षा व्यापमं के जरिये ली जानी थी। लेकिन पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में ऐसा न कर विभाग ने भर्ती परीक्षा ली, जिससे भर्ती प्रक्रिया में खुलकर धांधली करते हुए अपने मनचाहे अभ्यर्थियों की भर्ती की गयी। ननकीराम कंवर ने तत्कालीन आयुक्त समीर बिश्नोई के पीए और अन्य उच्च अधिकारियों से जुड़े कर्मचारियों के चयन पर भी सवाल उठाए हैं।
ननकीराम कंवर ने परीक्षा में चयनित उम्मीदवारों को 80 से 100 प्रतिशत अंक मिलने पर अभ्यर्थियों को पहले ही प्रश्न पत्र मुहैय्या कराने की आशंका जतायी है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मामले में शिकायत कर सीबीआई से उक्त भर्ती प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है। उधर ननकीराम कंवर के इस आरोप के बाद हड़कंप मचा हुआ है। ऐसे में अब देखने वाली बात होगी कि ननकीराम कंवर की शिकायत पर यदि केंद्र सरकार भर्ती प्रक्रिया की जांच शुरू कराता है, तो कई अधिकारी इस जांच के दायरे में आयेंगे।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी नवलीन को बधाई – कहा, छत्तीसगढ़ की उभरती प्रतिभा को मिलेगा हरसंभव सहयोग
रायपुर। खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के हर खिलाड़ी को उसकी मेहनत, लगन और क्षमता के अनुरूप अवसर, संसाधन और मंच उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने महासमुंद जिले की नवोदित तीरंदाज नवलीन कौर को आगामी राष्ट्रीय खेलों में तीरंदाजी में स्थान बनाने पर बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवलीन जैसी खिलाड़ी छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव हैं और सरकार उन्हें खेल के हर स्तर पर निखारने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।
जन्म से ही स्वास्थ्यगत चुनौतियों से जूझने वाली नवलीन ने इसे अपनी कमज़ोरी नहीं, बल्कि ताकत में बदल दिया और खेल को अपना जीवन-मार्ग चुना। उन्होंने फरवरी 2025 में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि इच्छाशक्ति और मेहनत के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।
महासमुंद जिले के बागबाहरा की निवासी नवलीन कौर, अरविंद एवं रंजीत कौर छाबड़ा की सुपुत्री हैं। उनका जन्म गर्भावस्था के सातवें महीने में हुआ था, जिससे प्रारंभिक वर्षों में स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियाँ रहीं। आस-पड़ोस, रिश्तेदार और परिचित हमेशा उनकी तबीयत के बारे में पूछते रहते थे, जिससे वह कभी-कभी उदास हो जाती थीं। लेकिन नवलीन ने इस जिज्ञासा को चुनौती के रूप में स्वीकार किया और खुद को एक नई दिशा में ढाल दिया।
वर्ष 2018 में नवलीन ने बागबाहरा से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित बिहाझर बालाश्रम में तीरंदाजी का प्रशिक्षण प्रारंभ किया। वे महासमुंद जिले की पहली महिला तीरंदाज बनीं। स्कूली शिक्षा के दौरान उन्होंने दो बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किए और एक बार राष्ट्रीय स्तर की स्कूली तीरंदाजी प्रतियोगिता में चौथा स्थान अर्जित किया। वर्ष 2023 में उन्होंने गुजरात में आयोजित एफजीएफआई राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया और राज्य स्तरीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
नवलीन का लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीतना है। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में कंपाउंड बो से खेला जाता है, जिसके लिए उनके परिजनों ने उन्हें एक नया आधुनिक कंपाउंड धनुष प्रदान किया है। उन्होंने सिटी ओपन तीरंदाजी प्रतियोगिता में कंपाउंड राउंड बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त कर इसकी शानदार शुरुआत की है। वर्तमान में नवलीन कोच श्री एवन साहू एवं खेल अधिकारी मनोज धृतलहरे से तीरंदाजी के गुर सीख रही हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि क्रिकेट की लोकप्रियता के इस दौर में कोई खिलाड़ी यदि तीरंदाजी जैसे विशिष्ट खेल में कड़ी मेहनत करके प्रदेश और देश के लिए मेडल लाने की दिशा में काम कर रहा है, तो यह न केवल सराहनीय है बल्कि प्रेरणास्पद भी। नवलीन जैसी प्रतिभाएं छत्तीसगढ़ के युवाओं को यह संदेश देती हैं कि प्रतिबद्धता, अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
नाराज छात्रों व पालकों ने स्कूल में जड़ा ताला, युक्तियुक्तकरण के बाद शिक्षक की कमी का आरोप
बिलासपुर। युक्तियुक्तकरण के बाद भी स्कूल की स्थिति सुधरी नहीं है। प्रदेश के कई स्कूलों में लगातार शिक्षकों के लिए प्रदर्शन चल रहा है। वहीं छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड स्थित शिउड़ गांव में भी शिक्षकों की गंभीर कमी से बच्चे परेशान है। नाराज बच्चों और उनके पालकों ने हाई स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़कर विरोध दर्ज कराया।
