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वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने की विकास कार्यों की समीक्षा, बारिश से पहले निर्माण कार्य तेजी से कराने के दिए निर्देश
रायपुर। वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने रायगढ़ जिले में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर अधिकारियों से कहा कि जो निर्माण कार्य चल रहे हैं उन्हें बारिश शुरू होने से पहले गर्मियों में पूरी तेजी के साथ करवाएं, काम में गुणवत्ता का भी पूरा ख्याल रखा जाए। वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने यह बात आज रायगढ़ कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान कही। उन्होंने विभागों में चल रहे प्रोजेक्ट व निर्माण कार्यों के साथ बजट में प्रस्तावित नए कार्यों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने अधिकारियों से कहा कि गुड गवर्नेंस स्थापित करना है इसके लिए सभी फील्ड में अपनी जिम्मेदारियों का कुशलता के साथ निर्वहन करें, पॉजिटिव रिजल्ट देने के लिए काम करें। समीक्षा बैठक में महापौर जीवर्धन चौहान, कलेक्टर कार्तिकेया गोयल, पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल उपस्थित रहे।
बैठक में वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने लोक निर्माण विभाग अंतर्गत चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण में क्वालिटी सबसे जरूरी है। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में सड़क निर्माण के दौरान टैक्टर के केजव्हील से सड़क को होने वाले नुकसान के रोकथाम के लिए किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वीकृत भवनों के निर्माण की स्थिति के बारे में जानकारी ली। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने नगर निगम द्वारा शहर में बीटी सड़क निर्माण के साथ ही अन्य कार्यों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने भवन निर्माण के ड्राइंग डिजाइन तैयार करते वक्त उपलब्ध भूमि का सही तरह से उपयोग करने के निर्देश दिए। जिससे भविष्य में यदि उस प्रोजेक्ट के विस्तार की आवश्यकता हो तो वहां किया जा सके। इसके लिए लेटरल स्पेस के स्थान पर हाइ राइस बिल्डिंग का निर्माण विकल्प हो सकता है। उन्होंने नवीन स्वीकृत किए गए प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि का चिन्हांकन कर प्रपोजल तैयार करने के निर्देश दिए। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने सड़क व भवनों के साथ पुल-पुलिया तथा निर्माण के प्रगति के बारे में अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने मेडिकल कॉलेज के कार्यों की भी समीक्षा की। रायगढ़ कलेक्टर श्री गोयल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज को दी गई भूमि के सीमांकन और बाउंड्री निर्माण का काम किया जाना है। इसके लिए राशि भी स्वीकृत की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त अन्य निर्माण कार्यों के प्रगति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में नियमित रूप से ब्लड डोनेशन कैंप लगाने के निर्देश दिए। जिससे ब्लड यूनिट की पर्याप्त उपलब्धता हो। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने केलो परियोजना के तहत स्वीकृत चल रहे कामों और नवीन कार्यों के निविदा के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि काम तेजी से पूरा करें। उन्होंने ग्रामीण यांत्रिकी विभाग से महतारी सदन निर्माण के संबंध में जानकारी ली और सभी कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।
वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अपने क्षेत्र में पटवारी और आर.आई. के कार्यशैली की नियमित मॉनिटरिंग करें। उनके काम में कसावट लाने की आवश्यकता है। उन्होंने ने कहा कि सभी एसडीएम और तहसीलदार इस पर विशेष रूप से ध्यान दें। उन्होंने नक्शा बटांकन और फॉर्मर रजिस्ट्री में जिले में हुए कार्यों की सराहना की। कलेक्टर श्री गोयल ने बताया कि जिले में अपार आईडी निर्माण और आयुष्मान तथा वय वंदना योजना के तहत हितग्राहियों के कार्ड निर्माण में रायगढ़ जिला अव्वल है। इसी प्रकार पीएम आवास के निर्माण में भी रायगढ़ प्रदेश में पहले पायदान में है। मंत्री श्री चौधरी ने सभी अधिकारियों से कहा कि अपने काम को पूरी गंभीरता से पूर्ण करें। किसी भी प्रकार की समस्या आने पर उसे उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाकर उसका समाधान निकालें। उन्होंने स्कूलों के उन्नयन और स्वास्थ्य विभाग के भवनों के निर्माण के संबंध में भी चर्चा की।
नगरीय निकायों में पेयजल आपूर्ति की हो स्थायी व्यवस्था
वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि जो कार्य पूर्णता की ओर हैं उन्हें जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कार्यपालन अभियंता को नियमित रूप से कार्य की प्रगति का अपडेट देने के निर्देश दिए। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने पुसौर शहर में जल आपूर्ति के स्थायी व्यवस्था तैयार करने हेतु कार्ययोजना बना कर उस पर जल्द अमल करने के लिए निर्देशित। जिससे लोगों को पानी के लिए मशक्कत न करना पड़े। इसके साथ हो उन्होंने सभी नगरीय निकायों में पेयजल आपूर्ति के लिए समुचित व्यवस्थाओं के निर्देश दिए।
प्राचार्य पदोन्नति विवाद: B.Ed अनिवार्यता पर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने दोनों पक्षों की सुनीं दलीलें, अब इस दिन होगी अगली सुनवाई
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में लेक्चरर से प्राचार्य पद पर पदोन्नति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में बीएड (B.Ed) डिग्री की अनिवार्यता को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और सभी पक्षकारों को आवश्यक दस्तावेज व जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई की तारीख 16 अप्रैल तय की गई है।
क्या है पूरा मामला?
