प्रदेश
भूपेश बघेल के घर की सुरक्षा बढ़ाई गई, तीन अलग अलग गाड़ियों में पहुंची टीम
भिलाई/रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई-3 स्थित निवास पर शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक दर्जन सदस्यीय टीम ने दबिश दी। तीन अलग-अलग गाड़ियों में आई ED टीम भारी दस्तावेज़ी तैयारी के साथ पहुंची और निवास में पूछताछ एवं तलाशी की कार्रवाई शुरू की।
यह छापेमारी महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले से जुड़े होटल कारोबारी विजय अग्रवाल के यहां दो दिन पहले हुई रेड से जुड़ी मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, ईडी को कुछ ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनके तार पूर्व मुख्यमंत्री से जुड़े हो सकते हैं।
क्या है ताजा अपडेट?
-
ईडी की कार्रवाई सुबह-सुबह अचानक शुरू हुई।
-
भूपेश बघेल के निवास पर तीन गाड़ियों में आई टीम ने दस्तावेजों की जांच शुरू की।
-
सुरक्षा के मद्देनज़र कॉलोनी के मुख्य गेट पर बैरिकेडिंग की गई है।
-
भारी संख्या में CAF के जवान और पुलिस अधिकारी मौके पर तैनात हैं।
-
पिछली बार छापेमारी के दौरान ईडी की गाड़ी पर पथराव हुआ था, जिसके मद्देनज़र इस बार सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त है।
आज चैतन्य बघेल का जन्मदिन
संयोग से आज भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल का जन्मदिन भी है। इस मौके पर बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन और पुलिस को आशंका है कि भारी भीड़ जमा हो सकती है, इसलिए फोर्स की संख्या बढ़ा दी गई है।
कांग्रेस का तीखा हमला
ईडी की इस कार्रवाई को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने X (पूर्व ट्विटर) पर सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस ने लिखा:
“आज अडानी के पेड़ कटाई का मुद्दा विधानसभा में जोर शोर से उठाने जा रहे थे, उससे पहले साहब ने अपना खेल खेल दिया। गजब की सेवादारी है।”
पिछली कार्रवाइयों की कड़ी
भूपेश बघेल के ठिकानों पर इससे पहले भी महादेव सट्टा ऐप, शराब घोटाला और अन्य वित्तीय मामलों को लेकर ईडी की छापेमारी हो चुकी है। अब यह दबिश, विजय अग्रवाल के घर हुई रेड से जुड़ते हुए एक नई जांच की दिशा में इशारा कर रही है।
सुरक्षा व्यवस्था और जनता की नजरें
ईडी की टीम के निवास पहुंचते ही पूरा क्षेत्र छावनी में तब्दील हो गया। कॉलोनी में बाहरी लोगों की आवाजाही बंद कर दी गई है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
ED छापे के बीच विधानसभा भवन पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, सदन के भीतर लगे जिंदाबाद के नारे…
रायपुर। ईडी के छापे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने समर्थकों के साथ मानसून सत्र में शामिल होने विधानसभा भवन पहुंचे. इस दौरान उनके समर्थन में कांग्रेस विधायकों ने जिंदाबाद के नारे लगाए. बड़ी संख्या में समर्थक उनके साथ विधानसभा पहुंचे.
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने आज सुबह 6 बजे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित निवास में छापा मारा. शराब घोटाला मामले में 8 अधिकारियों की टीम दबिश देने 2 गाड़ियों में पहुंची. खबर फैलते ही उनके समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई. जिला पुलिस ने निवास के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी.
बेटे के जन्मदिन पर ईडी रेड का तोहफा : भूपेश बघेल
भूपेश बघेल का ईडी की कार्रवाई पर दूसरा पोस्ट सामने आया है. उन्होंने कहा कि जन्मदिन का जैसा तोहफ़ा पीएम मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री शाह देते हैं वैसा दुनिया के किसी लोकतंत्र में और कोई नहीं दे सकता. मेरे जन्मदिन पर दोनों परम आदरणीय नेताओं ने मेरे सलाहकार और दो ओएसडी के घरों पर ईडी भेजी थी. और अब मेरे बेटे चैतन्य के जन्मदिन पर मेरे घर पर ईडी की टीम छापामारी कर रही है. इन तोहफ़ों का धन्यवाद. ताउम्र याद रहेगा.
कांग्रेस नेताओं ने ईडी की दबिश का किया विरोध
दीपक बैज ने बताया ईडी की कार्रवाई को षड्यंत्र
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा कि आज फिर डबल इंजन ने विपक्ष का गला घोंटने का काम किया है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ लगातार षड्यंत्र जारी है. आज उनके निवास पर पुनः ईडी भेज दी गई है. आज तक किसी भी विषय में ईडी सीबीआई ईओडब्लू को कुछ नहीं मिला.. लेकिन हथकंडे जारी हैं. इस बदलापुर की राजनीति का पुरजोर विरोध करता हूं. कांग्रेस पार्टी हमारे वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल जी के साथ खड़ी है.
ED रेड को लेकर कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला का भी बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि तमनार में पेड़ों की कटाई का कांग्रेस लगातार विरोध कर रहे है. आज विधानसभा में इस मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरने जा रही थी. इससे पहले ही मोदी जी ने भूपेश बघेल जी के घर छापा पड़वा दिया. बेशर्मी का इससे बड़ा उदाहरण नहीं हो सकता.
छत्तीसगढ़ में DGGI की रेड कार्रवाई खत्म, आशिकी पान मसाला के फ्रेंजाइजी और डिस्ट्रीब्यूटर्स के ठिकानों से तीन करोड़ से ज्यादा का माल समेत कई अहम दस्तावेज जब्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस (DGGI) की रेड कार्रवाई खत्म हो गई है. डीजीजीआई की टीम ने बुधवार को रायपुर, राजनांदगांव, कांकेर और कोंडागांव जिले में छापा मारा था, जहां आशिकी पान मसाला के करीब 3 करोड़ 75 लाख का माल जब्त किया है. DGGI ने छापेमार कार्रवाई में कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं, जिसकी जांच की जा रही है.
बता दें कि करोड़ों की टैक्स चोरी और फर्जी बिलिंग से जुड़ी शिकायतों पर DGGI के 16 अफसरों की टीम ने आशिकी पान मसाला की निर्माण फैक्ट्री समेत डिस्ट्रीब्यूटर्स के ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई को अंजाम दिया था. राजनांदगांव स्थित आशिकी पान मसाला के फ्रेंजाइजी नरेश मोटलानी, छत्तीसगढ़ डिस्ट्रीब्यूटर विश्वनाथ काबरा के ठिकानों पर टीम ने दबिश दी थी. इस कार्रवाई में बोगस बिल, कई अहम दस्तावेज समेत करीब 3 करोड़ 75 लाख का माल जब्त किया गया है.
