प्रदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिले IESA अध्यक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश पर हुई चर्चा
नई दिल्ली। बेंगलुरू में आयोजित इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (IESA) के अध्यक्ष अशोक चंडक सहित अन्य प्रतिनिधियों ने राउंड टेबल बैठक में हिस्सा लिया। जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश की संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई।
इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार की उद्योग नीति, निवेश अनुकूल वातावरण और बुनियादी ढांचे के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है, जिससे इस क्षेत्र में बड़े निवेश के अवसर खुल रहे हैं।
आईईएसए अध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को लेकर रुचि जताई और इस क्षेत्र में संभावित निवेश को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया। बैठक में इंडस्ट्रियल क्लस्टर, स्किल डेवलपमेंट और लॉजिस्टिक्स जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
यह बैठक छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ पीसीसी चीफ बैज पहुंचे भूपेश बघेल के निवास, बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
दुर्ग। महादेव सट्टा एप घोटाले को लेकर CBI ने छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई की है. इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उनके करीबियों और कई अधिकारियों के रायपुर, भिलाई समेत दो दर्जन से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई है. इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है. CBI की छापेमारी के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज भिलाई पहुंचे, जहां वे पूर्व सीएम भूपेश बघेल के निवास पर जाकर कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं. भूपेश बघेल के घ रके बाहर बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद हैं.
आईटी-टेक्नोलॉजी हब के रूप में उभरेगा छत्तीसगढ़ : साय सरकार ने नैसकॉम के साथ समझौता ज्ञापन पर किया हस्ताक्षर, कौशल विकास में बढ़ेगा निवेश
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ जल्द ही आईटी और टेक्नोलॉजी हब के रूप में उभरेगा। छत्तीसगढ़ सरकार और नैसकॉम के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) संपन्न हुआ है, जिससे छत्तीसगढ़ में कौशल विकास में निवेश बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में नैसकॉम के उपाध्यक्ष श्रीकांत श्रीनिवासन व अन्य प्रतिनिधियों से मुलाकात की और राज्य की कौशल विकास के क्षेत्र में अपार संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि रायपुर देश का ऐसा प्रमुख शहर है, जहां आईआईटी, एनआईटी, एम्स और ट्रिपल आईटी जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान हैं, जो उद्योगों की जरूरत के अनुसार कुशल युवा तैयार कर रहे हैं।
नया रायपुर को आईटी हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां कई आईटी कंपनियों ने अपना कार्य प्रारंभ कर दिया है। सरकार बेंगलुरु और हैदराबाद की तर्ज पर नया रायपुर को एक प्रमुख टेक हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत आईटी और स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। स्किलिंग प्रोग्राम के माध्यम से कॉलेज के विद्यार्थियों को उद्योगों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे रोजगार के लिए तैयार हो सकें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जानकारी दी कि अभी तक 4 लाख 40 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जो राज्य की औद्योगिक नीति की सफलता को दर्शाता है। इस बैठक के दौरान दिल्ली, मुंबई और रायपुर में आयोजित इन्वेस्टर्स मीट में मिले सकारात्मक प्रतिक्रिया पर भी चर्चा हुई।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने CBI रेड पर दिया बड़ा बयान
रायपुर। छत्तीसगढ़ में महादेव सट्टा एप घोटाले को लेकर CBI ने बड़ी कार्रवाई की है. आज तड़के CBI की टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उनके करीबियों और कई अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की. इस छापेमार कार्रवाई से प्रदेश में सियासी बवाल मचा हुआ है. पक्ष और विपक्ष के बयान सामने आ रहे हैं. वहीं CBI की कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री विजय शर्मा ने बयान देते हुए कहा कि “CBI की रेड की जानकारी मिली है, लेकिन किस विषय की जांच हो रही है, इसकी जानकारी नहीं है. अनेक विषयों की जांच का जिम्मा CBI को सौंपा गया है. नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने विभिन्न विषयों पर जांच की मांग की थी और उन्हें ईडी और सीबीआई पर विश्वास है. नतीजे तक पहुंचने के लिए ही जांच की जा रही है.”