याचिकाकर्ता व्याख्याता अखिलेश कुमार त्रिपाठी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है कि लेक्चरर से प्राचार्य बनने के लिए बीएड की डिग्री को अनिवार्य किया जाए। उनका तर्क है कि प्राचार्य एक शिक्षण संस्थान का प्रमुख होता है, इसलिए शैक्षणिक योग्यताओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
इस याचिका के जवाब में प्राचार्य पदोन्नति फोरम की ओर से व्याख्याता लूनकरण ठाकुर ने हस्तक्षेप याचिका दायर की। इसमें उन्होंने दलील दी कि प्राचार्य का पद प्रशासनिक है, न कि पूरी तरह शैक्षणिक। इसलिए, बीएड डिग्री को अनिवार्य बनाना तर्कसंगत नहीं होगा।
हाईकोर्ट में क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अखिलेश त्रिपाठी की ओर से अधिवक्ता आलोक बख्शी ने अपना पक्ष रखा, वहीं शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता यशवंत ठाकुर उपस्थित रहे। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि जो भी आवश्यक जवाब और दस्तावेज हैं, उन्हें जल्द से जल्द प्रस्तुत किया जाए।
आगे क्या होगा?
अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी। यह सुनवाई तय करेगी कि क्या भविष्य में प्राचार्य पद के लिए बीएड डिग्री अनिवार्य होगी या नहीं। इस फैसले का असर हजारों लेक्चरर और प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों पर पड़ सकता है। अब सबकी निगाहें हाईकोर्ट के अगले फैसले पर टिकी हैं, जो इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक बहस को नया मोड़ दे सकता है।
पराली से बनेगा हरित ईंधन, छत्तीसगढ़ में बढ़ेगा ग्रीन एनर्जी निवेश
बेंगलुरु। छत्तीसगढ़ में हरित ईंधन के क्षेत्र में निवेश को लेकर उद्योग जगत की दिलचस्पी बढ़ रही है। बेंगलुरु में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से GPSR आर्या प्राइवेट लिमिटेड के दीपक अग्रवाल ने मुलाकात कर बताया कि उनकी कंपनी राज्य में पराली से कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में CBG प्लांट लगाने की योजना है, जिससे किसानों को फसल अवशेषों से अतिरिक्त आमदनी मिलेगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
कंपनी ने हाल ही में बेमेतरा जिले में इंडियन ऑयल के साथ मिलकर एक CBG प्लांट स्थापित किया है, जो अब पूरी तरह से कार्य करने की दिशा में है। दीपक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस परियोजना के सफल होने के बाद वे छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी इसी मॉडल को अपनाना चाहते हैं। इस पहल से जैविक ईंधन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य की भागीदारी मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकार हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति के तहत जैविक ईंधन और पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस बैठक में उद्योग जगत के अन्य प्रतिनिधियों ने भी छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर उत्सुकता जताई।
अवैध निर्माण कार्य पर रायपुर नगर निगम की कार्रवाई जारी
रायपुर। अवैध कंस्ट्रक्शन को लेकर पिछले कुछ दिनों से रायपुर नगर निगम एक्शन मोड में नजर आ रहा है. आज भी नगर निगम के अमले ने बुलडोर एक्शन लेते हुए अवैध निर्माण पर कार्रवाई की है.
नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त विश्वदीप के आदेशानुसार और जोन 8 जोन कमिश्नर एके हालदार के निर्देशन पर वार्ड नम्बर 21 शहीद भगत सिंह वार्ड के पंचधाम मन्दिर के पास श्रीमती बीना सिंह द्वारा लगभग 6000 वर्गफीट भूखंड क्षेत्र में बिना अनुमति किये गए निर्माण को हटाए जाने की कार्रवाई की गई. इसी तरह आज मंजू अग्रवाल द्वारा स्वीकृति के विपरीत निर्माण को हटाए जाने की कार्रवाई की गयी है एवं पार्किंग क्षेत्र में निर्मित सीढ़ी एवं शटर को हटाया गया है एवं स्थल भवन स्वामी को भूतल में पार्किंग की समुचित व्यवस्था करने हेतु निर्देशित किया गया है. बता दें कि कुछ दिनों पहले ही रायपुर नगर निगम ने थोक सब्जी मंडी में बनी अवैध दुकानों पर भी बुलोडर कार्रवाई की थी.
