गरियाबंद। आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती में फर्जी अंकसूची दिखाकर नियुक्ति मामले में अब जिला स्तरीय जांच समिति ने जांच शुरू कर दी है. मामले में सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना अधिकारी) और बीईओ देवभोग में हुए 16 नियुक्ति में जमा किए गए अंक सूची और मूल्यांकन पंजी को जांच समिति के समक्ष रखेगी.
जांच में देरी, असल दोषी अब भी बाहर
देवभोग में जाली दस्तावेजों के आधार पर हुई नियुक्तियों की पहले हुई जांच अधूरी रह गई थी और कार्रवाई केवल छोटे स्तर के जिम्मेदारों पर हुई. असली दोषी अब भी कानूनी शिकंजे से बाहर हैं. हालांकि, कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने मामले की तह तक जाने के लिए जिला स्तरीय जांच समिति का गठन किया था. पंचायत चुनाव के कारण यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया था, लेकिन अब इसे फिर से मामले में गंभीरता से लिया जा रहा है.
जांच समिति का गठन और बैठकें
अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में बनी चार सदस्यीय जांच समिति में जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पांडेय, देवभोग एसडीएम तुलसी दास मरकाम, और जिला पंचायत अधिकारी अभिषेक पाठक को शामिल किया गया है. समिति की पहली बैठक 19 मार्च को हुई, जिसमें जांच के दिशा-निर्देश तय किए गए. मगंलवार यानी 20 मार्च, 2025 को सीडीपीओ और बीईओ को आदेश जारी किया गया कि वे सोमवार तक सभी भर्ती दस्तावेज जमा करें.
शिकायतकर्ता को भेजा गया था जेल
पूंजीपारा आंगनबाड़ी भर्ती में जाली अंक सूची का मामला सामने आने के बाद प्रधान पाठक और नियुक्त महिला अभ्यर्थी के खिलाफ देवभोग थाने में मामला दर्ज किया गया था. जनवरी में कोदोभाठा आंगनबाड़ी में भी 67% अंकों को 81% दिखाने का मामला उजागर हुआ. इसकी शिकायत करने वाली नीला यादव को ही विभाग ने आरोपी बनाकर जेल भेज दिया. कुम्हडई खुर्द भर्ती मामले में भी एक अभ्यर्थी पर पुलिस ने कार्रवाई की. इस दौरान जाली अंक सूची जारी करने वाले और इसे भर्ती प्रक्रिया में शामिल कराने वाले बड़े अधिकारी जांच से बाहर रहे.
भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी
बता दें कि अगस्त 2024 में 16 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन निकाला गया था. भर्ती और नियुक्ति आदेश एक साथ जारी होने थे, लेकिन भारी लेन-देन के चलते चयन समिति ने नियम ताक पर रख दिए. एक साथ नियुक्ति आदेश जारी करने की बजाय अलग-अलग जारी किए गए. बड़ी गड़बड़ी उजागर होने के बाद भी जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई नहीं हुई. ऐसे में निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही थी। जिला पंचायत सदस्य देश बंधु नायक ने कहा है कि पहले बड़े दोषियों को बचाए जा रहे थे. अब जिला स्तरीय जांच समिति पर पूरा भरोसा है,रुपए लेकर नियम तोड़ने वाले अब शिकंजे में आयेंगे.
अपर कलेक्टर अरविंद पांडेय ने कहा कि समिति का गठन हो गया है. भर्ती से संबंधित सभी दस्तावेज मंगवाए गए हैं. जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.
नई दिल्ली/रायपुर। शुक्रवार को कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तहत अनुदान की मांगों पर चर्चा के दौरान रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ को भी कृषि क्षेत्र में विशेष पैकेज देने की मांग की।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने भाषण की शुरुवात शायरी से की "गांव के गलियों में तब उम्मीदों के दीप जलते हैं। जब किसान सरकार मिलकर चलते हैं।"
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कृषि कल्याण मंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार किसानों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। जिससे किसानों के जीवन में नया सबेरा आया है।
किसानों की योजनाएं सिर्फ कागजों में नहीं यथार्थ के धरातल पर उतर रही है और उसका परिणाम है कि देश के किसान समृद्ध हो रहे है, खुशहाल हो रहे हैं और कृषि के प्रति लोगों का झुकाव लगातार बढ़ रहा है। देश के हर गरीब परिवार के लिए प्रधानमंत्री खाद्यान्न योजना के तहत् अनाज व्यवस्था मोदी सरकार ने की है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने किसानों की बेहतरी और कृषि क्षेत्र के समुचित विकास के लिए छत्तीसगढ़ को पूर्वोत्तर राज्यों की तर्ज पर विशेष पैकेज देने की मांग की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 30% आदिवासी और लगभग 12% अनुसूचित जाति के लोग रहते हैं, जिनके हितों को ध्यान में रखते हुए यह अनुदान अत्यंत आवश्यक है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां लगभग 76% आबादी कृषि पर निर्भर है। राज्य में 40.11 लाख कृषक परिवार हैं, जिनमें से 82% कृषक लघु एवं सीमांत श्रेणी के हैं। इन किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे नवीन कृषि तकनीकों और आवश्यक संसाधनों को अपनाने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। यदि छत्तीसगढ़ को भी पूर्वोत्तर राज्यों की तरह केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में विशेष अनुदान प्रावधान मिले, तो इससे प्रदेश के किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और कृषि विकास को बढ़ावा मिलेगा।
राज्य की प्रमुख कृषि मांगें
1. ड्रिप इरिगेशन एवं स्प्रिंकलर पर 90% अनुदान:
श्री अग्रवाल ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (Per Drop More Crop) के तहत वर्तमान में किसानों को मिलने वाले अनुदान को बढ़ाने की मांग की। वर्तमान में लघु एवं सीमांत किसानों को 55% और अन्य किसानों को 45% अनुदान दिया जाता है। चूंकि छत्तीसगढ़ में 83% किसान लघु एवं सीमांत श्रेणी के हैं और वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं, इसलिए राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में पूर्वोत्तर राज्यों की तरह 90% अनुदान स्वीकृत किया जाए।
2. नवगठित जिलों में कृषि विज्ञान केंद्रों की स्थापना:
राज्य के नवगठित छह जिलों—गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, खैरागढ़, मानपुर-मोहला, और मनेन्द्रगढ़ में कृषि विज्ञान केंद्रों की स्थापना की आवश्यकता है, जिससे किसानों को नवीन कृषि तकनीकों की जानकारी त्वरित रूप से मिल सके।
3. माइनर मिलेट्स (कोदो-कुटकी एवं रागी) के प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना:
छत्तीसगढ़ में माइनर मिलेट्स की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इनका प्रसंस्करण करने के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी है। इन फसलों का उत्पादन मुख्य रूप से आदिवासी किसान करते हैं। यदि इन क्षेत्रों में सहकारी या निजी प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जाएं, तो किसानों को अधिक लाभ मिलेगा और इन फसलों का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय निर्यात भी बढ़ेगा।
4. महिला किसानों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की योजना:
प्रदेश में अधिकांश कृषि कार्य महिलाओं द्वारा किया जाता है। यदि उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए पृथक योजनाएं चलाई जाएं, तो उनका कृषि में योगदान और भी बढ़ सकता है।
