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राज्य के संसाधनों का उपयोग स्थानीय युवाओं को रोज़गार, क्षेत्रीय विकास और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर किया जाए: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ केवल धान का कटोरा ही नहीं, बल्कि खनिज संपदा का भी धनी प्रदेश है। जो देश की ऊर्जा व औद्योगिक आवश्यकताओं की रीढ़ है। यह कहना है रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का जिन्होंने हैदराबाद में कोयला तथा खान मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक में भाग लिया। इस बैठक में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी तथा केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे समेत समिति सदस्य और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
बैठक के पहले सत्र में “खनन से आगे: खदान बंदी एवं पुनः उपयोग” और दूसरे सत्र में “भारत में खनिज अन्वेषण” विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं और संभावनाओं को पूरे तथ्यात्मक रूप में सामने रखा।




बंद खदानों की सुरक्षा व पुनः उपयोग की उठाई मांग
श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कई खदानें बंद पड़ी हैं, जो जन-जीवन के लिए खतरा बनी हुई हैं। उन्होंने मांग की कि:
- परित्यक्त खदानों की घेराबंदी कर उन्हें फ्लाई ऐश व ओवरबर्डन से भरा जाए ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
- एनटीपीसी संयंत्रों से उत्पन्न फ्लाई ऐश को एसईसीएल की बंद खदानों में भरने की व्यवस्था की जाए और प्रति टन दर पर भुगतान सुनिश्चित हो। इसके लिए एनओसी तत्काल प्रभाव से जारी की जाए।
- दुर्ग जिले के धमदा में हाल ही में हुई दुखद दुर्घटना, जिसमें बस खदान में गिर गई थी, यह बताती है कि बंद खदानों की उपेक्षा जानलेवा हो सकती है।
- फ्लाई ऐश से भरी गई भूमि को किसानों को लीज पर देकर कृषि उपयोग हेतु उपलब्ध कराया जाए।
खनिज चोरी और निगरानी प्रणाली पर चिंता
श्री अग्रवाल ने कोयले की चोरी को गंभीर समस्या बताया और हर खदान में डेटा निगरानी प्रणाली स्थापित करने की आवश्यकता जताई। साथ ही सभी वजन पुलों को किसी अधिकृत निकाय के अधीन संचालित किए जाने की मांग की।
खनन क्षेत्र के सतत विकास हेतु सुझाव
- खनन क्षेत्रों में वृक्षारोपण को अनिवार्य किया जाए ताकि वनों की क्षति की भरपाई हो सके।
- हर खदान क्षेत्र में स्कूल, आईटीआई, कोचिंग सेंटर, अस्पताल, एवं जल शोधन संयंत्र जैसी बुनियादी सुविधाएं होनी चाहिए।
- कोयला सलाहकार समिति के सदस्यों को पेट्रोलियम क्षेत्र की तर्ज पर सीएसआर फंड का लाभ दिया जाए, जिससे वे क्षेत्रीय विकास में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकें।
खनिज अन्वेषण में छत्तीसगढ़ को प्राथमिकता देने की मांग
बैठक के दूसरे सत्र में उन्होंने छत्तीसगढ़ में खनिज अन्वेषण की दिशा में गंभीर प्रयासों की आवश्यकता जताई। श्री अग्रवाल ने बताया कि, गरियाबंद जिले के पायलीखंड क्षेत्र को दुनिया की सबसे समृद्ध हीरा खदानों में माना जाता है। जशपुर जिले के तुमला गांव में भी हीरे के भंडार मौजूद हैं। राज्य में प्राकृतिक हीरे, अलेक्जेंड्राइट, गार्नेट, बेरिल, क्वार्ट्ज़, एमेथिस्ट जैसे बहुमूल्य रत्न पाए जाते हैं। साथ ही राज्य में लीथियम और अन्य खनिज भंडार की प्रबल संभावना है।
उन्होंने कहा कि राज्य के संसाधनों का उपयोग स्थानीय युवाओं को रोज़गार, क्षेत्रीय विकास और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर किया जाए। वह भी विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए।
उन्होंने मांग की कि छत्तीसगढ़ में माइनिंग ब्यूरो की स्थापना की जाए और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) एवं राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (NMDC) के क्षेत्रीय कार्यालय खोले जाएं ताकि राज्य की खनिज संभावनाओं का दोहन वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से हो सके।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बंद पड़ी खदानों को सुरक्षित और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से पुनः उपयोग लायक बनाया जाएगा। राज्य सरकार को भी इस दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए पत्र लिखा जाएगा।
आंगनबाड़ी केंद्र जा रहे बच्चों पर मधुमक्खियों का हमला, 4 बच्चे घायल, अस्पताल पहुंचे SDM
भानुप्रतापपुर। छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर जिले में आंगनबाड़ी जा रहे बच्चों पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया. घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई. मधुमक्खियों के हमले में 4 बच्चे घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है. जानकारी मिलते ही एसडीएम, थाना प्रभारी और तहसीलदार अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हाल-चाल जाना.