भूपेश बघेल, विनोद वर्मा समेत IPS अधिकारियों के ठिकानों पर CBI की जांच पूरी, अफसरों को पूछताछ के लिए किया तलब
रायपुर। केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने आज महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले की जांच में छत्तीसगढ़, भोपाल, कोलकाता और दिल्ली में 60 स्थानों पर छापा मारा. इसमें संदेह के दायरे में आए राजनेता, वरिष्ठ नौकरशाह, पुलिस अधिकारियों और प्रमुख पदाधिकारियों से जुड़े परिसर शामिल हैं. सीबीआई की टीम पूर्व सीएम भूपेश बघेल, पूर्व सलाहकार विनोद वर्मा, आईपीएस आनंद छाबड़ा, प्रशांत अग्रवाल, भूपेश बघेल के ओएसडी रहे मनीष बंछोर, आशीष वर्मा के निवास से जांच पूरी कर रवाना हो गई है. सीबीआई ने कल कई अफसरों को पूछताछ के लिए तलब किया है. पूछताछ में बड़े खुलासे होने की संभावना है.
बता दें कि महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले की जांच के लिए CBI के DIG, 2009 बैच के IPS अभिनव खरे के नेतृत्व में दिल्ली से CBI के अफसरों की टीम छत्तीसगढ़ पहुंची थी. टीम ने प्रदेशभर में 33 से अधिक ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की. महादेव सट्टा एप मामले में पिछले दस घंटों तक जांच के बाद सीबीआई की टीम वापस रवाना हो गई है.
मनीष बंछोर के घर से संपत्तियों के दस्तावेज लेकर गई CBI की टीम
सीबीआई की टीम भूपेश बघेल, बघेल के पूर्व सलाहकार विनोद वर्मा, आईपीएस प्रशांत अग्रवाल, आईपीएस आनंद छाबड़ा, पूर्व सीएम के ओएसडी मनीष बंछोर के घर से रवाना हो गई है. पूर्व सीएम के ओएसडी आशीष वर्मा के वसुंधरा नगर स्थित निवास को सीबीआई ने सील कर दिया है. अधिकारियों ने मनीष बंछोर के परिजनों से महादेव सट्टा एप से जुड़े सवाल पूछे हैं. पैतृक व नौकरी से अर्जित सम्पतियों के दस्तावेज लेकर सीबीआई के अधिकारी रवाना हुए हैं.
छत्तीसगढ़ में 33 से अधिक ठिकानों पर सीबीआई ने मारा छापा
CBI की टीम ने आज तड़के रायपुर, भिलाई समेत दो दर्जन से अधिक स्थानों पर छापेमारी की. जिन प्रमुख लोगों के ठिकानों पर कार्रवाई हुई, उनमें पूर्व सीएम भूपेश बघेल और उनके राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा, सीएम सचिवालय में उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया, विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व IAS अनिल टुटेजा, IPS अधिकारी आनंद छाबड़ा, अभिषेक पल्लव, आरिफ शेख, प्रशांत अग्रवाल, एडिशनल एसपी अभिषेक महेश्वरी, एडिशनल एसपी संजय ध्रुव, KPS ग्रुप के निशांत त्रिपाठी, पूर्व OSD मनीष बंछोर व आशीष वर्मा, निरीक्षक गिरीश तिवारी समेत 33 से अधिक ठिकाने शामिल हैं.
ASP अभिषेक महेश्वरी का घर सील
राजनांदगांव के VIP कॉलोनी सन सिटी में स्थित बघेल सरकार में प्रभावशाली अधिकारी रहे अतिरिक्त पुलिस अधिकारी अभिषेक महेश्वरी के घर पर CBI की टीम पहुंची, जहां उनके घर को सील कर दिया गया है. सीबीआई की टीम जब महेश्वरी के घर पहुंची तो वहां वे मौजूद नहीं थे.
जमीन की नई गाइडलाइन दर तय करने से पहले बाजार मूल्य का आकलन, 31 मार्च तक मंगाए प्रस्ताव, दावा-आपत्तियां 15 अप्रैल तक
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अचल संपत्ति व जमीन की सरकारी कीमत बढ़ाने की तैयारी है. राज्य सरकार की कोशिश है कि जमीन के प्रचलित बाजार मूल्य और गाइडलाइन दर में न्यूनतम अंतर हो. इसके लिए प्रत्येक रिहायशी कॉलोनी व वाणिज्यिक सहित अन्य इलाकों में जमीन के प्रचलित बाजार मूल्य का आंकलन करने के लिए भौतिक रूप से सर्वे किया जा रहा है. साथ ही विभिन्न बैंकों से भी विभिन्न इलाकों में जमीन व अचल संपत्ति के वास्तविक बाजार मूल्य की जानकारी ली जा रही है, क्योंकि बैंकों द्वारा लोन स्वीकृत करने के पहले अचल संपत्ति के वास्तविक बाजार मूल्य का आंकलन किया जाता है. जानकारी के मुताबिक रायपुर जिले में पिछले करीबन 7-8 वर्ष से कलेक्टर गाइड लाइन के बाजार भाव में जमीन की कीमत बढ़ी नहीं है और न ही इतने वर्षों में जमीन की कीमत को लेकर कोई सर्वे हुआ है. लंबे समय से कलेक्टर गाइड लाइन में जरूर जमीन की कीमत बढ़ी नहीं है, लेकिन हकीकत में रायपुर सहित जिले के कई क्षेत्रों में जमीन की कीमत दो से चार गुना तक बढ़ चुकी है. इसे देखते हुए इस बार गाइड लाइन में जमीन की कीमत में बढ़ोतरी किए जाने की संभावना अधिक है. रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने मीडिया को बताया कि, नई गाइड लाइन पर काम चल रहा है. प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद इसकी जानकारी देंगे.