आरोप है कि अंग्रेजी और संस्कृत जैसे प्रमुख विषयों के शिक्षक लंबे समय से अनुपस्थित हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई, विशेष रूप से बोर्ड परीक्षा की तैयारी, बुरी तरह प्रभावित हो रही है। शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को लेकर नवागढ़ ब्लॉक के शिउड़ गांव में ग्रामीणों का आक्रोश उस समय खुलकर सामने आया जब हाई स्कूल शिउड़ में पढ़ने वाले बच्चों और उनके पालकों ने स्कूल में ताला जड़ दिया।
पालकों का कहना है कि स्कूल में लंबे समय से अंग्रेजी और संस्कृत विषय के शिक्षक नहीं हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।जानकारी के अनुसार, अंग्रेजी शिक्षक अमित मैसी को बीते तीन वर्षों से सेजस नवागढ़ में अटैच कर दिया गया है। वहीं, अंग्रेजी विषय पढ़ाने वाले एक अन्य शिक्षक लक्ष्मीप्रसाद सूर्यवंशी का तबादला महंत हाई स्कूल कर दिया गया है। इन दोनों शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण विद्यालय में अंग्रेजी की पढ़ाई पूरी तरह से ठप है।
इसी तरह संस्कृत विषय के लिए भी कोई शिक्षक पदस्थ नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि बार-बार शिकायत करने और मांग उठाने के बावजूद शिक्षा विभाग या प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। बच्चों के पालकों ने पहले ही प्रशासन को चेतावनी दी थी कि यदि समय रहते शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई, तो वे स्कूल में ताला जड़ देंगे।
परिणामस्वरूप, मंगलवार को बड़ी संख्या में पालक स्कूल पहुंचे और स्कूल के गेट पर ताला जड़ दिया। मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए और विद्यालय प्रबंधन के प्रति नाराजगी जाहिर की। पालकों का कहना है कि जब तक योग्य शिक्षक स्कूल में पदस्थ नहीं किए जाएंगे, तब तक स्कूल में ताला खुलने की कोई संभावना नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि युक्तियुक्तकरण (रैशनलाइजेशन) के नाम पर शिक्षक अन्य स्कूलों में अटैच कर दिए गए हैं, जबकि यहां छात्रों की संख्या के अनुसार पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। हाई स्कूल में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियां चल रही हैं, और ऐसे में अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषय के बिना बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है।
शिउड़ गांव के पालकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द शिक्षकों की बहाली नहीं की गई, तो वे ब्लॉक मुख्यालय तक आंदोलन करेंगे। वहीं दूसरी ओर, अब तक शिक्षा विभाग या जिला प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है, जिससे ग्रामीणों की नाराजगी और बढ़ती जा रही है।
सत्यापन के बाद पात्र परिवारों को दी जाएगी पीएम आवास की मंजूरी, हितग्राहियों को चिंतित होने की जरूरत नहीं
रायपुर। जिला प्रशासन, धमतरी का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास प्लस सर्वे सूची 2.0 में शामिल हितग्राही परिवारों को सत्यापन के उपरांत नियमानुसार आवास की स्वीकृति दी जाएगी। सर्वे सूची में शामिल हितग्राही परिवार के सदस्यों को इस बात को लेकर न तो चिंता करने की जरूरत है और न ही व्यग्र होने की जरूरत है। कलेक्टोरेट परिसर धमतरी में आज पीएम आवास स्वीकृति के मामले में बिलंब को लेकर ग्राम डोमा के करण सोनवानी द्वारा आत्मदाह किए जाने के प्रयासों को लेकर जिला प्रशासन ने यह बात कही है।
गौरतलब है कि करण सोनवानी का नाम पीएम आवास योजना (ग्रामीण) आवास प्लस 2.0 की सर्वे सूची की आईडी 93358481 में दर्ज है, परंतु युवक करण सोनवानी द्वारा चेकर साफ्टवेयर में अपना नाम चेक करने पर भ्रम की स्थिति निर्मित हुई, जिसके कारण उसके द्वारा आत्मदाह का प्रयास किया गया, जिसे कलेक्टोरेट परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मी द्वारा तत्परता से रोककर विफल कर दिया गया। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि चेकर साफ्टवेयर रेंडमली चेक करता है, जिसके कारण युवक के मन में भ्रम की स्थिति निर्मित हुई।
कलेक्टर धमतरी अविनाश मिश्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के आवास प्लस सर्वे 2.0 की सूची में शामिल हितग्राहियों का सत्यापन किया जा रहा है। यह कार्य 31 जुलाई 2025 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। सत्यापन उपरांत पात्र परिवारों को नियम प्रक्रिया के तहत आवास की मंजूरी दी जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों के निदान तथा शासकीय कार्यक्रमों एवं हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन धमतरी द्वारा जनदर्शन डेस्क शुरू किया गया है। जहां लोग अपनी समस्याओं को सोमवार से शुक्रवार कार्य दिवस में अधिकारियों के समक्ष सीधे रख सकते हैं।