आशिकी पान मसाला के फ्रेंचाइजी नरेश मोटलानी के राजनंदगांव जिले स्थित निर्माण फैक्ट्री और प्रदेश के डिस्ट्रीब्यूटर विश्वनाथ काबरा के ठिकानों पर 24 घंटे से ज्यादा समय तक DGGI की टीम ने जांच-पड़ताल की. जानकारी के मुताबिक, डीजीजीआई की टीम ने विश्वनाथ काबरा के रायपुर स्थित शहीद स्मारक कॉम्प्लेक्स के दफ्तर और मोवा स्थित कूल होम्स के घर में दबिश दी थी. DGGI की टीम इस कार्रवाई में करीब तीन करोड़ का माल समेत अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लौट गई है.
बता दें कि डीजीजीआई रायपुर जोनल की टीम ऐसी शिकायतों पर पहले भी रेड कार्रवाई को अंजाम दे चुकी है. डीजीजीआई पान मसाला की फैक्ट्री एवं अन्य ठिकानों पर दबिश देती आई है. डीजीजीआई का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर ED की दबिश
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल के घर शुक्रवार सुबह ईडी ने दबिश दी है. प्रवर्तन निदेशालय के 8 अधिकारियों की टीम ने शराब घोटाला मामले में छापा मारा है. कार्रवाई की जानकारी मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ उनके निवास पर पहुंचने लगी है. मौके पर जिला पुलिस ने निवास के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है. इस कार्रवाई को लेकर उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट भी किया है.
जानकारी के मुताबिक, बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में ईडी ने एक बार फिर पूर्व सीएम भूपेश बघेल के घर में रेड मारी है. सुबह 6 बजे दो गाड़ियों में ईडी के 8 अधिकारी पहुंचे. मामले में जांच जारी है.
जुटने लगी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़
ईडी की दबिश के बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पदुम नगर स्थित निवास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ जुटने लगी है. चरोदा निगम के सभापति कृष्णा चंद्राकर, पूर्व ओएसडी मनीष बंछोर और आशीष वर्मा के साथ समर्थक उनके निवास के पहुंचे हैं.
बताया जा रहा है कि आज पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल का जन्मदिन है. ऐसे में पूर्व सीएम कें निवास में सुबह से तैयारिया की जा रही थी. इस बीच ईडी ने दबिश दे दी है.
भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने ईडी की दबिश को लेकर सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर किया और सरकार को जमकर घेरा है.
छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 का विमोचन, कहा- यह केवल दस्तावेज नहीं, संकल्प है, दिशा है, विकसित छत्तीसगढ़ की नींव है
रायपुर। छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में आज का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने “छत्तीसगढ़ अंजोर विज़न@2047” दस्तावेज को प्रदेश की जनता को समर्पित किया। नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यगण, नीति आयोग भारत सरकार, विषय विशेषज्ञ, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दस्तावेज केवल शब्दों का संकलन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का एक ठोस संकल्प और स्पष्ट दिशा है। उन्होंने कहा कि यह विज़न प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत@2047 के संकल्प से प्रेरित है और छत्तीसगढ़ को भारत के अग्रणी एवं विकसित राज्य में शामिल करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां सोच बड़ी हो, दिशा स्पष्ट हो और जन-जन की भागीदारी हो, वहाँ विकास तय होता है। आज हम अपने राज्य का विज़न डाक्यूमेंट - छत्तीसगढ़ अंजोर विज़न@2047 प्रदेशवासियों को समर्पित कर रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ उन चुनिंदा राज्यों में है जिन्होंने यह विज़न तैयार किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं पिछले माह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की बैठक में इस विज़न की जानकारी दी, जिसे विशेष रूप से सराहा गया।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने हमारे राज्य की नींव रखी थी, और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह आगे बढ़ा है। ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर, जब हम राज्य की स्थापना के रजत जयंती और अटल निर्माण वर्ष मना रहे हैं, यह विज़न जनता को समर्पित किया जाना अत्यंत सार्थक है। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज जनभागीदारी का प्रतीक है, जिसमें प्रदेश के तीन करोड़ लोगों के सपने और संकल्प समाहित हैं। इसे तैयार करने में न केवल विशेषज्ञों और विभागों का सहयोग रहा, बल्कि वर्किंग ग्रुप्स, संभाग स्तरीय जनसंवाद और मोर सपना मोर विकसित छत्तीसगढ़ पोर्टल के माध्यम से जनता के सुझाव भी शामिल किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में जब भारत वैश्विक आशाओं का केंद्र बन चुका है, तब छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत की दिशा में अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है। हम आतंकवाद और नक्सलवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के साथ विकास के नए कीर्तिमान रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऊँचा लक्ष्य रखना और मेहनत करना हमने मोदी से सीखा है। पहले कहते थे मोदी हैं तो मुमकिन है, अब कहते हैं मोदी हैं तो निश्चित है - 2047 तक का लक्ष्य अब हमारी साझा दिशा है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि विकसित भारत की भव्य इमारत को ऊर्जावान बनाने में छत्तीसगढ़ पावर हाउस की भूमिका निभाएगा। हमारा स्टील, इस लक्ष्य को फौलादी बनाएगा। उन्होंने बताया कि स्टील उत्पादन को वर्ष 2030 तक 28 मिलियन टन से बढ़ाकर 45 मिलियन टन किया जाएगा, और यह गर्व का विषय है कि जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बने देश के सबसे ऊंचे ब्रिज में छत्तीसगढ़ के स्टील का उपयोग हुआ है। इसी तरह, कोयला उत्पादन को 207 मिलियन टन से बढ़ाकर 437 मिलियन टन, विद्युत उत्पादन को वर्तमान 30 हजार मेगावाट से देश में शीर्ष स्थान तक पहुँचाया जाएगा। आयरन ओर उत्पादन को 46 से बढ़ाकर 100 मिलियन टन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है, जहां लिथियम खनिज ब्लॉक की सफल नीलामी हुई है।
मुख्यमंत्री ने मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को संसाधनों के प्रबंधन का सबसे अहम आधार बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्ष 1853 से 2014 तक केवल 1100 रूट किलोमीटर रेलमार्ग बने थे, जिन्हें वर्ष 2030 तक दोगुना किया जाएगा। बोधघाट परियोजना जैसी योजनाओं से सिंचाई और बिजली उत्पादन को नया विस्तार मिलेगा। उन्होंने बताया कि यह विज़न स्पष्ट कार्ययोजना के साथ तैयार किया गया है, जिसमें 2030 तक अल्पकालिक, 2035 तक मध्यकालिक और वर्ष 2047 तक दीर्घकालिक लक्ष्य रखे गए हैं।