कांग्रेस के केंद्रीय एजेंसी के दुरुपयोग करने के आरोप पर विजय शर्मा ने कहा कि शायद उन्हें पता नहीं उनके ही नेता प्रतिपक्ष विभिन्न विषयों पर सीबीआई और ईडी जांच की मांग कर रहे हैं, उन्हें भी सीबीआई और ईडी पर भरोसा है. क्योंकि उन्होंने सदन में सीबीआई जांच नहीं होगी तो प्रधानमंत्री तक को पत्र लिखने की बात कही है.
चैत्र नवरात्रि पर विशेष ट्रेन सेवाओं और अस्थायी ठहराव की व्यवस्था… देखें सभी ट्रेनों की लिस्ट
रायपुर। चैत्र नवरात्रि के अवसर पर डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन ने विशेष ट्रेन सेवाओं और अस्थायी ठहराव की व्यवस्था की है. यह सुविधा 30 मार्च से 6 अप्रैल 2025 तक लागू रहेगी.
रेलवे की विशेष सुविधाएं:
गोंदिया-दुर्ग-गोंदिया मेमू पैसेंजर (68742/68741) को रायपुर तक विस्तारित किया जाएगा.
रायपुर-डोंगरगढ़-रायपुर मेमू पैसेंजर (68729/68730) को बहाल कर इसे गोंदिया तक विस्तार दिया जा रहा है.
डोंगरगढ़-दुर्ग-डोंगरगढ़ मेमू पैसेंजर स्पेशल (08709/08710) ट्रेन चलाई जाएगी.
दुर्ग-रायपुर-दुर्ग मेमू पैसेंजर स्पेशल (08701/08702) ट्रेन का संचालन किया जाएगा.
डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन में अस्थायी ठहराव की समय सारणी

डोंगरगढ़ में प्रमुख ट्रेनों का अस्थायी ठहराव
इसके अतिरिक्त, कुछ दूरगामी एक्सप्रेस ट्रेनों का भी डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर 30 मार्च से 6 अप्रैल 2025 तक अस्थायी ठहराव रहेगा, ताकि श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकें.
बिना टिकट यात्रा करने वालों पर रेलवे की कड़ी कार्रवाई, तीन दिनों में वसूला 17 लाख रुपये का जुर्माना
जगदलपुर। रेल मंडल में बिना टिकट यात्रा पर अंकुश लगाने के लिए एक केंद्रित प्रयास के तहत वाल्टेयर मंडल के वाणिज्यिक विभाग ने रेलवे सुरक्षा बल के साथ मिलकर विशेष टिकट जांच अभियान शुरू किया है, जिसके चलते तीन दिनों में 3,368 लोगों से 17 लाख रुपये जुर्माना की वसूली की गई है.
वाल्टेयर के मंडल रेल प्रबंधक ललित बोहरा ने इन पहलों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इसका प्राथमिक लक्ष्य सभी स्टेशनों पर यात्रियों के लिए आरामदायक और सुरक्षित यात्रा अनुभव सुनिश्चित करना है.
इन जांचों का उद्देश्य दिव्यांगजन यात्रियों, महिला यात्रियों और अन्य के लिए आरक्षित और निर्दिष्ट कोचों में अनधिकृत प्रवेश को रोकना भी है. बताया गया कि वाल्टेयर डिवीजन के टिकट चेकिंग स्टाफ द्वारा गत 19, 20 और 21 मार्च को किए गए विशेष अभियान में बिना टिकट और अनियमित यात्रा के 3,368 मामलों का पता लगाकर किराए और जुर्माने के रूप में 17 लाख रुपये एकत्र किए गए. इन अभियानों के परिणामस्वरूप डिवीजन के काउंटरों पर टिकट बिक्री में 10% से अधिक की वृद्धि हुई है.
9 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, 26 लाख रुपए का है इनाम…
सुकमा। सरकार के नक्सल अभियान को बड़ी सफलता मिली. कोंटा ब्लॉक में नक्सल संगठन में लम्बे समय से सक्रिय वेट्टी कन्नी के साथ 26 लाख के इनामी 9 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है.