5. दूरस्थ क्षेत्रों में भंडारण सुविधाओं का विकास:
उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ में खाद्यान्न भंडारण की उचित व्यवस्था नहीं है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए भंडारण की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। केंद्र सरकार से अनुरोध है कि राज्य में वेयरहाउस निर्माण के लिए सहायता प्रदान करे, जिससे फसलों को सुरक्षित रखा जा सके और किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
6. पराली जलाने की रोकथाम हेतु अनुदान:
पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी पराली जलाने की समस्या बढ़ रही है। इस समस्या के समाधान हेतु राज्य में क्रॉप रेजिड्यू मैनेजमेंट यंत्रों को अनुदान पर उपलब्ध कराने की योजना लागू की जाए।
7. बीज किस्मों की बाध्यता समाप्त करने की मांग:
वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं में केवल 5 से 10 वर्ष पुरानी विकसित प्रजातियों पर ही लाभ दिया जाता है। जबकि कई ऐसी पारंपरिक किस्में हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी अधिक उत्पादन देती हैं। अतः राज्य की अनुशंसा पर विशेष किस्मों के लिए 5 से 10 वर्ष की बाध्यता समाप्त की जाए।
8. जैविक खेती को बढ़ावा एवं प्रमाणीकरण सुविधा:
जैविक खेती की ओर किसानों का रुझान बढ़ रहा है, लेकिन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया कठिन होने के कारण वे पूरी तरह इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। प्रमाणीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, जिससे जैविक उत्पादों को उचित मूल्य मिल सके।
9. नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल - ऑयल पाम योजना में सुधार की मांग
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक आदिवासी बहुल राज्य है, जहां 40% किसान लघु एवं सीमांत श्रेणी के हैं। ऑयल पाम की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर अनुमानित लागत ₹3.41 लाख आती है, जबकि भारत सरकार की ओर से मात्र ₹1.21 लाख (35%) अनुदान दिया जाता है। किसानों को बाकी ₹2.20 लाख का निवेश स्वयं करना पड़ता है, जो उनके लिए कठिन है।
श्री अग्रवाल ने सुझाव दिया कि वन अधिकार पट्टा धारक किसानों की तरह अन्य छोटे और सीमांत किसानों को भी 90% अनुदान दिया जाए, जिससे वे ऑयल पाम की खेती को अपनाने के लिए प्रेरित हों। इसके अतिरिक्त, ऑयल पाम की खेती के लिए फेसिंग (बाड़) की सुविधा बहुत आवश्यक है, लेकिन वर्तमान योजनाओं में इसके लिए कोई अनुदान प्रावधान नहीं है। इसलिए, ऑयल पाम योजना में फेसिंग हेतु अनुदान का प्रावधान भी जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति किसानों को राष्ट्रीय बागवानी मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल - ऑयल पाम, राष्ट्रीय पुनर्गठित बांस मिशन, और सब-मिशन ऑन एग्रोफॉरेस्ट्री योजना के तहत 90% तक अनुदान प्रदान किया जाए, ताकि वे आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें।
10. जल संरक्षण एवं सिंचाई व्यवस्था में सुधार की मांग
प्रदेश में पर्याप्त वर्षा होने के बावजूद जल संरक्षण के अभाव में पानी व्यर्थ बह जाता है। वर्षा जल को संरक्षित करने के लिए अधिक से अधिक चेकडेम, सिंचाई तालाब आदि का निर्माण किया जाए, जिससे न केवल सिंचित क्षेत्र में वृद्धि होगी, बल्कि भूजल स्तर में भी सुधार होगा।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यदि छत्तीसगढ़ को पूर्वोत्तर राज्यों की तरह विशेष अनुदान दिया जाए, तो यह राज्य के छोटे किसानों की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाएगा और कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि किसानों की इन मांगों को शीघ्रता से पूरा किया जाए, जिससे प्रदेश के कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।
रायपुर। प्रदेश में बाइक चालकों को हेलमेट एवं कार चालकों को सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य करने का अशासकीय संकल्प वापस लिया गया. विधानसभा में यह अशासकीय संकल्प भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने लाया था. इस अशासकीय संकल्प पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा, यह अशासकीय संकल्प अमूल्य है. बाइक खरीदी के साथ ही हेलमेट खरीदी अनिवार्य हो, इसके लिए जो भी कानूनी प्रावधान जरूरी होगा उस पर विमर्श कर इसे लागू किया जाएगा.
गृहमत्री शर्मा ने कहा, कानून के डंडे से पुलिस खड़ा कर क्या-क्या ठीक किया जाएगा? एक्सीडेंट हो जाना और सीट बेल्ट लगाकर या हेलमेट लगाकर उस घटने को कम कर लेना ये अलग विषय है. 104 ब्लैक स्पॉट में से 90 ब्लैक स्पॉट को दुरुस्त किया गया है. अभी 190 और ब्लैक स्पॉट चिन्हित किया गया है. इस बार के बजट में 60 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिनसे ब्लैक स्पॉट दुरुस्त किए जाएंगे. यह सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है. यह हम सबकी जिम्मेदारी है.
विजय शर्मा ने कहा, हेलमेट को लेकर कानून है. केंद्रीय मोटरयान और छत्तीसगढ़ मोटरयान जैसे क़ानून है. पिछले साल प्रदेशभर में 41 हजार कार्रवाई की गई. हेलमेट नहीं लगाने पर ढाई करोड़ रुपए और सीट बेल्ट नहीं लगाने पर एक करोड़ रुपए की वसूली की गई है. इस कानून का मजबूती से पालन करना ही है. प्रशासन पर्याप्त कार्रवाई कर रही है. जनजागरूकता के लिए हम सबको सामूहिक प्रयास की जरूरत है इसलिए अजय चंद्राकर इस संकल्प को वापस ले लें.
रामविचार नेताम के नाम पर बनाना पड़ जाता यूनिवर्सिटी : अजय चंद्राकर
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि मंत्री ने सारी जिम्मेदारी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों पर छोड़ दिया है. यदि सब कुछ जनता को ही करना है तो मैं संकल्प वापस ले लेता हूं. इससे पहले सदन में अशासकीय संकल्प पेश करते हुए अजय चंद्राकर ने सड़क हादसों को राष्ट्रीय आपदा बताया. उन्होंने कहा, रामविचार नेताम गाड़ी की पिछली सीट पर बैठे थे, जब उनका एक्सीडेंट हुआ था. थोड़ा सा बच गए नहीं तो उनके नाम पर एक यूनिवर्सिटी बनाना पड़ जाता. साइरस मिस्त्री अरबों खरबों के मालिक सिर्फ सीट बेल्ट नहीं लगाने की वजह से चले गए.
अजय चंद्राकर ने कहा, छत्तीसगढ़ में 2019-2024 तक सड़क दुर्घटना में 33 हजार मौतें हुईं. हेलमेट नहीं लगाने वालों के लिए दंड का प्रावधान सिर्फ पांच सौ रुपए का जुर्माना है. एक लाख का जो मोटरसाइकिल ख़रीद सकता है वह हेलमेट भी ख़रीद सकता है. कामकाजी महिलाएं भी अब इस तरह की दुर्घटना की चपेट में आ रही हैं. हम किन कारणों से इसे अनिवार्य नहीं करना चाहते हैं? उन्होंने कहा, स्थिति भयावह होती जा रही है. इससे सरकार पर वित्तीय भार नहीं आएगा. ट्रैफ़िक के लिए कोई इंटीग्रेटेड सिस्टम नहीं है. ब्लैक स्पॉट भी इसके लिए जिम्मेदार है. इससे जो परिणाम निकल रहा है यह सिर्फ जनहानि है. इस पर किसी भी तरह का नियंत्रण नहीं है. इस वक्त हम एक ही काम कर सकते हैं कि हम ख़ुद जागरूक हो जाए. सामाजिक आंदोलन हो. कैंपेन चलाया जाए.