पंजीयन विभाग के मुताबिक अचल संपत्ति का बाजार मूल्य मार्गदर्शिका सिद्धांत वर्ष 2025-26 निर्धारित करने के संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. संपत्ति के प्रचलित बाजार मूल्य के बारे में जानकारी पटवारियों व तहसीलदारों के माध्यम से ली जा रही है. अन्य जानकारियां जैसे निर्माण लागत, शासकीय व नीलामी विक्रय आदि की जानकारी समिति द्वारा संबंधित कार्यालयों से एकत्रित की जा रही है. आंकड़ों का संकलन व विश्लेषण के दस्तावेजों के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रचलित बाजार मूल्य व गाइडलाइन कीमत में न्यूनतम संभावित अंतर हो. रोड से लगकर स्थित व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स या आवासीय कॉम्प्लेक्स के लिए केवल रोड की दर प्रस्तावित की जाएगी. रोड से अंदर की दर प्रस्तावित नहीं की जाएगी, ताकि कोई भ्रम की स्थिति न रहे. वहीं, किसी रिहायशी कॉलोनी या मोहल्ले में 40 फीट से अधिक चौड़ाई की सड़क, मुख्य मार्ग मानी जाएगी. नियम के प्रावधानों के अनुसार हर साल की तरह वर्ष 2025-26 के लिए अचल संपत्ति की बाजार मूल्य दरों का पुनरीक्षण किया जाना है. उप जिला मूल्यांकन समिति स्तर पर सभी कार्यवाही 31 मार्च तक पूरी की जाएगी. वहीं, केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को प्रस्ताव 15 अप्रैल तक प्रस्तुत करने कहा गया है. गौरतलब है कि पिछले सात वर्षों से जमीन की कलेक्टर गाइडलाइन दरें नहीं बढ़ी हैं. वर्तमान में वर्ष 2017 की दरें ही लागू हैं. जबकि नियमानुसार कलेक्टर गाइडलाइन दर को हर साल पुनरीक्षण किए जाने का प्रावधान है.
फ्लाई ऐश डंपिंग पर सरकार का बड़ा फैसला, पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी बोले – 15 अप्रैल से जीपीएस ट्रैकिंग अनिवार्य
रायपुर। फ्लाई ऐश डंपिंग को लेकर राज्य सरकार ने नया नियम लागू करने का फैसला किया है. पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा है कि 15 अप्रैल से फ्लाई ऐश परिवहन में जीपीएस ट्रैकिंग और जियो टैगिंग सिस्टम अनिवार्य किया जाएगा. इस फैसले का उद्देश्य फ्लाई ऐश के अनुचित डंपिंग को रोकना और पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित करना है.
मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि इस सिस्टम के जरिए फ्लाई ऐश वाहनों की ट्रैकिंग होगी और सुनिश्चित किया जाएगा कि कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डंप हो. यह कदम उन कंपनियों और ट्रांसपोर्टर्स पर नकेल कसने के लिए उठाया गया है, जो फ्लाई ऐश को अवैध रूप से फेंक रहे हैं. सरकार का मानना है कि इस निर्णय से नदियों, खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों में प्रदूषण कम होगा और औद्योगिक कचरे के अनुशासित प्रबंधन में सुधार आएगा.
राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का तबादला, देखें लिस्ट…
रायपुर। साय सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का तबादला किया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने 11 अधिकारियों को इधर से उधर किया है.


