रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जीएसटी में भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जीएसटी से जुड़ा कोई भी मामला हो. अधिकारी अपने लिए पैसा मांग रहा हो, तो आप मुझे किसी भी माध्यम से जानकारी देंगे, तो एसीबी से उसे मैं रंगेहाथ गिरफ्तार कराऊंगा.
वित्त मंत्री ओपी चौधरी प्रियदर्शनी नगर स्थित कंधकोट भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मन की बात’ के 123वें प्रसारण को सुनने पहुंचे थे. इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा नेता-कार्यकर्ता और आमजन मौजूद थे.
वित्त मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि अगर जीएसटी की 10, 20, 30 परसेंट भी GST की गलती हो तो विभाग आंख बंद करने को तैयार है, लेकिन अगर 10 से 20 लाख की चोरी हो तो उसकी गलती माफ नहीं होगी. कोई फर्जी बिल लगाकर अपना फायदा देखेगा तो उसे माफ नहीं किया जाएगा।
रायपुर। रायपुर जिले के पुलिस विभाग में तबादला हुआ है. प्रशासनिक दृष्टिकोण से बड़ी संख्या में सब इंस्पेटर और असिस्टेंट सब इंस्पेटर इधर से उधर हुए हैं. इस संबंध में रायपुर SSP डॉ. लाल उमेद सिंह ने आदेश जारी किया है. जारी लिस्ट में कुल 77 पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल है. ट्रांसफर में शामिल कई अधिकारी पिछले कई सालों से एक ही थाने में जमे हुए थे.
बिलासपुर। फ्लाई बिग कंपनी की बिलासपुर-अंबिकापुर हवाई सेवा अब बंद कर दी गई है. पहले सप्ताह में छह दिन संचालित होने वाली यह फ्लाइट यात्रियों की कमी के कारण केवल तीन दिन चलाई जा रही थी. अब कंपनी ने मानसून के दौरान विजिबिलिटी यानी दृश्यता की कमी का हवाला देते हुए सेवा को फिलहाल पूरी तरह से बंद कर दिया है. टिकट खरीदने वाली साइट भी बंद है.
इस फ्लाइट का किराया मात्र 1048 रुपए निर्धारित था, फिर भी यात्रियों की संख्या बेहद कम रही, जिससे कंपनी को यह निर्णय लेना पड़ा. कंपनी की वेबसाइट भी बंद कर दी गई है और अब टिकटों की बिक्री नहीं हो रही है. फ्लाइट के बंद होने से बिलासपुर और अंबिकापुर के बीच हवाई सफर करने वाले यात्रियों को अब भारी निराशा का सामना करना पड़ेगा.
यह हवाई सेवा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही थी, लेकिन अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण इसे बंद कर दिया गया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के फलस्वरूप कृषि के साथ-साथ उद्योग-धंधों के लिए भी एससी-एसटी सहित सभी वर्गों के लिए अनुकूल वातावरण पूरे प्रदेश में बना हुआ है। यही वजह है कि अब तक प्रदेश में लगभग साढ़े पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर में आयोजित डॉ. आंबेडकर बिजनेस कॉन्क्लेव एवं एक्सिलेंस अवॉर्ड्स समारोह में कही। उन्होंने दलित चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव को नव उद्यमियों को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया एवं छत्तीसगढ़ में आयोजन के लिए बधाई दी।
इस दौरान श्री साय ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के नव उद्यमियों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया। कॉन्क्लेव में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लगभग 800 से अधिक नव उद्यमियों ने हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने यहां नई औद्योगिक नीति को अपनाया है, जिसे बहुत परिश्रम से हमारी सरकार ने तैयार कर प्रदेश में उद्योग के क्षेत्र में नई संभावनाओं को पंख देने का कार्य किया है। इसके तहत देश के बड़े मेट्रो शहरों में इंडस्ट्रियल समिट का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत इतने कम समय में ही 5.50 लाख करोड़ रुपये का निवेश विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त हुआ है। अकेले पावर सेक्टर में ही 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है। हमारी औद्योगिक नीति का ही परिणाम है कि आज रायपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर सहित सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयों की स्थापना हो रही है।
श्री साय ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समाज के लोगों को उद्यमिता के क्षेत्र में बढ़ावा देने से ही देश विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर होगा। हमें आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करना है, जिसके लिए हमें उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ना ही होगा।
इस अवसर पर दलित चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) के फाउंडर चेयरमैन पद्मश्री डॉ. मिलिंद कांबले ने वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ राज्य के लिए 360 डिग्री अप्रोच वाली योजना की आवश्यकता बताई, जिससे उद्यमिता के क्षेत्र में बढ़ रहे अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के हितग्राहियों को उद्योग से संबंधित उच्चस्तरीय प्रबंधन, टेक्नोलॉजी, वित्तीय प्रबंधन, सब्सिडी, मार्केट लिंकेज तथा मार्केटिंग जैसे अन्य महत्वपूर्ण विषयों की त्वरित जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। इस दौरान उन्होंने डिक्की के उद्देश्यों के बारे में भी विस्तार से जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में डिक्की के नेशनल प्रेसिडेंट रवि कुमार नर्रा ने कार्यक्रम की भूमिका संबंधी जानकारी प्रस्तुत की।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, डिक्की पश्चिमी क्षेत्र प्रमुख संतोष कांबले, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजीव डांगी, स्टेट प्रेसिडेंट अभिनव सत्यवंशी सहित बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उद्यमी उपस्थित थे।
मानपुर-मोहला। जिले के टोहेगांव के सरकारी भवन में 500 से अधिक कट्टे धान का अवैध भंडारण का मामला सामने आया है. यह धान ग्राम पंचायत भवन के ठीक बाजू में मौजूद पुराने ग्राम पंचायत भवन में मिला है. ये धान किसने यहां डंप कराया है ये फिलहाल जांच का विषय है. इस मामले में टोहेगांव धान खरीदी केंद्र प्रबंधन संदेह के दायरे में है.