कर्मचारियों के लिए हेलमेट अनिवार्य, बाकी लोग कीड़े-मकोड़े हैं क्या : चंद्राकर
चंद्राकर ने कहा, मैं तीन महीने के लिए गृह मंत्री था. मैंने तत्कालीन डीजीपी को कहा था कि हेलमेट नहीं लगाने वालों के खिलाफ की गई रिपोर्ट की कॉपी हर दिन मेरे पास आए. हर शाम रिपोर्ट मुझ तक आ जाती थी. चीफ सेक्रेटरी ने चिट्ठी लिखी थी कि शासकीय सर्विस के लोग हेलमेट अनिवार्य रूप से लगाएंगे. बाकी लोग कीड़े मकोड़े हैं क्या? सवाल एक ही है कि जिंदगी बचानी है. ये सदन तय कर ले कि कोई नेता, कोई अफसर किसी को हेलमेट नहीं लगाने की वजह से होने वाली कार्रवाई से छुड़ाने के लिए फोन नहीं करेंगे.
सीट बेल्ट नहीं लगाने पर मंत्री, विधायक सबका कटे चालान : धर्मजीत
भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा, हेलमेट लगाए बगैर गाड़ी चलाने वाले और शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. ये जनहित का मुद्दा है. इस अशासकीय संकल्प को पारित कर देना चाहिए. सभी बड़े लोगों की गाड़ियों के सीट में कवर लगा होता है. बेल्ट लगाने वाले कैसे लगाएंगे. ऐसे लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए. मंत्री की गाड़ी का चालान काटिये, एमएलए का चालान काटिए, अधिकारियों का चालान काटिए. थोड़ी सख्ती जरूरी है.
कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद ने कहा, यह विषय जनता की सुरक्षा से जुड़ा है. ज्यादातर सड़क दुर्घटना तेज रफ़्तार में गाड़ी चलाने से होती है या फिर नशे की वजह से होती है. गांवों में ऐसा सोचा जाता है कि हेलमेट लगाने का कोई औचित्य नहीं है. सुरक्षा ज़्यादा जरूरी है. यह सभी की जिम्मेदारी है. हेलमेट की वजह से मैं दो बार बाइक एक्सीडेंट में बचा हूं. स्कूल काॅलेज के बच्चों, कार्यक्षेत्र में काम कर रहे लोगों को हेलमेट लगाना अनिवार्य किया जाना चाहिए.
बाइक खरीदी के साथ हेलमेट की खरीदी अनिवार्य हो : चरणदास महंत
भाजपा विधायक पुन्नूलाल मोहले ने कहा, एक घटना परिवार के लिए दुख का कारण बन सकती है. मोटर साइकिल चलाते वक्त हेलमेट और कार चलाते वक्त सीट बेल्ट अनिवार्य करने के इस प्रस्ताव का समर्थन किया जाना चाहिए. भाजपा विधायक अनुज शर्मा ने कहा, छत्तीसगढ़ को 25 साल हो गए हैं, लेकिन राज्य की यातायात व्यवस्था आज तक नहीं सुधरी है. ट्रैफ़िक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरण दस महंत ने कहा, यदि मोटर साइकिल बेचने वाली कंपनियों के लिए यह अनिवार्य कर दिया जाए कि उसकी बिक्री तब होगी जब हेलमेट लिया जाएगा.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं में जान गंवाने वाले जिले के चार मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है. कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आरबीसी 6-4 के तहत मुआवजा राशि मंजूर की है. मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
बता दें, ग्राम किरना, तिल्दा निवासी राकेश यादव एवं अमलीडीह, रायपुर निवासी ईश्वर पानी में डूबने से हुई थी मौत. वहीं लाभांडी, रायपुर निवासी ज्योति निषाद सर्पदंश से और अमलीडीह, रायपुर निवासी वंदना साहू की आग में झुलसने से मौत हो गई थी. इन सभी मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की मुआवजा राशि देने के लिए स्वीकृति दी गई है.
आरबीसी 6-4 के तहत मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को जल्द पूरा कर प्रभावित परिवारों को समय से पहले सहायता राशि प्रदान की जा रही है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है, जिसके कारण मौसम ने करवट ली है. कई जिलों में बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने रायपुर समेत कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है. वहीं कुछ स्थानों में अंधड़ चलने और वज्रवात के आसार है.
मौसम विभाग ने जानकारी दी कि 12 जिले- रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, राजनांदगांव, बेमेतरा, बलौदाबाजार, जशपुर, कांकेर, बलरामपुर, कोरबा, सरगुजा और सूरजपुर के कुछ स्थानों में बारिश हो सकती है. इसके साथ ही तेज-आंधी, गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है. साथ ही अलर्ट जोन जारी किए गए हैं. जशपुर में रेड अलर्ट, उत्तर छत्तीसगढ़ के ज़िलों में ऑरेंज अलर्ट और मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है.
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 3 घंटे में बालोद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, दुर्ग, महासमुंद, रायपुर और राजनांदगांव में सतही हवा, गरज-चमक और बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना है. यहां येलो अलर्ट जारी किया गया है. वहीं जशपुर में ओलावृष्टि, सतही हवा, गरज-चमक और बारिश के साथ भयंकर तूफान की संभावना जताई गई है, मौसम विभाग ने यहां रेड अलर्ट जारी किया है. कांकेर में अगले तीन दिनों में ओलावृष्टि, सतही हवा और बारिश के साथ भयंकर तूफान का रेड अलर्ट जारी हुआ है. इसके अलावा बलरामपुर, कोरबा, सरगुजा और सूरजपुर में अगले तीन घंटों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है.