जानकारी के मुताबिक, ग्राम खोरा में शुक्रवार को आंगनबाड़ी जा रहे बच्चों पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया. घायल बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भानुप्रतापपुर रेफर किया गया. घटना की सूचना के बाद एसडीएम गंगाधर वाहिले, थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख और तहसीलदार सुरेंद्र उर्वशा अस्पताल पहुंचे. उन्होंने घायल बच्चों का हाल-चाल जाना, साथ ही चिकित्सकों को उचित इलाज के निर्देश दिए.
बता दें कि भानुप्रतापुर जिले के घोठा ग्राम पंचायत अंतर्गत मोहगांव प्राथमिक शाला में गुरुवार को जहरीला सांप निकल आया था. क्लास रूम में बच्चों ने सांप निकलते ही शोर मचाना शुरू कर दिया, जिससे शिक्षक एयर आसपास मौजूद ग्रामीण वहां पहुंचे. जिसके बाद सावधानी से सांप को कक्षा से बाहर निकाला गया.
खड़गे के दौरे को लेकर कांग्रेस मुख्यालय में तैयारियों की समीक्षा के लिए बैठक हुई आयोजित
रायपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 7 जुलाई को छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रहे हैं. उनके दौरे को लेकर तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं. इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. बैठक में खड़गे की प्रस्तावित सभा की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई.
प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में यह बैठक हुई. बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे मौजूद रहे. वहीं सह प्रभारी, प्रदेश प्रभारी महामंत्री, पूर्व मंत्री, विधायक और रायपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष भी शामिल हुए. इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दौरे और सभा को लेकर चर्चा की जा रही है.
सभा को सफल बनाने के लिए गठित विभिन्न समितियों की आज दिनभर बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें अब तक की तैयारियों की समीक्षा और आगे की रणनीति को लेकर निर्देश दिए जाएंगे.
7 जुलाई को खड़गे का छत्तीसगढ़ दौरा
बता दें कि बीते दिनों छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने राजीव भवन में बैठक ली थी. इस दौरान उन्होंने मैराथॉन बैठकों के बाद घोषणा की थी कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे 7 जुलाई को छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे. इस दौरान विशाल रूप में किसान-जवान-संविधान सभा आयोजित की जाएगी.
मानसून के आगमन के साथ बोर खनन पर लगा प्रतिबंध हटा, कलेक्टर ने जारी किया आदेश…
रायपुर। प्रदेश में मानसून के आगमन के साथ ही रायपुर जिले में पिछले तकरीबन तीन माह से बोरिंग खुदाई पर लगाया गया प्रतिबंध हटा लिया गया है. गर्मी की शुरुआत यानी 1 अप्रैल से रायपुर में बोर उत्खनन पर प्रतिबंध लगाया गया था, जिसकी वजह से बहुत जरूरी होने पर बोर खनन के लिए कलेक्टर की अनुमति लेनी पड़ रही थी.
बिना अनुमति के बोर उत्खनन पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है. इस वजह से राजधानी समेत पूरे जिले में प्राइवेट बोर खुदाई बंद हो गई थी. चोरी-छिपे खुदाई भी कार्रवाई के डर से नहीं के बराबर थी. रही-सही कसर प्रतिबंध अवधि के दौरान सूचना मिलने पर कई जगह अवैध बोर उत्खनन पर कार्रवाई कर प्रशासन-पुलिस ने पूरी कर दी थी.
अब मानसून के आगमन के साथ रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने छत्तीसगढ़ पेयजल संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत लागू प्रतिबंध को हटाने के आदेश 1 जुलाई को जारी किए हैं. इसके बाद अब लोग निर्धारित नियमों का पालन करते हुए बोरिंग करा सकेंगे. हालांकि, प्रशासन ने यह अपील भी की है कि अगर आपके पास जलस्त्रोत उपलब्ध है, तो बोर करवाने से बचना चाहिए. क्योंकि सीमित क्षेत्र में भूजल के अत्यधिक दोहन के गर्मी से पहले ही संकट पैदा होने लगा है.