Keynes Technology का छत्तीसगढ़ में निवेश प्रस्ताव, IT और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में दिखी उत्सुकता
बेंगलुरु। छत्तीसगढ़ को तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए Keynes Technology के प्रमुख राजेश शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की और आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में निवेश की योजना प्रस्तुत की। कंपनी उन्नत तकनीक, डिजिटलीकरण और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने पर काम करती है। राजेश शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में सरकार की नई औद्योगिक नीति और अनुकूल वातावरण के कारण राज्य में आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने यहां नवाचार (Innovation) और स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा देने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने Keynes Technology के इस प्रस्ताव का स्वागत किया और राज्य में नई तकनीकी इकाइयों को स्थापित करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग देने का आश्वासन दिया। इससे छत्तीसगढ़ के युवाओं को नई नौकरियों और आधुनिक तकनीक सीखने के अवसर मिलेंगे, जिससे राज्य तकनीकी क्षेत्र में एक नया केंद्र बन सकेगा।
“देश का प्रकृति परीक्षण" अभियान का प्रथम चरणः छत्तीसगढ़ राज्य को पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त
रायपुर। भारत सरकार आयुष मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग नई दिल्ली के तत्वावधान में मुंबई में "देश का प्रकृति परीक्षण" अभियान के प्रथम चरण का समापन समारोह मनाया गया। केंद्रीय आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव के मुख्य आतिथ्य में मुंबई के जहांगीर भाभा थियेटर में समापन समारोह का आयोजन किया गया था। अभियान के पहले चरण में स्ट्राइक रेट के लक्ष्य में छत्तीसगढ़ राज्य को पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त होने पर प्रशस्ति पत्र और ट्राफी से सम्मानित किया गया। यह सम्मान, अभियान के राज्य समन्वयक एवं छ.ग. आयुर्वेदिक, यूनानी एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद रायपुर के रजिस्ट्रार डॉ. संजय शुक्ला ने प्राप्त किया।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने छत्तीसगढ़ में इस अभियान की शुभारंभ संविधान दिवस 26 नवंबर 2024 को किया था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेई की जयंती 25 दिसंबर 2024 को कुनकुरी में इस अभियान का समापन किया गया था। संचालनालय आयुष छत्तीसगढ़ के निर्देशन में छत्तीसगढ़ में साढ़े चार लाख से ज्यादा नागरिकों का प्रकृति परीक्षण किया गया है। अभियान के महत्व के दृष्टिगत केंद्रीय गृह मंत्रालय के पहल पर राज्य में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के तैनात विभिन्न संगठनों के 40 हजार से अधिक अधिकारियों एवं जवानों का प्रकृति परीक्षण किया गया। राज्य को यह सम्मान मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वास्थ्य अधिकारियों को शुभकामनाएं दी हैं। श्री जायसवाल ने कहा है कि केंद्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ को पुरस्कार मिलना बड़ी बात है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए राज्य की जनता के हित में लगातार मेहनत और इमानदारी से कार्य करते रहने की बात कही।
महादेव सट्टा एप : PCC चीफ बैज ने कहा-पंडित प्रदीप मिश्रा से CBI करेगी पूछताछ ?
रायपुर। सीबीआई (CBI) ने महादेव सट्टा एप घोटाले की जांच में आज छत्तीसगढ़, भोपाल (मप्र), कोलकाता और दिल्ली में 60 स्थानों पर छापेमारी की है. इनमें संदेह के दायरे में आए राजनेताओं, वरिष्ठ नौकरशाहों, पुलिस अधिकारियों और प्रमुख पदाधिकारियों से जुड़े परिसर शामिल हैं. CBI की दबिश को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा से पूछताछ की संभावना को लेकर सवाल उठाए और केंद्र सरकार पर आरोप लगाए हैं.
दीपक बैज ने कहा कि दुबई में गिरफ्तारी के दावे के बाद कथावाचक प्रदीप मिश्रा की कथा में सौरभ चंद्राकर नजर आया था. क्या पंडित प्रदीप मिश्रा से CBI पूछताछ करेगी ? प्रदीप मिश्रा छत्तीसगढ़ में है, क्या उनसे कोई पूछताछ होगी? गिरफ्तारी का दावा सरकार ने किया था, कहां है सौरभ चंद्राकर? केंद्र और राज्य में सरकार होने के बाद भी क्यों महादेव सट्टा ऐप बंद नहीं हुआ?
दीपक बैज ने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र और राज्य के मंत्री और नेताओं की जेब में सट्टे का पैसा जाता है, इसलिए इसे बंद नहीं करा रहे हैं. क्या CGMSC और भारतमाला प्रोजेक्ट की भी ED और CBI से जांच कराई जाएगी? छोटी-छोटी मछलियों को फंसाकर मंत्री को बचा लिया. भारतमाला प्रोजेक्ट की जांच हो जाएगी तो बीजेपी के आधे से ज्यादा नेता अंदर जाएंगे. सरकार चारों खाने चित हो चुकी है, इसलिए डराना चाहती है. बंदूक की नोक पर यह सरकार चलाना चाह रही है. छत्तीसगढ़ को सेंट्रल एजेंसियों का अड्डा बना दिया गया है. इस कार्रवाई का बड़ी रणनीति के साथ पार्टी विरोध करेगी.