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की जीत इस बात की प्रतीक है कि हमारी पहचान कमल का निशान हैं। आज ऐतिहासिक सफलता के बाद निर्वाचित प्रतिनिधि अपनी जवाबदेही को नहीं भूलें। छत्तीसगढ़ में भाजपा की सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव को देते हुए श्री नबीन ने कहा कि जनप्रतिनिधि के नाते जनता की बात सुनें, उनकी समस्याओं के निदान में प्रामाणिकता का परिचय दें। श्री नबीन शुक्रवार को कुशाभाऊ परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में प्रदेश कार्यसमिमि सदस्य, संभाग प्रभारी, सह प्रभारी, जिला संगठन प्रभारी, सह प्रभारी, जिलाध्यक्ष, निवृत्तमान जिलाध्यक्ष, सभी मोर्चों के प्रदेश पदाधिकारी, सभी मोर्चों के प्रदेश संयोजक, सह संयोजक, सभी महापौर, सभापति, नपा-नपं अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
भाजपा प्रदेश प्रभारी श्री नबीन ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में पंचायत से लेकर सांसद तक है। जन प्रतिनधि यह बात हमेशा ध्यान रखें कि हमें अनुशासन पर ध्यान देना होगा। पार्टी के निर्णय को सहज स्वीकार करें। इसमें उनका ही लाभ है। आप सभी जनप्रतिनिधियों के समक्ष अब भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रध्देय अटलजी के सपनों का छत्तीसगढ़ बनाने व संवारने की गहन जिम्मेदारी है। श्री नबीन ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के 30 मार्च को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ प्रवास में सबकी सहभागिता हो और यह कार्यक्रम भव्य हो इसके लिए कार्यकर्ताओं का आवाहन किया।
जितनी बड़ी सफलता उतनी बड़ी जिम्मेदारी इस बात को ध्यान में रखकर जनहित में हम अपनी भूमिका का निर्वहन करें - किरण सिंह देव
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि लगातार सवा साल से विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव, उप चुनाव, के बाद निकाय और पंचायत चुनावों में ऐतिहासिक जीत हमारे लिए महत्वपूर्ण अवसर है। यह अभूतपूर्व विजय है। विधानसभा चुनाव में हमारा वोट प्रतिशत 46 था जो लोकसभा में बढ़कर 51 प्रतिशत हुआ और निकाय व पंचायत चुनाव में हमारा वोट प्रतिशत 55 हुआ है। श्री देव ने कहा कि यह बड़ा जनादेश है। पंचायत से पार्लियामेंट तक भाजपा का परचम फहराने का लक्ष्य पूर्ण हुआ। इतने बड़े जनादेश के पीछे बहुत से समीकरण और कार्यकर्ताओं के परिश्रम के साथ ही केन्द्र और प्रदेश के विष्णुदेव सरकार के कार्यों पर जनता ने विश्वास किया है। केन्द्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं का क्रियांवयन पंचायत व वार्ड स्तर पर होना है इसलिए अब हमें और अधिक सचेष्ट होना होगा। जितनी बड़ी सफलता उतनी बड़ी जिम्मेदारी इस बात को ध्यान में रखकर जनहित में हम अपनी भूमिका का निर्वहन करें। जनता का भाजपा पर विश्वास बढ़ रहा है। श्री देव ने निर्वाचित जन प्रतिनिधियों से विनम्रतापूर्वक जनसेवा में जुटने का आह्वान किया।
व्यवस्था में बदलाव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को लाना है इसके लिए जनता ने हमें चुना है - अजय जम्वाल
क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की अपील करते हुए कहा कि सभी जनप्रतिनिधि इस कार्यक्रम में अवश्य सम्मिलित हो। श्री जम्वाल ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के लिए समर्पित रहना है। 2047 तक पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक भाजपा की सरकार होगी तो देश में सुशासन आएगा। देश ने कांग्रेस के विकल्प के रूप में भाजपा पर भरोसा किया है। इस भरोसे पर खरा उतरकर हम सुशासन ला सकते हैं। श्री जम्वाल ने कहा कि आज शासन बदला है व्यवस्था व प्रशासन नहीं। व्यवस्था में बदलाव आपको लाना है इसके लिए जनता ने आपको चुना है। श्री जम्वाल ने कहा कि आज देश के हर व्यक्ति के हाथ में पूरी दुनिया है। वह हर क्षण हमें परख रहा है। सत्ता हमारा साध्य नहीं व्यवस्था में परिवर्तन का साधन बने। इसके लिए हर स्तर पर डिजिटाइजेशन करना होगा। कभी छत्तीसगढ़ को कांग्रेस का गढ़ बताया जाता था जिसे आप सबने बहुत मेहनत करके जन समर्थन दिलाकर भाजपा का गढ़ बनाया है उस समर्थन को बनाए रखने के लिए हमें सचेष्ट रहना होगा।
बदली तो सिर्फ सत्ता है अब व्यवस्था को बदलने की जिम्मेदारी हमें निभाना है - अरुण साव
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि यह परिवर्तन छत्तीसगढ़ की फिजा बदल दी है। चहुंओर केसरिया और भगवा फहरा रहा है। लेकिन बदली तो सिर्फ सत्ता है अब व्यवस्था को बदलने की जिम्मेदारी हमें निभाना है। व्यवस्था में परिवर्तन लाकर हम छत्तीसगढ़ को एक आदर्श राज्य बनाएं। निकाय व पंचायत चुनाव में जीत हासिल ऐतिहासिक है उस बड़ी जीत को विनम्रता से स्वीकार कर अब व्यवस्था और प्रशासनिक कार्य संस्कृति में बदलाव लाना हमारी जिम्मेदारी है। भाजपा विचारधारा आधारित पार्टी है और जनता ने हमें हमारी विचारधारा के आधार पर चुना है। हम सत्ता के लिए नहीं जन सेवा के लिए प्रतिबद्ध है। श्री साव ने कहा कि निकाय और पंचायत में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही बढ़ी है। श्री साव ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जन अपेक्षाओं पर कायम काम कर रही है। अब जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वह छत्तीसगढ़ को भाजपा का स्थाई गढ़ बनाएं। श्री साव ने 30 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को भव्यता व सफलता प्रदान करने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश में ऐतिहासिक जीत को उत्साह ऊर्जा की झलक किस कार्यक्रम में दिखाई दे।
भाजपा की ऐतिहासिक जीत की पूरे देश में चर्चा हो रही है - पवन साय
प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने पार्टी के आगामी कार्यक्रमों व कार्ययोजनाओं की रूपरेखा रखी। श्री साय ने बताया विधानसभा से लेकर हाल के निकाय व पंचायत चुनाव तक भाजपा की ऐतिहासिक जीत की पूरे देश में चर्चा हो रही है और कहा जा रहा है कि भाजपा ने छत्तीसगढ़ में इतिहास बदल दिया हे। श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगामी 30 मार्च को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ प्रवास में सभी जनप्रतिनिधियों से उपस्थिति के साथ ही भारी संख्या में आम जन की भागीदारी हो।
श्रीवास्तव ने दी बिहार दिवस कार्यक्रम की जानकारी
भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने भाजपा के बिहार दिवस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 22 मार्च को बिहार स्थापना दिवस है और इस निमित्त 2 से 30 मार्च तक बिहार राज्य के प्रवासी बंधुओं के साथ स्नेह मिलन के कार्यक्रम होंगे। सभा कार्यक्रम में स्थानीय और प्रवासी बिहारी समाज के सफल व्यक्तियों का सम्मान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सहभोज शामिल होंगे। सहभोज में स्थानीय और बिहारी व्यंजन शामिल किए जाएंगे। कार्यक्रमों एवं भाषणों में भारतीय संस्कृति एवं इतिहास में बिहार के योगदान, बिहार में एनडीए सरकार की उपलब्धियों और आगामी विधानसभा चुनावों में प्रवासियों के सहयोग पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। बिहार भाजपा के नेता इन कार्यक्रमों में भाग लेंगे, स्थानीय नेता और समाज के वरिष्ठ लोग इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। बिहार की संस्कृति, इतिहास, दर्शनीय स्थलों और विकासात्मक पहलुओं के बारे में एक प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रदेश प्रवक्ता दीपक म्हस्के ने निकाय और पंचायत चुनावों के नतीजों का आंकड़ेवार प्रजेंटेशन दिया। इस मौके पर दीपकमल के विजय अंक का विमोचन भी किया गया। इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने दीपकमल के अंक की प्रशंसा की और कहा कि सदैव हर अंक संग्रहणीय होता है।