जानकारी के मुताबिक, धान उपार्जन केंद्र टोहेगांव से सारा धान उठ चुका है. यहां भारी भरकम शॉर्टेज की स्थिति भी सामने आई है. वहीं इसी गांव में धान का अवैध भंडारण सामने आया है. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि धान उपार्जन केंद्र प्रबंधन ने केंद्र के धान की बड़ी खेप को अलग कर चोरी छिपे डंप करके रखा है, ताकि बाद में इसे व्यापारियों को बेचकर मुनाफा कमाया जा सके. धान के इस भंडारण से धान उपार्जन केंद्र की भूमिका संदेह के दायरे में है.
इस मामले में मानपुर-मोहला कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने बताया कि उन्हें धान के अवैध भंडारण की जानकारी मिली है. अधिकारियों को जांच के लिए भेजा गया है. जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित द्वारा निर्मित अत्याधुनिक आयुर्वेदिक औषधि प्रसंस्करण इकाई का लोकार्पण 29 जून को ग्राम जामगांव (एम), जिला दुर्ग में किया जाएगा। लोकार्पण समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप करेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद दुर्ग विजय बघेल, स्थानीय विधायकगण, राज्य वनोषधि बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम और वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में श्री श्री 1008 डॉक्टर स्वामी कैलाशनंद गिरी जी महाराज महा मण्डलेश्वर, हरिद्वार उत्तराखण्ड विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई छत्तीसगढ़ की समृद्ध वन संपदा को विज्ञान और आधुनिक तकनीक से जोड़कर फॉरेस्ट टू फार्मेसी मॉडल को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। 27.87 एकड़ क्षेत्र में रू. 36.47 करोड़ की लागत से निर्मित आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई से प्रतिवर्ष लगभग रु. 50 करोड़ मूल्य के उत्पाद तैयार किए जाने का अनुमान है। यह इकाई प्रदेश में वनों में पाई जाने वाली औषधीय और लघु वनोपज जैसे महुआ, साल बीज, कालमेघ, गिलोय, अश्वगंधा आदि का संगठित एवं वैज्ञानिक प्रसंस्करण कर चूर्ण, सिरप, तेल, टैबलेट एवं अवलेह जैसे गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्माण करेगी। यह इकाई छत्तीसगढ़ हर्बल्स ब्रांड के तहत प्रदेश के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने का प्रमुख केंद्र भी बनेगी। परियोजना के अंतर्गत 1000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं की प्राथमिक प्रसंस्करण कार्यों में भागीदारी सुनिश्चित होगी, जिससे उन्हें स्वरोजगार का अवसर मिलेगा। वहीं युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त होने से स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए द्वार खुलेंगे।
आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई में आधुनिक वेयरहाउस की 20,000 मीट्रिक टन की संग्रहण क्षमता विकसित की गई है, जिससे सीजनल वनोपजों के दीर्घकालीन संरक्षण एवं गुणवत्ता नियंत्रण में सहायता मिलेगी। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत के विजन को मूर्तरूप देती है। यह न केवल वन उत्पादों के स्थानीय मूल्य संवर्धन का उदाहरण प्रस्तुत करती है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन, आर्थिक विकास और सामाजिक समावेशिता को भी सशक्त बनाती है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के नेतृत्व में प्रदेश एक नए हरित औद्योगिक युग की ओर अग्रसर हो रहा है, जिससे वनवासियों और ग्रामीणों के जीवन में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित हो रहा है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की गुड गवर्नेंस नीति के अनुरूप सभी विभागों में शासकीय कार्यप्रणाली को पारदर्शी, निष्पक्ष और जनहितकारी बनाने की दिशा में अनेक पहल की जा रही है। इसी क्रम में वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग में वर्षों बाद बड़े पैमाने पर तबादले किये गये हैं। इससे पहले विगत दो-तीन वर्षों में विभाग में एकाध बार ही सीमित संख्या में (केवल 10-15 अधिकारियों के) ही तबादले हुए थे। जीएसटी विभाग के अधिकांश अधिकारी-कर्मचारी एक ही पदस्थापना स्थल पर लंबे समय से कार्यरत थे। कुछ अधिकारी तो लगातार 18 वर्षों तक एक ही स्थान पर पदस्थ थे। यह स्थिति विभाग के कार्य निष्पादन और कर संग्रहण में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता की भावना को बाधित करती है।
विभाग में स्वीकृत 35 राज्य कर उपायुक्त पदों में से 17 अधिकारियों को पदोन्नति उपरांत नवीन पदस्थापना प्रदान की गई। शेष 8 उपायुक्तों में 3 अधिकारी पिछले 10 वर्षों से, 2 अधिकारी 8 वर्षों से तथा 3 अधिकारी 4-5 वर्षों से रायपुर में पदस्थ थे। इसके अतिरिक्त 8 उपायुक्त तथा 4 सहायक आयुक्त 5 वर्षों से अपने गृह जिले में ही कार्यरत थे।