भूस्खलन से किरंदुल-विशाखापत्तनम रेल लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही ठप, तीन दिन से जगदलपुर में खड़ी ट्रेनें-मालगाड़ियां…
जगदलपुर। ओडिशा के कोरापुट जिले के पास मल्लीगुड़ा और जराटी स्टेशनों के बीच हुए भूस्खलन ने किरंदुल-विशाखापत्तनम रेल लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही को ठप कर दिया है. बुधवार से ही जगदलपुर से चलने वाली यात्री और मालगाड़ियां प्लेटफॉर्म पर ही खड़ी हैं.
भूस्खलन की वजह से पटरी पर पड़े मलबे को हटाने के लिए रेलवे करीब 300 श्रमिकों और 13 आधुनिक मशीनों की मदद से लगातार काम में जुटा है. वाल्टेयर मंडल के डीआरएम ललित बोहरा और रायगड़ा मंडल के डीआरएम अमिताभ सिंघल मौके पर निगरानी कर रहे हैं. दो दिन से जारी इस अभियान में बारिश के कारण दिक्कतें आ रही हैं, जिससे काम की रफ्तार धीमी पड़ गई है.
बताया गया है कि पहाड़ी से एक बड़ा बोल्डर और मलबा खिसककर सीधे ट्रैक पर आ गिरा है, जिससे पटरी पूरी तरह जाम हो गई. सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने एहतियातन 10 यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया है. साथ ही जगदलपुर से पुरी जाने वाली रथयात्रा स्पेशल ट्रेन को अब कोरापुट से रवाना किया जाएगा.
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले संबंधित हेल्पलाइन या वेबसाइट से अपडेट जरूर लें. वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक के. संदीप ने कहा है कि स्थिति की नियमित निगरानी हो रही है, लेकिन सेवा कब तक शुरू होगी इसका स्पष्ट अनुमान अभी नहीं दिया जा सकता.
रद्द की गई प्रमुख ट्रेनें
- राउरकेला-जगदलपुर इंटरसिटी
- जगदलपुर-राउरकेला इंटरसिटी
- जगदलपुर-भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस
- विशाखापत्तनम-किरंदुल पैसेंजर
- किरंदुल-विशाखापत्तनम पैसेंजर
- हावड़ा-जगदलपुर समलेश्वरी
- जगदलपुर-हावड़ा समलेश्वरी
- विशाखापत्तनम-किरंदुल एक्सप्रेस
- किरंदुल-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस
- जगदलपुर-पुरी रथयात्रा स्पेशल
भूस्खलन की वजह से हो चुके हैं हादसे
किरंदुल से विशाखापत्तनम तक फैली यह रेल लाइन पहाड़ी और घाटी इलाकों से होकर गुजरती है. यही वजह है कि यहां बारिश के मौसम में भूस्खलन की घटनाएं आम हैं. रूट पर हुए हादसे –
- जनवरी 2017 कुनेरू स्टेशन पर हादसा, हीराखंड एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त, 39 यात्रियों की जान गई, 50 लोग घायल हुए थे.
- अक्टूबर 2017 चिमीड़िपल्ली के पास चट्टान गिरने से ट्रैक महीनों बंद रहा.
- अगस्त 2022 शिखरपाई के पास बोल्डर गिरने से ट्रेनों की रफ्तार थमी.
- सितंबर 2023 मनाबर-जरा टी खंड में मलबा आने से संचालन रोकना पड़ा. 17 दिन बाद बहल हुआ मार्ग.
- 1967 में जापानी तकनीक से बनी इस KK लाइन पर अब तक दर्जनभर बार भूस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे हर बार रेलवे सेवा बाधित हुई है.
- 2 जुलाई 2025 वर्तमान मल्लीगुड़ा-जरती खंड में भूस्खलन ने फिर ट्रैक बंद करवा दिया. आज तीसरा दिन है. अभी भी स्पष्ट नहीं कि कब बहाल होगा मार्ग.
पुलिस विभाग में बड़ी संख्या में तबादला, 5 ASI, 25 हेड कांस्टेबल समेत 161 पुलिसकर्मी इधर से उधर, देखें लिस्ट
बलरामपुर। जिले के पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है. 161 पुलिसकर्मियों को इधर से उधर किया गया है. पुलिस अधीक्षक वैभव बेंकर ने प्रशासनिक दृष्टिकोण के कारण ट्रांसफर का आदेश जारी किया है. इस लिस्ट में 5 ASI, 25 हेड कांस्टेबल समेत कई आरक्षकों के नाम शामिल हैं.