इस अवसर पर प्रभारी नितिन नबीन, उप मुख्यमंत्री अरूण साव, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, बिहार के क्षेत्रीय पदाधिकारी आशुतोष, प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव, भरत वर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी, दीपकमल के संपादक पंकज झा, प्रबंध संपादक हेमंत पाणिग्रही सहित पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी ने किया एवं आभार प्रदेश महामंत्री भरत लाल वर्मा ने माना।
रायपुर। राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ द्वारा नीति आयोग, भारत सरकार के विकास निगरानी और मूल्यांकन कार्यालय के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यशाला का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। अटल नगर, नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के सभाकक्ष में 20 और 21 मार्च को आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन प्रणाली को सुदृढ़ करना, नीति-निर्माण को डेटा आधारित बनाना और योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाना था। सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अधिकारियों के लिए मूल्यांकन, क्यों, कब और कैसे विषय पर एक विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला में राज्य शासन के अधिकारियों को मानिटरिंग और इवैल्यूएशन के मूल सिद्धांतों की जानकारी दी गयी। योजनाओं की प्रगति प्रभाविता को ट्रैक करने और परिणामों का विश्लेषण के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। मूल्यांकन का वैज्ञानिक दृष्टिकोण, योजनाओं के प्रभाव को मापने के लिए लॉजिकल फ्रेमवर्क और थ्योरी ऑफ चेंज का उपयोग, डेटा संग्रह की पद्धतियां, प्रभावी नीति निर्माण के लिए डेटा एनालिटिक्स का उपयोग पर विस्तृत चर्चा की गयी। कार्यशाला में मूल्यांकन में आने वाली चुनौतियां और समाधान पर भी विस्तृत व्याख्यान दिया गया।
कार्यशाला में प्रोग्राम/स्कीम इवैल्यूएशन के महत्व, उसके विभिन्न प्रकार, तरीकों, रूपरेखा (फ्रेमवर्क) और गुणवत्ता आश्वासन (क्वालिटी एश्योरेंस) पर विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि प्रभावी मूल्यांकन से न केवल योजनाओं की सफलता और विफलता का विश्लेषण किया जा सकता हैए बल्कि सुधार के लिए आवश्यक कदम भी उठाए जा सकते हैं।
प्रशिक्षण के दौरान डेटा संग्रह, विश्लेषण तकनीक, निगरानी एवं मूल्यांकन के सर्वाेत्तम प्रथाओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों को प्रभाव मूल्यांकन, प्रक्रियात्मक मूल्यांकन और परिणाम मूल्यांकन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं से भी अवगत कराया गया।
राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम ने बताया कि आयोग मूल्यांकन हेतु संस्थागत क्षमता निर्माण और अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करने के उपाय अपना रहा है। आने वाले समय में नीति निर्माण को डेटा संचालित और प्रभावी बनाने इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। डॉ. सुब्रमण्यम ने कहा कि सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए पारदर्शी और सटीक मूल्यांकन आवश्यक है। यह प्रशिक्षण अधिकारियों को नीति निर्माण और योजना क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में मदद करेगा।
कार्यशाला के समापन अवसर पर राज्य नीति आयोग की सदस्य सचिव डॉ. नीतू गोरडिया ने सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों और डी.एम.ई.ओ. टीम को धन्यवाद देते हुए कहा, कि भविष्य में राज्य नीति आयोग और डी.एम.ई.ओ. इस तरह की और कार्यशालाओं का आयोजन करेंगे, ताकि छत्तीसगढ़ में डेटा-संचालित शासन प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
कार्यशाला में डी.एम.ई.ओ., नीति आयोग, भारत सरकार के निदेशक अबिनाश दास व उनकी एक्सपर्ट टीम द्वारा आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क, डाटा गर्वनेंस क्वालिटी इंडेक्स एवं लॉजिकल फ्रेमवर्क तथा मॉनिटरिंग व इवैल्यूएशन के बारे में प्रस्तुतीकरण व परिचर्चा की गई।
उक्त कार्यशाला में सुशासन एवं अभिसरण विभाग, उच्च शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, खाद्य विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग, योजना विभाग सहित अन्य विभागों के राज्य एवं जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारीगण शामिल हुये।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज विधानसभा के समिति कक्ष में आयोजित विश्व वानिकी दिवस संगोष्ठी में शामिल होकर प्रदेशवासियों को वन संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का ‘ऑक्सिजोन’ बनकर पूरे भारत को ऑक्सीजन प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश का 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है, जो न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत का अभिन्न हिस्सा भी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2025 का विश्व वानिकी दिवस ‘फारेस्ट एंड फूड' थीम पर आधारित है, जो इस बात पर बल देता है कि वन केवल ऑक्सीजन ही नहीं, बल्कि पोषण, रोजगार और संस्कृति का भी स्रोत हैं। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘वाइल्ड एडिबल प्लांट्स इन छत्तीसगढ़ स्टेट’ पुस्तक का विमोचन किया तथा पुदीना-मिंट फ्लेवर के बस्तर काजू प्रोडक्ट को लॉन्च भी किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 32 प्रतिशत आबादी जनजातीय भाई बहनों की है जो वनों के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार वनों में निवासरत जनजातीय भाई-बहनों को वनाधिकार पट्टे प्रदान कर रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और खेती की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने बताया कि बस्तर की इमली, जशपुर का महुआ, चिरौंजी, हर्रा-बहेड़ा जैसे सैकड़ों लघु वनोत्पाद छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान हैं, जिनका वैल्यू एडिशन कर आदिवासी परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुंदरता की सराहना करते हुए कहा कि यहां के जलप्रपात, वनवासी संस्कृति और समृद्ध जैव विविधता पूरे देश के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। बस्तर का धूड़मारास अब विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थान बना चुका है। पर्यटन का विस्तार हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में लगभग चार करोड़ वृक्ष लगाए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में पीपल फॉर पीपल कार्यक्रम के अंतर्गत हर चौराहे पर पीपल का रोपण किया गया है, जो भविष्य में शुद्ध ऑक्सीजन का सशक्त स्रोत बनेंगे। पीपल का पेड़ वैज्ञानिक रूप से सबसे अधिक ऑक्सीजन देने वाला वृक्ष है, और यह पहल शहरी हरियाली की दिशा में एक प्रभावी कदम है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के वन विश्व के सबसे सुंदर वनों में गिने जाते हैं। साल और सागौन के वृक्ष यहां की प्राकृतिक शोभा हैं। साल के वनों में एक अनूठा सम्मोहन है और यह गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ में वन क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक जंगल हैं, तब तक जीवन है।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों का पूरा जीवन वनों पर आधारित है। उनका जीवनस्तर ऊँचा उठाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, और इसका सबसे कारगर उपाय वन क्षेत्र का विस्तार है। उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी भाई-बहनों के पास प्रकृति का अनुभवजन्य ज्ञान है – उसका समुचित उपयोग कर हम विकास और संरक्षण दोनों को संतुलित कर सकते हैं।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विधायकगण धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, योगेश्वर राजू सिन्हा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