178 राज्य कर अधिकारी/राज्य कर निरीक्षक भी पिछले 4-5 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ थे, जिनमें से 34 राज्य कर अधिकारी एवं 45 राज्य कर निरीक्षक लगातार 5 वर्षों से अपने गृह जिले में ही नियुक्त थे। टैक्स कलेक्शन विभाग होने के कारण इतनी लंबी अवधि तक एक ही क्षेत्र में पदस्थ रहने से व्यापारिक संस्थाओं से व्यक्तिगत संबंध विकसित होने की संभावना बढ़ती है, जिससे कामकाज पर असर पड़ता है।
वाणिज्यिक कर मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस स्थिति में आवश्यक सुधार करते हुए राज्य में कर प्रशासन के विकेन्द्रीकरण और सुदृढ़ीकरण की दिशा में प्रभावी कदम उठाये गये हैं। पूर्व में विभाग के वृत्तों की संख्या 30 होते हुए भी विभागीय कार्यालय महज 15 जिलों में ही सीमित थे, जबकि राज्य सरकार के सभी प्रमुख विभागों के कार्यालय सभी जिलों में है। इसे कमी को दूर करते हुए पहली बार दंतेवाड़ा, कोंडागांव, जशपुर और नवगठित जिले सक्ती एवं सारंगढ़ में वृत्त स्थापित कर वहां अधिकारियों की पदस्थापना सुनिश्चित की गई है।
राजस्व संग्रहण को सशक्त बनाने के लिये विभाग में बीआईयू एवं ऑडिट यूनिट का गठन कर उनमें अधिकारियों की तैनाती की गई है। इतने बड़े पैमाने पर तबादलों के बावजूद मानवीय संवेदनाओं का पूरा ध्यान रखा गया है। विशेषकर पति-पत्नी दोनों अधिकारियों की पदस्थापना एक ही जिले में सुनिश्चित की गई है तथा महिला अधिकारियों को यथासंभव निकटवर्ती जिलों में ही स्थानांतरित किया गया है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा की राज्य सरकार आगामी समय में भी सभी विभागों में ईमानदार, पारदर्शी और निष्ठावान कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करने के लिये निरंतर कदम उठाती रहेगी।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड के बगिया हाई स्कूल में सम्पर्क स्मार्ट स्कूल और स्मार्ट ब्लॉक कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जशपुर के 50 प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के लिए सम्पर्क स्मार्ट किट और टीवी का भी वितरण किया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कांसाबेल जनपद पंचायत अध्यक्ष सुशीला साय, भरत सिंह, उपेंद्र यादव, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी शशि मोहन सिंह, सम्पर्क फाउंडेशन के नेशनल मैनेजर प्रदीप राणा, डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा, जनप्रतिनिधिगण, स्कूली बच्चे और शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम बगिया में नवाचार के तहत सम्पर्क स्मार्ट स्कूल की शुरुआत की गई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में बचपन के दिनों को याद करते हुए इस बात पर प्रसन्नता जाहिर की कि उनके गृह ग्राम बगिया में नवाचार के तहत सम्पर्क स्मार्ट स्कूल प्रारंभ किया गया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा पहली से पांचवीं कक्षा तक बगिया प्राथमिक स्कूल में प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 50 वर्ष पूर्व बगिया स्कूल खपरैल का होता था, जिसमें बरसात के दिनों में पानी टपकता था और पानी टपकने के कारण जगह बदलनी पड़ती थी। लेकिन आज 50 वर्षों बाद बगिया स्कूल का संपूर्ण कायाकल्प हो गया है और वर्तमान में यहाँ हाई स्कूल संचालित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले जमाने में प्राथमिक स्कूल के बाद हाई स्कूल की पढ़ाई के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी लेकिन वर्तमान में छत्तीसगढ़ में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा की सुविधाएं सुलभ हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा ही एकमात्र मूलमंत्र है जिससे व्यक्ति का समग्र विकास संभव है। शिक्षक हमारे राष्ट्र के निर्माता होते हैं, जो हमें अच्छा डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, वैज्ञानिक और प्रोफेसर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सम्पर्क फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष विनीत नायर एचसीएल टेक्नोलॉजिस के सीईओ रहे हैं। उन्होंने अपनी माता, जो सरकारी स्कूल में शिक्षिका थीं, से प्रेरणा लेकर सम्पर्क कार्यक्रम की शुरुआत की। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में बच्चों के सीखने-सिखाने में बहुमूल्य योगदान दे रहा है। सम्पर्क फाउंडेशन खेल-खेल में शिक्षा को सरल बनाने के लिए सम्पर्क टीवी डिवाइस एवं गणित व अंग्रेज़ी किट प्रदान कर रहा है, जिनका वितरण आज हमारे जिले के 50 विद्यालयों में किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने मुझे पूरी उम्मीद है कि विद्यालयों में इन किटों का भरपूर उपयोग किया जाएगा। इससे न केवल बच्चों की झिझक दूर होगी बल्कि सीखने-सिखाने की प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी। अतः सभी प्रधान पाठक इन संसाधनों के उपयोग की पद्धति को भली-भांति समझें और बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर दें।