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोमा श्रीवास्तव ने बताया है कि योजना के तहत धमतरी जिले में 84,439 हितग्राही परिवारों का सर्वे किया गया है, जिसमें से 26 हजार 923 हितग्राहियों का सत्यापन कार्य प्रगति पर है। हितग्राही परिवारों के सत्यापन का कार्य पूरा होने के बाद पात्र हितग्राही परिवारों को नियमानुसार प्राथमिकता क्रम के अनुसार आवास की स्वीकृति दी जाएगी।
छत्तीसगढ़ में नदियों के सूखते स्त्रोतों को लेकर हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार को कमेटी गठित करने के दिए आदेश, हाईटेक सर्वे की मांग को किया खारिज
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में प्रदेश की नदियों के सूखने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई चल रही है. राज्य से निकलने वाली नदियों के उद्गम स्थल आखिर क्यों सूख रहे हैं, यह जानने और इन स्थलों को तलाशने के लिए राज्य सरकार द्वारा कमेटी बनाई जाएगी. प्रदेश की 19 नदियों के संरक्षण और संर्वधन के लिए यह कमेटी काम करेगी. जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया. साथ ही सभी नदियों और उनके उद्गम स्थल को राजस्व रिकार्ड में दर्ज करने का भी आदेश दिया गया है. रिकार्ड में यह नदियां और उनके उद्गम स्थल फिलहाल नाले के रूप में दर्ज है. हालांकि कोर्ट ने क्षेत्र की नदियों का हाईटेक सर्वे कराने के लिए 2 करोड़ 60 लाख रुपए की मांग खारिज कर दी.
अरपा नदी के साथ ही प्रदेश की अन्य नदियों के संरक्षण और संवर्धन की मांग करते हुए लगाई गई जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि अरपा में सालभर पानी की योजना के साथ प्रदेश की 9 प्रमुख नदियों के रिवाइवल की योजना पर काम किया जा रहा है. राज्य सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है. इस दौरान 2018 में बनाई गई भागवत कमेटी की जानकारी याचिकाकर्ताओं की तरफ से दी गई. यह कमेटी नदियों के संरक्षण पर काम करने के लिए बनी थी.
हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य से निकलने वाली नदियों के उद्गम स्थल आखिर क्यों सूख रहे हैं, यह जानने और इन स्थलों को तलाशने के लिए राज्य सरकार द्वारा कमेटी बनाई जानी चाहिए. शासन की ओर से इस पर सहमति जताई गई.
ED के खिलाफ कांग्रेस की आर्थिक नाकाबंदी को नहीं मिला चेंबर ऑफ कामर्स से समर्थन
रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में ईडी के खिलाफ कांग्रेस आज प्रदेशभर में दोपहर 12 बजे से लेकर 2 बेज तक आर्थिक नाकाबंदी का ऐलान किया है. लेकिन चेंबर ऑफ कामर्स ने इस चक्काजाम का समर्थन करने से इंकार कर दिया है.
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजा बराड़ के साथ दिल्ली से छत्तीसगढ़ लौटे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा में पूरे प्रदेश में आर्थिक नाकेबंदी करने की बात कही. वहीं ईडी पर की सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लेकर भूपेश बघेल ने कहा कि इससे बड़ी टिप्पणी और क्या हो सकती है. ईडी बीजेपी के विंग के रूप में काम कर रही है. ईडी को बड़ा तमाचा है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष के लोगों को टारगेट किया जा रहा है. ईडी का एक प्रतिशत भी स्ट्राइक रेट नहीं है. इसका राजनीति साधने के लिए दुरुपयोग किया जा रहा है. पार्टी और विपक्ष की छवि खराब करने का काम हो रहा है. वहीं उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भयंकर तूफान आने की सूचना है. उपराष्ट्रपति मीटिंग में स्वस्थ थे, स्वास्थ्यगत कारण तो नहीं है. और कहीं गंभीर मामला है.
चेंबर ने बंद का समर्थन करने से किया इंकार
कांग्रेस की प्रदेशव्यापी आर्थिक नाकेबंदी के बीच छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कामर्स के महामंत्री अजय भसीन ने वीडियो संदेश में कहा कि चेंबर किसी भी प्रकार की आर्थिक नाकेबंदी या बंद का समर्थन नहीं करता है, क्योंकि चेंबर का मानना है कि इस समय देश की आर्थिक व्यवस्था बड़ी तेजी से विकसित हो रही है, जिसमें किसी भी प्रकार की आर्थिक नाकेबंदी से एक अवरोध पैदा होता है, और एक संशय की स्थिति आती है. और जो रोजमर्रा का व्यापार कर रहे हैं उनके जीवनयापन में भी बुरा प्रभाव डालती है. इसलिए चेंबर ऑफ कामर्स किसी प्रकार की आर्थिक नाकेबंदी या बंद का समर्थन नहीं करता है.