नई दिल्ली /रायपुर। रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने एम्स रायपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, मरीजों के रेफरल और अस्पताल प्रशासन की उदासीनता को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में एम्स रायपुर में बिस्तरों की उपलब्धता, मरीजों के रेफरल, संसाधनों की बढ़ोतरी और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर सवाल भी उठाया है।
जिसपर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि, एम्स रायपुर में 33 विभागों में 1098 बिस्तर उपलब्ध हैं । यहां मई 2024 से सितंबर 2024 तक केवल 6 महीनों में ही 2546 मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया। हालांकि मरीजों का रेफरल मानक चिकित्सा प्रोटोकॉल और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए किया जाता है।
मंत्री ने बताया कि, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के तहत 150 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर अस्पताल ब्लॉक की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अस्पताल प्रशासन पर भी सवाल उठाए और कहा कि "एम्स रायपुर में बिस्तरों की उपलब्धता के बावजूद मरीजों को भर्ती करने से मना किया जाता है,एम्स स्टाफ द्वारा मरीजों और उनके परिजनों के साथ किए जा रहे अभद्र व्यवहार की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। यहां तक कि आपातकालीन वार्ड में भर्ती मरीजों को चार घंटे बाद जबरन छुट्टी दे दी जाती है।"
इस संबंध में एम्स अस्पताल प्रबंधन को पहले भी पत्र लिखा था, लेकिन उचित कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने एम्स डायरेक्टर अशोक जिंदल की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि "जब भी मैने खुद या मेरे कार्यालय से एम्स रायपुर से संपर्क करने की कोशिश की गई, डायरेक्टर ने कोई जवाब नहीं दिया। यह रवैया पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना है।"
उन्होंने कहा कि, "हम प्रदेश के नागरिकों को उनके अधिकार से वंचित नहीं होने देंगे। एम्स रायपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और कार्य में लापरवाही बरतने वाले दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा।
रायपुर। विश्व जल दिवस पर मर्सी फॉर एनिमल्स ने मरीन ड्राइव, तेलीबांधा तालाब पर मांस उत्पादन में जल की खपत के बारे में जागरूकता बढ़ाने प्रदर्शन किया. प्रतीकात्मक वेशभूषा पहने दो स्वयं सेवक ने पानी की टंकियों में डूबकर मांस उत्पादन के लिए खपत किए गए पानी की विशाल मात्रा के साथ पौधे-आधारित खाद्य पदार्थों के कम जल खपत को उजागर किया.
स्वयं सेवक तख्तियां लिए खड़े थे, जिस पर लिखा था “1 किलो मांस के उत्पादन में लगभग 8,000 लीटर पानी की आवश्यकता होती है, जबकि 1 किलो सब्जियों में केवल 322 लीटर पानी की आवश्यकता होती है”. यह असमानता हमारे आहार विकल्पों के पर्यावरणीय प्रभाव और अधिक टिकाऊ खाद्य प्रणालियों की ओर बदलाव की तत्काल आवश्यकता को दर्शाती है.
मर्सी फॉर एनिमल्स इंडिया के आयोजन समन्वयक कुशल समद्दार ने कहा, “जल संकट एक वैश्विक समस्या है, और भोजन इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.” समद्दार आगे कहते हैं, “हम लोगों से पौधे-आधारित आहार पर स्विच करने और सभी के लिए एक टिकाऊ भविष्य बनाने पर विचार करने का आग्रह करते हैं.”
भोजन के लिए जानवरों को पालने, खिलाने और मारने के लिए बड़ी मात्रा में ताजे पानी का उपभोग करते हैं, जिससे पशु कृषि वैश्विक ताजे पानी के उपयोग के लगभग 20% के लिए जिम्मेदार है. पौधे-आधारित आहार को अपनाने से एक व्यक्ति के भोजन संबंधी पानी के उपयोग में 50% तक की कमी आ सकती है. मर्सी फॉर एनिमल्स जनता से उनके आहार विकल्पों के पर्यावरणीय परिणामों पर विचार करने और उनके जल पदचिह्न को कम करने और अधिक टिकाऊ भविष्य में योगदान करने के लिए पौधे-आधारित विकल्पों को अपनाने का आग्रह करता है.
मर्सी फॉर एनिमल्स के बारे में
Mercy For Animals (MFA) इंडिया एक प्रमुख गैर-लाभकारी संगठन है, जो भोजन के लिए पाले जाने वाले जानवरों की पीड़ा और क्रूरता को कम करने और पौध-आधारित भोजन को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है. फिल्मी सितारे जॉन अब्राहम, सोनाक्षी सिन्हा, दक्षा नागरकर और ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक जैसे ब्रांड एंबेसडर के साथ Mercy For Animals कानूनी पैरवी, कॉर्पोरेट अभियानों और जनसंपर्क के माध्यम से एक ऐसा भविष्य बनाने का प्रयास करता है जिसमें जानवरों का सम्मान किया जाए, उनकी रक्षा हो और वे स्वतंत्र रहें. 800 से अधिक स्वयंसेवकों के देशव्यापी नेटवर्क के साथ, Mercy For Animals भारत में जानवरों के लिए सार्थक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है. अधिक जानकारी के लिए कृपया विजिट करें.
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक लाने पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. इस विधेयक में समवर्ती सूची के विषय का उल्लेख नहीं होने पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समवर्ती सूची 3 के पैरा 20 के सामाजिक शब्द के उल्लेख की बात कही. संविधान में सामाजिक/आर्थिक क्षेत्र में नियम-कानून बनाना राज्य सूची में होने की जानकारी दी. इसके बाद विधानसभा के सभापति ने विपक्ष की आपत्ति को खारिज किया, इससे नाराज होकर विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया. वहीं चर्चा के बाद सर्वसम्मति से विधेयक को सदन में पारित किया गया.
नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने विधेयक पर आपत्ति करते हुए कहा कि यह तो संविधान के खिलाफ है. इस विषय पर कानून बनाने का अधिकार विधानसभा के पास नहीं है, क्योंकि संविधान में निहित राज्यों की सूची में इस विषय पर कानून बनाने का अधिकार विधानमंडल को नहीं है. ऐसी स्थिति में उन्होंने सभापति से इस विधेयक को स्थगित करने की मांग करते हुए कहा कि इस पर चर्चा कराने का कोई औचित्य ही नहीं है.
डॉ. महंत की आपत्ति के बाद सदन में कुछ देर के लिए खामोशी छा गई. डॉ. महंत ने इस पर कानून मंत्री अरुण साव से भी जवाब मांगा. चर्चा के बीच में विधानमंडल की किताब निकाली गई. भाजपा विधायक ने किताब के हवाले से कहा कि कानून बनाने का अधिकार विधानमंडल को है. इसमें सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र का उल्लेख है. यह राज्य की सूची में शामिल है इसलिए इस विधेयक पर चर्चा हो सकती है.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी अजय चंद्राकर की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि इस विषय पर मध्यप्रदेश में 2018 में कानून बन चुका है. यह राज्य की सूची में शामिल है. इसमें सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र निहित है. चूंकि यह सम्मान लोकतंत्र के सेनानियों के सम्मान से जुड़ा है और यह समाज का हिस्सा है. लोकतंत्र की हत्या करने वालों के विरुद्ध लड़ने वालों का सम्मान करने की बात हो रही है इसलिए इस पर चर्चा होनी चाहिए. सभापति की ओर से इस पर व्यवस्था देते हुए नेता प्रतिपक्ष की आपत्ति खारिज कर दी गई.और विधेयक पर सदस्यों की चर्चा की अनुमति दी गई.