मुख्यमंत्री श्री साय से कर्नाटक चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात
बेंगलुरू। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FKCCI) के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। बैठक में कर्नाटक और छत्तीसगढ़ के बीच औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। FKCCI ने कर्नाटक सरकार की नई औद्योगिक नीति 2025-30 के तहत निवेश और कारोबारी सुगमता को लेकर अपने विचार साझा किए।
CBI जांच के खिलाफ कल कांग्रेस का प्रदर्शन, प्रदेशभर में केंद्र और राज्य सरकार का जलाएंगे पुतला
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत अन्य कांग्रेस नेताओं के घर सीबीआई की जांच के खिलाफ कांग्रेस कल प्रदेशभर में केंद्र और राज्य सरकार का पुतला दहन करेगी. जिला स्तरीय पुतला दहन कार्यक्रम में कांग्रेस के सभी नेता मौजूद रहेंगे.
बता दें कि ED के बाद अब CBI ने महादेव सट्टा एप मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर और भिलाई निवास में आज दबिश दी है. भिलाई विधायक देवेंद्र यादव और राजनैतिक सलाहकार विनोद वर्मा के घर भी CBI ने छापा मारा है. इसे लेकर कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार पर द्वेषपूर्ण करवाई का लगाया है. इस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने 27 मार्च को प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में उद्योगपतियों और निवेशकों से किया संवाद
बेंगलुरू। देश की सिलिकॉन वैली के रूप में प्रसिद्ध बेंगलुरु की कई बड़ी टेक कंपनियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर रूचि दिखाई है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में देश के शीर्ष उद्योगपतियों और बिजनेस लीडर्स से संवाद कर राज्य में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इस दौरान इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी/आईटीईएस, खाद्य प्रसंस्करण और ग्रीन फ्यूल जैसे क्षेत्रों के कई बड़ी कम्पनियों ने 3700 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सौंपें हैं। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार ने आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नैसकॉम, इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (IESA) और द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (TiE) बैंगलोर के साथ महत्वपूर्ण एमओयू भी साइन किया है।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश और उद्योगों के लिए देश के सबसे उभरते हुए राज्यों में से एक है। देश के सबसे समृद्ध खनिज संसाधन, सेंट्रल इंडिया की शानदार लोकेशन और कनेक्टिविटी के लाभ के साथ ही छत्तीसगढ़ में भरपूर बिजली-पानी, मानव संसाधन जैसी बुनियादी सुविधाएं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा डिजिटल टेक्नोलॉजी से छत्तीसगढ़ सुशासन का मॉडल स्टेट बन रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने अब निवेश के लिए कागजी झंझट खत्म कर दिया गया है। बस एक क्लिक में एनओसी मिलेगी और फैसला भी डिजिटल तरीके से होगा। नई औद्योगिक नीति से निवेश प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया गया है।
उन्होंने बताया नई उद्योग नीति में निवेश एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए 1 हजार करोड़ रुपए अथवा एक हजार लोगों को रोजगार देने वाले उद्योगों को बी-स्पोक नीति का अवसर प्रदान किया गया है। इस नीति में 30 से 50 प्रतिशत तक एवं 200 से 450 करोड़ रुपए तक स्थायी पूंजी निवेश की प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। 5 से 12 वर्ष तक नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, रोजगार एवं ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा प्रशिक्षण व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए आकर्षक प्रावधान किये गये हैं।
उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति में हमने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स, कंप्यूटिंग, ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए आकर्षक प्रावधान रखे गये हैं। इसके साथ ही इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रानिक्स, फार्मा, टैक्सटाइल, फूड एंड एग्रो प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में भी विशेष रियायत दी गई है। हम नवा रायपुर में फार्मास्यूटिकल पार्क भी स्थापित कर रहे हैं जो सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा फार्मास्यूटिकल पार्क होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि रायपुर को हम मध्य भारत के सबसे बड़े आईटी हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। यहाँ 1.6 बिलियन डालर का निवेश किया गया है जिससे यहां की अधोसंरचना देश के सबसे शानदार शहरों जैसी है। नवा रायपुर ग्रीनफील्ड शहर भी हैं जिससे आईटी इंडस्ट्री के विकास के लिए यहां भरपूर संभावनाएं हैं।