उल्लेखनीय है कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी जशपुर जिले के 15 विद्यार्थियों ने 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में टॉप 10 मेरिट सूची में स्थान प्राप्त कर संपूर्ण राज्य में जिले का गौरव बढ़ाया है। कक्षा 10वीं के 94 प्रतिशत एवं कक्षा 12वीं के 94 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, जिससे जशपुर राज्य का सर्वाधिक उत्तीर्णता प्रतिशत वाला जिला बना है। उच्च शिक्षा के साथ-साथ प्राथमिक स्तर पर भी जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। कक्षा 5वीं में 99.5 प्रतिशत एवं कक्षा 8वीं में 97.3 प्रतिशत परिणाम दर्ज कर जिले ने राज्य स्तर पर विशेष छाप छोड़ी है। जिले में शैक्षणिक गतिविधियों के सुचारू संचालन हेतु मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशन में विभाग द्वारा जिला स्तर पर सभी प्रधान पाठकों एवं प्राचार्यों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए इसरो, आईआईटी एवं अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से टाईअप कर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिदिन शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति ऐप के माध्यम से दर्ज की जा रही है। दैनंदिनी की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है एवं जिले के समस्त विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था सुधार हेतु युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही पूर्ण की गई है। इसी क्रम में जिले के 50 प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफ.एल.एन.) हेतु सम्पर्क फाउंडेशन के माध्यम से एफ.एल.एन. किट का वितरण किया जा रहा है, जो जिले की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
रायपुर। राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान में 7 जुलाई को कांग्रेस की बड़ी सभा होगा, जिसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे शामिल होंगे. किसान-जवान-संविधान जनसभा को सफल बनाने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने विधायकों और पूर्व विधायकों को जिम्मेदारी सौंपी है. सभी जिलों के लिए जिलेवार कार्यक्रम प्रभारी नियुक्त किए गए हैं.
जिलेवार कार्यक्रम प्रभारियों को जल्द अपने प्रभार वाले जिलों का दौरा कर, ब्लॉक, नगर और जिला कांग्रेस कमेटी सहित सभी मोर्चा संगठनों, विभागों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए गए हैं.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के तपकरा में तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी कार्यालय का शुभारंभ किया। विदित हो कि 14 जनवरी को जशपुर जिले के प्रवास पर मुख्यमंत्री ने तपकरा को पूर्ण तहसील बनाने की घोषणा की थी। तहसील बनने से इसका लाभ 33 ग्रामों के किसानों, छात्रों और नागरिकों को मिलेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने तपकरा को नगर पंचायत बनाने, तपकरा स्थित खेल स्टेडियम के सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपए स्वीकृत करने और फरसाबहार में विश्राम गृह निर्माण करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार विकास के हर मोर्चे पर मोदी की गारंटी को तेजी से लागू कर रही है। सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए। महिलाओं को सशक्त बनाने महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए दिए जा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय में वृद्धि के लिए तेंदूपत्ता का समर्थन मूल्य प्रति मानक बोरा 5,500 रुपए किया गया है। गांव में ही बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र खोले जा रहे हैं। आगामी पंचायत दिवस पर सभी ग्राम पंचायतों में इसे शुरू करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों की सुविधा के लिए रजिस्ट्री में 10 नई क्रांतियों के तहत नवाचारों का बेहतर उपयोग कर पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल, डिजिटल और नागरिक केंद्रित बनाया गया है।
कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास ने बताया कि यहां तहसील कार्यालय खुलने से किसानों, भूस्वामियों, छात्रों और नागरिकों को विशेष सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि एसडीएम फरसाबहार का लिंक कोर्ट भी आगामी सोमवार से प्रारंभ हो जाएगा।
विधायक गोमती साय ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। आम नागरिकों की सुविधा के लिए राज्य सरकार पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, भरत साय, रोहित साय, आईजी दीपक कुमार झा, पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, तपकरा सरपंच सविता जायसवाल सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने टुटेजा की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने कोर्ट से ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) की जांच की न्यायिक मॉनिटरिंग की मांग की थी. बता दें कि अनिल टुटेजा लंबे समय से जेल में बंद हैं.