देखें लिस्ट :





रायपुर निगम में अब जारी होगा ई-नोटिस और ई-चालान, निर्माण कार्य सहित तमाम कार्यों के लिए होगा उपयोग…
रायपुर। रायपुर में अब नगर निगम से संबंधित कार्यों को और अधिक सुलभ, सहज और सुविधायुक्त बनाने के साथ कार्य में तीव्रता के लिए ई-चालान और ई-नोटिस जारी किया जाएगा. निगम आयुक्त ने निर्माण सहित समस्त कार्यों के लिए पक्षकारों को ई-नोटिस एवं ई-चालान जारी करने के निर्देश दिए गए हैं.
आयुक्त विश्वदीप ने निर्देशित किया कि ई-चालान की व्यवस्था प्रभावी तरीके से की जाए. आयुक्त ने नगर निवेशक को निर्देशित किया कि निगम मुख्यालय नगर निवेश विभाग द्वारा नक्शा स्वीकृति से लेकर दी जाने वाली सभी स्वीकृति एवं नोटिस को ऑनलाइन करवाने की व्यवस्था करवाएं. इस आधार पर उन सम्बंधित सभी निर्माण कार्यों की ऑनलाइन समीक्षा की जा सकेगी. इससे निर्माण कार्यों की प्रगति के संदर्भ में नगर निगम के अभियंताओं सहित आर्किटेक्ट द्वारा भी आवश्यक ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा सकेगी.
आयुक्त ने अधोसंरचना मद संधारण मद, विधायक निधि, विविध निधियों के विकास कार्यो को सतत मॉनिटरिंग कर समयसीमा में गुणवत्ता सहित पूर्ण करवाने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ आयुक्त ने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन निदान 1100, जनप्रतिनिधियों से प्राप्त आमजनों के जनसमस्याओं से सम्बंधित प्राप्त सभी आवेदनों को गंभीरता से लेकर उनका निदान त्वरित रूप से करने के निर्देश दिए हैं.
आयुक्त ने शौचालयों, तालाबों, प्रमुख मार्गों, बाजारों की अच्छी सफाई व्यवस्था कायम करने के निर्देश दिये हैं. आयुक्त ने सभी जोन कमिश्नरों और जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रतिदिन निरीक्षण कर अच्छी सफाई व्यवस्था करने के की चेतावनी दी गई है, अन्यथा की स्थिति में जवाबदेही तय कर सम्बंधित अधिकारियों पर नियमानुसार प्रक्रिया के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी ग
आयुक्त विश्वदीप ने कहा कि मुख्य मार्गों, बाजारों, शौचालयों में कहीं भी गंदगी और कचरा बिखरा हुआ नहीं दिखना चाहिए. यह मॉनिटरिंग करते हुए जोन कमिश्नर एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी प्राथमिकता के साथ करवा लें. आयुक्त ने सभी जोन कमिश्नरों को जोनवार जलभराव के क्षेत्रों की जानकारी देने के निर्देश दिS एवं जलभराव की समस्या ना हो, इस के लिए आवश्यक कार्रवाई करने निर्देशित किया.
आयुक्त ने नगर निवेशक को निर्देश दिया कि मुख्य बाजारों में दुकानों के बाहर सडक पर सामान निकालकर रखने वाले दुकानदारों की दुकानों से सम्बंधित मुख्य सड़क मार्गों और जन असुविधा की वीडियोग्राफी करवाकर ई चालान की कार्रवाई संबंधितों पर लगातार करें.
नगर पालिक निगम आयुक्त विश्वदीप ने नगर निगम मुख्यालय महात्मा गाँधी सदन के तृतीय तल सभाकक्ष में समय सीमा बैठक लेकर अधिकारियों को विभिन्न कार्यों के संदर्भ में आवश्यक निर्देश दिए. बैठक में अपर आयुक्त राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, यूएस अग्रवाल, पंकज शर्मा, विनोद पाण्डेय, कृष्णा खटीक, अधीक्षण अभियंतादव्य, उपायुक्तगणों, जोन कमिश्नरों, नगर निवेशक, स्वास्थ्य अधिकारी, कार्यपालन अभियंताओं, विभागों के प्रभारी अधिकारियों, जोन स्वास्थ्य अधिकारियों की उपस्थिति रही.