इस मीट में उद्योग विभाग के मंत्री लखन लाल देवांगन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव राहुल भगत, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सैन, सचिव एस भारतीदासन, उद्योग और वाणिज्य विभाग के सचिव सौरभ कुमार, संचालक प्रभात मलिक और सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बस्तर में निवेशकों के लिए अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर और सरगुजा को हमने सर्वाधिक औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन क्षेत्र के रूप में रखा है। यहां कोर सेक्टर प्रोत्साहन, आयरन और कोल रायल्टी में 50 से 100 प्रतिशत तक छूट है। सेस की प्रतिपूर्ति 150 प्रतिशत तक किये जाने का प्रावधान है। बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट के पास ग्राम नियानार में हम 118 एकड़ में नये औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना करने जा रहे हैं इससे यहां बड़े पैमाने पर लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों को स्थापना के अवसर मिलेंगे।
देश की अग्रणी कंपनियां करेंगी छत्तीसगढ़ में निवेश
सम्मेलन में बीईएमएल, क्लेन पैक्स, कीन्स टेक्नोलॉजी, नैसकॉम, गोकुलदास एक्सपोर्ट्स, ब्रिटानिया, टाई बैंगलोर और कर्नाटक चैंबर ऑफ कॉमर्स जैसी प्रमुख कंपनियों व औद्योगिक समूहों ने भाग लिया। इन कंपनियों ने छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, अनुकूल नीतिगत वातावरण और मजबूत आधारभूत ढांचे की सराहना की।
छत्तीसगढ़ को मिले निवेश प्रस्तावों की झलक
- GPSR आर्या प्राइवेट लिमिटेड (CBG ग्रीन फ्यूल सेक्टर) – ₹1350 करोड़ का निवेश कर यह कंपनी बायोगैस और हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगी, जिससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा क्रांति आएगी।
- क्लेन पैक्स (टेक्सटाइल सेक्टर) – ₹500 करोड़ के निवेश से यह कंपनी कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर बढ़ाएगी।
- ब्रिटानिया (फूड प्रोसेसिंग सेक्टर) – ₹200 करोड़ का निवेश कर यह कंपनी खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मजबूत करेगी, जिससे स्थानीय किसानों और छोटे उद्यमियों को लाभ होगा।
- कीन्स टेक्नोलॉजी (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) – ₹1000 करोड़ के निवेश से छत्तीसगढ़ के आईटी सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे युवाओं को बड़े पैमाने पर रोज़गार मिलेगा।
- गोकुलदास एक्सपोर्ट्स और SRV निट टेक प्राइवेट लिमिटेड – दोनों कंपनियां ₹200 करोड़ का निवेश कर टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूती देंगी, जिससे राज्य के कपड़ा उद्योग को नई पहचान मिलेगी।
- BEML (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) ने छत्तीसगढ़ में 200 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। यह निवेश राज्य में इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र को मजबूती देगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- पुनीत क्रिएशन, श्याम टेक्सटाइल एवं वूल रिसर्च एसोसिशन ने भी छत्तीसगढ़ में रूचि दिखाते हुए निवेश प्रस्ताव सौंपे हैं।
गांव-गांव में जैविक उत्पादों का विस्तार, टेक्सटाइल उद्योग में निवेश करेगा Klene Paks
बेंगलुरु। पर्यावरण के अनुकूल (बायोडिग्रेडेबल) उत्पाद बनाने वाली कंपनी Klene Paks ने छत्तीसगढ़ में अपने उद्योगों के विस्तार की योजना बनाई है। कंपनी के प्रमुख विमल सिपानी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर राज्य में टेक्सटाइल उद्योग स्थापित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में जैविक उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देने की इच्छा जताई।
Klene Paks एक अग्रणी कंपनी है, जो ऐसे उत्पाद बनाती है जो पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल होते हैं और प्लास्टिक के बेहतर विकल्प के रूप में काम आते हैं। कंपनी के “बायोटिक” उत्पाद विशेष रूप से जैविक और प्राकृतिक रूप से नष्ट होने वाले होते हैं, जिससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। विमल सिपानी ने बताया कि वे छत्तीसगढ़ के गांवों में इस उद्योग को बढ़ाकर स्थानीय लोगों, विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं को रोजगार देना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति पर्यावरण अनुकूल उद्योगों के लिए बेहद लाभदायक है, जिससे निवेशकों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी इस पहल की सराहना की और भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी सहायता प्रदान करेगी।
इस निवेश से न केवल राज्य में हरित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
छत्तीसगढ़ के विकास में डिजिटल कनेक्टिविटी की अहम भूमिका: बृजमोहन अग्रवाल
नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में राज्य में मोबाइल नेटवर्क और संचार सेवाओं के विस्तार को लेकर सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में नेटवर्क सुधार के लिए केंद्र सरकार क्या विशेष कदम उठा रही है? इसके अलावा, उन्होंने छत्तीसगढ़ में 5G नेटवर्क के और विस्तार, नए डाकघरों की स्थापना और डाक सेवाओं को डिजिटल बनाने की योजनाओं के बारे में जानकारी मांगी।