सुकमा एसपी किरण चव्हाण, एएसपी उमेश गुप्ता व सीआरपीएफ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले 9 नक्सलियों में 6 महिला नक्सली भी शामिल हैं. ये सभी नक्सली कई बड़ी वारदातों में शामिल रहे हैं. नक्सली बटालियन में सक्रिय एक नक्सली ने भी आत्मसमर्पण किया है.
इस दौरान सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि लगातार चलाए जा रहे ऑपरेशन और कैंप खोलने से प्रभावित होकर नौ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. इनमें बटालियन नंबर वन के अलावा जगरमुंडा एरिया में शामिल नक्सली हैं. ये नक्सलियों की खोखली विचारधारा को त्यागकर आत्मसर्मपण किया है. इन्हें शासन की आत्मसमर्पण की नीतियों का लाभ दिया जाएगा.
भूपेश बघेल के घर सीबीआई की छापेमारी के दौरान पुलिस से भिड़ा कांग्रेस कार्यकर्ता, देखिए वीडियो…
दुर्ग। सीबीआई की पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पुरानी भिलाई निवास में कार्रवाई के दौरान निवास के बाहर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ता और पुलिस टीआई के बीच झूमाझटकी हो गई.
सीबीआई दबिश के दौरान सीएसपी हरीश पाटिल के साथ 4 थानों के टीआई और 100 पुलिस जवान मौके पर मौजूद थे. कार्रवाई के दौरान कांग्रेस पार्षद के पति लाभेश मन्दरकर और जामुल टीआई कपिल देव पांडेय के बीच झूमाझटकी हुई.
इसके पहले भी ईडी की कार्रवाई के दौरान के घर से सामने मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों की गाड़ी को रोकने का प्रयास किया था. और झूमाझटकी की थी.
बता दें कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर और भिलाई स्थित निवास पर आज सुबह CBI की टीम ने दबिश दी है. इसके अलावा उनके राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा, IPS शेख आरिफ, IPS आनंद छाबड़ा, IPS अभिषेक पल्लव, IPS प्रशांत अग्रवाल, एडिशनल एसपी संजय ध्रुव, एडिशनल एसपी अभिषेक महेश्वरी, पूर्व आईएएस अनिल टूटेजा और कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के ठिकानों पर भी CBI ने छापेमारी की है.
देखिए वीडियो –
ASP अभिषेक महेश्वरी का घर सील, सौम्या चौरसिया के घर भी पहुंची टीम
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज तड़के सुबह से सीबीआई की टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित उनके करीबियों और कई अधिकारियों के यहां दबिश दी है. छापे की कार्रवाई महादेव सट्टा एप मामले हुई है. इस मामले में ताजा अपडेट यह है कि बघेल सरकार में प्रभावशाली अधिकारी रहे एएसपी अभिषेक महेश्वरी के घर को सील कर दिया गया है. सीबीआई की टीम जब महेश्वरी के घर पहुंची तो वहां वे मौजूद नहीं थे.

वहीं बघेल सरकार में सीएम सचिवालय में उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया के भिलाई स्थित घर पर सीबीआई की टीम छान-बीन कर रही है. कुछ महत्वपूर्व दस्तावेज घर से बरामद किए जाने की चर्चा है. खबर केपीएस ग्रुप पर छापे को लेकर भी है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है. बताया जा रहा है केपीएस ग्रुप के त्रिपाठी परिवार के घर टीम ने दबिश दी है. इसके साथ ही भूपेश बघेल के ओएसडी रहे मनीष बंछोर और आशीष वर्मा के ठिकानों पर छापे की खबर है.

सूत्रों के मुताबिक सीबीआई की टीम की कार्रवाई राजधानी रायपुर, भिलाई सहित करीब दो दर्जन से अधिक स्थानों पर चल रही है. भिलाई स्थित आवास में भूपशे बघेल के पूत्र चैतन्य बघेल से टीम पूछताछ कर रही है. वहीं बघेल केंद्रीय सुरक्षा बल की कड़ी निगरानी के बीच परिवारों के साथ अपने निवास पर मौजूद हैं.