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में छत्तीसगढ़ से जुड़े वन एवं पर्यावरण के ज्वलंत मुद्दों को उठाया
नई दिल्ली। लोकसभा के मानसून सत्र के पहले दिन रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ राज्य में वन एवं पर्यावरण से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों को आतरांकित प्रश्न के माध्यम से लोकसभा में जोरदार ढंग से उठाया।
श्री अग्रवाल ने सरकार से जानना चाहा कि,
क्या छत्तीसगढ़ में विगत एक दशक में 18 करोड़ पौधे लगाने का दावा किया गया है, और यदि हां, तो उनमें से कितने पौधे जीवित बचे हैं?
क्या बस्तर, कोरबा और दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्रों में खनन परियोजनाओं के चलते वनाच्छादित क्षेत्र में कमी आई है, और क्या संबंधित ग्राम सभाओं की सहमति इन परियोजनाओं हेतु ली गई थी?
क्या राज्य में कई विकास परियोजनाएं पर्यावरणीय मंजूरी के अभाव में वर्षों से लंबित हैं?
क्या अप्रयुक्त भूमि पर वृक्षारोपण हेतु कोई ठोस कार्य योजना तैयार की गई है?
और क्या इन योजनाओं की निगरानी उपग्रह मानचित्रण, जियो टैगिंग एवं सामाजिक लेखा परीक्षा के माध्यम से की जा रही है?
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के सवालों का जवाब देते हुए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने स्पष्ट किया कि
-वर्ष 2010-11 से 2019-20 के बीच छत्तीसगढ़ में लगभग 18 करोड़ पौधे लगाए गए हैं, जिनमें से अधिकांश स्थानों पर पौधों की उत्तरजीविता दर संतोषजनक (लगभग 90%) रही है।
-भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार 2013 से 2023 के बीच छत्तीसगढ़ में वन क्षेत्र में कोई उल्लेखनीय कमी नहीं आई है, बल्कि अति सघन वन क्षेत्र में वृद्धि दर्ज की गई है।
-खनन परियोजनाओं के लिए सभी अनुमति प्रक्रियाएं वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 एवं वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत की जाती हैं, और ग्राम सभाओं से विधिवत सहमति प्राप्त की जाती है।
-राज्य में कोई भी विकास परियोजना 105 दिनों की निर्धारित सीमा से अधिक पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए लंबित नहीं है।
-वृक्षारोपण कार्य स्वीकृत योजनाओं और राजस्व विभाग द्वारा प्रदत्त भूमि पर किए जाते हैं।
ई-ग्रीन वॉच पोर्टल एवं जीआईएस आधारित निगरानी, जियो-टैगिंग, और तृतीय पक्ष सत्यापन जैसे आधुनिक उपायों से इन कार्यों की निगरानी की जा रही है।
बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार द्वारा दिए गए उत्तर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, "छत्तीसगढ़ में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना आज की प्राथमिक आवश्यकता है। वृक्षारोपण केवल आंकड़ों का खेल नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका जमीनी सत्यापन भी जरूरी है। खनन गतिविधियों के चलते जनजातीय क्षेत्रों के वन और जनजीवन प्रभावित न हों, यह सुनिश्चित करना हम सबकी जिम्मेदारी है।"
उन्होंने आगे कहा कि वे आने वाले समय में भी छत्तीसगढ़ के वन, पर्यावरण और जनहित से जुड़े हर मुद्दे को संसद में पूरी ताकत से उठाते रहेंगे।
चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को लेकर सांसद संतोष पांडे ने पूर्व सीएम बघेल पर साधा निशाना, कहा- भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़िया के नाम पर प्रदेश को ठगने का किया काम
रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की ईडी द्वारा गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। इस मामले में सियासी बयानबाज़ी के बीच कांग्रेस की ओर से किये जा रहे प्रदर्शन पर बीजेपी सांसद संतोष पांडे ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल और उनके बेटे ने समाज सेवा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के खजाने को घर में भरने का काम किया है।
सांसद संतोष पांडे ने कहा कि कांग्रेसी आज भूपेश बघेल के बेटे की गिरफ्तारी के समर्थन में हड़ताल कर रहे हैं। क्या भूपेश बघेल और उनका बेटा समाज सेवा कर रहे थे? 2 हजार 500 करोड़ रुपये लगाकर नहीं, छत्तीसगढ़ के खजाने में जो पैसा जाता, उसको मिलबांट कर अपने घर में भरने का काम किया। पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और 22 आबकारी के निलंबित अधिकारियों ने मिलकर यह काम किया है। ईडी के अनुसार अपराध में यह सभी शामिल हैं।