इस पर संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने बताया कि छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में 5G के कुल 6,644 बेस ट्रांसीवर स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं, रायपुर (1,152), बिलासपुर (637), कोरबा (409), रायगढ़ (381), दुर्ग (221), महासमुंद (204), बस्तर (209), जशपुर (184) सहित अन्य जिलों में भी व्यापक स्तर पर 5G कवरेज बढ़ाया गया है। जिससे प्रदेश के लाखों नागरिकों को हाई-स्पीड इंटरनेट और बेहतर मोबाइल कनेक्टिविटी की सुविधा मिल रही है।
इसके अलावा, डिजिटल भारत निधि (DBN) से वित्त पोषित मोबाइल स्कीमों के तहत 1,341 मोबाइल टावर चालू किए गए हैं, जिनके माध्यम से 1,461 गांवों में 4G नेटवर्क की सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य के 20,072 गांवों में से 19,123 गांवों में मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध है।
डाक सेवाओं का विस्तार:
मंत्री ने बताया कि पिछले 5 वर्षों में छत्तीसगढ़ में 573 नए डाकघर खोले गए हैं, जिससे ग्रामीण और सुदूर इलाकों में संचार और वित्तीय सेवाओं की पहुंच बेहतर हुई है। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के माध्यम से राज्य के 4,469 डाकघरों में बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिसमें बचत और चालू खाते, वर्चुअल डेबिट कार्ड, इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
बीएसएनएल सेवाओं में सुधार:
राज्य में बीएसएनएल की सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए फेज-9.2 प्रोजेक्ट, 4G सैचुरेशन प्रोजेक्ट और LWE फेज-1 अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। अब तक कुल 2,909 4G साइट्स चालू की गई हैं, जिससे बीएसएनएल सेवाओं में बड़ा सुधार हुआ है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल की प्रतिक्रिया:
इस महत्वपूर्ण जानकारी पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, "छत्तीसगढ़ के विकास में डिजिटल कनेक्टिविटी की अहम भूमिका है। राज्य में 5G नेटवर्क का विस्तार और दूर-दराज के इलाकों में 4G टावरों की स्थापना इस दिशा में एक बड़ा कदम है। मैं केंद्र सरकार से आग्रह करता हूं कि राज्य के हर गांव और आदिवासी अंचलों में संचार सुविधाओं को और अधिक मजबूत किया जाए, ताकि डिजिटल इंडिया का सपना पूरी तरह साकार हो सके।"
छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति को और आगे बढ़ाने के लिए बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र सरकार से अभी भी नेटवर्क से वंचित गांवों में जल्द से जल्द कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने, बीएसएनएल सेवाओं को और अधिक उन्नत करने तथा डाकघर बैंकिंग सेवाओं के विस्तार की मांग की है।
इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय पर वित्तीय अनियमितताओं और अस्थायी कुलपति की नियुक्ति में अपारदर्शिता बरतने का आरोप, कलेक्टर से की जांच की मांग
खैरागढ़। प्रतिष्ठित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है. रिटायर्ड शिक्षक बी.आर. यादव, जो पहले भी विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आवाज उठा चुके हैं, ने इस बार कुलपति की नियुक्ति, वित्तीय अनियमितताओं और अकादमिक गिरावट को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने इस संबंध में खैरागढ़ कलेक्टर चंद्रकांत वर्मा को लिखित शिकायत सौंपी और निष्पक्ष जांच की मांग की है.
निजी स्वार्थों के लिए संस्थान चलाने वाले जिम्मेदार : रिटायर्ड शिक्षक यादव
बी.आर. यादव वही शिक्षक हैं, जिनकी भूख हड़ताल के कारण पूर्व कुलपति ममता चंद्राकर को पद से हटना पड़ा था. अब एक बार फिर उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन पर मनमानी, भ्रष्टाचार और शैक्षणिक गुणवत्ता में गिरावट का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि विश्वविद्यालय का स्तर लगातार नीचे जा रहा है, और इसके लिए वे उन लोगों को जिम्मेदार ठहराते हैं, जो संस्थान को निजी स्वार्थों के लिए चला रहे हैं.
क्या है आरोप ?
उन्होंने शिकायत में आरोप लगाया है कि वर्ष 2022 में आयोजित खैरागढ़ महोत्सव और दीक्षांत समारोह में अनधिकृत लोगों को मंच पर स्थान दिया गया था, जिससे विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची. इसके अलावा, अस्थायी कुलपति की नियुक्ति में अपारदर्शिता बरती गई, जिससे योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय हुआ. साथ ही, वित्तीय अनियमितताओं और अव्यवस्थित प्रशासन के कारण विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल भी प्रभावित हुआ है.

रिटायर्ड शिक्षक ने कलेक्टर को सौंपी शिकायत
इसी संबंध में रिटायर्ड शिक्षक बी.आर. यादव ने खैरागढ़ कलेक्टर चंद्रकांत वर्मा को जिला कार्यालय जाकर अपनी लिखित शिकायत सौंपी, जिस पर कलेक्टर ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है.
एडीएम ने दी सफाई, जांच की प्रक्रिया जारी
इस पूरे मामले पर एडीएम प्रेम कुमार पटेल ने बताया कि वर्ष 2022 के खैरागढ़ महोत्सव को लेकर पहले भी जांच के लिए आवेदन दिया गया था, जिसमें विस्तृत जांच प्रक्रिया चल रही थी और अब वह लगभग पूरी होने वाली है. वहीं, हाल ही में आयोजित कार्यक्रम में कुछ कमियों की ओर भी ध्यान दिलाया गया है, जिन्हें भविष्य में सुधारने का आश्वासन दिया गया है.
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यदि जल्द ही इस पर संज्ञान नहीं लिया गया, तो विश्वविद्यालय एक और बड़े संकट में घिर सकता है.