सीएम साय ने प्राइवेट स्कूलों को बारकोड स्कैनिंग के लिए 7 दिवस की दी मोहलत
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के छात्रों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि कक्षा पहली से दसवीं तक के सभी विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें वितरित की जा रही हैं। यह जिम्मेदारी पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा पूरी गंभीरता से निभाई जा रही है।
श्री पाण्डेय ने बताया कि पिछले शिक्षा सत्र में सामने आई कुछ अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष प्रत्येक पुस्तक पर दो बारकोड लगाए गए हैं। एक प्रिंटर की पहचान के लिए और दूसरा पुस्तक के गंतव्य विद्यालय की पहचान के लिए।
इस वर्ष कुल 2 करोड़ 41 लाख किताबें मुद्रित की गईं, जो 17-18 जून 2025 तक सभी डिपो में पहुँचा दी गईं। शासकीय विद्यालयों की कक्षा 9वीं, 10वीं की पुस्तकें स्कूलों तक पहुंचा दी गई है तथा स्कूलों में बारकोड स्कैनिंग का कार्य भी 90 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। इसी तरह आत्मानंद विद्यालयों में भी पुस्तकों का वितरण तेजी से किया जा रहा है और 60 प्रतिशत किताबें पहुँच चुकी हैं, शेष कुछ ही दिनों में पहुँचा दी जाएंगी।
प्राइवेट विद्यालयों को इस बार बारकोड स्कैनिंग के पश्चात ही पुस्तकें डिपो से प्रदान की जा रही हैं, जबकि पूर्व में जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से यह प्रक्रिया की जाती थी। हालांकि, बीते तीन दिनों में डिपो में स्थान की कमी और स्कैनिंग प्रक्रिया में तकनीकी दक्षता की कमी के कारण समस्याएं उत्पन्न हुईं।
इस संबंध में जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को अवगत कराया गया और बताया गया कि 1100 से अधिक सरस्वती शिक्षा मंदिर सहित बड़ी संख्या में प्राइवेट विद्यालयों को पुस्तकें मिलनी हैं, तब मुख्यमंत्री ने शीघ्र निर्णय लेते हुए निर्देशित किया कि सभी प्राइवेट विद्यालय अपनी आवश्यकता अनुसार जिलेवार किताबें डिपो से प्राप्त करें तथा 7 दिवस के भीतर अपने विद्यालय में बारकोड स्कैनिंग पूर्ण करें।
मुख्यमंत्री के इस निर्णय की सराहना करते हुए अध्यक्ष श्री पाण्डेय ने कहा कि यह शिक्षा के प्रति उनकी संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाता है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि सभी बच्चों की पढ़ाई समय पर शुरू हो सके और कोई भी छात्र पुस्तक के अभाव में पीछे न रह जाए। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल एक बार फिर यह साबित करती है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित और सजगता से कार्य कर रहा है।
IFS मयंक अग्रवाल को सुशासन एवं अभिसरण विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया
रायपुर। भारतीय वन सेवा के 2016 बैच के आईएफएस अधिकारी मयंक अग्रवाल को प्रतिनियुक्ति पर लेते हुए उन्हें सुशासन एवं अभिसरण विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है. इसके साथ-साथ उन्हें चिप्स का चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
वन महकमे में हुए हालिया तबादले में ही मयंक अग्रवाल को कोरबा वन मंडल में वनमंडलाधिकारी बनाया गया था. इससे पहले वह बलौदाबाजार और गरियाबंद में वन मंडलाधिकारी के रूप में काम कर चुके हैं. राज्य शासन ने वन विभाग से उनकी सेवाएं लेते हुए सामान्य प्रशासन विभाग को सौंप दिया है. राज्य शासन ने आज इस आशय का आदेश जारी किया है.