राज्य के 13 प्रमुख क्षेत्रों में 10 मिशनों के माध्यम से संतुलित विकास किया जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अंजोर विज़न @2047 के माध्यम से राज्य के 13 प्रमुख क्षेत्रों में 10 मिशनों के माध्यम से आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को संतुलित रूप से आगे बढ़ाया जाएगा, इनमें कृषि, मैन्युफैक्चरिंग, पर्यटन, संस्कृति, लॉजिस्टिक्स और आईटी से लेकर जैविक खेती और शिक्षा तक का समावेश है। रायपुर की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए लॉजिस्टिक्स नीति तैयार की गई है जो ई-कॉमर्स को गति देगी।
राज्य की जीडीपी 5 लाख करोड़ रूपए से बढ़ाकर 75 लाख करोड़ करने का लक्ष्य
उन्होंने बताया कि इस विजन के माध्यम से राज्य की जीडीपी को 5 लाख करोड़ रूपए से वर्ष 2030 तक 11 लाख करोड़ और वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपए तक करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कृषि उन्नति मिशन, जैविक खेती, निर्यात आधारित संभावनाएं और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं प्रभावी होंगी। वर्ष 2047 तक किसानों की आय में 10 गुना से अधिक वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन प्रत्याशा के क्षेत्र में भी ठोस योजनाएँ बनाई गई हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत 87 प्रतिशत लोग पहले ही कवर हो चुके हैं, लक्ष्य 100 प्रतिशत का है। नवा रायपुर में मेडीसिटी, बस्तर-सरगुजा में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल तथा राज्य में कई मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। युक्तियुक्तकरण के बाद अब कोई भी विद्यालय शिक्षकविहीन नहीं है। 5 हजार नई शिक्षक भर्ती, 1 हजार पीएमश्री स्कूल, 36 आदर्श कॉलेज और ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी की स्थापना पर काम हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बेरोजगारी दर 2.7 प्रतिशत है, जिसे 2047 तक 1 प्रतिशत से कम लाने का लक्ष्य है। पैन-आईआईटी संस्थानों के सहयोग से स्किल डेवलपमेंट को नई दिशा दी जा रही है। आईटी सेक्टर में सेमीकंडक्टर प्लांट और एआई डाटा सेंटर पार्क विकसित किए जा रहे हैं। पिछले डेढ़ वर्षों में 350 से अधिक नीतिगत और प्रशासनिक सुधार किए गए हैं और 6.75 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 से उद्योगों को एक क्लिक पर मंजूरी
उन्होंने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से उद्योगों को एक क्लिक पर मंजूरी दी जा रही है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर बस्तर और सरगुजा में होम-स्टे व ईको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में 2 करोड़ पर्यटक राज्य में आते हैं, जिन्हें वर्ष 2047 तक 10 करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।
44 प्रतिशत वन क्षेत्र देश के ऑक्सीजन हब बनेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से आधार, राशन कार्ड, बैंकिंग जैसी सेवाएं गाँवों तक पहुँचाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण-अनुकूल विकास ही टिकाऊ है और प्रधानमंत्री के वर्ष 2070 तक ‘नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन’ लक्ष्य को प्राप्त करने में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा। राज्य के 44 प्रतिशत वन क्षेत्र देश के लिए ऑक्सीजन हब बनेंगे। बस्तर के कलागुड़ा में प्लास्टिक कचरे से बनाई गई सड़क जैसे नवाचार सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने खनन को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा कि राज्य में पिछले 45 वर्षों में केवल 28,700 हेक्टेयर वनभूमि एफसीए के तहत परिवर्तित हुई है, और इसमें भी वास्तविक कटाई केवल 0.11 प्रतिशत क्षेत्र में हुई है। वहीं, पिछले वर्षों में 68,300 हेक्टेयर वन क्षेत्र की वृद्धि दर्ज की गई है। खनन से राज्य की जीडीपी का 9.38 प्रतिशत हिस्सा आता है और 2 लाख प्रत्यक्ष व 20 लाख परोक्ष रोजगार सृजित होते हैं।
मुख्यमंत्री ने सीएसआर और डीएमएफ के जरिए हुए विकास कार्यों को ‘नया उजाला’ बताया और कहा कि केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को सम्मानित किया गया है। उन्होंने बताया कि नागरिक सहभागिता पोर्टल भी तैयार किया जा रहा है ताकि योजनाओं में जनता की भागीदारी बढ़े।
जब रास्ता स्पष्ट हो, संकल्प दृढ़ हो और मेहनत हो तब कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता
मुख्यमंत्री ने राज्य नीति आयोग और अधिकारियों को इस ऐतिहासिक विज़न डाक्यूमेंट को तैयार करने के लिए बधाई देते हुए कहा कि जब रास्ता स्पष्ट हो, संकल्प दृढ़ हो और मेहनत हो तब कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे इस विज़न को साझा सपना मानकर सहभागी बनें और वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करें।
अल्पकालिक से दीर्घकालिक लक्ष्य तक, आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार: वित्त एवं योजना मंत्री ओ.पी. चौधरी
विज़न दस्तावेज़ की संरचना और उसकी रणनीतिक विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए छत्तीसगढ़ राज्य के वित्त एवं योजना मंत्री ओ.पी. चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ अंजोर विज़न @2047 राज्य के नागरिकों की सुख-सुविधा, समावेशी आर्थिक विकास, सुशासन और निवेश प्रोत्साहन जैसे क्षेत्रों में एक बहुआयामी रणनीति प्रस्तुत करता है। उन्होंने बताया कि इस दस्तावेज़ में अल्पकालिक (2030 तक), मध्यकालिक (2035 तक) और दीर्घकालिक (2047 तक) लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है, जो राज्य के सर्वांगीण विकास की दिशा को सुनिश्चित करते हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह दृष्टिपत्र 13 प्रमुख सामाजिक-आर्थिक थीम्स पर केंद्रित है, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, अधोसंरचना, लॉजिस्टिक्स, कृषि, वनोपज, निवेश, कौशल विकास, सूचना प्रौद्योगिकी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पर्यटन, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन सभी विषयों के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन, मूल्यांकन और अनुश्रवण के लिए रणनीति, मापनीय इण्डिकेटर्स और 200 से अधिक नीतिगत, संस्थागत और अधोसंरचना संबंधी पहलें प्रस्तावित की गई हैं।