उन्होंने आगे कहा कि भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़िया के नाम पर प्रदेश को ठगने का काम किया है। साथ ही कहा कि सदाचार के संग देवइया, छत्तीसगढ़ कभी भ्रष्टाचार में साथ नहीं दे सके।
कांग्रेस के आर्थिक नाकेबंदी का सरगुजा संभागीय ट्रक एसोसिएशन का समर्थन नहीं, छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने भी समर्थन से किया इंकार
रायपुर। सरगुजा संभागीय ट्रक मालिक संघ एवं कन्फेडरेशन आफ इंडिया ट्रेडर्स द्वारा कांग्रेस के 22 जुलाई को आहूत आर्थिक नाके बंदी को समर्थन देने से इंकार किया है। सरगुजा संभागीय ट्रक मालिक संघ के अध्यक्ष रविंद्र तिवारी ने कहा है की हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि कांग्रेस पार्टी द्वारा 22 जुलाई को छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय घोषित आर्थिक बंद को सरगुजा संभागीय ट्रक मालिक संघ एवं कनफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स का कोई समर्थन नहीं है। व्यापार, एवं परिवहन जैसे आवश्यक सेवाओं का संचालन, आम नागरिकों की जीवन शैली, आर्थिक स्थिरता और दैनिक आवश्यकताओ से सीधा जुड़ा होता है।
किसी भी प्रकार का बंद व्यापरियों, ट्रांसपोर्ट, श्रमिकों और आम जनता के हितों के प्रतिकूल होता है। श्री तिवारी ने कहा की लोकतंत्रिक व्यवस्था में विरोध दर्ज कराने के अनेक शांतिपूर्ण और रचनात्मक माध्यम उपलब्ध है। जबरन बंद या व्यापरिक गतिविधियों को बाधित करना उचित नहीं है। इससे राज्य की आर्थिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा है की हम दोनों संगठन इस बंद का ना तो समर्थन करते हैं और ना ही इसमें भाग लेंगे। उन्होंने सभी व्यापरियों एवं ट्रांसपोर्टरओं को अपने व्यवसाय एवं सेवाओं को पूर्ववत सूचारू रूप से संचालित करने की अपील की है।
इसी तरह छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अंजय शुक्ला ने भी कांग्रेस के आर्थिक नाकेबंदी के समर्थन से इंकार किया है। उन्होंने कहा की छत्तीसगढ़ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन किसी भी आर्थिक नाकेबंदी का समर्थन नहीं करता। तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था में ऐसे किसी भी नाकेबंदी का विपरीत प्रभाव पड़ता है। सारा कार्य व्यापार ठप्प हो जाता है। ऐसे किसी भी नाकेबंदी की सबसे अधिक मार रोज कमाने खाने वाले श्रमिक वर्गों पर पड़ता है। गाड़ियों के ड्राइवर और परिचालक आदि को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए ट्रांसपोर्टर संघ ऐसे किसी भी बंद का समर्थन नहीं करता। छत्तीसगढ़ बल्ककर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और भिलाई ट्रक टैलर एसोसिएशन ने भी बंद के समर्थन से इंकार किया है।
ED के प्रेस नोट पर भड़के भूपेश बघेल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के अंतर्गत की गई। चैतन्य को विशेष न्यायालय (PMLA), रायपुर में पेश किया गया, जहां से उन्हें 22 जुलाई तक ED रिमांड पर भेज दिया गया है।
ईडी द्वारा चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को लेकर चार दिन बाद आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई, जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
“ED अब भाजपा की एजेंसी बन गई है” – भूपेश बघेल
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,
“अब एक प्रेस रिलीज आया है। मेरे घर 10 मार्च को ED आई, छापा मारा लेकिन कोई प्रेस नोट नहीं दिया कि क्या जब्त हुआ। फिर 26 मार्च को CBI ने छापेमारी की, लेकिन उन्होंने भी कुछ नहीं बताया। मैंने खुद मीडिया को बताया था कि क्या मिला। अब मेरे बेटे की गिरफ्तारी के चार दिन बाद प्रेस नोट आया है। क्या अडानी के ऑफिस का कंप्यूटर ख़राब हो गया था या भाजपा का ‘सुपर CM’ छुट्टी पर था?”
भूपेश बघेल ने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए लिखा कि,
“ED भाजपा के लिए और भाजपा ED के लिए काम करती है। इसीलिए आज सर्वोच्च न्यायालय ने ईडी को फटकार लगाई है कि आप राजनीतिक लड़ाई न लड़ें और न ही किसी के उपकरण बनें।”
भाजपा पर तीखा हमला
बघेल ने यह भी आरोप लगाया कि ED की यह कार्रवाई पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है और भाजपा लोकतांत्रिक संस्थानों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि अगर उनके बेटे की गिरफ्तारी में कोई गंभीरता थी, तो तुरंत प्रेस को जानकारी क्यों नहीं दी गई?