इन जगहों पर चल रही सीबीआई की कार्रवाई
CBI की टीम ने आज तड़के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर और भिलाई स्थित निवास पर दबिश दी है. इसके अलावा उनके राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा, विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, आईपीएस आनंद छाबड़, आईपीएस आरिफ शेख, आईपीएस अभिषेक पल्लव, आईपीएस प्रशांत अग्रवाल, एडिशनल एसपी अभिषेक माहेश्वरी, एडिशनल एसपी संजय ध्रुव के ठिकानों पर भी CBI ने छापेमारी की है.
क्या है मामला
छत्तीसगढ़ सरकार ने अगस्त 2024 में महादेव बेटिंग ऐप घोटाले की जांच आधिकारिक तौर पर सीबीआई को सौंप दी थी. ईडी ने पिछले साल जनवरी में इस पूरे मामले की जांच शुरू की थी, जिसके बाद इसका जिम्मा एसीबी और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को भी सौंप दिया गया था. इस साल लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले 4 मार्च को एसीबी द्वारा दायर चार्जशीट में भूपेश बघेल को आरोपी बनाया गया था. भूपेश बघेल के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, विश्वासघात और जालसाजी से संबंधित विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 11 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. कई अन्य भी आरोपी बनाए गए थे.
पूर्व CM भूपेश बघेल, विनोद वर्मा, देवेंद्र यादव, 1 पूर्व IAS और 4 IPS समेत कई अन्य के ठिकानों पर सीबीआई की दबिश
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर और भिलाई स्थित निवास पर आज सुबह CBI की टीम ने दबिश दी है. इसके अलावा उनके राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा, IPS शेख आरिफ, आईपीएस आनंद छाबड़ा, आईपीएस अभिषेक महेश्वरी, आईपीएस अभिषेक पल्लव, पूर्व आईएएस अनिल टूटेजा, एडिशनल एसपी संजय ध्रुव, आईपीएस प्रशांत अग्रवाल और कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के ठिकानों पर भी CBI ने छापेमारी की है.
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व सीएम भूपेश बघेल, नेताओं और अधिकारियों के ठिकानों पर यह कार्रवाई महादेव सट्टा एप मामले से जुड़ी है.

CBI कार्रवाई पर भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया
भूपेश बघेल ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए X (ट्विटर) पर पोस्ट किया कि अब CBI आई है. उन्होंने बताया कि आगामी 8 और 9 अप्रैल को अहमदाबाद (गुजरात) में होने वाली AICC की बैठक के लिए गठित “ड्राफ़्टिंग कमेटी” की मीटिंग के लिए आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दिल्ली जाने का कार्यक्रम है. उससे पूर्व ही CBI रायपुर और भिलाई निवास पहुंच चुकी है.
बार-बार भूपेश बघेल को एजेंसियों द्वारा परेशान करना बेहद निंदनीय – टीएस सिंहदेव
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने एक्स पर लिखा, बार-बार छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को एजेंसियों द्वारा परेशान करना बेहद निंदनीय है. ये केवल भूपेश बघेल की छवि को खराब करने की भाजपा की नाकाम कोशिश है. प्रदेश की भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ राज्य को चलाने में असमर्थ साबित हो रही है, इसीलिए जनता से जुड़े मुद्दों से का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे प्रयास कर रही है. पहले ED फिर CBI – जांच एजेंसियों को भाजपा की B team बन कर काम करने से फुर्सत ही नहीं है. अभी हाल में ED द्वारा विपक्ष के नेताओं पर कार्रवाई को रिपोर्ट खुद सरकार को जब दिखानी पड़ी तो निश्चित हो गया कि यह केवल धमकाने और परेशान करने का हथियार बना हुआ है. भाजपा द्वारा राजनीतिक द्वेष की भावना से की जा रही यह कार्रवाई लोकतंत्र का हनन है.