युवाओं के भविष्य से कोई खिलवाड़ नहीं होने देंगे: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। आबकारी आरक्षक परीक्षा 2025 में गड़बड़ी पर रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) की अध्यक्ष रेणु पिल्लई को पत्र लिखकर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।
यह मामला आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 2025 से जुड़ा है, जिसके लिए 4 जून से 27 जून तक ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया चलाई गई थी और परीक्षा का आयोजन 27 जुलाई को 200 पदों के लिए प्रस्तावित है। परंतु प्रदेशभर से बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी सामने आए हैं जिन्होंने समय सीमा के भीतर परीक्षा शुल्क का सफलतापूर्वक भुगतान तो कर दिया, लेकिन व्यापम की तकनीकी विफलता यानी सर्वर की त्रुटि के चलते उनका फॉर्म अंतिम रूप से सबमिट नहीं हो सका।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन अभ्यर्थियों की शिकायतों को व्यापम कार्यालय द्वारा न तो स्वीकार किया जा रहा है और न ही कोई अधिकारी उनकी सुनवाई कर रहा है। इससे आहत अभ्यर्थियों ने सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल से संपर्क कर न्याय की गुहार लगाई।
श्री अग्रवाल ने इस पूरे घटनाक्रम को छत्तीसगढ़ में "सुशासन तिहार" की भावना और नागरिक-केन्द्रित शासन व्यवस्था के विरुद्ध बताया है। उन्होंने व्यापम अध्यक्ष से स्पष्ट रूप से कहा है कि, जो अभ्यर्थी शुल्क का भुगतान कर चुके हैं, उन्हें परीक्षा से वंचित करना न्यायसंगत नहीं है। ऐसे अभ्यर्थियों को एक या दो दिन का अतिरिक्त अवसर देकर फॉर्म ऑफलाइन या ऑनलाइन पूरा करने की सुविधा तत्काल दी जाए।
साथ ही उन्होंने व्यापम को यह भी निर्देशित किया है कि, एक भी पात्र अभ्यर्थी को परीक्षा से वंचित न होने दिया जाए। श्री अग्रवाल ने व्यापम अध्यक्ष से यह अपेक्षा भी जताई है कि इस विषय में आवश्यक कार्यवाही कर सात दिवस के भीतर उन्हें पूर्ण विवरण सहित रिपोर्ट प्रेषित की जाए।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस बात पर बल दिया कि बेरोजगार युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का अन्याय न हो, यह सरकार और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आशा जताई है कि व्यापम इस मामले में शीघ्र, पारदर्शी और संवेदनशील कार्रवाई करेगा।

बीजापुर में शिक्षा को नई रफ्तार: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 16 स्कूलों का किया शुभारंभ, बच्चों को बांटी वेलकम किट
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने गुरुवार को बीजापुर जिले में अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान 14 बंद पड़े स्कूलों को पुनः चालू करते हुए कुल 16 शालाओं का विधिवत शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने हाल में 13 वर्षीय छात्र की नक्सलियों द्वारा हत्या किये जाने को लेकर गहरी चिंता जाहिर की और समाज से ऐसी हिंसा के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।

विकास और संवेदनशीलता के बीच संतुलन
जगदलपुर से सड़क मार्ग से बीजापुर पहुंचे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सबसे पहले भैरमगढ़ ब्लॉक में निर्माणाधीन पुंडरी पुल का निरीक्षण किया। कार्य में देरी को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई और अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा किया जाए। इसके बाद वे पास ही स्थित सीआरपीएफ कैंप पहुंचे, जहाँ उन्होंने सुरक्षाबलों के जवानों से मुलाकात कर उनका मनोबल बढ़ाया।

शिक्षा का दीप जलाने की पहल
बीजापुर के एजुकेशन सिटी स्थित नवोदय विद्यालय में आयोजित ‘शाला प्रवेश उत्सव’ कार्यक्रम में भाग लेते हुए उपमुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में बीजापुर में हो रहे सकारात्मक बदलावों की सराहना की। उन्होंने ‘वनडे स्कूल दयाकाल योजना’ के तहत प्रवासी और स्कूल छोड़ चुके बच्चों को वेलकम किट वितरित की और उन्हें फिर से स्कूल से जोड़ने का प्रयास किया।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा, “बीजापुर जैसे संवेदनशील जिले में शिक्षा की लौ जलाना आसान नहीं है, लेकिन यह बदलाव संघर्ष और प्रतिबद्धता का परिणाम है। शिक्षक समाज के निर्माण में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। शिक्षा ही समाज को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाती है।”
नक्सली हिंसा पर कड़ी प्रतिक्रिया
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने हाल ही में एक 13 वर्षीय छात्र की नक्सली हत्या पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना न केवल अमानवीय है, बल्कि पूरे समाज के लिए शर्मनाक भी है। उन्होंने कहा, “अब जंगलों में हिंसा और मासूमों की हत्याओं के लिए कोई जगह नहीं बची है। समाज को एकजुट होकर इन घटनाओं को रोकना होगा।”