क्या है शराब घोटाला?
तत्कालीन भूपेश सरकार में पूर्व IAS अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा और CM सचिवालय की तत्कालीन उपसचिव सौम्या चौरसिया के खिलाफ आयकर विभाग ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में 11 मई, 2022 को याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया कि छत्तीसगढ़ में रिश्वत, अवैध दलाली के बेहिसाब पैसे का खेल चल रहा है.
दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में दायर याचिका के आधार पर ED ने 18 नवंबर, 2022 को पीएमएलए एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था. आयकर विभाग से मिले दस्तावेज के आधार पर ED ने जांच के बाद 2161 करोड़ के घोटाले की बात का कोर्ट में पेश चार्जशीट में जिक्र किया था.
ED ने चार्जशीट में कहा था कि साल 2017 में आबकारी नीति में संशोधन कर CSMCL के ज़रिये शराब बेचने का प्रावधान किया गया, लेकिन 2019 के बाद शराब घोटाले के किंगपिन अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का MD नियुक्त कराया, उसके बाद अधिकारी, कारोबारी, राजनैतिक रसूख वाले लोगों के सिंडिकेट के ज़रिये भ्रष्टाचार किया गया.
रायपुर। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, रायपुर में अब पार्किंग एंट्री पर स्वचालित सिस्टम से पर्ची निकलेगी, जिसमें वाहन का नंबर और प्रवेश का समय स्वतः अंकित रहेगा. पर्ची लेने के साथ ही बैरियर अपने आप खुल जाएगा और वाहन पार्किंग क्षेत्र में प्रवेश कर सकेगा.
एयरपोर्ट पर पार्किंग की प्रक्रिया पूरी तरह से हाईटेक हो गई है, जिसमें किसी भी तरह का मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा. इस व्यवस्था से उन विवादों पर भी लगाम लगेगी, जो पहले पार्किंग शुल्क को लेकर अक्सर सामने आते थे. ड्रॉप या पिकअप के बाद जब वाहन चालक बाहर निकलेंगे तो एग्जिट प्वाइंट पर फास्टैग के जरिए ऑटोमेटिक भुगतान हो जाएगा.
विमानपत्तन निदेशक रायपुर ने शुक्रवार रात में इस सिस्टम की शुरूआत की. अब यात्रियों के वाहन से ड्रॉप और पिकअप समय के तयशुदा दर के अनुसार पैसा कटेगा, लेकिन पार्किंग के दरों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्रों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में बिलासपुर शहर को एक आधुनिक एजुकेशनल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दिशानिर्देश पर बिलासपुर में एजुकेशनल सिटी की अवधारणा विकसित की गई है। इस परियोजना के लिए बिलासपुर नगर पालिक निगम की लगभग 13 एकड़ भूमि का उपयोग प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बिलासपुर एजुकेशनल सिटी में नालंदा परिसर की स्थापना की जाएगी, जहां 500 छात्र-छात्राएं एक साथ बैठकर फिजिकल एवं डिजिटल लाइब्रेरी का लाभ ले सकेंगे। इसके साथ ही तीन बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें कुल 48 हॉल सेटअप ( 1 सेटअप में 1 हॉल, 2 कक्ष और 1 टॉयलेट) तैयार किए जाएंगे। इस व्यवस्था में एक साथ 4,800 विद्यार्थियों के कोचिंग क्लास अटेंड करने की सुविधा रहेगी।
छात्रों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास के लिए 700 सीटों वाले आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण भी किया जाएगा। वहीं, बाहर से आने वाले लगभग 1000 विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल फैसिलिटी भी निर्मित की जाएगी।
खेलकूद और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एजुकेशनल सिटी में एस्ट्रोटर्फ खेल मैदान तथा सुंदर गार्डन भी विकसित किए जाएंगे। साथ ही, वाहनों के लिए मल्टी लेवल पार्किंग की व्यवस्था होगी ताकि आने-जाने में कोई असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 100 करोड़ रुपये होगी और इसके निर्माण कार्य की कार्य योजना नगर पालिक निगम बिलासपुर द्वारा तैयार कर ली गई है। शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा, जिससे बिलासपुर एजुकेशनल सिटी प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेगी।
उल्लेखनीय है कि राज्य गठन के पश्चात बिलासपुर शहर ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। बिलासपुर में एसईसीएल का मुख्यालय और रेलवे का डीआरएम कार्यालय भी स्थित है, जिससे यह शहर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। यहां एक केंद्रीय विश्वविद्यालय, दो विश्वविद्यालय, आठ महाविद्यालय, लोक सेवा आयोग, व्यापम और आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी करवाने वाले करीब 100 से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनमें प्रदेश के 50,000 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
“छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में स्थान देती है। हमारी यह अटल प्रतिबद्धता है कि प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी आधुनिक संसाधनों, उन्नत अधोसंरचना और प्रेरक वातावरण में अपनी क्षमताओं को संवार सके और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर सके।