उन्होंने बताया कि अंजोर विज़न के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था के आकार को आगामी पाँच वर्षों में दोगुना करने और वर्ष 2047 तक जीडीपी में 15 गुना तथा प्रति व्यक्ति आय में 10 गुना वृद्धि करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को उद्योग, सेवा, स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना में निवेश के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें 5,000 से अधिक स्मार्ट विलेज और 10 से अधिक स्मार्ट सिटीज़ के निर्माण का खाका तय किया गया है, साथ ही छत्तीसगढ़ को देश का एक अग्रणी आईटी हब बनाया जाएगा।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सेवा क्षेत्र में नवाचार और अवसरों को प्रोत्साहन देना, पर्यटन और आईटी सेक्टर में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदान करना, तथा राज्य की अनुकूल भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाते हुए लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मजबूती देना, विज़न की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इन प्रयासों से राज्य में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और आर्थिक संरचना में व्यापक परिवर्तन आएगा।
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि इस विज़न डाक्यूमेंट का निर्माण राज्य नीति आयोग द्वारा विभागों के सहयोग और व्यापक जनभागीदारी से किया गया है। युवाओं, महिलाओं, कृषकों और विभिन्न हितधारकों से संवाद के माध्यम से इस दस्तावेज़ में उनकी आकांक्षाओं को समाहित किया गया है। देश की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ राज्य की सांस्कृतिक विरासत को भी यथोचित सम्मान देते हुए यह दस्तावेज़ तैयार किया गया है।
वित्त मंत्री ने अंत में यह विश्वास व्यक्त किया कि यह विज़न दस्तावेज़ केवल दिशादर्शक ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य में रूपांतरित करने की एक ठोस रणनीतिक रूपरेखा भी है, जिसमें हर नागरिक की भूमिका अहम होगी और जिसका मूल्यांकन निरंतर प्रगति सूचकों के माध्यम से किया जा सकेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की। नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्री रामविचार नेताम, दयालदास बघेल, केदार कश्यप, श्याम बिहारी जायसवाल, लक्ष्मी राजवाड़े, सासंद बृजमोहन अग्रवाल, नीति आयोग के सीईओ बी.वी आर. सुब्रह्मण्यम, मुख्य सचिव एवं राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष अमिताभ जैन विशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इसके अलावा कार्यक्रम में राज्य के पद्म पुरस्कार से सम्मानित अतिथिगण, विधायक गण, जनप्रतिनिधि गण, निगम, मंडल, आयोग के अध्यक्षगण, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, राहुल भगत, राज्य नीति आयोग के सदस्य के सुब्रह्मण्यम, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी से उद्योग मंत्री ने की मुलाकात, नागपुर-झारसुगुड़ा नेचुरल गैस पाइपलाइन के काम को तेजी से पूर्ण कराने का किया आग्रह
रायपुर। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पूरी की अध्यक्षता में हुई आज भारत मंडपम, नई दिल्ली में राज्यों के उद्योग मंत्रियों के साथ ऊर्जा वार्ता बैठक में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने किया। बैठक में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम सेक्टर में भविष्य की संभावनाओं, निर्माणाधीन प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा की। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी।
बैठक में उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने के कार्य को शीघ्र पूरा कराने का आग्रह किया। नागपुर से झारसुगुड़ा नेचुरल गैस पाइप लाइन की लंबाई 692 किलोमीटर है, जिसमें 690 किलोमीटर पाईप लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है। शेष दो किलोमीटर पाइप लाईन का कार्य पूर्ण होने से छत्तीसगढ़ के कई बड़े शहरों जैसे- रायपुर, भिलाई-दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर और राजनांदगांव में सिटी गैस नेटवर्क की स्थापना से उपभोक्ताओं को आसानी होगी। घर-घर तक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। इसी तरह विशाखापट्टनम से रायपुर पाइपलाइन प्रोजेक्ट, जो हाल ही में शुरू हुआ है। इस प्रोजेक्ट के तहत 540 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने के बाद गैस की आपूर्ति और भी सुगम तरीके से हो सकेगी। बैठक में सीएसआईडीसी के एमडी विश्वेश कुमार, ईडी आलोक त्रिवेदी भी उपस्थित रहे।
मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि छत्तीसगढ़ में उच्च प्राथमिकता वाले प्रकरणों में बस्तर में सीबीजी प्लांट और एलएनजी प्लांट की स्थापना के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। वर्ष 2022-23 में सीबीजी प्लांट की स्थापना के लिए 15-20 एकड़ जमीन की मांग क्रेडा द्वारा की गई थी, भूमि आबंटन प्रक्रियाधीन है। इसी तरह जगदलपुर से नगरनार रोड में एलएनजी स्टेशन की स्थापना के लिए बस्तर कलेक्टर द्वारा वर्ष 2022-23 में ढाई एकड़ जमीन आबंटित की जा चुकी है। यहां एलएनजी संयंत्र जल्द स्थापित होगा।
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में घायल हिरण की मौत, वन्यजीव सुरक्षा पर उठे सवाल
जगदलपुर। बस्तर के कांगेर वैली (कांगेरघाटी) राष्ट्रीय उद्यान में वन्यजीवों की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में है. पेदावाड़ा चौक के पास आज दोपहर एक तीर से घायल हिरण दौड़ता हुआ नेशनल हाइवे 30 तक आ पहुंचा और वहीं गिर पड़ा. राहगीरों ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी. मौके पर पहुंचे कर्मचारियों ने घायल हिरण को सड़क किनारे किया, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही उसने तड़पते हुए दम तोड़ दिया. इस घटना ने न केवल संवेदनशील वन क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि शिकारियों के हौसले अब जंगलों तक ही सीमित नहीं रह गए हैं.
इस मामले को लेकर कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के एसडीओ कमल तिवारी ने बताया कि हिरण के शरीर में तीर घुसा हुआ था, इससे यह स्पष्ट है कि शिकार की कोशिश की गई है. पोस्टमार्टम के बाद विधिवत अंतिम संस्कार किया जाएगा. वहीं आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है.
इस घटना से एक बार फिर यह साफ हुआ है कि जंगलों में वन्यजीव अब पूरी तरह महफूज नहीं हैं. कड़ी निगरानी और गश्त के दावों के बावजूद शिकारी खुलेआम अपने मंसूबों को अंजाम दे रहे हैं. खासकर ऐसे इलाके जहां हाइवे जंगल से सटे हैं, वहां यह खतरा और बढ़ गया है.