ईडी की जांच और चैतन्य की भूमिका
ED के अनुसार, चैतन्य बघेल पर आरोप है कि उन्होंने शराब घोटाले से जुड़े 16.70 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की, जिसे उन्होंने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के ज़रिए वैध दिखाने की कोशिश की। मामले की जांच अभी भी जारी है।
PHE अभियंताओं के लिए BIS का क्षमता निर्माण कार्यक्रम: देशभर के विशेषज्ञों ने दिए तकनीकी नवाचारों पर सुझाव, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा-
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव आज भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अभियंताओं के लिए आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम में शामिल हुए। भारतीय मानक ब्यूरो के रायपुर कार्यालय द्वारा रायपुर के नवीन विश्राम भवन में 21 जुलाई और 22 जुलाई को दो दिवसीय इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। देशभर से आए विषय विशेषज्ञ कार्यक्रम में पीएचई के अभियंताओं को जल प्रदाय योजनाओं में प्रयुक्त सामग्री और कार्यों के नए मानकों की जानकारी दे रहे हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रदेशभर के 120 से अधिक अभियंता इसमें हिस्सा ले रहे हैं जिनमें मुख्य अभियंता से लेकर अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता और सहायक अभियंता शामिल हैं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अभियंताओं से कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में नए मानकों और नवाचारों से अपडेट रहना जरूरी है। एक इंजीनियर के रूप में सम-सामयिक तकनीकी पहलुओं और उनके नवीन मापदंडों की जानकारी आवश्यक है। कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के लिए इनकी अच्छी जानकारी काफी मददगार होती है। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो को क्षमता निर्माण कार्यक्रम के आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे हमारे अभियंताओं की दक्षता और क्षमता बढ़ेगी।

उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का कार्य सीधे जन कल्याण से जुड़ा हुआ है। चाहे वह स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था हो, जल शोधन की प्रक्रिया हो या ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जल आपूर्ति तंत्र को सुदृढ़ बनाना हो। इन कार्यों की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करती है कि हम मानकों का कितना पालन करते हैं और तकनीकी ज्ञान को कितनी सफलता से धरातल पर उतारते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अभियंताओं के लिए यह कार्यक्रम उनके कार्यस्थल पर प्रभावी कार्य संपादन में सहायक होगी।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने कहा कि देश-दुनिया में प्रचलित मानकों और मापदंडों से विभाग के अभियंताओं को अवगत कराने भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने विभागीय अभियंताओं से अपील की कि वे यहां सीखी गई बातों को फील्ड में कार्यों के मापन और मूल्यांकन में जरूर अपनाएं। जल जीवन मिशन के संचालक जितेन्द्र शुक्ला, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता टी.डी. सांडिल्य और भारतीय मानक ब्यूरों के क्षेत्रीय निदेशक एस.के. गुप्ता ने भी प्रतिभागी अभियंताओं को संबोधित किया।
दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम में इनसे संबंधित मानकों की दी जाएगी जानकारी
भारतीय मानक ब्यूरो के विशेषज्ञ दो दिनों तक चलने वाले क्षमता निर्माण कार्यक्रम में पीएचई के अभियंताओं को भवन उपयोगिता में वृद्धि हेतु जल आपूर्ति, जल निकासी एवं स्वच्छता के लिए श्रेष्ठ व्यवहार, सेवाओं एवं संसाधनों का अनुकूलन : पेयजल आपूर्ति सेवाएं और परिसंपत्ति प्रबंधन प्रणाली, सुरक्षित जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पेयजल की गुणवत्ता, नमूनाकरण एवं परीक्षण में मानकों की भूमिका, सतत संचयन : वर्षा जल प्रबंधन में बीआईएस मानकों की भूमिका, आधुनिक स्वच्छता समाधान : रोटेशनल मोल्डेड पॉलीएथिलीन सेप्टिक टैंक और आईएस 18666, ओवरहेड टैंक, सिविल संरचनाएं (धातु, सीमेंट, आरसीसी), पैकेज्ड जल उपचार संयंत्र (पारंपरिक व अपरंपरागत), दक्षता का अनुकूलन : अपशिष्ट जल आपूर्ति नेटवर्क में परिसंपत्ति प्रबंधन, पाइप सामग्री (DI/CI/PVC/HDPE) तथा पंपिंग प्रणालियों में मानकीकरण के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के बारे में जानकारी देंगे।
बीआईएस के ये विशेषज्ञ दे रहे जानकारी
रिसोर्स पर्सन के रूप में भारतीय मानक ब्यूरो के विशेषज्ञ फालेन्द्र कुमार, राजेश कुमार दास, देवेन्द्र सिंह धपोला, आर.पी. देवांगन, डॉ. एन. मुरली मोहन और डॉ. मयूर जे. कपाड़िया लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के इंजीनियरों को जल प्रदाय प्रणाली और रेन वाटर हार्वेस्टिंग से संबंधित नए मानकों और मापदंडों की जानकारी दे रहे हैं।
छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष के आयोजन की तैयारियां प्रारंभ