बिलासपुर एजुकेशन सिटी का निर्माण इसी दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह न सिर्फ बिलासपुर को छत्तीसगढ़ का एजुकेशनल हब बनाएगा, बल्कि प्रदेश के हजारों युवाओं को उच्चस्तरीय सुविधाओं में अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देगा।
नालंदा परिसर, बहुमंजिला कोचिंग भवन, डिजिटल और फिजिकल लाइब्रेरी, हॉस्टल, ऑडिटोरियम, खेल मैदान और ग्रीन जोन – ये सभी सुविधाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को समर्पित होंगी।
मुझे विश्वास है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक परिदृश्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी और हमारे युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करेगी।”
कटघोरा। नगर में पानी और बिजली की गंभीर समस्या से परेशान नागरिकों का सब्र आखिर शनिवार को टूट गया. शहीद वीर नारायण चौक पर बड़ी संख्या में लोगों ने चक्काजाम कर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में भाजपा पार्षद, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष पवन अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक शामिल हुए.
पानी-बिजली की समस्या बनी जनजीवन पर भारी
नगर के विभिन्न वार्डों में बीते कई दिनों से बिजली की अघोषित कटौती और पानी की आपूर्ति बाधित है. नागरिकों ने बताया कि इस संबंध में कई बार प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला. हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग सुबह-शाम पानी के लिए भटक रहे हैं और बिजली कटौती से रोजमर्रा का कामकाज प्रभावित हो रहा है.
जाम से सड़क पर लगी वाहनों की लंबी कतारें
शहीद वीर नारायण चौक पर प्रदर्शनकारियों ने दोनों तरफ का यातायात रोक दिया. इससे सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं. छोटे वाहन और बाइक को धीरे-धीरे निकासी दी गई, लेकिन भारी वाहनों को पूरी तरह रोक दिया गया.
प्रशासन की नींद टूटी, अधिकारियों ने दिया आश्वासन
करीब आधे घंटे चले इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन की ओर से मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने वार्ता कर स्थिति को शांत किया. तहसीलदार, एसडीएम रोहित सिंह, बिजली विभाग के डीआई और नगर पालिका परिषद कटघोरा के सब इंजीनियर अपनी टीम के साथ पहुंचे. वार्ता के दौरान प्रशासन ने आश्वासन दिया कि बिजली समस्या को तत्काल हल किया जाएगा और सोमवार तक पानी की आपूर्ति भी सामान्य कर दी जाएगी.
आश्वासन के बाद खत्म हुआ चक्काजाम
अधिकारियों की पहल और समाधान के भरोसे के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा में समस्याएं हल नहीं हुईं तो वे फिर आंदोलन करेंगे.
नागरिकों की मांगें
वार्डों में सुचारु पेयजल आपूर्ति
अघोषित बिजली कटौती पर रोक
समस्या का स्थायी समाधान
प्रशासन ने कहा कि जल्द ही बिजली-पानी की व्यवस्था दुरुस्त करने की कार्ययोजना बनाई जाएगी. फिलहाल इलाके में हालात सामान्य हैं।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले में बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से कृषि क्रांति अभियान के अंतर्गत एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का वर्चुअल शुभारंभ किया। जिला पंचायत परिसर में दो दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में देश की कई प्रमुख कृषि कंपनियां जैसे-जियो मार्ट रिटेल, देहात, हॉनेस्ट फॉर्म, आत्माकुर, धरागरी, अवनी आयुर्वेदा इत्यादि उपस्थित रहेंगी। इन कंपनियों के माध्यम से जिले के किसान एफपीओ के जरिए अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने हेतु फसल विक्रय अनुबंध कर सकेंगे। बिचौलिया प्रथा समाप्त होने से किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य प्राप्त होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषकों की समृद्धि के लिए छत्तीसगढ़ सरकार दृढ़ संकल्पित है । नवीनतम तकनीक को अपनाकर छत्तीसगढ़ के अन्नदाता आर्थिक रूप से अधिक सशक्त होंगे। उन्होंने कहा कि जशपुर के कृषि विकास के इतिहास में आज का दिन मील का पत्थर सिद्ध होने वाला है। जिला प्रशासन के अभिनव प्रयास से ‘कृषि क्रांति’ अभियान की शुरुआत हो रही है। हमारा देश कृषि प्रधान है और छत्तीसगढ़ में लगभग 80 प्रतिशत लोग कृषि तथा इससे संबंधित कार्यों से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने हेतु फसल बीमा योजना, पीएम किसान सम्मान निधि सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। चाहे वह समर्थन मूल्य पर 3100 रुपये प्रति क्विंटल के मान से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी हो, समर्थन मूल्य पर वनोपज का संग्रहण हो या प्रोसेसिंग और निर्यात से