28 साल पुराने विस्फोटक अधिनियम मामले में पुनर्विचार याचिका को उच्च न्यायालय ने किया खारिज, कहा- आरोप तय करने के लिए दस्तावेज पर्याप्त…
बिलासपुर। 1997 से लंबित विस्फोटक अधिनियम के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आरोपी हुन्नैद हुसैन की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है. सत्र न्यायालय द्वारा लगाए गए आरोपों के खिलाफ दायर इस याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की सिंगल बेंच ने साफ कहा कि आरोप तय करना अंतिम फैसला नहीं होता, बल्कि केवल आगे की सुनवाई के लिए एक कानूनी प्रक्रिया है.
28 साल से लंबित था मामला
यह मामला वर्ष 1997 का है. रायपुर निवासी हुन्नैद हुसैन, जो फर्म मेसर्स तैय्यब भाई बदरुद्दीन के भागीदार हैं, पर आरोप है कि उन्होंने बिना लाइसेंस वाले दो व्यक्तियों- दीपक कुमार और रामखिलावन को विस्फोटक सामग्री बेची थी. गुप्त सूचना पर छापेमारी में इन व्यक्तियों के पास से विस्फोटक बरामद हुए और पूछताछ में उन्होंने हुसैन की फर्म का नाम लिया.
आरोपी का पक्ष और अदालत की टिप्पणी
हुन्नैद हुसैन ने तर्क दिया कि जिन दस्तावेजों और गवाहियों के आधार पर उन पर आरोप तय किए गए, वे अधूरे थे और कुछ अहम गवाहों के बयान शामिल नहीं किए गए थे. इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि आरोप तय करने के चरण में अदालत अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों की गहराई से जांच नहीं करती. केवल यह देखना होता है कि अभियुक्त के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है या नहीं.
सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला
कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि केवल संदेह या प्रारंभिक बहस के आधार पर आरोप तय करने के आदेश में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता.
28 साल से स्थगित पड़े इस मामले में अब आगे की सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है. हाईकोर्ट ने साफ किया कि सत्र न्यायालय द्वारा आरोप तय करना पूरी तरह उचित था, और इसी के साथ आरोपी की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी.
डीएपी और यूरिया की भारी किल्लत के विरोध में आज युवा कांग्रेस और किसानों ने किया प्रदर्शन
छुरिया/राजनांदगांव। खुज्जी विधानसभा क्षेत्र और छुरिया ब्लॉक की सहकारी समितियों में डीएपी और यूरिया की भारी किल्लत के विरोध में आज युवा कांग्रेस और किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बापूटोला मोड़ के पास उन्होंने प्रशासनिक बेरीकेट तोड़ते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने की कोशिश की और आखिरकार मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ब्लॉक के अधिकांश सेवा सहकारी समितियों में लंबे समय से खाद नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। बुवाई और रोपाई का कार्य अंतिम चरण में है और खाद की जरूरत चरम पर है। इससे पहले भी युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजीव गुप्ता के नेतृत्व में किसानों ने कृषि विभाग को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नतीजतन आज सैकड़ों किसान और युवा कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए।
प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने दो जगह बेरीकेट्स लगाए थे। मौके पर डोंगरगढ़ के एसडीओ आशीष कुंजाम, थाना प्रभारी छुरिया संतोष भूआर्य, चिचोला टीआई कृष्णा पाटले, मोहारा टीआई ढालसिंह समेत भारी पुलिस बल तैनात था। प्रदर्शनकारियों ने पहला बेरीकेट तोड़कर दूसरा बेरीकेट पार करने की कोशिश की, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच आधे घंटे तक झड़प होती रही।
अंततः चिचोला-छुरिया मार्ग पर स्थित बापूटोला में प्रदर्शनकारी धरने पर बैठ गए, जिससे लगभग दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा। मौके पर पहुंचे तहसीलदार विजय कोठारी, अनुविभागीय कृषि अधिकारी एस.एल. देशलहरे और वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी जी.पी. सहाड़े ने चार दिनों में 400 मैट्रिक टन डीएपी और यूरिया खाद किसानों को उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया।
इस प्रदर्शन में राजीव गुप्ता, शेखर मंडलोई, मदन नेताम, अनिल बाघमारे, छबि यादव, दीनू साहू, राजेन्द्र कतलाम, सुरेश शोरी, रोहित साहू, हौसी साहू, हेमंत सिन्हा, जितेन्द्र मंडावी, तिलक मंडावी, दीपक निषाद, विनोद मंडावी, धीरेंद्र तिवारी, गोदावरी, बुधारू मंडावी समेत सैकड़ों किसान और युवा कांग्रेस कार्यकर्ता प्रमुख रूप हुए शामिल।
हाउसिंग बोर्ड अब ऋणमुक्त: 60% प्री–बुकिंग पर ही होगी निर्माण प्रक्रिया शुरू, मंत्री ओपी चौधरी की घोषणा
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी ने राज्य शासन द्वारा संचालित वन टाइम सेटलमेंट योजना (OTS-2) की अभूतपूर्व सफलता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि OTS-2 योजना की शुरुआत 1 मार्च 2025 से की गई थी। इस योजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा पूर्व में निर्मित रिक्त संपत्तियों को विशेष छूट के साथ आम नागरिकों को सुलभ कराना है। योजना में रिक्तता की अवधि के आधार पर संपत्तियों पर चरणबद्ध छूट दी गई है।
उन्होंने विस्तार से बताया कि 5 से 10 वर्ष पुरानी ऐसी संपत्तियाँ जिनमें कम से कम 20% भाग रिक्त है, उन पर 20% की छूट दी जा रही है, जबकि 20% से अधिक रिक्तता होने की स्थिति में 30% तक की छूट निर्धारित की गई है। वहीं 10 वर्ष से अधिक पुरानी रिक्त संपत्तियों पर भी 30% छूट का प्रावधान है।
वित्त मंत्री ने बताया कि वे संपत्तियाँ जो अब पहली बार योजना में सम्मिलित की गई हैं और जिनके निर्माण को 5 वर्ष पूरे हो चुके हैं, उन्हें 10% छूट के साथ ऑफर में शामिल किया गया है। ये सभी छूट संपत्तियों के बेस प्राइस पर लागू होती हैं। इसके पश्चात ऑफर आमंत्रित किए जाते हैं, जिनमें नागरिक प्रतिस्पर्धा के माध्यम से भाग लेते हैं, और सबसे उच्चतम मूल्य वाले को संपत्ति आवंटित की जाती है।