रायपुर। छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती वर्ष के आयोजन के संबंध में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष के आयोजन के संबंध में व्यापक विचार-विमर्श किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए आयोजित इस बैठक में राज्य शासन के सभी विभागों के प्रभारी सचिव, विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त और कलेक्टर शामिल हुए। रजत जयंती वर्ष में 15 अगस्त 2025 से 6 फरवरी 2026 तक 25 सप्ताहों के दौरान राज्य के सभी विभागों, माननीय मंत्रिगणों के अनेकों कार्यक्रम शामिल होंगे।
रजत जयंती वर्ष का आयोजन दो चरणों में होगा। पहला चरण 15 अगस्त 2025 से 31 अक्टूबर 2025 तक होगा। दूसरा चरण 01 नंवबर 2025 से 6 फरवरी 2026 तक होगा। रजत जयंती वर्ष के आयोजन के अवसर पर राज्य शासन के सभी विभागों द्वारा अपने साप्ताहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसमें उनकी विभागीय योजनाओं एवं राज्य में 25 वर्ष में विभाग द्वारा किए गए कार्यों का समावेश होगा। अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने सभी विभाग के प्रमुख अधिकारियों से शीघ्र ही अपने विभाग की कार्ययोजना संस्कृति सचिव को 5 अगस्त तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। जिला कलेक्टरों को भी जिला स्तर पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए है।
छत्तीसगढ़ का रजत जयंती का उत्सव गरीब, युवा, अन्नदाता व नारी पर आधारित होगा। जिसमें इनकी सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में जनभागीदारी, सरकारी और निजी क्षेत्र से जुड़े लोगों सहित आम जनमानस की सक्रियता और सहभागिता से जनगौरव और देशभक्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में विरासत और विश्वास का संगम होगा। जिसमें छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की गतिविधियों का समावेश होगा। आयोजन में तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता निगरानी की जाएगी।
बैठक में संस्कृति विभाग के सचिव रोहित यादव ने रजत जयंती वर्ष के आयोजन के संबंध में प्रस्तुतिकरण के जरिए विस्तार से जानकारी दी। आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. रवि मित्तल ने रजत जयंती कार्यक्रम के आयोजन के संबंध में विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण गतिविधियों को शामिल करने के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों के दौरान विभागों द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों का समावेश होना चाहिए।
रजत जयंती वर्ष के कार्यक्रम ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, जिला स्तर तथा राज्य स्तर पर आयोजित होंगे। बैठक में विभागीय सचिवों से कहा गया है कि वे शीघ्र ही राज्य एवं जिला स्तर पर अपने विभागीय अधिकारियों की नियुक्ति कर दें। रजत जयंती के कार्यक्रम में प्रदर्शनी, जनसम्पर्क भ्रमण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, साहित्यक संगोष्ठी सहित विद्यालय और महाविद्यालय में प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। आयोजन की सफलता के लिए राज्य शासन के सभी विभागों की जिम्मेदारी तय की गई है।
छत्तीसगढ़ में तैयार हो रहा सड़कों का मजबूत नेटवर्क, राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन के लिए 5353 करोड़ रुपए मंजूर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य में दो इकोनॉमिक कॉरिडोर सहित राज्य के दूरस्थ एवं पिछड़े क्षेत्रों में सड़कों का मजबूत नेटवर्क बनाने का काम शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी लाने के लिए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने का भी निर्णय लिया गया है।
छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए वर्तमान में कुल 18,215 करोड़ रुपये लागत की 37 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास हेतु 11 विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही हैं, इन सड़कों की लंबाई 1131 किलोमीटर होगी, जिनकी कुल लागत 24,693 करोड़ रुपये है। राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन के लिए भारत सरकार द्वारा कुल 5353 करोड़ रुपये की लागत वाली 18 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिसके सम्पूर्ण होने से राज्य के विकास को एक नयी गति मिलेगी। राज्य में वर्ष 2014 से 2025 तक 840 किलोमीटर लंबाई के सिंगल-मध्यवर्ती लेन राष्ट्रीय राजमार्ग को 2 या अधिक लेन में उन्नत किया गया है। राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए 2014 से 2025 तक 21,380 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
राष्ट्रीय राजमार्गों के अलावा, भारत सरकार ने 2014 से 2025 तक केंद्रीय सड़क और सी.आर.आई.एफ. और इकनोमिक इंपोर्टेंस एवं इंटर स्टेट कनेक्टिविटी के तहत राज्य की सड़कों के विकास के लिए कुल 3826 करोड़ रुपये की लागत के 70 कार्यों को मंजूरी दी है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में राजमार्गों के नेटवर्क को और मजबूत किया जा रहा है। रायपुर एवं दुर्ग शहर के नागरिकों को सघन एवं भारी यातयात से राहत पहुंचाने हेतु 2 पैकेजों में 92 किलोमीटर लंबाई वाला 6 लेन का रायपुर-दुर्ग बाईपास का भी निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी लागत 2289 करोड़ रूपए है।
दो आर्थिक गलियारे