आपत्ति खारिज होने पर विपक्ष ने इस चर्चा से हिस्सा लेने से इंकार करते हुए सदन से बहिगर्मन कर दिया. विधेयक पर चर्चा की शुरुआत भाजपा विधायक अमर अग्रवाल ने की. अमर अग्रवाल ने 1975 के आपातकाल को याद करते हुए कहा कि यह इतिहास का सबसे काला दिन था. इसके खिलाफ लड़बे वाले सेनानियों को कांग्रेस की सरकार ने जेलों में बंद कर दिया था. इसी तरह भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक, राजेश मूणत, सुशांत शुक्ला सहित अन्य सदस्यों ने अपनी बात कही. मुख्यमंत्री ने भी विधेयक में चर्चा के दौरान कहा कि देश इसे कभी नहीं भूला पाएगा. देश में लोकतंत्र को कुचलने का काम किया गया. एक पूरी पीढ़ी इस दंश को झेला था. चर्चा के बाद सर्वसम्मति से विधेयक को सदन में पारित किया गया.
रायपुर। नगर निगम रायपुर इन दिनों बड़े बकायेदारों के खिलाफ एक्शन के मूड में है. अंतिम नोटिस जारी करने के बाद भी टैक्स भुगतान नहीं करने वालों की संपत्ति को सील किया जा रहा है. इसी कड़ी में आज निगम की टीम अलग-अलग जोन में कार्रवाई करने पहुंची. इस दौरान एक स्कूल और अर्बन ऑटो को सील कर दिया गया.
रायपुर के इस स्कूल को किया गया सील
नगर निगम रायपुर के जोन क्रमांक 8 के राजस्व विभाग ने महर्षि वेद व्यास विद्या मंदिर स्कूल को वर्ष 2023-24 में बकाया राशि का 3 दिन के भीतर भुगतान नहीं करने पर अंतिम नोटिस जारी किया था. भुगतान नहीं करने पर आज सील बंदी की कार्रवाई की गई. इसी तरह जोन 5 में 13 लाख रुपए के बडे़ बकायेदार अर्बन कार वॉश रामदुलारी अग्रवाल द्वारा बकाया राशि का भुगतान नहीं किये जाने पर संपत्ति पर सीलबंदी की कार्रवाई की गई.
सीलबंदी के दौरान बायकेदारों ने जमा किए 9 लाख से अधिक का भुगतान
वहीं नगर निगम रायपुर के आयुक्त विश्वदीप निर्देश पर जोन 4 राजस्व और बाजार विभाग की टीम ने मौलाना अब्दुल रउफ वार्ड में बकाया कर दाता द्वारा बकाया ना देने पर दुकान को सीलबंद करने की कार्रवाई की. सीलबंदी के दौरान बकाया करदाता द्वारा आरटीजीएस के माध्यम से निगम जोन 4 राजस्व विभाग को तत्काल 9 लाख 73 हजार 914 रू. का भुगतान किया.
बिलासपुर। राज्य मानसिक चिकित्सालय में मनोरोग चिकित्सक सहित अन्य स्टाफ की नियुक्ति को लेकर कई बार निर्देश देने के बावजूद देरी को लेकर हाइकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है। इस पूरे मामले में मुख्य सचिव से जवाब पेश करने कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल 2025 को तय की गई है।
हाईकोर्ट में लगाई गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार से लगातार नियुक्ति के विषय में 22 अगस्त 2024 से लेकर 4 बार सुनवाई और आदेश के परिपालन नहीं होने की बात कही। वहीं 180 मरीजों को संभाल रहे सिर्फ 2 वार्ड बॉय पर स्वत: संज्ञान लेते में हुए नाराजगी जताई है।
प्रदेश के एकमात्र मानसिक चिकित्सालय में चिकित्सकों व स्टाफ की कमी को लेकर एक अन्य जनहित याचिका दायर की है। वहीं इस मामले में दायर दो याचिकाओं की सुनवाई हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच में एक साथ चल रही है। बीते सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने डिवीजन बेंच के समक्ष जवाब पेश किया था। इसमें जानकारी दी थी कि मानसिक रोगी चिकित्सालय में बिस्तरों की संख्या बढ़ाकर 200 की जा रही है। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी भी दूर करने का निर्णय लिया गया है।
राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारियों ने डिवीजन बेंच को जानकारी दी थी कि विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलावा स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया जल्द प्रारंभ की जाएगी। गुरुवार को हुई सुनवाई में राज्य शासन के अलावा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने भी अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट के समक्ष जवाब पेश किया। दोनों ही पक्षों से जवाब आने के बाद डिवीजन बेंच ने अगली सुनवाई के लिए 8 अप्रैल का समय तय कर दिया है।
अब तक भर्ती प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी पेश नहीं
बता दें कि 22 अगस्त 2024 के आदेश के अनुपालन में मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन का शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया था, जिसमें बताया गया था कि राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी में नियुक्ति सहित राज्यभर में वर्ग-III एवं IV के 650 पदों पर नियुक्ति की जानी है। राज्य अधिवक्ता ने कहा था कि भर्ती प्रक्रिया अभी भी प्रगति पर है, लेकिन लगातार हो रही सुनवाई में अब तक इस प्रक्रिया को पूरी होने की जानकारी पेश नहीं की है। इस पर बेंच ने इस पूरे मामले में राज्य शासन के मुख्य सचिव से शपथ पत्र के माध्यम से जवाब पेश करने का आदेश दिया है और अगली सुनवाई 8 अप्रैल 2025 को तय की है।
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 24 मार्च को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगी. वे छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘विधायकों को उद्बोधन’ कार्यक्रम में शिरकत करेंगी. जारी शेड्यूल के मुताबिक, राष्ट्रपति मुर्मू सुबह 08:30 बजे राष्ट्रपति भवन से रवाना होकर 08:45 बजे पालम हवाई अड्डा एरावइल पहुंचेंगी और 08:55 बजे पालम हवाई अड्डा से रायपुर रवाना होंगी. 10:35 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर पहुंचेंगी.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 10:45 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से विधानसभा के लिए रवाना होंगी और 11:05 बजे छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचेंगी, जहां 11:05 से 11:15 तक का समय आरक्षित रहेगा. 11:15 से 1200 तक पौधारोपण, विधायकों के साथ ग्रुप फोटो और विधायकों को संबोधन के कार्यक्रम में शामिल होंगी. 12 बजे विधानसभा से एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगी और 12:30 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से भारतीय वायु सेना के विमान से दिल्ली रवाना होंगी.
कलेक्टर ने तैयारियों का लिया जायजा
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बुधवार को विधानसभा परिसर का निरीक्षण किया और कार्यक्रम की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक प्रबंधों की विस्तार से समीक्षा की. कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और सभी व्यवस्थाएं तय मानकों के अनुसार पूरी की जाए. बैठक में यातायात नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई. साथ ही राष्ट्रपति के आगमन और प्रस्थान के लिए प्रवेश और निकास द्वार तय किए गए, जिससे कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो.