उन्होंने एक सीआरपीएफ जवान की मिसाल देते हुए बताया कि किस प्रकार एक सर्च ऑपरेशन के दौरान उस जवान पर एक भालू ने हमला किया, लेकिन आदेश न होने के कारण उसने गोली नहीं चलाई। उन्होंने इसे सुरक्षाबलों की मानवीय सोच और अनुशासन का प्रतीक बताया। उपमुख्यमंत्री ने कहा “हमारे जवान केवल सुरक्षा के प्रहरी नहीं हैं, वे मानवीय मूल्यों और प्रकृति के प्रति सम्मान के प्रतीक भी हैं। यही संवेदनशीलता और अनुशासन हमारी असली ताकत है।”
राजधानी में अत्याधुनिक बायोटेक इंक्युबेशन सेंटर होगा स्थापित: सीएम साय की विशेष पहल पर 20.55 करोड़ की स्वीकृति
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि की ओर अग्रसर हो रहा है। भारत सरकार एवं राज्य शासन के सहयोग से रायपुर में जैव प्रौद्योगिकी पार्क परियोजना की स्थापना की जा रही है। इस परियोजना के प्रथम चरण के अंतर्गत इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में अत्याधुनिक बायोटेक इंक्युबेशन सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इस सेंटर की स्थापना के लिए भारत सरकार, राज्य शासन एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के मध्य त्रिपक्षीय अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं। परियोजना की क्रियान्वयन एजेंसी कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ जैव प्रौद्योगिकी प्रोत्साहन सोसायटी है।
इस बायोटेक इंक्युबेशन सेंटर का मुख्य उद्देश्य राज्य में जैव संसाधनों के दोहन के साथ-साथ नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना है। यहां युवाओं को जैव प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों की स्थापना हेतु प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता एवं बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इस इंक्युबेशन सेंटर में कुल 23 आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी, जिनमें बीएस-4 स्तर की जैव सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही दो सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन एवं एनालिटिकल टेस्टिंग लैब की भी स्थापना की जा रही है।
इंक्युबेशन सेंटर में 17 सूक्ष्म एवं लघु और 6 वृहद उद्योगों के संचालन की व्यवस्था की जाएगी। कुल 23 स्टार्टअप कंपनियों के लिए कार्यालय स्थापित किए जाएंगे, जो तीन वर्षों तक सेंटर में कार्यरत रह सकेंगी। कृषि और फार्मा बायोटेक्नोलॉजी से संबंधित स्टार्टअप को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर बायोटेक इंक्युबेशन सेंटर के निर्माण एवं फर्निशिंग कार्य के लिए 20 करोड़ 55 लाख रुपये की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस पहल से छत्तीसगढ़ जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा। इससे जहां एक ओर शोध और उद्योगों के बीच समन्वय स्थापित होगा, वहीं दूसरी ओर रोजगार और उद्यमिता के नए द्वार खुलेंगे। यह परियोजना न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और युवाओं के भविष्य को भी नई दिशा देगी।
खेत में पलटी बच्चों से भरी स्कूल वैन, घटना स्थल पर मची अफरा-तफरी
सूरजपुर। बच्चों से भरी स्कूल वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में पलट गई. इस हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई. पूरा मामला प्रेमनगर थाना क्षेत्र का है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची.
मिली जानकारी के अनुसार स्कूल वैन ब्रह्मपुर से बच्चों को लेकर वृंदावन जा रही थी. इस दौरान फुलकोना के पास अनियंत्रित होकर स्कूल वैन खेत में जाकर पलट गई. इस वैन में कंचनपुर स्थित निजी स्कूल के 14 से 15 बच्चे सवार थे. सभी बच्चे सुरक्षित बताए जा रहे हैं. पुलिस घटना की जांच में जुटी है.
कोयला घोटाला मामला : ED की कार्रवाई को सूर्यकांत तिवारी और सौम्या चौरसिया ने दी चुनौती, हाइकोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला रखा सुरक्षित
बिलासपुर। प्रदेश के बहुचर्चित कोयला घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की सूर्यकांत तिवारी और सौम्या चौरसिया सहित परिवार के लोगों की संपत्ति अटैच किए जाने को हाइकोर्ट में चुनौती दी है। वहीं केजेएसएल कोल पावर और इंद्रमणि मिनरल्स ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से याचिका लगाई है। जिस पर लगातार सुनवाई के बाद सभी 10 याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस विभू दत्त गुरु की डबल बेंच में सभी पहलुओं पर लंबी बहस के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया है।