जुड़ी योजनाएं हों, हमारी सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए बहुस्तरीय प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जशपुर में कटहल, आम, लीची, नाशपाती की बहुतायत में पैदावार होती है। यहां सेब की भी खेती शुरू हो गई है। इस सम्मेलन के माध्यम से किसानों और खरीदार कंपनियों के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा। यह एक ऐसा मंच है जहां एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) के माध्यम से किसानों की उपज को सीधा बाजार उपलब्ध होगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सॉइल हेल्थ कार्ड के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि इससे यह जानकारी मिलती है कि किस जमीन पर कौन-सी फसल का उत्पादन अधिक होगा और कितनी मात्रा में खाद की आवश्यकता होगी। इसके लिए केंद्र से आए कृषि वैज्ञानिक पूरे राज्य में जाकर सॉइल हेल्थ के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं। राज्य में कृषि के साथ पशुपालन, मछली पालन और डेयरी विकास को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। डेयरी विकास योजना के पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित छह जिलों में जशपुर भी शामिल है।
रायगढ़ से वर्चुअली जुड़े सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि जशपुर जिले का प्राकृतिक वातावरण अत्यंत आकर्षक है। जल संरक्षण और संवर्धन के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि जल का संरक्षण अनिवार्य है, जिससे किसानों को लाभ होगा और उनकी आमदनी में वृद्धि होगी। जिला पंचायत से वर्चुअली जुड़ी विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि जशपुर जिला नवाचार को तेजी से अपना रहा है। इस सम्मेलन के माध्यम से किसानों और कंपनियों के बीच सीधा अनुबंध होगा, जिससे उन्हें निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने अपने संबोधन में कहा कि यदि जिले में व्यवस्थित ढंग से खेती और प्रबंधन किया जाए तो किसानों को निश्चय ही लाभ प्राप्त होगा। जशपुर आम, मिर्च और नाशपाती के उत्पादन में अग्रणी है। उन्होंने धान के साथ दलहन और तिलहन की खेती को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
कलेक्टर रोहित व्यास ने एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन के महत्व तथा इससे किसानों को होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिला पंचायत से वर्चुअली जुड़े जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने एक वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से सम्मेलन के तहत होने वाले नवाचार एवं विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस अवसर पर आईजी दीपक कुमार झा, पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगा राम भगत सहित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में मिलेगी उन्नत तकनीकों की जानकारी
सम्मेलन के माध्यम से किसानों को उन्नत तकनीकों की जानकारी देने के उद्देश्य से नाबार्ड एवं एपेडा जैसी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित होकर एग्रीकल्चर मार्केटिंग, जैव उत्पादों के प्रमाणीकरण आदि विषयों पर किसानों को जानकारी देंगे। राज्य के वरिष्ठ वैज्ञानिक फसल किस्मों का जीआई टैग, कृषि एवं उद्यानिकी फसलों की वैज्ञानिक पद्धति से खेती तथा रेशम विशेषज्ञ रेशम पालन की जानकारी देंगे। साथ ही कंपनी एवं किसानों के मध्य अनुबंध खेती (कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग) पर चर्चा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कंपनी और कृषकों के मध्य अनुबंध हस्ताक्षर भी किए जाएंगे।
कार्यक्रम में फसल प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया है, जिसमें जिले के एफपीओ से जुड़े किसान एवं प्रगतिशील किसान अपनी फसल जैसे-जैविक धान, कुटकी, रागी, नाशपाती, लीची, रामतिल, टाऊ, मिर्च, सुगंधित धान आदि का किस्मवार गुणवत्ता के आधार पर प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम के अंतर्गत आम एवं नाशपाती तथा नवाचार प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया है। विजेता किसानों को पुरस्कार राशि भेंट कर आगामी समय में नवाचार एवं उन्नतशील खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित श्वेता अस्पताल में प्रसूता अंजली सिंह की मौत का मामला गरमाता जा रहा है. मृतिका के परिजन और ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं. आक्रोशित ग्रामीणों ने अंजली को उचित न्याय दिलाने के लिए आरोपी डॉ. और अस्पताल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. भारी संख्या में ग्रामीण आज अस्पताल के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी मांग है कि डॉक्टर मनीआरो कुजुर को निलंबित किया जाए और अस्पताल का लाइसेंस निरस्त किया जाए.