उन्होंने कहा कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और लोगों में बढ़ते विश्वास के परिणामस्वरूप 15 जून 2025 तक कुल 920 संपत्तियों का सफलतापूर्वक विक्रय किया गया है, जिससे मंडल को 139.47 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई है। यह उपलब्धि योजना की लोकप्रियता को दर्शाती है और गृह निर्माण मंडल के लिए मील का पत्थर है।
गृह निर्माण मंडल हुआ पूर्णत: ऋणमुक्त
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने यह भी बताया कि गृह निर्माण मंडल पर पूर्व में बैंकों का लगभग 800 करोड़ रुपये का ऋण बकाया था। राज्य सरकार ने इस ऋण को अपने बजट प्रावधानों से पूरी तरह चुका दिया है, जिससे मंडल आज पूर्णत: ऋण मुक्त हो चुका है। यह मंडल की एक बड़ी उपलब्धि है, जिसने इसे भविष्य की योजनाओं के लिए और अधिक सशक्त बना दिया है।
60% प्री-बुकिंग के बाद ही आरंभ होंगे निर्माण कार्य
आवास मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि अब से गृह निर्माण मंडल द्वारा कोई भी नई आवासीय योजना तब तक प्रारंभ नहीं की जाएगी, जब तक उसकी प्री-बुकिंग कम से कम 60% तक न हो जाए। यह रणनीतिक कदम योजनाओं की सफलता सुनिश्चित करने और अनावश्यक निर्माण कार्य से बचने हेतु उठाया गया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब गृह निर्माण मंडल पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़ते हुए कॉरपोरेट मॉडल को अपनाकर काम कर रहा है, जिसके अंतर्गत न केवल किफायती आवासीय इकाइयाँ बल्कि विभिन्न श्रेणियों के मकान और व्यावसायिक परिसंपत्तियाँ भी विकसित की जा रही हैं। यह नवाचार शहरी विकास और आत्मनिर्भर आवास नीति के अनुरूप है।
जनहित को प्राथमिकता
मंत्री श्री चौधरी ने अपने वक्तव्य में कहा कि गृह निर्माण मंडल का मूल उद्देश्य प्रदेशवासियों को सुलभ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना है। मंडल द्वारा संचालित योजनाएं विशेष रूप से आमजन, निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही हैं, ताकि हर नागरिक को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिल सके।
2 लाख की रिश्वत लेते शिक्षक रंगेहाथ गिरफ्तार, ट्रांसफर के नाम पर कर रहा था घूस
कोरबा। कोरबा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। प्राथमिक शाला कोसलडी में पदस्थ शिक्षक एवं जिला बेसिक फेडरेशन अध्यक्ष विनोद कुमार सांडे को ACB की टीम ने 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।अब उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 (संशोधित 2018) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
स्थानांतरण रुकवाने के नाम पर मांगी रिश्वत
मामले की शुरुआत कोरबा निवासी रामायण पटेल की शिकायत से हुई। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी गरिमा चौहान, जो कोसलडी स्कूल में शिक्षिका हैं, का स्थानांतरण दूरस्थ विद्यालय में किया जा रहा था।इसी दौरान विनोद कुमार सांडे ने दावा किया कि उनके डीईओ और बीईओ से अच्छे संबंध हैं, और वे स्थानांतरण आदेश को रुकवा सकते हैं — लेकिन इसके बदले 2 लाख रुपये रिश्वत मांगी।
शिकायत के बाद ACB ने रची जाल, रंगे हाथ पकड़ाया आरोपी
रामायण पटेल रिश्वत देने के बजाय सीधे ACB बिलासपुर कार्यालय पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद ACB ने 17 जुलाई को ट्रैप की कार्रवाई करते हुए विनोद कुमार सांडे को रिश्वत लेते समय रंगे हाथ धर दबोचा।
ACB की कार्रवाई से शिक्षक समुदाय में हलचल
शिक्षक संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के इस तरह पकड़े जाने से शिक्षक समाज और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। ACB की टीम द्वारा आगे की पूछताछ जारी है और संभावित अन्य संलिप्त अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।ACB की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे किसी भी पद पर क्यों न हों।
प्राइवेट अस्पतालों में सेवा दे रहे सरकारी डॉक्टरों पर होगी सख्त कार्रवाई! बस्तर सांसद बोले- कलेक्टर से मंगाई जाएगी रिपोर्ट
जगदलपुर। दलपत सागर वार्ड स्थित मां दंतेश्वरी ड्रामा एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल में शासकीय डॉक्टर द्वारा दी जा रही सेवाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं. बस्तर सांसद महेश कश्यप ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि शासकीय डॉक्टर अगर नियमों का उल्लंघन करते हुए प्राइवेट अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं, तो उनके खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी. सांसद ने जानकारी दी कि इस संबंध में कलेक्टर से रिपोर्ट मंगाई जाएगी और स्वास्थ्य मंत्री से भी चर्चा कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. उन्होंने कहा कि शासकीय डॉक्टरों की नियुक्ति जनसेवा और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की मजबूती के लिए होती है, न कि निजी संस्थानों में सेवा देने के लिए.
दरअसल, शहर के धरमपुरा स्थित मां दंतेश्वरी क्रिटिकल एंड ट्रॉमा सेंटर में महारानी अस्पताल के एक डॉक्टर के द्वारा सेवाएं दिए जाने का मामला सामने आया है. यह कार्य 2024 में स्वास्थ्य सचिव चंदन कुमार द्वारा जारी उस आदेश के खिलाफ है, जिसमें स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी शासकीय डॉक्टर किसी निजी अस्पताल में सेवा नहीं दे सकता. वह केवल अपने घर या निजी चेम्बर में ही प्रैक्टिस कर सकता है. सांसद ने कहा कि यदि यह उल्लंघन साबित होता है तो डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
खैरागढ़ जिले में शुरू हुआ मेडिकल बोर्ड, पहले ही दिन 44 लोगों ने कराया परीक्षण
खैरागढ़। नवनिर्मित जिले खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के नागरिकों को दिव्यांगता या अन्य चिकित्सकीय प्रमाण पत्रों के लिए अब अन्य जिलों में नहीं जाना पड़ेगा. जिले में पहली बार मेडिकल बोर्ड का आयोजन सिविल अस्पताल परिसर में किया गया.