भूपेश बघेल के घर ED पहले कर चुकी है छापेमारी
बता दें कि बीते 10 मार्च को भी ED की टीम ने भूपेश बघेल के भिलाई निवास पर छापा मारा था. ईडी के अफसरों ने पूर्व मुख्यमंत्री और उनके परिवार से 11 घंटे तक पूछताछ की. इस दौरान दस्तावेजों, सोने-चांदी के जेवरातों की जांच की गई. साथ ही परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल की जांच की गई. ED ने भूपेश बघेल के घर से 33 लाख रुपये नगद बरामद किए थे.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर CBI की दबिश, रायपुर और भिलाई में जांच जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल के निवास पर आज तड़के केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दबिश दी है। जानकारी के अनुसार, CBI की टीम रायपुर और भिलाई दोनों स्थानों पर जांच कर रही है।
सुबह-सुबह भूपेश बघेल के ठिकानों पर जांच एंजेसी के अधिकारियों के पहुंचने से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा की मोदी सरकार ने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर सीबीआई को भेजा है।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह छापेमारी किस मामले को लेकर की गई है। CBI अधिकारियों की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन इस कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
बता दे की कुछ ही दिनों पहले भूपेश बघेल की भिलाई निवास में ईडी ने छापेमार की कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई में नगदी लाखों रुपए बरामद किए गए थे।
2006 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलेगा 6वें वेतन आयोग का लाभ, हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने एक फैसले में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की राज्य सरकारों को छठवें वेतन आयोग योजना के तहत 2006 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को पेंशन लाभ का भुगतान करने का निर्देश दिया है। जस्टिस राकेश मोहन पांडेय ने छत्तीसगढ़ शासकीय महाविद्यालयीन पेंशनर्स संघ बनाम छत्तीसगढ़ राज्य के मामले में ये फैसला सुनाया है।
याचिकाकर्ता छत्तीसगढ़ शासकीय महाविद्यालयीन पेंशनर्स संघ सरकारी महाविद्यालयों के पेंशनभोगियों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक पंजीकृत संस्था है। संस्था ने 1 जनवरी 2006 से पहले सेवानिवृत्त होने वालों के साथ किए जा रहे भेदभावपूर्ण व्यवहार को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट ने याचिका लगाई थी। याचिका में कहा गया था कि 2006 के बाद सेवानिवृत्त हुए लोगों को छठे वेतन आयोग का लाभ दिया गया, जबकि इससे पहले सेवानिवृत्त हुए उनके समकक्षों को इससे वंचित रखा गया, जो भेदभाव के समान है।
इससे पहले सोसायटी ने WP(S) संख्या 5333/2012 दायर की थी, जिसका निपटारा 25 जनवरी, 2018 को किया गया था, जिसमें अधिकारियों को एक अभ्यावेदन पेश करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त विभाग ने 28 फरवरी 2018 के एक आदेश के माध्यम से उनके अभ्यावेदन को खारिज कर दिया था, जिसके कारण उन्हें वर्तमान याचिका दायर करनी पड़ी।
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि इस तरह का वर्गीकरण भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है, जो कानून के समक्ष समानता की गारंटी देता है। छत्तीसगढ़ राज्य ने तर्क दिया कि 2006 से पूर्व सेवानिवृत्त लोगों को लाभ देने से राज्य के खजाने पर अनुचित वित्तीय बोझ पड़ेगा। जस्टिस राकेश मोहन पांडेय ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए राज्य के तर्क को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 49 के अनुसार मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों को पेंशन भुगतान की देयता साझा करनी होगी। राज्य को 120 के भीतर संशोधित पेंशन जारी करने का निर्देश दिया है।
जिला पंचायत के प्रथम सम्मिलन में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों ने ली शपथ, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री साहू और डिप्टी सीएम श्री साव मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल
रायपुर। मुंगेली जिला कलेक्टोरेट में आज आयोजित जिला पंचायत के प्रथम सम्मिलन में नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, उपाध्यक्ष शांति देवचरण भास्कर और सदस्यों ने विधिपूर्वक शपथ ली। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू तथा उप मुख्यमंत्री अरुण साव प्रथम सम्मिलन-सह-शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विधायक पुन्नूलाल मोहले और धरमलाल कौशिक विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में मौजूद थे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास की उप संचालक भूमिका देसाई ने जिला पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों को शपथ दिलाया।

सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचे – केंद्रीय राज्य मंत्री श्री साहू
मुंगेली जिला पंचायत के प्रथम सम्मिलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाने के लिए कार्य करें। शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से विकास की रोशनी जिले के अंतिम छोर तक पहुंचे और अंतिम पायदान में खड़े व्यक्ति को इसका लाभ मिले। कोई भी पात्र हितग्राही योजना से वंचित नहीं होना चाहिए। उन्होंने बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में 30 मार्च को होने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में नागरिकों से शामिल होने का आग्रह किया।
जिले को अव्वल लाने संकल्प लेकर कार्य करें – उप मुख्यमंत्री श्री साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उम्मीद जताई कि पंचायत चुनाव में जनता ने जो भरोसा जताया है, उस पर सभी नवनिर्वाचित प्रतिनिधि खरा उतरेंगे और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिले के विकास को और आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने शासन की सभी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में प्रदेश में मुंगेली जिले को अव्वल स्थान पर पहुंचाने के संकल्प के साथ काम करने को कहा। श्री साव ने नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपादित करने और तीनों जनपद पंचायतों में निर्विरोध अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष निर्वाचित होने पर सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुंगेली जिला पंचायत के प्रथम सम्मिलन को विधायक पुन्नूलाल मोहले और धरमलाल कौशिक ने भी संबोधित किया। कलेक्टर राहुल देव, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल और जिला पंचायत के सीईओ प्रभाकर पाण्डेय सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वशासी सोसायटी के कार्यों के बेहतर संपादन के लिए ई संपादन पोर्टल का किया शुभारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से चिकित्सा शिक्षा संचालनालय अंतर्गत सभी 10 चिकित्सा महाविद्यालयों में अलग-अलग समय पर एवं अलग-अलग नियमावली से गठित स्वशासी सोसायटी का एकीकरण किया गया है तथा उसमें व्यापक सुधार किया गया है । जिसके अंतर्गत स्वशासी सोसायटी को पहले से अधिक वित्तीय एवं प्रशासकीय अधिकार दिये गये तथा प्रबंध कार्यकारिणी समिति, वित्त समिति के गठन का प्रावधान कर सभी को वित्तीय अधिकार प्रदान किया गया है।
स्वशासी सोसायटी के कार्यों के बेहतर संपादन के लिए एक वेब पोर्टल विकसित किया गया है ताकि पारदर्शिता के साथ त्वरित कार्यवाही हो सके। साथ ही यह सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मॉनिटरिंग का कार्य भी कर सके।
ई-पोर्टल "स्वशासी सोसायटी ई-संपादन पोर्टल" के द्वारा स्वशासी पोर्टल ऑनलाईन ही अपने एजेंडा बना सकेंगे तथा बैठक की सूचना भी दे सकेंगे। बैठक होने के उपरांत लिये गये निर्णय की एन्ट्री कर कार्यवाही विवरण भी बना सकेंगे। स्वशासी सोसायटी ई-संपादन पोर्टल एजेंडा निर्माण, कार्यवाही विवरण बनाये जाने के साथ ही सारे एजेंडा को एक यूनिक आई.डी. प्रदान करेगा । यह आई.डी. उस एजेंडा के भुगतान से जुड़ा रहेगा जिससे उसमें होने वाले वित्तीय भार अथवा भुगतान में दोहराव नहीं होगा तथा भुगतान में भी पारदर्शिता रहेगी। सी.एस.आर. मद अंतर्गत आई.सी.आई.सी.आई. बैंक द्वारा यह पोर्टल निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
स्वशासी सोसायटी में लिये गये निर्णय / खरीदी के दस्तावेज एवं फोटोग्राफ भी इसमें अपलोड किये जायेंगे। जिसमें डाटालॉक के बाद परिवर्तन किया जाना संभव नहीं रहेगा। डाटालॉक उपरांत भुगतान भी इसी पोर्टल के माध्यम से किये जायेगा जो बैंक के पेमेंट गेटवे से जुड़ा रहेगा।