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के सत्रहवें और अंतिम दिन प्रश्नकाल में नए विधायकों को राजधानी में जमीन आवंटन का मामला विधायक धर्मजीत सिंह और राजेश मूणत ने उठाया. राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि अभी जमीन चिन्हांकन की कार्रवाई हो रही है. नवा रायपुर में नकटी गांव में जमीन देने का विचार चल रहा है. आवंटन के लिए अभी अंतिम निर्णय बाकी है.
विधायक धर्मजीत सिंह ने विषय उठाते हुए कहा कि नए विधायकों को राजधानी में रहने की व्यवस्था नहीं है. मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मामला संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप और अध्यक्ष डॉ रमन सिंह की जानकारी में है. हम जल्द ही इस मामले में कार्रवाई करेंगे.
विधायक उमेश पटेल ने रायगढ़ जिले के एनएच 200 में भू-अर्जन और मुआवजे की स्थिति का मामला उठाया? उन्होंने कहा कि पिछले बार जवाब में 820.783 हेक्टेयर आया था. एक जैसा प्रश्न, मंत्री भी एक. लेकिन उत्तर 3 बार गलत तो आखिरकार कौन से उत्तर को सही माने?
राजस्व मंत्री टकराम वर्मा ने बताया कि रायगढ़ जिले के निजी भूमि कुल रकबा कुल मिलाकर 141.23 हेक्टेयर निजी भूमि अर्जित की गई है. विधायक ने कहा कि इसके पहले 141.5, उसके ठीक बार फिर अलग जवाब, उत्तर सही कौन सा है? 820 और 143 जमीन=असमान का अंतर है? इस पर मंत्री ने कहा कि दोनों ही जानकारियों में अन्तर क्यों आया, इसको मैं चेक करता हूं. इस पर विधायक ने कहा कि यह लगातार हो रहा है. विधानसभा को लगातार अलग-अलग उत्तर देने पर अधिकारियों पर कार्यवाही करिए?
इस पर अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि अगर आप जवाब से असंतुष्ट है तो आप उसकी प्रक्रिया कर लें. हम आगे बढ़ जाएंगे. इस पर नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि जो अन्तर आ रहा है वह बड़ा अंतर है. सीधे 820 का अंतर है. अध्यक्ष ने कहा कि आप लिख कर दे दें, हम निराकरण करेंगे.
विधायक ने कहा कि NH 200 का सर्वे किसी और डायरेक्शन में था. नए सर्वे में डायरेक्शन बदल दिया गया, लेकिन पुराने सर्वे का अप्रतिबंध कब तक हटाएंगे? मंत्री ने बताया कि निर्माण शुरू होने से पहले प्रतिबंधित किया गया था. अभी नए निर्माण के भूमि अर्जित न करना पड़े, इसलिए उसे प्रतिबंधित किया गया है? विधायक ने इस पर सवाल किया कि इसे कब तक रिलीज कर दिया जाएगा? मंत्री ने कहा कि मेरी जानकारी में कई बात नहीं हैं. उसे मैं दिखवा लेता हूं.
विधायक उमेश पटेल ने कहा कि कई ऐसी जमीन हैं, जिन्हें मुआवजा नहीं मिला है. जमीन प्रभावित ही नहीं हुआ है, लेकिन 2 करोड़ का मुआवजा बना हुआ है. ये अगर गलती हुई है तो क्या रिकवरी के लिए अधिकारी पर कार्यवाही करेंगे? इस पर मंत्री ने कहा कि इस सड़क के निर्माण के संबंध में यह 2005 का है, जिसकी जानकारी दी गई है, इसकी मैं जांच करवाऊंगा. विधायक ने कहा कि अधिकारियों से साठ-गांठ करके 2 करोड़ का मुआवजा दिया गया है. अधिकारी पर कार्यवाही की गई क्या? मंत्री ने बताया कि इसकी शिकायत दर्ज करेंगे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेजों में प्रवेश के लिए प्री-इंजीनियरिंग टेस्ट (PET) और प्री-फार्मेसी टेस्ट (PPHT) का आयोजन 8 मई को किया जाएगा. छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) ने इन परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. अभ्यर्थी 17 अप्रैल शाम 5 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
व्यापमं द्वारा जारी परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार, PET परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक, जबकि PPHT परीक्षा शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी. परीक्षाएं राज्य के 33 जिला मुख्यालयों में आयोजित की जाएंगी. परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र 29 अप्रैल को व्यापमं की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे.
PPT and Pre MCA परीक्षा 1 मई को
इसके अलावा प्री-पॉलीटेक्निक टेस्ट (PPT) और प्री-MCA परीक्षा का आयोजन 1 मई को किया जाएगा. इन परीक्षाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है और 11 अप्रैल शाम 5 बजे तक आवेदन किए जा सकते हैं. PPT परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक होगी और इसके लिए 33 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे. वहीं प्री-MCA परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी और इसके लिए परीक्षा केंद्र सिर्फ रायपुर और बिलासपुर में रहेंगे.
स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए कोई शुल्क नहीं
राज्य शासन के निर्देशानुसार, स्थानीय अभ्यर्थियों से किसी भी प्रकार का परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा. व्यापमं ने परीक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी है.
एंट्रेंस एग्जाम की महत्वपूर्ण तिथियां:
PET और PPHT परीक्षा: 8 मई
PPT और प्री-MCA परीक्षा: 1 मई
PET और PPHT आवेदन की अंतिम तिथि: 17 अप्रैल
PPT और प्री-MCA आवेदन की अंतिम तिथि: 11 अप्रैल
प्रवेश पत्र जारी होने की तिथि: 29 अप्रैल (PET & PPHT)
रायपुर। राजधानी रायपुर के डीकेएस अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक डॉक्टर पुनीत गुप्ता सभी मामलों में दोषमुक्त हो गए हैं. विभागीय जांच में उन्हें दोषमुक्त किया गया है. इसका आदेश चिकित्सा शिक्षा मंत्रालय विभाग ने जारी किया है. बता दें कि डॉ. पुनीत गुप्ता पर 17 आरोप लगा था, जो प्रमाणित नहीं हुआ. इसके चलते विभागीय जांच को समाप्त किया गया. साथ ही सभी मामलों को नस्तीबध्द किया गया.
बता दें कि डॉ. पुनीत गुप्ता पर डीकेएस सुपर स्पेशलिटीज अस्पताल में 50 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगा था. साथ ही 14 दिसंबर 2015 से 2 अगस्त 2018 के बीच के पोस्ट ग्रेजुएट एवं रिसर्च सेंटर रायपुर में अपने कार्यकाल के दौरान नियम विरुद्ध कार्य करने, अपात्र लोगों की भर्ती सहित अन्य शिकायत राज्य सरकार को मिली थी.
रायपुर। पटवारी राजस्व निरीक्षक पदोन्नति विभागीय परीक्षा 2024 में गड़बड़ी की शिकायत की जांच अब आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) करेगी.
शिकायत के मुताबिक, पदोन्नति परीक्षा में 22 सगे-संबंधियों को आसपास रोल नंबर आवंटित कर परीक्षा में बिठाया गया था. संबंधियों में पति-पत्नी और साली भी शामिल बताए गए थे. परीक्षार्थी सचिव राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति होकर चयनित भी हुए.
इस मामले में राज्य शासन की ओर से जांच समिति का 23 अगस्त 2024 को गठन हुआ था. इसके बाद अब राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव को पत्र लिखा गया है.