जिले में यह सुविधा कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चंद्रवाल और सीईओ प्रेम कुमार पटेल के निर्देशन में शुरू की गई. पहले दिन 33 दिव्यांगजन सहित कुल 44 लोगों का परीक्षण कर प्रमाण पत्र दिए गए. इस दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति रही.
मेडिकल बोर्ड अब हर माह के तीसरे बुधवार को सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक नियमित रूप से संचालित होगा. नागरिक इस दिन अस्पताल पहुंचकर अपना मेडिकल प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं.
बोर्ड के माध्यम से दिव्यांगता अधिकार अधिनियम 2016 के तहत प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य सर्टिफिकेट, सरकारी सेवा, छात्रावास और विद्यालयों के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे. सीएमएचओ आशीष शर्मा ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस सुविधा का नियत तिथि पर लाभ जरूर लें.
बीजापुर जिले के युवाओं से मुख्यमंत्री ने की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के तहत राजधानी रायपुर के भ्रमण पर आए बीजापुर जिले युवाओं से मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय इन युवाओं से बहुत आत्मीयता से मिले और उनसे राजधानी रायपुर भ्रमण के अनुभवों को जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का हर गांव आपका अच्छा गांव बनेगा। बस्तर के विकास को अब कोई नहीं रोक सकता। बस्तर का युवा आज आत्मविश्वास से भरा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बीजापुर जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों से आये युवाओं से उनका हाल-चाल जाना और आत्मीय चर्चा की। मुख्यमंत्री ने युवाओं से पूछा कि वे विगत डेढ़ वर्षों में क्या परिवर्तन महसूस कर रहे हैं ? युवाओं ने बताया कि बहुत परिवर्तन है। अब हमारे क्षेत्र में सड़कें बन रही हैं, बिजली की व्यवस्था हुई है और आंगनबाड़ी केंद्र भी खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का विकास हमारी सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से उनकी पढ़ाई-लिखाई और गतिविधियों के विषय में जानकारी ली। बीजापुर के एक युवा ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि वह जूलॉजी विषय से बीएससी कर चुका है और वर्तमान में वह अपने गांव का पंच है। उसका एक साथी भी पंच निर्वाचित हुआ है। मुख्यमंत्री ने इन युवाओं के जज्बे की सराहना की और उनका हौसला बढ़ाया।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बच्चों से पूछा- कितने बच्चे इंस्टाग्राम चलाते हैं ? जब इस प्रश्न पर कई बच्चों ने हाथ उठाया तो मुख्यमंत्री ने आश्चर्यमिश्रित मुस्कान के साथ कहा- अब बस्तर के हमारे बच्चे भी समय के साथ हाईटेक हो रहे हैं। ये सुनकर ठहाके गूंज उठे। मुख्यमंत्री ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि युवा अपडेट हैं और तकनीक को समझ रहे हैं। युवाओं ने बताया कि उनके गांव में अब मोबाइल टावर भी लग रहे हैं।
युवाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे कल राजधानी रायपुर आये हैं। उन्होंने मुक्तांगन, जंगल सफारी सहित अन्य जगहें देखी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से कहा कि वे राजधानी रायपुर के भ्रमण के अनुभव का पूरा लाभ उठाएं।
उल्लेखनीय है कि स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के तहत बीजापुर जिले के नियद नेल्लानार ग्राम पंचायतों के 100 युवा राजधानी रायपुर के भ्रमण पर आये हैं। जिसके अंतर्गत आज ये युवा छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचे। इस अवसर पर वनमंत्री केदार कश्यप, विधायक किरण देव, संपत अग्रवाल, ईश्वर साहू सहित गणमान्यजन उपस्थित थे।
हिड़मा के गांव का होनहार अर्जुन, जिसने नक्सली खौफ को भेदकर पाया नवोदय विद्यालय में दाखिला
रायपुर। नक्सलवाद से प्रभावित बस्तर अंचल का एक नाम जो आज उम्मीद और बदलाव की मिसाल बनकर उभरा है – वह है माडवी अर्जुन। सुकमा जिले के अति-दुर्गम और माओवादी हिंसा से वर्षों त्रस्त रहे पूवर्ती गांव के इस बालक ने जवाहर नवोदय विद्यालय, पेंटा (दोरनापाल) में छठवीं कक्षा में चयन पाकर इतिहास रच दिया है। यह केवल एक छात्र की जीत नहीं, बल्कि उस उम्मीद का संकेत है जो अब बस्तर के कोने-कोने में अंकुरित हो रही है।
माडवी अर्जुन जिस पूवर्ती गांव का रहने वाला है , दरअसल वह नक्सलियों के कमांडर हिड़मा का पैतृक गांव है। एक दौर था, जब पूवर्ती नक्सलियों का गढ़ माना जाता था। यहाँ माओवादी जन अदालत लगाकर आतंक और ग्रामीणों भाग्य का फैसला सुनाते थे। अब वही पूवर्ती गांव, शिक्षा और विकास के नए सूरज की किरणें देख रहा है। अर्जुन की इस उपलब्धि ने यह दिखा दिया है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन हों, अगर अवसर और मार्गदर्शन मिले तो सफलता जरूर मिलती है।
अर्जुन वर्तमान में बालक आश्रम सिलगेर में पढ़ाई कर रहा था। उसके घर में न बिजली है, न पक्की छत। उसके माता-पिता खेती और मजदूरी कर किसी तरह घर चलाते हैं। फिर भी, अर्जुन ने कठिन परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए अपनी मेहनत और आश्रम शिक्षकों के समर्पण से यह उपलब्धि अर्जित की।
बीते डेढ़ वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान ने बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में परिवर्तन की नींव रखी है। पूवर्ती जैसे क्षेत्र जहां पहले सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं थीं, अब वहां सड़क निर्माण, सुरक्षा बलों के कैंप, गुरुकुल विद्यालय, स्वास्थ्य सेवाएं और उचित मूल्य दुकानें शुरू हो चुकी हैं।
पूवर्ती में अब बच्चों की पढ़ाई के लिए सुरक्षा बलों की देखरेख में चल रहे गुरुकुल ने एक प्रेरणादायी माहौल देना शुरू किया है। अर्जुन की सफलता इसी सतत प्रयास की पहली बड़ी उपलब्धि है।