स्वशासी सोसायटी के ई-संपादन पोर्टल द्वारा स्वशासी सोसायटी को होने वाले आय-व्यय की भी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। साथ ही किस मद में कितनी राशि व्यय की गयी है, की भी जानकारी तुरंत प्राप्त हो सकेगी। पूर्व की बैठकों में लिये गये निर्णयों में कितने में कार्यवाही की गयी है की भी जानकारी रहेगी।
स्वशासी सोसायटी ई-संपादन पोर्टल द्वारा स्वशासी सोसायटी के कार्यों एवं भुगतान में पारदर्शिता आयेगी। जिससे जनहित के कार्यों में तीव्रता से निर्णय लिये जा सकेंगे।
RPF द्वारा मानव तस्करी को लेकर कार्यशाला का किया गया आयोजन
रायपुर। मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) के बढ़ते मामलों को लेकर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने सतर्कता बढ़ाते हुए रायपुर में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया. यह कार्यशाला उल्लास भवन, डब्लू.आर.एस. रेलवे कॉलोनी रायपुर में संपन्न हुई. महानिदेशक, रेलवे सुरक्षा बल, नई दिल्ली के आदेशानुसार आयोजित इस कार्यशाला में रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी, शासकीय रेल पुलिस (GRP) और रायपुर स्टेट पुलिस के कुल 141 अधिकारी एवं जवानों को जागरूक किया गया. कार्यक्रम का संचालन संदीप डी. खिरिटर, सहायक सुरक्षा आयुक्त, रेलवे सुरक्षा बल रायपुर के नेतृत्व में किया गया.
कार्यशाला के दौरान शेष देव भोई (मास्टर ट्रेनर) और विपिन ठाकुर (बचपन बचाओ, छत्तीसगढ़ स्टेट कोऑर्डिनेटर) ने मानव तस्करी के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने बताया कि यह अपराध पीड़ितों के मौलिक अधिकारों का हनन करता है और समाज की नैतिकता व कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती पेश करता है.
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में सीसीएम की स्वशासी समिति बैठक संपन्न
रायपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में चंदूलाल चंद्राकर स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय की स्वशासी समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की तथा आवश्यक सुधार हेतु निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन की स्थापना के निर्देश दिए, जिससे मरीजों को त्वरित एवं उन्नत उपचार मिल सके। इसके साथ ही पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बोर खनन कराने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत छात्रों के लिए स्मार्ट क्लासरूम की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों एवं मरीजों की सुविधाओं के विस्तार हेतु एप्रोच रोड, हाई मॉस्क लाइट, सीसीटीवी कैमरा तथा सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था करने सुनिश्चित करने कहा। अस्पताल में खेल उपकरण, ऑडिटोरियम और जिम निर्माण की योजना पर भी सहमति प्रदान की।
स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा शासन स्तर पर अनुमति प्राप्त होने के उपरांत प्रबंधन कार्यों में किसी प्रकार का विलंब न हो। उन्होंने चिकित्सा स्टाफ की व्यवस्था हेतु जल्द से जल्द संविदा भर्ती किए जाने के निर्देश दिए और शासन द्वारा हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
बैठक में महाविद्यालय की सप्तम बैठक में किये गये निर्णय के पालन प्रतिवेदन, महाविद्यालय की स्वशासी समिति के वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में समिति द्वारा अनुमोदित महाविद्यालय हेतु आवश्यक कार्यों तथा सामग्री/उपकरणों के क्रय पर किये गये व्यय की जानकारी दी गई। इसके अलावा स्वशासी समिति के बजट, सेमीनार देयकों के भुगतान, वार्षिक उत्सव कार्यक्रम, स्वशासी समिति के ऑडिट के देयकों का कार्याेत्तर स्वीकृति, संचालक मण्डल की द्वितीय एवं तृतीय बैठक की कार्यवाही विवरण के पालन प्रतिवेदन पर चर्चा की गई।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिला अस्पताल दुर्ग का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं का किया मूल्यांकन
रायपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज जिला अस्पताल दुर्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ओपीडी, रजिस्ट्रेशन काउंटर, पुरुष वार्ड, महिला वार्ड, शिशु वार्ड, डिलीवरी वार्ड, ऑपरेशन कक्ष सहित सभी वार्डों का विस्तृत निरीक्षण किया। स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने मरीजों एवं उनके परिजनों से उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और चिकित्सकीय सेवाओं के अनुभवों पर चर्चा की।