विशाखापट्टनम के पोर्ट के माध्यम से छत्तीसगढ़ के उत्पादों को वैश्विक बाजार मिलेगा, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है, इस 6 लेन सड़क की लंबाई के 124 किलोमीटर होगी। इस मार्ग के लिए 4146 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है तथा निर्माण कार्य प्रगति पर है। रायपुर एवं बिलासपुर को झारखण्ड की औद्योगिक नगरी रांची और धनबाद से जोड़ने के लिए 4 लेन सड़क का बिलासपुर-उरगा-पत्थलगाँव का निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी लंबाई 157 किलोमीटर और लागत 4007 करोड़ रुपये है।
एल डब्ल्यू ई और जनमन योजना
भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समस्या को समाप्त करने के लिए 2014 से 2025 तक लेफ्ट विंग एक्सट्रिमिस्म (एल. डब्लू. ई) योजना के अंतर्गत महत्वपूर्ण सड़कों के विकास के लिए 2625 करोड़ रुपये की राशि व्यय की है। इसी प्रकार विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह के विकास हेतु पीएम-जनमन योजना में राज्य को 715 सड़कें, 2449 किमी. एवं 1699 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इन सड़कों से 775 विशेष पिछड़ी जनजातीय बसाहटें लाभान्वित होगी। भारत सरकार द्वारा देश में राज्यों को 4831 किमी. लम्बाई की स्वीकृति में से राज्य को 2449 किमी. लम्बाई की स्वीकृति दी गई है, जो कि कुल स्वीकृति का 51 प्रतिशत है।
राष्ट्रीय राजमार्गों के आस-पास औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कोरबा-बिलासपुर इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर के निर्माण का निर्णय लिया गया है। उरगा-कटघोरा बाईपास बसना से सारंगढ़ (माणिकपुर) फीडर रूट, सारंगढ़ से रायगढ़ फीडर रूट और रायपुर-लखनादोन आर्थिक गलियारा परियोजनाओं की कुल लंबाई 236.1 किलोमीटर है, जिसके लिए भारत सरकार ने कुल 9208 करोड़ स्वीकृत किया है। केन्द्रीय सड़क निधि से सड़कों के निर्माण के लिए 908 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है।
गणेश पूजा में बिना अनुमति नहीं लगेंगे पंडाल और स्वागत द्वार
रायपुर/बिलासपुर। सड़कों पर त्यौहारी सीजन में बिना अनुमति के पंडाल और स्वागत द्वार इत्यादि लगाने को लेकर दायर की गई याचिका की सुनवाई आज मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की युगल पीठ में हुई। शासन की तरफ से कोर्ट से अतिरिक्त समय यह कहकर मांगा गया कि नई गाइडलाइंस कई विभागों के सहयोग से बनाई जा रही है, जिसमें कुछ समय लगेगा। कोर्ट ने आदेशित किया कि जब तक नई गाइडलाइंस नहीं आ जाती तब तक वर्तमान में अनुमति लेने की गाइडलाइन्स लागू रहेगी।
क्या है वर्तमान में लागू गाइडलाइन्स
छत्तीसगढ़ शासन गृह (पुलिस) विभाग द्वारा 22 अप्रैल 2022 को जारी किए गए आदेश के अनुसार विभिन्न संस्थाओं संगठनों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि आयोजन के पूर्व जिला प्रशासन की पूर्व अनुमति अनिवार्य रूप से प्राप्त करें, जिससे आम नागरिकों के आवागमन, बाजार व्यवस्था एवं सुरक्षा के उपाय करने तथा सुचारू रूप से प्रशासनिक व्यवस्था बनाई जा सके। आदेश में विविध/ निजी/ सार्वजनिक/ धार्मिक/ राजनीतिक/ अन्य संगठन अथवा संस्थाओं के द्वारा विभिन्न आयोजन, यथा धरना, जुलूस, रैली, प्रदर्शन, भूख हड़ताल, सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक आदि आयोजन जिसमें भीड़ आती हो उसके लिए कलेक्टर की अनुमति अनिवार्य है जिसके तहत निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर घोषणा पत्र देना होगा।
क्या हो रहा था अभी तक
याचिकाकर्ता रायपुर निवासी नितिन सिंघवी ने चर्चा में बताया की रायपुर शहर में वर्ष 2022, 2023, 2024 में गणेश और दुर्गा त्यौहार में लगे पंडालों के लिए ना तो कलेक्टर कार्यालय से अनुमति ली गई ना ही नगर पालिक निगम से। दोनों ही कार्यालयों ने उन्हें लिखित में बताया है कि इन तीनों वर्षों में गणेश पंडाल और दुर्गा पंडाल के लिए उनके द्वारा कोई भी अनुमति नहीं दी गई। त्योहारी सीजन के दौरान पूरे शहर में अव्यवस्था फैली रहती है। रायपुर की सकरी सडकों में, जहां पार्किंग की भी जगह नहीं मिलती, सड़क जाम कर, बिना अनुमति के विभिन्न आयोजन करे जाते हैं, जिससे आम नागरिकों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। इसको लेकर उन्होंने न्यायालय के समक्ष याचिका दायर की है।

छत्तीसगढ़ में फिशरीज के नये युग की शुरूआत, हसदेव डुबान में बनेगा पहला एक्वा पार्क
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल्द ही मछली पालन के क्षेत्र में एक नये युग की शुरूआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के कोरबा जिले में हसदेव बांगो डुबान जलाशय में पहला एक्वा पार्क स्थापित होने जा रहा है। इसके लिए प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत केन्द्र सरकार से 37 करोड़ 10 लाख रूपए से अधिक की राशि स्वीकृत हो चुकी हैं। यह एक्वा पार्क एतमा नगर और सतरेंगा क्षेत्र में फैलें सैकड़ों एकड़ डुबान जलाशय में विकसित होगा। इस एक्वा पार्क विकसित हो जाने से राज्य में मछली पालन के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन होगा। मछली उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, विक्रय, निर्यात और एक्वा टूरिजम से क्षेत्र के ग्रामीणों की आय बढ़ेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पार्क की स्थापना के लिए राशि स्वीकृत करने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित केन्द्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।