जानकारी के मुताबिक, जिले के गोढ़ी गांव निवासी 26 वर्षीय अंजली सिंह को प्रसव के लिए श्वेता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. ऑपरेशन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और 2 जून को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
पति ने लगाए गंभीर आरोप
मृतका के पति रणजीत ने कहा कि डॉक्टर की लापरवाही से उनकी पत्नी की मौत हुई. उन्होंने बताया कि इलाज की गुहार लगाने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही बरती. रणजीत की मांग है कि डॉक्टर मनीआरो कुजुर को निलंबित किया जाए और श्वेता हॉस्पिटल को हमेशा के लिए बंद किया जाए.
लाइसेंस 15 दिन के लिए निलंबित, जांच टीम गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने श्वेता हॉस्पिटल का लाइसेंस 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है. कलेक्टर ने मामले की जांच के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम बनाई है. यह टीम 7 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
ग्रामीणों की मांगें और चेतावनी
धरना-प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और परिजनों ने स्पष्ट कहा कि- अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर उसे हमेशा के लिए बंद किया जाए. जांच कोरबा से बाहर की स्वतंत्र टीम से कराई जाए और पोस्टमार्टम निष्पक्ष रूप से हो. इसके अलावा ग्रामीणों ने न्यू कोरबा हॉस्पिटल (NKH) पर भी आर्थिक शोषण और लापरवाही के आरोप लगाते हुए उसे भी बंद करने की मांग की है. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर 10 दिनों में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे जिले में पुतला दहन, चक्काजाम करते हुए बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा.
वहीं प्रदर्शन की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे. सुरक्षा के लिए अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया. फिलहाल प्रशासन जांच की कार्रवाई में जुटा है और परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया गया है.
अभनपुर। राजधानी रायपुर से महज 12 किमी दूर स्थित अभनपुर इलाके में खनिज विभाग ने अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. बीती रात क्षेत्र के ग्राम पारागांव में विभागीय टीम ने दबिश देकर वहां अवैध उत्खनन में लगी चैन माउंटेन मशीन को मौके पर ही जब्त कर लिया. इसके अलावा टीम ने नवापारा क्षेत्र में रेत परिवहन कर रहे 7 हाईवा वाहनों को भी जप्त किया है. इस कार्रवाई के बाद रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है.
वहीं रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर खनिज उप संचालक के.के. गोलघाटे के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के एक और गांव में भी अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है.
लखना में भी अवैध उत्खनन चरम पर, लोगों में आक्रोश
अभनपुर क्षेत्र के ग्राम लखना से भी अवैध रेत उत्खनन का बड़ा मामला सामने आया है. जानकारी के अनुसार, प्रतिदिन करीब 50 ट्रैक्टर वाहन ग्राम में नर्सरी के आसपास और महानदी से सैकड़ों ट्रिप रेत निकालकर बाहर भेज रहे हैं. यह रेत भंडारण कर हाईवा मालिकों को बेचा जा रहा है, जिससे शासन को राजस्व की भारी क्षति हो रही है.
इस पूरे खेल में ग्राम के ही एक युवक की केंद्रीय भूमिका सामने आ रही है, जिस पर अब कार्रवाई की मांग तेज हो गई है. स्थानीय ग्रामीणों ने खनिज विभाग से लखना में भी तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है.
खनिज विभाग का कहना है कि अवैध उत्खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जहां भी अवैध रेत खनन और परिवहन की जा रही है, वहां कार्रवाई की जाएगी.
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ में अपने संगठन को और मजबूर करने की कवायद में जुटी है. इस कड़ी में सरगुजा संभाग के सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट में 7 से 9 जुलाई तक भाजपा सांसदों, विधायकों और मंत्रियों का तीन दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित किया जा रहा है. शिविर के शुभारंभ में जहां पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, तो वहीं समापन अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहेंगे.
इस प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य सभी जनप्रतिनिधियों को भाजपा की रीति-नीति, वैचारिक पृष्ठभूमि और कार्य संस्कृति से जोड़ना है. प्रशिक्षण में इस बात पर जोर दिया जाएगा कि पार्टी के अनुरूप जनप्रतिनिधियों का आचरण कैसा हो, कैसे वे जनता के प्रति जवाबदेह रहें और पार्टी की छवि को जनमानस में और मजबूत करें.
प्रशिक्षण में भाजपा की यात्रा, पार्टी के विचार स्तंभ, जनसंवाद की तकनीकें, डिजिटल और सोशल मीडिया उपयोग, स्थानीय मुद्दों पर फोकस, और रचनात्मक विपक्ष या सत्तारूढ़ दृष्टिकोण जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी.
मुख्यमंत्री के साथ वरिष्ठ नेताओं का मिलेगा मार्गदर्शन
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शिविर के सभी तीनों दिन उपस्थित रहेंगे और एक प्रमुख सत्र को संबोधित भी करेंगे. उनकी नेतृत्व क्षमता और संगठन से जुड़े अनुभव जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा स्रोत होंगे. इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह भी अपने अनुभव साझा करेंगे—यह बताते हुए कि एक लोकप्रिय, जनसंपर्कयुक्त और नीति-निष्ठ जनप्रतिनिधि कैसे बना जाता है.