दरअसल, ईडी रायपुर ने अवैध कोयला लेवी घोटाले से संबंधित मामले में सूर्यकांत तिवारी और अन्य से संबंधित पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत 30/01/2025 को कुल मिलाकर 49.73 करोड़ रुपये मूल्य की 100 से अधिक चल और अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क किया है, जिसमें बैंक बैलेंस, वाहन, नकदी, आभूषण और जमीन शामिल हैं। इसके साथ ही सूर्यकांत तिवारी के भाई रजनीकांत तिवारी, कैलाशा तिवारी, दिव्या तिवारी की भी संपति अटैच की गई है। वहीं सौम्या चौरसिया उनके भाई अनुराग चौरसिया, मां शांति देवी, समीर विश्नोई और अन्य ने अस्थायी नियंत्रण के खिलाफ याचिकाएं लगाई। कोर्ट में संबंधित अपीलकर्ताओं के वकील हर्षवर्धन परगनिहा, निखिल वार्ष्णेय, शशांक मिश्रा, अभ्युदय त्रिपाठी और अन्य को सुना। जिसके बाद प्रतिवादी के वकील डॉ. सौरभ कुमार पांडे को भी सुना गया। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
बता दें कि सौम्या चौरसिया को बीते दिनों हाइकोर्ट से जमानत मिल चुकी है और कोर्ट ने उन्हें राज्य से बाहर रहने का आदेश दिया है। वहीं सूर्यकांत तिवारी अभी भी जेल में बंद हैं।
क्या है कोयला लेवी मामला
ED की जांच में सामने आया कि कुछ लोगों ने राज्य के वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों से मिलीभगत के बाद ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर कोयला ट्रांसपोर्ट करने वालों से अवैध वसूली की। जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयले के हर टन पर 25 रुपये की अवैध लेवी वसूली गई। 15 जुलाई 2020 को इसके लिए आदेश जारी किया गया था।
खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक IAS समीर बिश्रोई ने आदेश जारी किया था। यह परमिट कोल परिवहन में कोल व्यापारियों को दिया जाता है। पूरे मामले का मास्टरमाइंड किंगपिन कोल व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को माना गया। इसमें जो व्यापारी पैसे देता उसे ही खनिज विभाग से पीट और परिवहन पास जारी होता था, यह रकम 25 रुपये प्रति टन के हिसाब से सूर्यकांत के कर्मचारियों के पास जमा होती थी। इस तरह से स्कैम कर कुल 570 करोड़ रुपये की वसूली की गई।
कहां खर्च की अवैध कमाई
जांच में सामने आया है कि इस घोटाले की राशि को सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं को रिश्वत देने में खर्च किया गया। साथ ही चुनावी खर्चों के लिए भी इस अवैध राशि का इस्तेमाल किया गया। आरोपियों ने इससे कई चल-अचल संपतियों को खरीदा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का विजन – विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लिए डिजिटल क्रांति को नई गति देने पर बल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत 2047 के साथ विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्यों को पूर्ण करने एवं सहज, सरल, त्वरित और पारदर्शिता के साथ सुचारू शासन की दिशा में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी का महत्वपूर्ण योगदान है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों, विशेष रूप से बस्तर एवं सरगुजा संभागों में नए मोबाइल टॉवर लगाने तथा फाइबर नेटवर्क लाइन बिछाने जैसे कार्यों में तेजी लाई जाए। आने वाले समय में राज्य में समय सीमा के भीतर चरणबद्ध रूप से 5,000 से अधिक मोबाइल टॉवर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-डिस्ट्रिक्ट 2.0 के माध्यम से वर्तमान में विभिन्न विभागों की 85 ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार करते हुए 250 अन्य ऑफलाइन सेवाओं को भी ऑनलाइन सेवाओं में तब्दील किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि योजनाओं का लाभ लोगों को घर बैठे ही ऑनलाइन प्राप्त होगा, तो इससे समय की बचत होगी तथा कार्यालय आने-जाने में होने वाला खर्च भी कम होगा। इसके साथ ही टीयर-थ्री के अनुरूप स्टेट डाटा सेंटर को अपग्रेड करने की भी बात कही गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में प्रदेश में विभाग द्वारा संचालित प्रमुख परियोजनाओं—अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, नियद नेल्लानार एवं L.W.E. सैचुरेशन डैशबोर्ड, भारतनेट फेस-2, छत्तीसगढ़ स्टेट डाटा सेंटर (CGSDC), आधार एनरोलमेंट इन-हाउस मॉडल, ई-डिस्ट्रिक्ट 2.0, सीजी स्वान, ई-प्रोक्योरमेंट तथा कैपेसिटी बिल्डिंग सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।
इस दौरान प्रमुख सचिव निहारिका बारिक ने विगत सवा साल में विभाग द्वारा अर्जित महत्वपूर्ण उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विगत 4 वर्षों से लंबित डाटा सेंटर के अपग्रेडेशन की निविदा प्रक्रिया पूर्ण की गई, खनिज 2.0 पोर्टल का गो लाइव किया गया, वाई-फाई मंत्रालय योजना तथा ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल सफलतापूर्वक शुरू हुए। इसके साथ ही भारतनेट फेज-2 परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया गया एवं अटल मॉनिटरिंग पोर्टल डैशबोर्ड का निर्माण कर 19 विभागों की 100 योजनाओं के KPI इसमें प्रदर्शित किए गए हैं।
इस बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभात मलिक सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।