जिला कलेक्टर देवेश ध्रुव ने कहा कि पूवर्ती जैसे दुर्गम और माओवाद प्रभावित गांव से नवोदय विद्यालय में चयन, न केवल अर्जुन की मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह जिले की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन का भी संकेत है। हम हर बच्चे को आगे बढ़ाने का मौका देना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि माडवी अर्जुन की सफलता छत्तीसगढ़ की बदलती तस्वीर का प्रतीक है। यह उस नव-छत्तीसगढ़ की झलक है, जहाँ अंधेरे की जगह अब उजाले की बातें हो रही हैं। पूवर्ती जैसे गांव से राष्ट्रीय स्तर के नवोदय स्कूल तक का सफर दर्शाता है कि हमने जो बीज शिक्षा, सुरक्षा और विकास का बोया है, वह अब फल देने लगा है। अर्जुन को मेरी ओर से ढेरों बधाई और शुभकामनाएं। अब पूवर्ती क्षेत्र से केवल एक अर्जुन नहीं, हजारों अर्जुन निकलेंगे और छत्तीसगढ़ के भविष्य को संवारेंगे। राज्य सरकार हर बच्चे के सपनों को पंख देने के लिए कटिबद्ध है।
माडवी अर्जुन की यह यात्रा केवल एक छात्र की कहानी नहीं, बल्कि यह उस बदलाव की दास्तान है, जिसे बस्तर जी रहा है। नक्सलवाद की दीवारें अब दरक रही हैं और शिक्षा की रोशनी बस्तर के घर-आंगनों में फैल रही है। बदलते बस्तर की यह शुरुआत है। अब अर्जुनों की कतार लगेगी और पूवर्ती जैसे गांव विकास की नई इबारत लिखेंगे।
विधानसभा मानूसन सत्र : भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने उठाया भारतमाला प्रोजेक्ट में गड़बड़ी का मुद्दा
रायपुर। विधानसभा के मानसून सत्र में गुरुवार को भाजपा विधायक धरम लाल कौशिक ने भारतमाला प्रोजेक्ट का मुद्दा उठाया. उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि भारतमाला में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है. बिलासपुर संभाग में भी बड़ा भ्रष्टाचार उजागर हुआ है. मामले में अभी छोटे लोगों की गिरफ्तारी हुई है. बड़े लोगों कार्रवाई से बचे हुए हैं. इस पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि ईओडब्ल्यू जाँच कर रही है. राज्य की जाँच एजेंसी सक्षम है.
विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि निजी भूमि अधिग्रहण के तहत गांवों में 500 वर्गमीटर से कम भूमि का मुआवजा ज्यादा तो 500 वर्गमीटर से अधिक की भूमि पर कम मुआवजा मिलता है. आमतौर पर यह देखने पर पाया गया है कि एक एकड़ भूमि का मुआवजा 20 लाख होगा तो इसे टुकड़ों में बांटकर 500 वर्गमीटर से कम कर दिया जाए तो कुल मुआवजा लगभग 1 करोड़ हो जाता है. इसी को दृष्टिगत रखते हुए भारतमाला प्रोजेक्ट में कई जिलों में भूमि घोटाला गड़बड़ी सामने आई है.
भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग के अधिकारियों ने प्रॉपर्टी डिलिंग का कार्य करने वाले एवं अन्य लोगों के साथ मिलकर 1 जमीन को राजस्व अभिलेखों में कूटरचना, अविधिक रूप से दर्ज नामातांरण, बटवारा कर फर्जी तरीके से 6-10 लोगों के नाम दर्ज कर शासन को करोड़ो रुपए का नुकसान पहुंचाया है. जिन लोगों की जमीनें नहीं थी, उन्हें भी कागजों में भूस्वामी बताकर करोड़ों रुपए का बंदरबाट किया गया है.
धरमलाल कौशिक ने कहा कि इन घोटालों में उच्च पदस्थ अधिकारियों के द्वारा भी अपने मातहत अधिकारी – कर्मचारियों से नियम विरूद्ध दबाव बनाकर कर भी इन अनियमितता को कराया है. प्रदेश में लगभग सभी निजी भूमि के भू-अर्जन प्रकरणों की उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए. इस पर उच्च स्तरीय जांच न होने के कारण प्रदेश में आमजन में रोष है.
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब में कहा कि भारतमाला परियोजना अंतर्गत किए गए भूमि अर्जन के मुआवजा निर्धारण एवं वितरण में अनियमितता किए जाने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं. इन पर कार्यवाही करते हुए संभागायुक्तों के माध्यम से दल गठित करके संपूर्ण भूमि अर्जन की जाँच कराई जा रही है, जो कि प्रक्रियाधीन है. इसके साथ अनियमितता में शासकीय कर्मचारियों के साथ निजी व्यक्तियों की भी संलिप्तता पाए जाने पर राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण-एन्टी करप्शन ब्यूरो से जाँच कराई जा रही है.
अब तक की जांच में प्रकरण में संलिप्तता व साक्ष्य के आधार पर 8 गैर लोक सेवक तथा 10 लोक सेवकों को आरोपी बनाया गया है, जिसमें से 8 गैर लोक सेवकों तथा एक लोक सेवक और एक सेवानिवृत्त लोक सेवक आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल 10 आरोपियों को जेल निरूद्ध की कार्यवाही की गई है.
मंत्री ने बताया कि 8 आरोपियों के विरूद्ध विशेष न्यायालय रायपुर से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी कराया गया है, जिसमें में 6 आरोपियों का न्यायालय द्वारा उद्घोषणा जारी किया गया है. एक आरोपी को उच्चतम द्वारा अंतरिम राहत प्रदान की गई है, वहीं एक आरोपी के विरूद्ध साक्ष्य संकलन जारी है. इस प्रकार उपरोक्त आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही कर अन्य आरोपियों के विरूद्ध विवेचना जारी है.
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 : अंबिकापुर, पाटन और विश्रामपुर को ‘स्वच्छता सुपर लीग’ में मिली जगह, रायपुर को मिला ‘प्रॉमिसिंग सिटी’ का खिताब
रायपुर। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में छत्तीसगढ़ के सात शहरों ने अपनी स्वच्छता की चमक बिखेरी है। बिल्हा नगर पंचायत 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में अब देश का सबसे साफ-सुथरा शहर बन गया है। स्वच्छ सर्वेक्षण में 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में बिल्हा ने देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया है। तीन लाख से दस लाख जनसंख्या वाले शहरों में बिलासपुर को पूरे देश में दूसरा और 20 हजार से 50 हजार आबादी वाले शहरों में कुम्हारी को तीसरा स्थान मिला है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में इन तीनों नगरीय निकायों के साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्य के कुल सात नगरीय निकायों को पुरस्कृत किया। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव, संबंधित निकायों के महापौर, अध्यक्षों और अधिकारियों ने ये पुरस्कार ग्रहण किए। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू भी पुरस्कार समारोह में शामिल हुए।






